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मैंने उसकी गांड में सीधे लंड डालने की बजाय उसको दूसरे तरीके से उत्तेजित करना था. एक्स मराठी बीएफमैं उसको तुम्हारे साथ सेक्स के लिए कैसे तैयार करूंगी?वो बोले- वो तुम्हारा काम है.

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इतना बोल कर जेठजी फिर से चुप हो गए और उन्होंने फिर से अपना सर नीचे कर लिया.बाद में जब मैं उसकी जिंदगी में आयी और मयूर को भी उसकी माशूका की तरह टाइम देने लगी.

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थोड़ी देर बाद मैंने उसे खड़ी होने को कहा तो वो बोली- रोक क्यों दिया जीजू? बहुत मजा आ रहा था तुम्हरा केला चूसने में!मैं बोला- डार्लिंग, मुझे भी तो तुम्हारी चूत के पानी को चखना है.

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उन्होंने पूछा- कहाँ जा रही हो?मैं बोली- सर मॉल जाना है!तो सर बोले- चलो मैं भी वहीं जा रहा हूँ. फिर श्वेता दीदी दीदी को छेड़ते हुए बोली- ऐसे भी तो सब खोलना ही पड़ेगा … कुछ भी पहन लो. वीडियो में भी वो आदमी एक औरत की गांड चुदाई जबरदस्त तरीके से कर रहा था और वो औरत मजा लेकर उस चुदाई का आनंद ले रही थी.

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तभी वो पलटी और वैसे ही लेटे लेटे टीवी को ओर देखने लगी और अपने हाथों से मेरे अंडे सहलाने लगी जैसे चेक कर रही हो कि कितना भरा पड़ा है और!अभी मेरा हाथ उनके उरोज पर ही था जिसे मैंने दबाना चालू रखा और 1-1 सेकंड में अपनी धार छोड़ने लगा, हर पिचकारी पे मामी हल्का झटका खा रही थी. मैंने शर्ट के तीन बटन खोल कर उसे मम्मों के नीचे तक सरका दिया, जिससे मेरी ब्लैक ब्रा दिखने लगी. बहुत प्यासी हूं मैं मेरे राजा।अभय ने अपने लन्ड का गर्म गर्म लावा एकदम से तेजी के साथ मेरी चूत में उड़ेल कर भरना शुरू कर दिया.

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ऐसा करते करते मैंने अपनी उंगली से उनकी चूत की दरार को हल्का हल्का सहलाना शुरू कर दिया.

शान ने मुझे इशारा किया और मैंने उसके लंड को अपनी माँ की चुत में सैट कर दिया.

अंत में चाची ने हाथ जोड़ लिए और बोलीं- मेरे बाप … अब तो छोड़ दे मुझे … अब मुझसे चला भी नहीं जाएगा. उनके मुंह से एक चीख निकल गयी लेकिन उन्होंने अपने नितम्बों को उछाल कर उनका स्वागत किया. मैं उसके दूध मसलने लगा, तो वो फिर से लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.

मैंने सुहास का लंड अपने हाथ में लिया और पहले के जैसे अपनी चुत पर सैट करके धच से उसके लंड पर बैठ गयी. 15-20 मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद प्रिन्स बोला- भाभी मेरा होने वाला है, कहाँ गिराऊँ?नीता बोली- अंदर ही गिरा दो!8-10 जबरदस्त धक्कों के साथ प्रिन्स ने अपने माल नीता की चूत में गिरा दिया. मैंने कभी सोचा ही नहीं था कि मैं भी एक दिन आप लोगों के सामने अपनी कहानी पेश करूंगा.

मुझे दर्द हो रहा था, मेरे मुंह से ‘आहह हहह बाबू … आराम से … आहहह हहह!’ निकल रहा था.

