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बाप रे…!’‘क्यों भाभी, भैया आपके साथ ये सब नहीं करते हैं?’‘तुझे क्या मतलब…? और तुझे शादी से पहले ऐसी फ़िल्में नहीं देखनी चाहिए।’‘लेकिन भाभी अगर शादी से पहले नहीं देखूँगा तो अनाड़ी न रह जाऊँगा। पता कैसे लगेगा कि शादी के बाद क्या किया जाता है।’‘तेरी बात तो सही है.सील तोड़ने वाली बीएफ वीडियो: आपी ने कहा- क्या देख रहा है?फिर उन्होंने तौलिये से अपनी छाती को ढका और बोली- मैं फ़िसल गई हूँ और तू मुझे घूर रहा है? चल मुझे उठा!मैंने आपी को बोला- पहले अपने बदन को तो ढक लो!तब उन्होंने कहा- मुझे उठा तो पहले!मैंने आपी को बोला- अपने सीने पर हाथ रख लो ताकि तौलिया दुबारा न गिरे!मैंने उनकी कमर में हाथ डाल कर उन्हें उठाया तब मेरा लण्ड उनकी गांड में सैट गया.

5 इंच है।मुझे चुदाई करने का बहुत शौक है, चाहे वो कोई लड़की हो या कोई आंटी या भाभी हो।और जो कहानी मैं आपके लिये लेकर आया हूँ, यह मेरे जीवन की सत्य घटना है, इसमें नाम बदले हुए हैं।बात दिसम्बर महीने की है, मैं देहरादून से दिल्ली किसी काम से जा रहा था तो मैं देहरादून आई.रीटा की मलाई सी गुदगुदी गाण्ड और गीली भाम्प छोड़ती चूत की घिसन से राजू का लण्ड फिर से तुनके लगा कर खड़ा होने लगा.

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उनकी पैन्टी चूत के रस से गीली हो गई थी।मैं उनकी चूत पैन्टी के ऊपर से ही चाटने लगा। फिर एक झटके मे मैंने पैन्टी उतार दी।भाभी की मस्त क्लीन-शेव कुँवारी गुलाबी चूत देखकर मैं दंग रह गया।उनकी चूत को निहारने लगा तो भाभी ने पूछा- क्या देख रहा है?तो मैंने कहा- आप की चूत तो बिल्कुल कुँवारी है।‘इसीलिए तो तुम्हारे पास आई हूँ.यह सब करते हुए मेरा डर गायब हो चुका था और मुझे यकीन था कि अब सुपरिंटेंडेंट शायद पट जाएगा…फिर मैंने पैंटी ऊपर कर ली और सर को पर्चियाँ उनके हाथ में रखने लगी…मुझे यकीन था कि वो मुझे अब छोड़ देगा…लेकिन !सर- तुम यहाँ रूको, मैं यह चिट्स लेकर ऑफ़िस जा रहा हूँ, तुम्हारे ऊपर चीटिंग केस बनाएँगे…मैं- नहीं सर, प्लीज.

बारी-बारी से चोदा, एक साथ उसे अच्छा नहीं लगता, पर उस दिन उसकी हालत खराब हो गई थी। मैंने 3 बार और मेरे दोस्त ने 4 बार चोदा था उसको !मैं ये सब सुनकर हैरान हो गई कि लोग ऐसा भी करते हैं।तभी उसने कहा- क्या तुम एक या दो से अधिक मर्दों के साथ चुदवाना पसंद करोगी?मैंने तुरंत कहा- नहीं !तब उसने कहा- बहुत मजा आता है ऐसे और खासकर तब. सील तोड़ने वाली बीएफ वीडियो जब उसे कुछ ठीक महसूस होने लगा तब मैं उसके चुचूकों को अपनी उँगलियों से रगड़ने लगा जिससे उसकी उत्तेजना बढ़ गई और उसे दर्द भी काफी कम महसूस होने लगा था.

मैं उसमें कब तक लेटा रहा, मुझे तो तब पता चला जब वो मेरे पास बैठ कर बोली- औ! तो जनाब अकेले अकेले मजा ले रहे हैं? और मैंने इसको हम दोनों के लिये भरा था.

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क्या भाभी?’ मैंने शरारत भरे अंदाज में पूछा।भाभी जान गईं कि मैं उनके मुँह से क्या कहलवाना चाहता हूँ।‘मेरे मुँह से कहलवाने में मज़ा आता है?’‘एक तरफ तो आप कहती हैं कि आप मुझे सब कुछ बताएँगी और फिर साफ-साफ बात भी नहीं करती। आप मुझसे और मैं आपसे शरमाता रहूँगा तो मुझे कभी कुछ नहीं पता लगेगा और मैं भी भैया की तरह अनाड़ी रह जाऊँगा। बताइए ना. पहले तेरी चूत तो चाट लूँ।मैं जीभ से उसकी चूत के दोनों हिस्सों को चाट कर चोदने लगा, इससे मैं तो उत्तेजित हो ही रहा था, वो भी ‘आह. एक बार तो मैंने शान्ति से खड़े होकर नजर भर कर उसके जिस्म को देखा, कमरे मैं सारी की सारी लाईट जली हुई थी, जिससे उसका कामुक बदन साफ़-साफ़ नजर आ रहा था.

चाची बुरी तरह चिल्ला रही थी पर मैंने उस पर और उसकी चूत पर बिल्कुल रहम नहीं किया और जोर-जोर से अपना लण्ड पेलता रहा चाची की चूत में. उधर मुझे डर लगता है, कहीं कोई सांप-बिच्छू ने काट लिया तो?तब उसने कहा- जीने का असली मजा तो डर में ही है।और वो जिद करने लगा, रात काफी हो चुकी थी, करीब 12 बज चुके थे तो मैंने भी हार कर ‘हाँ’ कह दी।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]. मैं वैसा कर सकता हूँ।वो सिसकारियाँ भरती हुई बोली- मेरे राजा मेरी चूत को चाट-चाट कर लाल कर दो।मैंने अपना मुँह उसकी चूत में लगाया और पैन्टी के ऊपर से ही उसे मुँह में भरने की कोशिश करने लगा।वो तड़प उठी और नशीली सी आवाज में बोली- ओह.

