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रात को 11 बजे कॉल आया कि भाभी जी आप दरवाजा खोल के रखो, मैं आ रहा हूँ. फिल्म की सेक्सीउसकी मदमस्त चूचियों को सहलाते और देखते ही मेरे लंड में सनसनी पैदा हो गई.

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भाबी- वैसे चल कब से रहा ये सब नताशा और तेरा? और मुझसे झूठ मत बोलना.अंकल ने मेरा दुपट्टा हटाया और चूची पकड़ते हुए बोले- तेरे कबूतर बड़े सुन्दर हैं.

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सुमन बोली- नहीं, मैंने टेबलेट ले ली है और अभी घर पर कोई नहीं है मम्मी पापा भी आने वाले हैं.लेकिन दोस्तो, सेक्स में औरत या लड़की को जितना तड़फाओ, उनको बाद में उतना मज़ा आता है.

फिर मैं उनके होंठों पर टूट पड़ा और उनके होंठों पर जोर जोर से किस करने लगा. हिंदी वाली बीएफ दिखाएं वो एक छोटी से जालीदार फ्रॉक जैसी बेबीडॉल नाइटी में बहुत ही कामुक और हॉट लग रही थीं.

फिर 6 बजने आए थे, मैं उसके बेड से बाहर निकली और उस पैसेंजर को फिर से जगा कर उठाया.

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डॉक्टर ने उनको बोला है कि आप ऐसे आदमी से कांटेक्ट करो, जो आपकी मदद कर सके. उसको दर्द होने लगा तो वो बोली- आराम से करो साजिद… दर्द हो रहा है … आह्ह … उई …मैंने कहा- बस, कुछ नहीं होगा, मैं बिल्कुल आराम से तुम्हारी चूत में अपना लंड सेट कर दूंगा. मैंने और मधु ने उससे लगभग एक साथ पूछा- ये क्या है?रश्मि- आज से अगले 10 दिन तक तुम और मधु एक बीवी और पति की तरह रहोगे.

वसुन्धरा ने बिना कुछ बोले आगे बढ़ कर मेरे दोनों हाथ थाम लिए और सर उठा कर तरसी आँखों में हज़ारों शिकायतों का भाव लेकर मेरी ओर निहारा. थोड़ी देर चुदने के बाद मेरा पानी निकल गया और विक्की ने लंड निकाल लिया. अगर मैं किसी फिल्मी हिरोइन से उसकी तुलना करूं तो वो बिल्कुल श्रद्धा कपूर के जैसी दिखती है.

सारी बात मैंने आँटी को बताई तो आँटी ने कहा- अपनी दीदी को जगा कर साथ ही ले जा और जीजा की बाइक से चला जा. मेरी कहानी पढ़ने के बाद मुझे एक मेल आया और उन्होंने मुझे उनकी कहानी लिखने की रिक्वेस्ट की, जो मैंने मान ली. अब ज्योति बोली- भगवान के लिए मुझे छोड़ दो, मैं तुम्हारे पैर पड़ती हूँ.

मैंने दोनों हाथों से उनकी चूचियाँ मसलनी शुरू की और दनादन धक्के देने लगा। बहुत दिनों बाद चूत में लण्ड जा रहा था तो बड़ा मजा आ रहा था। चंडीगढ़ जाने के बाद तो मेरे लिए जैसे चूत का अकाल ही पड़ गया था। वहां की सारी कसर मैं अभी भाभी की चूत में निकाल रहा था।भाभी की चूचियों को पकड़ पर भींचते हुए मैं अपने लंड को भीगी हुई गीली भाभी की चूत में पेलने लगा. पर यह आनन्द कुछ ही देर का होता था; वापिस अपने घर आने के बाद एक दो दिन बाद मन फिर मचलने लगता.

लेकिन अगले ही पल मुझे समझ में आ गया कि ये भाभी मुझसे क्या चाहती हैं.

उफ़! वसुन्धरा के नंगे, गर्म जवान जिस्म को पीछे से रगड़ कर मेरा नंगा जिस्म मानो आग पैदा करने की कोशिश में था.

