बीएफ अंग्रेजों की सेक्सी

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बीएफ मोटर्स: बीएफ अंग्रेजों की सेक्सी, ये सुनते ही मैंने उनको अपने नीचे पटका और चाची से कहा- चाची कंडोम है क्या?वो बोलीं- देखो वहीं अलमारी में पड़ा होगा.

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पर तुम्हें भी बना दूँगा।यह कहते हुए मैंने लण्ड को उसकी गाण्ड पर चिपका दिया और हाथ आगे ले जाकर पेट को सहलाने लगा।वो बोली- जनाब थोड़ा वेट करो. सेक्सी डब्लू डब्लूउस दिन उनके बॉस ने मुझे देखा तो देखते रह गए और उन्होंने मेरे भैया को अपने केबिन में बुलाकर कहा कि मैं सोच रहा हूँ कि तुम्हें मैं अपने नीचे वाली पोस्ट दे दूँ.

पर अब मुझे मजा कम और दर्द ज्यादा हो रहा था और उनसे छोड़ने के लिए बोल रही थी. प्रेमिका को उपहारतू कुछ बोलेगा तो नहीं?मेरे हामी भरने के साथ उसने ये कहते हुए कि तू चिंता मत कर कोई नहीं देखेगा.

भाभी खाना बनाने लगी तो मेरे मन में ख्याल आया कि मैं भी भाभी के साथ रसोई में जाता हूँ.बीएफ अंग्रेजों की सेक्सी: उफ्फ… क्या बताऊं एक अलग सी झुरझुरी सी मेरे पूरे जिस्म में दौड़ गयी थी.

मैंने भी उन्हें बांहों में भर लिया, कुछ पल खुद को ये एहसास कराया कि हां मैं हकीकत का सामना कर रहा हूँ.जैसे ही मेरे हाथ ने उसकी गरम चुत को छुआ, उसने मेरा हाथ पकड़ना चाहा, पर मैंने उसका हाथ हटा दिया.

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मैंने उससे कहा कि तुम बाहर क्यों आ गईं?तो वो बोली- मैं उधर बोर हो रही थी इसलिए बाहर आ गई.मैंने उसकी टांगों को फैलाकर चुत के ऊपर जैसे ही हाथ फेरा, वो एकदम से चिहुंक कर बोली- प्लीज़ आह्ह.

रानी ने पहले तो पूरे लौडे को नीचे से ऊपर तक चूमा, टट्टे सहलाये और फिर बड़े दुलार से खाल पीछे खींच के टोपे को नंगा किया. बीएफ अंग्रेजों की सेक्सी साथ ही प्रिया की आँखें उलट गयी तथा वो निष्चेष्ट सी हो कर मेरी बाहों में झूल गयी.

इस तरह मैं आंटी के घर जाकर उनके बदन के भी दीदार कर लेता था और कभी किसी बहाने उनके बदन को हाथ भी लगा लेता था.

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मुझे यह देख कर थोड़ा आश्चर्य हुआ क्योंकि मेरी ससुराल में इस वक्त कोई मर्द नहीं होना चाहिए. कुछ ही देर में चुदास बढ़ी तो मैंने उसका लोअर और पेंटी निकाल दी और उसको बेड पे बिठा कर उसकी चुत चाटने लगा. मैंने उससे कहा कि तुम बाहर क्यों आ गईं?तो वो बोली- मैं उधर बोर हो रही थी इसलिए बाहर आ गई.

मेरे प्यारे दोस्तो, मैं हार्दिक आप सबके सामने अपनी कहानी लेकर आया हूँ. विनय- नेहा, मेरे लंड को देखोगी, जो पूरी रात तुम्हारी याद में रोता रहा है?मैं उठ कर बैठ गई और विनय की चड्डी के ऊपर से ही उसके लंड को सहलाने लगी. किसी पेज में कास्ट को लेकर कमेंट्स हो रहे थे, तो मैंने भी उसमें कमेंट्स करना शुरू कर दिए.

दोस्तो, मैं बबलू, मेरी पिछली कहानीप्रीति चूत चुदाने को मचल रही थीसभी पाठकों को पसंद आई थी. थोड़ी देर बाथरूम के अन्दर ही चोदा, लेकिन इधर कम जगह होने के कारण आराम से चुदाई नहीं हो पा रही थी. स्मिता ने अपने दोनों हाथ बाउंड्री पर रखे और मेरी तरफ पीठ करके खड़ी हो गई और कहा- राहुल उठाओ मुझे.

मैं आप सभी की पसंदीदा वेबसाईट के लिए बहुत सारी सच्ची चुदाई की कहानी भेजना चाहता हूँ. मेरे शरीर का कोई ऐसा पार्ट नहीं होगा, जिसको वो पूरी तरह से निचोड़ कर ना रख दे.

