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और वैसे भी एक नंबर का चूतिया है, हर किसी से हर बार से डरता है।बीवी उसकी बहुत सुंदर है, देखने में भी अच्छी तगड़ी है। शादी के बाद आते ही उसने भाई को अपने कब्जे में कर लिया। भाई तो बस उसका गुलाम ही बन गया।जब मेरी शादी नहीं हुई थी, तब मेरा और भैया भाभी का कमरा बिल्कुल मेरे साथ वाला था. ट्रिपल एक्स व्हिडीओ सॉंगहम दोनों गिर गए बिस्तर पर!लेकिन वो पांच मिनट बाद उठी और मेरे ऊपर बैठ कर ऊपर नीचे करने लगी.

मैं- खाना तो खाएँगे लेकिन एक शर्त पर, आज की रात ख़त्म होने से पहले आप हमें किस करोगी.चेन्नई सेक्सी बीएफ: यहां पर एक बात और बताना चाहूंगी कि जब भी कोई लड़की इस ग्रुप में कहानी भेजेगी तो वह अपना परिचय खुद ही दे देगी। दोस्तो, आप लोगों से बस इतना निवेदन है कि आप लोग किसी भी प्रकार के संदेश हमें न भेजें क्योंकि किसी भी संदेश का जवाब हम लोग नहीं देंगे।आपको हो सकता है कि हमारी यह बात थोड़ी अजीब लगे लेकिन हम सब शादीशुदा हैं और थोड़ा हद में रहना भी जरूरी होता है.

फिर उसने मेरे बालों को पकड़ लिया अपनी साड़ी के पल्लू को नीचे गिरा दिया और मेरे मुंह को ऊपर उठा कर अपने चूचों की दरार दिखाने लगी.सलमा के दरवाजे पर जाकर मैंने फिर से अगल बगल देखा, तो कोई नहीं दिखा.

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मुझे बहुत आनन्द आने लगा था और मैं उसके लिंग को पूरे जोश से चूस रही थी.मैंने अपने लंड का सुपारा उनकी गांड के छल्ले के ऊपर करके लगा दिया और उनके चुच्चे मसलने लगा.

मगर फिर उस दिन चाची के आने का टाइम हो गया था तो मैंने अपने कपड़े पहन लिये. चेन्नई सेक्सी बीएफ जब वो नीचे से गांड को हिलाने लगी तो धीरे धीरे मैंने भी उसकी चूत चोदनी शुरू कर दी.

जी हां, परिवार के मर्द ही उनको चोदते हैं, ये खुलासा आपको कहानी के अंत में हो जाएगा.

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आज मैं जो कहानी आप लोगों को बताने के लिए जा रहा हूं वो मेरी मां की कहानी है. तभी मुझसे राहुल बोला- आज तक तुम मुझे क्यों नहीं मिली … मुझे पहले ही मिल जाती, इतनी अच्छी चीज मेरे सामने थी और मैंने पहचाना नहीं. नेता जी ने मेरे हाथ से गिलास लिया और फिर एक हाथ से पकड़ कर मुझे अपनी जांघों पर खींचकर बिठा लिया.

ये कह कर मैंने उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया और रुक रुक कर उसके मुँह में मूतने लगा. मैंने उसकी टांग को उठा कर सोफे पर ऊपर चढ़ा दिया और उसकी चूत में अब जबरदस्त धक्के देने लगा. उन नाज़ुक नाज़ुक सी लड़कियों पर अपनी हैवानियत दिखा कर ना जाने क्यों मेरे दिल को सुकून सा मिलता था.

कांतिलाल ने मुझे इस कामुक अवस्था में पाते ही मेरे होंठों से होंठ चिपका लिया. आज से पहले कभी भी मैंने उसे चुदाई वाली नजरों से नहीं देखा था।मैं उसके कहने पर उसको तैराकी सिखाने के लिए राजी हो गया. वो भी समझ गयी और उसने मेरी तरफ देख कर हल्का सा स्माइल किया और मेरे कंधे पर अपना सिर रख दिया.