सीमा ने खुद को ढक कर उससे कहा- आप कौन हैं और इस तरह रूम में नहीं आना चाहिये. दिल तो किया कि उसके गालों पे किस कर लूँ पर मैं अभी कुछ कर नहीं सकता था. अब रश्मि से कंट्रोल नहीं हो रहा था उसने मुझसे बोला- राज मेरी चुत को फाड़ दो, बना दो इसका भोसड़ा … डाल दो अपनी मूसल जैसा लंड … अहई … अहहह … अहजझह.

हम दोनों ने चाय पी और चाय पीने के कुछ देर बाद मेरा प्रेशर बनने लगा. मैंने शर्म से आँखें फेर लीं और अपनी गर्दन दीवार की तरफ करके परे देखने लगी. अब मैं अपने बेटे से बोली- आज तुम मेरी चुदाई ऐसे करो जैसे मेरे साथ जबरदस्ती की जा रही हो!वो भी पूरे मूड में आ गया और एकदम किसी गुंडे जैसे रोल में आकर गुस्से में मुझे गोद में उठा कर मेरे साथ गुंडे जैसा बिहेव करने लगा.

जब मैं ठंडी बियर उनके चूत में डाल कर चूसता, तो वो मदमस्त आवाज करते हुए चिल्ला उठतीं.

अब मैं पीछे से उसकी चुत को चाटने लगा और उसकी गांड के छेद पर भी अपनी जीभ लगाकर उसकी गांड के छेद को चूसने लगा. मेरी … जान लोगे क्या? मैं … मर जाऊँगी … आह!इतना कहते कहते उसकी चूत से उसका पानी निकलना शुरू हो जाता है और परीशा का ऑर्गस्म हो जाता है. दमदार चुदाई के बीच ही उसके पति का फोन आ गया था, जिसमें नम्रता ने अपने को भी चुदासी बातों से गरम कर दिया था और वो मुठ मारने जाने की कह कर फोन बंद करके चला गया.

भाभी मेरी चुम्मी लेकर तुरंत मेरे घर से निकल गयी और जाते जाते कह गई कि गाल साफ कर लेना. शाम को जब पति ऑफिस से आए तो मैंने उन्हें बताया- कुणाल की शादी तय हो गई है बारह दिसम्बर को. भाभी- अच्छा तो चलो … इजाजत है, अब दिखाओ तुम क्या कर सकते हो?फिर मैंने अपनी जगह से उठ कर उनको लिटा दिया.

”मोहरे जैसी कोई बात नहीं वसुन्धरा जी! सभी, आप के मम्मी-पापा और मैं भी, मैं खुद भी चाहता हूँ कि आप एक खुशहाल और भरी-पूरी जिंदगी जियें.

मैं अपने होंठों से उसकी गर्दन को चूमते हुए उसके मम्मों की तरफ बढ़ने लगा. मैंने अपने दोनों हाथों से उसके अंडरवियर को पकड़ कर नीचे खींच दिया और उसने अपने चूतड़ उठाते हुए मेरी मदद की और वो नीचे से नंगा हो गया.

हिंदी वाली बीएफ दिखाएं मैंने उन लोगों से थोड़ी बात की और उसके बाद मेरे पापा के दोस्त का बेटा मेरे बेडरूम में आ गया. अंकल के घर के सामने खड़ी होकर मैंने डोर बेल बजायी …[emailprotected]कहानी जारी है.

हिंदी वाली बीएफ दिखाएं फिर उसने मेरे टॉप को उतारा और मेरी ब्रा को निकाल कर मेरे चूचों को चूसने लगा. उसने ऐसा ही किया, फिर क्या था, उसके सिर को पकड़कर चुदाई शुरू की, तो नम्रता ने भी मेरी जांघ को पकड़कर अपना बैलेंस बना लिया ताकि मैं अच्छे से उसके मुँह को चोद सकूं.

शाम को जब पति ऑफिस से आए तो मैंने उन्हें बताया- कुणाल की शादी तय हो गई है बारह दिसम्बर को.

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लेकिन हेतल की बातों से लग रहा था कि वह पहली शादीशुदा चूत मेरी बड़ी बहन हेतल की ही होने वाली है. लेकिन मन नहीं माना और मैंने एक बार उसके तने हुए लंड को अपने हाथ में ले लिया. एक दिन शाम के पाँच बजे थे, मैंने फोन किया- कहाँ हो बेबी?घर पर हूँ, आज मूड कुछ ठीक नहीं है.

