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छोरी के बीएफ: मदर सेक्स बीएफ, मैंने अपने दूसरे हाथ पर से वसुंधरा की पेंटी को फ़ौरन वापिस वाशिंग-मशीन में फिसल जाने दिया और खुद मैंने पल भर में अपने कपड़ों को तिलांजलि दे दी और ख़ुद शॉवर के नीचे खड़ा हो कर ‘अपना हाथ … जगन्नाथ’ करने लगा.

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प्रीति की चूत मुझे साफ साफ दिखाई दे रही थी कि प्रीति की चूत से पानी निकल रहा था. भोजपुरी भाषा सेक्सी बीएफकुछ देर हम दोनों शॉपिंग करते कॉफ़ी शॉप पर रुक गए, वहां कॉफ़ी पीने लगे.

पर कोई बात नहीं कल होली के दिन तो मैं किसी न किसी तरह से स्वीटी आंटी को चोद कर ही रहूंगा. बीएफ नई वाली बीएफअंकल ने स्वीटी आंटी को गले लगाते हुए कहा- सरप्राइज!मुझे तो उन्हें देख कर मानो बहुत गुस्सा आ रहा था कि इस साले को अभी ही टपकना था.

धीरे-धीरे हम दोनों में बातें होने लगीं और एक दिन उसको मैंने चोद ही दिया.मदर सेक्स बीएफ: पूजा पाठ होने के बाद शाम को जब स्टाफ के सब लोग जाने लगे तो मैंने उसे रोक लिया.

पापा ने मुझे बारहवीं अच्छे नम्बरों से पास होने पर मोबाइल गिफ्ट किया था, जिस पर भैय्या ने खूब फटकार लगाई थी.घुटनों के बल खड़ी होकर उसने अपनी चूत के होंठ खोले और मेरे लण्ड के सुपारे पर बैठ गई.

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डांस करते हुए स्वीटी आंटी की कमर हिलती उछलती हुए बड़ी लाजवाब लग रही थी.मुझे यकीन नहीं होता था कि लड़कियां इस तरह के अंडरगार्मेंट्स भी पहनती होंगी.

फिर मैं खड़ा हो गया और उनको नीचे बिठाया और जोर जोर से धक्के मारने लगा और पूरा पानी उनके मुंह में ही छोड़ दिया. मदर सेक्स बीएफ मैं जिस शहर में जॉब करता हूँ … वहां हम लोगों के आग्रह पर मेरी वाईफ संजू के बड़े भाई नीरज और भाभी प्रियंका का आने के प्रोग्राम तय हो गया.

उसने मुझे पहले भी मेरे एक ब्वॉयफ्रेंड के साथ चुदते हुए देख लिया था, पर तब वो और छोटा था.

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आज स्वीटी आंटी गुजराती एक्ट्रेस पूजा जोशी से तेजस्विनी प्रकाश जैसी दिखने लगी थीं. मैंने आंटी के जिस्म को काफी अच्छे मसला था और अब मेरा फ़र्ज़ बनता था कि मैं उन्हें थोड़ा आराम दूँ. आह्ह्हह … धीरे संदीप … दर्द होता है!”पर सिल्क ने रोकने की कोशिश नहीं की.

मैंने एक बार बस में नजर फेरी, तो अंधेरा हो गया था और बस में केवल 2-3 यात्री ही थे. खाते खाते मैंने आदी से पूछा- बाबू, तुम्हारा कोई दोस्त नहीं है क्या … तुम किसी से बात नहीं करते हो?उसने कहा- नहीं दीदी … मेरे काफी सारे दोस्त हैं. मैंने भाभी की चूचियों को अपने हाथों में भर लिया और तेजी से उसकी चूत को फाड़ने लगा.

वो मुझसे बोली- सर मैं सुसु करने जा रही हूं … अब नहीं देखोगे मुझे सुसु करते हुए?मैंने उसके पास जाकर उसके होंठों को चूम कर उसकी ब्रा के ऊपर से उसके चुचे दबा दिए. अब उन्होंने थोड़ा तेल अपने लंड पर भी लगा लिया और फिर से अपने लंड को मेरी गांड के छेद में लगा के जोर लगाया. मैंने देखा कि वो सेक्सी भाभी मेरी छाती पर हाथ रखे हुए अभी भी सो रही थी.

