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अपनी बहन को और इसे कुछ समझा।वो दोनों बहनें अपने कमरे में चली गईं।मैं फ्रेश हो कर आया और फ्रिज से जैसे ही बोतल निकाली. हिंदी बीएफ पिक्चर हिंदी पिक्चरअब तू देख मैं तेरी क्या हालत करती हूँ।’ऐसा कहते ही उसने मेरी बनियान खींच कर उतार दी और मेरी घुंडियों पर जोर से काट लिया.

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ये तो तनता ही जा रहा है।विकास- यार भूखे को सिर्फ़ एक निवाला देकर रुक जाओगी तो उसकी तो भूख और बढ़ जाएगी ना.मैंने कहा- एक चादर हम दोनों के ऊपर डाल दे ताकि कोई आए भी तो उसे एकदम से पता ना चले।वो बोला- रुक मैं जीने की कुण्डी लगा कर आता हूँ.

मैं भाग कर उनके पास गया और उनको सहारा दे कर खड़ा किया।आंटी- मेरी कमर और पैरों में बहुत दर्द हो रहा है।मैं- शायद दीवार से टकराने की वजह से आपके कमर में चोट आई है।तो मैंने उनको सहारा देके फिर से कमरे में ले गया।मैं- अब तक शायद रात की उतरी नहीं ह्म्म्म?आंटी- हाँ… पर रात को मज़ा भी काफ़ी आया था।मेरी कहानी पढ़ने के लिए शुक्रिया. इंडियन सेक्सी बीएफ डाउनलोड ? लो कर लो साफ इसे भी!मैंने चूत पर भी साबुन लगाया और उसे साफ करने लगा।जब चूत पूरी साफ हो गई तो उसे मैंने गुनगुने पानी से धोया।मेरा हाथ बार बारा उनके दाने से लग रहा था…इधर मेरा अभी तक स्खलन नहीं हुआ, एक बार भी नहीं हुआ था.

मैं भी धीरे-धीरे अपने लंड को आगे-पीछे हिलाने लगा…कुछ देर में दर्द की कराह की जगह उसके मुँह से प्यार भरी सिसकारियाँ निकलने लगीं- ऊओह.

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इसलिए उसे 2 हजार ही मिलते थे।गोपाल को आज ही पगार मिली थी।गोपाल भाग कर गया और पैसे ले लाया और उसे दे दिए- ले ये 2 हजार ले ले. ताकि शॉट तगड़ा पड़े।भाभी भी उसी रफ़्तार से अपने चूतड़ों को आगे-पीछे कर रही थीं।हम दोनों की साँसें तेज हो गई थीं। भाभी की मस्ती पूरे परवान पर थी।नंगे जिस्म जब आपस में टकराते. ’ऐसा ही मैंने उसकी सारी ऊँगलियों के साथ किया… वो पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी, लगातार उसके मुँह से ‘आआआअहह आहह लव मी.

जिससे माया को भी अच्छा लगने लगा और अब वो मुझे बहुत तेज गति के साथ चूमने-चाटने लगी थी।उसकी तेज़ चलती साँसें. वो अब भाभी के गोरे-गोरे मम्मों को सम्भाल रही थी।मेरा लौड़ा फिर से खड़ा होने लगा।भाभी भी ये सब देख रही थी और कातिल सी मुस्कान बिखेर रही थीं।जब मैं वापिस जाने लगा तो भाभी ने ‘थैंक्स’ बोला और कहा- रुकिए न. जो कि शायद उसकी वर्षों बाद यौन-लालसा की तृप्ति का सन्देश दे रही थी।फिर मैंने घर के अन्दर प्रवेश किया और दरवाज़ा बंद करके उसको अपनी बाँहों में कैद कर लिया और वो भी मेरे बाँहों में कुछ इस तरह सिमटी की जैसे हम वर्षों के बिछड़े हों।फिर कुछ देर इसी तरह खड़े रहने के बाद मैंने उसकी आँखों में झांकते हुए उसकी ढेर सारी तारीफ़ की.

’ करता हुआ उसका हलब्बी लवड़ा मेरी गाण्ड में समाने लगा।वो ज़ोर-ज़ोर से रह-रह कर मेरी गाण्ड फोड़ रहा था। मैं उसके प्रत्येक झटके का लुत्फ उठा रहा था।उसको उकसाने के लिए मादक और कामुक सिसकियाँ भर रहा था।‘और चोद. हम इसके मुँह में पानी निकालेंगे…वो दोनों मुँह से हट गए और उसी पोज़ में अब वो आ गए।राजन का लौड़ा मेरे मुँह में गले तक घुसा हुआ था, मैं बड़ी मुश्किल से उसको चूस पा रही थी।कोई 5 मिनट बाद वो मेरे मुँह में झड़ गया, सारा पानी मुझे मजबूर होकर पीना पड़ा।उसके बाद विश्रान्त ने भी वैसे ही मेरे मुँह को चोदा और सारा पानी मुझे पिला दिया।दयाल- वाहह. फिर भाभी ने रूपा के दोनों पैरों को उठा कर फैला दिया और मुझसे बोलीं- चल अब इसकी चूत से लण्ड को सटा कर पेशाब कर…इस तरह रूपा के पैर फैलने से उसकी चूत का मुँह खुल गया।मैं तो उसकी गोरी-गोरी जाँघों के बीच रेशमी भूरे-भूरे बालों से घिरी गुलाबी रसीली चूत को देख कर पेशाब करना ही भूल गया था.