मेरे लौड़े ने उछल-उछल कर पानी छोड़ दिया था जो कच्छे पर भी लगा हुआ दिखाई दे रहा था. मैं जोर से नौकर का लंड अपने मुंह में दांतों से दबाते हुए चूसने लगी. 5 इंच है।जो मेरे बारे में जानते हैं, उनको पता होगा कि लड़कियां और भाभियां मेरी चुदाई की काफी दीवानी हैं।उस लड़की का नाम पूजा है, उसकी उम्र 28 साल के लगभग होगी। उसकी हाइट लगभग 5.

अब मैं समझ चुका था, श्वेता मैडम ने मेरी प्रॉब्लम को कुछ हद कर हल्का कर दिया था.

लेकिन दोस्तो, सेक्स में औरत या लड़की को जितना तड़फाओ, उनको बाद में उतना मज़ा आता है. दोस्तो, यह थी मेरे जीवन कीसच्ची चुदाई की कहानी, आपको कैसी लगी बताना जरूर. अब बेबी वर्तमान में आयी और बोली- मुझे लगता है कि हैप्पी का हाल भी इनके जैसा ही है.

मैं सुबह नहीं उठा तो मां मेरे कमरे में आकर पूछने लगी- आज स्कूल नहीं जाना है क्या?मैंने कह दिया- मेरी तबियत ठीक नहीं है. वो झड़ने के बाद चली गयी लेकिन अब वो मुझसे चुदने के लिए बिल्कुल तैयार थी. मैं सिर्फ अंडरवियर में रह गया और मैंने अपना 6 इंच का खड़ा हुआ लंड परवीन के हाथ में दे दिया.

सही तरीके से पूरे इमोशन से चुदने की वजह से चुत बार बार गीली हो रही थी. लड़की का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने का ये सबसे अच्छा तरीका होता है.

थोड़ी देर बाद उसने पूछा- क्या देखोगे आप?मैंने भी कह दिया- मैडम, जो आप दिखायें!उसने वासना भारी मुस्कान के साथ कहा- खुद आकर देख लो. ऐसी तराशी हुई हुस्न की मूरत थी कि खुदा ने अपनी सारी सोच इसे बनाने में ही लगा दी हो।मैंने मन ही मन ऊपरवाले को शुक्रिया कहा कि ऐसी सुंदरी के दर्शन करवाए जिसे असल जिंदगी में देखना ही जिंदगी धन्य कर दे।तभी उसकी आवाज ने फिर से मेरी कल्पना की दुनिया से मुझे जगाया- यहाँ ही खड़े रहना है या अंदर भी आओगे?मेरे गले से धीमी सी आवाज निकली- हाँ जी. मैं- आई प्रॉमिस यू चाची … ये बात हमारे बीच में ही रहेगीचाची- अच्छा … चल बेडरूम में चल.

मुझे दूसरी तरफ यह भी विश्वास था कि वह शायद अपने घर वालों के सामने इस तरह कोई बात नहीं बतायेगा.

मैं जो करने जा रहा हूं वह बहुत ही उत्तेजित, उत्साहित करने वाला और रोमांच से भरपूर है। अतः अपने कपड़े उतार कर पूर्ण रूप से नंगी हो जाओ।इस पर रीना ने मुझे कहा- प्लीज यार राज, पूर्ण रूप से नंगी नहीं। ब्रा और पेंटी में ठीक रहेगा. पर डॉली से मेरी दोस्ती चलती रही और मैं जब भी उसके घर जाती, हम दोनों उसके कमरे में बंद हो जाते और पूरे नंगे होकर एक दूसरे में अंगों से खेलते, चूत से चूत घिसते रगड़ते मुट्ठी में भर भर के भींचते. इसमें जो भी गलती हो, तो कृपया माफ कीजिएगा तथा अपनी राय और सुझाव मुझे[emailprotected]पर जरूर भेजें ताकि मैं अपनी अगली कहानियां लिखने के लिए प्रोत्साहित हो सकूं.

