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चुदाई वाली सेक्सी एचडी: बीएफ xxx.com, जागृति मेम ने कमरे में आते ही दरवाज़ा बंद कर दिया और अपना पजामा खोल दिया.

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परिणाम स्वरूप योनि की दीवारों से मेरे लिंग-मुण्ड का घर्षण हर गुज़रते पल के साथ-साथ बढ़ता जा रहा था. चोदा चोदी वाला फिल्ममेरी गांड के बालों को अपनी चूंटी से खींच देती तो मुझे हल्का सा मीठा दर्द हो जाता था.

मैंने मज़े से चूस कर कुछ दस मिनट में ही उनके लंड का पानी निकल दिया. मोहब्बतें मूवीमैंने उसके हाथ को पकड़ कर अपनी ओर खींचा और उसके होंठों पर अपने होंठ लगा कर किस करने लगा.

मैंने हल्के से अपने लंड को उसकी गांड की दरार पर ऊपर नीचे फिराना शुरू किया.बीएफ xxx.com: मैं- अगर मैं मेरी बात करूँ, तो मैं तो इसे बुर या चूत कहता हूं … आप क्या कहती हो पता नहीं.

तभी मैं झड़ने वाला था तो उसने कहा- जीजू, प्लीज मुंह में छोड़ना!मैंने सारा माल उसके मुंह में छोड़ दिया, वो बहुत खुश हो गयी.मगर मैंने तो अपने पर काबू रखना ही सही समझा, पर इस भोसड़ी वाले लंड को को कौन समझाए … उसने तो फिर से खड़ा होना चालू कर दिया था.

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अचानक ही मेरा लिंग-मुण्ड वसुन्धरा की योनि के मध्य से ज़रा सा नीचे, किसी गुदगुदे से गड्ढे में अटक गया.उसने अपनी एक उंगली मेरी चुत के छेद में डाली तो मैं एकदम से उछल गई और चिल्लाई- उईईई ईईई!उसने मुझे हिलने नहीं दिया और एक पूरी उंगली चुत में डाल दी.

दूसरी बार लंड को हाथ में पकड़ा और जोर-जोर से उकडू बैठ कर हिलाने लगा. बीएफ xxx.com आशीष मेरे होंठों को अपने होंठों से चूमने लगा, मेरी सांसें उसकी सांसों से.

मगर साथ ही मेरे मन में इस बात को लेकर भी कौतूहल चलता रहता है कि मैं एक बार पापा को अपनी माँ की चुदाई करते हुए भी देखूं.

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विशाल भाई ने मुझे उनकी कंपनी में आने के लिए कह दिया और बताया कि कल अपने सारे कागजात लेकर कंपनी में आ जाना. सोनू मुझसे पूछने लगी- तुम्हारा कब निकलेगा?मैंने कहा- अभी थोड़ी देर में जब तुम्हें चोदूंगा तो निकलेगा. परी ने पूछा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?मैंने ना में सिर हिला दिया और वो हँसने लगी.

अब तुम्हारी चूत का भी मुँह खुला है, तो उसका रस आराम से अन्दर चला जाएगा. जब सुषी अकेली थी तो मैंने मौका देख लिया और उसके दिल की बात पूछने की सोची. पहले मैंने उनकी ब्रा से दूध के गुब्बारों को आजाद किया, फिर उनकी पैंटी को पकड़ कर नीचे किया.

काफी देर सन्नाटा सा रहा; फिर सलोनी बोली- राहुल जो तुम कह रहे हो वो सच है या सिर्फ मेरा दिल रखने को बोल रहे हो?”मैं बोला- मैंने जो भी बोला वो बिल्कुल सत्य है. मन कर रहा था कि बस पूजा आ जाये और उसकी चूत, गांड, मुंह सब के अंदर अपने प्यासे लंड को डालकर अपना पानी उसकी चूत के सूखे खेत में डाल दूँ. तभी पड़ोस की आंटी के बच्चा होने वाला था तो मेरी वाइफ उनके घर चली गयी.

