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सांवरा जी का फोटो: सेक्सी बीएफ ब्लू पिक्चर सेक्सी, इधर किधर?”आपको आप की मंज़िल तक पहुँचाना नहीं क्या?” मैंने थोड़ा हंस कर कहा, हालांकि ठण्ड से मेरी कुल्फी जमे जा रही थी.

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मैं यह सब इस तरह से कर रहा था कि उसको ऐसा लगे जैसे मैं ये सब नींद में कर रहा हूँ. रेडी बीएफताऊ जी ने जैसे ही चाची की साड़ी और साये को कमर तक उठाया, तो चाची की चूत को देख कर बोले- वाह, क्या जिस्म पाया है तुमने.

हमने आपस में बातचीत की और जयपुर तक जाने वाली ट्रेन में रिज़र्वेशन करवा लिया. हिंदी में बीएफ चाहिए सेक्सीमैं और रश्मि दिन में एक बार और रात में दो बार चुदाई जरूरी में करते ही थे.

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उसकी सिसकारियां और तेज हो गयीं और उसने अपनी टांगों को मेरे सिर पर जोर से दबा दिया.मैंने फोन निकाल कर उसे दे दिया और ज्योति ने उसमें नंगी फिल्में चला कर मुझे दिखाने लगी.

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फिर वो बेड के कोने पर जा खड़े हुए और मेरे पैर खींच कर मुझे एकदम कोने पर कर दिया और मेरी टांगें उठा कर मुझे पकड़ा दीं.मैं और रश्मि दिन में एक बार और रात में दो बार चुदाई जरूरी में करते ही थे.

मैंने देखा कि उनकी चूत पे एक बाल नहीं था, यानि कि भाभी चुदाई करने का आज पूरा मूड बना के आयी थीं. सेक्सी बीएफ ब्लू पिक्चर सेक्सी क्यूं तड़पा रहे हो मुझे मेरे जानू … मगर भाभी की चूत में उंगली करके मैं भाभी को तड़पाने का आनंद लेता रहा.

हम दोनों ने उठकर मौसी से पूछा, तो हमें पता चला कि हमारी नानी को दिल का दौरा आया है और उन्हें तुरंत पास के एक हॉस्पिटल में दाखिल करना पड़ा है.

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मन करता कि बस आँखें बंद करके लेट जाऊं और अपना क्लाईटोरिस या मोती सहला लूं और झड़ जाऊं. जब उसने मुझे लंड हिलाते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया तो मैं शर्म के मारे मरा जा रहा था कि अब क्या होगा. उसके मोतियों जैसे सफेद दांतों के ऊपर उसके होंठों पर खिली हंसी देख कर दिल को बड़ा सुकून मिल रहा था.

रूम में आते ही वो मेरे को देख कर चौंक गई और बोली- तुम यहाँ?मैंने उसे अन्दर बुलाया और रूम बंद कर दिया. उन्होंने मेरी गांड को पकड़ कर अपनी चूत में धक्के लगवाना शुरू कर दिया. मेरी स्कर्ट को नीचे सरका कर उसने मेरी लाल पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत पर होंठ रख दिये.

मेरा मानना है कि किसी भी घर में मेरा पहला रिश्ता इस बात को तय करेगा कि मैं उस घर की औरतों को चोद पाऊंगा या नहीं. अब आगे की कहानी का मजा लें!पढ़ाई खत्म हो गयी … उपिंदर कहीं और चला गया … धीरे धीरे उन सब बातों की यादें धूसर हो गयी।मैं नौकरी करने लगा, फिर से अजय बन गया। फिर कोई उपिंदर जैसा नहीं मिला।घर वालों ने मेरे लिए लड़की देखनी शुरू कर दी। शादी करने में मेरी कुछ खास रूचि तो नहीं थी पर सोचा ठीक है जो हो रहा है. लेकिन रेखा ने लंड पकड़ लिया और चूत के मुहाने से रगड़ने लगी और अपनी कमर उचकाकर लंड को अन्दर लेने का प्रयास करने लगी.

आस-पास चुपचाप अच्छे से देखा, तो कोई नहीं दिखायी पड़ा और फिर हम दोनों ही नंगे छत पर टहलने लगे. उसने उस किताब का कोना हल्का सा बाहर छोड़ दिया था ताकि जब मौसी उस बिस्तर पर सोने के लिए जाये तो मौसी की नजर उस पर पड़ जाये.