अगर कोई सुन ले तो क्या कहेगा … इस बात से हम दोनों को कोई असर नहीं था. एक दिन मेरा बहुत मन कर रहा था कि मैं किसी के लंड को पकड़ कर अपने हाथ में लूं.

मैंने सोचा साला झांटें बना रहा होगा, किसी आंटी को चोदने का प्लान होगा इसका. एक घंटे सोने के बाद मैंने उसको अपनी बांहों में ले लिया और चूमने लगा. उसके मुंह में लंड को घुसेड़ कर मैंने अपने लंड को आगे-पीछे करना शुरू कर दिया.

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हमारी बोगी में एक चाय वाला आया तो उसने चाय का कप लिया और सीधी बैठ के चाय पीने लगी.

वो एकदम से रुक गई और बोली- झड़ने का मतलब क्या? चाचू आपको सूसू आ रहा है क्या?मैंने कहा- नहीं बेवकूफ … मेरा सीमन गिरने वाला है. मैं उन्हें अपनी तरफ खींच कर किस करते हुए बोला- साली रेशू … तू बड़ी मस्त आइटम है … माँ की लौड़ी. जैसे ही उसने मेरे लंड को देखा, तो काँप कर बोली- देवर ज़ी आपका लंड तो बहुत ही बड़ा है.

उसने हंस कर पूछा कि मुझसे क्या काम है?मैंने उसे कुछ नहीं बताया, बस इतना कहा कि कल रुक जाना. मैंने पिछली कहानी में बताया था कि किस तरह मैंने अपने पड़ोसी को अपने वश में करके उसके मोटे लंड से मेरी चुत की प्यास बुझाई थी. बिहारी सेक्सी जंगल कीफिर भाभी ने देखा कि मैं भी उनको देख रहा हूँ तो वो फिर शरमा कर वहां से उठ गई और भाग कर अंदर चली गई.

तीनों ने अपने-अपने कॉफी के कप उठा लिये और गर्म-गर्म कॉफी का लुत्फ लेने लगे. मैंने उसको बड़े प्यार से देखा, तो वो फिर वो बोली- डू यू लव मी?मैंने उसके हाथ को चूमते हुए उससे कहा- यस आई लव यू टू.

दीक्षा इस तरह मेरे बांहों में थी कि उसकी बड़ी-बड़ी चूचियां मेरी छाती से बिल्कुल चिपक गयी थीं. जैसा उससे बात हुई उसके अनुसार आज चूंकि सपना की तबियत खराब थी, इसलिए वो घर पर ही थी. अतः मैं अपने प्लान का शुभारंभ करते हुए रीना को हमारे शयनकक्ष में लेकर गया। रीना ने बहुत उत्तेजित करने वाली नाइटी पहन रखी थी जिसे कि मैंने उतरवा दिया और कहा- मेरे पास इससे भी ज्यादा कुछ नया है।रीना को पता नहीं था कि मैं क्या करने वाला हूं।मैंने उससे उसकी नाइटी खोलने की गुजारिश की.

मैं उसके सहलाने दिया और वो मेरे लंड को यूँ ही पांच मिनट तक सहलाती रही. करीब 4 बजे मैंने अपने कपड़े पहने और बुरका पहन के अपने घर के अन्दर आ गयी. मैं भाभी की चिकनी टांगों पर चूमने लगा और धीरे धीरे उनकी जांघों पर पहुंच गया.

मैं हल्के हाथों से चूत की मसाज कर ही रहा था जिससे उसे आराम भी मिल रहा था और आनन्द भी.

फाड़ डाल मेरी चूत को … आज मेरी चूत का भोसड़ा बना दे … और जोर से चोदो … और जोर से चोद।बेजन्ता आंटी के भावों से मैं समझ गया कि वह झड़ने वाली है. पिछले 36 घंटे के बाद मेरे सीने में एक बार फिर से उंगली चली, तो स्वाभाविक रूप से मेरे लंड महराज फुदकना शुरू हो गए.