मेरी बात सुन कर शायद उसे ख़ुशी हुई और उसे भी अपनी मर्दानगी पर गर्व हुआ, वो बोल पड़ा- मजा गया सारिका जी, आप जैसी कामुक औरत मैंने आज तक नहीं देखी, काश प्रीति भी आप जैसी होती!उसने कुछ देर अपने लिंग को मेरी योनि में टिकाए हुए हल्के हल्के हिलाता रहा और फिर धीरे धीरे उसने धक्के मारने शुरू किए. जीजू का लंड पिस्टन की तरह मेरी चूत में भीतर बाहर भीतर बाहर हो रहा था.

तुमने जब से फ़ोन पर मुझे किस करने के लिए बोला तब से मैं तेरे साथ सेक्स करना चाहती हूँ।भावना मुझसे फोन पर तो खुल कर बात कर लेती थी लेकिन आज मुझे उसकी बात पर यकीन ही नहीं हो रहा था.

थोड़ी देर तक ऐसे ही लेटा रहा, वो बिल्कुल सीधे सो रही थी।कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.

हे परवरदिगार! तू ही कोई चमत्कार कर … अब तो तू ही मुझे, मेरी अपनी नज़रों में गिरने से बचा सकता है. मैं एक कदम पीछे हटा, तत्काल वसुंधरा ने आँखें खोली और मुझे सीधे अपनी आँखों में झांकते पा कर झट से अपनी आँखें वापिस बंद ली. वो कराहती हुई बोली- साले तेरा लंड इतना बड़ा है … मैंने इससे पहले इतना बड़ा लिया ही नहीं था.

उनकी चूत मेरे मुँह पर लगी थी और मेरा लंड उनके मुँह में घुसा हुआ था. साला चाची के खानदान की क्या लड़कियां, क्या औरतें … सब एक से बढ़कर एक!मुझे लगा कि चाची ने हमें देख लिया था. अब मैंने उसी पोजीशन में अपना लंड भाभी की चूत के छेद पर सैट किया और हल्के से धक्का लगाया.

मैं दोपहर होने का इंतजार करने लगा क्योंकि गर्मियों में लोग अक्सर दोपहर के समय में सो जाते हैं.

मैं मम्मी मम्मी चिल्लाने लगी … तेजी से रोने लगी, पर आशीष ने मेरी गांड में अपना लंड रगड़ना और अन्दर बाहर करना जारी ही रखा. मैंने कहा- अब भी शौक रखते हैं?वे बोले- अब मिलते नहीं, दोस्त बाहर चले गए, कभी कभी कोई मिल जाता है. टीटीई ने मुझे बताया था कि आगे जाकर सीट कन्फर्म हो जाएगी, शायद किसी स्टेशन पर बहुत सारी सवारियां उतरने वाली थीं.

बाहर आते हुए देखा तो एलेक्स और जॉन बेड पर बैठे थे और रोहन काउच पर बैठे थे. एक दिन उनका कॉल आया कि उनके घर में कुछ दिन तक कोई नहीं रहेगा तो हम दोनों मिल कर प्यार कर सकते हैं. उसने अपने दोनों हाथ मेरे चेहरे पर से हटा कर एक झटके में मेरे कपड़ों के ऊपर से मेरे दोनों बूब्स को जोर से दबा दिया.

उसके बाद आशीष बोला- बंध्या चलो तुम्हें आज सुहागरात का गिफ्ट दिला दूं.

तभी पड़ोस की आंटी के बच्चा होने वाला था तो मेरी वाइफ उनके घर चली गयी. वह ऐसी गोल-मोल बातें कर रही थी और लग रहा था जैसे घूम फिर कर सेक्स पर आना चाहती है.

बीएफ xxx.com फिर मैंने दांतों से पकड़ कर उसकी पैंटी को निकाल दिया और उसकी चिकनी मुनिया को देखने लगा. शर्ट के बटन खोले और बाजुओं से कमीज को उतारते हुए पीछे दरवाजे पर टांग दिया.

बीएफ xxx.com उस समय मैंने देखा कि मेरा बाप कुछ ज़्यादा ही मेहरबान बना हुआ था क्योंकि मैं तब तक चुदाई के मामले में पूरी ट्रेंड हो चुकी थी तो मैंने उन पर नज़र रखनी शुरू की. मेरा तो सिर फटा जा रहा है जब से विपिन जी का लंड मेरी चूत से छूकर गया है.