सामने सोनी को देखकर मैं हतप्रभ रह गया; मैं जल्दी से अपनी लुंगी को सही करने लगा लेकिन इस चक्कर में लुंगी थोड़ी सी उठ गयी और तना हुआ लंड का बाहरी हिस्सा दिखने लगा। मेरे ख्याल से सोनी की नजर उस पर पड़ चुकी थी।सोनी यह बोलती हुयी कि मेरी ‘तबियत कैसी है’ कहते हुए तब तक अन्दर आ चुकी थी।मैं दरवाजे को बन्द करते हुए अन्दर आया, तब तक पलंग के पास पड़ी हुयी कुर्सी पर बैठ गयी और उसकी नजर मेरे लैपटॉप पर पड़ चुकी थी.

मैंने हँसते हुए तीन चार थोड़े से तेज़ धक्के ठोके- बहनचोद बहुत बड़ी हरामज़ादी है तू रंडी… एक हज़ार रंडियां मरी होंगी तब तू पैदा हुई कमीनी.

एक दिन क्लास खत्म होने के बाद मैं अपनी डेस्क पर ही बैठ कर अपना काम निपटा रहा था. वो भी अपनी कमर उठा उठा कर चुदाई का मज़ा ले रही थी और ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी कि चोदो और ज़ोर से अब जाकर इस फुद्दी में ठंडक पड़ी आहह उहह उहह आहह ओह मेरे राजा पूरी अन्दर तक जा रहा है… तुम्हारा लंड और ज़ोर से चोदो फाड़ दो मेरी चूत को मेरे कमीने पतिदेव… आज अपनी एक दिन की गंदी पत्नी को जी भर के चोदो. ”सच में उसकी चूत बहुत ढीली रबर जैसी थी, जितना चौड़ी करना चाहो, कर लो.

उस अहसास को शब्दों में बयां करना मेरे बस की बात ही नहीं है, बस इतना समझ लो कि ये मेरे मन की बड़ी मुराद के पूरी होना जैसा था. पूरा करेला दीदी के पानी में डूबा हुआ था… दीदी ने दोबारा करेला अपनी चूत में डाला और आहिस्ता आहिस्ता अपनी चुत को चोदने लगीं. मैंने उसके होंठों पर होंठ रख दिए और आराम से झटके लगा लगा कर उसे चोदने लगा.

न केवल मेरा शरीर बलिष्ठ है बल्कि मेरा लंड भी पूरे 8 इंच लंबाई का है और मोटा भी किसी लड़की की कलाई जितना है.

और मैं अंजलि की तलाशी लेने का नाटक करने लगा और उसके पूरे बदन के कपड़ों के ऊपर से दबा दबा कर देखने लगा. अब मैं आप लोगों को अपनी सहेली के बारे में बता दूँ… मेरी सहेली का नाम रानी है, उसके बूब्ज मस्त और गोल हैं. सामने सोनी को देखकर मैं हतप्रभ रह गया; मैं जल्दी से अपनी लुंगी को सही करने लगा लेकिन इस चक्कर में लुंगी थोड़ी सी उठ गयी और तना हुआ लंड का बाहरी हिस्सा दिखने लगा। मेरे ख्याल से सोनी की नजर उस पर पड़ चुकी थी।सोनी यह बोलती हुयी कि मेरी ‘तबियत कैसी है’ कहते हुए तब तक अन्दर आ चुकी थी।मैं दरवाजे को बन्द करते हुए अन्दर आया, तब तक पलंग के पास पड़ी हुयी कुर्सी पर बैठ गयी और उसकी नजर मेरे लैपटॉप पर पड़ चुकी थी.

उसने भी मेरा भरपूर साथ दिया और ऐसे इजहार किया जैसे वो अपने कपड़ों से मुक्ति पाना चाहती हो. इसलिए मैं भी यह बोल कर कि डेविड तुम फिल्म देखो, मैं चेंज करके आती हूँ. मैंने उनसे बोला- दीदी जिस्म की आग के सामने क्या बड़ा और क्या छोटा, क्या भाई और क्या बहन, क्या बाप और क्या माँ, क्या बेटा और क्या बेटी, क्या ब्वॉयफ्रेंड और क्या पति, क्या जीएफ और क्या पत्नी.

मैं अपने दोस्त के साथ रहता था, आज वो दूसरे दोस्त के कमरे में सोने गया था.

निप्पल चुसवाते ही मीशा की मस्ती बढ़ गई और वो मेरे मुँह में अपनी चूचियां ठेलने लगी. उस लड़के ने ब्रा को ऊपर कर दी और बारी बारी से दोनों को चुचों को चूसने लगा.

