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अगले दिन सुबह दस बजे मैं चित्रा के घर पहुंचा तो बहार कालेज जा चुकी थी. गर्लफ्रेंड के साथभाभी- आरुष अभी जो तुमने गलती की थी कपड़े पहनकर, उसकी सजा तुम्हें जरूर मिलेगी.

और इसका नतीजा ये हुआ कि मामी की चुत कलपने लगी, उनकी टांगें अकड़ने लगीं और वो कोशिश करने लगीं कि किसी तरह उनकी चुत में लंड मजा देने लगे. मेहंदी चार्टमैंने कहा- फिर तुमको कैसे मालूम है कि ये बड़ा है?वो बोली- मुझे मालूम है.

वो अन्दर गया और रुबिका को पानी पिला कर उसको घोड़ी बना कर उसकी गांड में तेल लगाने लगा.मॉम सेक्स बीएफ: मैं- अरे जान … अब तुम्हें दर्द नहीं … मज़ा आयेगा … एक बार नीचे देखो … कैसे तुम्हारी चूत को मेरे लंड ने फैला दिया है और अब वो उसको जन्नत दिखायेगा.

उससे पूछा- क्या हुआ?वो बोली- यार, मेरी चुत में बहुत ज्यादा दर्द है.एक दिन जेठ जी ने मुझे नहाकर आते हुए दबोच लिया और मुझे नंगी करके चूमने लगे.

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कुछ देर बताने के बाद उन्होंने मुझसे वही बात दुबारा से पूछी, तो मैंने पहला उत्तर गलत बताया.कुछ ही मिनट में अभय ने अपने लंड की ढेर सारी गाढ़ी गाढ़ी मलाई अपनी बहन के मुँह में छोड़ दी, जिसे ममता पूरी की पूरी चाट गई.

मेरी चूत में लंड किस किस का गया, मुझे याद नहीं … और मेरे बच्चे का बाप कौन है, ये तो मुझे भी नहीं पता. मॉम सेक्स बीएफ मैंने अमित से पूछा- क्या पहन कर चलूं?अमित बोला- कुछ भी पहन लो जान … तुम सारी ड्रेसेज में अच्छी लगती हो.

मैं पहली बार सेक्स कहानी लिख रहा हूँ, कुछ ग़लती हो जाए तो माफ़ कर दीजिएगा.

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मैं आपको बता दूं कि मामा की छत आसपास की छतों से ऊंची थी, इसलिए हमें वहां कोई नहीं देख सकता था. इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाता, कुच्ची उस लड़की से बोला- अब बोलो, क्या कहती हो!ये कहते हुए कुच्ची का इशारा मेरी तरफ था. उसने अपनी चूत फैलाई और मुझे हुक्म दिया- साले कुत्ते, देखता ही रहेगा या चाटेगा भी इस चूत को.

इस बात पर मैंने उसे साफ मना कर दिया क्योंकि सनी के लंड के बिना मैं जी ही नहीं सकती थी. नहा ले बारिश में।वो बोला- दीदी, सारे कपड़े गीले हो जायेंगे।मैं बोली- तो क्या हुआ? बाद में धुल भी जाएँगे; तू आ जा!अब वो भी बारिश में आ गया।हम दोनों नहाने लगे।वो लगातार मेरे वक्षों को निहार रहा था। मैंने भी उसको नहीं टोका और अपने उरोज़ सही से दिखाने लगी।कुछ देर बाद वो बोला- दीदी, मैं नहाने जा रहा हूँ. करीब एक घंटे तक चली इस गांड और चूत की मिश्रित चुदाई में रुबिका एकदम थक कर चूर हो गयी थी.

आज मैं अपनी एक सच्ची सेक्स स्टोरी इस साईट पर डाल रहा हूँ … प्लीज़ मेरी हॉट चुत की मस्त चुदाई कहानी को प्यार दीजिए. कुछ सेक्स कहानियां तो इतनी मजेदार होती हैं कि उन्हें पढ़कर लड़कों के हाथ अपने लंड तक और लड़कियों के हाथ अपनी चूत तक पहुंच जाते हैं. मैंने अपना एक पैर उसके पैरों पर रखा और हल्के हल्के ऊपर नीचे करने लगा.