उसमें चुम्मा चाटी और सेक्स के सीन आने की वजह से हम दोनों गर्म हो गए.

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उसी दिन शाम को सोनम ने मुझे बताया कि कल मम्मी दोपहर एक बजे दादा और चाची चाचा से मिलने अहरी जाएंगी. फिर उसने अपनी गांड हिला कर इशारा किया … तो मैंने बाकी का लंड उसकी चूत में पेल दिया. नमस्कार दोस्तो, मैं विनोद कुमार गुरूग्राम हरियाणा का रहने वाला हूँ.

अब तो उसको इस बात की चिन्ता भी नहीं रहती कि नम्रता को मजा आया कि नहीं. मैं उसके बूब्स को अपने होंठों में लेकर चूसता रहा और पूरा लंड उसकी चुत से अन्दर बाहर करता रहा. मैं नित्य ही सुबह उनके आने जाने के टाइम पर घर के सामने खड़ी रहती या टहलती रहती.

वैसे भी भाभी को चोदने का मन तो था ही … और ऊपर से पोर्न वीडियोज देख लीं, तो मेरी कामेच्छा दोगुनी हो गई.

बाप तेरा मुंबई में काम करने जाता है और तेरी मम्मी, जो भी पैसे वाला दिखा, उसे फंसा लेती हैं. अंतर्वासना के सभी दोस्तों, भाभियों, आंटियों और लड़कियों को नमस्ते के साथ-साथ उनकी चूत को भी ढेर सारा प्यार और चूत में उंगली!मैं अन्तर्वासना का रेगुलर पाठक हूं. उन दिनों मैं घर पर बहुत बोर हो रहा था, बस हर टाइम चूत चोदने का दिल करता रहता था.

आते वक्त रास्ते में बड़ा सा स्पीड ब्रेकर आया और अचानक से ब्रेक लगाने की वजह से उसके चूचे पूरी तरफ मेरी पीठ पर रगड़ गए. मम्मा ने थोड़ी देर बाद थोड़ी हरकत की और थोड़ा सा आगे खिसक कर लेट गईं लेकिन वो मुझसे कुछ नहीं बोलीं. पहले पहले मीना ने मना किया लेकिन बाद में वो मान गयी, एक पेग लेकर मीना बोली- अभी आती हूँ.

उसने भी अपने दोनों हाथ मेरी पीठ पर ले जाकर मुझे कसकर अपने से गले लगा लिया और हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे. मैं तो उसी रात मिनी को अपने लंड के नीचे ले आता लेकिन हम दोनों पहली बार होने के कारण कुछ झिझक रहे थे इसलिए बात बढ़ नहीं पाई थी.

हमारी जीभें एक दूसरे के मुँह में एक दूसरे के रस का मजा लेने लगी थीं. उन्होंने मेरे को खड़ा किया और अन्दर वाले रूम में उठा कर ले जाने लगे. मैंने धीरे-धीरे अपने चूतड़ों से अपने लंड पर दबाव दिया, चूत पानी छोड़ चुकी थी और जैल लगाने से चिकनी हो गई थी, अतः लंड का सुपारा जल्दी ही अंदर चला गया.

मैंने सोनू को अपनी छाती से लगा लिया और उसकी टांगें चौड़ी करके अपने हैवी लंड को उसकी चूत के नीचे लगाया.

इसलिए मैंने उससे बातों ही बातों में पूछा- क्या तुमने कभी अपने पीछे वाले छेद में भी लंड लिया है?वह बोली- नहीं, मेरा पति तो आगे वाले छेद को ही शांत नहीं कर पाता. मैंने भी ब्लाउज के ऊपर से ही उसके चूचे मसलना शुरू किया और हम दोनों की जीभ एक दूसरे के मुंह में सैर करने लगी. आप खुद सोचो, जब उसकी बहन अपने ब्वॉयफ्रेंड से बात करने में लगी हो और मैं उसके साथ न होकर उसके भाई के साथ बातचीत कर रही होऊं, तो चर्चा में सेक्स का मसाला कब तक नहीं आएगा.