बीएफ अंग्रेजों की सेक्सी सच में उसकी गांड मारने में मुझे बहुत ही मजा आया, उस दिन को मैं कभी भी नहीं भूल पाऊंगा. सच कहता हूं दोस्तो, आज तक मुझे सेक्स करने में इतना मजा कभी नहीं आया था जो मजा उस दिन आ रहा था।अब मैं पारुल की नाभि को किस करने लगा तो पारुल तड़फ उठी और अपनी कमर को ऊपर नीचे करने लगी और लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी.

बीएफ अंग्रेजों की सेक्सी वो बनारस की रहने वाली थी और एकदम से देसी इंडियन गर्ल लग रही थी, इंडियन साड़ी में बहुत खूबसूरत लग रही थी। उसके बदन की खूबसूरती, जिस्म का आकार, चूची का आकार, चूतड़ों का साइज़ बढ़िया दिख रहा था. इसलिए आंटी को लंड को मुँह में लेना जम नहीं रहा था, पर थोड़ी देर बाद वो मेरे लंड को लॉलीपॉप के जैसे चूसने और चाटने लगीं.

मैंने जबाव दिया- शुक्रिया… वैसे आपका नाम क्या है?उनका जवाब आया- मेरा नाम वर्षा है.

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मैं अब भाभी के दूध चूसने लगा और एक हाथ मैंने भाभी की पेंटी में डाल दिया तो मैंने देखा कि भाभी की चूत गीली हो गयी है। चूत पर मेरा हाथ पड़ने से भाभी सीत्कारें लेने लगी, उम्म उम्म उम्म उम्म हहहह करने लगी. मैं अन्दर ही अन्दर बहुत खुश हो गया और हम दोनों चाची के रूम में चले गए. बहुत अच्छा सिंगर और बांसुरी बजाने वाला भी हूँ। मेरी इस योग्यता के चलते हर महीने लड़कियों के प्रोपोजल मुझे आते हैं और मैं अपने हिसाब से जो आसानी से चोदने मिले ऐसी लड़की को ही ‘हाँ’ कर देता हूँ।थोड़ा सा अपने बारे में बता कर कहानी शुरू करता हूँ। मैं एक बहुत सुन्दर और हैंडसम लड़का हूँ। मेरे लंड का साइज औसत से बड़ा है और कसम से दोस्तों.

मैं उसके किराएदार आंटी के रूम में गया और उसको पकड़ कर बेड पे गिरा लिया. मयूर ने बिना ज्यादा जांच किए ही सब कागज पर साइन कर दिए, फिर कानूनगो साहब से भी साइन करवा लिया. मेरी साली एकदम दूध जैसी गोरी है, कोई अगर उसकी गोरी गांड और बूब एक बार देख ले तो मेरा दावा है कि वो मुठ मारे बिना नहीं रह सकता.

कुछ देर बाद सर ने मुझे बाथरूम में ले जाकर मुझे साफ़ किया, मुझे खून भी निकला था.

मैंने अपने दोनों हाथों को अपनी राजकुमारी के नितम्बों के नीचे रख कर थोड़ा-थोड़ा ऊपर की ओर उभारना शुरू कर दिया. ये मेरे साथ फर्स्ट टाइम था, तब भी मेरे मुंह से अपने आप गन्दी बातें निकलने लगी, मैं बोली- ओहह हहह कुत्ते और चाट… बहुत मस्त चाटता है चूत… कितनों की चाटी है?तभी बालू उठा और मेरी ब्रा को जोर से खींचा ब्रा फट गई, मैं अब पूरी नंगी हो गई. अगले कुछ ही पल में वह भी कपड़े उतारकर सिर्फ ब्रा पेंटी में ही नदी में कूद गई.

दीदी- अच्छा प्रीति, एक मिनट रुक…कहकर दीदी फ्रिज खोल कर उसमें से पानी निकाल कर लाईं और पीने लगीं. उसने मेरी शर्ट उतार दी और पेंट खोल कर लंड को मुँह में ले लिया और बहुत अनुभवी खिलाड़ी की तरह मुँह में लंड लेकर गपागप लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. आंटी हंस दीं और बोलीं- सच में उसी दिन मैंने भी सोच लिया था कि तेरे लंड से ही अपनी चुत की खुजली मिटवाऊंगी.

कुछ मिनट धीरे धीरे गांड की चुदाई से मेरा दर्द कम होने लगा और अब मैं भी उसका साथ देने लगी. वो दर्द से चिल्ला उठी और बोलने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… बाहर निकाल साले… फाड़ दी.