इसका पता मुझे इस बात से चला कि ज़्यादा ज़रूरत न होने पर भी वो तेज़ तेज़ ब्रेक लगा रहे थे और जानबूझ कर गड्ढों में गाड़ी उतार रहे थे. मैं उसके ऊपर आ गया और उसकी एक टांग ऊंची करके पीछे से दिखती चूत को चोदना आरम्भ कर दिया.

मैंने भी धीरे से मां की गांड पर हाथ फेरना चालू कर दिया और मां की चड्डी को धीरे से उतारने लगा.

बहार की चूची दबोचकर मैं उसके होंठ चूसने लगा जबकि बहार पूरी शिद्दत से मेरे लण्ड से अपनी बुर के मुखद्वार की मालिश कर रही थी.

ये बुआ सेक्स स्टोरी सन 2007 का है, उस समय मेरा आना-जाना पूनम बुआ के घर थोड़ा बढ़ गया था. यह मेरी पहली कहानी थी तो कृपा करके मुझे मेरे ईमेल एड्रेस पर मैसेज करके जरूर बताएं कि आपको मेरी रियल लाइफ सेक्स कहानी कैसी लगी?मेरा ईमेल एड्रेस है[emailprotected]. उनका नाम हरलीन कौर था, उम्र 27 वर्ष, फिगर 32-28-34 का और रंग एकदम गोरा.

मेरी बात सुनकर बहूरानी ने अधखुली आंखों से मेरे लंड के उभार को निहारा फिर मेरी बगल से उठ कर नीचे कार्पेट पर मेरे पैरों के बीच बैठ गयीं और लुंगी हटा कर लंड थाम लिया. इस कहानी पिछले भागमौसी की जेठानी की गांड मारीमें अब तक आपने पढ़ाअब आगे फ्री सेक्स कहानी:सुबह ऐसा लगा जैसे कोई मेरा और नीतू का नाम पुकार रहा हो. मैंने पहली बार अपनी चचेरे भाई की पत्नी को चोदा था जिसका नाम पूजा है।मेरा कजन ब्रदर मुंबई में काम करता है.

मगर मेरा लंड लम्बी रेस का घोड़ा है और किसी भी महिला को पूरी तरह से संतुष्ट कर सकता है.

कभी बेडरूम में नंगी होकर लंड चुत में ले लेती थी तो कभी किचन में वो मेरी साड़ी उठा कर मुझे चोद देते थे. यह सुनकर मैं फिर से नीचे खड़ा हो गया और शीना घोड़ी बन कर मेरा लन्ड पूरी शिद्दत से चूसने लगी. उसने मुझसे पूछा- क्या तुमने अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ सेक्स किया था?मैंने उसे बताया कि हां किया है, लेकिन वो बस मुझे भोगना चाहता था.

मैंने उसके मुँह से उसके होंठों में एक जोरदार चुंबन करके अपना मुँह हटा दिया. पर जैसे ही वो साड़ी उठाकर टॉयलेट करने के लिए बैठीं कि एक गाड़ी वहां से गुज़री और उसकी लाइट मामी की गांड पर पड़ी. मैं किचन में यही सोच रही थी कि राजेश ने मेरी नग्न चूचियों और जांघों को देख लिया है.

आधे घंटे तक चुदाई चली और फिर मैं एक बार और उसकी चूत में खाली हो गया.

हालांकि घर में हम दोनों के सिवाय कोई नहीं था फिर भी मैंने बेडरूम का दरवाजा बंद किया और चित्रा को गोद में उठा लिया. इसके बाद भाभी की मखमली संगमरमर के जैसी एकदम सफेद जांघों को चाटते हुए मैं फिर से भाभी की गांड के छेद पर आ गया.

मॉम सेक्स बीएफ डाल दो अपना लन्ड मेरी बुर में, अब बर्दाश्त से बाहर है!मैं- इतनी भी क्या जल्दी है मेरी जान, अभी और मजे लो चुदाई से पहले के!यह बोलकर मैं बेड से नीचे उतरा और शीना को घोड़ी बनने को कहा. लेकिन राजेश ने और गोविन्द ने हमें कहा कि यार हमसे क्या शर्माना … कैसी शर्म.

मॉम सेक्स बीएफ मैं फ्रिज में से एक लिक्विड चॉकलेट की बोतल निकाल लाया और उस लिक्विड चॉकलेट को आयुषी के पूरे बदन पर टपकाने लगा. लोलिशा कॉलेज गयी थी और उसका भाई आशीष कहीं निकला हुआ था।मैंने मृणालिनी से बात करनी शुरू की.

