पंजाबी लड़की की बीएफ

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होली बीएफ: पंजाबी लड़की की बीएफ, हैलो फ्रैंड्स, मेरा नाम राज (बदला हुआ नाम) है, मैं इलाहाबाद से हूँ, लेकिन मैं नोयडा में रहता हूं.

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फिर वो मुझे बांहों में दबा के कहने लगा- आई वोन्ट टू मैरी यू एन्ड आई वोन्ट टू टेक यू माय कंट्री माय लव. सेक्सी वीडियो खुला दिखाएंअब आगे:मैं एयरोड्रम पहुंच कर प्लेन तक का रास्ता तय करते वक्त अपने बेटे की बांहों में बांहें डाल कर चल रही थी.

थोड़ी ही देर में मुझे भी लगा कि मेरा भी माल निकलने वाला है और ये बात मैंने मौसी को बताया. ब्लू पिक्चर डब्लू डब्लू’ और मेरे कंठ से निकलती ‘आअह उम्म्ह… अहह… हय… याह… आउउऊ उउउ …’ की गूंजें फ़ैल गई थीं.

कुछ देर तक मैंने उसके चूचों को दबाने के साथ ही अपने लंड को उसकी गांड में अंदर धकेलना जारी रखा.पंजाबी लड़की की बीएफ: मेरे सामने उसके सबसे उत्तेजित तीन अंग थे, जिसको मुझे पूरी तरह से संतुष्टि देना था.

सिर्फ हिल डुल के जो लंड का चूत में घर्षण होता है उसमें ही बेहिसाब मज़ा आता है.बार के अन्दर पहुंच कर उस आंटी ने एक वेटर को बुलाया और खुद के लिए बियर आर्डर की.

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उसने हमेशा की तरह एक वादा किया कि चाहे दुख हो सुख हो, वो मेरा हमेशा इस भरी दुनिया में मुझे हारने नहीं देगी, टूटने नहीं देगी.मैंने इवेंट के लिए साड़ी और हाफ स्लीव का ब्लाउस पहना था और मेकअप भी अच्छा किया था.

मोनी की चूत ज्यादा फूली भी नहीं थी मगर इतना उभार तो बना रही थी कि मेरे हाथों को उसके स्पर्श का अहसास हो सके. पंजाबी लड़की की बीएफ काजल की चूत मारते हुए मुझे करीबन पन्द्रह मिनट से ज्यादा टाइम हो चुका था.

चूंकि मैं देखने में अच्छा था और मेरी बॉडी भी काफी फिट थी इसलिए लड़कियां जल्दी ही मुझे पसंद कर लेती थीं.

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अब वो जब भी अवि को मुझे देते, तो जानबूझ कर मेरे मम्मों को पकड़ कर मसल देते … और मैं कसमसा के रह जाती. भाबी ने मेरे लंड पर कूदते कूदते मेरे लंड को अपने रस से बिल्कुल गीला कर दिया था. माँ के मुँह पे हाथ होने के कारण उनकी आवाज नहीं निकली, मगर आंसू निकल आए, जो मेरे हाथ को छू कर नीचे गिरे.

भाबी के इस तरह गांड को उठा उठा कर लंड पर बैठने की अदा मुझे बड़ी भा रही थी. उसके बाद मैंने कई चूतों की चुदाई की मगर अंजलि की देसी कुंवारी चूत को चोदने का वो अहसास आज भी भुलाये नहीं भूलता मैं. ”मैं घुटनों पे बैठी, अंशु की चूत को अपने होंठों से ढक लिया, उसके चूतड़ पकड़ लिए।उसने हाथों से मेरा सिर पकड़ा और मूतने लगी, उसका नमकीन पेशाब मेरे गले को तर करने लगा।मेरे चूतामृत पीने के बाद सब सो गए।सुबह उपिंदर को जाना था, मम्मी उसका हाथ पकड़ के बोली- बड़ी टेंशन हो रही है.

वसुन्धरा की दोनों कलाईयों पर ढ़ेरों बाल नुमाया थे तो यक़ीनन टांगों का भी यही हाल होगा. वो एकदम सिसक रही थीं और उनके मुँह से कामुकता से आह्ह … निकल रही थी. भोला ने कहा कि मैं तु्म्हारे लिये कुछ खाने का इंतजाम करवा देता हूं.

