ससुर की बीएफ

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बीएफ सीन दिखाओ: ससुर की बीएफ, रीना की जीभ बाहर निकल रही थी, फिर भी दीपक भैया नहीं रुके और पूरा लंड पेल कर ही दम लिया.

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गुलशन- सुमन, अरे बेटा कहाँ हो तुम?सुमन- मेरे कमरे में आ जाओ पापा… यही हूँ मैं अपनी फ्रेंड के साथ. सनी लियोन सनी लियोन सेक्सी बीएफफिर उसको सोफे पर बिठा कर चूत पर किस करना शुरू कर दिया, तो वो एकदम से सिहर उठी और मेरे सिर को अपने चूत में दबाने की कोशिश करने लगी.

कल तो तू लुल्ली बोल रही थी और अब बड़े आराम से लंड बोल रही है, इसका मतलब तुझे पहले से पता था इसको लंड कहते हैं क्यों?नीतू ने शर्माते हुए कहा- हाँ दीदी, मगर सच्ची मैंने बस सुना था और एक-दो बार दूर से देखा भी था. ओपन बीएफ देहातीमैं बहूरानी का बदन चूमते हुए नीचे की तरफ उतरा, होंठ चूसने के बाद गला दोनों दूध पेट नाभि और जांघें; इन सबको चूमते चाटते मैं उसकी गुलाबी जांघों पर ठहर गया.

मेरा तो अभी हुआ नहीं था, मैंने स्पीड को धीमा किया तो बोली- थक गए क्या?मुझे गुस्सा आया और मैं जोर जोर से चुत में धक्के मारने लगा.ससुर की बीएफ: पप्पू रूपा की कमर में हाथ डाल के कमर मसलते हुए बोला- राम टेकरी में इतनी रात क्या काम है तेरा? किसको मिलने जा रही है तू इतनी रात रूपा.

यह बात 2006 की है, जब मैं 19 साल का था और मेरी बड़ी बहन की शादी का वक़्त था.बोलो खयाल रखोगी ना?रेखा- हाँ पिंकी, जरूर रखूंगी अपने बेटीचोद बाप का ख्याल… पहले चुदाई होने तो दो.

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बहु की चूत चुदाई की कहानी आपको कैसी लग रही है?कहानी अभी जारी रहेगी.मुझे तो ऐसा लगा जैसे रेगिस्तान में प्यास से मरने वाले को झरना दिखा हो.

मैंने अंजान बनते हुए पूछा- कहां जा रहे हो इतनी रात को??इरफान- बस यहीं आस पास जरा टहल कर आते हैं. ससुर की बीएफ बहूरानी मेरे लंड से लय ताल मिलाती हुई चुदाई में दक्ष, पारंगत कामिनी की तरह अपनी चूत उठा उठा के मुझे देने लगी.

उसके बाद उन्होंने कहा- सब लाइन में खड़े हैं तू एक एक से गले मिलो और महेश को पहचानो.

ससुर की बीएफ?

आज के दिन का ज़रूर मेरी जिंदगी से कोई गहरा नाता है, दो साल पहले यही दिन था जब मैंने पहली बार किसी स्त्री को नग्न देखा था, वो भी जबरदस्त ढंग से चुदाई करवाते हुए लाइव… आज फिर से देखने का मौका मिल सकता है. इधर मैं भी एक ही झटके में अपने भाई का लंड अपने मुख में लेकर चूसने लगी. लेकिन आप मुझे बताए बिना ही वहाँ से निकल आए?वो बोला- पागल, मुझे नहीं पता था कि तू मुझे लेकर इतना सीरियस हो गया है। वैसे भी रात को नशे में था तो मुझे कुछ ज्यादा याद भी नहीं रहा कि क्या हुआ… लेकिन मजा बहुत आया तेरी गांड मार कर…मैंने कहा- कोई बात नहीं, आप मेरे साथ हो और मैं आप को जब चाहे टच कर सकता हूँ, आप से बात कर सकता हूँ, इतना ही बहुत है मेरे लिए।मेरी बात सुन कर वो खामोश हो गया.

उनके मुँह से हल्की सी आह… निकली और उन्होंने लंड का मजा लेना शुरू कर दिया. चूंकि मैं उस वक्त छत पर था, तो मैंने देखा कि नीचे मौसी नहा रही हैं, उनके बदन पर सिर्फ एक सफेद रंग का पेटीकोट था, जिसे वो अपनी चूचियों तक चढ़ाए हुए थीं और मग्गे से पानी डालते हुए नहा रही थीं, पानी से उनका पेटीकोट भीग कर पारदर्शी हो गया था. वह बोला- जब तुम भीड़ में मेरे पास खड़े मुझे छू रहे थे, तभी मुझे कुछ गड़बड़ लग रही थी और फिर ये साला लंड भी मानता नहीं है यार.