जिस वजह से नताशा भाबी भैया के संग चुदाई में प्यासी की प्यासी रह जाती हैं. गाँव में हमारी काफी जमीन है, उस पर खेती होती है और एक काफी बड़ा घर भी है। घर की देखभाल के लिए खेत पर काम करने वाले एक आदमी को ही कह रखा है. जीतू किसी न किसी बहाने से रोज मेरे घर आता था और मम्मी कहीं बाहर बात करने के लिए चली जाती थी तो हम दोनों लोग एक दूसरे को किस करते थे और वो मेरी चूची दबाता था.

मैं उसकी बात को सुनकर गनगना गया कि आज सील पैक गांड का उद्घाटन करना है. पहले मैं उनकी तरफ ज्यादा देखती भी नहीं थी, पर अब उसने नजर मिलाना और उनका मेरे बदन को निहारना, मुझे अच्छा लगने लगा था. तेरी उम्र में मेरा भी हाल कुछ ऐसा ही था मगर खुद पर थोड़ा काबू करना भी सीख.

हिंदी वाली बीएफ दिखाएं तब तक मैंने 10:30 के शो की टिकट ले ली और पारुल का इंतज़ार करने लगा. हालांकि मुझे उसकी बहुत याद आने लगी थी और मैं उसकी यादों में ही खोया रहता.

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सुमन भाभी की सफाचट चूत ऐसी लग रही थी, जैसे उन्होंने आज ही मेरे लिए अपनी चूत की झांटें साफ़ को हों. पर ये सब दूर दूर से हो रहा था, मेरे बदन को छूने की उनकी हिम्मत नहीं हो रही थी, या फिर वो मुझसे ग्रीन सिग्नल मिलने की राह देख रहे थे. बारिश में ही जैसे-तैसे टायर बदला लेकिन इस सारी कार्यवाही में तक़रीबन चालीस-पैंतालीस मिनट लग गए.

मेरे मुंह में तो पहले से ही पानी आ रहा था इसलिए मैंने उसके लंड को अपने मुख में भर लिया और उसको पूरे मजे के साथ चूसने लगी. मेरी माँ दूध देने के लिए दूसरे कमरे में गईं, तो अनुषी ने मुझे चकोटी काट ली और बोली- क्या देखना भी भूल गया?तभी मेरी माँ आ गई. सेक्सी वी पिक्चरमुझे तैयार होने में आधा घन्टा लगेगा … ओके रखती हूँ, मुझे तैयार होना है.

दो पल रुकने के बाद सोनम खुलते हुए बोली- जीजू, आप भी ना!मैं- अब बोलो, क्या तुम कुछ सीखना चाहती हो?वो नजरों में वासना भरते हुए बोली- जी हाँ … पर मैं किसी तरह की बदनामी नहीं चाहती हूँ, कोई प्राब्लम नहीं चाहती, बस इसी कारण मैंने आज तक किसी से सेक्स नहीं किया है.

ये सब दलीलें सुनकर मेरे घर वाले मान गए और थोड़ी ना नुकुर के बाद चाची के घर वाले भी ये सोच कर मान गए कि उनकी बेटी का घर फिर से बसने वाला था. मेरी कहानी में आपको रोमांच भरा सेक्स देखने को मिलेगा। मैं अपनी कार में जंगल से गुजर रहा था, बारिश हो रही थी और रात भी घिरने लगी थी.

मैंने मेनगेट का ताला खोला और कार पोर्च में ले जा कर खड़ी की और कार का वसुंधरा वाली साइड का दरवाज़ा खोला और उससे कहा- आइये. तभी मैंने एक जोर का धक्का लगा दिया, जिससे मेरा आधा लंड उसकी गर्म चुत में अन्दर जा चुका था. मैं चुपके से भाभी के घर से बाहर निकल गया और भाभी ने गेट बंद कर लिया.

जो भी खर्चा होगा, मैं मैं दे दूंगी।शायद वह भी मेरी इस द्विअर्थी बात का मतलब समझ चुका था।मैं वापस से अपने बालों को सुखाने लगी और अचानक से वो अंदर आया और बोला- अरे मैडम! आप तो बहुत गीली हो चुकी हो।मैंने कहा- हां, वो तो है.