जाओ, मुझे भी काम है, यह घर पर ही रहेगा!मैं चली गई, उसकी नज़र अब तक मेरी कमीनी सोच में बसी थी। मेरा मन स्कूल में लग नहीं रहा था। उसका चेहरा, उसका बलशाली शरीर. सिर्फ़ एक बार…फिर मैम ने अपना पल्लू हटाया और आँखें बंद कर लीं।मैम- जल्दी करियो…मैंने अपना हाथ मैम के मम्मों की तरफ बढ़ाया और उनके मम्मों को दबाने लगा।वो बहुत ही मुलायम थे और इतने बड़े थे कि मेरे हाथ में भी नहीं आ रहे थे।मेरा मन बहुत उत्तेजित होने लगा और लंड फिर कड़ा होने लगा।मैम भी अब सिसकियाँ ले रही थीं- आहह. लंड पूरी रफ्तार से चुदाई कर रहा था और उसके लिए रुकना संभव नहीं था।‘मुझे इस चुदाई का पूरा प्रसाद चाहिए.

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मैं उसकी बुर को छोड़ फिर उसकी चूची को अपने सीने से दबाया और पूछा- अपनी चूत चुदवाओगी?मोनिका ने कहा- हाँ.

जिम मौरीसनयह कहानी मेरी पहली कहानी है और सच्ची है।मेरे घर के बगल में एक लड़की रहती है जिसका नाम सिम्मी है, बहुत ही खूबसूरत है लेकिन घर के एकदम पास होने के कारण मुझे उससे राखी बंधवानी पड़ती थी।लेकिन इसी के कारण मैं उससे बेहिचक मिलता भी था, ना मेरे घर वाले और ना ही उसके घर वाले मुझ पर शक कर सकते थे।उसके स्तन और लड़कियों से काफी बड़े थे, उसके नितम्ब को जब भी मैं देखता.

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सील तोड़ने वाली बीएफ वीडियो मैंने उन्हें बिस्तर पर सुला दिया अब सोच रही थी कि मैं अगर बिस्तर पर सो गई, तो हेमंत कहा सोयेगा?तभी हेमंत बोला- तुम बिस्तर पर सो जाओ, यह सोफा काफी बड़ा है, मैं यहाँ सो जाऊँगा. ‘अच्छा, आप जिद्द करते हो तो मैं आपको अपनी दिखा देती हूँ, पर कोई ज्यादा गुण्डी बात मत करना, ओके’? नन्ही रीटा ने पलकों को फड़फड़ाते हुए बहुत ही भोलेपन से कहा.

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हम कार लेकर घर चले तो पुलिस ने हमें उधर जाने नहीं दिया, बोले- रात भर शहर में कर्फ़्यू रहेगा, उस तरफ के इलाके में दंगे हो रहे आप नहीं जा सकते. सो वो आराम करने के लिए हॉस्टल में चली गई।हॉस्टल में उसके अलावा कोई नहीं था, उसने अपने सारे कपड़े उतार लिए और कमरे में बिल्कुल नंगी दर्पण के सामने खड़ी होकर अपने आपको देखा।क्या बला की खूबसूरत थी।फिर वो नीचे देखा. मैं कभी एक चूचि को अपने मुँह में लेता और दूसरी को अपने हाथ से दबाता, और कभी दूसरी को मुँह में लेता और पहली को हाथ से दबाता.

कि सिर्फ पहली बार सील टूटने पर ही दर्द होता है, ये देखो थोड़ा सा खून निकला है, अब डालने से और दर्द नहीं होगा।लेकिन वो उठने का प्रयास करने लगी और कहने लगी- नहीं. प्लीज किसी को मत कहना।मैं- मैं किसी से नहीं कहूँगा लेकिन क्या मैं फिर से तुम्हें उसी तरह देख सकता हूँ?सिम्मी- एक शर्त पर. तुझे कुँवारी तो रहना ही नहीं था… फिर हम भी तो यहाँ 15 साल से काम पर हैं। हमार घरवाली मरने के बाद तो हम यहीं है ना !’रामदीन की बात सुन मैंने कहा- नहीं कभी नहीं.

तो दीदी और भी तेज़ी से अपना मुँह मेरे लंड पर चलाने लगी, मेरे लंड से पिचकारी निकली और सीधी दीदी के हलक में जाकर लगी.

प्रेषिका : माया सिंहकई साल पहले की बात है मेरे पति वरुण ने मुझसे पूछा- क्या तुम मेरे साथ नागपुर जाना चाहोगी?उनको अपने जॉब के किसी काम से ही वहाँ जाना था। मैंने ख़ुशी खुशी हाँ कर दी, इस बहाने मैं भी घूम सकती थी।हम दोनों ट्रेन से नागपुर पहुँचे। स्टेशन पर हमको लेने एक कार आई थी। मेरे पति ने बताया कि यह कार उनके सी. रीटा ने अपनी जीभ से लण्ड की गरारी को छेड़ कर पूरे जोर से चुस्सा मारा तो लण्ड ने भरभरा कर सारा रस रीटा के मुँह में छोड़ दिया. मेरा बाबू जी जितना मोटा तो नहीं है, पर बहुत लंबा है।’सुरेश ने अपनी पैन्ट खोल कर अपना लंड हवा में लहरा दिया।‘ओह्ह गॉड.

फिर मैंने थोड़ा दबाव डालकर दबाया तो वो तड़पते हुए बोली- मैंने तुम्हें अपने आप को सौंपा है, जो भी करो प्यार से करना !मैंने फिर हल्के हल्के उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया. मेरी शादी हुए दो साल हो गए हैं और मेरा एक बेटा है, जो कि मेरी शादी के एक साल तीन माह बाद हुआ था और अब नौ माह का है. जैसा रोज होता है।मैं 9 बजे पापा के कमरे में चली गई।वैसे तो आज मेरी चूत के दरवाजे लौड़े के लिए बन्द थे, मगर पापा को बताना तो था ही क्योंकि वो बड़े ठरकी इंसान थे.

मैं मरी जा रही हूँ!मैंने कहा- भाभी पहले चूस तो लो!मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था, वो देख कर कहने लगी- बहुत मोटा है, पूरा मुँह में नहीं जाएगा!मैंने उसके मुँह के आगे अपना टोपा लगाया और वो धीरे-धीरे चूसने लगी।पहली बार किसी लड़की ने मेरा लंड चूसा… बहुत मज़ा आ रहा था। थोड़ी देर चूसने के बाद वो कहने लगी- विक्की, अब मत तड़फाओ चोद दो मेरी चूत. मजे से राजू ने रीटा को इस कदर बाहों में दबाया, तो रीटा को लगा कि उसके ऊपर से बुलड़ोज़र निकल गया हो और हड्डियाँ जैसे चरमरा सी उठी.

