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भाभी की मदमस्त देह देख कर और उनकी बिल्कुल गोरी चिट्टी चुत देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया.

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कपड़े पहनते हुए मैंने उस लड़के को दो झापड़ मारे, अभी मैं उसकी और ठुकाई करता कि तभी लड़का बाहर भाग गया. हम एक दूसरे की मारेंगे दोस्त हैं, पर नया माल नया माल है, बहुत माशू क है, वायदा कर दिलवाएगा, कैसे भी उसे पटा, मुझे उसकी चाहिए. मेरे हाथ में कामिनी का हाथ दो और बोलो कि मेरी कामिनी को खुश कर दीजिए.

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इस देसी सेक्स कहानी के पहले भागसील पैक देसी लड़की को खण्डहर में चोदामें अपने पढ़ा कि मैं अपने गाँव गया हुआ था, वहां मुझे मेरी हमउम्र एक देसी लड़की मिली, मैंने उसकी कामवासना जगा कर उसे चुत चुदाई के लिए तैयार किया, फिर गाँव के पास के किले के खंडहरों में उसे ले जा कर चोदा.

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मैंने धीरे से उसके कान के पास जा कर पूछा- सोनिया, क्या मज़ा आ रहा है?तो उसने हां में गर्दन हिला दी. कब से चुदना चाह रही थी ये चूत मेरी, आज तमन्ना पूरी हुई… आज रगड़ दो मुझे… आहहह आहह और जोर से चोदो उफ अइरहहह बड़ा दर्द भी हो रहा है अब भी आहहहह…मेरे भी धक्के तेज हो गए. इसके बाद मैं अपना हाथ उसकी पैंटी में ले गया और दीदी की चुत को मसलने लगा.

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दोस्तो, कैसी लगी मेरी रियल देसी सेक्स स्टोरी, इसके बारे में कमेंट जरूर करें. अब आगे…फिर अशोक ने भी मुझसे ओके कहा और वो बोला- मगर एक काम करना होगा… तुमको पूरे एक सप्ताह की छुट्टी ले लो और मेरे साथ आउट ऑफ़ स्टेशन चलना होगा. थोड़ी देर के बाद सुहानी को जब आराम आया तो भाभी को देख थोड़ा शर्मा गई, पर मुस्कुरा कर रह गई.

सजी हुई बनावटी «अमेरिकन » मुस्कान वाली काउंटर गर्ल, जिसने हमें विजय दिवस की शुभकामना भी दी, से अपने बर्गर्स की ट्रे प्राप्त कर हम लोग अपनी सीट पर आ गए. रास्ते में मैंने पूछा- अच्छा बता तो, कमला मजा आया न तुम्हें?कमला- हां मजा तो बहुत आया… पर वहां डर भी बहुत लग रहा था, कोई आ जाता तो.

मैंने भाबी के चूचों को पकड़ कर होंठों को बहुत बुरी तरह चूमना शुरू कर दिया. मैंने भाभी से फोन नंबर लेते समय उसके फोन नंबर पर अपने फोन से एक मिस कॉल दे दी थी, जिससे मेरा नंबर भी उसके पास चला गया था. उधर मेरे सामने खड़े सुरेंद्र जीजा पैंट की ज़िप खोलकर अपना सामान अंदर से बाहर निकाल लिया, मैं बिल्कुल एकटक सुरेंद्र जीजा का लन्ड देखने लगी, वह बड़ी बेशर्मी से मेरे सामने अपने हाथ से अपना लन्ड रगड़ने लगे.

”मैंने कहा- अच्छा आप कॉफ़ी बनाइये… मैं आपको सुलाने का इंतज़ाम लेकर आता हूँ.

जब ट्रेन काफी लेट हो गई और मेरा टाइम पास नहीं हो रहा था, तो मैं स्टेशन के पास ही बने हुए माल गोदाम की तरफ चल दिया. जहाँ कहीं सड़क ख़राब होती या स्पीड ब्रेकर होता था तो मैं उस पर से निकालता था. क्या करूँ अलका जी, आपकी आवाज़ जब कानों में शहद घोलती है तो सब याददाश्त उड़ जाती है.

उसने पता नहीं किस तरह से मेरी चुत को चूसा था कि मुझसे दोनों टांगें मिला कर रखना भी मुश्किल हो गया था. दोस्तो, मैं आपको बताना भूल गया कि हम पहले भी हंसी मजाक और थोड़ी बहुतफोन पर सेक्स चैटकिया करते थे.