मुझे अपने आप से ऐसा लगने लगा था कि मुझे आशीष अपने बांहों में लेकर मेरे जिस्म से चिपका रहे और वैसे ही मेरे होंठों को चूमता रहे. मैंने प्राची को गले लगा कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, उसने मुझे किस करके धन्यवाद कहा.

मुझे सोनू ने बताया भी था कि नीरजा का जीजा उसे बहुत दिन से चोदता है, जो नीरजा ने सोनू से खुद कहा था. मैं भी इनडायरेक्टली उसके तरफ ही इशारा किया करती, जिससे वह कुछ करने के लिये पहल करे. सरिता ने अपना पैर बेड से नीचे रख दिया तो मैंने अपना तना हुआ लंड बाहर निकाल दिया.

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इससे आगे की कहानी मैं बाद में बताऊँगा कि कैसे शुभी के बॉयफ्रेंड ने मेरी गर्लफ्रेंड श्वेता की चुदाई की.

हालांकि पहले मुझे पता नहीं था कि इनका इधर पड़े होने का कारण क्या है. इस बार कोई देर ना करते मैंने उसे नंगी कर दिया और मैं भी नंगा हो गया. आधा लंड तो आसानी से गांड में घुस गया, तब पूजा ने अपना चेहरा पीछे मेरी तरफ कर दिया और कहा- रुक क्यों गए … पूरा लंड मेरी गांड में घुसा दो ना.

उन अंकल जी को मैं जाते हुए पीछे से देखती रही जब तक वे आँखों से ओझल न हो गए. हां और किसी की बात नहीं जानता, लेकिन आपको तो पक्का प्रेग्नेंट कर दूँगा. गन्ने का बीजमैं वहां पहुंचा और हमने एक होटल में कमरा ले लिया और चाय नाश्ता किया.

आपने पढ़ा कि मेरे दोस्त की मदद से मुझे एक कुंवारी चूत चोदने को मिली. जब मैं उसकी जीभ को अपनी जीभ से चूसता था तो चूत लण्ड को अंदर खींचने लगती थी जैसे चूत लण्ड को चूस रही हो.

मेरे आने की खबर अंकल को पहले ही लग गयी, मेरा दरवाजा खटखटाने से पहले ही उन्होंने दरवाजा खोला. मेरा पति तो खैर यही समझता है कि हम दोनों सगे भाई बहन की तरह से हैं और जब वो आता है तो उस को उसी तरह से मिलता है जैसे कोई अपने साले से मिलता है. मैंने उस आदमी को तो उठा दिया लेकिन उस लेडी को खिड़की वाली सीट दे दी.

मैं खिड़की के सहारे बैठा था और रूबी आराम से मेरी गोद में सिर रखकर सो रही थी. मैंने भाभी से रोने के बारे में पूछा, तो भाभी ने रोते हुए कहा- इनका तो रोज का यही नियम है … शराब पीकर बेहोश हो जाते हैं और मैं रो रोकर रात गुजारती हूँ. मैंने धक्का देते हुए कहा कि यह कैसे हुआ … तुम्हें किसने चोदा?उसने मुझसे कहा- मैं पहली बार तुमसे चुद रही हूँ … चूत में मैं कभी कभी डिल्डो डालकर अपनी गर्मी शांत कर लेती थी.

थोड़ी देर चुत चोदने के बाद उसकी गांड का दर्द कम हो जाता, तो वो फिर से मेरा लंड चुत से बाहर निकाल देती.

कामदेव मुझ पर रह-रह कर काम-बाण चला कर मुझे पीड़ित किये जा रहे थे और वसुंधरा साक्षात मेनका के समकक्ष मुझ से रति-दान लेने पर उतारू थी और मैं बेचारा, काम के इस भयावह बवण्डर में तिनके की तरह कभी इधर (कभी हाँ), कभी उधर (कभी न) डोल रहा था. साली तेरे लिए मैं कुछ भी दवाई खाकर अपने लौड़े का साइज बड़ा करूंगा, तू बहुत चुदासी है.