उन्होंने खींच कर मुझे ऊपर किया और मेरे होंठों को अपने मुंह में कैद कर लिया. मुझे इसके बाद बाहर आने में शर्म आ रही थी, फिर भी बाकी सबकी हरकतें याद करके लगा कि मुझे शर्माने की जरूरत नहीं है. मैंने ये चुदाई अपने जीजा के साथ ही करवाई थी और ये सब शादी से पहले ही हो चुकी थी.

मेरी प्यारी बीवी नीचे से गांड उठाते हुए मेरा हौसला बढ़ा रही थी- आंह और जोर से … और जोर से, बहुत अच्छा लग रहा है … तुम्हारे जैसा तगड़ा लंड मुझे मेरी चूत चोदने को मिला है … आह बहुत खुशनसीब हूं मैं … आ … हा. वो उठ कर दरवाजा बंद करके वापस आ रहा था तो मुझे उसका खड़ा हुआ लंड दिखाई दे रहा था. मैंने उसकी बात मान ली और वो लड़के को पिक करके मैं अपने रूम पर ले आया.

मेरी नजर मोबाइल पर पड़ी तो मुझे ध्यान आया कि इसकी बात समझने के लिए मोबाइल फोन का सहारा लेना पड़ेगा.

मेघा मुझे अपना दूध पिलाओ!”पी लीजिये सर!” मैंने अपने बूब्स सर के मुँह में दे दिए. मैं- तुम्हारी चूत तो फिर से टाइट हो गई।नित्या- उस दिन की चुदाई के बाद रोज चूत की मालिश करती थी तो शायद हो गई।मेरा लन्ड जोर से बार बार नित्या के बच्चेदानी से टकरा रहा था। जिससे नित्या की जोर से सिसकारियां निकलने लगीं और जोर जोर नित्या बोलने लगी- कम ऑन फक मी … हार्ड फक मी.

बीएफ बीएफ देखने वाला फिर उसने कहा कि तुम मेरी कल वाली ड्रेस पहन कर दिखाने वाली थीं न!मैं- सॉरी … मैं लाई नहीं. खाना के बाद मैं बेड से उठी और अपने खिड़की का पर्दा हटाया, तो मैंने देखा कि हमारे रूम के नीचे स्विमिंग पूल बना हुआ था और वहां पर लोग मस्ती कर रहे थे.

बीएफ बीएफ देखने वाला जोर से उनके होंठों को चूसने लगी और नीचे से उनका लंड मेरी तपती हुई चूत में उतरने लगा. मेरी मम्मी ने मेरी तरफ देखे बिना मुझसे तेज स्वर में चिल्लाते हुए कहा- हां ये तो मुझे मालूम है कि जब तक लड़की की चुत में चुल्ल न हो, तब तक किसी लड़के की हिम्मत हो ही नहीं सकती कि वो उसे चोदने घर में आ जाए.

जिस नजारे का हम दोनों दोस्त बेसब्री से इंतजार कर रहे थे अब वह हमारे सामने शुरू हो ही गया था.

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उनकी चुत की दोनों फांकें आपस में मिली हुई थीं और चूतड़ तो बहुत ही बड़े बड़े थे. मैं मन ही मन में प्रार्थना कर रहा था कि दीदी पैंटी खुलवाने के लिए मान जाए. सुबह सुबह अपने बड़े घर के बैठक खाने में बैठी हुई, मैं एक उपन्यास पढ़ रही थी.

इस तरह से मैं बार बार झड़ने के करीब पहुंच कर धक्के लगाना बंद कर देता था. मेरे हाथ ऊपर करने पर मेरे सीने से लगी ब्रा भी गिर गयी और मैं पूरी तरह नंगी हो गयी. चुदाई के बाद मेरी माँ नंगी ही किचन से चाय बना कर ले आईं और हम तीनों ने साथ बैठ कर चाय पर चुदाई की चर्चा की.

मैंने उससे कहा- आज तुम मुझे ना रोको … जो मेरा मन कर रहा है, करने दो.