वो मुझसे बोली- मुझे नशा हो रहा है। मुझसे ठीक से तो नहीं होगा पर फिर भी तुम बैठ जाओ।मैं बैठ गया और आंटी ने फुव्वारा चालू कर दिया. जीभ रगड़ रहा है नालायक… अरे सहन नहीं होता मेरे बेटे… छोड़ ना…’ चचाजी अपने लंड को मेरे मुँह से निकालने कोई कोशिश करने लगे, उनके झड़े लंड को मेरी जीभ की मालिश सहन नहीं हो रही थी।‘चूसने दो चचाजी, कब से बेचारा आस लगाये था, अभी मस्ती में है, अभी मत टोको, मचल जायेगा तो काट खायेगा. उसके दृढ़ और उठे हुए उरोजों को देख कर मैं आपे से बाहर हो गया और उन रेशम से मुलायम उरोजों की चुचूक को अपने मुँह में ले कर चूसने लगा.

उसके बाद मज़ा ही मज़ा है।मैं मुँह से कुछ नहीं बोली बस ‘हाँ’ में सर हिला दिया। अब पापा अपने लौड़े को आगे-पीछे करने लगे मुझे दर्द हो रहा था, पर मैं दाँत भींचे पड़ी रही।कुछ देर बाद मेरी चूत का दर्द मज़े में बदल गया। अब मेरी चूत में वही खुजली फिर से होने लगी थी, ऐसा लग रहा था पापा का लौड़ा आगे तक क्यों नहीं जा रहा।रानी- आहह.

बस छुआ ही था…मैं- क्या तूने भी उनका लण्ड छुआ था?मधु- अह्ह्हाआआ वैसे नहीं… बस जब वो उसको मेरे से चिपकाते थे… तभी उसको अपने से दूर करती थी।मैं- अच्छा छोड़ ये सब. एक बार इनको तो दिखा दो वरना सपने में आते रहेंगे।रिया- ओह… तभी क्यों नहीं कहा? अब देर हो जाएगी… फिर देख लेना…मैं- फिर कब? पता नहीं मौका मिले या नहीं?रिया- क्यों अब नहीं आओगे? अरे सात दिन बाद शादी है और कई फंक्शन यहाँ भी हैं, आपको सभी में आना है, ओके… और हाँ शादी में जरूर साथ चलना, वहाँ बहुत मजा आएगा।मैं- क्यों? कहाँ जाना है? क्या बरात यहाँ नहीं आएगी?रिया- नहीं. ओह…!सचिन ताबड़-तोड़ लौड़ा पेलता रहा और आरोही तड़पती रही। बीस मिनट की चुदाई के बाद दोनों झड़ गए।अन्ना- कट… मस्त एकदम हॉट… मज़ा आ गया… इसे कहते है पर्फेक्ट शॉट…!आरोही ने सचिन को धक्का दिया, हटो भी अब.

रिया उस अकड़न और खिंचावट होने के बाद एकदम निढाल सी बिस्तर पर लेटी रही और मैं भी थक कर निढाल सा उससे चिपक कर उसके ऊपर ही लेट गया. !मैंने कहा- ठीक है।उन्होंने कहा- ठोकते वक़्त मेरी आँखों में देखते रहना।मैंने अपना लंड आंटी की गुफा में घुसा दिया और आंटी चिल्ला उठी- आ.

फिर वह मेरे पास आकर मुझसे लिपट गई और मेरे होंट को चूसने लगी, फिर बोली- कोई जग गया तो मुसीबत हो जाएगी, हम फिर कभी करेंगे!और चली गई. अब तो मेरा भी दिमाग ख़राब हो रहा था, जब भाभी उससे चुद सकती है तो मुझसे क्यूँ नहीं? अब भाभी को दूसरी नजरों से देखने लगा और मेरा दोस्त साला रोज रात की कहानियाँ बताया करता था. फिर मैं उसकी नाभि को चूमता हुआ चूत तक पहुँच गया और बिना बालों की चूत देख कर मुझसे रहा नहीं गया और उसकी चूत के दाने को चाटने लगा।वो अपनी कमर उछाल-उछाल कर मेरे मुँह पर अपनी चूत लगा रही थी और मैं ज़ोर-ज़ोर से चूत के दाने को चूस रहा था। वो झड़ गई और कहने लगी- अपना लंड दो मुझे.

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वह उस आनन्द अनुभूति में बह गई और उसने मुझे आगे करने का इशारा कर दिया, तब मैंने उसे थोड़ा ढीला छोड़ा और अपने लंड को आगे पीछे करते हुए धीरे धीरे उसे पूरा अन्दर तक घुसा दिया.

पहले तो उसने शर्मा कर नजरें नीचे कर लीं और फिर बनावटी गुस्सा दिखाते हुए आँखें तरेर कर बोली- शर्म नहीं आती. निखिल कल से पहले मुझे लगता था कि यह सब गलत है, हम सेक्स नहीं कर सकते, यह पाप है पर कल रात तुमने मुझमें सालों से दबी मेरी अन्तर्वासना को फिर से जगा दिया।निखिल- बुआ तुम सच में अभी बहुत प्यासी हो, पर तुम फिकर मत करो, मैं तुम्हारे साथ हूँ. वो कुछ देर में ही फ़िर से चूमने लग जाती।ऐसा लगता था कि मेरी तरह उसे भी ‘फ़्रेन्च किसिंग’ में बहुत आनन्द आता है।फ़िर मैंने उसको लेटा कर उसके चूचे चूसना चालू कर दिया… वो मदहोश होने लगी।फ़िर जब मैंने उसे लौड़ा चूसने को कहा तो उसने कहा- मैंने कभी मुँह में लिया नहीं है।मैंने उसे एक बार लेकर देखने को कहा.

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पहली बार में ही चुदवाने में इतनी कुशल हो गई थी।मेरे अंडकोष के बार-बार ठोकने से उसकी चूत का निचला हिस्सा लाल हो चला था।जब-जब मेरा लंड पूरा अन्दर घुसता था और मेरी जांघ उसकी जांघों से टकराती थी. हँसना मत, मैंने कई लौड़े देखे है अपने स्कूल के बाथरूम में बॉयज-टॉयलेट के ठीक पीछे गर्ल्स-टॉयलेट है, मैंने एक बाथरूम में छेद किया हुआ है, बहुत छोटा है.

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साली शादीशुदा है। साड़ी पहने कमाल की लग रही है।धन्यवाद की आवशकता नहीं है आरतीजी !”नहीं मैं पिछले आधे घंटे से देख रही थी, किसी ने मेरी हेल्प नहीं की।”कोई बात नहीं… यह तो मेरा फ़र्ज़ था।” मैंने मुस्कुरा कर कहा।आप कहाँ रहते हैं?”मैं पास में ही शकुंतलम् मार्ग पर निकुंज अपार्टमेंट में रहता हूँ. पहले तो बड़ा नाटक कर रही थी, फिर बड़े मुश्किल से बताया हरामिन ने कि अपने बुआ के लड़के से फंसी थी।‘तो घर का आदमी ही मेरी मिठाई जूठी कर गया?’निभा ने ‘हाँ’ में सिर हिलाया।मैंने सोचा कि जब मादरचोदी. मैं इसके लिए तैयार था इसलिए बिना समय गवाएं मैंने उसकी चुदाई शुरू कर दी और पांच मिनट में ही उसे चरम-सीमा पर पहुँचा दिया! पिछले दिन की तरह उसने चिल्लाते हुए शरीर के अकड़ाया, चूत को सिकोड़ा और मेरे साथ ही झड़ गई! फिर मैं उसी तरह अपने लंड को उसकी चूत में डाले ही उसके साथ कर चिपट कर लेट गया.