फिर उसने मेरा लण्ड पकड़ कर बुर के छेद में लगा दिया और बोली- राजा, अब तो अन्दर घुसा दो. पिछले भाग में आपने पढ़ा था कि मेरी बहन को कुछ नया करने का मन था तो मैंने उसको अपने कमरे में ले जा कर नये तरीके से चोदा. रास्ते भर वो मुझसे प्यार से बात कर रहे थे तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ.

भाभी मेरी तरफ देख कर बोलीं- आजकल तुम मुझे कुछ ज्यादा ही देखने लगे हो … क्या बात है? क्या गर्लफ्रेंड ने मना कर दिया है. उनके मुँह से यह बात सुनकर मैं उनको लेकर बाहर कमरे में आ गया और उनको बेड पर ले आया. फिर मार्च 2012 में अच्छी सैलरी मिलने के कारण मैं दूसरे शहर में चला गया.

बीएफ xxx.com फिर आपके मतलब का एक वीडियो भी है जिससे वो नामर्द आपकी मुट्ठी में आ जाएगा. मैंने ओके कहा और उनकी गांड की तरफ से लंड को चुत की फांकों में रगड़ना चालू कर दिया.

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जब मैं टाईट कपड़े पहन कर चलती हूं, तो लड़कों, शादीशुदा मर्दों और बुड्डों के लंड खड़े हो जाते हैं. अब मीना थोड़ी खुल भी गयी थी और शराब का असर भी उसे एक और लेने को मना नहीं कर पाया. सोनल ने अपने निप्पल मींजते हुए दिशा से कहा- देख दिशा, तुम्हें टू पीस में देखकर मेरे भाई का हथियार खड़ा हो गया है.

एक घंटा बाद मुझे भूख लगी, तो मैंने रूपा को आवाज लगाई- रूपा खाना दो. ये मेरी खासियत बन गई है कि मेरा वीर्य तभी छूटता है, जब मैं चाहता हूँ. स्पाइस डिजिटलऊपर से उनकी खूबसूरती! ओए होये, बस क्या कहने! चूचे तो जैसे मोटे आम थे जिनको चूस कर उनका पूरा रस निचोड़ने का मन कर रहा था.

बोलता था- देख ले तेरी राखी मेरे लंड पर बँधी है और तेरी चूत को सलाम करके चूत में ही समाने की कोशिश कर रही है.

उसने लाइट ब्लू कलर की झीनी सी साड़ी और स्लीबलैस मैचिंग का ब्लाउज पहना था. थोड़ी देर तक अनु दर्द से तड़पती रही और मैं उसके गोल गोल मम्मों को चूसता रहा.

मैं भावना की भूरी कलर की निप्पल को जोर-जोर से चूस रहा था।उसके मुंह से सिसकारियां निकल रही थीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह…वह गाली देकर बोली- और जोर से चूस बहनचोद! जोर से काट लो मेरी चूचियों को। आह … पी लो मेरे भाई।मैं उसके पैरों की उंगलियों से किस करता हुआ ऊपर की तरह बढ़ रहा था. मेरी तारीफ सुनकर मैं मुस्कुराई, फिर पलटकर उसकी फ्रेंची में हाथ डाल कर उसके लंड को पकड़ लिया. मेरे मामा के 3 बच्चे थे, जिसमें से 2 मामी के साथ उनके नाना के घर गए हुए थे और एक जो सबसे बड़ा था, वो मामा के साथ घर पर अकेला था.

क्योंकि तवज्जो तक तो तो ठीक था, पर इससे आगे बात बढ़ ही नहीं पा रही थी.

उस जल्दी की वजह से वो गलती से दरवाजा बंद करना भूल गयी और उसी समय मैं अपनी बुक लेने उस कमरे में चला गया. वो अपने दोनों हाथ उठाकर कभी अपने बालों में फिराती, तो कभी मेरे सर में!मैं समझ गया कि उसके साथ ऐसा बहुत टाइम बाद हो रहा था इसीलिए उसकी ऐसी हालत हो गयी है. शाम 4 बजे हम निकले 8 बजे तक हम दोनों ने बहुत मजे से यात्रा का आनन्द लिया.