अगले दिन अंकल दरवाजे पर खड़े पेपर पढ़ रहे थे, मैं और आंटी किचन में थे. वो बोला- आज बहुत चिकनी चुत है तेरी, बिल्कुल गुलाब की पंखुड़ियों जैसी चमक रही है. जैसे-जैसे वसुंधरा ने जोर लगा कर नाड़ा खोलने की कोशिश की, वैसे-वैसे गाँठ और कसती गयी और अब तो हालात पूरी तरह वसुंधरा के काबू से बाहर हो गए थे.

ऊंट संभोग कैसे करता हैछोटे ताले पे कुछ लिखा था … जोकि इतनी कम रोशनी में मैं पढ़ नहीं सकता था. लगभग पंद्रह मिनट तक तो हम एक-दूसरे के साथ चुम्मा-चाटी में ही लगे रहे.

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इसके कुछ पल बाद ताऊ जी ने कोमल के टॉप को खोल दिया और तुरंत ही उसकी ब्रा को भी खोल दिया. अब मुझे वो चाहिए थी चाहे कैसे भी!फिर मैंने उससे फोर्मली बात करनी शुरू की. आज मैं आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जो मैंने अपनी आंखों से देखा था.

मैंने इस बात को ऐसे महसूस किया कि जो सीमा भाबी बिना मतलब के मुझसे बात नहीं करती थीं, आज वो मुझे अकेले पाकर कैसे कमेन्ट मारने लगी थीं. थोड़ी देर तक तो वो मुझसे खूब कस कर चिपकी हुई थी, पर यही कोई पंद्रह-बीस मिनट बीते होंगे कि उसके उंगलियां एक बार फिर मेरे सीने के बालों से, मेरे निप्पल से खेलने लगीं. उस भाभी ने मुझे जिगोलो बना दिया था, लेकिन मैंने कभी किसी से पैसे नहीं लिए थे.

मैंने भी उसको अपने बारे में बताया कि मेरी जॉब कॉलेज की पढ़ाई के दौरान लग गई थी, इसलिए मैंने कॉलेज छोड़ दिया था और अभी मैं छुट्टी पर गांव आया हुआ हूं. इस तरह लंड चुत की चुदाई कर रहा था और उंगली से उसकी गांड की चुदाई हो रही थी. पर बुरा हो इस जवानी का इस निगोड़ी बुर का जो हमें इस रास्ते पर चलने को मजबूर कर देती है.

हम दोनों में स्टाइल बदल बदल कर सेक्स किया था तो चुदाई से सोफा भी ख़राब हो गया था, चुदाई का पानी भी गिर गया था. फिर पांच-सात मिनट के बाद सर्विस ब्वॉय कॉफी लेकर आ गया और उसने तीन कॉफी के कप ट्रे के साथ ही हमारे सामने रख दिया.

उसने अपना 8 इंच का लंड मेरी चुत पर सैट किया और धीरे से धक्का दे दिया.

उसने कई बार अपने घर वालों को मना किया कि वह इस शादी को नहीं करना चाहती. బ్లూ సెక్సీचूंकि अब मैं भी निद्रा से बाहर आ चुका था इसलिए मौसी के हाथों के स्पर्श के कारण देखते ही देखते मेरा लंड मेरी फ्रेंची में तन गया. सेक्सी ब्लू फिल्म दिखा वीडियोइसलिए जब भी मेरा ऊपर जाने का चक्कर लगता था, मैं भाबी के कमरे में जरूर झाँक लेता था. ”अंकल को भी उनके आने की भनक लग गयी और वो पीछे हो गए, मैंने भी अपने कपड़े ठीक किए और हम दोनों कुछ हुआ ही नहीं, इस भाव में बैठ गए.

एक दिन हमारे सामने वाले घर में एक खुराना फैमिली रहने आयी, अंकल लगभग चालीस साल के थे.

तभी दोनों ने मुझे नीचे धक्का दे दिया और बोले- लंड चूसो … जब तक हम ना नहीं कहें. 00 ही बजे थे कि घर से कॉल आया कि पापा को अर्जेंट में आफिस के काम से जाना पड़ रहा है और छोटा भाई भी घर पर नहीं है. साहिल- कहीं प्यार-व्यार का चक्कर तो नहीं?हीना- नहीं मामा, ऐसी कोई बात नहीं है.