मैं उससे बात करती हूँ!और वे टीवी देखने लगीं।मेरी नज़र उनके मम्मों पर थी, मैंने उनसे कहा- भाभी आपने किसी से लव किया है।वो बोली- हाँ तेरे भाईसाहब से!मैंने कहा- गुड.

दोस्तो, इस तरह चुदाई करते समय लंड पूरी तरह से तो चूत के अन्दर नहीं घुसता, वो सिर्फ़ आधा या आधे से ज्यादा ही घुस पाता है. फिर मेरे दिमाग की बत्ती जली और मैंने पहले खोली गई फ़ाईलों का संग्रह निकाला, पहले खोली गई फ़ाईलों की सूची मेरे सामने थी.

उसने दीदी की गाण्ड पर थूक लगाया और लंड गाण्ड के छेद पर टिका दिया और धीरे-धीरे लंड का सुपारा अन्दर करने लगा. यू आर जूनियर…’वो मुझसे एक साल बड़ी थी, लेकिन मुझे उससे प्यार हो गया। मैं उसे किसी भी कीमत पर प्यार करना चाहता था।मैंने उसकी सहेली जिसका नाम देविका था, उससे कहा- ममता मुझसे रिश्ता बनाए, चाहे जो भी रिश्ता बना ले, पर मुझसे बात करे।मैं वास्तव में उसे बहुत प्यार करता हूँ।मेरी हालत पागलों से भी बदतर थी। मुझे न भूख लगती थी, न प्यास. फिर अन्दर घुस जाता।वो चीख मारती… मैंने उसे जकड़ रखा था।अचानक मुझे एक नई चीज़ सूझी… मैंने एक हाथ से उसके बदन को फिर उठा लिया और उसे और आईने के सामने ले गया। मेरा लंड अभी भी उसकी चूत में घुसा हुआ था।‘यह क्या कर रहे हो मेरे राजा?’‘मेरी रानी अब मैं तुझे चोदते हुए अपने आप को देखूँगा और तू भी देखेगी अपनी चुदती हुई चूत?’‘उउईम्महन मैं देखूँगी तो मेरा बदन तड़प कर टूट जाएगा.

आप बहुत मस्त हो भाभी।उन्होंने मुझसे चुदाने में हामी भरी।फिर मैंने भाभी को कई बार चोदा।मुझे उनकी गाण्ड भी बहुत पसन्द है, मैंने कई बार भाभी की गाण्ड मारने की कोशिश की, पर भाभी नहीं चाहती हैं. का रहने वाला हूँ और अपनी पढ़ाई यहीं पर कर रहा हूँ। मेरे सबसे छोटे मामा से मैं काफी मजाक करता हूँ, सामान्य मजाक सिर्फ, कोई अश्लील मजाक नहीं।तो दोस्तों जब मेरा छटा सेमेस्टर ख़त्म हुआ तो उसके बाद मेरी लगभग दो महीने की छुट्टियाँ थी. अभी मेरी बीवी का इलाहाबाद आने का कोई प्रोग्राम नहीं था क्योंकि दिसम्बर का महीना चल रहा था और जाड़ा काफी अधिक पड़ रहा था.

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इसके बाद मैंने जींस को कूल्हों से नीचे खींचना शुरू किया और कच्छी से ढके अपने अधनंगे चूतड़ अंकुर और दीपक को दिखाने शुरु कर दिए, मैं शर्म से गड़ी जा रही थी. इतने में पूजा वहाँ आ गई- ओ… तो देवर-भाभी की रास लीला शुरु हो गई, मेरी प्यारी सी चूत का भौंसड़ा बना दिया और अब दोनों मिल कर ऐश कर रहे हो. सारिका कंवलउसने कहा- आज रात मैं तुम्हें खुले में चोदना चाहता हूँ !मैंने तुरंत कहा- यह नहीं हो सकता, यह गाँव है किसी ने देख लिया तो तुम्हें और मुझे जान से मार डालेंगे !तब उसने कहा- गोदाम के पीछे तो जंगल सा है और अँधेरा है और इतनी रात को उधर कौन आएगा !मैंने कहा- बिल्कुल नहीं.

फिर क्या था मेरे मन में मोर नाचने लगा।मैं उसके पीछे रसोई में चला गया और उसको पीछे से अपनी बाहों में भर कर उसके मम्मे दबा दिए।उसने कहा- छोड़ो. करके चिकनी जांघें चौड़ीदबा-दबा के चूचियाँ मरोड़ी !कसी चूत में डाला लौड़ासील बन गई राह का रोड़ा !लण्ड घुसा ज्यों थोड़ा-थोड़ाचूत बन गयी मस्त पकौड़ा !लण्ड हुआ फिर गर्म हथौड़ाचोट मार के सील को तोड़ा !चूस मसल के चूचों का जोड़ा,मसल-मसल के चूतड़ थोड़ा,लण्ड हो गया जैसे घोड़ादे दनादन दौड़ा दौड़ा !जोर-जोर से लण्ड घुसेड़ाचूत कुँवारी लौड़ा तगड़ा !पेला चोदा चूत को रगड़ालण्ड-चूत ने पानी छोड़ा !. इंडियन सेक्सी वीडियो में दिखाओचोदो !यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !तब उसने 3-4 और जोर के धक्के लगाते हुए कहा- आज कुछ धीरे नहीं होगा !उसका इतना जोश में आना, मुझे पागल कर रहा था… उसने जोर-जोर से मुझे चोदना शुरू कर दिया था।मैं इतनी गर्म हो चुकी थी कि कुछ ही देर में मैं झड़ गई।मैंने पूरी ताकत से विजय को पकड़ लिया।तब विजय ने मुझसे कहा- आज इतनी जल्दी झड़ गई तुम !मैंने उसको कहा- तुम्हें इससे कोई परेशानी नहीं होगी.

मैं उसके स्तनों को चूमते हुए और नीचे आ गया और उसके पेट से होते हुए उसकी नाभि पर अपना प्यार न्यौछावर करने लगा.