ये थी मेरे साथ घटी सच्ची घटना, जिसे मैंने आपके सामने प्रस्तुत किया.

जिसके कारण मैं किसी भी कॉलेज में दाखिला‌ नहीं ले सका।अब मैंने जब कहीं दाखिला तो लिया नहीं था इसलिये मैं अपने दोस्तों के साथ ही टाइम पास करता रहता था.

मैं कुतिया बनी आंटी के पीछे आया और चुत रस से भीगी आंटी की चुत और गांड को अपनी जीभ से चाटने लगा. जब शादी में आये हुए सारे मेहमान चले गये तो उसने मुझे आकर बताया कि उसकी सुहागरात नहीं हुई है. जब मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने जागने का नाटक किया और एकदम उठ कर बैठ गया.

होटल के कमरे में जाते ही हमने दरवाजा अंदर से लॉक किया और एक-दूसरे को चूमने-चाटने लगे. इतने करीब कि मेरे और उसके होंठों के बीच शायद एक या दो सूत का फर्क होगा. ”वाओ, सच में डॉली?”हां मेरी प्यारी बन्नो, पर तुझे कसम है किसी से कह मत देना कहीं.

पूरा लंड पेलने के बाद अंकल ने अम्मी की चूची मुँह में दबाई और लंड के धक्के लगाना शुरू कर दिए.

उन दोनों से इतनी खुली बातें होने के बाद मेरा मन धीरे धीरे फिसलने लगा था कि कैसे इनको बोलूं कि मेरा मन क्या चाहता है. अब आगे:मैं उसके चिकने पैरों को चूमते हुए उसकी चिकनी जांघों को चूमने लगा जिससे सुहानी को अच्छा लगने लगा और उसके पैर खुलने लगे। मैंने उसके दोनों पैरों को अलग किया तो उसने हाथों से चूत को ढक लिया।मैं चाहता था कि वो खुद अपनी चूत मुझे दिखाए इसलिए मैंने कोई ज़बरदस्ती नहीं की बल्कि उसे मज़े दे रहा था। मैंने उसके हाथों को किस करना चालू किया और उसकी बगल में किस करने लगा तो उसे गुदगुदी होने लगी. मैंने पेपर जेब में डाला, फ़्लैट पे आके फ़्रेश होके खाना खाने बैठा, तो पेपर की चिट निकाल के पढ़ने लगा.

लगभग 5 मिनट में ही उसके धक्के तेज़ हो गए और परवीन कराहते हुए झड़ गयी. अब तो यह बातें हम लोगों के लिए आम हो चुकी थी, लेकिन मेरा मन अभी तक नहीं भरा था. मैंने ये देखा तो पहले तो उसे टोकने का मन हुआ, लेकिन तभी सोचा कि रहने दो, ये कुछ भी भरे, इससे क्या दिक्कत है.

उसने एकदम से चौंक कर कहा- देवर जी, ये आप क्या कर रहे हैं, यह सब ठीक नहीं है.

उनकी गर्दन, गाल, माथा, आंखें, कान सब जगह मैं चुम्बनों की बौछार कर रहा था. आज तक सिर्फ पॉर्न मूवी में देखा था, पर अब उस पल को महसूस कर रही थी.

सेक्सी बीएफ ब्लू पिक्चर सेक्सी पहली बार उसके होंठों से होंठों को लगाया था, तो वो भी मुझे खाने को मानो बेकरार थी. उसकी बात से हम दोनों को होश आया और हम दोनों तुरंत एक दूसरे से दूर हो गए.

सेक्सी बीएफ ब्लू पिक्चर सेक्सी भाभी को अब पहले से भी ज्यादा मज़ा आ रहा था, इसलिए वो खुल कर अब मेरा साथ दे रही थीं. मैं- प्यार और सेक्स के बीच कोई रिश्ते नहीं होते हैं चाची … आई लव यू.

कभी जोक भेज देता व्हाट्सएप्प पर और कभी फ़ोन पर भी मजाक करता था।एक दिन मैंने उससे ऐसे ही पूछ लिया- तुम्हारी गर्लफ्रैंड कैसी है?सौरव- मेरी तो कोई भी गर्लफ्रैंड है ही नहीं।मैं- झूठ मत बोलो, इतने हैंडसम हो और कोई गर्लफ्रैंड नहीं है?सौरव- हाँ सच में कोई नहीं है.