मैं हर 5 से 7 मिनट बाद ही झड़ जाती थी लेकिन वो झड़ने का नाम नहीं ले रहा थ. फिर मैंने अपने दोनों हाथों से मॉम को पकड़ लिया और मेरे हाथ अपनी मॉम के मम्मों पर जम गए थे. फ्लॉरा- यार सच बता उनका सच में बहुत बड़ा है क्या?सुमन- हाँ, बहुत बड़ा है; अगर अभी वो होते ना तुझे मैं दिखा देती.

रंजु ने गजब का साहस दिखाया और हम दोनों भाई के बीच आकर बेड पर जम गई और मोबाइल पर चलती फिल्म दिखाने को कहा. दोस्तो, जो भी आगे होगा, जरूर बताऊंगा तब तक के लिए नमस्कार, मेरी ये कहानी कैसी लगी आपको, आप ईमेल जरूर करना.

तभी ड्राइवर बोला कि गाड़ी खराब हो गई है, दूसरी गाड़ी आएगी तभी आप आगे जा सकते हैं.

मेरे तन-बदन में एक अजीब से हलचल हो रही थी, मैं दोनों हाथों से अपनी नर्म नर्म चूची दबा रही थी.

दो मिनट तक ऐसे ही लगा रहा, फिर दाईं चूची को भी उतने ही समय तक चूसता रहा, जब तक मेरा मन नहीं भरा. वो सामने मेरे पूरी नंगी पड़ी थी, उसकी चूत एकदम चिकनी थी, वो पहले से अपनी चूत को चुदाई के लिए तैयार करके लाई थी, उसे पता था कि आज उसकी चूत चुदाई होना निश्चित है. मैं बाथरूम गया और जाने के लिए तैयार हुआ तो शिवानी कहने लगी- अभी थोड़ी देर और रुको.

मुझे अपनी चूत चुदवाने की तलब सी लगी रहती थी लेकिन कोई लंड मेरी चूत को मिल नहीं रहा था. मैंने पूछा- इसे तुम्हारा लंड अपनी चुत में लेने में तकलीफ़ नहीं होती. अब पप्पू ने पल्लू के नीचे से अपना हाथ रूपा के मम्मों पे रखते हुए कहा- दूसरा रास्ता बड़ा दूर का है भाभी, तुम चाहो तो मैं छोड़ूंगा तुमको राम टेकरी, मैं मर्द हूँ, मेरे साथ कबीर मोहल्ले से आओगी तो कोई नहीं छेड़ेगा तुमको.

भाभी ने नीचे मेरे लंड को हाथ में लेकर अपने मुँह में ले लिया और मस्त रंडी की तरह से चूसने लगी.

वो दोनों मेरी स्टूडेंट थीं, जिन्हें मैं चौक स्थित कंप्यूटर सेंटर में पढ़ाता था. फ्रीज़ तो उसके पीछे ही था, फिर भी मैं गया और फ्रीज़ से सब्जी निकाली और उसके पीछे खड़ा रहके सिर्फ़ हाथ उसके आगे किया, तो मेरा हाथ उसके मम्मों से छू गया. अब मैंने उसकी पिंडलियों पे हाथ रख के उसकी नाइटी को ऊपर सरकाना शुरु किया क्योंकि आज की फेंटेसी सेक्स की नहीं बल्कि किसी अज़नबी को नग्नता दिखाने की थी.

उईईईई… माँ… मर गयी…” बुआ हौले से कराही लेकिन जीजाजी उनकी कराहट को नज़रअंदाज करते हुए बिना रुके पेलते रहे. उस पूरी रात हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे की बांहों में एक दूसरे को प्यार करते हुए पड़े रहे, नंगे ही सो गए और जब सुबह उठा तो मेरा लंड खड़ा था, मैंने शीतल दीदी… ओह दीदी नहीं शीतल को जगाया और एक बार चुदाई की. नयी नयी रंगीन तितलियां टाइट जींस टॉप पहले हुए, टॉप में से अपने मम्मों का नजारा दिखलातीं हुई, हाथ में बड़ा वाला स्मार्ट फोन लिए अपने मम्में मटकाती इठलाती हुई घूम रहीं थीं.

मैंने बोला- जीजू तो साला गे है, लेकिन मैं एक मर्द हूँ और तू मेरी बीवी है.