इसके बाद हम दोनों ने पुश अप करने शुरू कर दिए, शुरुआत में तो हम दोनों ही काफी अच्छा कर रही थी, लेकिन 30 के बाद तो बस मेरी जान ही निकलने को तैयार थी, मैं यही सोच रही थी कि सोनिया हार मान जाये. हम लोग अपनी शादी के बारे में कुछ विचार करना चाह रहे थे। तुम तो जानते ही हो कि मेरे घर वाले कितने सख्त हैं.

मैंने आप सबकी कहानियाँ पढ़ी, तो मुझे भी ऐसा लगा कि मैं भी अपनी बात कहूँ, सो लिख दिया।मैं राजकोट का रहने वाला हूँ। एक दिन मैं बारिश में भीगता हुआ घर आ रहा था तब रास्ते में एक भाभी की कार बंद हो गई थी। वे मुझे देखकर बोलीं- मेरी कार बंद हो गई है प्लीज़ मुझे मेरे घर तक छोड़ देंगे?मैंने बोला- चलिए बैठिए. मैं धीरे से घुटनों के बल बैठी और सोनिया ठीक मेरे सामने खड़ी थी, मैंने सर झुका कर उसके पैरों के अंगूठों को एक कुतिया की तरह अपनी जीभ से चाटना शुरू किया फिर कुछ देर बाद उसके पैरों को चूम कर मैंने कहा- सोनिया, मुझे माफ़ कर दो! मैं बहुत शर्मिंदा हूँ, तुम बहुत अच्छी खिलाड़ी हो. प्रेषक : नामालूमसम्पादक : जूजा जी‘भाभी ऐसी क्या चीज़ है जो सिर्फ़ बीवी दे सकती है और आप नहीं दे सकती?’ मैंने बहुत अंजान बनते हुए पूछा।अब तो मेरा लंड फनफनाने लगा था।‘मैं सब समझती हूँ… चालाक कहीं का.

मेरी फट जाएगी… प्लीज़ इस ख्याल को अपने दिमाग़ से निकाल दीजिए और ऐसे ही प्यार कर लीजिए।मैंने उसके चेहरे को हाथों में लेकर उसके होंठों पर एक प्यार भरा चुन जड़ते हुए कहा- डरने की कोई बात नहीं है.

थोड़ी देर बाद राजू ने पटाक की आवाज से अपना लण्ड बाहर खींचा तो गुलाबी गाण्ड हुच हुच कर लौड़े का झाग वाला पानी उगलने लगी. अपने लंड के पानी से मेरी चूत भर दो।वो एक बार पहले झड़ चुकी थी और दुबारा हम साथ साथ झड़ने लगे।मैं उसके ऊपर ढेर हो गया।कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे।मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा।वो हँसने लगी और मुझसे कहने लगी- तुम्हारे लंड में बहुत जान है।उस रात मैंने उनको 4 बार चोदा. करते रहो… बस अभी झड़ मत जाना… मारते रहो !मैं भी कभी जोर कभी धीमे घस्से मार रहा था… बहुत मज़ा आ रहा था… पहली बार चुदाई गीली गीली चूत में मेरा लण्ड फिसला जा रहा था.

देसी सेक्सी वीडियो चुदाई वीडियोतुम गुस्सा मत हो!कृपा अब उसे धक्के देने लगा। कुछ देर बाद मैंने गौर किया कि हेमा भी हिल रही है। उसने भी नीचे से धक्के लगाने शुरू कर दिए थे।दोनों की साँसें तेज़ होने लगी थीं और फिर कुछ देर बाद कृपा फिर से हाँफते हुए गिर गया, तो हेमा ने फिर पूछा- हो गया?कृपा ने कहा- हाँ. मैं- क्यूँ, आपने कब देखा?चाची- तो क्या हुआ अगर मैंने तेरा लण्ड नहीं देखा तो आज तो जी भर कर देखूँगी और…!!इतना कह कर वो मेरे लण्ड पर टूट पड़ी.

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बाकी अब आप लोग खुद ही समझ लो कि आगे क्या-क्या हुआ।आपको मेरी कहानी कैसी लगी, जरूर मेल करना।मैं कसम खाता हूँ कि सिर्फ सच्ची कहानियाँ ही लिखूँगा।. तो उसने मुझे रोक लिया और रात उसके साथ ही बिताने को कहा।कुछ देर की बातचीत और प्लानिंग के बाद मैं रात वहीं रुक गया।रात को सोते वक्त दो बार हमने चुदाई की और फ़िर रात को मुझे नींद से जगा कर एक और बार चुदाई करवाई।उसके बाद शनि-रविवार को या जब भी हमारा वक्त सैट होता. जैसे तैसे खुद रीटा ने लगभग तीन चौथाई लौड़े को अपनी गाण्ड में सटक ही लिया और हाँफती बोली- आहऽऽऽ! बस भईया, और नहीं ले सकती मैं.

पर यह इतना आसान नहीं था, ये मेरे पुरुष मित्र भली भांती समझ सकते हैं कि खड़े लंड से पेशाब करना कितना मुश्किल होता है. जानम समझा करो। शाम 6 बजे घर पर आना। कोई नहीं होगा। मैं आपको चाय पिलाऊँगी। प्लीज़ आ जाना- तुम्हारी ममता।अब तो मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं था। शाम 6 बजे मैं उसके घर गया।उसने नीले रंग का सूट पहना हुआ था मेरी ममता बहुत खूबसूरत थी, गोरा रंग 5. पूरा बदन पप्पी फैट! तौबा तौबा! क्या हुस्न था, क्या शवाब था उस लौंडिया का, बिल्कुल ताजा ताजा खुली सोडे की बोतल के समान.

मेरी बात बनने लगी।एक रात की बात है, मैं अपने दोस्तों के साथ खा-पीकर आया था, तब अचानक ही भगवान ने मेरा साथ दिया, उसने अपनी बालकनी में खड़ी होअक्र मुझे आवाज लगाई। मैंने उसको देखा और उसने मुझे देखा, वो बोली- भाईजान, मेरे डिश में कुछ दिक्कत हो रही है, कोई भी चैनल साफ नहीं आ रहा. पहली बार में ही चुदवाने में इतनी कुशल हो गई थी।मेरे अंडकोष के बार-बार ठोकने से उसकी चूत का निचला हिस्सा लाल हो चला था।जब-जब मेरा लंड पूरा अन्दर घुसता था और मेरी जांघ उसकी जांघों से टकराती थी. दीदी फिर बड़े कामुक अंदाज में इठला कर बोली- आप मुझे प्यार नहीं करते, बस जब ठरक होती है तो चोदने आ जाते हो…वो बोला- नहीं मेरी जान, तुम मेरी जान हो, ऐसा मत सोचो.