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दो मिनट के बाद ही उसका लंड पूरा का पूरा तन गया था और उसने उसकी कैपरी को ऊपर उठा लिया था. मैंने कहा- तुम यहां क्या कर रही हो? किसी ने देख लिया तो कोई क्या सोचेगा?वो बोली- देखने दो, मुझे किसी की परवाह नहीं है. अब तक आपने पढ़ा कि मैंने आंटी की चूत से लेकर गांड तक को अपनी जीभ से बड़ी देर तक चाटा, जिससे आंटी की हालत बड़ी खराब हो गई थी.

उसका भारी भरकम शरीर अपनी आंखों के सामने नंगा देख कर मैं उसके चूचों पर टूट पड़ा. अब तक बियर की वजह से हम सभी पर नशा होने लगा था और हमें इस खेल में कुछ ज्यादा ही मजा आने लगा था. हम दोनों कार में बैठे, तो मैं बोला- क़ातिल तो आज मेरे साथ वाली सीट पे बैठा है.

वो अपनी कोमल बांहों का घेरा बना कर मेरे गर्दन में डाल के मुझसे चिपक गयी.

मैंने अपने हाथ से उसकी चूत को टटोला और उसको रगड़ने लगा तो उसकी सिसकारी छूट गई. मैं अक्सर डिक्शनरी में योनि, लिंग, सम्भोग, स्तन, शब्दों के पर्यायवाची खोजती जिनसे मुझे एक सुखद अनुभूति मिलती. मैंने उसकी पैंटी को दांत में पकड़ कर जांघ तक खिसका दिया और फिर एक झटके में उसकी पैंटी को निकाल दिया.

मैं उसके चेहरे को देख पा रहा था, उसके चेहरे पे कामुक भाव थे … माथे पे हल्की सी शिकन थी. कुछ देर बाद वो वापस बोला- लेकिन आपके कपड़े? वो तो पूरे गीले हो चुके हैं. मगर अभी वो समीरा को वहां से अंदर भेज कर खुद साहिल के मोटे लंड के मजे लेना चाहती थी.

स्वाति भाभी के इस तरह पीछे हो जाने से मेरी हालत अब बिल्कुल वैसी हो गयी जैसे किसी छोटे बच्चे के मुंह से उसकी पसंदीदा चीज खाते खाते अचानक उससे वो चीज छीन ली हो. वसुंधरा परेशान सी मेरी ओर पीठ कर के खड़ी थी और अभी पूरे कपड़ों में ही थी.

ज्योति फिर से पलट गई और मैं ज्योति के मम्मों पर से ब्लाउज़ को हल्का सा खींचते हुए आजाद करने लगा. मैं झड़ने वाला था, करीब 4-5 झटकों में चूत में ही अपना लावा निकाल दिया. वो मेरी पकड़ से छूटने की नाकाम कोशिश कर रही थी या यूं कहें कि शायद वो भी यही चाहती थी.

मैंने आंटी की आंखों में देखा, तो वो बिल्कुल लाल हो रही थीं, जैसे कि उन्होंने पूरी बोतल का नशा कर रखा हो.

जी!” पल भर में ही सपनों की दुनिया से वसुंधरा भी तत्काल हक़ीक़त के कठोर धरातल पर आ गयी. सचिन को मैंने अपने ऊपर लेटा लिया और उसके लंड को खुद की अपनी चूत पर लगवा लिया. अब्बू अम्मी के पास तो थे नहीं … तो वो कहाँ हैं?मुझे ख्याल आया कि मेरी बीवी और मेरी अम्मी ने अपना रूम चेंज कर लिया था जो अब्बू को पता नहीं था।कहीं अब्बू अपने पहले रूम में तो नहीं चले गये?अब मेरी हवा सरकी.

उस वक्त मेरी उम्र 25 साल की थी, जब मैंने पहली बार इस गांड मारने की विधा का अनुभव किया. उसका फिगर देख कर मुझे अपने आप पर शर्म आ रही थी कि मैं कैसा और वो कैसी।मेरे सोचते सोचते ही वो मुझसे लिपट गयी और मुझे किस करने लगी.

मेरे कहने पर भोला ने और जोर लगाया और पूरी ताकत के साथ मेरी चूत में धक्के मारने लगा. चूंकि उसकी चूत गीली थी और कई सालों से शायद उसने लंड भी नहीं लिया था इसलिए चूत नवयौवना की भांति लंड को अंदर नहीं ले रही थी. एक दो बार रजिस्ट्रेशन के नाम पर उन्होंने कुछ रूपये भी लिए, लेकिन कुछ नहीं हुआ.