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उस टाइम ना तो मेरे पास फ़ोन होता था और सेक्स फिल्म देखना तो बहुत दूर की बात थी. वो बोली- ठीक है, जैसी आपकी मर्ज़ी!फिर मैंने प्रिन्स को बेड पर बैठाया और उसका हाथ नीता के बूब्स पर रख दिया. मेरा पूरा बदन पापा के बदन के ऊपर था और हम दोनों के जिस्म गर्म हो चुके थे.

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मैंने एक बार फिर से लन्ड पूरा बाहर निकल कर कपड़े से साफ किया और फिर उसकी चूत में रगड़ने लगा. वो कई महीनों के बाद घर पर आते हैं और इसी कारण मेरी मां ने अपने कुछ दोस्तों को मदद के लिए रखा हुआ है. कुछ देर बाद मैंने अपना लंड गांड से बाहर निकालकर गांड में थूक दिया और फिर से लंड को गांड में डाला, तो मेरा आधा लंड आराम से अन्दर चला गया.

उसके बाप ने जैसे ही बेटी की गांड से अपना लंड बाहर खींचा, वीर्य गांड में से निकल कर ज्योति की चूत और जांघों पर बहने लगा.

मुझे इस बात की खुशी भी होती है कि आप मेरे लेखों को पढ़कर अपनी प्रतिक्रियाएं मुझ तक पहुंचाते हैं. अब उनसे सहन नहीं हो रहा था, वो मेरे मुँह को पकड़ कर अपनी चुत पर रगड़ रही थीं. मैं उनसे छूटना चाह रही थी मगर हिल भी नहीं पा रही थी।उनका आधा लंड मेरी बुर को चीरता हुआ अन्दर घुस गया था।मेरी आँखों से आंसुओं की धारा बह निकली.

विनय ने मेरी बात खत्म होने के बाद से अपने लंड से सिर्फ 4 और धक्के लगाए और लंड निकाल कर सामने सोफे पर बैठ गया, जिससे मैं उसको गुस्से से देखने लगी. नित्या- तुम्हें क्या लगा … हमारी लड़ाई होगी?मुझे कुछ समझ नहीं आया तो मैं कुछ देर कुछ नहीं बोला।निधि- यार, नित्या को पता है कि मैंने तुम्हारे साथ सेक्स किया है।मैं बिल्कुल शॉक्ड हो गया और सोचने लगा कि यह क्या हो रहा है।निधि फ्रेश होने के लिए उठी तो लड़खड़ा कर गिर गई। उससे उठा नहीं जा रहा था.

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मैं- तो मुझे डराया क्यों?वो- मैं देखना चाहती थी कि तेरी गांड में कितना दम है?मैं- तो कितना है?वो- बहुत है रे, तू मुझे भा गया!हम दोनों वहां से फिर से पार्टी में वापस आ गए.

मैंने नीचे बैठ कर उसके लंड को चूसने के लिए मुंह खोला तो उसके लंड अजीब सी गंध आ रही थी. उसको दर्द हुआ, उसके मख से निकला- उम्म्ह… अहह… हय… याह…वो मुझसे अलग होना चाहती थी. जब पापा का लंड बिल्कुल कड़क हो गया तो मैंने अपनी टांगों को फैला कर पापा के लंड पर अपनी चूत को रख दिया.

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कुछ देर तक वैसे ही रहने के बाद जेठजी ने मुझे अपने सीने से अलग कर दिया और मेरे चेहरे को पकड़ कर मेरे होंठों को चूमना चाहा, पर मैं अपने हाथ की उंगलियां उनके होंठों पर रख कर उन्हें रोकते हुए बोली- भैया पहले खाना खा लें … मुझे बहुत जोर की भूख लगी है. अब चाची से बर्दाश्त नहीं हुआ तो वो गाली बकने लगीं- दीपू साले हरामी जल्दी से डाल भी दे, मादरचोद … मुझसे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा. कुछ समय बाद, छन छन आवाज़ आई, उसने दरवाज़े के अंदर सिर्फ अपना हाथ किया और चुड़ी खनका कर उंगली से मुझे आने का इशारा किया.