योगा सेक्सी योगाजब कुछ देर इसी तरह से मैं उससे चिपकी रही तो मुझे पता लग गया कि उसके लंड ने भी घंटियाँ बजानी शुरू कर दी हैं. जैसे ही मेरा ध्यान गया, मैं उनकी बात सुन कर दूसरे सोफे की ओर जाने लगा.

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हमने दोनों ने ही साथ में खाना खाया और खाना खाकर फिर से टीवी देखने लग गए. उसकी बुर अभी भी टाईट थी, जिसके कारण रूपा फिर से बोलने लगी- दर्द हो रहा है भैया, प्लीज़ धीरे धीरे से चोदो. वो लेटे रहे और मैं उनकी छाती पर हाथ रख कर बस अपनी गांड उनके लंड के ऊपर नीचे करता रहा.

जैसे जैसे मेरी हरकतें बढ़ती गईं, वैसे वैसे उनकी सिसकारियां और आहें कराहें भी बढ़ती गईं. उन दोनों की चुदाई चल रही थी कि इतने में कोई बाहर कोई आ गया और उनको चुदाई बीच में ही रोकनी पड़ी. करीब पन्द्रह मिनट के बाद वो झड़ गयी और दो-चार धक्कों के बाद मैं भी। पहली बार पूजा की भट्टी को चोदने के बाद लंड को बड़ा सुकून मिला.

उन्होंने बहुत डीप नेक का ब्लाउज पहना था, जिसमें से उनकी आधी चूचियां साफ नजर आ रही थीं और उनके क्लीवेज पर खूब सर रंग पड़ा हुआ था. एक दिन जब दीदी घर से बाहर गयी हुई थी तो हमने मौके का फायदा उठाया और अपनी हवस को पूरी करने की सोची. इस धक्के से जहां उसके लिंग ने मेरी योनि की दीवारें फैला दीं, वहीं मेरी योनि की मांसपेशियों के विरुद्ध उसके लिंग की ऊपर की चमड़ी पीछे की ओर खिंचती चली गई जिससे उसका सुपारे से लेकर लिंग का कुछ हिस्सा खुल गया था और मैं उसकी नसों को अपनी योनि के भीतर महसूस करने लगी थी.

भाभी- मेरा पानी जल्दी नहीं छूटता है, देख ले, कहीं बीच में ही न पिघल जाए. जीजू के मुंह से आहे निकलने लग गई, जीजू बोल रहे थे- शिवांगी, तुम कितनी अच्छी हो … प्लीज करो ना … और करो शिवांगी … प्लीज साली जी, लंड चूसो ना अपने जीजू का!कहते हुए जीजू ने अपना लंड मेरे मुंह के अंदर कर दिया, फिर मैं जीजू के लंड को करीब 5 मिनट तक चूसती रही.

उसी समय ताऊ ने लंड को चूत में पेल दिया और ताई की ‘आं … धीरे …’ की आवाज निकल गई.

वो मेरे लन से खेलने लगी, मेरे लन को हाथ से हिलाते हुए बोली- उस रात तो शर्म के मारे लन देख ही नहीं पायी अच्छे से!मैंने पूछा- आज मुँह में लोगी क्या?वो मेरी तरफ देख कर मुस्कराई और लन को अपने मुँह में डाल लिया. डायरेक सेक्सी व्हिडिओमौसी ने मुझसे कहा- मौका है, घुस जा!और मैं पिंकी के रूम में जाकर सो गया. सास दामाद की चुदाईउसने मेरे लंड को पैन्ट से बाहर निकाल लिया और हाथ में लेकर सहलाने लगी. दोस्तो, यह मेरी सच्ची सेक्स कहानी हैहम आज भी बातें करते हैं, मिलते हैं, सम्भोग करते हैं.

आह … क्या मस्त नज़ारा था वो … गोरी गोरी जांघों के बीच गुलाबी कलर की पैंटी.

जब मैंने चूत की फांकों को हल्का सा फैलाया तो मम्मी की चूत के अन्दर एकदम गुलाबी सा था. मैं उसको फिर किस करने लगा और उसकी चुचियों को अपने हाथ से मसलने लगा. उस फ्लोर पे एक और फैमिली रह रही थी, उस फ्लोर पे बाकी के सब फ्लैट खाली ही पड़े थे.