मैं सोच ही रहा था कि इतने में जिम वाले ने पूछा- कब से शुरू करना है भाई?सुमित बोला- कल से ही. लेकिन उसी पल दीदी ने मुझे रोक दिया- भाई पहले कंडोम तो लगा लो, अपनी दीदी को ही प्रेग्नेंट करोगे क्या?मैं- ओके.

दूसरे दिन के बाद मैं अपनी कार से लुधियाना के लिए निकला और रास्ते से हमेशा की तरह दो बोतल व्हिस्की ली और सीधा लोकेशन, जहां फ़ोटोशूट होना था, पहुंच गया.

अब आगे:मैंने आव देखा न ताव … बस जबरदस्त झटका देते हुए लंड अन्दर पेल दिया.

एक कारण यह भी था कि इससे पहले श्वेता कभी मेरे इतने करीब नहीं आई थी. मनीषा ने हैरान होते हुए पूछा- इस समय?तो रेखा ने कहा- चाचा जी को खुश करने का यही सही समय है. उत्तेज़ना-वश कांपते हाथों में से ब्रा गिरा कर मैंने वसुंधरा की यूज़्ड पिंक पैंटी उठायी और पैंटी को अपने दोनों हाथों में ले कर सहलाने लगा.

काले लेकिन भूरे जैसे बड़े बालों से आच्छादित उसकी योनि मेरी योनि से काफी बड़ी लग रही थी. हम पूरे दिन घूमते रहे, शाम को हमने एक अच्छे से होटल में डिनर किया और घर आने के लिए निकल आए. मैंने उसको पीठ के बल सीधी किया और उसकी चूत को जीभ लगा कर चाटने लगा.

मैं धीरे धीरे अपने लंड को उसकी चूचियों के बीच में हिलाते हुए रगड़ रहा था.

मेरी मां को इस बात के बारे में पहले से पता था लेकिन चूंकि वो बड़े लोग इसलिए मेरी मां उन लोगों में अपना फायदा देख रही थी. फिर सर ने पूछा- रजनी, तुझे कैसा लगा?मैंने कहा- सर बहुत अच्छा!तो सर बोले- क्या तुम और ज्यादा मजा लेना चाहती हो?मैंने कहा- मैं कुछ समझी नहीं सर?तो सर ने कहा- यहां मेरे 2 कॉलेज के दोस्त आये हुये हैं और एक भानुप्रताप (मेरे भी रिश्तेदार वो अंकल जिनका जन्मदिन था) वो तीनों तुझे चोदना चाहते हैं. वो भला फ्री में किसी को सोने की अंगूठी देकर क्यों जायेंगे?वो कहने लगी- तेरे बारे में सारे मौहल्ले में खबर फैली हुई है.

तभी मैंने नोटिस किया कि साकेत भैया दीदी की चूचियों को बड़ी गौर से घूर रहे थे. मैं फ़िलहाल स्पर्धा परीक्षा की तैयारी कर रहा हूँ और साथ ही साथ फ्रीलांसर भी हूँ. मैंने पूछा- तुमने आंख क्यों मारी?वो बोली- तुमने क्यों मारी?मैंने कहा- पहले तुम बताओ.

मैंने कंडोम पहनकर आलिया की चुत पर लंड सैट किया और एक जोर का धक्का लगा दिया.

उन्होंने श्वेता की टांगों को फैला दिया और उसकी चूत पर अपना लंड टिका दिया. अगर कहानी में आपको मजा आ रहा हो तो मुझे अपने मेल और कमेंट्स के जरिये प्यार दें.

मदर सेक्स बीएफ अब अगले दिन शुक्रवार था, पर रोहित बालकनी में आया नहीं … ना ही उसके जाने की आवाज़ आयी।मुझे कुछ गड़बड़ सी लगी आज तो कॉलेज स्कूल छुट्टी भी नहीं थी. चूतड़ ऐसे गोल थे कि लग रहा था ये जीन्स इसी के चूतड़ों के लिए बनाई गयी हो.