यह कहते हुए मैंने लंड को एक और झटका दे दिया और उसकी चोटी को पीछे से ऐसे पकड़ लिया, जैसे मैं उसकी सवारी कर रहा हूँ.

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तब तक के लिए आप लोग मेरी नाम की मुठ मारें और अबकी बार सारा वीर्य मेरी गान्ड में डालें।आप लोग कमेंट्स कर सकते हैं।. कुछ देर के बाद जब सबा का दर्द कम हुआ, तो वह पूरी मस्ती के साथ चूसने लगी. ” महेश ने इस बार अपना हाथ अपनी बेटी की जाँघ पर उसके कपड़ों के ऊपर से ही रखते हुए कहा।अपने पिता की बात सुनकर ज्योति का सिर शर्म से झुक गया और वह बगैर कुछ बोले चुप होकर बैठी रही।क्या हुआ बेटी? बोलो न … तुमने तो अपने भाई के साथ ही प्रोग्राम सेट कर लिया?” महेश ने ज्योति की जाँघ पर अपने हाथ को फेरते हुए कहा।पिता जी मुझसे गलती हो गई.

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मुझसे हर समय तुम्हारे बारे में ही पूछते रहते हैं … और एक तुम हो कि उनके बारे में बिल्कुल भी नहीं सोचती हो. आपने अब तक की मेरी इस सेक्स कहानी में पढ़ा कि दीदी को उनकी सहेली श्वेता ने कहा कि साकेत भैया उनसे अकेले में मिलना चाह रहे थे. जब उसकी चूचियां मेरी पीठ पर स्पर्श होने लगीं तो फिर मेरे अंदर भी हलचल सी मचने लगी.

पूजा बेचारी कामवासना की मारी उसकी बातें ऐसी मान रही थी कि अभी अमित उसे चार लन्ड भी लेने को बोलता तो ले लेती!ऊपर आते ही पूजा ने जोर जोर से कूदना चालू कर दिया मेरा लन्ड उसके झटको से और कड़क होता जा रहा था. उधर से आते समय मनोज ने उनकी हरकत देख ली थीं और उसने दीपा को एक फ़्लाइंग किस भी दे दिया यानि ‘लगे रहो मुन्ना भाई. सेक्सी फिल्म पिसातुरेमैंने परमीत को एक बार फिर पीछे हटने को कहा, लेकिन परमीत पर बीयर का नशा हावी हो चुका था और सरदारनी का अपने चैलेंज से पीछे हट जाना असंभव था.

मैं पढ़ा लिखा नौकरी पेशा मारवाड़ी जैन हूँ, मित्रों वैसे तो मैं विवाहित हूँ, लेकिन आज भी मेरा दिल तन्हा है.

मैंने उसकी तरफ सवालिया निगाहों से देखा, उसने कहा- तीसरा काम मेरी जैसी की प्यास बुझाने का पुण्य भी तो हो जाता है. ”हाँ वो कहती तो जलूल हैं पल क्या यह सब संभव हो पायेगा?”गौरी तुम अगर चाहो तो यह सब हो सकता है?”तैसे?”देखो तुम्हारे यहाँ रहने से ना तो मधुर को कोई ऐतराज़ नहीं है और ना ही मुझे। तुम तो जानती हो ट्रेनिंग के बाद मेरा ट्रान्सफर दूसरी जगह होने वाला है। हम तीनो ही यहाँ से किसी दूसरी जगह चले जायेंगे वहाँ हमें ज्यादा जानने वाले लोग नहीं होंगे और फिर आराम से सारी जिन्दगी हंसते खेलते हुए बिता देंगे.