चुदाई के जोश में कई बार वो प्रेग्नेंट हुई मैं उसे टेबलेट्स दे देता और हम बच्चा गिरा देते. मेघा बेबी रात भर ले लेगी… थकेगी तो नहीं?”नहीं थकूंगी अंकल, आप अभी मुझे यहीं हाईवे पर कार में चोदिये न!”जानती है बेबी मैंने तुझे बीस हज़ार रूपए क्यों दिए हैं.

ससुर की बीएफ वह बोली- राज! एक मिनट रुको, मैं तुम्हारा हथियार देखना चाहती हूँ, पिछले एक घंटे से मैं तुम्हारी फूली हुई पैंट देख रही हूँ, प्लीज, एक बार पहले दिखाओ. पहले मैं आप को अपने बारे में बता दूँ मेरी हाइट 5 फुट 8 इंच है और मेरी एथेलीट बॉडी है और दिखने में बहुत स्मार्ट हूँ.

ससुर की बीएफ उस वक्त मेरी उम्र 31 साल थी।दोस्तो! मेरी पिछली कहानीपड़ोसन भाभी को फ्री स्पर्म डोनेट कियामें आपने पढ़ा कि मेरी पड़ोसन वैशाली को मैंने सीधा स्पर्म डोनेट किया. पर ये समझ में नहीं आया कि घर पर तो मेरी तरफ देखती नहीं थीं और आज कपड़े फाड़ कर चुदवा रही हो?मैं बोली- जब लड़की की चूत को कोई भी चिपचिपा बना दे तो वो उस बंदे से वो चुद कर ही रहेगी, चाहे कोई भी हो.

जन्नत का अहसास है गांड चुदाईइसके बाद तीन दिन तक मेरी गांड में मीठा मीठा दर्द होता रहा.

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जब बेबी के रोने की आवाज से आंटी नहीं उठीं, तो मैंने आंटी को जगाने की कोशिश की, लेकिन बेकार. मैंने फिर से लंड चूत में डाला और झटका लगा दिया और हम एक दूसरे की बाँहों में झूल रहे थे, वो मेरी पीठ पर अपने नाख़ून गड़ा रही थी. मुझे तो जैसे जन्नत ही मिल गई थी क्योंकि नेहा दी का फिगर क्या बताऊँ… वो एकदम गोरी थी, उनका मांसल शरीर एकदम लचीला था, जब वो ठुमक कर चलती थीं, तो उनकी चुचियां और गांड ऐसे हिलते हैं कि कलेजा मुँह में आ जाता है.

फिर सुरेश ने धीरे से अपनी जीभ काजल के चूत में घुसा दिया और मानो काजल इस वार के लिया जैसे तैयार नहीं थी. सुमन- नहीं पीनी थी तो आपने ये ली ही क्यों?पापा- उसने ज़िद की, तो ले ली. जब वो ऊंची ऐड़ी की सैंडल पहन कर चलती तो उसकी वो गांड बड़ी मस्त ठुमकती थी.

तभी शिशिर अपना एक हाथ नीचे लाया और मेरी शलवार का इजारबंद खोल कर उसे सरका दिया और मैं नीचे से एकदम नंगी हो गई.

अब संजय का खुद पे काबू नहीं था उसकी नसें फूलने लगी थीं और एक के बाद एक पिचकारी उसके लंड से छूटने लगीं, जो पूजा की गांड में मलहम का काम कर रही थीं. भाभी बिस्तर पर अपने घुटने और हाथ टिका कर घोड़ी बन गईं तो अब मेरे सामने उनके गोर चिकने चूतड़ उठे हुए थे, मैंने भाभी के चूतड़ों को चूमा, उन पर हाथ फिराया, सहलाया, चूतड़ों की दरार ने उंगली फिराई. कभी कभी रीना को उसकी पहले दिन की चुदाई की वीडियो दिखा कर मैं आज भी उसे चिढ़ाता हूँ.

मैंने नेहा की गांड में अपनी एक उंगली डाली तो नेहा बोली- उई जीजू नहीं, यहाँ मत करो प्लीज़…मैंने कहा- देखो बेबी, मैं ध्यान से करूँगा, अगर तुझे मजा न आए या पेन हो, तो मैं नहीं करूँगा. मैंने आंटी का सामने से खुलने वाले गाउन के बटन खोल कर एक बूब बाहर निकाला और बेबी के मुँह में लगा दिया, लेकिन बेबी बहुत छोटी थी और आंटी के बूब बहुत भारी थे. मैं तो उसकी मानसिक स्थिति से वाकिफ था लिहाजा मैंने हिम्मत करके उसका चेहरा पकड़ लिया और पूछा- क्या बात है? कोई परेशानी है?वो फिर चुप रही तो मैंने पूछा- मैं ना जाँऊ आज?उसने आँखों से संकेत किया कि हाँ मत जाओ.