आखिर चार दिन बाद जाकर मुझे एक मौका मिला, मेरे घर के लोग सामान की खरीदारी करने बाज़ार जा रहे थे, जो मेरे घर करीब पांच किलोमीटर दूर है, उस मैं घर पर अकेला रहने वाला था, मेरा पूरा ध्यान अब योजना बनाने पर था कि अब कैसे क्या करना है।सुबह करीब ग्यारह बजे सब लोग बाजार की ओर निकल गये, मेरी तैयारी भी पूरी हो चुकी थी. मैंने सुपारे पर चुत के छेद की गर्मी का अहसास किया और पूरे जोर से एक धक्का लगा दिया. वो बोला कि ये बोलो कि राहुल अब तुम मेरे साथ सोने लायक नहीं हो, इसलिए मैं आज रात को विवेक साथ सोऊंगी.

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वे लोग वहीं परदे आदि लगा कर खाना बनाते और सोने के लिए सिर्फ एक ही चारपाई का उपयोग करते थे.

मैंने फिर पूछा- चुदाई में भी मज़ा आया या नहीं?उसने इतराते और शरमाते हुए कहा- ऊं हूँ… क्या पूछे जाते हो… मुझे शर्म लगती है. अब उसका लंड पूरा खड़ा हो चुका था और उसकी माँ की चुत गरम हो कर पानी पानी हुए जा रही थी. उसके गुलाबी होंठ, तनी हुई गोल गोल चुचियां, सपाट चिकना पेट, पेट के बीच गहरी नाभि, पतली कमर, उभरा हुआ सा पेडू और उसके नीचे दो पुष्ट जंघाओं के बीच फंसी पाव रोटी की तरह फूली छोटी सी बुर, जिसके ऊपर छोटे छोटे घुंघराले काले रेशमी रोएं, मैं तो टकटकी लगाए देखता ही रह गया.

आपको मेरी कहानी कैसी लग रही है?आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए बहुमूल्य है।धन्यवाद. चूत, झांटों वाला स्थान और काफी गहराई तक जांघें उसके चूत रस व मेरी मलाई के मिले जुले माल से सनी हुई थीं. चुदाई वाली बीएफ फोटोखैर… मैं जब वापिस उसी के पास आई तो बिना कुछ बोले उसने मुझे पकड़ कर फिर से लिटा दिया और अपना मुँह फिर से मेरी चुत में दे दिया.

यहाँ तक कि मुझे ये भी नहीं पता चला कि मेरा हाथ भाभी के मम्मों को कब से टच करने लगा था. भाबी का इस तरह लंड चूसना मानो कोई परमसुख की प्राप्ति हो, भाबी जिस तरह मेरे लंड को पकड़ कर मुँह में आगे पीछे कर रही थीं उससे लग रहा था कि वे मेरा सारा रस पी जाने को व्याकुल थीं.

मैंने लंड को उसकी चूत पर सैट किया और उसकी टांगों को अपने कंधे पर रखा कर एक हल्का सा पुश किया. फिर वे अपनी नाक को मेरी चुत के पास लाए और अन्दर की ओर तेज़ साँस ली. उन्होंने मुझे रोकते हुए कहा कि आप भी इधर ही रुक जाओ बारिश तेज है और आपने बताया कि आपका घर भी दूर है.

वो भी बहुत बड़ी थी, ऐसा लगता था जैसे लट्टू!मैं मज़े में चूसने लगा उसे. एक तो रूम में अंधेरा था और दूसरा भैया के हाथों की हरकतों से मुझे भी मस्ती छाने लगी. पूजा और भाभी पास आईं और सुहानी के सर पर हाथ फिराते हुए बोलीं- बन गई तू भी हमारी सौतन.

ये मुझे बाद मैं पता चला वो मुझसे माचिस मांगने के बहाने बातचीत बढ़ाने आयी थीं और मुझे अपने चुचे ज्यादा दिखाने लगी थीं.

मैंने कहा- कहां?दोस्तो, औरत के मुँह से अंग विशेष के शब्द सुनने का मजा ही कुछ और होता है. मैंने अपना दूसरा हाथ उसके दूसरे मम्मे पर रख दिया और जोर जोर से दोनों मम्मे दबाने लगा.