मैंने धीरे-धीरे मैक्सी को ऊपर उठाना शुरू किया और कमर तक मैक्सी ऊपर कर दी. मेरी बीवी चुदाई की थकान से और नींद की गोलियों के नशे में घोड़े बेच कर सो गई.

वो कुछ भी नहीं कर रही थी, बस शान्ति से मेरे लंड के हमलों को झेल रही थी.

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मुझे नहीं पता था कि किसी के मुंह में लंड को देकर चुसवाने में इतना मजा आता है. मेरी सहेली ने माँ को बोल दिया कि आंटी सिर्फ हम दोनों ही घर पर रह कर पढ़ाई करेंगे … और कोई भी नहीं आने वाला है. मॉम जोर जोर से आवाज निकाल रही थीं- आह आई … और जोर से दबा कर पी … आई … पी ले बेटा … यह तेरे लिए ही हैं.

तभी दीदी ने मुझे रोकते हुए कहा- इसकी जरूरत नहीं है। अब मैंने ऑपरेशन करा लिया है. ये किसी विदेशी अंग्रेज़ी फ़िल्म से कम दृश्य नहीं था, जिसमें लोग सामूहिक रूप से संभोग क्रिया में लिप्त थे. उधर मेरा खेल देख कर राकेश का लंड एक बार पानी छोड़ चुका था और काव्या की चूत भी पानी पानी हो रही थी.

अबकी बार मैंने अपना हाथ ऐसा रखा था कि उनकी हथेली मेरी हथेली से चिपक गई.

नेताजी लगभग आधा गिलास खाली करने के बाद बोले- मुँह से चूसती नहीं है क्या … थोड़ा मुँह तो लगा. मैं समझ गया कि अब उसकी वासना अपने चरम पर है लेकिन अभी मैं उसको भरपूर मज़ा देना चाह रहा था जिससे वो मेरी दीवानी हो जाये। मैं बहुत ही प्यार से उसकी चुचियों को चूस रहा था. उसके धक्के लगातार एक सांस में चल रहे थे और जब कभी उसे थकान लगती, तो लिंग मेरी योनि के भीतर दबा कर मेरे स्तनों, चूतड़ों और जांघों को सहलाकर मेरे बदन का आनन्द लेते हुए थोड़ा सुस्ता लेता.

अगली विजिट पर डॉक्टर साहब ने कहा कि तुम्हारी आरसीटी हो जाये फिर तुम्हारी कॉस्मेटिक सर्जरी करके तुम्हारे दाँत बहुत सुन्दर कर दूँगा. मैं बिना कोई परवाह किये पूरा का पूरा लंड भाभी की रसीली चुत में डालने लगा. पहले वे बैंक की नौकरी करते थे। जब भी उनका मन होता है तो वह अक्सर मेरे पास आ जाते हैं.

दीदी ने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और अपनी चूत पर रख कर उस पर दबाव बनाती हुई बैठती चली गई.

जब मैं वहां पर पढ़ाई करने के लिए गया तो मेरा बहुत ही अच्छे तरीके से स्वागत किया गया और मेरे लिये स्पेशल खाना बनाया गया. ऐसे ही बातें करते हुए उन्होंने मुझे बाध्य कर दिया कि मुझे शादी में पक्का आना है.

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चेन्नई सेक्सी बीएफ कांतिलाल समझ गया कि कविता झड़ने लगी है, इसलिए उसने भी अब नीचे से झटके देने शुरू कर दिए. उसके बाद फिर मेरी जॉब दिल्ली में लग गई थी तो मैं दिल्ली में आ गया था.

पर रमा ने बोला- लगता है कान्ति ने तुम्हें पूरी तरह निचोड़ कर रख दिया.

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मैंने अपनी आंखें बन्द कर रखी थीं और होंठों को राजशेखर के होंठों से चिपका रखा था. मेरा ध्यान बस अब उसकी चूत की रसीली फांकों के बारे में ही जा रहा था. मैंने अपने जीवन में 20 से ज्यादा लड़कियों और भाभियों की चूत बजाई थी.

