बीएफ काले लंड वाली

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मैं समय से पहुंच कर कुर्सी पर बैठा था कि चाची अन्दर से आईं और बोलीं- अरे पवन तुम कब आ गए?मैंने गौर किया कि चाची को बाल गीले थे. श्रद्धा कपूर का सेक्सरितु ने सिसकारी भरना शुरू कर दिया था, वह बोल रही थी- जेम्स प्लीज फ़क मी, जल्दी से अपना मूसल लंड मेरी चूत में डाल दो.

अब आगे…अगले ही पल मैंने अपने बॉस से फोन करके किसी कम्पनी में उसकी नौकरी लगवाने की बात पक्की करवा दी थी. सेक्सी वीडियो सानिया मिर्जाउसे मन के अन्दर ही कहीं बाबा के चमत्कारी पुरुष होने का यकीन होने लगा था.

फिर भाभी नंगी ही किचन में गईं उन्होंने पकौड़े तले और प्लेट में ले कर आ गई.बीएफ काले लंड वाली: मेरे वर्कआउट करने से मेरा जिस्म का आकार बहुत ही आकर्षक बन गया है, जो किसी भी लड़के को मेरे जिस्म का दीवाना बना सकता है.

खाला की चूत बहुत टाइट थी मुझे लगा कि मेरा लंड भी छिल गया है, मेरी भी चीखें निकल गयी… हम दोनों एक साथ चिल्ला रहे थे.लड़ाई के काफी दिन हो जाने के बाद मेरे व्हाट्सैप नम्बर पर किसी अनजान नम्बर से मैसेज आया.

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स्मिता- उम्र क्या है तुम्हारी माँ की?वरुण- लगभग 48 साल!स्मिता- क्या करती है तुम्हारी माँ?वरुण- उसकी अपनी शॉप है, खुद का बिजनेस है!स्मिता- किस चीज का बिजनेस है?वरुण- मॉडर्न लौन्ज़री शॉप!स्मिता- तुम्हारे पापा क्या करते हैं और वो कहाँ रहते हैं?वरुण- पापा हमारे साथ नहीं रहते, वो 3 साल पहले मम्मी को छोड़ कर चले गए थे, उसके बाद वो कभी लौट कर नहीं आये.फिर सुबह 5 बजे अपने ड्राइवर से बोला- इनको इनके घर पर छोड़ कर जल्दी से आओ.

मुझसे रहा नहीं गया और फिर मैंने मामी जी को पैरों और कमर से पकड़ कर बाँहों में उठा लिया और बेड पर लिटा दिया. बीएफ काले लंड वाली उसने मुझे फिर से सीधा लिटाया और मेरी चूत में अपनी जुबान डाल के चूसने लगा.

तभी पीयूष ने पूछा- वन्द्या मौसी, आप यह बताओ कि यह होगा कैसे? ये दोनों कैसे यह करेंगे?तब मैं बोली- पीयूष, चलो मैं तुम्हें सब सिखा देती हूं.

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लड़की वालों ने अपना मैरिज गार्डन बुक किया हुआ था जो हमारी धर्मशाला से को डेढ़ दो किलोमीटर के फासले पर था. लगभग आधे घंटे तक उसको पीटा, फिर पुलिस बुलाकर उसे पुलिस के हाथों सौंपकर वापस रूम आ गए. थोड़ी देर बाद जब मुझे लगा कि मेरा माल निकलने वाला है, तो मैंने उसे रोका और लंड उसके मुँह में से निकाल के खुद का भी रस निकलने से रोक लिया.

मैं कई बार उसके रूम पर ऑफिस के काम की वजह से गयी थी, चूंकि वो मेरे साथ काम करता था, इसलिए ये एक सामान्य सी बात थी. फिर मैं गाड़ी स्लो चलाने लगा और थोड़ा थोड़ा ब्रेक लगाकर उसके मम्मों की छुअन महसूस करता जाता. चूंकि धोने के कारण कपड़े भीगे ही रहते थे, तो मैं ऊपर गीले कपड़े ही पहन कर चली गई.