हाथ का स्पर्श पाकर मेरी चुत फिर से सिसकने लगी और मेरा पूरा हाथ गीला हो गया.

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देखते ही देखते मेरे बदन पर कोई कपड़ा नहीं था।सुन्दर मेरे निप्पल चूसते हुए बोला- ओह्ह जान … कितनी कामुक रंडी हो तुम!!मैं भी सिसकारी- उफ … कमीनो, मुझे मसल डालो. अब मैंने अपना हाथ उनके सीने से हटा दिया और उनसे थोड़ी दूर होकर बैठ गया. मेरे लंड को चाटती हुई मेरी Xxx गर्लफ्रेंड जैसे वासना की देवी लग रही थी.

मैंने भी उसकी व्याकुलता को समझते हुए अपने दांत भींच कर लंड को जरा सा बाहर की ओर निकाला फिर पूरे दम से बहू की चूत में पेल दिया और उसे पूरे दम से चोदने लगा. मैं अब रोज रात को भाभी के कमरे में ही बिना कपड़ों के नंगा सोने लगा था. घर पर सभी के होने की वजह से में कुछ कर तो नहीं पाया लेकिन मुझे पता था कि शाम को घर पर कोई नहीं होगा, सब शादी में जाएंगे.

फिर तय समय पर नीता (मेरी बीवी) के साथ शादी हो गयी।हमारी शादी की पार्टी चल रही थी.

आज रात उसने पहनने के लिए एक फूलदार प्रिंटेड ब्रा-पैंटी सेट चुना।प्रकाश को पकौड़ी बहुत पसंद थीं तो उसने पनीर और प्याज़ की पकौड़ी भी कच्ची करके रख लीं।अनीता ने सेक्स चुदाई और ठुकाई का पूरा माहौल तैयार कर लिया था. मैंने पूछा- कहां चलना है?तो उसने कहा- मेरे बॉस मेरे घर ही आने वाले हैं और सारा काम वो ही बताएंगे. मेरी मिनी स्कर्ट, मिनी ड्रेस, आँफ शोल्डर ड्रेस, मिडी ड्रेस, वन पीस आदि सब दिखाती हूं।उन्होंने मुझे अपने सारे ड्रेस दिखाए।उनके पास वाकई में ही बहुत सारे ड्रेस थे।मैं- भाभीजी, आपके कलेक्शन तो बहुत शानदार है, अब चलिए आप ड्रेस बदल लीजिए और फिर हम टिकटॉक वीडियो बनाते हैं.

तभी अचानक भाभी मुझसे मुखातिब हुईं- प्रकाश, तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?मैं- भाभी कभी कभी जो मेरे साथ आती है … वही तो मेरी गर्लफ्रेंड है. वो और थोड़ा मेरे पास सरक आई और बोली- आप पक्का किसी से कहोगे तो नहीं!मैंने गीत का हाथ पकड़ा और दोनों हाथों के बीच में लेकर वादा किया कि आप निश्चिंत रहें, मैं किसी से कुछ भी नहीं कहूंगा. हैदराबाद सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरी मुलाक़ात हैदराबाद की एक जवान लड़की से हुई.

अब मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और हम दोनों सीधे 69 की पोजीशन में आ गए. थोड़ी देर बाद मैं बेड से नीचे उतर आया और उसको बेड के किनारे लिटा दिया; उसकी गांड के नीचे तकिया रख दिया जिससे उसकी चुत ऊपर को हो जाए.

मन में मैंने सोचा कि आज इसकी मां चोदता हूँ … साली की गर्मी निकालता हूँ. अम्मी के वापस आ जाने के बाद मैंने अम्मी से कहा कि अफ़रोज़ सैट हो गया है. पापा ने जब मम्मी को पूरी तरह से चुदाई के लिए तैयार कर लिया, तो उन्होंने मम्मी को घोड़ी बना दिया.

तभी एक दिन चित्रा का फोन आया- विजय, वो जो मेरी भतीजी जया की शादी तीन साल पहले हुई थी जिसमें तुम लोग भी गये थे, याद है ना?हाँ हाँ … याद है.