फिर एक महीने बाद उसके घर से सब गेस्ट जा चुके थे, तो मैं रात को निहारिका के घर चला गया. उसने मुझ पर लाइन मारने की बहुत कोशिश की लेकिन मैं उसको इग्नोर कर देता था.

बहुत सारे मेरे मित्रों ने मुझसे पूछा है कि ये कहानी सच्ची है या नहीं.

मेरे घर के लोग, जहां लाइन में खड़े थे, वहां पे मैं आ गई और उनके साथ बाजू में खड़ी हो गयी.

मित्रो, मुझे ई-मेल करके जरूर बताएं कि मेरी मां के साथ सेक्स स्टोरी कैसी लगी?अभी के लिए नमस्कार. वो उचक कर चिल्लाने लगी लेकिन मैंने उसको पकड़ लिया और उसके चूचों को दबाने लगा. जब मैं खा पी चुका तो मैडम ने गिलास और ख़ाली प्लेट उठाकर ट्रे में रखी और ट्रे को लेकर भीतर चली गयीं.

उससे रहा नहीं गया, वो मुँह पीछे करके मुझे किस करने की कोशिश करने लगी। मैंने पीछे से उसके बाल कस कर पकड़ कर उसके उसकी गर्दन सीधी की और आइस को उसके कंधों पर रगड़ने लगा। वो तिलमिलाने लगी. घबरा कर मेरी गांड फट गयी कि ये कहीं किसी से कुछ कह न दे! मगर शुक्र रहा कि उसने किसी से कुछ नहीं कहा और कुछ दवाइयां लेकर वह वापस अपने घर चली गई. वीणा की इस धुआंधार चुदाई से हम दोनों की टांगों ने जवाब दे दिया था क्योंकि ज्यादातर चुदाई हमने हमारे टांगों के बल पर ही की थी.

उसके जैसा ब्लोजॉब मुझे अब तक कभी किसी लड़की या भाभी ने नहीं दिया था.

मैं तो पहले अपने काम पर ध्यान देता था, उसके बाद जैसे जैसे मैं पुराना होता गया, तो मुझ पर काम का बोझ भी कम हो गया. उसने घुटने के बल बैठकर मेरा लंड चूस कर साफ कर दिया और फिर लॉलीपॉप की तरह लंड चूसने में लग गई. उन्होंने अपने पैरों से मेरी जांघों को दबा लिया और दोनों हाथ को मेरी पीठ पे ले जाकर मुझे अपने सीने से चिपका लिया.

अब जब मुझसे रहा न गया तो मैं उठा और दबे पांव गौशाला की तरफ बढ़ने लगा ताकि किसी को शक न हो।मैं जैसे-जैसे गौशाला की तरफ बढ़ रहा था पायलों की आवाज बढ़ती जा रही थी. मैंने लण्ड का सुपारा चूत के मुंह पर रखते हुए कहा- काहे के अंकल? अब ये राजा बाबू आ रहा है, अपनी रानी से कहो, सम्भालो. मनमीता नाम सुनते ही मेरे मन में लड्डू से फूट पड़े और मैंने फटाक से उठ कर दरवाजा बंद कर लिया और उससे बात करने लगा.

फिर धीरे धीरे उसकी चूत की फांकों को टटोलते हुए मैंने सीधा ही अपनी बीच वाली उँगली को उसकी मखमली गहराई में घुसा दिया.

तभी भाभी ने रोक कर मुझे एक किस किया और बोली- कैसी लगी नयी गर्लफ्रेंड?मैं बस मुस्करा दिया. आपको ये मेरी गैंगबैंग चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं.

पंजाबी लड़की की बीएफ मैं उसको जल्दी से नंगी कर देना चाहता था ताकि उसकी चूत में अपने लंड को डाल सकूं लेकिन मैंने सब कुछ धीरे-धीरे करना ही ठीक समझा ताकि उसका विश्वास मुझ पर बना रहे. गुप्ता जी इतना बड़ा एहसान लेने को तैयार नहीं थे लेकिन धीरे धीरे मान गये.