तब मैंने देखा कि रस छूटने के बाद भी पापाजी का लण्ड महाराज अभी भी लोहे की छड़ की तरह अकड़ा हुआ है और वह अगली चढ़ाई के लिए तैयार है. कोई बात नहीं … पता है मैं कितनी उतावली हो रही थी आपसे मिलने को?’‘हाँ हाँ… मैं जानता हूँ मेरी परी ! मैं भी तो तुमसे मिलने को कितना उतावला था !’‘हुंह… हटो परे.

मेरा धक्का इतना ज़ोरदार था कि वो पीछे को गिर गया।बस इतनी देर काफी थी सलोनी के लिए, वो जल्दी से वहाँ से उठी ओर कपड़े पकड़ कमरे के दरवाजे पर पहुँच गई…मैं भी जल्दी से उठकर सलोनी के पीछे पहुँच गया.

तो मैंने भी उस बेचारे को सता कर थोड़ा मज़ा लूटने की सोची, मैंने उसे बताया कि मैं अपने लिए कुछ सेक्सी अंडर-गारमेंट्स देख रही हूँ. सेक्सी वीडियो मूवी देसीहा हा…मैं- अरे यार जब इंसान को भूख लगी हो और कोई खाने पर कवर लगा हो तो ऐसा ही होता है।गुड्डू- हा हा हा जीजू… आप भी न बहुत मजाक करते हो… यह किसी और का खाना है… आप अपना खाना घर जाकर खा सकते हो ना !मैं- वो तो सही है यार… बाहर का खाना चखने को तो मिल ही जाता है… पर यहाँ तो देखने को भी नहीं मिला।गुड्डू- हा हा हा. इंग्लिश ब्लू फिल्म सेक्सी मूवीकैसी बातें बोलते हो, शरम नहीं आती?’‘शर्म की क्या बात है, अब तो शादी को दो साल हो चुके हैं, फिर अपनी ही बीवी की बुर को चोदने में शर्म कैसी?’‘बड़े खराब हो… आह. फिर मैंने उसकी पीठ पर किस्सियाँ की और गांड मारने लगा, 15 मिनट बाद उसकी गांड में ही माल गिरा दिया, वो भी झर गई.

आप बिल जमा करा दीजिएगा!तो मैंने उसे कहा- आप शाम को एक बार मुझे याद दिला दीजिएगा ताकि मैं आराम से बिल का भुगतान कर सकूँ।वास्तविकता में तो बिल एक बहाना था, मुझे तो उस खूबसूरत बला की आवाज सुनना था, तो उसने कहा- जैसा आप कहें सर.

!मुझे ये सब देख कर डर लग गया, मैंने कहा- बाबूजी प्लीज़, इससे बहुत दर्द होता है और हमको तो अभी बाज़ार जाना है ना. लेखक : प्रेम गुरुप्रेषिका : स्लिमसीमा (सीमा भारद्वाज)तीसरे भाग से आगे :‘भौजी…चलो कमरे में चलते हैं !’‘वो. साली सब मोहल्ले की गाँव की औरतें तुझे सीधी समझती हैं और तू रंडी साली एक बहुत ही चुदासी औरत है। तू और तेरी चूत आह.

फ़िर मैंने उसे उसके कन्धों से पकड़ कर उठाया और उसके होंठों पे होंठ रखकर चूमने लगा, उसने भी खुलकर मेरा साथ दिया वो कभी अपनी जीभ मेरे अन्दर डालती और कभी मेरी जीभ को अपने मुँह के अन्दर तक ले जाती. बस फिर क्या था, मैं हिम्मत करके अपने हाथ उनके बूब्स के पास ले जाने लगा। उन्होंने कुछ नहीं कहा तो मैंने धीरे से अपने दोनों हाथों से उनके उरोज पकड़ लिए। अब वो आहें भरने लगी थी. लड़के की तो जैसे बांछें खिल गई, उसने सलोनी के दोनों कंधे अपने दोनों हाथ से पकड़ लिए और मैं जल्दी से गाड़ी लेने अंदर चला गया पर सोचा कि एक बार देखूँ साला क्या कर रहा है।जरा सा बाहर आकर झांक कर देखा तो वो पीछे ही खड़ा था.

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मुझे चोद कर हेमंत चला गया, अब मुझे काटो तो खून नहीं! रमेश नशे की हालत में मुझे गालियाँ देता रहा- मादरचोद! छिनाल! आदिवो नशे और नीँद में सो गया, पर मुझे रात भर नींद नहीं आई. रोहित भी अब मुझे चोदने को बेचैन हो रहा था, वो मेरी जांघें चौड़ी करके बीच में आ गया और अपने मोटे लण्ड का सुपारा मेरी चूत के छेद पर रख दिया. फिर हम कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे, वो कहने लगी- वीर, तुम्हारे साथ बहुत मजा आया, उतना मुझे पहले नहीं आया था, पता नहीं कोई और दे भी पायेगा कि नहीं.

इस बीच एक दो शादी के रिश्ते आये, पर कुछ समय बाद एक लड़का अपने माँ बाप के साथ मुझे देखने आया इस लड़के का नाम रमेश था.

तभी उन्हें अपने नंगे होने का अहसास हुआ और फुर्ती से अपनी लुंगी उठा के पहन ली एवं मेरा गाउन मुझे पकड़ा दिया और बोले- यह क्या कर रही थी? जाओ कपड़े पहनो.

रो मत, मैं बस यह कहना चाहता हूँ कि मैं तुझे बहुत प्यार करता हूँ और तुझे कोई पेरशानी नहीं होगी यहाँ पर… तू यहाँ खुश रह और अगर तूने मेरी बात नहीं मानी तो तुझे जो मैंने कहा है, मैं वो सब कर दूँगा और अताउल्ला से मैं खुद बात करूँगा और वो तुझे तलाक दे देगा, ना तू कहीं की रहेगी और ना तेरी दोनों कुंवारी बहनें. मैंने सभी भाभीयों को नमस्ते की, मुझे देख कर मेरी सारी भाभियाँ बहुत खुश हुईं और एक ने मुझे हाथ पकड़ कर अपनी बगल में बिठा लिया और हम सभी आपस में हंसी-मजाक करने लगे. हिंदी सेक्सी देसी भाभी कीजो अपनी भाभी को द्रौपदी की तरह नंगी करना चाहता है?’ भाभी मुस्कुराते हुए बोलीं।मैं भाभी की कच्छी में हाथ डाल कर उनके चूतड़ों को मसलते हुए बोला- नहीं भाभी.