उसने कहा- ये क्या कर रहे हो आप?मैंने कहा- कुछ नहीं जान, मजा ले रहा हूँ, दे भी रहा हूँ. मैं पूरी तन्मयता के साथ बहूरानी की जांगहें और चूत का त्रिभुज चूम चूम के चाटे जा रहा था और बहूरानी अपनी एड़ियाँ बेड पर रगड़ते हुए कामुक सिसकारियां निकाल रही थी.

चूँकि विनीता अब स्वतंत्र थी लिहाजा अपने एनजीओ की जॉब के साथ जयपुर में अकेले ठाठ से रहती थी. एक दिन मेरी छोटी बहन वर्षा मुझ से बोली- दीदी, तुम्हारी ये हरकतें अच्छी नहीं हैं. मैंने झट से उनके बदन से उनकी टी-शर्ट को अलग कर दिया और अपनी टी-शर्ट को भी उतार दिया.

अब तक लंड चुसाई का मजा लेता हुआ उस्मान भी ज्यादा टिक ना सका और उसके लौड़े ने लावा उगल दिया.

अब बाथरूम के दरवाजे से लॉक निकल जाने से उस छेद से बाथरूम के अन्दर का सीन दिखने लगा था. बुर की चटाई तो चल ही रही थी कि बोनस में गांड में भी मामी का अंगूठा भीतर बाहर होने लगा था. मैंने पूछा- यहाँ फिर किसी का वेट कर रही हो क्या?वह बोली- जी नहीं… मैं अपनी तन्हाई दूर करने आई हूँ.

बात करते वक्त वो नीता का पूरा जिस्म निहारता और नीता भी बिना कोई डर या शर्म के उसके सामने बैठ कर बात करती थी. समीर मेरे लंड की मालिश करने लगा, जिससे हम दोनों की सांसें गर्म होने लगीं.

शादी में हम लोगों की ज़्यादा बातें नहीं हो पाईं लेकिन हम लोगों की नजरों ने बहुत कुछ बातें की, जिसका फायदा मुझे उस वक़्त मिला जब मैं अपनी बुआजी के घर गया. उनके पतले से भीगे हुए पेटीकोट में से पेंटी की रेखाएं भी दिख रही थीं. लेकिन मैंने जैसे ही अपनी आँखें खोली तो मेरे देवर का चेहरा मेरे सामने था.

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इस बीच वो बहुत गर्म हो चुकी थी, जिसका अनुमान उसकी साँसों के फूलने और पैरों के फैलने से लगाया जा सकता था.

मैं आंटी के ऊपर आकर दोनों हाथों से उनके मम्मे मसलते हुए मम्मे चूसने लगा. रूपा का ज्यादा से ज्यादा क्लीवेज चाटते हुए पप्पू ने अपना मुँह रूपा के ब्लाउज में घुसाया, जिससे रूपा के ब्लाउज का एक हुक टूट गया और रूपा का ज्यादा क्लीवेज नंगा हो गया. कुछ देर बाद मैंने अपनी बहन की पैन्टी के अन्दर हाथ डाल कर उसकी चूत को मसलने लगा.

कल तो तू लुल्ली बोल रही थी और अब बड़े आराम से लंड बोल रही है, इसका मतलब तुझे पहले से पता था इसको लंड कहते हैं क्यों?नीतू ने शर्माते हुए कहा- हाँ दीदी, मगर सच्ची मैंने बस सुना था और एक-दो बार दूर से देखा भी था. ” उसने ईशा से कहा और अपनी कुर्सी पर बैठ गया।ईशा ने अपनी पीठ कुर्सी पर लगा दी और आँखें बंद कर ली जल्दी ही उसे नींद आ गयी। विक्रांत उसके ऊपर नीचे होते सुडौल वक्ष को देख रहा था. भाई-बहन की बीएफ वीडियो हिंदी मेंलेकिन उन्होंने मुझे लात से मारना शुरू कर दिया।उन्होंने बोला- बता सब कुछ सही सही.

मैंने देखा कि माही मेरे लैपटॉप में ब्लू-फिल्म देख रही है और उसने अपने सारे कपड़े उतारे हुए हैं. सुबह जब आँख खुली तो काम वाली लड़की चंदा, जिसके पास नीचे सीढ़ियों की एक चाबी होती थी, वह हर रोज़ की तरह कमरे में आ गई और उसने हम दोनों को बिल्कुल नंगे एक दूसरे की बाहों में देख लिया। वह हमें देख कर फ़ौरन बाहर निकल गई और किचन में काम करने लगी। परंतु जाते हुए कमरे से सारे बर्तन ले गई.