तभी अचानक से उसकी नींद खुली और वो मुझे जागता देख कर पूछने लगी- अभी तक क्यों नहीं सोये?मैंने उससे कहा- तुम सो रही थी तो मैं तुम्हें देख रहा था. अंकित जी ने ये देखा कि मैं अब उनका साथ देने लगी हूँ तो उन्होंने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और रूम में ले आए. उन्होंने अपने दोनों हाथ मेरे कंधे के दोनों तरफ रख दिए और मैं नीच झुक कर उनकी बगलों में घुस कर सूंघने लगा.

तो फिर वो मनाने के लिये सब खुल के बात करने लगी, बोली- अच्छा तो आप सेक्स के लिए बोल रहे थे!मैं- हाँ. उसने वल्लिका की गोरी चूचियों पे उभरे गुलाबी निप्पालों को चुटकी से मसल दिया.

मैंने चाची की बातों में रस लेते हुए पूछा- क्या मतलब चाची? मजा क्यों नहीं आता मैं समझा नहीं.

उसने मुझे उस दिन खाना भी नहीं बनाने दिया, बस अपनी बांहों में ही जकड़े रखा.

मैं भी अपने मुँह से निकलते हुए पानी को काबू नहीं कर पाया और उनकी जाँघों को चूमने लगा. मेरे हाथ अपने आप कमलेश सर के बालों पर चले गए और मैं कमलेश सर के बालों को पकड़ कर अपने ऊपर दबाने लगी. दीदी मैं भी उनके लंदन जाने से पहले जितनी बार हो सके, चुदना चाहती हूँ.

जैसे मैं ऊपर बता चुकी हूँ कि अन्दर कुछ था ही नहीं, इसलिए मेरे मम्मे आधे से ज़्यादा बाहर को निकलने लगे. मेरे मुंह से खुद ब खुद इस गीत की कुछ पंक्तियाँ गुनगुनाते हुए निकल गयीं. फिर धीरे धीरे मेरे लिंग को चाटते हुए अपने मुँह में लेकर चूसने लगीं.

उसने नीचे हाथ लगाया तो देखा हल्का सा ब्लड लगा था, जो उसकी चूत की साइड की स्किन कटने से निकला था.

फिर उसने अपने कुर्ते में सामने से हाथ घुसा के फोन निकाला और किसी से बतियाने लगी. फिर उसने थोड़ा रुक कर जोर का झटका मार कर अपना पूरा लंड मेरी बुर में पेल दिया. सोनम अपने घर के अन्दर गई और अपना मोबाइल निकाल कर लाई और दूर से मुझे मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड की फोटो दिखाई, जो रात में मैंने सेंड की थी.

चाचा ने अपने खेत में काम करने वाले उन दोनों से पूछा कि दो लड़के थे वहां, नहीं हैं उधर क्या?तो वह किसान बोले- नहीं, जब हम लोग अन्दर आए थे तब तो यहां कोई लड़के नहीं दिखे. चलो आज थोड़ा बात करते हैं, तुम चाय लोगे?उन्होंने इलेक्ट्रिक केतली में पानी गरम करते हुए चाय की डिप डालते हुए चाय बनाई और कप हाथ में लेकर वो बेड पे बैठ गईं. ’फिर अगले बीस पच्चीस दिन तक जब कमलेश सर पढ़ाने आते, कोई ना कोई घर में होता ही था.

थोड़ी देर बाद मैंने मुस्कान को देखा उसके साथ उसकी 2 सहेलियां भी थीं.

मैंने हंसकर कहा- रेखा जी, आप क्यों जाग रही थी उस टाइम… आपको भी शायद शशिकांत जी सोने नहीं दे रहे होंगे. उसके बाद पद्मिनी एक मादक आवाज़ में बोली- बापू बस भी करो अब, यहाँ आओ मेरे पास.

बीएफ काले लंड वाली गांड पर लंड का गर्म गर्म स्पर्श होते ही उनके बदन में एक सिहरन सी दौड़ गई. अपने मुँह में उसका पूरा बूब ले लिया और जलन के मारे उन्हें ज़ोर के काटे जा रहा था.

बीएफ काले लंड वाली बातों बातों में हमने पूछा कि कोई लड़की दोस्त बनी या नहीं?तो वह बोला- भारतीय लड़कियाँ सुंदर हैं पर कोई उसकी दोस्त नहीं बनना चाहती. वो अभी भी यही समझ रहा था कि यह उसकी माँ का उसके प्रति स्नेह है, हवस नहीं.