पंजाबी लड़की की बीएफ मुझे उम्मीद है कि यह कहानी भी आपको बहुत पसंद आएगी।अपने बारे में मैं पिछली कहानी में बता चुकी हूं जिन्होंने नहीं पढ़ा वो जरूर पढ़ें।कहानी कुछ दिन पहले की ही है मैंने कंप्यूटर कोर्स किया था. चूंकि उसने घुटने मोड़े हुए थे इसलिए मैं उसकी साड़ी को घुटनों तक ही ऊपर कर पाया मगर बाकी का आधा काम उसकी जांघों के खुद के भार ने कर दिया और उसकी नंगी जांघें मेरे हाथों में आकर भर गयीं.

मैंने फ़ौरन भाबी की गांड से लंड निकालते हुए उनके भारी कूल्हों पर अपना सारा माल निकाल दिया.

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तब मैंने भाभी को घोड़ी बनने को बोला और पीछे से उसकी चूत में लंड पेल कर चूत पेलने लगा. मगर उसने मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया और मेरे मुंह में जीभ डाल कर मेरी लार को पीने लगी. उसने मुस्कुराते हुए टॉवल उठा कर झट से लपेट लिया और दरवाजा खोलने चली गयी.

मैंने नीचे से भाभी की साड़ी को पेटीकोट समेत उठा लिया और एक हाथ से उनकी पैंटी को सहलाने लगी. वे बाथरूम में थीं, फिर मैंने बुआ को दिखाने के लिए अपने लंड को लोवर से बाहर निकाल दिया. मौसी के मुँह से लगातार निकल रहा था- आह … उह … आह … कितना मज़ा आ रहा है … कितने साल बाद ये मज़ा मिला आज मुझे … आह ऐसे ही करते रह … आअहह उईईईई उफफफ्फ़ … आअह … आअहह ओह ह्म्म्म्म ममम उईईइ … सोओओओनु … और जोर जोर से करर्र!मौसी की ऐसी बातों से मेरा भी उत्साह बढ़ रहा था और मेरे कमर की स्पीड भी.

उसने पानी पिया और प्यार से मेरी गांड पे चुमटी काट के कार लेके मेरे घर वालों को लाने चला गया.

लेकिन मैंने उसके होंठों को चूसना नहीं छोड़ा और टॉप के ऊपर से ही उसकी चुचियों को जोर जोर से दबाने लगा. अब जीजा जी मेरे हाथ पर हाथ रखवाकर अपने लिंग को हिलवाने लगे और बूब्स को जोरों से पीने लगे. जब उसे लगा कि शायद मैंने उसे अपने दोस्तों से चुदने के बारे में जान लिया था, तो आतिशा बोली- हां मैंने एक बार किया है.

गहरे ब्राउन कलर का लंड जिसकी लम्बाई मेरे छः इंच वाले स्केल के बराबर रही होगी और वो किसी बड़ी तोरई जितना मोटा था और उस पर मोटी मोटी फूली हुई सी नसें उनके लण्ड को डरावना लुक दे रहीं थीं. उसका लगभग रोज का काम था कि शराब पीने के बाद हमेशा घर पर आकर झगड़ा करना. कुछ दोस्त मुझसे सेक्स करने की चाहत रखते हैं, तो कुछ ने लड़की के नाम से मेल आईडी बना कर हेल्प के लिए मुझसे सम्पर्क किया.

इसी समय दिमाग में थोड़ा मस्ती करने को सूझा … सोचा ज्यादा तो नहीं, पर थोड़ी देर के लिए मस्ती तो कर ही सकता हूँ. मैं अपना बायां घुटना वसुन्धरा की योनि पर ऊपर-नीचे रगड़ने लगा और हर बार वसुन्धरा की साड़ी मेरे पैर की ऊपर-नीचे की जुम्बिश के साथ थोड़ा और ऊपर खिसकने लगी.

स्कूल और कॉलेज में बहुत सी लड़कियों ने मुझे लाइन भी दी थी, पर आप इसे मेरा डर समझो या मेरा ज्यादा शर्मिला होना मान लीजिएगा कि छेद नहीं मिला था. मैंने सिगरेट सुलगा कर कश खींचा, तो मेरे हाथ से सोनल ने सिगरेट ले ली. उसकी गोरी और मोटी चूचियों को दबाते हुए उसकी चूत में लंड के धक्के लगाते हुए जो आनंद आया मैं उसको कैसे बताऊं दोस्तो, ऐसी किस्मत बहुत कम लोगों की चमकती है जिनको ऐसी चूत नसीब होती है.

चूंकि उसकी चूत बिल्कुल नई-नवेली कुंवारी कली की तरह थी इसलिए उसकी दोनों फांकें आपस में लगभग चिपकी हुई थीं.