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तभी नीना बोली- ओह्ह पापा बहुत टेस्टी है इसकी चूत … ओह्ह पापा आप भी चाटो ना.

उसकी इस हरकत से मेरी आंख खुल गई, तो वो हंसने लगी और बोली- चाचू ये लॉलीपॉप आपने पहले कभी नहीं दिया खाने को. उसके ऊपर चढ़ कर उसकी ब्रा के ऊपर से मैंने उसके चूचों को दबाया और फिर उसको पलटी मार कर पेट के बल लेटा दिया. अगर कोई औरत सामने से मुझे इशारा दे दे, तो फिर मेरे अन्दर का मर्द जाग जाता है और मैं उसे चोद कर ही मानता हूँ.

मैंने शान्ति देवी की तरफ देखा और उसने मेरी तरफ। दोनों के मन में एक ही सवाल था शायद कि एक ही बिस्तर पर कैसे सो सकते हैं!फिर मैंने ही कहा- शान्ति जी, यहाँ पर तो एक ही बेड है. वो दिन मेरे खुशी का पहला दिन था … क्योंकि उन्होंने भी मुझे इशारा किया. हरियाणा का बीएफउनके इस बदलते बर्ताव से मुझे टेंशन होने लगी थी, क्योंकि मुझे थोड़ा डर लगा रहता था कि कहीं सीमा भाबी, मेरी मम्मी को सब कुछ ना बता दें.

औरत चाहे जैसी भी हो जब उसके बदन का स्पर्श मिलता है तो लंड अपने आप ही उत्तेजित हो उठता है. उन्होंने मुझे एक हाथ से जकड़ लिया और दूसरा हाथ स्कर्ट के अन्दर डाल कर मेरी चुत को पैंटी के अन्दर से सहलाने लगे.

मेरे मुंह से स्स्स… आह्ह … ओह्ह … संजीव … उम्म्ह… अहह… हय… याह… की आवाजें निकल रही थीं. कामवर्धक दवा ने अपना पूरा असर किया था मौसी की चुदास पर इसलिए मौसी बस मेरे लंड से चुद कर शांत होना चाह रही थी. अब रही बात किन्हीं अंकल की तो मैंने अपने मोहल्ले में और आसपास रहने वालों को एक एक करके याद करना शुरू किया पर कोई ख़ास पिक्चर दिमाग में नहीं बनी, मतलब कोई अंकल जी ऐसे नहीं लगे मुझे जिनसे मैं चुदना चाहूं.

” अमित बोला।नहीं तो … तकलीफ किस बात की!” बोलकर मैं रसोई में चली गयी, नितिन उनसे बातें करने लगा।थोड़ी देर बाद डोर बेल बजी, नितिन ने दरवाजा खोला तो सोसाइटी के लोग थे।सोसाइटी में किसी की डेथ हो गयी थी और नितिन सोसाइटी के सेक्रेटरी था तो उसे वहाँ पर रहना जरूरी था।वो अंदर आ कर मुझे बोला- मुझे अर्जेटली जाना पड़ेगा, मैं तीन चार घंटे बाद आ जाऊंगा. मैं- हां तुम्हारी बात सही है, अपना प्यार हमें अपने पास ही रखना चाहिये, आओ चलो, दोनों साथ ही नहा लेते हैं. और इतना कहकर मुकुल राय एक पल में अपना हाथ नीचे ले जा कर परीशा की चूत को अपनी मुट्ठी में थाम लेता है। परीशा के मुख से एक तेज़ सिसकारी निकल पड़ती है।फिर धीरे धीरे वो अपना हाथ परीशा की पैंटी के अंदर सरका देता है और उसके क्लिट को अपनी उंगली से मसलने लगता है.

वो फिर से बोल पड़ी- मास्टर प्लीज फ़क मी … (कृपया मुझे चोद दे मेरे मालिक)हम्म.

पर इस बार नम्रता ने मेरी बात सुन ली और वापस 69 की पोजिशन में आकर अपनी चूत मेरे मुँह के पास ले आयी. मगर यहां पर मेरे लिए चिंताजनक बात ये थी कि मेरे तने हुए लंड का टोपा काजल की सबसे छोटी उंगली से बस इंच भर की दूरी पर ही रह गया था.