वो बोली- क्यों?मैं- फ्रेंड तो आप हो ही गयी थीं, जिस दिन से फेसबुक पर फ्रेंडशिप हुई है और सारी उम्र ही फ्रेंड बनी रहेंगी. उसकी मुस्कान देख कर मेरा डर तो खत्म हो गया था मगर अभी नीतू को अपने लौड़े के नीचे लाना था, वो कैसे हो पाएगा … मैं ये सोचने लगा. अपने बेडरूम से अटैच टॉयलेट से मैं नहाकर निकला तो बहार जूस का गिलास पकड़े खड़ी थी.

रात को करीब 9 बजे हरीश सुम्मी के पास आया और बोला कि आपको प्रॉब्लम नहीं हो तो मैं आपको कुछ खास चीज दिखाने के लिए ले जाना चाहता हूँ. मेरा दोस्त अपने गांव गया था और वो एक दूसरे दोस्त को चाभी दे गया था.

हम दोनों नंगे हो गए और एक दूसरे को चूमने लगे।वो बोली- सर अब बैडरूम में चलो!और फिर हम दोनों उसके बैडरूम में आ गए।बिस्तर पर आकर दोनों एक-दूसरे को पागलों की तरह चूमने लगे दोनों एक दूसरे के शरीर से खेलने लगे।अब धीरे धीरे मेरा लन्ड खड़ा होने लगा था. मेरी उम्र 37 साल है और मेरा फिगर 34-30-38 का है यानि मेरे बूब्स काफी बड़े हैं. विवेक अब लगभग उन दोनों के पास पहुंच गया था, पर वो दोनों उसे देख नहीं पा रहे थे.

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इस तरह से मैं उसके ऊपर और वो मेरे नीचे रह कर एक दूसरे को पूरी संतुष्टि दे रहे थे.

उसने ये देखकर अपने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और ऊपर से ही उसे सहलाने लगी. रास्ते में हमने डिनर पैक करवा लिया, अंधेरा हो रहा तो घर जाने की जल्दी थी. तभी एक दिन चित्रा ने अपने कमरे में बुलाया और मुझे लेकर बाथरूम में घुस गई.

मैंने शन्नो की चूत में लंड की मार तेज़ कर दी और तेज़ी से अन्दर-बाहर करने लगा. विवाह समारोह तो जैसा कि आजकल चलन है, एक मैरिज गार्डन में होना था वहीँ पर वर वधू दोनों पक्षों के रिश्तेदारों के ठहरने का भी इंतजाम था. मिया खलीफा सेक्सी वीडियोपापा का लंड को चुत में अन्दर बाहर आते जाते देख कर मुझे बहुत मजा आ रहा था.

मेरी चुत इस तरह से फड़क रही थी कि जैसे किसी भूखी कुतिया को हड्डी चूसने को मिल गई हो. मैंने थोड़ा होश संभाला और इससे पहले देर होती, पूनम बुआ के ब्लाउज के बटन खोल दिए.

उसकी चूत फिर से मेरे लंड को खा गई और मैंने उसकी एक चूची पर अपना मुँह लगा दिया. चूत चुसाई के साथ विवेक अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स भी दबा रहा था और अपनी जीभ से उसकी चूत को भी चाट रहा था. मैंने देर ना करते हुए उसकी चुत पर अपनी ज़ुबान लगा दी और चुत का पानी चाटने लगा.

मामला गर्म देखकर मैंने उसकी टीशर्ट और ब्रा ऊपर उठा दी और गोरे गोरे मोटे मोटे चूचे चूसने लगा. मां ये सब देख बहुत परेशान हो रही थीं, फिर थोड़ी देर बाद वो भी ये सब भूल कर सेक्स वीडियो देखने लगीं. मगर मैंने कुछ भी जवाब न देते हुए उसकी चूत में लिक्विड चॉकलेट भर दिया.

थोड़ी देर बाद चाची सिसयाने लगीं- आहहह इस्स आह आह ऊऊ आआ आअह्ह!मैंने चाची के मम्मों को निचोड़ना शुरू कर दिया और चुदाई की स्पीड बढ़ा दी.

भाभी भी दोनों के बीच में पड़ी हुई बहुत तेज तेज कामुक सिसकारियां ले रही थीं. रमेश ने दीदी के दो-चार फोटो लेने के बाद उनसे कहा- अब तुम अपने पजामे का नाड़ा भी खोल दो.