वो हँसी- हा हा !!! टेस्ट भी नहीं लेने दिया अच्छे से, सारे सड़का सीधे गले में उतार दिया.

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मैं भी तैयार होकर अपने काम से बाहर चला गया।दोपहर बाद आकर अभिलाषा को कैसे चोदा यह अगली कहानी में लिखूंगा. फोन इसलिए किया था कि मैंने आपने जैसा बताया था मैंने वैसे ही किया है और मेरा काम हो जाएगा. कोमल की चूत थोड़ा टाइट थी क्योंकि कोमल ने अभी तक ज्यादा नहीं चुदवाया था.

”क्यों? क्या हुआ? अरे अभी तो शुरू हुआ है और तुम इतने में ही शरमा गयी?”ऐसा कह कर उसने मुझे फिर से बांहों में ले लिया. थोड़ी देर बाद तबस्सुम चुद कर मेरे कमरे में आई और बोली- अब हम अपना पार्ट्नर बदल लेंगे. मयूरी- आह… भैया… मुझे बहुत मजा आ रहा है… पेलो… पेल दो अपना लौड़ा… मेरी चूत में… आह…मयूरी की ऐसी बातों से विक्रम का हौसला बढ़ गया और उसने एक और जोरदार झटका अपने लंड का उसकी चूत पर लगाया.

तो जवाब लेने के लिए जनाब ने कम से कम एक छुट्टी तक तो इन्तज़ार किया होता.

सुरेश जी ने अपने हाथ में साबुन लेकर मेरी गांड में लगाने लगे और साबुन का फैन अपनी उंगलियों से मेरी गांड में डालने लगे. वो यह सब सुन कर मेरे हाथ जोड़ कर बोली- मैं भगवान से प्रार्थना करूँगी कि आपको भगवान, जितनी भी वो आप को उँचाइयों तक ले जा सकता है, ले जाए. पर पूरे कहां होते हैं यार!मधु- अगर कोई ख्याल हमारे बारे में है तो बताओ.

उन्होंने मेरे दोनों हाथ पीछे करके पकड़ लिए और ज़ोर ज़ोर से मेरी गांड में लंड के धक्के मारने लगे. मैंने जल्दी से नहाया और नाश्ता किया, बाइक लेकर मम्मी से बोला कि मैं कुछ काम से मुरादाबाद जा रहा हूँ. पद्मिनी ने खूब अच्छी तरह से अपनी गांड पर अपने बापू का मोटे लंड को महसूस किया.

पापा कमाने के लिए मुंबई काम करने चले जाते हैं और आठ दस महीने बाद ही फिर वापिस आते हैं. चूंकि हम दोनों अच्छे दोस्तों की तरह आपस में बातें करते थे, इसलिए उसे भी इसमें कुछ गलत नहीं लगता था.

जब उसने उसका देखा तो पूछा- यह पिंकी का ही मेल एड्रेस है क्या?मैंने कहा- नहीं तो क्या मेरा है?अब सब कुछ साफ़ हो चुका था. क्या बताऊँ दोस्तो, खड़े लंड पे अगर चूत सामने हो और कोई रूकावट हो जाए, तो कैसा महसूस होता है. उससे बात होने लगी तब मालूम चला कि वो भी किसी आईटी कम्पनी में नौकरी करती थी.

प्रभु भी उठ बैठा, उसकी बड़े बड़े तने बूब्स को दोनों हाथों से दबा के अपना लौड़ा उनके के बीच घुसा दिया.

मैंने अपने हाथ से अपना लंड पकड़ कर बीवी की चुत के मुँह पर रखकर धक्का मारा. मैंने एक हाथ से उसका मुँह बंद किया और गांड में जोर से लंड को पेल दिया. उनकी ये बात सुन कर मेरे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि ये हो क्या रहा है.

मैंने भी पूरी उंगली अन्दर डाल दी और जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगा. वो फिर से मेरे लंड पर आहिस्ता आहिस्ता बैठने लगीं और किसी तरह उन्होंने मेरा पूरा लंड अन्दर ले लिया.

तब उसने बोला- मतलब तुम अभी तक कुंवारे हो??मैंने भी हाँ में सर हिला दिया तो उसने कहा- मैंने भी काफ़ी टाइम से सेक्स नहीं किया है. कम जगह की वजह से पोजीशन तो चेंज नहीं कर पाए, पर आंटी ने मुझे जन्नत की सैर करवा दी थी. वो मुझे जोर से चूम कर चला गया जाते जाते मैंने उसके लंड को पकड़ कर उसे जरूर आने का इशारा किया, तो उसने भी मेरे दूध दबा कर मुझे चोदने की हामी भर दी.