अंकल जी ने मेरी हालत समझ प्यार से मेरे सिर पर हाथ फेरा और मेरा गाल चूम के मुझे अन्दर लिवा ले गए और ड्राइंग रूम में सोफे पर बैठा दिया और मेरी बगल में बैठ कर यूं ही हल्की फुल्की बातें करने लगे. उसे इस कंडीशन से बाहर लाने के लिए मैं उसके गाल अपने हाथों से सहलाने लगा. वो बोल रही थी- आरव प्लीज़ धीरे प्लीज़ धीरे मैं मर गयीई … आरव प्लीज़ मुझे छोड़ दो … लंड निकालो बाहर.

मैं भी बीच-बीच में भाभी की गर्दन पर, कभी उनके ब्लाउज में फंसे चूचों पर किस कर देता था. मैंने भाबी की दोनों टांगें चौड़ी करते हुए उनकी चुत के होंठों को खोला और अपना लोहे जैसे तना हुआ लंड भाबी की चुत पर रख भाबी के चूतड़ों को पकड़ अपना लंड भाबी की चुत की गहराइयों में घुसाने लगा.

आपको ये मेरी गैंगबैंग चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं. मुझे ये भी यकीन नहीं हो रहा था कि उसने अपनी इसी चूत से बच्ची को बाहर निकाला है. इसके बाद दो पल की चुप्पी के बाद मैंने कहा- आपको कुछ काम था ना?उसने कहा- हां है ना तुमसे काम.

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जब मैंने पूछा तो पूनम ने बताया कि उन 6 लड़कों ने उसकी भी रात भर चुदाई की.

मैंने कहा- अब अपनी बहन को अपने सामने चुदते देखेगा? भाग भोसड़ी के!मैंने महेश को डांट कर भगाया तो महेश ने सिर झुकाया और वहां से भाग गया।अब मैं और गीतू एक-दूसरे क साथ थे अकेले।मैंने फिर से गीतू की चूचियों को हल्का सा दबाया और जैसे ही गीतू की स्स्स्स्स्… की आवाज मेरे कानों में पहुंची तुरंत ही 7 इंच के लण्ड को एक झटके में मैंने अपनी प्यारी गीतू की कुंवारी चूत में घुसेड़ दिया. अब आगे:दोपहर का खाना खाकर काजल और दोनों माँ बेटी ने बाजार में जाकर शॉपिंग करने का प्लान बनाया. जाहिर है कि उसके छेदों से निकलती हुई गर्म हवा मेरे लंड को कब तक सोने देती.

धीरे-धीरे पैंट में उसके जिप के ऊपर से ही वह उसका लन्ड बहुत सख्त होता जा रहा था, इधर मेरे होंठों को जब वह चूसने लगा तो मुझे कुछ-कुछ होने लगा, सच में … जो मेरी घबराहट थी,जो मेरा डर था, वह अब कम हो गया।करीब 2 मिनट तक वह मेरे होंठों को चूसता रहा. ऊह उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह का जवाब मेरा लण्ड देता था, धकाधक, धकाधक. सेक्स एक्सएक्सएक्स बीएफआपकी राय के बाद मुझे आगे भी आपके लिए कहानी लिखने के लिए प्रेरणा मिलेगी.

मेरी तरफ से कोई विरोध होता न देख कर उन सभी को समझ आ गया कि मैं उनसे क्या चाहती हूँ. आपको बता दूँ कि वो दोनों इतनी हॉट हैं कि कोई भी उनको एक बार देखकर चोदने का जरूर सोचेगा.

जिम करने के बाद में अपने कमरे में नंगा होकर अपने लंड पर एक पचास ग्राम का वजन लटका कर लंड को ऊपर नीचे करता हूँ. मैंने थोड़ी सी कोल़्ड ड्रिंक अपनी पैंट पर गिरा ली और गिलास को नीचे टेबल पर रख कर पैंट को अपने हाथ से साफ करने लगा. इससे मेरे मुँह से आवाज निकलने लगी- ओह राधिका कम ऑन … आह और चूसो मेरी जान … आह ओह आह अह.