मैं जुबान की नोक से उस के दाने को सहलाता रहा, फिर जुबान उसकी चूत में घुसेड़ने लगा. मेरी माँ की चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर बतायें, मेरी ईमेल आईडी है[emailprotected]. अरे, मैं इन सब बातों के बीच आपकी इस कहानी के एक जरुरी पात्र से परिचय करवाना ही भूल गया- मोहन लाल.

थोड़ी देर बाद अर्चना के सलवार सूट को मैंने उतार दिया, मेरी मस्त बहन ने अन्दर काली ब्रा और काली पैन्टी पहनी हुई थी. उस टाइम मुझे नशा चढ़ चुका था और मेरी सोचने समझने की ताक़त कम हो चुकी थी. फ्लॉरा वहां से वापस सुमन के पास चली गई और काफ़ी देर तक दोनों बातें करती रहीं.

गुलशन जी पर कोई असर नहीं हुआ उन्होंने लंड को पूरा बाहर निकाला और एक जोरदार झटका मारा, अबकी बार पूरा लंड चुत में समा गया.

तो वो कहने लगी- जब इसमें इतना दर्द हुआ तो उस में तो बहुत ज्यादा होगा. अब बैग में से क्रीम निकाल कर बहुत सारी कोल्ड क्रीम को उस की गांड के छेद पर लगा दिया और ब्रश से गांड के छेद पर क्रीम को अन्दर बाहर करने लगा.

गुलशन- याइह… ये क्या कर रही हो फ्लॉरा तुम?गुलशन जी की आवाज़ सुनते ही फ्लॉरा एकदम घबरा गई, वो कुछ बोल ना सकी. उसकी अपने पति से भी इसीलिए नहीं बनी क्योंकि विनीता बिस्तर में उसके नीचे आ कर चुदवाने को तैयार नहीं थी और लंड की सवारी ही गाँठना चाहती थी. उस दिन वो मेरे साथ सिर्फ़ 3 घंटे रही थी मगर उस दौरान 4 बार हम दोनों ने ओरल सेक्स किया.

मैं एक हाथ से उसकी चूची मसल रहा था और दूसरे से उसकी चूत का दाना रगड़ रहा था. अगर तुम तुम्हारी बहन से सेक्स करते हो और मैं भाई बहन सेक्स की रिकॉर्डगिं कर लूँ तो फिर तुम्हारी बहन के पास N. इनकी बातें चल रही थीं, तभी वहां गुलशन जी आ गए और तीनों को देखकर खुश हो गए.

ससुर की बीएफ मामी ने भी मेरे लंड को हिलाना शुरू कर दिया और फिर लंड को मुँह में लेकर करते हुए चाटना शुरू कर दिया. सलमा खुद उस अजनबी की बर्थ पर चली गई थी और मेरी तरह उसके साथ मजा ले रही थी.

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नीचे बैठा राम किसी पिल्ले की तरह मामी के दोनों चुचों को चूसकर लाल किए जा रहा था. सुबह के पांच बजे तक हम चुदाई करते रहे और फिर ऐसे ही एक साथ नंगे सो गये. मैं अभी तक झाड़ा नहीं था, मैंने उनके मुँह में अपना लंड डाल दिया और आंटी पूरे मज़े से लंड चूसने लगी.

दीदी मेरा लंड देखकर बोलीं- आज तो तेरा लंड और भी बड़ा और कड़क दिख रहा है. मैं तो एकटक उसे ही देख रहा था कि कुछ ही देर में दूसरी परछाई भी आई और उसने कुछ खुसुर फुसर की सी आवाज में कहा- भाभी कहाँ हो?तो मुझे लगा कि यह तो मेरे चाचा की आवाज है. देसी भाभियों की सेक्सी वीडियोऔर ये बात भी सच थी कि उस हादसे के बाद जब इरफान के साथ मैंने सेक्स किया था तो उसमें मैं पूरी तरह सेटीस्फाइड नहीं हुई थी और चाचाजी को देखते ही मेरी चुत ने अपने आपको खुद ही सेटीस्फाइड कर लिया था.

जब मैंने भाभी को अपनी दोस्ती की कसम दी, तो उन्होंने बताया कि प्लीज किसी को बताना नहीं यार सैम.

मैंने सोचा कि वो साला तो बाहर चुदाई करके मजे करता फिर रहा है, मैं भी क्यों ना मजे करूं. मेरी चुत ने भी अब जय के लंड से हार मान ली थी और अपना मुँह खोल कर उसके लंड को पूरा रास्ता दे दिया.