पहले तो रीता बात करने में कई दिन मुझ से खुल नहीं पा रही थी लेकिन फिर धीरे-धीरे मैंने ही उसको खोलने की कोशिश की तो वो फिर मुझ से खुल कर बात करने लगी थी. एक तो तेरा इतना मोटा और लम्बा लंड है और ऊपर से तेरा 40 मिनट से पहले निकलता नहीं है. दोस्तो, ऐसे ही दिन निकलते गए और साथ बैठ टाइम निकलते गए, पर अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था.

लड़कों से हमारी दोस्ती कम ही थी, पर कोमल के कुछ लोगों को लिफ्ट तो देनी ही पड़ती थी.

पर मैंने उससे सेक्स की बातें करना शुरू कीं, तो धीरे धीरे हम दोनों फोन सेक्स करने लगे. अब वह धीरे धीरे मेरे लंड को अपने मुँह में पूरा लेने लगी … क्योंकि मेरे द्वारा उसकी चूत चूसे जाने से वह भी पूरे जोश में आ गई थी. मेरी पहली रियल सेक्स स्टोरीचिकनी चाची और उनकी दो बहनों की चुदाईको इतना सराहने के लिए आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद.

नंगी चुड़ै फिल्ममर्दों को तो सुहागरात में अपने मन और अपने लंड की शांति के लिए जो भी करना होता है वो सब करते हैं. मैंने अपने हाथ को आगे ले जाकर उसके छेद को उंगलियों से टटोला ही था कि स्स्शशस्स … की आवाज के साथ ही वो कांप गई.

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अब मेरे कोमल बदन को छूने के बाद उनके लंड में तूफान तो उठ ही गया था इसलिए वो मुझे अपनी गोद में उठाने लगे. कुछ ही पल में पूजा एक बार फिर आनन्द के सागर में डूबने लगी उसकी मादक सिसकारियाँ सुन कर अमित भी अपने लन्ड को हिलाने लगा. मेरी जीभ की खुरदुराहट से भाभी कसमसा कर अपनी मुट्ठियों को भींच रही थीं.

अबकी बार मेरे लंड का टोपा उसकी चुत में घुस गया और इसके साथ ही यशिमा की चीख निकल गई. इस वक्त हम दोनों में कोई बात नहीं हो रही थी, बस वासना का समन्दर अपनी हिलोरें ले रहा था. चूंकि उसकी गांड टाइट थी, इसलिए मैं उसकी गांड में थूक डालकर फिर से उंगली करने लगा, जिससे उसकी गांड थोड़ी ढीली हो जाए.

आज उन्हें वह मिलने वाला था जिसका वह कई वर्षों से इंतजार कर रहे थे, आज मनीषा उनकी होने वाली थी. उसके मम्मे एकदम केसर मिले दूध जैसे रंगत लिए हुए थे, पर उसके निप्पल लाइट गुलाबी रंग के होंगे, ये मुझे आईडिया भी नहीं था. मुझे मुट्ठी मारते हुए कम से कम 15 से 20 मिनट लग गए थे और तब तक चाची वहीं खड़ी, कभी अपने चुचों को रगड़ रही थीं, तो कभी अपनी सलवार के ऊपर से ही अपनी चुत रगड़ रही थीं.

गोली खाने के कुछ समय बाद ही मेरी चूत से गन्दा खून निकलना शुरू हो गया. अब उसने मुझे एक बड़ा पैग बना कर दिया और एक सांस में पूरा पी जाने का कहा.

उसके ख्याल में अक्सर ये रहता था कि अंकित के हाथ उसके पूरे शरीर पर जा रहे हैं, उसके हर अंग को छूते हुए अपनी उँगलियों से, हाथों से, होंठों से.

इस समय रीमा की बातों से तो मैं बहक गयी और मेरा भी मन चुदाई के लिए तड़प उठा. पंजाब का बीएफमैंने साधना भाभी की चुत में उंगली डाली … उनकी चुत गीली थी इसलिए मजा आया. सेक्सी वीडियो बीएफ दोवरना आज मैं आसानी से आपके लंड से अपनी गांड चुदाई का मजा ले रही होती. लेकिन अमित का डर अब न पूजा को था, न मुझे!मैंने उसके गालों पर, गले पर किस करना चालू कर दिया.