फिर उन्होंने मोबाइल में मुझे एक फिल्म दिखाई, जो बहुत सेक्स वाली थी. लन्ड अंदर जाते ही शीना के मुंह से जोर की चीख निकल गयी- हाय मम्मी … मर गईई! आह अंकल … बाहर निकालो! बहुत दुख रही है. इतने में सलोनी ने मुझे हल्का सा धक्का देकर कहा- बाबू, दरवाजा तो बंद करने दो.

मैं खड़ी हुई और टाँगें चौड़ी करके नीचे होकर सुपारे को गर्म चूत पर टिका दिया और बैठने लगी. बातों बातों में उसने मुझे मेरी बगलों के बाल साफ़ करने के लिए राजी कर लिया. मैं उन दिनों की बात कर रहा हूं, जब मेरे दोस्तों का मेरे पास बहुत आना जाना था.

मॉम सेक्स बीएफ अपनी चुत में मुझे तेरा लंड चाहिए … आह मेरी प्यासी चूत को लंड का पानी पिला दे … आह अब मुझे और मत तड़पा. और बहुत धीरे धीरे लंड को अंदर सरकाने लगा।उसका मोटा लंड मेरी चूत के छोटे से छेद को जबर्दस्ती खोलता हुआ अंदर घुसने लगा।मेरे मुंह से दर्द की हल्की हल्की स्सस्सी … स्सस्सी … स्सस्सी … स्सस्सी … निकल रही थी।जैसे ही अजय ने लंड थोड़ा और अंदर डाला मुझे और तेज़ दर्द होने लगा और मेरी आँखों से आँसू भी आने लगे.

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इतना कहकर वो मेरे ऊपर से उठ कर अपना मुँह मेरे लंड की तरफ और अपनी चूत मेरी तरफ करके लेट गई. जहाँ कल मैं उसकी प्यार से चूत चोद रहा था वही आज किसी हब्सी की तरह उसकी चूत चोदने वाला था।धीरे धीरे मैं अपनी कमर को चलाते हुए उसकी चूत में लंड डालने लगा। मेरा आधा लंड उसकी चूत के अंदर जा चुका था तो मैंने उतने लंड से ही चुदाई करनी चालू कर दी।मैं मंद गति से धक्के लगा रहा था लेकिन हर धक्के के साथ लंड को उसकी चूत में थोड़ा और आगे बढ़ा देता. मैंने हल्के धक्के के साथ अपने लन्ड के टोपे को उसकी बुर में एंट्री करवा दी.

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फिर मैंने उनको उठाया और अपने लंड के सहारे हवा में लटका कर चोदने लगा.

मैंने तुरन्त पैंट की जिप खोली और उसका हाथ पकड़कर अपने खड़े लौड़े पर रख दिया. और वो आहह उम्मह आहह करके आंख बंद किए हुए मजे ले रही थी।अब मैंने उसकी निप्पल को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.

उसके मुँह पर हाथ का ढक्कन लगा था, तो आवाज तो नहीं निकल पा रही थी लेकिन उसकी आंखों से आंसू आने लगे, वो रो रही थी और तड़प रही थी. कुछ बाद जब मेरा का दर्द बंद हुआ, तो मैं भी सागर को चूमने लगी।अब सागर को पता चल चुका था कि मैं चुदने को तैयार हो गई हूं; सागर धीरे धीरे लंड को अन्दर बाहर करने लगा।जैसे ही लंड अपनी जगह पूरी तरह से बनाई तो मैं भी धक्के के मज़े लेने लगीं, सागर ने स्पीड तेज कर दी. मैं नॉनवेज नहीं खाती हूँ इसलिये अगली बार मैं मना कर दूंगी और जीनिया तुम्हारे साथ अकेले जाने लगेगी, आगे तुम समझना.

उसके बाद मैं उनके निप्पल होंठों में दबा कर चूसने लगा और दीदी भी मस्ती से मेरे मुँह में अपना पूरा मम्मा दबा कर मुझे ब्रेस्ट मिल्क चुखाने लगीं.

लेकिन मैं उनके बिना बोले उन्हें चोद भी नहीं सकता था, ये प्रॉफेशन ही ऐसा है. उनकी चूचियां एकदम तनी हुई हैं और पीछे से उनकी गांड का उभार भी काफी मस्त दिखता है. इस बार मैं आपको इस सेक्स सीरीज का आखिरी भाग डेलिवरी बॉय सेक्स कहानी लिख रही हूँ.