मेम ने चित्त लेटते हुए चुत खोल दी और बोली- ले आ जा मादरचोद चाट ले मेरी चुत का रस…मैं मेम की चूत में उंगली डालने लगा, फिर जीभ डालने लगा. मामी की गोरी चुत चोदते हुए मेरी नजर अर्चना से मिली तो वो मुस्कुराने लगी और मुझे उसकी मुस्कुराहट से जान में जान आ गई. फिर चाचा जी ने मुझे अपनी गोद में उठाया और बेड पर डाल कर मेरे ऊपर आ गए.

मैं अगर लड़कों की भाषा में अपने बारे में कहूँ तो मैं एक अच्छा ख़ासा माल हूँ.

फिर उसने बताया कि उसने मेरा नम्बर बहुत मुश्किल से निकाला है और वो अब मेरे ही शहर में रह रही है. लेकिन दोस्तो, मुझे इन सब बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन किससे चुद रहा है. अब मैं खिड़की के पास गया और पर्दा काफी सारा खिसका दिया, वो खिड़की के शीशे के एक दम बाहर ही खड़ा था, बाहर घुप्प अँधेरा था, रूम में रोशनी थी तो इस लिए वो अँधेरे में रह कर भी अंदर के सभी नज़ारे साफ़ साफ़ देख सकता था.

সানি লিওন বিএফ এইচডিमिन्नतें तो क्या मेरी जान… मैं तो तेरा गुलाम हूँ… चाहे तो मुझे अपनी सैंडल की नोक पे रख… और अगर मुझे अपनी सहेलियों की चूत दिलवायेगी तो तू कहेगी तो तेरे सैंडलों के तलवे तक चाटूँगा. फिर वाशरूम में जाकर सभी ने अपने आप को साफ़ किया और कपड़े पहन कर बातें करने लगे.

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कुछ देर में मेम के चीखने की आवाज आई, मैं भागा… और छत पर जाकर देखा कि मेम पूरी भीग चुकी थीं और रो रही थीं. भाभी का ब्लाउज मैंने पूरा उतार दिया तो मैंने देखा कि भाभी ने अन्दर भी मेरून कलर की ब्रा पहन रखी थी. इतने में मैंने ही उससे कसके हग किया और आजू-बाजू कोई को ना देख कर उसके गांड को फील किया.

अब रंजु को दीपक भैया का लंड चुसते देखकर रीना ने प्रतिरोध कम कर दिया. फ्लॉरा- आपके इस अजगर को शांत करते करते मेरे बिल का क्या हाल होगा, इसका अंदाज़ा भी है आपको? फिर उसकी तड़प का क्या होगा, उसको कौन शांत करेगा?गुलशन- फ्लॉरा मैं समझ गया कि आग दोनों तरफ़ बराबर लगी है. वीरू- यार तू अपना बदला बाद में लेते रहना, पहले हमको मज़ा करवा देना बस.

गार्ड कुछ आवाज सुनकर हमारी दिशा में बढ़ने लगा और उसने जल्दी से पैंट ऊपर की और मुझसे भी उठने को कहा. फिर नेहा दीदी को मैंने डॉगी वाली पोजीशन में करके उनकी चूत में पीछे से अपना लंड घुसेड़ दिया. लेकिन एक दूसरा तूफ़ान मेरे दिमाग में चलने लगा कि अब मामी के घर कैसे जाना है.

मैं आपको यह बताना भूल गया कि भाभी के पूरे शरीर में सबसे खूबसूरत उनकी गांड और उनके चूचे ही हैं. साथ में उस के प्लाजो में टांगों के बीच उभरी उस की पकोड़ा सी चूत को हाथ से सहला रहा था और साथ ही उस के पटों पर हाथ फिरा रहा था.

मैं एक निप्पल को मुँह में भर के जोर-जोर से चूसने लगा और एक हाथ से दूसरे चुचे को दबाने लगा.

तो इसका श्रेय फिर से उस इंसान को जाएगा जो शायद स्वर्ग में अपनी जगह पक्की कर रहा था. नेपालन बीएफ सेक्सीमैं पहली बार उनके सामने नंगी हुई थी।मैं अपनी सास के ऊपर चढ़ गई और फिर से किश करने लगी, वो भी मुझे किश करने लगी. साली की चुदाई दुकानउसके हाथ दीवार पर टिके हुए थे और वह अब किसी जिम में लगाये जाने वाले पुश-अप वाली स्थिति में था. फिर चूड़ियों की आवाज़ से ही मेरी नींद खुली… घड़ी देखी, चार बज रहे थे, मैंने रस्सी पर टाँगे कपड़ों के बीच से झाँका तो मेरी सिसकारी निकलते निकलते रह गयी.

मामी ने रेणु को खींच कर उसके अधर पर अपना होंठ रख दिए और धीरे धीरे चूसना शुरू कर दिया.