संभोग करते हुए लगभग एक घंटा होने को था और कांतिलाल उन मर्दों में से था, जो अपने अनुसार अपना वीर्य रोक सकते थे. मैंने पूछा- आंटी आप कह रही थीं कि कुछ काम है?मेरा इतना कहना था कि वो मेरे पास आईं और मेरे गाल पर किस करके बोलीं- रुको तो सही मेरी जान … काम ही काम है तुमसेबस इतने में ही मेरा डर एकदम से खत्म हो गया. काफी देर तक चूमा-चाटी के बाद मैंने उसकी पैंट को निकलवा दिया और उसको एक साइड में खड़ी करके उसकी टांग उठा कर अपना लंड उसकी चूत पर सेट करके उससे चिपक गया.

कॉलेज तो तीन-चार साल में खत्म हो गया लेकिन हमारी दोस्ती आज भी उतनी ही ताजा है.

जब भाभी को लंड से मजा मिलने लगा, तब उनकी गांड हिलने लगी और वो भी अपनी गांड उठाते हुए लंड का जवाब देने लगीं. इस तेज झटके से मेरे लौड़े का सुपारा अन्दर डॉली की चूत में घुस गया था. अब मैं अपना सारा दिमाग़ इस बात को सोचने में लगाने लगा कि कैसे अपने दिल की बात साली को बोलूं, पता नहीं वो भी मुझसे चुदना चाहती है या नहीं?ऐसा ना हो कि कुछ बवाल हो जाए!यही सोचते सोचते सारा दिन बीत गया.

मैंने कहा- क्या मैं अभी आपको नाम से बोल सकता हूँ?अम्मा ने कहा- हां … क्यों नहीं … लेकिन मैं अम्मा ही सुनना पसंद करूंगी, तू ऐसा समझ मेरा नाम अम्मा ही है, तुम मुझे अम्मा ही बोला करो. कुछ मिनट तक ऐसे ही करने के बाद मैंने भाभी का ब्लाउज और पेटीकोट खोल दिया. तभी दीदी ने मुझे रोकते हुए कहा- इसकी जरूरत नहीं है। अब मैंने ऑपरेशन करा लिया है.

फिर भी देर लगा दी तुमने मनीष? अब जल्दी से चेंज कर लो, मुझे भूख लग रही है।यह कहकर दीदी रसोई की तरफ चली गयी. वो बारी बारी से मेरे दोनों स्तनों से दूध पीने लगा और मैं उसे बच्चे की तरह उसका सिर सहलाती रही.

मैंने गौर किया कि वो बता तो स्कूटी के बारे में था, पर उसका पूरा ध्यान मेरी बीवी की तरफ था. अब यहां रुके हैं, तो रिलेशनशिप में तो होंगे ही … ऐसे ही थोड़ी कोई आपस में …इतना बोलकर मैं रुकी ही थी कि उसकी आंखें चमक उठीं. उसने पोजीशन बदली और हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए।अब मेरा पूरा लंड उसके मुंह में बिल्कुल गले तक जा रहा था और मैं उसकी चूत को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था.

मेरा लंड थोड़ी देर बाद खड़ा हो गया तो मैंने निधि से गांड मारने की बात की, निधि बिना किसी आनाकानी के तुरंत राजी हो गई।उसने अपने पर्स से वैसलीन क्रीम निकाल कर दी.

तुम मुझे अच्छी लगती हो, मैं चाहता कि तुम और अच्छी लगो, तुम हँसो तो तुम्हारे दाँत मोतियों जैसे दिखें. आंटी ने एक बार मेरे लंड की तरफ देखा और फिर बोली- मैं तुम्हारे लिए कुछ खाने के लिए लेकर आती हूं. उसके बाद मामी जी ने अपनी चूत में अपने हाथ से ही उंगली करनी शुरू कर दी.

अब मैंने हिम्मत करके उसकी छाती पर हाथ लगाया, तो उसके मुँह से ‘ऊंह … आह. उसके बाद मैंने उसकी चूत के रस सना हुआ अपना लंड उसके मुंह में दे दिया और वो मेरे लंड को मस्ती में चूसने लगी.