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आजकल लड़कियां ग्रेजुएशन के बाद कोई और प्रोफेशनल कोर्स जरूर करती हैं फिर जॉब और फिर इन सबके बाद शादी.

अब ये खेल पूरे हफ्ते होगा क्योंकि मेरी माँ अपने गाँव 7 दिन के लिये गयी हैं. साथ ही साथ मैं पम्मी के चुचे दबा रहा था और उसकी लेग्गिंस के ऊपर से ही चुत पर भी सहला रहा था. इतनी देर में विक्रम भी बाथरूम से आ गया और मयूरी की मस्त चूचियों से खेलने लगा.

कमलेश सर ने उन बुक्स के साथ मैगजीन दी थी तो उसमें सभी नंगे चित्र लड़कियों के और लड़कों के साथ में चुदाई करते, लंड चूसने के और चूत में लंड डालते हुए, सभी जो कहानी में पढ़ी बुक्स द्वारा वह सब पत्रिका में देखने को मिल जाता था. उसे बताया कि दीदी ने कुछ नहीं कहा है, थोड़ा टाइम और अलग रहना ज़रूरी है. ब्लू पिक्चर नयाफिर धीरे धीरे नीचे उनकी दूध घाटी तक आ गया और उसी वक्त मैंने पीछे से उनकी ब्रा का हुक खोल दिया.

मैं पहली बार कहानी लिख रहा हूँ और वो भी मोबाईल से, तो कुछ शब्द सही से नहीं लिख पाया हूँ. करीब बीस मिनट बाद उस आदमी ने अपना लौड़ा निकल लिया और मम्मी के मुँह में डाल दिया, मम्मी अब चूत मामा से मरवा रही थी और उस दूसरे आदमी का लौड़ा चूस रही थी.

वो एक हाथ से मेरे एक चूचे को दाब रहा था और दूसरे चूचे को मुँह में भर कर चूसने लगा. मैं तो वैसे ही बाहर आ गया तो देखा कि सुरेश जी ऑफिस के लिए तैयार हो रहे थे. अब हम वहां से गाड़ी स्टार्ट करके सीधा गोवा के एक रिज़ॉर्ट में पहुँच गए.

मैंने कहा- कंडोम लगा कर चुदाई करूं या बिना कंडोम के?उसने कहा- कंडोम पहन लो!मैंने कंडोम का पैकेट उसके हाथ में दिया. सबके सोने के बाद हम लोग शुरु हो गये, सबसे पहले एक दूसरे को किस किया, एक दूसरे की जीभ मुंह में डाल कर खूब चूसी, फिर मौसी का शर्ट उतारा, ब्रा के ऊपर से ही दूध दबाने और चूसने लगा. भाभी कामवासना से पागल होने लगी थीं, मेरे बालों में उंगली फेरने लगीं.

दो मिनट में ही मुझे महसूस हुआ कि नीचे मेरी चुत से मेरा रस और उनका वीर्य बह रहा था.

मैंने इस बार कसकर धक्का मारा और उनके मुँह से एक दर्द भरी आवाज निकली. मैंने अपनी एक उंगली तेल से भिगो कर उनकी गांड के छेद लगा कर कुछ देर तक सहलाया, फिर और तेल से भिगोकर उंगली को मामी जी की गांड में धीरे से करीब आधा इंच अन्दर डाल दी.

मैं मान गया, तब फिर मैंने धीरे धीरे उसके मम्मों को सहलाना चालू किया. अब ऐसे में जिस्म की इस नैतिक डिमांड को दबाये रखना अपने ऊपर जुल्म करने जैसा ही तो है. अगले दिन जैसे ही अंकल ऑफिस के लिए गए और बच्चे स्कूल के लिए गए, मैं आंटी घर पहुंच गया.

उसने मुझे बेड पर लिटा दिया, मेरे पैर में दर्द हो रहा था और मोच आ गई थी. मैं उसकी चूत को चाटता रहा और वह आह… आह… उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह… आह… उई… उई… या…. आंटी सिसकारियाँ भर रही थी- आह्ह अह्ह्ह औउ हां विकी अह्ह्ह यस्स…मैं समझ गया कि अंकल कभी यहां तक आये नहीं हैं.