बफ मूवी नाम लिस्ट इन हिंदीइसलिये मैंने नीतू की बालों की चोटी को किसी घोड़ी की लगाम की तरह पकड़ लिया और दनादन उसकी गांड चोदने लगा. ममता- बहुत आग लगी है तुझे!नेहा- हां यार, तू तो जानती है मुझे, तेरे साथ ही थोड़े बहुत मजे कर लेती हूँ, वरना घर में तो बस उंगली से काम चलाना पड़ता है.

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मैंने तुरंत ही उसकी टी-शर्ट निकाल कर उसे ऊपर से पूरी नंगी कर दिया और साथ में मैंने भी अपनी टी-शर्ट निकाल दी. दोस्तो, मैं अपनी सेक्सी दीदी नंगी कहानी का पूरा मजा अगले भाग में लिखूंगा. उसने कहा- मैं आपकी गर्लफ्रेंड बनना चाहती हूँ … क्या आप बनाएंगे?मैंने कहा- नहीं.

जब उसको मजा आ रहा था तो मैं भी ये सोचने लगा था कि साहिल को उसकी अम्मी की चुत चोदने मिल जाए तो उन दोनों का काम बन जाएगा. कुछ देर बाद हरीश ने सुम्मी को अपने लौड़े से उठाया और उसे अपने नीचे लिटा कर फिर से चुदाई करने लगा. लेकिन मैंने उस पर जरा सा भी रहम न करते हुए एक जोर का झटका दे दिया और मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया.

एक स्तन को दबाता तो दूसरे स्तन को पूरा मुँह में लेकर चूसने की नाकाम कोशिश कर रहा था. उसने मेरे कमर में अपनी टांगें लपेट दी और मैं तेजी से अंदर-बाहर करना शुरु कर दिया।मैं उसकी भरी भरी चुचियां मसलने लगा. मैंने अपनी दोनों बांहों को उनकी ओर फैला दिया था और अंकल जी मेरे आगोश में फिर से कैद हो गए थे.

हमारी जिंदगी में हमारा सेक्स और हमारा प्यार ऐसे ही चलता रहा और लगभग हमारी शादी को छह-सात महीने बीत गए. उसके बाद दीदी ने रमेश से मादक आवाज में कहा- रमेश … अब तुम अपने एक हाथ को मेरे नीचे को लाओ … ताकि मैं अपने मुनिया को छुपा सकूं.

कुछ पल बाद डॉक्टर ने मुझसे पूछा- आप अपनी सेक्स लाइफ से खुश हैं?तो मैंने हां में सर हिला दिया.

बस इसके बाद तो जेठ जी अपनी गांड आगे पीछे करते हुए धीरे धीरे धक्के मारने लगे. सेक्स बघायचेफिर मैं बोला- लवली जी आपसे एक पूछ सकता हूँ?लवली- हां पूछिए ना!मैंने पूछा- आपका कोई ब्वॉयफ्रेंड है?वो बोली- नहीं. चोदी चोदा चोदीमुझे आया देख कर पूनम बुआ पानी ले आईं और फिर मेरे साथ ही सोफे पर बैठ गईं. देसी फैमिली की चुदाई कहानी के पिछले भागबेटी के बॉयफ्रेंड का लंड मेरी चूत में घुसा तो …में अभी तक आपने पढ़ा था कि मेरी बेटी के आशिक शहजाद के लंड से मैं अपनी चुत चुदाई करवा चुकी थी.

अब मेरे लिए टास्क ये था कि तीसरी बार भाभी को बिना चोदे ऑर्गेज्म करवाना था.

दोस्तों के साथ रह कर मैं मास्टरबेटशन के बारे में बहुत कुछ जान चुका था और इन्सेस्ट के बारे में भी काफी कुछ जान चुका था. आप तो मेरे लंड के मजे लो बस … आह आह भाभी सच में आपकी चुत बड़ी टाईट है. भाभी एकदम से चिल्ला पड़ीं- आह कुत्ते … धीरे चूस ना … मैं तुझे उंगली से चुदवाने के लिए नहीं बुलाया है.