आज के बाद हम दोनों की जिंदगी में क्या क्या मोड़ आएं… मैं नहीं जानती लेकिन जो अभिसार अभी आप के और मेरे बीच में होने वाला है, मैं चाहती हूँ कि उसका स्वरूप एक पति-पत्नी के अभिसार का हो… ना कि प्रेमी-प्रेमिका के अभिसार का. लगभग 15 मिनट तक मैं आंटी को अलग अलग पोज में चोदता रहा और आंटी को पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया. वो मान गई और जैसे ही उसने टी-शर्ट उतारी, उसके छोटे छोटे गोल गोल टमाटर जैसे लाल लाल चुचों को देख कर मजा आ गया.

मेरी अन्दर भी पूरी मस्ती छाई हुई थी, तो मैंने सोचा कि इन पलों का कुछ मजा लिया जाए.

मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाल कर उसके मुंह में दे दिया और उसके मुँह में वीर्य छोड़ दिया. अब तो मेरा वासना से बुरा हाल होने लगा, मेरे मुँह से जोर जोर से आवाजें आने लगीं ‘आआह्ह्ह चाची आआह्ह्ह हय क्या चूसती हो… और जोर से चूसो और चूसो… और…’मैंने इतना कहते ही उनके मम्मों को अपने हाथ में ले लिए और जोर जोर से दबाने लगा. कल पूरी रात नेहा मेरा लंड सिर्फ तुमको याद करके अपना रस निकालता रहा.

अगर तुमसे 40000 मिल भी जाएंगे तो भी बाकी की रकम मुझे ही पैदा करनी है. मैं उसकी टी-शर्ट उतारने लगा, पहले तो वह शर्मा रही थी, पर थोड़ा कहने के बाद मान गई.

आपको मेरी फर्स्ट टाइम सेक्स कहानी कैसी लगी, आप अपने सुझाव मुझे इस ईमेल आईडी पर भेज सकते हैं. भाई और भाभी अपने रूम के बेड पर सो रहे थे और हम दोनों ने नीचे बिस्तर लगाया हुआ था. मैं माँ की चुत के ऊपर अपने लंड को घिस रहा था और वे आँखें बंद करने लगातार सीत्कारें ले रही थीं.

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मेरी वाइफ बोली- तो क्या करूँ?मैं बोला- क्या मैं नहीं हूँ?बीवी बोली- आपके साथ मुझे अच्छा नहीं लगता.

जैसे छोटे बच्चे लॉलीपॉप चाटते हैं, वो वैसे ही लंड को चाट और चूस रही थी. अब देखो कब ऐसा मौका मिलता है कि मैं किराएदारन आंटी अपनी मॉम और बहन तीनों को एक साथ एक ही बिस्तर पर कब चोद पाता हूँ. अंदर से उसकी फूली हुई चिकनी चूत निकल कर आई तो मैं वासना से पगला गया, मैंने अपने होंठ उसकी चूत पर टिका दिये और उसे चूमने चाटने लगा.

मैं उसके होंठों को जब चूम रही थी तो उसकी गर्म सांसें मेरे नाक में आ रही थी और मुझे पागल बना रही थी. मेरी गरम सेक्स कहानी के पिछले भागशादी से पहले पति के सामने चुत चुदाई-1में आपने पढ़ा कि कैसे मेरी लालची माँ ने मेरा रिश्ता तय कर दिया. ठाकुर साहब वॉलपेपरमैंने धीरे से उसका हाथ पकड़ा और अपने अंडरवियर के अन्दर अपने लंड पर रख दिया.

आज अगर तुमने मुझे रोक लिया तो बहुत जल्दी तुम्हें आज के दिन के लिए रोना होगा, तब मैं तुम्हारे पास नहीं रहूँगा. उसने अपने लंड से 20-25 धक्के लगाए होंगे कि अपना लंड मेरे मुँह से खींच लिया.

मेरी नज़र एकदम उनके चुचों पर पड़ी, मैं तो देखता ही रह गया और मेरा लंड भी खड़ा होने लगा. थोड़ी देर बाद उनके गांड के छेद को थूक लगा कर चिकना कर दिया और अपने लंड का सुपारा छेद पे रख दिया. जैसे रेशम की नर्म-गर्म सी, नाज़ुक सी मुट्ठी जैसी कोई चीज़ मेरे मेरे लिंग पर रह-रह कर कस रही हो.

फिर उसने ही अपने मन से एक ड्रेस उठा कर मेरे बैग में डाल दी और हम चलने लगे. वैसे और भी लड़के हैं, जो मेरी चुत में डालने के लिए अपना लंड खड़ा किए रहते हैं मगर वो कम पैसे देते हैं, इसलिए मैं उनसे नहीं चुदवाती हूँ. थोड़ी देर बाद मेरी साली खुद उसका सर पकड़ कर अपने मम्मों पर दबाने लगी और हल्की आहें भरने लगी.