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मैं आज पूजा की जवानी का पूरा मजा लेना चाहता था।काफी देर उसको चूमने के बाद मैंने उसके होंठों को आजाद किया. मैं- अरे ये कैसे होगा … मैं किसी को ये नहीं बता सकती कि मेरे भाई को लड़के पसंद हैं … ख़बरदार जो तुमने भी किसी को बताया या किसी के साथ सेक्स किया तो ठीक नहीं होगा. और यही हुआ, आधे घंटे बाद जब सब तैयार होकर निकले तो दीपा के देख कर लग ही नहीं रहा था कि अभी कोई ऎसी बात हुई है.

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सुनील ने जैसे ही अपनी प्लेट हटाई तो उसमें रात वाला टिश्यू रखा था और उस पर दीपा के होंठों के लाल लिपिस्टिक के निशाँ बने थे. जीजा बोले- पता है अगर कहीं भी गांव में या इधर-उधर जाओ और लड़कियों या माल की बात करो तो सब तेरी चर्चा आजकल जरूर करते हैं कि बंध्या बड़ी मस्त माल है. साकेत भैया ने फिर से दीदी की दोनों टांगों को फैलाया और उनके बीच लेट गए.

नीले रंग की साड़ी में उसका गोरा बदन और उसके उठे हुए पहाड़ देख कर मेरे लंड का वहीं पर तंबू बन गया.

वहां पर जाकर मैंने देखा कि भाई का लंड पहले से ही तना हुआ था मगर भाई अभी गहरी नींद में थे.

अब उन्होंने भी मेरा धीरे धीरे साथ देना शुरू कर दिया था, मैंने अपनी पूरी जीभ चाची के मुँह में दे दी और उनके मुँह में फिराने लगा. एक मिनट रुकने के बाद मैंने हिम्मत बढ़ाई और अपना हाथ उनके मम्मों पर रख दिए. माँ बेटे की चुदाई का वीडियोससुर ने बिल्कुल ऐसा ही किया और मेरे लंड को मेरी दीदी की भीगी चुत के मुहाने पर सैट कर दिया.

दीदी- कुछ नहीं मतलब!श्वेता दीदी- वो बोले हम होटल में नहीं मिलेंगे … अगर मिलना हो तो घर बुलाओगी, तब ही मिलेंगे. पर मामी की साँसों के भारीपन और गति से मुझे अंदाजा हो गया कि वो भी पानी छोड़ने लग गयी हैं।यह मेरे लिए बहुत ज्यादा था और मामी के अनुभवी हाथ कुछ ज्यादा ही तड़पा रहे थे और ऊपर से उनकी चूत की छुवन।तभी मामी रुकी और मेरे पेट पर हाथ रख दिया. अगर तुम्हें ये सब ठीक नहीं लग रहा है, तो कोई बात नहीं मैं तुम्हारे साथ कुछ नहीं करूंगा.

अब हम दोनों वापिस आए और नीचे बिछे हुए गद्दे पर चादर डाले एक दूसरे को बांहों में नंगे ही लेट गए. उसने पिंकी को ही गोद में उठा लिया और बोला- चलो शावर लेते हैं, फिर लंच लेने भी जाना है.

इसके अलावा …दोस्तो, मैं फिर से आपके साथ अपनी मस्ती भरी जिन्दगी की कहानी लेकर हाजिर हूँ।अभी तक आपने पढ़ा कि कैसे मैंने और सुखविन्दर ने पहली बार चुदाई की.

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पोर्न वेदो दीदी कुछ नहीं बोली और उसने अपना मुँह खोल साकेत भैया का लंड थोड़ा अन्दर ले लिया. आज मैं बहुत ज्यादा खुश भी था कि मुझे चाची की गांड मारने का मौका मिलने वाला था.