मैं फटाफट अपने कपड़े खोल कर सिर्फ़ बनियान और कच्छे में डॉगी की तरह मैडम के कमरे में दाखिल हुआ और भौं भौं करते हुए उसका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया. मेरी इस बात से वो खुश हो गयीं और उन्होंने कहा- मैंने तुम्हारे लिए और बहुत सारी पिक ली हैं … क्या मैं भेजूं!मैंने हां कहा. ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैंने अपना लंड चुत से निकाला और उसके पेट पर माल छोड़ दिया.

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फिर मैंने उनसे कहा- भाभी, आप उनको आज रात के 9:00 बजे तक बुला लीजिए. तभी रमेश मेरी दीदी के पीछे आ गया और उसने मेरी दीदी के दोनों मम्मे थाम लिए. घर पहुंचते ही वो बेड पर पसर गई और पायल को फोन मिला दिया- हैलो, पायल डार्लिंग, अभी सोई नहीं?नहीं, तुम्हारा इंतजार कर रही थी.

मैं- अरे वो क्या करने को दिल करता है ये तो बता?मैंने इठलाकर पूछा, तो वो बोला- आपा इनको सहलाने का और इनका रस पीने का.

तभी उन्होंने मेरे लंड पर हाथ रख कर उसे टटोला तो मेरा लंड कड़क हो गया और भाभी को लंड के आकार का पता चल गया.

उनकी शादी अपनी उम्र से दुगनी उम्र के आदमी से यानि मेरे पिता से हुई थी. यहां ससुराल में सिर्फ मेरे सास-ससुर शाहिद और मैं, हम 4 ही रहते हैं।मेरी पहली चुदाई मेरे शौहर ने ही की थी, वो भी सुहागरात पर।मेरे शौहर का लौड़ा 7 इंच लम्बा है और काफी मोटा भी है। मतलब अच्छी खासी सुहागरात मनी जैसी ज़्यादातर लड़कियों की मनती है. बड़ी दीदी की चुदाईउन्होंने स्नैक्स उठा कर अपने पास रख लिया और खुद स्नैक्स भी खाने लगीं.

नीचे से मनीष ने भी लावा छोड़ दिया उसकी चूत में!दोनों निढाल होकर पड़ गए।थोड़ी देर में मनीष उठा और वाशरूम से अपने लंड को धोकर आया. मैंने झट से अपनी उंगली उनकी पैंटी में डाल दी और उनकी चुत में उंगली करने लगा. और मैंने उसकी जीन्स सामने से खोल दी और उसे घुमा कर बेड पर झुका दिया.

हैलो फ्रेंड्स, मैं पंकज यादव आपको अपनी देहाती विधवा मां की चुत चुदाई की कहानी में फिर से ले चलता हूँ. वो मेरे लंड को देख कर बोलीं- ये नहीं झड़ा क्या?मैंने हंसते हुए भाभी को लेटा दिया और दोबारा से उनकी चुत चाटने लगा.

वो कमरे के बाथरूम में घुस गईं और सूसू करके अपनी चुत साफ करके वापस कमरे में आ गईं.

पिता जी मेरे छोटे भाई के जन्म के दो साल बाद एक कार हादसे में नहीं रहे थे. हमारा रिश्ता सहज रूप से उम्र के लिहाज से बाप बेटी का ही हो सकता था मगर उम्र ने हमारे बीच कुछ और ही रिश्ता बना दिया था. खुले लंबे बाल दाएं कंधे से सामने आते हुए उनके एक मम्मे को ढक रहे थे.

गाना लोड करने वाला फंक्शन कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आपसे अपने दोस्तों का परिचय करा देता हूँ. मैंने कमरे के बाहर रखे अपने कपड़े उठाये और उसमे से चड्ढी पहन कर वापस बेड पर लेट गया।कुछ देर बाद रूपाली ने रसोई से आवाज़ लगा कर कहा- हाथ मुंह धो लीजिय खाना बन गया है!मैंने भी प्रतिउत्तर में कहा- रूपाली, एक ही प्लेट में खाना लाना, साथ में खायेगें.

इसी लिए तीसरे दिन अंकल ने मुझे आधा घंटे पहले काम पर आने की बात कही थी. जैसे ही नियाशा ने मेरे लंड को ले के चूसना शुरू किया मेरी आह … निकलने लगी. तेरे ही कारण मेरा देवर मेरा दूध पीने लगा था और तब से ये मुझे चोदता भी है.