! इतने नर्म और बड़े कि बस मैं तो पागल सा हो गया। मैंने तो सूट के बाहर से ही दोनों को फुल मस्ती से दबाया।वो बोली- अब निकाल भी ले बाहर. उसके 3 बच्चे थे।करीब 15 मिनट बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया। फिर मैं 69 की अवस्था में लेट गया।अब वो मेरा लन्ड चूसने लगी थी और मैं उसकी चूत चाट रहा था बहुत मजा आ रहा था।फिर मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा, तो उसने गान्ड मरवाने से मना कर दिया।फिर मैंने कहा- मैं आराम से धीरे-धीरे तुम्हारी गान्ड मारूँगा।तो वो मान गई, फिर क्या था… मैंने अपना लन्ड उसकी गान्ड पर रखा थोड़ा थूक लगाया और पेल दिया. खोलने दो! तुम अपना कमीज उतारो!मेरे न मानने पर भाभी ने मेरे कमीज उतार दी तभी मेरी सलवार का नाड़ा आदिल ने तोड़ दिया, देखते ही देखते मैं नंगी हो गई.

मर गई… छोड़ दे राजू फट जाएगी… उई…धीरे राजा… अभी और कितना बाकी है? निकाल ले राजू, अपनी ही भाभी को चोद रहा है।’मैं भाभी की चूचियों को मसलते हुए बोला- अभी तो आधा ही गया है भाभी, एक बार पूरा डालने दो, फिर निकाल लूँगा।’‘हे राम. जैसे चाहे करो।यह सुनते ही मैं उसके एक-एक कर कपड़े उतारने लगा और जहाँ-जहाँ से कपड़ा उतारता वहाँ-वहाँ उसको चुम्बन करता। मेरे हल्के-हल्के चुम्बन से वो सिहर उठती और तरह-तरह की मादक आवाजें निकालती और ऐसी प्यारी-प्यारी सिस्कारियाँ सुनकर मैं भी मँत्रमुग्ध हो जाता।जब मैंने उसके बदन से एक-एक कर सारे कपड़े उतार दिए तो वह पागल हो गई और कहने लगी- जल्दी करो.

’ निकल गई।दूसरे झटके में पूरा लंड अन्दर डालकर धकापेल चुदाई करने लगा।वो भी चूतड़ हिला कर मेरा साथ दे रही थी और मुझे अपनी मादक सीत्कारों से उत्तेजित कर रही थी। उसके कंठ से- तेज.

उन्होंने मुझे अचानक से रोकते हुए कहा- यह सही नहीं है रिचर्ड !मैंने कहा- सॉरी मैडम !उन्होंने कहा- यह तुमने बिल्कुल ठीक नहीं किया है. !मैंने पैंटी उतार दी थी। उस पर काली-काली मस्त सी झाँटे थीं। चूत से मदहोश कर देने वाली खुश्बू आ रही थी। कुछ देर तक चटवाने के बाद मैडम ने टांगें खोल दीं।मैंने तुरंत अपना लंड पेल दिया उसमें. जब चूत पूरी साफ हो गई मैंने गर्म पानी से धोया…मेरा हाथ बार बार उनके दाने से लग रहा था… इधर मेरा अभी तक छुटा नहीं था।भाभी मेरे लंड को सहला रही थी, कभी मुँह में लेकर काट रही थी तो कभी अपने कानों और बालों को मेरे लंड से सहला रही थी!!!मैं उनके मुँह के पास लंड को ले गया.

बिहार का सेक्सी वीडियो सेक्सी अंकुर और दीपक ठीक मेरे पीछे ही खड़े थे, मैंने हिम्मत करके अपने दोनों हाथ अपने कूल्हों के पास अपनी चड्डी में डाले और धीरे से अपनी चूतड़ों के बीच की दरार को दोनों लड़कों के सामने नंगी करते हुए चड्डी को नीचे खींचना शुरू किया. ’‘अब 6 महीने तक इस खूबसूरत चूत की प्यास कैसे बुझाओगी?’‘आपके इस मोटे लंड के सपने ले कर ही रातें गुजारूँगी।’‘मेरी जान, तुम्हें चुदवाने में सचमुच बहुत मज़ा आता है?’‘हाँ.

शिट’ यह मेरे मुँह से क्या निकल गया, मुझे उसे बेबी नहीं कहना चाहिए था।वो बोला- अब थोड़ा अच्छा महसूस कर रहा हूँ।फिर मैंने उसके लिए जो नाश्ता बनाया था, वो उसे खिलाया और उसके पास बैठ गई।वो मुझसे बातें करने लगा, मेरे बारे में, मेरे भूत के बारे में पूछने लगा, फिर अपनी बीती जिन्दगी के बारे में खुद ही बताने लगा।उसकी पूर्व पत्नी तो सच में बहुत ही बुरी स्त्री थी।‘शी वाज़ आ सुपर बिच यार. काश तुम मेरी पत्नी होती, तो मैं भी चुदाई करता और मेरे सब दोस्तों से भी तुमको चुदवाता और हम दोनों खूब पैसे कमाते।’‘बहुत अच्छा, चुदवाने से पैसे मिलते हैं क्या सुरेश?’‘हाँ. !मैंने उसे कहा- वो पुरानी बात थी, उसे भूल जाओ मैं सोने जा रही हूँ।यह बोल कर मैं दूसरी तरफ मुँह करके सोने चली गई, पर अगले ही पल उसने मुझे पीछे से पकड़ लिया और कहा- सारिका, मैं आज भी तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ।मैंने उसे धकेलते हुए गुस्से में कहा- क्या कर रहे हो.

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फिर मैं पूजा की चूत चाटने लगा, अपनी जीभ को उसकी चिकनी चूत में डालने लगा लेकिन उसकी चूत की सील बंद होने के कारण सिर्फ़ जीभ का अग्र भाग ही पूजा की चूत में जा पा रहा था. जैसा बोल रही हूँ वैसा जल्दी से कर।मैं- ठीक है पर मैं तेरे सामने नहीं उतारूँगी तू अपनी आँखें बन्द कर।निशा- अच्छा बाबा. हमारी तो जान में जान आई कि मोनू ने हमसे कोई सवाल नहीं किया, अगर कोई बड़ा होता तो हम बुरी तरह फ़ंस जाते क्योंकि दरवाज़ा अंदर से बंद था और जवान छोरा-छोरी अकेले…पूजा हंसते हुए बोली- बच गए यार… मेरी तो सांस ही अटक गई थी.

वो अब मुझसे काफी खुश है और मुझे ही अपना सब कुछ मानती है…दोस्तो, आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बतायें, इस पर भी आपके सुझाव भी भेजें।मुझे आपके मेल का इन्तज़ार रहेगा. मेरी नज़र छत पर गई तो देखा दोनों ऊपर खड़ी मेरा इंतज़ार कर रही थी, मुझे इशारा किया कि दीवार फांद कर आ जाओ।मैंने वैसे ही किया.