उसने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी होते ही उसकी शादी हो गयी थी और उसके हस्बैंड मुम्बई में एक फार्मा कम्पनी में जॉब करते हैं. मैं जानता था कि रेखा खुलकर सेक्स नहीं करेगी, फिर भी वो जैसा प्यार कर रही थी, वो ही बहुत था. उसने कहा- तुम दरवाजे पे खड़े रहो!और उसने खुद खड़ी होकर साड़ी ऊपर करके अपनी पैंटी निकाल दी.

मेरी देसी कहानी आपको कैसी लगी?[emailprotected]इससे आगे की कहानी:सलहज को चोदा पत्नी जैसे यात्रा में. मैं उठ के बैठा, तो नैना ने एक पैर मोड़ा हुआ था मैं उसके पैरों के बिल्कुल नीचे आ बैठा और मैंने उसकी सिल्की निक्कर को हल्का सा जांघों से उठा दिया. अब आगे की कहानी का मजा लें!पढ़ाई खत्म हो गयी … उपिंदर कहीं और चला गया … धीरे धीरे उन सब बातों की यादें धूसर हो गयी।मैं नौकरी करने लगा, फिर से अजय बन गया। फिर कोई उपिंदर जैसा नहीं मिला।घर वालों ने मेरे लिए लड़की देखनी शुरू कर दी। शादी करने में मेरी कुछ खास रूचि तो नहीं थी पर सोचा ठीक है जो हो रहा है.

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उन्होंने डार्क ब्लू खुला खुला टॉप पहना था और नीचे काली टाइट फ़्लेक्सिबल जींस. मैं उसकी चूत में उंगली घुसाने की कोशिश कर रहा था और मेरी उंगली अंदर उसकी चूत में चली गई. ड्रेसिंगरूम में आ कर मैंने ड्रेसिंगरूम की सभी लाइट्स ऑन कर दी और वसुंधरा को बहुत आहिस्ता से कंधे से पकड़ कर आईने के सामने कर दिया.

चूंकि उस समय सर्दियां थीं, तो मैं और भाभी अलग अलग रज़ाई में लेटे थे. जब तक मैंने मूतना बंद नहीं कर दिया, नम्रता ने अपने आपको स्थिर ही रखा. हिंदी में बीएफ दिखा दीजिएमैंने रश्मि के सारे कपड़े निकाल दिए और उसे सोफे पर लिटा कर उसकी चुत में लंड डाल दिया.

मूत पी कर भी उसने लंड चूसना तब तक नहीं छोड़ा, जब तक मैं झड़ नहीं गया.

फिर हम लोग एक रेस्तरां में लंच को गए, तो उन्होंने बताया कि मैं यह सब अपने पति के साथ भी कर चुकी हूँ, इसलिए ये सब मुझे अच्छी तरह करना आता है. मैं बेड पर बैठा हुआ था, उसे अपने पास बुलाया तो मेरे सामने आकर खड़ी हो गई.

उसने मुझको बेडरूम में चलने के लिए बोला और हम दोनों बेडरूम में आ गए. पहली बार में तो उसने मेरी बात नहीं मानी लेकिन मेरे बहुत समझाने के बाद फिर वह इस शादी के लिए तैयार हो गई. एक तरफ तो लंड मुझे उत्तेजित कर रहा था और दूसरी तरफ मुझे डर था कि कहीं आंटी देख न ले.

थोड़ी देर चुचे चूसने के बाद मैं खड़ा हो गया और कहा- मैम, अब अपनी चुत दिखाओ.

मेरी रंडी छिनाल, गुलाम बनी है, तो फिर तुझे अपने मालिक का हुकुम तो मानना ही पड़ेगा ना. उसने मुझे अपना सामान गाड़ी से उतरने के लिए रिक्वेस्ट की जिसे मैंने भी तुरंत मान लिया. रजनी उसे नीचे ही मिल गयी, बोली- क्या बात है, कोई बात नहीं करते?राहुल बोला- ऐसी कोई बात नहीं!फिर उसने विजय के लिए पूछा.

love u बीएफअंकल ने अम्मी की पेंटी को एक साइड किया और अम्मी की चिकनी बिना बालों की चूत साफ़ दिखने लगी. अम्मी के चूचे तो जैसे दूध में नहाये हुए थे, बहुत ही गोरे और मोटे चुचे थे.