फिर उसने खुद ही मेरे कच्छे में हाथ दे दिया और मेरे लंड को मुट्ठी में भर लिया. उसके होंठों को जोर से चूसते हुए मैंने उसको चूतड़ों को मसलना शुरू कर दिया. भाभी को भी डर हो गया था कि अगर लाइट जली तो सारा मजा खराब हो जायेगा.

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मेरी बगल में राजेश्वरी बड़बड़ाने लगी थी- अब बस … मुझसे नहीं होगा मेरी जांघों में दर्द होने लगा है. हम दोनों अब तक पसीने पसीने हो चुके थे और मेरी जांघों में बहुत दर्द होने लगा था. आरम्भ में मुझे बिल्कुल नहीं पता था कि वे दोनों हमारे साथ यात्रा में होंगे.

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संभोग की संतुष्टि और थकान ने मुझे सुला दिया था … पर अब कांतिलाल के रूप में एक और पड़ाव मेरे सामने आ गया था. मैं धीरे से लंड को बाहर लाता और फिर हल्के से धक्के के साथ भाभी की चिकनी चूत में फिर से धक्का लगा देता.

लेकिन कोई तरीका समझ में नहीं आ रहा था। मैं कभी-कभी कोई अश्लील फिल्म की सीडी लाकर रात में फिल्म भी देख लेता था जिससे मेरे मन में चुदाई करने की चाहत और तेज होती जा रही थी।एक दिन मैंने सोचा कि क्यूँ ना अपनी साली को पटाया जाए चुदाई के लिए … इससे मेरा काम बहुत आसान हो जाएगा और जब तक पत्नी नहीं आती है, तब तक जब भी मन करेगा, भरपूर मज़े ले सकूँगा. उसने अपनी टांगें खोल दी थी और मैं समझ गया कि वो भी लंड को अंदर लेने के लिए तैयार है. पता नहीं राजशेखर ने शायद निर्मला को इशारा किया या वो खुद अपनी मर्जी से आयी.

इस तरह से हम दोनों ही एक दूसरे से मिल कर सेक्स करने को हद से गर्म हो चुके थे.

हम दोनों पति-पत्नी के बीच में कुछ होता ही नहीं तो आवाज कहां से आयेंगी. [emailprotected]दोस्तो, आपको गर्म आंटी के साथ मेरी चुदाई स्टोरी कैसी लगी मेल जरूर करें. इस वक्त हम दोनों बस चिपके ही नहीं थे … बाकी हमारे बीच दूरी थी थी नहीं.

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हम दोनों एक दिन घूमने गए थे और जगेश ने मुझे उसकी गर्लफ्रेंड बनाने के लिए मुझे कहा. मैंने उठ कर मौसी की चूत को चूसना शुरू कर दिया और वो तेजी से सिसकारियां लेने लगी ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’मुझे डर लग रहा था कि कहीं मौसी की आवाज दूसरे कमरे में पापा के पास न चली जाये. फिर उन्होंने खीरा जोर से बाहर निकाला, इसके साथ ही उनकी चुत से पानी निकलना शुरू हो गया.

उसने जब मेरा पूरा खड़ा लंड देखा तो चौंक गयी और कहने लगी- ये क्या है?मैंने कहा- जान … ये तुम्हारी तड़प का इलाज है … और मेरी तड़प का तुम!मैंने उसे बताया कि उससे मिलने के बाद मैंने क्या क्या किया।मैं एक्टिव था, अब मेरी बारी थी. फ़िर से उसी प्रकार पानी की धारा निकली और इस बार थोड़ी ज्यादा मात्रा में थी. मैंने उसको पटा कर उसकी चूत की चुदाई करनी चाही लेकिन …अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार.

जैसे ही उसने दरवाजा खोला तो देखा कि उसकी बीवी किसी और के लौड़े की सवारी कर रही है. उसकी टांगों के बीच में बैठकर अपनी हाथ की उंगलियों से उसकी चूत की दरार को फैलाया. उसमें बहुत सारे टॉपिक ऐसे थे जिनको पढा़ने में मुझे कोई दिक्कत नहीं थी क्योंकि मेरा तो काम ही था उसे पढ़ाना.