मैंने पायल भाभी की गांड के छेद में उंगली करने लगा और पायल भाभी ‘आह आह. अशोक किसी दूसरे शहर नहीं गया, वहीं किस फ़ार्महाउस में ले गया और बोला- अब यह तुम्हारा एक हफ्ते का घर है. रानी दीदी ने सच बता दिया कि वो मुझ से पहले चुदना चाहती थीं, पर मनजीत दीदी ने जिद की वो मेरा कुंवारा लंड लेगी.

हमें एक दूसरे से प्यार हो गया था लेकिन कोई इजहार नहीं… कोई कुछ बोला नहीं बस मूक अनकहा सा सच्चा प्यार!बहुत मजा आ रहा था इस प्यार का…एक दिन वो बोली- आर्यन, तुम मुझे कुछ गिफ्ट नहीं दोगे?मैं बोला- क्यों जिया? आज बर्थडे है क्या आपका?जिया बोली- तुम आज शाम को मेरे घर पर आना, मैं सब बताऊंगी।उसने मुझे अपने फ़्लैट का पता बताया और कहा कि शाम आठ बजे मैं तुम्हारी प्रतीक्षा करूंगी. थोड़ी देर उनको किस करने के बाद उनको गोद में उठाया और सीधे उनके बेडरूम की तरफ बढ़ने लगा. ‘पिंकी तुम पहले अपनी टी-शर्ट उतारो और विक्की तुम पिंकी के टमाटर को दबा दबा कर उसकी रसभरी को चूसो, इससे तेरी एक्सरसाइज भी हो जाएगी और पिंकी के टमाटर भी फूलने लगेंगे.

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मोहन ने मुँह से लंड निकाल कर मेरे गाल से रगड़ कर साफ किया और पेंट में डाल कर चैन बंद कर ली. फरवरी का महीना था, पूरी जोर की ठण्ड की रात थी और शादी का माहौल था तो सोने की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी. अब मेरा मंजू की गांड के बीच में सटा हुआ था, मैंने मंजू की गर्दन में किस करना शुरू कर दिया, मंजू उतावली हो गयी, अपनी गांड को हिलाने लगी.

फिर बोली- हां… अब खड़े लंड के टोपा को मुँह में ले और कुत्ते की तरह जीभ निकल कर पूरी मार. वह साला गाँव की भाषा में इतनी चोदू और सेक्सी बातें बोल रहा था कि मुझसे अब रहा नहीं गया और मैंने भी अपने कदम रोक दीये और उसके सामने खड़े होकर उसके लंड को तेज दबा दिया और मसल कर उसके जिस्म से लिपट गया. कुत्ता औरत के बीएफ वीडियोवो मेरे चूचों पर कोई रहम नहीं करने वाला था क्योंकि वो मेरे चुचों के अंगूरों के कवर्स को खींच खींच कर ऊपर लेकर छोड़ता था, इससे मुझे बहुत दर्द होता था.

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लगभग 5 मिनट तक उसके धाँसू लंड ने मेरे मुंह की गले गले तक चुदाई की और अंत में उसने अपने लंड का पूरा ज़ोर लगा दिया और मानो मेरा गाला फटने को था. दोस्तो, मुझे ये आज तक समझ नहीं आया कि मेरा उनसे रिश्ता क्या था? क्या वो सिर्फ हवस थी.

मैं बस अपने ख्यालों में खोया हुआ था, तभी मुझको एहसास हुआ कि कोई मेरे कंधों को पकड़ कर मुझको हिला रहा है. मैंने भी उससे कान में कहा- देखो मैं जानता हूँ कि तुम भी मजे ले रही हो और मुझे भी मजा आ रहा है, तो ये दिखावा छोड़ो और प्यार से चुदाई करते हैं. मैं खुश होती बोली- भाईजान, मेरी सहेली जरीना के भाई ने भी अपनी बहन की जवानी को इसी तरह से चैक किया था, फिर उसकी शादी की थी.

अब दीदी उछल-कूद करके गांड में लंड ले रही थीं और मैं जोर-जोर से दीदी के चूचों को चूस कर लाल कर रहा था.

उसकी मजे में चीख निकल गई, जो मैंने उसके होठों पर होंठ रख कर दबा ली और जबरदस्त चुदाई शुरू कर दी. दीदी ने कहा भाई अब और मत तड़पाओ… जल्दी से डाल दो अपना लंड मेरी चुत में…मैंने कहा- ठीक है दीदी…मैं अपना हाथ लंड को पकड़ कर उसकी चुत पर लगाने लगा और जोर से झटका मारा. परंतु उसकी पिचकारी गीता के मुँह और मम्मों पर जा पड़ी, जिससे उसका सारा जिस्म अपने बेटे के वीर्य से सन गया.