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मैंने कह दिया कि आंटी नींद नहीं आ रही थी, तो यहां खड़ा होकर दोस्तों से फ़ोन पर बात कर रहा हूँ. अजय के मुंह से इस तरह के शब्द निकल रहे थे और मेरी बीवी ऋतु अपनी गांड चुदवाने में मग्न हो गई थी. मैंने तुरंत मेरे मुँह पे हाथ रख दिया ताकि ज़ोर की सिसकारियों की आवाज़ ना आए.

उसको तो यह भी पता था कि मैं मानसी की चूत और गांड चोदने की फिराक में रहता हूं. मैं वैसी कहानी तो आपको पेश नहीं कर पाऊंगा क्योंकि इस साइट पर उच्च कोटि के लेखक कहानी लिखते हैं. दीदी ने भी सहमति देते हुए खुद को चित लिटा दिया अपनी टांगें फैला कर चूत खोल दी.

कुछ देर तक ऐसा ही खेल खेलने के बाद भाभी ने कहा- जनाब, अकेले ही नंगे पड़े रह कर मजा लेते रहोगे या किसी और की तरफ भी ध्यान दोगे?मैं भाभी के ऊपर आ गया और उनके कमीज को ऊपर करते हुए उनको ब्रा में छोड़ दिया. मैंने मौसी की बालों वाली चूत में धक्के देने शुरू कर दिये और मौसी मेरी गर्दन को चूमने लगी. मैंने उसकी चोरी पकड़ ली वह एकदम सकपका गया और बोनट नीचे करके मेरे पास आया और बोला- मेडम गाड़ी के कार्बुरेटर में कुछ प्रॉब्लम है.

फिर उसने मुझे बांहों में लेकर किस किया और फिर प्रिया ने ‘मुझे ई लव यू …’ बोला।हम दोनों सुबह तक ऐसे ही लेटे रहे। हम दोनों अपना नम्बर एक्सचेंज किये।फिर लखनऊ आ गया। हम साथ में उतरे. भाई बहनों की इस चुदाई कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मेरी बड़ी दीदी हेतल के पति रितेश जीजू ने मेरी छोटी बहन मानसी यानि कि अपनी साली को चोद दिया.

मुझे पहले से ही ताऊ जी और चाची की निगाहों को देख कर कुछ गड़बड़ लगी थी.

सच कहूं तो मुझे अपनी उछलती चूत पर बहुत शर्म आ रही थी कि अंकल जी क्या सोच रहे होंगे मेरे बारे में कि ये कैसी लड़की है पहली चुदाई में ही चूत उठा उठा कर बेशर्मी से लण्ड खा रही रही है. ससुर बहु बीएफ वीडियोमैंने अपने आपको इतना पीछे की तरफ खींचा कि सुपारा भर उसकी सुराख में फंसा रहा. ब्लू फिल्म बीएफ चोदने वालीफिर मैंने सोनू की पैंट का हुक भी खोल दिया और उसकी पैंटी में हाथ डाल दिया. वह बोलीं- ऐसे हमें कोई देख लेगा, तुम्हारे मम्मी पापा ऊपर सो रहे हैं.

फिर कुछ दिनों के बाद मुझे भी पढ़ाई के कारण पास वाले टाउन में रहने जाना पड़ा.

थोड़ी देर बाद उसने संगीता की बांहें ऊपर उठा कर उसके नीचे हाथ डाल कर बाँहों की एक्सरसाइज शुरू की. मुझे कोई बनाना भी नहीं है क्योंकि सब मतलबी होते हैं।उसका जवाब सुनकर मैं मन ही मन खुश हो रहा था कि चलो इस बारे में बात तो स्टार्ट हुई हमारी।मैं- किस तरह से मतलबी होते हैं, मैं समझा नहीं कुछ?पुष्पिका- भाई, आपकी गर्लफ्रैंड है?मैं- पहले थी, अब तो कोई नहीं है? क्यों, तुमने ऐसा क्यों पूछा?पुष्पिका- बस वैसे ही पूछ लिया. मतलब अगर मेरी दोस्ती उस घर के किसी मर्द से हुई, तो उस मर्द की इज्जत करते हुए वह खुद भी उस घर की औरतों को अपनी बहन बेटी जैसा समझेगा.

मैंने कहा- ये क्या कर रही हो?वो बोली- रात को मियां जी, जब मेरी चूत सूंघेगा, तो इसमें से तुम्हारी महक आएगी, जो मैं नहीं चाहती, इसलिए मैं नहाना चाहती हूँ. मेरा लंड उसके गले तक जा रहा था, जिसे वो रंडी की तरह मजे लेकर चूस रही थी. लंड चुत के अन्दर आने के बाद 30 सेकंड हम दोनों रुके, फिर उसने धीरे धीरे धक्के देना शुरू किए.