होंठों से वो सिर्फ धन्यवाद कह रही थी लेकिन उसकी आँखों में तो जैसे भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा था. कुछ देर एक दूसरे को देखने के बाद मैंने मामी को लेटा दिया और उनके ऊपर आकर उनको किस करने लगा. दोस्तों आपकी मेरी पिछली कहानीमौसेरी बहन की कुँवारी चूतकी सराहना से प्रेरित हो कर मैं फिर हाज़िर हूं एक और मदमस्त आपबीती ले कर.

हम दोनों बिल्कुल खो गए थे, उसके साथ किस करने में मुझे लगा ही नहीं कि हम दोनों अभी कल ही तो मिले हैं.

उसने इधर उधर देखा और धीरे से कहा- जी मुझे सब पता है, आप अन्दर आइये. सामने का नजारा देख कर ऐसा हाल हो गया था कि अगर मैं लंड को केवल पैंट के ऊपर से ही सहलाने भी लगता तो दो मिनट में ही मेरा वीर्य छूट जाता.

रास्ते में डीडवाना से आगे जाने पर एक शादीशुदा महिला जिसकी उम्र लगभग 26 वर्ष के करीब थी, वहां से बस में चढ़ी. मेरे मामा के घर पर मेरे मामा मामी और मामा का लड़का, बस सिर्फ़ तीन ही लोग रहते हैं. सुमन का हाथ मेरी चूत पर आकर उसको सहलाने की कोशिश कर रहा था और मैं जैसे सुमन के जिस्म में घुस जाना चाहती थी.

मगर मैं जब भी आगरा जाऊंगा तो उस सेक्सी टीचर की चुदाई करके जरूर आऊंगा. मेरी बहन वहीं फर्श पर घुटने के बल बैठी थी। मेरे वापस आने का इंतज़ार कर रही थी। मैंने उसे उठाया और उसके हाथों को ऊपर पुल-अप बार पर चौड़ा करके बांध दिया. मामी बोली- अगर तुम दोनों अगर लड़ाई नहीं करती तो शायद बत्ती भी गुल न होती.

पंजाबी लड़की की बीएफ मैं ज़ोर ज़ोर से उसके लंड को ऐसे अपने मुँह में अन्दर बाहर करने लगी, जैसे वो कोई मीठी सी लॉलीपॉप हो. मैं उसकी गर्दन को चूमने लगा और मेरी गांड दीवार की तरफ धक्के लगाती हुई उसकी चूत में लंड को अंदर-बाहर करने लगी.

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उसके बाद रानी उठकर कमरे से बाहर चली गयी और दो चार मिनट के बाद जब लौटकर आयी तो एक ट्रे में एक गिलास और एक बड़ी सी कटोरी लेकर आयी. थोड़ी देर बाद काजल ने आंख खोल कर मुझे बोला- जानू प्लीज चोदो ना अब नहीं सहा जाता!अब वो मेरी आंखों में देख रही थी. मेरे जीजा ने मुझे बीच अधर में छोड़ दिया था तो मैं अमन ही मं च्चने लगी थी कि ये मुझे चोद दे.

तेरी उम्र तो बहुत कम है लेकिन तेरी चूत बता रही है कि तू बहुत चुदी है. मैंने उस दुकान का पता लिया और बाजार जाकर भाभी का मोबाइल लाकर उन्हें दे दिया. सेक्सी बीएफ नंगा वीडियोइसी शर्मोहया के चक्कर में मुझे छेद बड़ी देर बाद नसीब हुआ, मतलब 25 साल के होने के बाद मुझे चुत नसीब हुई.

वो कुछ देर लंड को अन्दर लेकर बैठी रही अपनी चूत से मेरे लंड की दोस्ती करवाती रही.

ये कहकर अपनी चूत द्वार से लेकर फांकों के बीच रगड़ते हुए दो बार ऊपर नीचे किया. उसके बाद उन्होंने दीदी के चूचों को बहुत ही जोर से दबाना शुरू कर दिया.

मौसी ने मुझे पास के एक कमरे में बुलाया और जल्दी जल्दी चुदाई का काम ख़त्म करने को बोलने लगीं. मैंने अपने हाथ बेड पर उसकी बगल में टिका लिये और उसकी चूत में जोर से अपने लंड को पेलने लगा. मुझे लंड से बड़ी राहत सी मिल रही थी क्योंकि इस बार मैं काफी दिनों बाद चुद रही थी.