मैंने उसके बूब्स को दबाये और उसके निपल्स को अपनी जीभ से हिलाने लगा. नीतू आज हमें ड्रिंक लेने की इजाजत दो, आज नितिन को एक गुड न्यूज देनी है … चलेगा ना?” उन्होंने पूछा. मैं एक बार अपनी चाची के साथ जो कि राँची में रहती हैं, उनके साथ बस में पटना जा रहा था.

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मैंने अपने लंड को धीरे धीरे से दिलिया की चूत से बाहर करने की कोशिश चालू कर दी और वो भी ‘अह अह्ह येस्स अह्ह्ह येस और आह्ह अह्ह …’ करने लगी. इस दौरान मैं सोनू को जगह-जगह पर चूमता रहा, इससे उसको पूरी संतुष्टि मिल गई. मेरे घर के पास ही खुला मैदान है उसके आगे जंगल शुरू हो जाता है तो मोर्निंग वाक् पर जाने वाले लोग मेरे दरवाजे के सामने से ही होकर गुजरते हैं.

मेरा चेहरा ठीक अपने चेहरे के सामने पाकर भाभी ने तुरंत ही फिर से आंखों को बंद कर लिया.

मैं मन ही मन खुश होने लगा कि आज तो बहन की चुदाई करने को मिलेगी और मेरी बहन शादी में नहीं गयी.

मैंने मासूम बनते हुए कहा- ठीक है मम्मी, आप मेरे सामने ही योग सीख लिया करो. इस धक्के से जहां उसके लिंग ने मेरी योनि की दीवारें फैला दीं, वहीं मेरी योनि की मांसपेशियों के विरुद्ध उसके लिंग की ऊपर की चमड़ी पीछे की ओर खिंचती चली गई जिससे उसका सुपारे से लेकर लिंग का कुछ हिस्सा खुल गया था और मैं उसकी नसों को अपनी योनि के भीतर महसूस करने लगी थी. छोटा लैंडमगर एक बात है कोई भी लड़की शादी के बाद अपने पति को किसी दूसरी से चुदाई करते हुए नहीं देख सकती और यही बात आरती में भी है.

कुछ देर में सोनू कहने लगी कि बेड पर ही अच्छा लगता है, वैसे ही करो, जैसे पहले किया था. कुछ ही देर में उसके चेहरे पर कुछ अजीब से भाव आए और एकदम से वो ढीली पड़ने लगी. दिन पर दिन गुजरते जा रहे थे पर मेरे केस में कोई प्रगति हो ही नहीं पा रही थी.

हम दोनों मुस्कुरा उठे और एक दूसरे की आंखों में काफी देर तक देखते रहे. मेरा फूला लंड देख कर बोली- आह इसे कहते हैं लंड … उस साले का तो मरा हुआ मेंढक है.

आगे कैसे क्या हुआ, वो सब कुछ मैं अलग अलग हिस्सों में लिखते हुए सारी सच्चाई आप सब पाठकों के सामने लाऊंगी.

मैं सारे कपड़े निकाल कर नहाने जा ही रहा था कि घर के बाहर वाले दरवाजे की बेल बजी. तभी एक आवाज आई- सन्नी, तुमने कपिल अंकल को देखा क्या? और शारदा जीजी भी नहीं दिख रही हैं?मैंने सोचा- अब ये कौन है साला? आराम से बात भी नहीं करने देते. पूजा ने अपने एक पैर जमीन रखा था, दूसरा पैर घुटने से मोड़कर बेड पर रखा हुआ था.

घोड़ी बना अब वो भी आगे पीछे होकर चुदने लगी और कामुक सिसकारियों भरी आवाजें निकालने लगी- आह … ह्म्म्म … हम्मम्म ओह … अअअअअ चोद दे … आई माँ. मुझे इधर प्रकाशित होने वाली चुदाई की कहानी पढ़ने में बड़ा मज़ा आता है.