बीएफ काले लंड वाली मैंने अन्दर पेंटी पहनी ही नहीं थी तो मेरे नंगी चूत उनके सामने आ गई थी. वह अपनी जीभ उसकी चूत में अन्दर तक डाल कर चूस रहा था और रितु उसको और चूसने के लिए कहा रही थी- माय डार्लिंग प्लीज सक मी एंड डीप, मोर डीप.

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फिर जब मैं कॉलेज जाने लगा तो मुझे एक लड़की पसंद आई, मैंने सोचा कि अब इसे अपना साथी बनाया जाए. मैंने भी देर न करते हुए कैमरा को कुछ ऐसे सैट किया कि फिल्म बनती रहे. कुछ दिन बाद मैंने उससे उसका फ़ोन नम्बर मांगा तो उसने देते ही बोला- क्या अब आपका भी नंबर मिल सकता है?मैंने कहा- हाँ आज शाम को एक अनजान नंबर से कॉल आएगी, वही मेरा नंबर रहेगा.

फिर मैंने उनके ब्लाउज के सारे हुक खोले और उन्हें अपने सामने बिठा लिया. इसलिए मैंने उसको अपनी मेल आईडी के साथ ही पिंकी की मेल आईडी भी दे दी. सील बंद लड़की की चुदाईमैंने उसकी तरफ कातर भाव से देखा, तो इस बार वह जरा अधिक देर के लिए रुक गया.

जैसे ही मैंने कहा, उसने एक हाथ से मोबाइल लिया और अपने दोस्त को फोन लगा दिया.

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अब कब होगा, क्या होगा ना जाने… लेकिन जब कुछ हकीकत में हो तो लिखने का उद्देश्य यही होता है कि सेक्स का जो आनन्द मैंने लिया, पाठक भी उस आनन्द को ले सकें. फिर मैं वहां उसको एक राउंड और चोदा और निकलने लगा तो उसने मुझे कुछ पैसे दिए और फिर अपनी बात दोहराई कि किसी को पता न चले. मेरा जोश और बढ़ रहा था मैंने मनोहर को अपनी बांहों में कस के पकड़ लिया और बोली- हां मेरे राजा, चलूंगी तेरे साथ, जहां तू बोलेगा, तू मुझे अपनी बीवी आज से अभी से मान लें, तू बहुत हरामी है मादरचोद मनोहर क्या मस्त चोदता है.

धीरे धीरे तुषार भैया ने मेरा हाथ अपने लंड पर रख दिया और हौले हौले मेरे हाथ से अपने लंड को मसलवाने लगे.

मैंने जेम्स को बोला- तुम रितु के साथ सेक्स करो, मैं तुम दोनों को देखता हूँ और मैं बाद में ज्वाइन करता हूँ. मैं उस समय मजबूर थी, कुछ नहीं कह सकी चाचा से, पर मुझे उनकी ये बात बहुत अजीब सी लगी. मैंने उन्हें मसल मसल कर लाल कर दिया, जिससे उसके मम्मे तन गए और निप्पल लाल हो गए.

मारवाड़ी मंगलसूत्र डिजाइनक्या जादू कर दिया बेबी आज तो तू फोरप्ले करके ही मुझे पूरा सॅटिस्फाइ कर देगा. अब मैंने उनकी मस्त नाज़ुक कमर पर हाथ घुमाते हुआ उनके गाल पर किस करना चालू किया.

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अब नंगी बीवी मेरे दोनों पैर के बीच में थी, मैं अपने दोनों हाथ बीवी के दोनों चूतड़ों पर रखकर मेरे प्यारी बीवी से लिपट गया. धर्मशाला के सामने बगीचे में एक बड़ा सा पंडाल लगाया हुआ था जिसमें कुक, शेफ यानि हलवाई द्वारा चाय, काफी, नाश्ता, लंच, डिनर इत्यादि सब बनवाने की व्यवस्था थी. जैसे ही वो पीछे से मेरी चूत पर धक्का मारता था, तो मैं अपने चूतड़ से पीछे की तरफ को धक्का मारती थी.