अब मैंने डॉली से कहा- मैं सोच रहा हूँ कि दीदी लखनऊ के दूसरे सिरे पर रहती हैं, उनके यहाँ इतनी दूर जाने से अच्छा है कि यहीं आसपास किसी होटल में रुक जायें, होटल में रहने का मजा ही कुछ और है.

लड़के खुद के लिए और लड़कियां अपने पति या चोदू दोस्त के लिए सीख सकती हैं. अंकल उनकी टांगों के बीच में आए और अपना लंड आंटी की चुत पर रगड़ने लगे. फिर भी बताइये अगर कुछ काम है तो?मैं उठी और बोली- रहने दो, सब ठीक है.

एक्स एक्स वीडियो चूत वालीमैंने कहा- वैसे मैं भी होटल में रुकने को लेकर ज्यादा खुश नहीं हूं लेकिन मैं आपको परेशान नहीं करना चाहता. उसके बाद वो मेरे पास आई और बोलने लगी- जो तुमने मेरी गांड और चुत में आग लगाई है, मैं उसको बुझाना चाहती हूँ.

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फिर अपना लंड उसके चूतड़ों के छेद पर लगा कर उसकी कमर पकड़ कर जोर से धक्का दे मारा. इसके साथ ही मैं तेरे लिए और भी बड़े-बड़े लंडों का इंतजाम कर दिया करूंगा. जीजा जी मेरी बात पर कहते थे कि आप मेरी साली हो और साली आधी घरवाली होती है.

उसने तुरंत मेरी तरफ देखा, मैंने आंखों से इशारा किया- मैं हूँ डरो मत. तभी पीछे से मेरी मम्मी की एकदम से आवाज आई- कौन आया है?तब जाकर मैं बुआ से अलग हुआ, लेकिन जब तक गले लगा रहा, मैंने महसूस किया कि बुआ भी मेरी चौड़ी छाती की गर्मी का मजा ले रही थीं. उसी दिन मुझे यह ज्ञान मिला कि बुर का मोती छेड़ने या चाटने से विशेष मजा आता है और तन मन चुदने को मचल उठता है.

पिछले दो घंटों से अलग अलग तरीकों से गर्म होने के बाद फाइनली मेरी चुदाई होने जा रही थी. शादी से एक दिन पहले सभी मेहमान आ गए थे तो रात को सोने का इंतजाम करने लगी. कुछ देर ऐसा करने के बाद मैंने उसके गाल पकड़ के दबाये और पूरा मुँह खोल के ऊपर कर दिया.

मैंने नीचे से भाभी की साड़ी को पेटीकोट समेत उठा लिया और एक हाथ से उनकी पैंटी को सहलाने लगी. मैंने तीसरी बार गिलास भर लिया और पूछा- और?इस बार मैं आश्चर्य चकित था.

नम्रता भी मेरे लंड को बहुत तेज-तेज फांकों के बीच में घिस रही थी और साथ ही चूत के अन्दर लेने की कोशिश कर रही थी.

अगली कहानी में मैं अपनी भाभी के साथ चुदाई की अन्य घटनाएं भी लिखूंगा. सेक्स क्षरीना ने कहा:जाने कहा मेरा जिगर गया जीअभी अभी यही किधर गया जी!मैंने कहा- उफ़ … तुम्हें तो सब मजाक ही सूझता है, जाओ बात नहीं करनी मुझे. मराठी वीडियो एक्स एक्स एक्सउसका प्यारा सा चेहरा, उन पे बिखरे हुए बाल … आह … उसे देखते हुए मैं सोच रहा था. दोस्तो, उसका एक एक बूब आधा आधा किलो का होगा और एकदम गोरे गोरे निप्पल्स भी हल्के भूरे रंग के थे.

वो मुझसे बोली- क्या तुम आस-पास के किसी बीयर बार का बता सकते हो?मैंने तो सर्च किया ही था.

स्कूल में कुल छह महिला टीचर थीं परन्तु बाली मैडम के बेपनाह हुस्न के क्या कहने! मैडम अपार सौंदर्य की मालकिन तो थी हीं, उनका व्यक्तित्व भी अत्यंत भव्य और प्रभावशाली था. वहां पेशाब करने के बाद जब बाहर आई तो मैंने पूछा- कैसा लगा अपने भाईजान से चुदवा कर?वो मुस्कुरा कर बोली- चुदाई मस्त थी. आपकी प्रतिक्रिया को लेकर मैं बहुत उत्साहित हो जाती हूँ इसलिए जल्दी ही आपके लिए यह कहानी लेकर आई हूँ.