मेरे पति ने अपने मोटे लंड से मेरी चूत को ऐसे ठोका कि मैं पांच मिनट में ही झड़ गई. उसी दौरान सीमान्त ने रीमा की गांड में जबरदस्ती अपना 7 इंच का लंड पूरा डाल दिया. मेरी बीवी ने रोहित के लंड को धीरे धीरे अपने मुँह में ले लिया और लंड चूसने लगी.

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उसके बाद वह मुझसे काफी खुल कर बात कर रही थीं … और हंसी मजाक कर रही थीं. अगले दो दिनों तक मैंने हॉट भाभी की चूत को उसी होटल में रात में जमकर चोदा. एक दिन वो बोला- फहमी यार, मुझे तेरी बुर चाहिए, वरना मैं पागल हो जाऊंगा.

मैंने पीछे से भाभी की चूत को सहलाया और उसकी गीली चूत को एक दो बार रगड़ा. कहानी को आगे लिखूँ, इससे पहले मैं खुद के बारे में बता दूं, मेरा नाम शरद (बदला हुआ नाम) है.

उनके न रहने पर मां के पास उनके जान-पहचान वाले लोग आते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मेरी मां और मैं कोई गलत काम करते हैं.

मैंने सोचा ट्रेन में टीसी से कन्फ़र्म करवा लूँगा, लेकिन ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था. आंटी ने धीरे धीरे लंड को काफी हद तक निगल लिया और आगे पीछे होने लगीं. उसने मेरा सर पकड़ कर रखा था, तो मैं उसका लंड बाहर नहीं निकाल पाई और मुझे उसका पानी पीना पड़ा.

सुनील ने हलवे की एक चम्मच मुंह में डाल कर कहा- दीपा तुम चीनी डालना तो भूल गयीं. फिर मैंने पूछा- पति के साथ तुम्हारे संबंध कैसे हैं?वो बोली- आज मैंने पूरे 187 दिनों के बाद सेक्स किया. मैंने उससे सहमते हुए पूछा- अमन क्या हम दोनों ट्राई कर सकते हैं?मेरी इस बात पर अमन फट से बोला- हां हां ठीक है … क्यों नहीं.

मेरी और मनु की हालत खराब थी, हालांकि हमारी चूत भी कुलबुलाने लगी थी.

बीएफ बीएफ देखने वाला: मैंने भाभी की चूत पर लंड लगाया और उसकी चूत में लंड से धक्का दे लिया. उसने फ़ोन उठाया और बोली कि 10 मिनट इंतज़ार करो, मैं बिटिया को सुला रही हूं.

मेरे हस्बैंड यह सब देख रहे थे क्योंकि उन्होंने हमें वो दे दिया था जो हमने सोचा भी नहीं था. मैंने भी मौका नहीं गंवाया और अपने हाथों से उनकी पीठ को अपने सीने से जकड़ लिया. मेरे रूममेट ने उसकी बात को कई दिनों तक टालने की कोशिश की लेकिन विकास अपनी बात पर अड़ा रहा.

मेरी फ्रेंड समझ गयी और बोली- क्या प्लान है?मैं बोला- कुछ नहीं यार … मैं तो तेरे से मिलने आया हूँ.

मेरी पहली बार चुदाई की कहानी के पहले भागसीधी सादी लड़की को लगा सेक्स का शौकमें आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपने स्कूल की कुछ हरामी लड़कियों से सेक्स के बारे में जाना, एक लड़की की चुदाई अपनी आँखों के सामने देखी, अन्तर्वासना साईट के बारे में जाना और इस साईट पर कहानी पढ़ कर अपनी बुर में उंगली की. उसके हाथ को पकड़ कर फिर से गले लगाया, कस के दबाते हुए उसके होंठों को उठाकर किस करने लगा. सरसससश्हह अअह अअआ … और कितनी देर करेंगे? आप थकते नहीं क्या?”उम्मम्मम थोड़ा ऊपर हो जाओ … मुझे बूब्स के नीचे हाथ डालने हैं.