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मैंने काम्या से कहा- मैं अपनी बुर तेरे मुँह पे रख रही हूँ और तेरी बुर पे अपना मुँह. अब विशाल धीरे धीरे मेरी फुद्दी चोदने लगा और वे तीनों हमें देखने लगे. तभी एकदम से पेंटी के ऊपर से बुर की लकीर में अपनी एक उंगली डाल दी, मेरे मुंह से सिसकारी निकल गई.

सेक्स ही सब कुछ नहीं होता स्त्री पुरुष की फीलिंग्स भी मायने रखती है। और मेरा नमन है हर उस पुरुष को अपनी बीवी को उसके शाररिक सुख के लिए किसी और से चुदवाने में पीछे नहीं रहते जिससे कि उनकी बीवी नये नये लिंग के मजे ले सके और उन्हें चुदती देखकर खुद को संतुष्ट कर लेते हैं. मैंने उसके होंठों पे उंगली रखी और पूछा- यहाँ किस किया?उसने हाँ में सर हिलाया. तब उसने कुसुम को दूसरे कमरे से बुलवाया और बोला कि इसको जरा सेक्सी डांस करना सिखा कर जाना.

रात को दस बजे मेरे पति जब घर से चले गए तो मैं उनके फ्लाइट में बैठने के फोन का इंतज़ार करने लग गई. दो घंटे बाद वो जाने लगीं, तो उन्होंने मुझसे कहा- मुझे आपका या आपके ऑफिस का नंबर चाहिए. मैंने फोन पर उसकी सुंदरता की थोड़ी तारीफ की और स्वभाव के बारे में भी कहा- भाभी तुम बहुत स्वीट हो.

वो पहली नज़र में भी हो सकता है और कुछ मुलाकातों के बाद भी हो सकता है. फिर मैं उसे अपनी गोदी में उठा कर कमरे में ले गया और पूजा मेरी गोदी में ही मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल के मेरे होंठ को चूसने लगी, किस करती रही.

वो मुस्कुरा कर बोली- ये लोग 20-25 दिन के लिए अपने बेटे के यहाँ गए हैं.

दोस्तों मैं तो जैसे (आई ऍम दी किंग ऑफ़ दी वर्ल्ड) वाली फीलिंग पर था. बीएफ फुल मूवी बीएफये मैकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई कर रहा है और जितना ये कमाता है, उसमें इसका खर्चा पूरा नहीं होता है. बालों वाली बीएफऔर ना जाने कब मैंने अपना हाथ उस की तरफ बढ़ा दिया। वो मेरे सामने बैठी थी, हमारे बीच में टेबल थी, वो मेरे हाथ की तरफ देख रही थी।मैंने नीचे से उस का पैर अपने पैर से सहला दिया।उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. राजू- ठीक है मेमसाब मैं जा रहा हूं… जब किसी को कुछ करवाना ही नहीं है… तो मैं चला.

सुन ले, तुझे मालूम है कि क्या करना है?मैंने कहा- क्या?बोला- करेगा क्या साले.

मैंने बहुत अच्छे से मेकअप किया, आज मैंने रेड कलर की स्कर्ट और ऊपर व्हाइट टॉप पहना नीचे मैंने ब्रा नहीं पहनी, सिर्फ पैंटी पहनी और जल्दी सवेरे 9:00 बजे मम्मी से झूठ बोलकर बहाना बनाकर मैं सतना गई, सुरेंद्र जीजा अपनी बाइक लिए खड़े मिले, हम मकान मालिक के घर पहुंच गए. फिर मैं उठकर रसोई से शहद ले आया, वो महक के बूब्स पर फैला दिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा. अभी तक मेरी इस गर्म कहानी के पिछले भागोंबस में मिली लड़की ने दिलाया ज़न्नत का मजा-1बस में मिली लड़की ने दिलाया ज़न्नत का मजा-2में आपने पढ़ा कि:सुहानी और पूजा बाथरूम से सिर्फ तौलिया लपेटे हुए निकलीं तो मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया.