जिसके पीछे कॉलेज के सभी लड़के पड़े रहते थे, पर ये अपनी नजरें भी ऊपर नहीं करती थी। खुद मैं भी इसे पटाने की सोचता था। मैं ये भी नहीं जानता कि वो मुझे पहचानेगी भी या नहीं। क्योंकि वो कक्षा के किसी लड़के से बात तो दूर.

पैसे कल दे देना और हां मैं जब तुम्हारा इलाज करूँगा तो मैं तुम्हें दोस्त की तरह समझूँगा और मैं तो कहूँगा तुम्हें मेरी वाइफ की तरह फ्रीली रिलेशन बनाने में हेल्प करनी होगी, जैसे किसी पत्नी को अपने पति के साथ सेक्स करना होता है. और हम दोनों के नंगे बदन पसीने से ऐसे भीग गए जैसे कि हम दोनों ही नहा कर आये हों।मैं मिंकी के ऊपर कुछ देर ऐसे ही पड़ा रहा और मैंने मिंकी की चूत से अपना लंड भी नहीं निकाला था.

करीब दो मिनट तक नवीन कराह कराह कर अपना पानी मॉम की चुत में गिराता रहा. लेकिन नीलम की बुर पूरी तरह से टाईट थी, बड़ी मुश्किल से मेरा लंड उसकी बुर में जा रहा था. मैंने कहा- नहीं… सच में कोई नहीं है!उन्होंने कहा- परवीन कैसे लगती है?मैंने मुस्कुरा कर कहा- अच्छी लगती है.

सेजल भाभी ने मेरी तरफ़ देख कर एक शैतानी स्माइल दी और एक और झटका मारा. और मेरी नजार अंजलि की स्कर्ट के नीचे से दिख रही उसकी नंगी गोरी चिट्टी चिकनी टांगों पर ही थी. नेहा पर तो वो इस तरह से टूटा, जैसे किसी मेमने पर भेड़िया टूट पड़ता है.

बीएफ अंग्रेजों की सेक्सी उसके स्कर्ट पहनी हुई थी, मैंने उसकी स्कर्ट को ऊपर करके उसकी चूत पर अपना हाथ लगा दिया तो पहले तो वह बहुत मचली, मेरी बांहों से निकालने की कोशिश करने लगी लेकिन जल्दी ही उसकी वासना ने उसके दिमाग पर काबू कर लिया. मैंने अंजलि को खड़ा किया और उसकी बैक अपने से सटा ली, अब मेरा लन्ड अंजलि की गांड को रगड़ने लगा, अंजलि अपना हाथ पीछे करके मेरा लन्ड पकड़ कर अपनी गांड पर रगड़ने लगी और मैं अपने दोनों हाथों से अंजलि के चुचे पकड़ कर मसलने लगा और अंजलि की गर्दन को किस करने लगा.

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तो मैं बोला- जब मेरे साथ मज़ा नहीं आता तो किसी और के साथ करने में क्या बुराई है?बीवी बोली- क्या ये आपको अच्छा लगेगा कि आपके सामने कोई और मुझे चोदेगा. वो मेरा पहली बार था इसलिए मुझे सब कुछ आज भी वैसा का वैसा याद है और वैसा ही लिखने की कोशिश कर रहा हूँ. तभी चिंटू जो अपना वीर्य मेरे मम्मों पर गिराने को तैयार दिख रहा था, मैंने भी उसके लंड के रस को मुँह में निकालने के लिए कहा.

दोस्तो, मेरे दूध बहुत सेक्सी हैं… बड़े बड़े, गोल गोल, मुलायम और बेहद नर्म. मेरी पिछली कहानीचचेरी भाभी का खूबसूरत भोसड़ाआप में से कई लोगों को याद होगी और मुझे उम्मीद है कि उस कहानी से आप सभी पुराने पाठक मुझे जानते होंगे. गोल्ड डिजाइन मंगलसूत्रअब आगे:यह सही था कि अब प्रिया अक्षत-योनि नहीं थी क्योंकि पिछले साल मैंने ही तो प्रिया को सुहागिन बनाया था तदापि सवा साल पहले के किये गए एक बार के मैथुन का असर तो कब का योनि पर से विदा हो चुका था.

30 बजे थे, मैंने सोचा बाहर ही इंतजार करता हूँ, आएगी तो सरप्राइज दूंगा.

उनके घर में 3 लोग ही थे, उनके पति का दूसरी सिटी में तबादला हो गया था, वो सरकारी जॉब में थे. अब तुम्हारा निर्णय क्या है?मैंने सारी सीडी भाभी को सौंप दीं और केवल इतना ही कहा कि बस भाभी मैं आपका पक्ष जानना चाह रहा था.