मदर सेक्स बीएफ मैं घर से निकला ही था कि संगीता की भाभी मीना ने आवाज लगाई तो मैं चला गया. उसने मुझे अलग अलग पोज़ में करीब 20 मिनट तक चोदा और मेरे अन्दर ही झड़ गया.

वो अपन ही बेटी को धंधा करने के लिए परमिट दे रही थी, वो भी मेरे जीजा के कहने पर.

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कुछ देर बाद हम अलग हुए तो भाभी ने मेरे गाल पर चुटकी काटी और अपने कपड़े ठीक करके घर का काम करने लगीं. इधर दीदी का चेहरा देखकर और बात सुनकर मेरी हवा निकल गई थी, क्योंकि रात रुकने का कोई प्रोग्राम नहीं बना था और दीदी का आज बर्थ-डे है, हमें ये भी नहीं पता था. इतना सुन कर अंकल को जैसे फ़िर से जोश आ गया और उन्होंने जोर से झटका दे मारा.

मैंने कहा- उनकी चूचियों के निप्पलों को छेड़ते हुए मैंने उनसे कहा- परेशान तो आपके इस कयामती जिस्म ने मुझे कर रखा है भाभी. फाड़ दो आज अपनी चाची की चूत को अनिकेत … आज मैं तुम्हारी हूँ, जो करना है. पर स्नेहा का मुँह अभी भी दरवाजे की तरफ ओर था और उनकी पीठ मेरी तरफ थी.

आरती बोली- भाई, कार चलाना सिखा दो न!मैं थोड़ा नखरा दिखाते हुए- यार दीदी, आपको तो पता ही है मेरा … हमेशा बिजी होता हूँ.

उसका लंड बड़ा था और मैं आंखें फाड़कर देखती रही।फिर उसने तेज हिलाना शुरू कर दिया तो मैं समझ गई कि अब उसका पानी निकलने वाला है. हमारे मन में चोर था, इसलिए पहचान वाले दुकानों को छोड़कर दूसरे की दुकान में पहुंच कर उपहार चयन के लिए दुविधा में पड़ गए. चित्रा- हां यार … इसका बहुत बड़ा मूसल है … पता नहीं आलिया का क्या हो रहा होगा.

फिर विश्वकर्मा पूजा के दिन छुट्टी थी लेकिन सारा स्टाफ पूजा करने के लिए बुलाया हुआ था मैंने. उनमें से में एक स्ट्राबेरी फ्लेवर्स का कंडोम लेकर लंड पर चढ़ाया और वापस दीदी के ऊपर चढ़ गया. अगर आप लोगों का रेस्पोन्स अच्छा रहा तो मैं अपने साथ हुई घटनाओं के बारे में और भी काफी कुछ बताऊंगा.

ऊपर से वसुंधरा ने अपने सर के बाल खोल कर अच्छी तरह से कंघी कर के एक ढीले-ढाले से हेयर-बैंड में पिरो लिए थे. अब मैं आपको अपने एक दोस्त की सहेली की चुदाई की कहानी आपको बताने जा रहा हूं.

उसकी मादक सिसकारियों से मुझे भी जोश चढ़ने लगा और जोर जोर से उसकी चुत की जबरदस्त चुसाई में जुट गया. वो बोली- ठीक है, मगर एक बात तो बता, मनोज जीजू तुम्हारे साथ रात में कैसे करते हैं?अगर मौका मिले तो तुम खुद ही करवा कर देख लेना. खैर … मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और उनके सामने खड़े लंड हो हिलाने लगा.

मैंने पूछा- नाराज हो गई थी क्या?तो उसने पूछा- किस बात के लिए नाराज होऊंगी?मैंने कहा- फिर तुमने फोन क्यों नहीं किया?उसने कहा- टाइम नहीं मिला.

इसका अनुभव तो मेरे बहुत सारे पाठकगणों ने भी किया होगा, जिन्होंने आराम से, बिना किसी डर के, बहुत प्यार से अपने साथी को कभी प्यार किया है. मैंने भाभी के निप्पलों को मुंह में भर लिया और जोर से काटने और चूसने लगा. आते ही झाड़ू उठाया और साफ सफाई में लग गई तो मैंने कहा- ममता, साफ सफाई बाद में कर लेना, मैंने रात बड़ी मुश्किल से काटी है.