कुछ ही झटकों के बाद उसने अपनी स्पीड तेज कर दी और मेरे मुँह से ‘आहाहा ओाहहह. इस कहानी को मैं बेगम जान, मेरी मल्लिका ए आलिया महान महारानी अंजलि को समर्पित करता हूँ. मैंने लंड का टोपा उसकी चुत की फांकों में रगड़ा और पूछा- मेरे लंड का टोपा तेरी चुत की फांकों में रखा है रानी.

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दोनों हाथों से अपना चेहरा छुपाते हुए वो साक्षात काम की देवी ही लग रही थी. घूमते तो और भी लेकिन अब तक नताशा के पैर थक चुके थे, और हम अपनी मेश्षान्स्काया स्ट्रीट में मुड़ गए और अपने हाउस नंबर 14 तक पहुँच गए. पेट पर जीभ गीली कर मैं दाएं से बायें चाटता, एक सिरे से दूसरे सिरे तक.

फिर ऐसे ही कुछ ही दिनों में हम अच्छे दोस्त बन गए और हर तरह की बातें करने लगे थे.

भाभी मादक आवाज़ में कहे जा रही थीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… और अन्दर तक चोद दे.

फिर आंटी कामवासना से पागल होकर जोर जोर से चिल्लाने लगी- चोद दो मुझे… उम्म्ह… अहह… हय… याह… फाड़ दो मेरी चुत को!आंटी की ऎसी बातें सुनकर मैं भी और ज्यादा जोश में आ गया और आंटी के नंगे बदन के ऊपर आकर मैंने अपना 8 इंच लम्बा लंड आंटी की चूत में डाल दिया और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा. तुम हमारे घर की लक्ष्मी थी और जैसे ही तुम वहाँ से निकली तो हमारी किस्मत भी साथ ले कर चली गईं. सबसे बड़े लिंग वाली बीएफमैंने मुँह खोल के पूरा का पूरा लंड मुँह में भर लिया और कोई बच्चा जैसे दूध की बोतल चूसता है, वैसे लंड चूसने लगी.

मैंने अपनी जीभ को वक्षों की घाटी से निकला और प्रिया के बाएं वक्ष की ऊपरी सतह की कोमल और नाज़ुक त्वचा को चाटते-चूमते प्रिया की रोमविहीन बायीं बगल की ओर बढ़ा. झड़ने के बाद मुझे एहसास हुआ कि अन्दर वाले कमरे के गेट के पास कोई खड़ा है. और आप तो पायल भाभी हो ना?वो जल्दबाजी में बोली- ओह लगता है ग़लती से आपके पास लग गया, मैं कहीं और लगा रही थी.

उसने अगले ही पल मॉम की पैंटी खींच कर निकाल दी और मॉम को उठा कर किचन के काउंटर पे बिठा कर चुचों को दोबारा चूसने लगा. थोड़ी देर में ही मेरा पानी निकल गया और मैं शांत हो कर रूम में जाकर सो गया.

हर इंसान की जिंदगी में कोई ना कोई शख्स ऐसा होता है, जिससे वो बेइंतेहा मोहब्बत करता है, परन्तु हर रास्ते की मंजिल हो, ये जरूरी नहीं.

मुझे सोचने का वक़्त मिलता, उससे पहले ही उसने मेरे होंठ चूसने शुरू कर दिए, कभी वो अपनी जीभ मेरे मुँह में डालता, जिसे मैं चूसती, तो कभी मैं अपनी जीभ उसके मुँह में डालती तो वो चूसता. जब जब वो उंगली मेरी चूत में डालता, तो ऐसा लगता मानो सारा लावा फूट पड़ेगा और ऐसा ही हुआ. मैं जल्दी में बाथरूम की तरफ दौड़ा, तभी मुझे एहसास हुआ कि बगल वाले बाथरूम में ममता दीदी हैं.

नंगा नाच बीएफ तभी अचानक किसी ने मेरे रूम की खिड़की (मेरे रूम में कोई आता जाता नहीं था, तो मैं बस खिड़की को यूं ही बिना कुंडी के उड़का कर रखता था, जिससे मैं कभी भी उसे तुरंत खोल कर ममता दीदी को देख सकूं) को मेरा नाम लेते हुए धकेल दिया. भाबी चौंक गईं- आकाश छोड़ो मुझे… तुम ये क्या कर रहे हो?पर मैं कहां सुनने वाला था.