मैंने उसकी चूत पर लंड रखा और एक जोर के धक्के में आधे से ज्यादा लंड उसकी चूत में पेल दिया था. मैंने भी हिम्मत करके एक बार ब्रेक मार दिया, जिससे भाभी की चूचियां मेरी पीठ में दब गईं और भाभी की आह निकल गई. हमारी बर्थ कन्फर्म नहीं थी, परन्तु हम दोनों स्टेशन आ गए और मैंने टीटी को 200 रूपये देकर स्लीपर कोच में एक बर्थ कन्फर्म करवा ली.

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मुझे मालूम था कि इसका मन बहलाने के लिए ऐसा करना जरूरी है वर्ना ये चूत नहीं चुदवाएगी. रात को अब मैं अपने घर पर जाऊं या यहीं रुक कर अपनी चूत की आग विलियम के लण्ड से बुझाऊं … मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था. मेरी बहन के मुँह से ये शब्द सुनकर मैं चौंक गया और ज्यादा जोश में भी आ गया.

थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहने के बाद एक बार कसमसा कर मैंने अपना हाथ और पैर फिर से उनके ऊपर रख दिया. रात में भाभी का कॉल आया और मैंने हैलो बोल कर उन्हें हाय सेक्सी कह दिया.

मेरी चूत और नितम्बों पर उनका प्रहार मुझे असीम सुख दे रहा था बीच बीच में वे मेरे मम्में दबोच कर मसल देते.

उसकी बड़ी बड़ी आंखें थीं, पूरे 6 फिट लंबाई और मजबूत कसरती शरीर का सांड जैसा लगता था. श्वेता ने शुभी को शर्ट उतार कर डांस करने के लिए कहा तो शुभी मना करने लगी. वो न तो दिन में कभी मेरे करीब आने की कोशिश करती थी और न ही रात को लाइट जला कर मुझे उसके बदन को देखने का मौका देती थी.

शीतल- आह … मजा आ रहा है … साले भोसड़ी के खा जा मेरी चूत को … आह अनिल हां ऐसे ही और अच्छे से उफ्फ चाट ले हरामी आह इसे पूरा उफ्फ मजा आ रहा … आई मां मर गई. नम्रता- वो कैसे?मैं- जब भी आप कहें …नम्रता- ठीक है, देखते है, ऊपर वाला मेरी इच्छा कब पूरी करता है. मेरी कामोतेजना का अब ठिकाना ही नहीं रहा और मैं कराहने और सिसकने लगी.

मैंने अपने अंडरवियर को निकाल दिया और मेरा काला ‘लाल’ मेरी जांघों के बीच में लटकर झुलता हुआ बाहर आकर चैन की सांस लेने लगा.

बीएफ xxx.com: सच कहूँ तो मुझे सलोनी मौसी बहुत अच्छी लगती थीं और मैं अक्सर उनके नाम की मुठ मारा करता था, पर ये बात कभी बंटी को नहीं बताई. मैं उन्हें ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा और वो सीत्कार करने लगीं.

मेरे मुँह से मीनाक्षी भाभी सुन कर प्राची हंसने लगी और मीनाक्षी भाभी भी मुस्कुरा दी. मैं डर गया कि मम्मी को कुछ हो ना जाए इसलिए कुछ टाइम तक वैसे ही रुक गया. कुछ देर बाद मोटे लंड को जज्ब करने के बाद गांड और ढीली हुई तो मैंने अपना आधे से ज्यादा लंड अन्दर पेल दिया.

उसके बाद मैंने श्वेता को शुभी के ऊपर पेट के बल लेटा दिया और श्वेता की चूत मेरे लंड की तरफ आ गई.

मैंने फ़ौरन वसुन्धरा के दोनों हाथ अपने हाथों में लेकर उसके सर के आजु-बाज़ू टिकाये और खुद कोहनियों पर हो कर अपनी कमर को और ज्यादा तेज़ी से चलाना शुरू कर दिया. इसी वजह से शायद मर्द बार बार उत्तेजना में लिंग बाहर निकाल कर अन्दर घुसाते हैं. मेरी भी हिम्मत बढ़ी तो मैंने भी उसको अपने पास खींच लिया और उसके होंठों पर अपने होंठों को रख कर चूमने लगा.