वो बोली- चाचू ये ग़लत है आप ऐसा कैसे कर सकते हो यार?मैं- अच्छा तुम कर रही थी, तो सही था. मगर फिर मैंने सोनू की जीन्स की चेन खोल दी और उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहला दिया. उसकी मस्त गांड पर मैं मरता था, उसकी जानलेवा 36-28-38 की फिगर देखकर तो मुर्दे के लंड में जान आ जाए.

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आह … अंकल जी!” मेरे मुंह से अपने आप निकल गया और मेरी बांहें उनके गले से लिपट गयीं. मुझे उसमें अपनी बहन नहीं बल्कि एक जवान और सेक्सी लड़की नजर आ रही थी। मैं पूरी रात यही सोचता रहा कि कैसे उसे चोदा जाए … उसके बारे में सोच कर लंड ताव में आ गया था. अगर किचन में जाओ तो साहिल मामा के लिए भी कुछ स्नैक्स वगैरह बना देना.

हम दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई, पूरी रात चुदाई के खेल के कारण सो नहीं सका और अब नींद मुझे जकड़ रही थी.

उसका शरीर जब मुझसे स्पर्श हुआ तो मन में उसकी चूत चुदाई के ख्याल भी पनपने लगे.

वे चूत में लंड लिए बोल रही थीं- आह … राजा … और अन्दर डालो न प्लीज़ … और अन्दर तक पेल दो … आह आह. फिर वो हंसते हुए बोली- कहीं तुम गे तो नहीं हो?मैंने उसे गम्भीरता से देखा, तो वो बोली- सॉरी बाबा मज़ाक कर रही हूँ. खुशी का पर्यायवाचीइस बार भाभी खुद ही मेरे खड़े लंड के ऊपर आकर बैठ गयी और खुद चुदने लगीं.

मैंने नींद आने से पहले ही उसको आगाह करते हुए कहा- शान्ति अगर नींद में मेरे हाथ-पैर तुमसे टकरा जायें तो नाराज मत होना. फिर उसको बाहर आने के लिए आवाज दी तो वो नंगी ही गांड मटकाते हुए बाहर आ गई. फिर उसने दूसरा कप मेरी तरफ बढ़ाते हुए मुझसे कहा- अरमान मामा, ये आपके लिये.

उसकी भी नज़र मां पर पड़ी और वह उठकर मेरी मां के पीछे आकर खड़ा हो गया जिससे मेरी मां की सांसें तेज हो गईं।भीड़ बढ़ गई और बस के शुरू होते ही मेरी मां और वह आदमी भी शुरू हो गए। आज उस आदमी की हिम्मत थोड़ी बढ़ गई. मैं यही सोचा करता था कि कब मैं भी चुदाई के मज़े लूँगा, वो समय कब आएगा.

शुरुआत में तो अनुषी में मेरी ज्यादा रूचि नहीं थी … क्योंकि मैं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ ही ज्यादा व्यस्त रहता था.

फिर मैंने झट से दीक्षा को आगे से घुमाकर उसके होंठों को पूरा अपने होंठों में भर लिया. मैं बोली- धीरे डाल साले कुत्ते … साले अपने लंबे लंड से क्या मेरी चुत फाड़ देगा?वह बोला- रुक जा मेरी रंडी … अभी तो शुरूआत है, आगे आगे देख क्या होता है. इस सेक्स कहानी के पहले भागमैडम ने जिगोलो बनने का रास्ता दिखाया-1में अब तक आपने पढ़ा कि मेरे साथ काम करने वाली श्वेता मैडम के साथ मेरी काफी नजदीकी बढ़ चुकी थी.

साउथ इंडियन सेक्सी बफ मुझे किसी काम से मेरे शहर से 200 किलोमीटर दूर जाना था। मैं शनिवार को आपनी कार से निकल पड़ा।मौसम बहुत सुहाना था तो मैंने रास्ते में वाइन शॉप से एक बीयर ले ली और कार में ही उसे पीने लग गया और कार भी चला रहा था।मैं अपने शहर से करीब 80 किलोमीटर दूर आ गया था. उसके शरीर की खुशबू ऐसी थी कि मन कर रहा था उसे पूरा का पूरा खा जाऊँ.