मुझे लगा शायद वनिता भी अपने ससुर जी का लंड लेना चाहती होगी, इसलिए वो उनका लंड देखना चाहती है. जैसे ही वसुन्धरा का वक्ष अर्ध-नग्न हुआ, एक मोहक, नशीली सी काम-आह्लादित करने वाली तीक्ष्ण गंध मेरे नथुनों में प्रवेश कर गयी. फिर उसने हम दोनों के लिए चाय बनायी और खाने के लिए कुछ स्नैक्स भी लेकर आई.

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” इस से पहले वसुन्धरा कुछ और कहती, मैंने वसुन्धरा के दिल की बात बूझ कर पहले ही उसको मुतमईन कर दिया. पहले दिन ही स्वीटी को देखते ही मेरी पूरी बॉडी में करेंट सा दौड़ गया था. खैर मैंने कपड़े नहीं खरीदे, जो मेरे पास थे, उन्हीं को पहनने का मन बना लिया.

” कहते-कहते वसुन्धरा की नम आँखें ऊपर कार की छत की ओर उठ गयी और आवाज़ भर्रा गयी.

उस पर से मोनी का अब करवट बदलकर अपना मुँह मेरी तरफ कर लेने से मैं और भी बेचैन सा हो गया।मैंने अब एक बार फिर से अपना मुँह दूसरी तरफ करके सोने की कोशिश तो की लेकिन मुझे चैन नहीं मिल रहा था। अजीब सी कश्मकश में उलझ गया था मैं.

शायद रितेश जीजू यह सोचकर हेतल के कमरे में आए होंगे कि यहां पर हेतल की चूत चुदाई करेंगे लेकिन पता नहीं उन दोनों के बीच में क्या बातें हुईं. मेरा साथ हुई इस घटना में जिस लड़की का जिक्र मैं करने जा रहा हूं वह मेरे साथ ही मेरी ही कम्पनी में काम करती थी. ब्लु फिल्म डॉट कॉमकिस्मत से उनका घर भी रास्ते में पड़ता था तो उसकी माँ ने मुझसे उनको कुछ दूर तक छोड़ने के लिए रिक्वेस्ट की.

वैसे तो निहारिका रात को ब्रा और कच्छी निकाल कर सोती थी, पर आज मैंने फोन पर उसको रोक दिया था. उनके भूरे से झाटों के बीच में खड़ा हुआ उनका लंड मानसी की लार में लिपटा हुआ था. उसका पूरा जिस्म कांप रहा था और वो मेरे लंड के झटकों को झेलने की कोशिश कर रही थी.

सुनते ही चौंकी और बोली- तुम बेबी को चोदना चाहते हो?मैंने कहा- हां भाभी हां. मेरी लाइफ की इस देवर भाभी सेक्स की सत्य घटना को पढ़ने के आपका धन्यवाद.

मैंने लंड पेलते हुए पूछा- अच्छा, ये बताओ कि मेरा लंड बड़ा है कि उन दोनों का बड़ा था.

मैंने सोचा कि उन दोनों का सेक्स खत्म हो गया है लेकिन मैं गलत सोच रही थी. ? मैंने कहा- नहीं भाभी अभी तो शुरूआत हुयी है, तुम्हें तो अभी बहुत मजा मिलने वाला है. फिर मैंने रिप्लाई किया कि आज भी मेरे जैसे बहुत हैं, जो बिना गर्लफ्रेंड के रहते हैं.

सेक्सी ब्लू फिल्म नंगी सीन मेरी ईमेल आईडी है[emailprotected]मुझे आपके अमूल्य फीडबैक का इंतज़ार रहेगा. मेरी एक खास बात है, मैं जल्दी नहीं झड़ता … कम से कम आधे घंटे तक लगा रहता हूँ और ज्यादा से ज्यादा डेढ़ से दो घंटे तक बिना थके चूत पेल सकता हूँ.