तभी प्रिया बैड के परली तरफ से नीचे उतर आयी और आ कर ठीक मेरे सामने खड़ी हो गयी. मैंने पिंकी की कमर के नीचे तकिया रखा और उसकी टांगों और गांड को ऊपर उठा कर नीचे न्यूज़ पेपर लगा दिया. और फिर हम दोनों एक दूसरे के होंठ चूसने में व्यस्त हो गये।पर उसका मोबाईल बार-बार बज रहा था, हार कर मुझे कहना पड़ा- सोनी, फोन उठा लो!कह कर मैं लेट गया.

वो रुकने को बोली तभी सुहानी की आवाज फिर आ गई, पूजा को जाना पड़ा, पर वो मुझे कसम देकर रोक कर बोली- प्लीज़ 5 मिनट में आती हूँ, रुक जाओ ना.

मेरे झड़ने के बाद भी परीक्षित मेरी चूत को चाटते रहे और फिर से मेरी चूत का पानी भी पी गए. वो अपने खड़े लंड को सहला रहा था और अपना नंबर आने का इंतज़ार ही कर रहा था. मेरे लगातार प्रयासों के बाद भी माँ ने कुछ प्रतिक्रिया नहीं दी तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैं अपने काम में आगे बढ़ने का प्रयास करता रहा.

नंगी बच्चीभाभी के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह…उनकी पेन्टी गीली हो चुकी थी, तभी मैंने एक उंगली उनकी चूत में घुसा दी, जिससे वो चिहुँक उठीं. एक दिन जब मैं ऑफिस जा रहा था तो सोचा कि निशा से पूछ लूँ कि शाम के लिए बाजार से कुछ चाहिए, तो मैं उसके घर गया.

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तू तो मुझे ऐसे चोद रहा है जैसे मैं कहीं भागी जा रही हूँ।मैंने भाभी को आँख मारी और उनके ऊपर लेट गया और धक्के लगाने लगा. मैंने कुछ दिन बाद जब उससे उसकी चूत की फ़ोटो मांगी तो उसने ये कहते हुए मना कर दिया कि मुझे शर्म आती है. कुछ ही देर में झड़ने को हुआ वो भी मेरे साथ ही झड़ गई और हम दोनों बाथरूम के फर्श पर नंगे ही लेटे रह कर पानी की बूंदों का मजा लेते रहे.

पता नहीं चला।ठीक 5 बजे मधु का फोन आया तो मेरी आँखें खुली।वो बोली- कहाँ हो भईया?फरीदाबाद में ही हूँ।”ठीक है जल्दी आना. तेरे लिए… कुछ भी! जान मांगे तो जान भी!!” कहते-कहते जाने क्यों मेरी आँख भर आयी. फिर थोड़ी देर बाद और मैंने एक धक्का मारा और लंड को धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा.

इन चंद घंटों की मीठी याद के सहारे मैं जिंदगी की मुश्किल से मुश्किल दुश्वारी हसीं-ख़ुशी सह लूंगी. मैंने धक्का देते हुए ही पास पड़ी एक छोटे स्टूल को खिसका कर उनके आगे रखा और उनका एक पैर उठा के उसपे रख दिया. आप अपनी राय मेरे इन ई मेल पते पर भेजें![emailprotected][emailprotected].

मेरी चुदाई की स्पीड धीरे धीरे तेज होती गई और मैं अपने लंड को बहुत तेज तेज उसकी चुत में अन्दर बाहर कर रहा था. साला जिन मम्मों को कल तक मैं ऊपर से देख कर लंड हिलाता था, वो आज खुद मेरे पास में खड़ी होकर मुझे दूध पिला रही थी.

एक मिनट बाद जब आंटी बाहर आईं तब मैंने ध्यान से देखा कि वास्तव में आंटी कुछ परेशानी में दिख रही थीं.

तभी एक लड़की जो कि उनकी बुआ थी, उन्हें ढूँढते हुए हमारे पास आई और उन्हें कहने लगी कि बिना बताए कहां चले गए थे. पक वीडियोमैं इतनी गर्म हो चुकी थी कि थोड़ी देर में ही झड़ गई, मेरे झड़ते ही चिंटू ने परीक्षित से जगह बदलने के लिए बोला. कपड़े उतार के सेक्सी वीडियोजब तब आप मेरे चूतड़ों को सहला देते थे।ऊपर से एक दिन जब वो ससुराल आये हुये थे तो एक बक्से की ओर इशारा करते हुये बोले कि आपकी लव लेटर उस बक्से में सहेज कर रखी हुयी हैं, आशा करता हूँ कि आप इसे जितना जल्दी हो सके, नष्ट कर दें। उस समय मैं पसीने से नहा गयी थी। मुझे काटो तो खून नहीं था. तो प्रिया की मम्मी को साथ चलने के लिए फ़ोन लगाया गया और साली साहिबा भी फटाक से सुधा के साथ चलने को तैयार हो गयी.