जाते हुए विवेक ने मेरे हाथ में कुछ पैसे थमा दिये और बोला- चुपचाप इनको रख लो और अपने लिए कुछ अच्छा सामान खरीद लेना. फिर हम दोनों फ्रेश हुए और खाना खाया क्योंकि उठने में ही 1 बज गया था तो नाश्ते का तो टाइम ही नहीं था।और फिर हम उसके लिए रूम ढूढने गए … अंततः उसे रूम मिल गया.

अब हम उपहार लेकर उसके दुकान से निकल गए और वो दूर तक हमें देखता रहा. बस के धचके के साथ ही वो ऊपर से उछल रही थी और मैं नीचे से धक्के लगा रहा था. अगले बीस मिनट तक कमल ने मुझे घोड़ी बना कर चोदा और मैं इस दौरान दो बार और झड़ गयी.

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इस दौरान स्नेहा भाभी की मदमस्त आवाजें मेरे कान में गूंजती रही थी- आऊऊ … ओह्ह्ह … उम्मम्म … यस यश बेबी … आह ऐसे ही चूसो … आआहह.

सीढ़ियों में अंधेरा था और संगीता वहीं खड़ी थी, मुझे देखते ही लिपट गई और मेरे होंठ चूसने लगी. मैं यही चाहती थी कि विक्की फिर शुरू करे, पर मैं बोलना नहीं चाहती थी. ये बोल कर उसने अपने बैग से टॉवल निकाला और बाथरूम में जाने लगी, तो मैंने उसे रोका और अपना शॉर्ट्स उतार कर उसे गोद में उठाया और बाथरूम में ले गया.

प्रीति ने तुरंत बैड की चादर हटाई और दूसरी चादर बिछा कर जिस चादर में खून लगा था उसे पानी में भिगो दिया. ” मैंने वसुंधरा की गर्दन पर अपने होंठ फिराते हुए अपने आइंदा इरादों को ले कर वसुंधरा को ख़बरदार किया. जूही चावला बीएफ वीडियोमैंने उसकी ब्रा उतारी और मम्मे को पीने लगा, तो वो मेरे सर पर हाथ फेरने लगी.

मैं उनकी इस बात को सुनकर हल्के से हंस दिया और लंड को अडजस्ट करते हुए बाहर आ गया. तो वन्दना नीतू से बोली- वापिस कब तक आओगी?वो बोली- 8-9 बजे तक आ जाऊंगी.

दूसरे दिन फिर उसी तरह घुड़सवारी करते हुए फॉर्म हाउस आ गये, मालिश वाला लड़का आ गया. अब आगे:फिर एक बजने वाले थे, तो उसने मुझे फोन करके कहा- मैं आ रहा हूँ … कोई है तो नहीं?मैं बोली- नहीं, कोई नहीं है … आ जाओ. ’इससे पहले हम दोनों उठ कर वहां से चलते वो पूछने लगा- कुछ काम करते हो या पढ़ाई कर रहे हो?दोनों के मुंह से एक साथ निकला- पढ़ाई.

मैंने उसकी कमर पर हाथ फेरते हुए उसे कस कर बाँहों में ले लिया जैसे मैं उसे अपने अन्दर समा लेना चाहता हूँ. आप सभी पाठक हमेशा मेरा उत्साह बढ़ाते हैं और मुझे अपनी अपनी राय देते हैं, मैं आपसे यही उम्मीद करती हूं कि मेरी सच्ची यह घटना, मेरे जीवन की सच्चाई आप पाठकों को कैसी लगी, मुझे मेरे ईमेल पर अपनी राय लिखकर जरूर भेजें।मैं आपके द्वारा भेजे गए कमैंट्स को पढ़ती हूं. दोस्तों उसके मुँह ये सुनते ही तो मैं इतना खुश हुआ कि बस उस रात को मुझे नींद ही नहीं आयी.

अब उसको क्या बताऊं कि जो बिमारी उसको हुई है उसको प्रेम रोग नहीं ‘चुत का भूत’ कहते हैं.