अब तक मैं भी नंगा हो चुका था तो मैंने भी अपना लंड उसके मुँह के पास किया. इतना देखने के बाद भी मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी कि मैं भाभी से कुछ बातें कर सकूँ. इसलिये पहले के जैसे तो नहीं मगर फिर भी मोनी मुझसे अब जरूरत होने पर बात करने लगी थी। हालाँकि मोनी को देख कर मेरी कामनायें अब भी जोर मारती रहती थीं और ये बात शायद मोनी भी अब अच्छे से जान गयी थी मगर शर्म के‌ कारण वो मुझे कुछ कह नहीं पाती थी।ऐसे ही एक दिन शाम‌ के समय मोनी खाना बना रही थी और मैं टीवी देख रहा था.

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मेरे मुँह से आह्ह निकल गयी- आआअह्ह्ह … क्या सीधे पेट में घुसाना है?भाई ने हंसते हुए फिर से एक धक्का मारा और इस बार उसका आधा लंड मेरी चूत के अन्दर घुस गया था. मैंने देर न करते हुए उनकी चूत में हाथ से लंड सटाया और एक ही झटके में चूत में उतार दिया. काफी देर तक एक-दूसरे को होंठों का रसपान करने के बाद मानसी ने जीजू को उठाया और उनको नीचे पटक दिया.

उसकी लगभग 5 फुट 11 इंच की हाईट थी, वो एकदम गोरा रंग और मस्त कड़ियल ज़िस्म का मालिक था. मैंने भी बाथरूम में जाकर बुआ और ताऊ जी की चुदाई के सीन को याद करके मुट्ठ मारनी शुरू कर दी.

बार बार चूत का लिसलिसापन वो अपनी मुलायम जीभ से चाट कर मुझे एक मस्त सा सुख दे रहा था.

मैंने सेक्स खिलौनों में से झाड़ूनुमा एक खिलौना लिया, जिसे ‘व्हिप’ कहते थे, उसे अपने हाथ में उठाया. मैं उसकी कोहनियों से होते हुए उसकी दोनों बांहों पे हाथ फेरते हुए नीचे आ रहा था. बातों ही बातों में मानसी ने हेतल से पूछ लिया- दीदी, तुम्हारे और राज भैया के बीच में क्या चल रहा है?अब मेरी गांड फट गई क्योंकि मैंने मानसी उस रात को झूठ ही कहा था हेतल के बारे में.

मौसी इस झटके के लिए तैयार नहीं थीं, उनके मुँह से जोर की आह निकल गयी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’मौसी थोड़ा और चीखतीं, उससे पहले ही मैंने अपने होंठ मौसी के होंठों पर रख दिए … मौसी की चीख दब कर रह गई. जिन्होंने मेरी कहानियां पढ़ी हैं, वो मेरे बारे में जानते हैं, जिन्होंने नहीं पढ़ी हैं, उनको पहले मैं अपने बारे में बता दूं. माँ बोली- अब तो खुश हो गया होगा न तू?मैंने कहा- हाँ मां, आज मैं बहुत खुश हूँ.

उन्होंने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और फिर एकदम से शांत होकर मेरे ऊपर लेट गये.

पंजाबी लड़की की बीएफ: उसके बाद मैं माँ को उसके कमरे में ले गया और उनको बेड पर लेटने के लिए कह दिया. मेरी पिछली कहानी में आपने पढ़ा था कि मैं अपने मामा के घर गर्मी की छुट्टियां मनाने के लिए गया हुआ था जहां मैंने मामा की सबसे बड़ी लड़की मनीषा को चोद दिया.

फ्राक की बैक पर लगी चेन खोलकर मैंने उसकी फ्राक उतार दी, फिर ब्रा और पैंटी. मेरे मामा के घर पर मेरे मामा मामी और मामा का लड़का, बस सिर्फ़ तीन ही लोग रहते हैं. तभी मामी उठ कर गेट के पास जाती हुई बोली- मैं ज़रा पड़ोस वाली शीला आंटी के यहां होकर आती हूं.

इधर मैंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और इंजीनियरिंग करने के बाद बहुत बड़ा सरकारी ऑफिसर बन गया.

मेरी तो जान निकली जा रही थी कि कहीं मैं चुत में पहुंचने से पहले झड़ ना जाऊं. उसने मेरे कंधे पर अपना सिर रख लिया और पूछने लगी- उस दिन तुमने अपनी कैपरी में हाथ क्यों डाला हुआ था? हाथ क्यों हिला रहे थे तुम पैंट में डाल कर. रिदम जब भी मेरे भैया से मिलने के लिए मेरे घर आता था तो हम दोनों लोग नजरों में ही एक दूसरे से बात कर लेते थे.