मैं ऑफिस जाने के बहाने से घर से निकला और सबके जाने के बाद मैं वापस घर कर तरफ मुड़ गया. ड्राइवर बोला- धन्यवाद साहब!इतने में आगे वाले अंकल पीछे को झुक कर सीधे मेरे होंठों को चूमने चाटने और चूसने लगे और किनारे वाले अंकल मेरे दोनों बूब्स को अपने हाथ से दबाने लगे. करीब एक महीने के बाद दिसंबर में क्रिसमस की छुट्टियों में 7 दिन के लिए हमारा शिमला कुल्लू मनाली जाने का प्रोग्राम बना.

पलंग की चरचराहट और हम दोनों कामुक सीत्कारें कमरे को मादकता से भरे जा रही थीं. बीच बीच में मैं उसकी चूत के दाने को थोड़ा जोर से दांतों में दबा लेता जिससे बहूरानी उत्तेजना के मारे उछल जाती और मेरे बाल मुट्ठी में भर लेती. जल्द लौटूंगा अपने गाण्डू जीवन की कहानी के किसी नए किस्से के साथ![emailprotected].

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अब आप सबको अपने अपने कमेंट्स मेरी नीचे लिखी मेल आई डी पर जरूर लिख भेजने हैं और अपने अमूल्य सुझाव देने हैं ताकि मैं अपनी अगली कहानियों में उचित सुधार कर सकूं. वो दोनों नहा कर नंगी ही बाहर आ गईं और बाबा की कामुक नज़र नीतू पर जम गई. उसका छोटा भाई अमन एक किताब पढ़ा रहा था और उसका लंड उसके हाथ में था, वो किताब पढ़ पढ़ कर मुठ मार रहा था.

लेकिन इस तरह से हम दोनों को ही मजा नहीं आ रहा था तो मैंने उसकी टीशर्ट ऊपर करके निकाल दी.

मैं हंस कर बोला- बहुत फड़क रही है चूत तेरी, क्यों ठरकी हो रही है साली.

मैं अपने दोनों हाथ से उनकी एक चुची दबा रहा था और एक चूची के निप्पल को दांत से काट रहा था, जिससे उनको भी बहुत मजा आ रहा था. वो मेरे पास आई और लंड को हाथ से पकड़ कर मेरे होंठों में होंठ डाल दिए. ब्लू फिल्म चोदने वाली ब्लू फिल्मउन्होंने अपना पेटीकोट अपने दाँतों में दबा के अपना ब्लाउज निकाला और फिर जैसे ही सूखा हुआ दूसरा पेटीकोट उठाने के लिए झुकीं, तो उनके दाँतों में दबा हुआ पेटीकोट दाँतों से निकल के नीचे गिर गया और आंटी पूरी तरह से नंगी मेरे सामने खड़ी थीं.

कुछ देर लंड चूसने के बाद कविता को मैंने घोड़ी बना दिया और खुशी की चूत पर कविता का मुँह लगा दिया. दोस्तो जो मेरी पड़ोसन थी बिल्कुल कयामत थी, उसको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था और दिल करता था कि अभी उसकी चुत में लंड डाल दूँ. मैंने काफी देर उस के चूतड़ों को सहलाया, उन पर किस किया और फिर चूस, काट कर आठ दस जगह नीले निशान बना दिए.

अन्तर्वासना की हिंदी सेक्स स्टोरीज मुझे बहुत पसंद हैं, इन्हें पढ़ने के बाद मेरी भी इच्छा हुई कि मैं भी अपने जीवन की सच्ची सेक्सी घटना आप सब लोगों के साथ शेयर करूँ. फिर जब मैं उसके घर से निकला तो वापस उसने मेरे आँख पर पट्टी बांधी और मुझे लेकर चल दी.

अभी आधे घण्टे में मेरे दोस्त भी आते होंगे, आज हमारे पास पूरे 8 घण्टे हैं… खूब एन्जॉय करेंगे.

मैं टीचर को चूमता रहा और फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी कमर में डाल लिया और उनका फेस अपनी तरफ़ घुमा कर उनके होंठों को चूमने लगा. फिर मैं बैंगन को गांड के छेद पे रख कर अंदर की ओर ठेलने लगी लेकिन बैंगन में वेसलिन लगी होने के कारण बार बार फिसल जाती थी बहुत कोशिश करने के बावजूद बैंगन थोड़ी से भी अंदर ना घुस पाई और आख़िरकार बैंगन टूट गयी. मैं बाहर निकला गाँव के अंदर का रास्ता काफ़ी लंबा था परन्तु शॉर्टकट वाले सीधे रास्ते में खेतों से होकर गुज़रना पड़ता था.