एक तो भैया का सुपारा इतना मोटा कि मेरे मुँह के अंदर पूरा आए ही मुश्किल से … और फिर जब हलक तक चला गया तो साँसें तो रुकनी ही थी।भैया को पता लगा कि मैं सहन नहीं कर पा रहा तो तुरंत मेरे मुँह से लंड निकाला और मुझे किस करने लगे।मैं लोड़े का स्वाद भूल पाता, इससे पहले ही भैया ने मुझे फिर से चूसने के लिए बोला. तो मैं अभी अपना तय नहीं कर पाई कि मुझे सच में तुमसे करना चाहिए या नहीं।अफ़ताब बोला- ठीक है, फिर जब तुम कहोगी, हम तब करेंगे.

संदीप ने कहा- जी … मैं समझा नहीं!तो परमीत ने और जोर से कहा- समझ जाओगे बच्चू!इस पर संदीप ने कोई जवाब नहीं दिया और वो भी शरमा कर मुस्कुराने लगा. मुझे आज असीम आनन्द की प्राप्ति हो रही थी और मैंने खुद से कहा कि गीत तुमने इसी असीम आनन्द की अनुभूति के लिए थोड़ा सा दर्द सहा है. यही सब कहते-कहते मैंने उसके मुँह से अपना मुँह लगा दिया और संदीप ने भी बिना कुछ कहे मौन स्वीकृति देते हुए मेरा साथ देना शुरू कर दिया.

मैंने उससे एक दो बातें भी की तो मुझे लगा कि किसी ने गलती से फोन मिला दिया होगा. उसके आगोश में आते ही मुझे दुनिया भर की खुशियां एक साथ नसीब हो गई थीं. आलिया भी कामुक आवाजें करते हुए अपने भाई के लंड से चुदाई का आनन्द ले रही थी.

मदर सेक्स बीएफ वो भी अब मदहोश होकर मेरे लन्ड पर ऊपर से ही हाथ फिराने लगी थी।लंड को जैसे ही उसने छुआ तो मेरी एकदम से आंखें बंद हो गयी और मैं फिर से उसकी चूचियों को पीने में लग गया. आप सभी को मेरी ये सेक्स कहानी कैसी लग रही है, प्लीज़ मुझे मेल करके जरूर बताएं.

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जब मैं उसके इस लंड से चुदती थी, तब उसका लंड 8 इंच और 2 इंच मोटा था. कुछ पल तक उसने मेरी चूत को इसी तरह से चाटा तो मेरे मुंह से अपने आप ही कामुक आवाजें निकलने लगीं- आह्ह … बिक्कू आराम से करो. दो कॉफ़ी के बड़े-बड़े मग्गों में उबलती-उफ़नती कॉफ़ी डाल कर और दोनों मग्गों को एक ट्रे में रखकर आगे-आगे वसुंधरा और पीछे-पीछे मैं … बैडरूम में पहुँचे.

मैंने कहा- उनकी चूचियों के निप्पलों को छेड़ते हुए मैंने उनसे कहा- परेशान तो आपके इस कयामती जिस्म ने मुझे कर रखा है भाभी. जिसकी मदहोश कर देनें वाली महक के कारण मैं अपने आपको रोक नहीं सका और मैंने नीचे रुख करते हुए मामी की चूत को चूम लिया. एक्स एक्स एक्स बीएफ देखने वालाएक दिन मैं और मोना मेरे कमरे में चुदाई का कार्यक्रम चला रहे थे कि हमसे एक गलती हो गयी.

हमारे घर के ताल्लुकात, उनके घर से बहुत अच्छे थे, जिसके कारण मैं उनके घर में कभी भी आज आ जा सकता था.

फिर पांच या छह दिन के बाद जब दोपहर में मैं सो रहा था तो मुझे पेशाब लगी. मेरा बड़ा साला धीरे से अपनी बीवी से बोला- बोलो मेरी संजना बहन, कैसा लग रहा है मेरा लंड चूसने में.