प्रिया का कंप्यूटर कोर्स भी अपने अंतिम चरण में था, पांच-छह दिन की और बात थी, 02 नवंबर को प्रिया ने घर लौट जाना था.

यहां मेरी हालात भी खस्ता थी क्योंकि मैंने पहली बार किसी लड़की को नंगी देखा था. प्रिया का कंप्यूटर कोर्स भी अपने अंतिम चरण में था, पांच-छह दिन की और बात थी, 02 नवंबर को प्रिया ने घर लौट जाना था. मेरा संयम भी खत्म हो रहा था; मैंने उसको सीधा लिटाया और उसकी एक टांग अपने कंधे पर रख कर अपना 6″ का लंड उसकी चूत पर रख दिया.

आंटी इतनी बार चुदी होने के बाद भी जोर से चिल्लाईं- उई ममाँ मर गई रे. मैंने जब से उसे देखा था बस ठान लिया था कि ये तो मेरे नीचे ही लेटेगी. अगर थोड़ा बहुत अपना चेहरा आ भी गया तो कोई बात नहीं, हम किसी से एडिट करवा लेंगे.

सेक्सी नेतृत्व के कार्य लिखिए

मैंने थोड़े झाके जोर जोर से उसकी चूत में लगाए और हम दोनों एक साथ स्खलित हो गए. मुझे अब समझ आने लगा था कि नीला ने मुझसे नदी पर चल कर नहाने के लिए क्यों कहा था. उसने मेरे लंड का माल मॉम के सामने थूका और मॉम को बोला- भैया ने ऐसा किया, मेरे मुँह में लंड डाला और अन्दर ये वाइट पानी निकाल दिया.

मैंने कहा- यार अर्पी, तुम तो काफी हॉट हो गयी हो, कोई सोच भी नहीं सकता था कि तुम वही अर्पिता हो।अर्पिता- सब तुम्हारे कारण!वो कैसे?” मैंने चौंक कर पूछा- मैं तो अभी अभी मिला हूँ।अर्पिता- मेरा मतलब, सब अन्तर्वासना और उस पर तुम्हारे जैसे लोगों की लिखी हुई कहानी का असर है!सच? तुम्हें मेरी कहानी अच्छी लगी?”अर्पिता- हाँ, बहुत अच्छी कहानी थी, कहानी अच्छी बना लेते हो!वो कहानी नहीं है, मेरी सच्चाई है.

अभी बस मेरा पानी बहन के मुँह में छूटा ही था कि पीछे से मॉम आ गईं और दोनों को इस हाल में देख कर चिल्लाने लगीं.

फिर कुछ देर बाद मैं एकदम से तेज हो गया और उनकी योनि के अन्दर ही अपना पूरा रस छोड़ दिया. वर्क आउट के लिए कुछ सामान तो था नहीं, तो मैं यूं ही पुशअप लगाने लगा. सटकी मटकीवो इतना दर्द महसूस कर रही थी कि उठ ही नहीं पा रही थी, वो अपने कपड़े नहीं पहन पा रही थी.

कुछ देर यूं ही चूसते हुए मैंने अपने दूसरे हाथ से उनके पेट पर से होते हुए उनकी पेंटी पर रख दिया और उनकी चूत को दबाने लगा. स्ट्रोक लगने के कारण उसने जो आँखें बंद कर दी थीं, रुकने पर उसने आँखों को खोला और पूछा- क्या हुआ?मैंने कहा- मैं झड़ रहा हूँ. उसकी पैन्ट फूली सी दिखी तो मैंने महसूस किया कि इसका लंड तो एकदम बड़ा लंड सा होना चाहिए.

वन्दना के पति का करीब 13 साल पहले देहांत हो चुका था और उसका छोटा लड़का मर चुका था. ”प्रिया! लाइट बंद कर दी तो वादा कैसे पूरा होगा? ”मुझे नहीं पता… लेकिन आप लाइट बंद कीजिये.

आंटी की चुत में एक साल से लंड नहीं गया था, इसलिए उन्हें दर्द हो रहा था.

मेरी नजर अपनी बहना की बुर पर थी, उसकी बुर पर छोटे छोटे बाल थे, लग रहा था कि वो अपनी झांटों की सफाई करती थी. ये बात मुझे पता नहीं थी कि मेरे भैया साल में दो बार घर आते थे और आंटी को उस रूम में चोद कर उनकी खुजली मिटाते थे. उन लोगों के आगे बढ़ते ही मैंने अपनी छाती उनकी पीठ पर सटाते हुए कस कर अपने बाहुपाश में जकड़ लिया, मेरी दोनों चूचियाँ उनकी पीठ से दब कर उन्मुक्त होने के लिए छटपटा रही थीं.