उसने उस टाइम ब्लैक ट्राउज़र, डीप नेक का ब्लैक टॉप और ब्लैक जैकेट पहन रखी थी. अब तक उसकी कामुकता फिर से जाग गई थी, उसकी कामवासना अब उसके काबू में नहीं थी. उसके मम्मों को अपने दोनों हाथों से जितना मसल सकता था, खूब मींजा और लंड को उसकी चुत के संग कबड्डी खेलने की छूट दे दी.

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आज दिखा दे मुझे लव करके…ओ बेबी बांहों में भर के…जो भी सोचा सपनों में,आज दिखा दे मुझे सब करके…तू इश्क है मेरा तू इश्क मेरा…तू ही मेरी रातों का नशा…वो मेरे सामने देख कर मुस्कुरा रही थीं. अगले दिन माँ ने मुझ को बुलाया और बोली- तुम मेरे कमरे में क्यों आई थीं?मैं बनने की कोशिश करते हुए बोली- कब?माँ- कल जब मैं बाहर गई हुई थी और अगर तू आई भी थी तो मेरी चीजों से छेड़छाड़ क्यों की?जब मैंने कहा कि मैं तो आई ही नहीं. कामिनी की आवाज आ रही थीं ‘आआह्ह… आअह्ह क्या पेल रहे हो… क्या लौड़ा है मेरी जान…’विवेक में चुदाई का जबरदस्त स्टैमिना था.

वो अपने दोनों हाथ मेरे पीठ पर लाकर नाखून गड़ा रही थी और अपने दांत से मेरे कंधे को काट रही थी. ”हाँ चलो दिखाओ, अगर सही होगा तो ये चेतना निकाल देगी मक्खन, निकालेगी क्या चाट चाट कर खाएगी.

मैंने ऊपर आसमान में देखा और ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया कि आज ऐसी मस्त चुत मारने को मिलेगी.

नीरज- तुम्हें उसकी चूत मारनी है तो बोलूँ उसको?मैं- नहीं यार मुझे खिलौने दिलवा दे बस अहसान होगा तेरा. वो बोली- यहां क्यों बुलाया? कोई आ गया तो?मैं- अरे शादी में कौन यहां आएगा, सभी तो शादी देखने में मस्त हैं. उसने मेरे मुँह में थूक गिरा दिया और अपनी जुबान घुसेड़ कर अंदर खलबली मचाने लगा.

मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसे अपने ऊपर गिरा लिया और उसके चेहरे से बालों को हटाते हुए उसकी आँखों में देखते हुए कहा- आरुषि वाक़यी में तुम बहुत खूबसूरत हो!और फिर कब हमारे होंठ आपस में जुड़ गये कोई पता नहीं चला. तो हुआ यों कि… जैसा कि आपको पता है ऋषिकेश जाने वाली सभी अच्छी बसें रात के टाइम दिल्ली से बुक होकर निकलती हैं. मैंने अगले दिन उस अफसर को शाम को अपने घर आने को बोला, वो तय समय पर मेरे घर आ गया.

तभी प्रीति ने मेरे चेहरे पर चुम्बनों की बौछार कर दी और मुझसे कसकर लिपट गई.

गांव वाली सेक्सी वीडियो बीएफ: मतलब समझ गई कि कल तक इसी तरह बिना ड्रेस में रहना है, पूरी तरह से नंगी. उसके चूचे हिल रहे थे और उसके उछलते हुए चूचों को देख कर मेरा जोश बढ़ता जा रहा था.

उसके बाद उन्होंने अपना पेंट का हुक बंद किया और हमने फिर से सीट बदल ली. तो मैंने कहा- नहीं, ये तब नहीं हो सकता है, मैं हमेशा सेफ सेक्स ही करता हूँ. इस बार भी कह रहे थे कि होली में साली से मिल कर भी आया और चोद कर भी आया.

भाभी ने भी उसको पहली बार इतना खुश देखा था, ऐसे ही बातें चलती रहीं और भाभी को पता लगा कि हम दोनों हर संडे को गोटिला गार्डेन में खेलने के लिए आते हैं.

फिर उसने मुझसे कहा- मैं दिन में अच्छे से बात नहीं कर पाऊँगी, घर पे घर वाले रहते हैं, तुम रात में आना, तब बात करेंगे!मैं रात होने का इंतज़ार करने लगा. चूत में रस की अधिकता से खूब पिच पिच मच गई जबकि लंड को तो बड़ा मज़ा आया गरम गरम चूत रस की बौछार में भीग के. मोहन मुझसे बोला- साली रंडी, आज मैं तुझे चोद कर मेरे बच्चे की माँ बना दूँगा.