अब उसने फ़िर से मेरे लौड़े को पकड़ लिया, उसने इतनी जोर से मेरा लंड पकड़ा था कि मुझे दर्द हो रहा था।फ़िर वो उसे हिलाने लगी और बोली- चल मेरे राजा.

फच’ की आवाज आ रही थी और वो मुझे जोर-जोर से अपने मुँह में मुँह डाल कर चूस रही थी।मुझे तो अभी झड़ने में कुछ वक़्त था, तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ाते हुए उसके पाँव अपने कंधे पर लेकर अपनी स्पीड बढ़ाते हुए फिर चोदने लगा।अब वो भी फिर से तैयार हो गई थी और उसे काफी मजा आ रहा था। शायद मेरी स्पीड के साथ वो भी अपनी गांड उठाने कर स्पीड बढ़ा रही थी और फिर मैं झड़ने ही वाला था।मैंने उससे पूछा- कहाँ. मानो खा ही जाएगी।फ़िर उसने अपनी जीभ को मेरे मुँह में डाल दिया और उसकी और मेरी जीभ आपस में खेलने लगी।हम दोनों ही बड़े मजे ले रहे थे।हम चूसते-चाटते ही बिस्तर की ओर बढ़े और वहाँ जाकर जब हम अलग हुए तो मैंने उसकी मैक्सी निकाल दी. इन लड़कों के साथ रहकर सब पता था मुझे कि ये आपस में क्या कोड बातें करते थे, सब पता था पर सच बताऊँ, किसी ने मुझ पर डोरे डालने की कोशिश नहीं की थी।संजय और रौनक तो बिल्कुल बच्चे से मन के थे, हाँ इन में से दानिश सबसे बड़ा था… इंटर का छात्र था.

आ मज़ा आ गया आ…!जूही भी इतने तेज़ झटकों को सह नहीं पाई और उसकी चूत का बाँध भी टूटने लगा। अब दोनों चुदाई को एन्जॉय कर रहे थे।जूही- आआ आआ आ…हह. मैंने पूरी कोशिश की थी कि कच्छी उतारते वक्त ज्यादा नीचे न झुकूँ, नहीं तो मेरी चिकनी जवां नंगी चूत भी अंकुर और दीपक को दिख जाती. !!”मैं दर्द से मरी जा रही थी लेकिन बाबूलाल ने इसकी कोई परवाह नहीं की और लंड पूरा चूत में पेल दिया। खून तुरंत बंद हुआ और मुझे चुदाई का मजा आने लगा।बाबूलाल चूत के अंदर लंड को धीमे धीमे पेल रहा था, यह बाबू था होशियार, उसे पता था कि कब क्या स्पीड से लंड पेलना है। पहले वह धीमे से मेरी चुदाई कर रहा था लेकिन जैसे उसने देखा कि मैं चुदाई से एडजस्ट हो चुकी हूँ, उसने झटके और तीव्र कर दिए.

उतने ले लेना!मैंने ऐसे ही पूछा- हम कितनी बार करेंगे?तो वो झुँझला कर बोली- तुम तो रहने ही दो?फिर बोली- दस का एक पैकेट ले लेना।तो में बोला- तुम्हारा तो बुरा हाल हो जाएगा!तो वो हल्के होंठ काट कर बोली- कल बताउँगी तुमको, किसका बुरा हाल होता है!और मुस्कराने लगी, फिर बोली- पहले अपना घर बता देना!तो मैंने घड़ी देखी तो 08:00 बज रहा था, मैंने कहा- घर चलो!तो वो बोली- और तुम्हारा दोस्त?‘वो रात को 11.

सील तोड़ने वाली बीएफ वीडियो: अब की बार लंड धीरे धीरे सरकता हुआ आधे से ज्यादा अन्दर चला गया, अब उसने अपनी गांड ऊपर उठाई जिससे लंड टोपी तक उसकी गांड से बाहर आ गया, उसने एक लम्बी सांस ली और मेरे लंड पर बैठ गई. ना… मेरा निकल जाएगा…’वो सिसक उठा।‘तो फिर चोदो ना… रुक क्यूँ गए…?’‘पहले मेरा लंड तो छोड़… हाय… …निकल जाएगा.

मेरे ऊपर बिजली टूट पड़ी, मैंने पूछा- क्या हुआ?वो बोला- कंपनी में लेन देन को लेकर किसी से मारपीट हो गई है, आप थाने जाकर पता करो!मैंने माही को एक पड़ोस में दे दिया और थाने जाने लगी, पहली बार थाने जाने के कारण मुझे बहुत डर लग रहा था. मुझे चोद कर हेमंत चला गया, अब मुझे काटो तो खून नहीं! रमेश नशे की हालत में मुझे गालियाँ देता रहा- मादरचोद! छिनाल! आदिवो नशे और नीँद में सो गया, पर मुझे रात भर नींद नहीं आई. मैंने कहा- मोनू बहुत अच्छा खेल रहा है, इसलिए मैं हार रहा हूँ, उसे क्या पता था कि मैं उसी की वजह से हार रहा हूँ.

!मैंने झट से खड़ा हो गया, वो अपने घुटनों के बल गद्दे पर बैठ गईं और उन्होंने मेरा लोअर और अंडरवियर उतार दिया और मेरा साढ़े छः इन्च का लंड उनके सामने था।वो उस पर बड़ी बुरी तरह टूट पड़ीं, जैसे पता नहीं कब से प्यासी हों, वो उसको मुँह में लेकर चूसने लगीं।दस मिनट तक लण्ड चूस कर वो बोलीं- अब सहन नहीं होता राहुल.

फिर मेरे दिमाग की बत्ती जली और मैंने पहले खोली गई फ़ाईलों का संग्रह निकाला, पहले खोली गई फ़ाईलों की सूची मेरे सामने थी. जब मेरी सांस रुकने लगी तो मैंने पूजा की चूत के दाने को दांतों से काट लिया, तब जाकर पूजा ने मुझे अपने चुंगल से आज़ाद किया, तब मुझे एक जवान लड़की की ताकत का अंदाज़ा हुआ. प्यार कितना करता हूँ।’‘नहीं तू कमीना तंग ज़्यादा करता है और प्यार कम… तू सच में बहुत हरामी है।’ शिखा रानी ने आँखें छुपा के गाली वाली भाषा बोली। मज़े में उसके सुन्दर चहरे पर मुस्कराहट खेल रही थी। वो चाहे खुद गाली देने में शरमाती हो पर गाली सुनने में तो उसे खूब मज़ा आया था।मैंने शिखा रानी की चूचे कस के निचोड़े और निप्पल उमेठते हुए कहा- शिखा रानी अब क्या सबूत दूं प्यार का.