ओके गूगल ब्लू फिल्म मैं बाथरूम में गया तो मॉम की 38 इंच की चूचियां मेरे सामने थीं, मगर मॉम ने सलवार पहन रखी थी. रेखा की चूत एकदम गुलाबी गुलाबी थी, जो सामने शीशे में बंद खुल होते हुए दिख रही थी.

उसकी चूत अब खूब रसीली हो उठी थी और लंड बड़े आराम से मूव करने लगा था. उससे मिलने के बाद मेरा लंड पूरी पार्टी में टनटनाया ही रहा और मैंने पूरे समय उसका चक्षुचोदन किया. मैंने वैसे ही किया, मेरी गांड ऊपर को उभर आई, उसने मेरी गांड को थूक से भरा और अपना लंड डाल दिया.

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होटल में पहुँच कर मैंने एक रूम बुक किया और चाभी लेकर हम अपने रूम में जाने लगे. मैंने उनके दोनों चूतड़ों को हाथ से फैला कर हल्का धक्का दिया तो इस बार मेरा लंड लगभग दो इंच उनकी गांड में घुस गया. मैंने गहरी साँस ली समझ गया था बेगूसराय वाली ममता को अब लौड़ा पक्के में चाहिए.

चुदाई के जोश में कई बार वो प्रेग्नेंट हुई मैं उसे टेबलेट्स दे देता और हम बच्चा गिरा देते. अब मुझमें मौसी को चोदने की बात घर कर गई थी, पर रिश्ता ऐसा था कि कुछ कर नहीं सकता था.

मुझे एक डर ये भी था कि कहीं मैं झड़ न जाऊं लेकिन मेरे लंड ने मेरी और अपनी दोनों की ही लाज रख ली थी.

मैंने फिर से चूत को अपने हाथों से खोला और चूत के भीतर का जायजा लिया. कुछ कपल तो लाइव वीडियो के समय मुझ से पूछते हैं कि अरुण बताइये आज मैं क्या क्या दिखाऊँ और कैसे कैसे दिखाऊँ. हम चाह रहे थे कि वो फ्लैट सिर्फ हमको मिले लेकिन हमारे एड्वोकेट ने हमको कहा कि मेरे पति की बड़ी बहन की N.

मैंने एक-दो बार नॉक किया- खोल खोल!मगर वो बोली- जाओ भैया यहाँ से…मैं बहुत गुस्से में था. जब भी उनके घर जाता तो उनके बड़े मम्मों को घूरता रहता और उनकी मोटी गांड के नजारे भी देखता था. अब मैं आंटी के होंठ पर किस करने लगा और धीरे धीरे उनकी पीठ पर हाथ फिराता रहा.

फटे ब्लाउज़ में बिना ब्रा के सीने को गंदी साड़ी में लपेट कर, साड़ी बिना पेटीकोट के, पैंटी पर बाँध कर वो घर आई.

ससुर की बीएफ: सामने से आती हुई गाड़ी की रोशनी में चाचाजी अपनी हवसी नजरों से मुझे घूर रहे थे. मैंने कहा- क्या हुआ?तो बोली- गुदगुदी हो रही है!मैंने फिर जीभ से उसकी चूत चाटने लगा, उसकी चूत से नमकीन पानी निकलने लगा, मैंने जीभ से चाट से साफ कर दिया, वो बोली- और चाटो जीजा जी, बहुत अच्छा लग रहा है, आई लव यू… जीजा जी, आप मुझे भी चोदना जैसे बड़े जीजा जी दीदी को चोदते हैं।मैंने कहा- क्यों नहीं, मैं भी तो यही चाहता हूँ.

मेरी चूत रिसने लगी थी और बहुत जल्द मैंने रस छोड़ दिया, जिसे सबने मिल बात कर चाट लिया. अब मामी इतनी गर्म हो रही थीं कि उन्होंने मेरे लंड को तुरंत अपने मुँह में ले लिया. उसने मुझे इस तरह से पकड़ रखा था कि मैं जरा सा भी हिल डुल नहीं पा रही थी.

संजय ने बरखा को अपना लंड चुसवाया ताकि वो गीला हो जाए और उसकी चुत में ठीक से घुस जाए.

अल्का ने मेरे हाथ भी पकड़ लिए और बोली- थोड़ी देर दर्द होगा फिर जिंदगी में कभी नहीं होगा. मैंने प्रीति से पूछा- कैसा टेस्ट था मेरे रस का?प्रीति कहने लगी- बहुत मजेदार था. चुदते चुदते मैं बेहोश हो गई मगर वो हवस के पुजारी मेरे बेजान जिस्म से ही अपनी प्यास बुझते रहे और फिर थक हार कर मेरे आजू बाजू नंगे ही सो गए.