जब मैं थक जाता तो वो गांड हिलाती और वो थकती तो मैं अपनी कमर हिला रहा था. मोना दरवाजा बंद करके अन्दर आ गयी और बोली- उस दिन डोली ने मेरी चुदाई देखी थी … आज मैं इसकी चुदाई देखूंगी. मैं आपके लिए आगे भी इसी तरह चुदाई की गर्म कहानियां लेकर आती रहूंगी.

वो बोली- तुम ही मेरी जिंदगी के मालिक मेरे जिस्म के मालिक हो, ये जवानी अब तुम्हारी है, इसे जैसे चाहो चाटो, चोदो पेलो, लेकिन धोखा मत देना.

तुम तैयार हो न?मैं बोली- अब हो गया न … अब कितना करोगे?अभी तुमको मजा कहाँ मिला मेरी जान … अभी तो तुमको मजा देना बाकी है. आज मुझे सपना ने मेरे साथ लेस्बियन सेक्स करके बहुत ज्यादा गर्म कर दिया. मेरी वीर्य का फव्वारा उनकी चुत में गिरते ही उन्होंने अपनी आंखें बंद कर लीं और मेरे शरीर पर ढेर हो गईं.

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उन्होंने कहा- अगर किसी ने हमें यहां अकेले बात करते देख लिया, तो ऐसी वैसी बातें होने लगेंगी. उनके लंड पर उछल कूद कर रही थीं, बिल्कुल वैसे ही एक बार मेरे से भी चुद जाओ न. जैसे उसने नंबर चुराने की बात कही, मैं समझ गया, ये माल जल्दी चुदने के लिए तैयार हो जाएगी.

उसकी मोटाई भी 3 इंच हो चुकी है जो चूत को फाड़ कर रखने के लिए काफी है. मैं बोली- नहीं … रहने दो, तुम लेकर आना और ये मत लाना, अच्छे नहीं हैं. वो पूछने लगे तो चाची ने बहाना बना दिया कि चूत के झांट साफ करते हुए उनको लग गयी थी.

मैंने गौर किया कि दीदी जब पढ़ रही थी, उस वक्त उनका चेहरा पूरा लाल हो गया था और वो पसीने से पूरा तरबतर हो गई. उसने बताया कि उसका पति साहिल और सास अमृतसर किसी रिश्तेदार के यहां 5 दिन लिए गए हैं. पानी पीकर जैसे ही रेखा पलटी, मैंने वहीं रसोई में दबोच लिया और और उसकी एक टांग उठाकर रसोई स्लैब पर रख दी और अपने लण्ड का सुपारा उसकी चूत पर रखकर ठोक दिया.

अब मेरी दोनों चूचियां आज़ाद थी। मेरे दोनों नंगे बूब्ज़ को देख कर सामने वाला तो जैसे पागल हो गया और उसने मेरा एक निप्पल अपने मुख में ले लिया. करीब 15 मिनट की लंड चुसाई के बाद उसने सारा लंड रस मेरे मुँह में छोड़ दिया और मैं उसे पी गयी.

कक्क … कोई बात नहीं, इसे दिन में ऑफिस भेज दें और शाम को एक घंटे घर भी आप कहेंगी तो मैं हेल्प कर दूंगा पर … इसे मेहनत बहुत करनी पड़ेगी.

फिर बहू ने मेरी तरफ देखा, उठी और बाथरूम के अन्दर घुस गयी।उसके अन्दर जाते मैं भी दीवार की आड़ लेते हुए अर्ध खुले दरवाजे की से सायरा को देखने लगा जो अपनी चूत के ऊपर पड़ी मेरी मलाई को अपनी उंगलियों में लेती और फिर अपनी जीभ से टच करती. एक्स एक्स एक्स हिंदी चुदाई बीएफवो अंकल के लंड से चुद जरूर रही थीं पर उनको मजा की जगह दर्द हो रहा था. चाइना के बीएफ सेक्सीमेरी पिछली कहानी थीमॉडलिंग की लालच में मेरी बहन चुद गईमुझे मेरे किसी दोस्त ने ई-मेल से एक कहानी भेजी है. हम दोनों ऐसे ही मस्ती कर रहे थे, तब तक बच्चों की बस आ गई और भाभी बच्चों को लेने चली गईं.