मैंने लंड को सेट करके धक्का लगाया पर लंड अंदर जाने की बजाये फिसल गया. मौसी की चूत में लंड गपागप की आवाज के साथ उनकी चूत की चुदाई करने लगा. सुमन भाभी की सफाचट चूत ऐसी लग रही थी, जैसे उन्होंने आज ही मेरे लिए अपनी चूत की झांटें साफ़ को हों.

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मैंने उसे एक दिन हाथ हिला कर हाय का इशारा किया, तो वो गुस्से से देखने लगी. मैंने ऑफिस के बाद उसे एक चैक से पेमेंट दे दिया, वो थैंक्स कहकर चली गयी. मैं और मेरे अब्बू दिखने में एक जैसे ही हैं।बात करीब चार माह पहले की है जब मैं, मेरी बीवी, मेरे अब्बू, मेरी अम्मी के साथ गाँव गये हुए थे। हम साल में तीन चार बार अपने गाँव जाते ही हैं.

बीच में आनन्द का फोन भी आया कि ज्योति सहेली के यहां कहीं जा रही है. वो मेरा मोबाइल मुझसे छीनने लगी और मैं उससे अपना मोबाइल दूर करने लगा.

मैंने झट से फोन उठा कर बात की, तो मौसी बोलीं- नानी की तबीयत बहुत खराब है … तो मैं और तुम्हारे मौसाजी परसों सुबह तक घर आ पाएंगे.

वो तेजी से गांड उठाते हुए बोलने लगीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… जान … और जोर से और जोर से. मैंने पूरी ताकत से भाभी की चूत में दो धक्के लगाए और मेरा वीर्य उछल कर बाहर आने लगा. अब कैसा लग रहा है मेरी सोनम बिटिया को?” अंकल जी मेरे सिर पर प्यार से हाथ फेरते हुए बोले.

एक बार फिर से दीक्षा के पीछे जाकर उसकी पूरे पीठ को चूमते तथा चाटते हुए कमर तक आ गया. उसके हाथों को मैंने उसके चेहरे से हटाया तो देखा कि आज सचमुच चांद मेरे सामने था. फिर कुछ सोचकर नम्रता बोली- लेकिन हम लोग हमारी फैमिली के आने के एक दिन पहले इसको करेंगे और मजा लेंगे.

मुझे लगा कि कोई भी एक बार उसके जिस्म की गोलाइयों और कटावों को देख ले, तो उसका लंड सलामी देने को तैयार हो जाएगा.

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मगर सबसे ज्यादा उत्सुकता तो इस बात लेकर हो रही थी कि हेतल मेरी छोटी बहन मानसी के लिए राज के लंड का जुगाड़ कैसे करेगी. रेलवे स्टेशन जा कर पार्किंग में गाडी पार्क करके ट्रेन का इंतज़ार करने लगा. रात को सब लोग सोने के बाद मैंने छुपाई हुई मैगज़ीन निकाली और बाथरूम में जाकर पढ़ने लगी.

शायद उसको भी पता चल गया था कि मैं उसे चोर नज़रों से देख रहा हूँ, पर वो फिर भी अनजान बनी हुई थी और अपनी किताब पढ़ने में मस्त थी.

मैंने उसे अपना नंबर दे दिया।जब मैं सौरव को नम्बर बता रही थी तो बाकी छात्र हम दोनों की तरफ ही देख रहे थे। मैं आराम से आकर सीट पर बैठ गई।मेरी दो-चार सहेलियाँ भी आ गईं, मुझसे पूछने लगीं- क्या चक्कर चल रहा है तेरे और सौरव के बीच में?मैंने मजाक में कह दिया कि वो मेरा नंबर मांग रहा था तो मैंने दे दिया।मेरी सहेलियाँ भी खुश हुईं और मैं भी हँसने लगी।जब घर पहुँची तो मोबाइल देखा. पंकज ने राहुल को उधर आता देख, सारिका को छोड़ दिया और मुस्कुराते हुए फ्लोटिंग करने लगा. भाभी ने पूरी मस्ती और दम लगा कर लंड चूसा, जिससे मेरा पानी उनके मुँह में ही छूट गया.