तभी रवि ने बोला- रमा जब तुम जानती थी, तो इतना नाटक क्यों किया?रमा बोली- अरे यार थोड़ी बहुत मौज मस्ती और क्या … मैं सबको चौंकाना चाहती थी. सुबह 4 बजे के करीब मेरी आंख खुली और मैं रेनू को फिर से उठा कर ले गया.

एक दिन पढ़ते हुए मुझे एक चीज़ समझ में नहीं आ रही थी, तो दिमाग चकराने लगा.

मेरे लंड ने एकदम से उसकी चूत में पिचकारी मार दी और मैं झटके दर झटके झड़ता चला गया. गुजरात की चुदाई सेक्सी वीडियोमैंने आंटी से पूछा- मैं अपने माल को कहां पर निकालूं?तो आंटी कहने लगी- मेरी चूत में ही निकाल दो. सेक्सी डांस दिखाएंफिर पिंकी दीदी ने मेरी कच्छे को निकालने के लिए कहा तो मैंने कच्छा भी निकाल दिया. मैं सोच रहा था कि जब ये बाहर से देखने में इतनी मस्त माल लग रही है तो अंदर से तो ये बिल्कुल कयामत ही लगती होगी, मैं उसकी मां के नंगे बदन को देखने के लिए तरस जाता था लेकिन अभी मुझे ऐसी कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही थी कि मैं उसकी मां को नंगी देख सकूं.

कांतिलाल ने भी उसके चूतड़ों में 3-4 जोरदार चांटे मारे और पहले से कहीं ज्यादा जोर से धक्के मारने लगा.

चाची- क्यों इसमें लगने वाली क्या बात है?मैं- मेरा मतलब आप काफी कम उम्र की एक मार्डन और स्मार्ट लड़की सी लग रही हो ना … इसलिए कहा. फिर कई मिनट तक मेरी चूत को चोदने के बाद उसने मेरी चूत में ही अपना माल छोड़ दिया. थोड़ी देर में वो वापस आई और बोली- उठ जाओ, बहुत आराम हो गया अब तो?मैं बोला- मैडम थोड़ी देर रुक जाओ.

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फिर चार पांच महीने बाद ही मेरा कम्पनी के एम डी से मेरे कमीशन को लेकर पंगा हो गया और मैंने जॉब छोड़ दी, लेकिन साराह मैम से मेरी बात होती रही.

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एक दिन नॉर्मल बात हुई फिर सबकी तरह उसकी भी वही डिमांड कि पिक सेंड कर दो.

अब भी मैं रोज़ उसे एक्सरसाइज करवाने उसके घर जाता और मौका देख कर उसे चोद देता. ’थोड़ी देर बाद मैंने मॉम को दीवार के सहारे खड़ा कर दिया और उनकी पैंटी भी फाड़ दी. इस वजह से खून और पानी का वो मिश्रण बन जाने से मेरा लंड अंदर जाने में अब कोई परेशानी नहीं आ रही थी.

वेश्याओं के नंबर जब मैंने उनसे चूत की झांटों के बारे में पूछा कि आपकी चुत पर बाल क्यों नहीं हैं?तो उन्होंने कहा कि तुम्हारे पापा मुझे रोज चोदते हैं, इसलिए मैं सुबह ही अपने बाल साफ कर लेती हूं. इतने में ही आंटी घूम गई और आंटी के घूमते ही मेरे होंठ आंटी के होंठ से मिल गए.

आगे बात करने पर पता चला कि वो अपने सास और ससुर के साथ यहां पर रहती है. जैसे जैसे धक्कों में तेज़ी आनी शुरू हुई, वैसे वैसे ही रमा की सिसकियां मादक कराहों में बदलनी शुरू हो गईं. लंड को चूत में लगा कर मैंने एक झटका मारा और मेरा लंड मामी की चूत में घुस गया.

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मुझे पता था कि अगर मैं डॉली को गर्म कर दूंगा, तो आज वो मुझसे चुदवा भी लेगी. फिर सेक्स करते करते हमने पोजीशन बदल ली, मैं घोड़ी बन गयी और मेरा बॉयफ्रेंड मेरे पीछे आ गया और मेरी चूत को चाटने के बाद अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया. कुछ देर के बाद बाद मैंने साराह की पैंटी भी निकाल दी और साराह को बेड पर लेटा दिया.