मेरी इस हरकत से वो इतनी बेसब्र हो गई कि अपनी चूत को बुरी तरह से मेरे मुंह पर पटकने लगी.

और आलिया फिर से जोरों से चिल्लाने लगी- आहहह राज, स्टॉप इट … आह यू हर्ट मी … राज स्टॉप इट … प्लीज बाहर निकालो … मुझे दर्द हो रहा है. फिल्म के बीच में ही आंटी ने मम्मी से कहा- अब चल, इनके रूम में चल कर चुत रगड़वाते हैं. तो दीदी बोली- राज, यू आर सो फास्ट … जरा धीरे करो मेरे भाई … आहह ओह राज … प्लीज राज स्लो करो … मुझे दर्द हो रहा है.

फिर हम चारों ने गिलास उठाए और चियर्स बोल कर पैग चुसकना शुरू कर दिया. तभी प्रीति भाभी ने कहा- एक बात समझ लो, वो साधारण सेक्स नहीं चाहती … वो जोरदार वाइल्ड सेक्स चाहती है. बाल्टी की आवाज आते ही हम जैसे पहले थे वैसे ही हो गए संजय कम्बल लेकर लेट गया।फिर मैं दूध लेकर आ गई.

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उन्होंने मुझसे कंडोम देखने के लिए मांगा- दिखाना जरा कौन सा फ्लेवर है?मैंने चाची के हाथ में कंडोम का पैकेट दे दिया. पिंकी के होंठ और बोबे उसकी कमजोरी थी और दोनों का मर्दन एक साथ होते ही पिंकी बेकाबू होने लगी. इस बार मैंने सांस को छोड़ दिया था, चूत को भी सामान्य रहने दिया और पैरों को भी थोड़ा खोल लिया था.

मैंने भी उसे और तड़पाना उचित ना समझते हुए अपना लंड, जो कि पूर्णतः नब्बे डिग्री की अवस्था में खड़ा था, को अपनी बीवी की चूत में डाल दिया.

मेरी सेक्स स्टोरी में अभी तक आपने पढ़ा कि मैंने अपने एक एक्सबॉयफ्रेंड पर भरोसा किया था.

अब मुझे भी मज़ा आने लगा था उन दोनों आदमियों की हरकतों पर! और मैं भी उन दोनों की इन हरकतों को एंजाय करने लगी।अब सामने वाला मेरे थोड़ा साइड में हुआ और अपनी कोहनी से मेरे बूब्स को दबाने लगा. मुझे लंड पेलते हुए ही समझ आ गया था कि स्नेहा भाभी की चूत अब भी बहुत टाइट है. के सेक्सी वीडियो बीएफथोड़ी देर में वो अकड़ने लगी और उसने अपना पूरा पानी मेरे मुँह में ही छोड़ दिया, जिसको मैं पी गया.

मैं- अब क्यों डांटेंगी … अभी तो बोली नहीं बताओगे, तो मम्मी डांटेंगी … अब कहती हो कि बताओगे तो डांटेंगी. भाभी मेरे लंड को मरोड़ते हुए बोलीं- तेरे भाई के बाद तू दूसरा मर्द है, जिसने मुझे चोदा है. ओये सदके जावां …” उसकी शर्माने पर!और सच कहें तो यही शर्म एक स्त्री का गहना होता है.

अपनी टाँगों को अकड़ाते हुए उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी और फिर एक दो झटकों में ही उसने मेरी चीखें निकाल दी. उन्होंने कहा- ये क्या था? कहां से सीखा ये?मैंने उन्हें आंख मारी और कहा- आंटी सब पोर्न से सीखा है … कैसा लगा?आंटी- अरे सच में काफी मजा आया.

मैंने तेल लगे हुए लंड को भाभी की चूत पर लगा दिया और एक झटके में ही भाभी की चूत में घुसा दिया.