उसके कुर्ता को उतारा ही था कि समझो मैं तो एकदम बुत बन कर ठगा सा रह गया. फारिग हो कर गर्म पानी से धो देंगे।”मुझे भरोसा था उस पे… कि वह सब संभाल लेगी, मैं फिर वापस पीठ टिका कर धीरे-धीरे अपने दूध दबाने लगी। नशा टूटा था, खत्म नहीं हुआ था. वो घर का काम कर रही थी, तभी मेरी नज़र उस पर पड़ी तो मैंने देखा कि उसका ब्लाउज थोड़ा सा फटा था और गले पर कुछ निशान थे.

आज मेरी मुराद पूरी हो गई थी, जो मैंने सोचा था किसी आंटी के साथ सेक्स करने की. बहूरानी के जाने के बाद मेरा ध्यान फिर से उन छोरियों के झुण्ड की ओर चला गया जहां वे सब कुर्सियों का गोलचक्कर बना के बैठी किसी मोबाइल में आँखें गड़ाये चहचहा रहीं थीं. उसे मैंने सौ रुपए देना चाहे, उसने नहीं लिए, बोला- आज रहने दें, मेरी तरफ से!दूसरे दिन वो फिर आया.

अंकल कहने लगे- अरे बेटा, घर में शादी का माहौल है और अभी कुछ भी सामान नहीं आया है. दीदी, आपकी गर्दन कितनी प्यारी है और आपके कानों की लौ तो और भी मस्त है.

मैं पास पहुँचा तो फिल्म में देख कर वे दोनों अपनी अपनी पेन्टी में हाथ डाल कर खुद को उत्तेजित कर रही थीं.

आज मेरी मुराद पूरी हो गई थी, जो मैंने सोचा था किसी आंटी के साथ सेक्स करने की. लंड वाली लड़कीसबसे पहले तो उसने अपना पैंटी और ब्रा उतारी और एक ढीला सा टॉप और स्कर्ट पहन लिया जिसमें उसका जिस्म बहुत ही ज्यादा कामुक दिख रहा था. लड़की की सुहागराततो मेरे दोस्त, जिसका नाम अशोक है, बोला- यार, ये तुम पर इतनी मरती है और तुम हो कि कोई रिस्पांस ही नहीं देते?मैं बोला- यार ये सब मुझे नहीं करना, मुझे पढ़ाई करनी है. तभी डोर बेल बजी, मैंने दरवाजा खोला तो राजू की बहन अनीता दीदी बाहर खड़ी थीं.

आपको बता दूँ मैं उन्हें पहले से ही चोदना चाहता था लेकिन वो मुझसे बड़ी थी उम्र में भी और रिश्ते में भी तो इस कारण डरता था.

उसने बड़े प्यार से उसको देखा फिर अपने दोनों हाथों से उसको छू कर एहसास करने लगी. मेरे सामने जो नजारा था वह मेरे अनुमान क्षमता के बाहर था, क्या मोटी मोटी चूची थी उनकी… और चूत तो उनकी ऐसी फूली हुई थी जैसे कि डबल रोटी!मैंने तो बस अपना काम शुरू कर दिया, मैं अपना होश खो बैठा और मैं मामी की चुचियों की गहराई में उतर गया, उनको मन भर कर दबाने लगा, चूसने लगा. मैं बोली- तू सच कह रहा है, मेरा दिन रात चुदवाने का मन करता रहता है, लगता है कि कोई भी मर्द आये और बस मेरे जिस्म को मसलने लगे और मेरे मुँह में अपना लंड डाल दे, फिर चूत का और गांड को इतना चोदे कि मुझे कुछ होश नहीं रहे.

साथी टीचर होने के बाद भी हम नाम मात्र की बात करते थे क्योंकि गांव में हमारे परिवार का दबदबा है, तो लोग मुझसे बात करने से डरते थे और बहू होने का लिहाज भी करते थे. उन्होंने इस बात को छुपाने के लिए एक शर्त रखी और मैं उनकी शर्त पूछ ही रहा था, तभी निशा का कॉल आ गया. मुझे यूं घूरते देख कर वो बोल पड़ी- इतना घूर कर क्या देख रहे हो? कभी चूत नहीं देखी क्या?मैंने बोला- चूत तो बहुत देखी हैं, मगर सिर्फ पोर्न फिल्मों में ही देखी हैं.