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मैं उसे जाते देख कर खुश हो गया कि अब मैं एक पर निशाना बड़ी आसानी से साध सकता हूँ. उसने फोन पर मानसी को बताया कि वह कुछ दिन के लिये हमारे पास रहने के लिए आ रही है. बाकी की डिटेल मैनेजर ने खुद ही हम दोनों को पति पत्नी मानते हुए भर ली.

वो खुद अपने हाथ से अपनी चुचियां दबाते हुए मुझे उकसा रही थी और अपने होंठ काट रही थी.

मैं तुम्हारे अलावा किसी और के साथ अपनी वर्जीनिटी लूज़ नहीं करना चाहती.

मतलब मजा नहीं आया?”नहीं यार, ऐसी बात नहीं है … तुम एक बार बता तो देते. दोस्तों जब मैं उनके घर पहुंचा, तो वहां उनकी पत्नी, दो बेटियाँ और उनके भाई एवं उनके भाई की पत्नी, जिनका नाम बबली (बदला हुआ) था … सभी साथ ही रहते थे. बीएफ सेक्सी ब्लू वीडियो बीएफजीजाजी एकदम से तनाव में आ गए, पर बात दादाजी की तबियत की थी, तो कुछ कहना भी संभव नहीं था.

मैं- देखो तुम और मधु एक अच्छा बच्चा चाहते हो … और मैं भी एक सुन्दर और गुणवान बच्चे में विश्वास रखता हूं. मेरी जांघों पर बैठती हुई वो मेरे लंड को अपनी चूत में सेट करने लगी और लंड को अपनी चूत पर लगाकर उछलने लगी. यही सब सोच कर मैं आराम करने लगा।शाम को उसने मुझे चाय पीने के लिए बुला लिया.

मैंने उसकी ओर देखा तो वो एकदम बोला- पाना!मैंने कहा- क्या?पाना पकड़ना है पाना!” वो हिम्मत करके बोला।:पाना?” मैं उसकी ओर देख कर बोली. उसने कहा कि उसके दोस्त ने उसको अपने घर बुलाया है और रोहन के अलावा उसने एक और दोस्त को भी बुलाया है.

मैंने शार्ट्स को भी वहीं पर निकाल दिया और केवल ब्रा और पैंटी बदन पर छोड़ दी.

बस स्पीड से दौड़ रही थी और हम धीरे धीरे उसी स्पीड का फाइदा उठा के एक दूसरे के अरमान पूरे कर रहे थे. प्रीत के साथ भी मैंने उनकी बात करवा दी।लेकिन 2 दिन बाद भाई को घर जाना था और अपनी जरूरत के कागजात बनवाने थे। तो भाई ने कहा- मैं 20 दिन बाद एक सप्ताह के लिए आऊंगा, तब एन्जॉय करेंगे।दो दिन बाद भाई चले गए।और जब वापस आये तब प्रीत की चुदाई की वो अगली कहानी में बताउंगी। आप मुझे[emailprotected]पर मेल करके बताना कि आपको कैसी लगी मेरी चुदाई।धन्यवाद।. मैंने उसकी टी-शर्ट को निकाल दिया और देखा कि उसने अन्दर कुछ नहीं पहना था.

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मैंने पाया कि वो अब घर की तरफ देखने की और भी ज्यादा कोशिश करने लगी. मैं रोज उनके घर में झांकते हुए जाता था इस आस में कि शायद भाभी के दर्शन हो जायें. लेकिन अगर वो अपने पति से संतुष्ट नहीं है तो भले ही चार दिवारी में बंद कर दो वो कुछ भी करके लण्ड ले ही लेगी।दोस्तो, आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी मुझे बताना जरूर.

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मेरा लौड़ा भी पूरे ताव में था और भाभी की चूत भी पूरी गर्म हो चुकी थी. जो भी मर्द उसको देखता है तो सबसे पहले नज़र उसकी चूचियों पर ही जाती है. मुझे दूसरी तरफ यह भी विश्वास था कि वह शायद अपने घर वालों के सामने इस तरह कोई बात नहीं बतायेगा.

बहुत खटखटाने पर जब दरवाजा नहीं खुला तो मैं अपनी खिड़की के रास्ते से अंदर आ गया. पहले मूवी देखी, फिर डिनर कर के वापिस 11 बजे करीब फ्लैट पर वापिस आया.