वो रास्ते में मेरे हाथों को नीचे करवाते रहे और अपने खड़े लंड के पास ले गये। मैं आराम से पीछे बैठे बैठे यही सोच रहा था कि उनको मेरी कितनी चिंता है और वो बस मेरे गिर जाने के डर से ही बार बार मेरा हाथ टाइट करवा रहे हैं. जब मैंने उससे तुम्हारे फार्म हाउस के लिए कहा, तो उसने मुझसे कहा कि हां तेरे बीएफ का फार्महाउस ठीक रहेगा, वहीं पर चलते हैं. हम लोग को जैसे ही मौका मिलता था, किस कर लिया करते थे या फिर मैं कभी कभी उसकी चूचियां दबा दिया करता था.

एक्स एक्स बीएफ वीडियो देखने वाली मैं स्वीटी आंटी के रूम की तरफ गया, तो वहां से मुझे स्वीटी आंटी की ‘आह उह उस … इस्स. इस दौरान दोनों ने मुझे संदीप के नाम से चिढ़ाया और उसे जल्दी पटाने की बात कही.

इस मदमस्त रंगीन कहानी में सेक्स का इतना धीमा मजा है कि लंड और चुत पल पल गीले होते रहेंगे. उसने हम दोनों से टिकट मांगा, पर हमारे पास रिजर्वेशन वाला टिकट नहीं था तो उसने हमें उस डिब्बे से उतरने को कहा. शायद हम दोनों ही विवाहित जीवन के कष्टमय दौर से गुजर चुके थे तो दोनों एक दूसरे का दर्द जानते थे.

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मैंने पूछा- तुमने आंख क्यों मारी?वो बोली- तुमने क्यों मारी?मैंने कहा- पहले तुम बताओ. मैंने अपने जांघिया की तरफ झांक कर देखा तो लंड के टोपे के ऊपर कामरस का धब्बा बनने लगा था. मैं- अरे चुप!रसोई में घुसती हुई मैं बोली- बेटा हमें भी काफी अनुभव है, तुम्हारा टाइम भी देखे हैं.

कुछ देर बाद हमने खाना मंगवाया और खाना खाने के बाद हम एक बार फिर से तैयार थे सेक्स करने के लिए!मुझे भी सेक्स बहुत पसंद है इसलिए मेरा भी फिर से चूत चुदाई का मन करने लगा था।मैंने उसके सोए हुए लंड को जगाने की कोशिश की. मैं उसके सिर के बालों को सहलाने लगा, तो उसने अपना मुँह मेरे सीने में छुपा लिया.

कुछ ही धक्कों के बाद स्नेहा भाभी भी जोर जोर से अपनी गांड को पीछे करने लगी थीं.

मीना को चोदते चोदते वो समय आ गया कि मेरा सुपारा फूलकर संतरे जैसा हो गया और मीना की चूत में मैंने अपने लंड का फव्वारा छोड़ दिया. मगर मैंने उसको समझा दिया कि पहली बार में ये सब होना नॉर्मल सी बात है. मैंने कहा- टाइम फिक्स नहीं कर सकता लेकिन रोज किसी भी समय एक घंटा पढ़ा दिया करुंगा.

एक ही झटके में पहले सुपारा और फिर पूरा लण्ड ज्योति की चूत में चला गया. मैंने कहा- आ जाओ मेरे पास!तो उसने कहा- आप मुझे सैलरी बहुत कम दे रहे हैं. गांड 36 इंच की तरबूज सी उठी हुई थी और क़मर तो उनकी इतनी बलखाती हुई थी कि एक झटके में ही मेरा लंड चुत में सैट हो जाता.

कुछ पल तक उसने मेरी चूत को इसी तरह से चाटा तो मेरे मुंह से अपने आप ही कामुक आवाजें निकलने लगीं- आह्ह … बिक्कू आराम से करो.

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उस दिन शाम तक मैंने अपने सारे काम जल्दी से जल्दी निपटा लिए और रात को उस अन्दर के कमरे में जाकर बैठ गया.

वो बड़ी तेज तेज स्वर में सिसकारियां लेने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… आआआ मज़ा आ रहा है. एक दूसरे के नंगे बदन से चुमाचाटी होने लगी और कुछ ही पलों में 69 में होकर लेट गए. कुछ देर लंड ऐसे ही चूसने के बाद मैंने उसका लंड अपने मुंह से निकाल दिया और उसे मेरी चुदाई करने को कहा.