सेकसि पिचर मैं समझ गया था कि दीदी को अपनी चुत में डालने के लिए ककड़ी जैसा स्मूद नहीं करेला जैसा डॉटेड सरफेस चाहिए. वह अकेला बैठा था, मैं उसके नज़दीक जाकर फ़ोन पर बात करने का नाटक करने लगा और चुपके चुपके उसे देखने लगा.

पहले तो उसने whatsapp वगैरह के वीडियो देखे और थोड़ी देर बाद उसने ब्लू फिल्म वाला फोल्डर खोल लिया. ताकि मैं तुम्हें पहचान सकूँ।वो बोली- ठीक है, तुम कल शाम 6 बजे आ जाना, मैं मेल कर रही हूँ. मीषा थोड़ा मायूस होकर बोली- पर मंडे को तो मेरे एग्जाम स्टार्ट हो रहे हैं.

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मेरे लंड में तनाव आ गया था सो मैंने भाभी की टांगों को खोल कर लंड के सुपारे को उनकी चूत के मुहाने पर रख दिया और लंड को चूत पर रगड़ने लगा. एक दिन मैंने डॉक्टर से बात की कि क्या इसका कोई इलाज़ है?उसने कहा- हां है. मैंने अपनी गांड हल्की सी पीछे की और कर दी ताकि वो आसानी से अपना हाथ डाल सके.

अब दीदी ने अपने दोनों हाथों से मेरा सिर पकड़ कर अपने मम्मों में जोर से दबा लिया और मादक सिसकारियां लेने लगीं. फिर मैंने आइसक्रीम ली, उनकी काले रंग की चड्डी के अन्दर फंसी हुई चुत में डाल दी.

इस वक्त शराब का हल्का हल्का सुरूर चढ़ने लगा था और अब मुझे साली की नशीली आँखें थी लंड खड़ा करने पर मजबूर कर रही थीं.

मुझे नंगे जिस्म देखने की चुल्ल थी और नीला को क्या था, ये मैंने समझ ही नहीं पाया था. पूजा जैसे ही बोलने को हुई, तभी मैंने जोरदार धक्का दे मारा, इससे पूजा की आवाज लड़खड़ा गई और चुदते हुए बोली- आ… आह…ती हूँपूजा आह आह…” करने लगी और मुझसे कहा- यार, जल्दी माल निकाल दे…पर मैं इतना जल्दी नहीं होने वाला था. आज तो आप बड़ी गर्म हो रही हो।मैं- हाँ यार, आज मुझे जरा खुजली हो रही है.

मयूर ने बिना ज्यादा जांच किए ही सब कागज पर साइन कर दिए, फिर कानूनगो साहब से भी साइन करवा लिया. मैं उससे बोली कि मैंने सुना है कि फर्स्ट चुदाई में खून भी निकलेगा और दर्द भी बहुत होगा. वो नीचे झुक कर सामान उठाने लगी, मैंने भी उसकी थोड़ी मदद की और सामान उठा कर उसको देने लगा.

अब मैं बहुत ज्यादा थक चुकी थी और मेरी पकड़ लगभग ढीली ही हो चुकी थी, पर चिंटू और परीक्षित ने मुझे कसकर पकड़ रखा था.

बीएफ अंग्रेजों की सेक्सी: चिंटू ऊपर की बर्थ पर सो रहा था, जो मुझे मिली थी, क्योंकि और कोई भी आने वाला नहीं था तो नीचे की बर्थ मैंने ले ली. वह मेरी बात को सुनकर शरमा सी गई थी।और मैंने भी देर ना करते हुए उसके पास जाकर उसके गाल पर एक किस कर दी तो पहले तो उसको कुछ बुरा सा लगा और वह एकदम से पीछे हो गई थी.

चलो अब मेरे रूम में चलते हैं, मेरे लंड को खुश करने के लिए आपकी चुत को अपनी मेहनत दिखानी है. उसने पूछा- वो कैसे?मैंने कहा- घर पर कोई नहीं है, पंकज जरूर रेखा को चोदने जाएगा. मैंने अंजलि कीचूत में उंगली डालीतो देखा अंजलि की चूत गीली हो गयी थी.

अब सिगरेट को आंटी के मुँह में रख के सुलगाया और आंटी को कश मारना सिखाया.

मैंने धक्के मारने शुरू कर दिए और करीब आधा घंटा तक मॉम की चुत को चोदा. थोड़ी देर बाद मैं तेजी सेपूजा की गांड चोदने लगाऔर पीछे से मम्मों को पकड़ के मसलने लगा. उनकी बातों से ऐसा लग रहा था, जैसे प्रीति के सेक्रटरी ने प्रीति को प्रमोशन के बहाने चोदा है.