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कभी कभी मम्मी रात को उनके यहां ही रुक जाती थीं और कभी कभी रात को आंटी भी हमारे घर रुक जाती थीं. लैपटॉप की स्क्रीन पर बाहर सब चुपचाप बैठे अपना-अपना काम करते दिखाई दे रहे थे. मैंने बड़ी मुश्किल से गीत को अपने से अलग किया और कहा- ये आप क्या कर रही हो … आपको ऐसा नहीं करना चाहिए, मैं शादीशुदा हूँ और अपनी सेक्स लाइफ से पूरी तरह से संतुष्ट हूँ.

मैंने उनसे कहा- गांड में चोदो जेठ जी।वो उठे और मुझे बेड पर पटक लिया. होने को तो ये काम आज होना ही था, पर शायद पूनम थोड़े नखरे करतीं और फिर मुझे अपनी चुत चुदाई की इजाज़त दे देतीं.

अब आगे लैंड बुर की चुदाई कहानी:कमरे में आकर मैंने सीधे उसको अपने बिस्तर में पर पटक दिया और मैं उसके ऊपर चढ़ गया.

पंजाबी भाभी चुदाई कहानी के पहले भागगर्लफ्रेंड की चुदाई विधवा पड़ोसन ने देखीमें अब तक आपने पढ़ा था कि मैं अपनी गर्लफ्रेंड की चुत चुदाई कर रहा था और मेरी पड़ोसन हरलीन भाभी दरवाजे के कीहोल से हम दोनों की चुदाई देख रही थीं. मेरा मोटा लंड अब मामी जी की चूत की दीवारों से बुरी तरह से रगड़ ख़ाता हुआ तेज़ी से अन्दर बाहर होने लगा और मामी जी के बदन में फिर से मस्ती छाने लगी. अब गांड पर मेरी जाँघों की थप थप थप थप थप की सैक्सी आवाज से पूरा कमरा गूंजने लगा।ऐसा लग रहा था कि मैं कोई घोड़ी चोद रहा हूं.

मैं उत्तेजित होने लगा और अपने हाथ उनके सर के पीछे ले जाकर उनके बालों को पकड़ कर उन्हें अपनी तरफ खींच लिया. कुछ ही देर में रोहन अंकल का मोटा लम्बा लंड मॉम के सामने लहराने लगा. कुछ ही देर में वो दोनों निखिल के लंड को चूमने लगीं और एक दूसरी की चूत में भी उंगली करने लगीं.

पूजा पानी में बिना पानी की मछली की तरह तड़फ रही थी- आह … मर गई महाराज मुझे छोड़ दो … उम्म … आह.

मॉम सेक्स बीएफ: दोपहर में जब हम दोनों साथ में खाना खा रहे थे तो उन्होंने बोला- आज घर नहीं जाना … एक मरीज की फ़ाइल देखनी है. मैं फटाफट अपने कपड़े खोल कर सिर्फ़ बनियान और कच्छे में डॉगी की तरह मैडम के कमरे में दाखिल हुआ और भौं भौं करते हुए उसका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया.

करीब 15 मिनट के बाद गांड मारने के बाद उन्होंने लंड निकाला और खड़े हो गए. उन्होंने सेकेंड फ्लोर पर भी एक वन रूम सेट बना रखा था जिसमें हमेशा कॉलेज स्टूडेंट्स रहती थीं. मैं जानती थी कि वो ज्यादा देर इस अवस्था में रुकेगा नहीं और कुछ ही पल के बाद वो कहने लगा- बस … बस रानी! मेरा छूट जायेगा।वो मेरे ऊपर आया और चूत में लंड डालकर झूलने लगा.

मेरी इस बात के बाद मैंने देखा कि भाभी के आंख से आंसू निकलने लगे थे.

मैं- चाची अगर आप चाहो तो आप मुझे उससे अच्छा मजा दे सकती हो!चाची कुछ नहीं बोलीं, चुप रहीं. इसलिए मैंने पूनम बुआ को समय देना सही नहीं समझा; मैंने देर ना करते हुए लंड पर थोड़ा जोर लगाया और देखते ही देखते मेरा लंड पूनम बुआ की चुत में घुस गया था. मैं अपने एक हाथ से उसके मोटे और रस भरे दूध को बेरहमी से दबा रहा था और दूसरे हाथ से उसके एक कूल्हे को मजबूत पकड़ के साथ लंड के झटके पूरी तेजी से मारता जा रहा था.