सुचिता का भी यही हाल था तो हमने बाहर निकल कर पहले पेट भर कर खाना खाया और मैंने वापस आते वक़्त सुचिता को उसके हॉस्टल पर छोड़ दिया और मैं वापस अपने हॉस्टल पर आ गया।आशा करता हूँ कि आपको मेरी ये कहानी भी पसंद आई होगी। मेरी कहानी आप लोगों को कैसी लगी ये ज़रूर बताना। आंटी और भाभियों के मैसेज के लिए तो मैं हमेशा इंतजार करता रहता हूँ किंतु अगर कोई जवान लड़की भी मैसेज करना चाहे तो उसका भी स्वागत है.

कुछ ही देर में दिन का उजाला हो गया, तो हम स्टेशन से बाहर आकर टैक्सी वाले से अपना अपना पता दिखा के पूछने लगे. ”वंश लंड पेलता हुआ बोला- हाँ साली मम्मी तेरी गांड चोद रहा हूं … आह तेरे जैसी छिनाल मम्मी हर बेटे को मिलना चाहिये … साली की क्या रसगुल्ले सी गुलगुली गांड है … आह आआह्ह आअह अब तक ऐसी गांड तो किसी रंडी की भी नहीं मिली. मैंने उनसे पूछ लिया- आप कहाँ जा रहे हो?रोहन ने मुझे बताया कि वह अपने फ्रेंड्स के साथ घर जा रहा है.

उसके ऊपर चढ़ कर उसकी ब्रा के ऊपर से मैंने उसके चूचों को दबाया और फिर उसको पलटी मार कर पेट के बल लेटा दिया. मैंने बोला- पर चुत चिकनी रखती हो … ऐसा क्यों?वो- नहीं बाबू … आज ही साफ़ की है, जब आपने बोला कि यहीं रुक जा, मैं तब ही समझ गयी थी कि आज आप मेरी चुदाई करोगे. उसका लंड पूरा का पूरा मेरी चूत में फंसा हुआ था जो अंदर तक जाकर मेरे पेट से लग रहा था.

डिनर करके दोनों सीमा के फ्लैट के आधे रास्ते में ही पहुंचे ही थे कि एक साथ तेज बारिश शुरू हो गयी.

सेक्सी बीएफ ब्लू पिक्चर सेक्सी: कहानी के दूसरे भाग में आपने पढ़ा कि मेरी बहन मानसी अपनी चूत में डिल्डो लेकर मजा ले रही थी. अगर उस समय वो अकेली होतीं, तो इससे मुझे लगता कि जैसे मेरे अन्दर तक देख रही हों.

लेकिन अब मेरी चूत को कौन शांत करेगा?वो बोला- मेरा ये लंड ही तेरी चूत को शांत करेगा. नम्रता ने अपनी टांग को मेरी कमर पर रख कर मुझसे और कस कर चिपकने लगी. कुछ ही देर में मुझे अति आनन्द की अनुभूति की प्राप्ति हुई और मैं उनसे किसी जोंक की तरह लिपट गयी और अपनी लेग्स उनकी कमर में लपेट दीं और चिपट गयी उनसे.

सात दिन तो जैसे तैसे निकल गए, उसके बाद मेरी चूत और गांड लंड के लिए तड़फने लगी.

उसके बाद मुझसे और भाभी से बिल्कुल कंट्रोल नहीं हो रहा था, तो मैं भाभी के ऊपर लेटकर मिशनरी पोजीशन में आ गया. मेरी कहानी में आपको रोमांच भरा सेक्स देखने को मिलेगा। मैं अपनी कार में जंगल से गुजर रहा था, बारिश हो रही थी और रात भी घिरने लगी थी. सुचिता का भी यही हाल था तो हमने बाहर निकल कर पहले पेट भर कर खाना खाया और मैंने वापस आते वक़्त सुचिता को उसके हॉस्टल पर छोड़ दिया और मैं वापस अपने हॉस्टल पर आ गया।आशा करता हूँ कि आपको मेरी ये कहानी भी पसंद आई होगी। मेरी कहानी आप लोगों को कैसी लगी ये ज़रूर बताना। आंटी और भाभियों के मैसेज के लिए तो मैं हमेशा इंतजार करता रहता हूँ किंतु अगर कोई जवान लड़की भी मैसेज करना चाहे तो उसका भी स्वागत है.