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माँ जी… बुरा मत मानना… पर क्या इन तेरह साल में कभी आपका मन नहीं हुआ किसी से सेक्स करने का?”नही… अशोक की परवरिश ही मेरा मकसद बन गया था तो इधर उधर कभी ध्यान ही नहीं गया.

बृजेश ने पूछा- भाभी मुझसे कोई ग़लती हो गयी क्या?मैंने कहा- हां तुम्हारी वजह से ही मुझे जाना पड़ा.

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काम वासना से सराबोर कर देने वाली मेरी चुदाई की कहानी पर आप अपने विचार मुझे मेल से भेज सकते हैं. वो एक आलीशान रिज़ॉर्ट था, बहुत मस्त और सभी तरह से वो एक आलीशान महल की तरह लग रहा था. कुछ देर चूमाचाटी करने के बाद जब हम दोनों गरमा गए तो मैंने उठ कर उसके सारे कपड़े उतार दिए और अपने भी.

फिर होंठों पर जीभ फेरते हुए अपने लंड को अपने पैन्ट में सीधा करने लगा. नीचे कुछ हो रहा है क्या?भाभी बोलीं- हां यार, मेरी पेंटी भी गीली हो रही है.

ये क्या हो रहा है मुझे?पद्मिनी का बाप जब बार में पीने गया तो पद्मिनी की तस्वीर उसके आँखों के सामने डोल रही थी, वह उसकी मस्त कंटीले जिस्म, उसकी मुस्कराहट, उसकी नाज़ुक गाल और मुस्कान, उसकी गोरी कोमल जांघ, उसकी उभरी हुई चूचियों को सोच सोच कर जा रहा था और उसका लंड पैन्ट के अन्दर एकदम मस्त खड़ा हुआ था.

वो सीधे तो अपने बेटों से चुदने को शायद कभी तैयार ना हो… पर मयूरी को फिर याद आती है अपनी सहेली हिना… वो हीना जिसके अपनी माँ साथ साथ सेक्सुअल सम्बन्ध थे. आज ही सुबह सुजाता के मम्मी पापा किसी रिश्तेदार की शादी में गए हुए थे. रेखा ने शर्म से आँखें बंद कर रखी थीं परन्तु ज़रा सा भी प्रतिरोध नहीं कर रही थी.

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क्या प्राब्लम है?मैंने बताया तो कहने लगीं- अगर इसे ऐसे कर रहे हो तो मत करो बल्कि मैं जैसा कहती हूँ, वैसा करो.

बीएफ काले लंड वाली: दस मिनट की चुसाई के बाद मैं झड़ने वाला था, मैंने कहा- रस निकालूँ?तो उसने कहा- हां मेरे होंठों पर निकाल दो. वह अगले दिन शाम फिर आया, बोला- मैं आपको अपनी आर्ट दिखाऊं? आज आपकी मालिश करुंगा, आप कपड़े उतार लें।निश्चित ही वह बहुत एक्सपर्ट था, उसने मेरी मालिश की, मेरे सहायक सुमेर की भी की.

बाकी आसपास की गलियों की लड़कियां भी यही बात करने लगीं और पद्मिनी से दूर रहने लगीं. ये कोई कहानी नहीं, मेरी जिंदगी की सबसे हसीन याद है, जिसको मैं आप सभी को बताना चाहता हूँ. मैंने जूली को कहा- जो होना था सो हो गया, आज तुम्हें मैं जन्नत की सैर करवाऊंगा और जब तुम कहोगी, तभी तुम्हारी चूत में लंड डालूँगा.

जैसे ही मैंने कहा, उसने एक हाथ से मोबाइल लिया और अपने दोस्त को फोन लगा दिया.

जोर जोर से सांसें चलने की आवाज आ रही थी और मम्मी बोल रही थी- आअह उह्ह्ह्ह ह्हहां और करो! और जोर से!ऎसी आवाजें आ रही थी तो मुझे समझने में देर न लगी कि मम्मी चुद रही है! मैंने उसकी कामुकता भारी आवाज़ सुनकर ही मुठ मार ली. मैंने देखा कि वो एकदम मस्त टाइट लैगीज पहने हुई थीं और कुर्ता डाला हुआ था. एक बार जब आंटी ने अपनी टाँगें थोड़ी ऊपर को कीं, तो मुझे उनकी पैंटी तक दिख गई.