वो अपनी गांड उठाते हुए अपनी बुर की ठुकाई का मज़ा लेने लगी ‘यएहह … यू आर सो स्ट्रोंग … यएहह … फक मी हार्ड … उंह!’मेरे हर झटके के साथ उसके मुँह से मस्त आवाज़ आ रही थी. थोड़ी देर में ही हम सेक्स करते करते झड़ गए, हमारा पानी निकल गया था और हम दोनों थक कर बिस्तर पर लेट गए थे.

फिर मैंने आस पास देखा कि कोई हमारी इस हरकत पर ध्यान तो नहीं दे रहा.

जब सब जगह नजर दौड़ाने के बाद मैंने ठीक ठाक पाया तो मैंने हल्के से अपने हाथ को भाभी के चूचों पर लाकर उनको छेड़ने लगा. फिर मैंने ऑनलाइन सेक्स चैट करनी शुरू की, जिसमें एक लड़की से मेरी चैट शुरू हुई. फिर उसने कहा- जोश जोश में भला ऐसे भी कोई करता है, तुम्हें क्या लगता है कि मुझे पता नहीं कि तुम मुझे पसंद करते हो … मेरे बूब्स को दबा देते हो, छुप छुप कर मेरे चूतड़ देखते हो और मेरे चूतड़ों की बीच की दरार पर अपना लंड टच करते हो.

इस कम्पनी में मेरी रिपोर्टिंग कम्पनी की स्टेट हेड एक महिला लेती थी. कहीं चाचा के घर से कोई आ गया तो प्राब्लम हो जाएगी।मैं कपड़े पहनकर कमरे से बाहर आया तो उसने मुझे गले लगाकर मेरे होंठों को चूमा और बोली- अब तो मैं तुम्हारी घरवाली बन गई हूँ. बल्लू की गांड पर गर्म लैम्प लगा लेकिन वो गांड को मलते हुए घर से बाहर भाग गया.

मम्मी को दर्द हुआ उनके मुख से निकला- उम्म्ह … अहह … हय … ओह …तो मैंने पूछा- मम्मी आपकी तो बहुत बार चुदाई हो चुकी है, तो आपको दर्द क्यों हो रहा है … आपकी चूत तो बहुत टाइट भी लग रही है.

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मेरे भीतर वासना की आग तेजी से धधक रही थी और मैं भी उसे अपनी ओर ऐसे खींच रही थी, मानो उसे अपने भीतर छुपा लूंगी. मैंने कहा- फिर तू अपनी सेक्स की प्यास कैसे बुझाती थी?अम्मा ने कहा- जब मैं घर अकेली होती थी, तब अपनी चुत में उंगली डाल कर या गाजर मूली खीरा वगैरह डाल कर घंटों हस्तमैथुन करती थी. इस तेज झटके से मेरे लौड़े का सुपारा अन्दर डॉली की चूत में घुस गया था.

मैंने उसके गले में हाथ डाल कर थोड़ी और गहराई में जाने लायक धक्के देने शुरू किए, तो वो अपने होंठों को होंठों से भींचता हुआ मुझे चूमने को लपक पड़ा.

मैंने पूछा- क्या मैं तुम्हें किस कर सकता हूं?उसने मेरी बात का कोई जवाब न दिया और शर्म से नजर नीचे झुका ली. मैंने पूछा- क्या हुआ मैडम?तो सोनू ने कहा कि कुछ नहीं, थोड़ा परेशान हूं।मैंने पूछा- क्यों, क्या हुआ आपको?पहली बार सोनू ने खुलकर बात करना शुरू की, बोली कि जिंदगी में सब कुछ है मेरे पास एक अच्छा पति, एक प्यारा सा बेटा लेकिन फिर भी मैं अकेली हूं. बस अब तो एक ही इच्छा थी कि 3 महीने बाद मेरे बीवी का साइज 36-28-32 का बन जाए.