मैं उसी दिन मांग लूँगा।’भाभी ने वादा कर दिया।मैं खुश हो गया, मैं भाभी को चूम रहा था कि अचानक भैया आ गए।हम अलग हो गए मैं पानी पीने लगा भाभी काम करने लगीं।भैया अन्दर आ गए मुझसे बोले- और अजय, कैसे हो तुम?‘मैं ठीक हूँ भैया. Kajal Ki Chudasi Javaniहैलो दोस्तो, मेरा नाम आदर्श है, आज मैं आपको अपने जीवन की सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ।मेरी उम्र 19 साल है मैं लखनऊ में रहता हूँ। यह बात जुलाई 2011 की है मेरा दाखिला 11वीं में हुआ था।मैं पहले दिन स्कूल गया तो अचानक मेरी नजर एक लड़की पर गई। क्या खूबसूरत बला थी.

दीपाली बैठो आज तो बहुत खिली-खिली लग रही हो।दीपाली- क्या दीदी आप भी ना…अनुजा- मैंने कल क्या समझाया था.

पर वो छटपटाने लगी।मैंने उसके होंठों पर चुम्बन करना शुरू दिया जिससे उसका दर्द कम हुआ।फिर मैंने उसके जोश को बढ़ाने के लिए उसके कन्धों पर चुम्बन करना शुरू किया।अब उसका दर्द कम होने लगा और वो फिर गाण्ड उठा कर मेरा साथ देने लगी।मैंने उतना ही लंड अन्दर-बाहर करना शुरू किया.

मैं दीवानों की तरह भाभी की चूत और उसके चारों तरफ चूमने लगा… बीच-बीच में मैं अपनी जीभ निकाल कर भाभी की रानों को भी चाट लेता।भाभी मस्ती से भर कर सिसकारी लेते हुए बोलीं- हाय राजा आहह. मैं चाय बना कर लाती हूँ।वो चाय बनाने चली गई और मैंने एक सिगरेट जला ली।वो चाय लेकर वापस आई और बोली- बुरा मत मानना. वो बहुत ही हंसी-मजाक की मूवी थी।उसके बाद भी हम दोनों को नींद नहीं आ रही थी तो मैंने कहा- कोई और मूवी लगाओ।तो वो और सीडी देखने लगी और आख़िरकार अब उसके हाथ में वो ब्लू-फिल्म की सीडी आ गई थी.

’ निकल रहा था।मैंने अपनी रफ़्तार थोड़ी बढ़ाई उसको और मजा आने लगा।अब उसके मुँह से निकल रहा था ‘चोदो और चोदो. जिससे उसकी चूचियों में और भी कसाव आ गया और वो और भी सख्त हो गईं।थोड़ी देर मैं मम्मों को बारी-बारी से चूसता रहा. उसको अकेले रात को डर लगता है। तुम रात को मेरे घर पर सोने आ जाना।मैंने ‘ओके’ कहा और जैसे ही कॉल कट हुआ.

क्या करते हो उफ्फ…सुधीर- जानेमन भगवान ने तुझ जैसा नायाब तोहफा मुझे दिया है तो जरा खुलकर मज़ा लेने दो ना.

मेरे जिस्म से जैसे जान ही निकल जाएगी।मैंने झटके से अपना लण्ड भाभी के मुँह से बाहर खींच लिया और उनका हाथ भी अपने लण्ड से अलग हटा दिया।मैं अपनी साँसों को संयमित करने की कोशिश करने लगा… जो ज़ोर-ज़ोर से जल्दी-जल्दी चल रही थीं।मेरा लण्ड भी झटके मार रहा था. तू देखती जा, अभी तेरी क्या हालत करता हूँ।उसकी आँखों में डर दिखाई दे रहा था।मैंने फिर थोड़ा संभाल कर अपने हाथों से उसकी चूचियाँ ज़ोर से मसलीं फिर उसके एक निप्प्ल को मुँह में लेकर दांतों से काटने लगा।तो वो कुछ ही देर दर्द भूल कर फिर से लंड खाने को मचलने लगी।फिर मैंने अपना पूरा लंड बाहर निकाल कर फिर से एक ऐसा झटका मारा कि पूरा लवड़ा चूत को चीर कर अन्दर चला गया।अब वो जोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी- फाड़ दी. क्या हसीन परी थी। उसकी 5फुट 6 इन्च की छरहरी कामुक एकदम गोरी देह किसी को भी मोहित कर सकती थी।उसने कहा- हूँ.

जो मुझे बहुत पसंद है।उसने बिना देर किए मुझे पूरा नँगा कर दिया और अपना लण्ड मेरे मुँह में दे दिया- ले चूस इसे।मैंने उसका लण्ड आगे-पीछे करके थोड़ा-थोड़ा चूसना चालू किया. क्योंकि मैंने उसकी नौकरानी को भी चोदा था, उसकी नौकरानी कभी-कभी अपनी मालकिन यानि मानसी से पूछ लेती थी कि आजकल आपके दोस्त नहीं दिखते?तो मानसी गुस्सा हो जाती. मैंने उसका लोवर उतारने के लिए पकड़ा उसने भी गाण्ड उठा कर मेरा साथ दिया और मैंने उसका लोवर उतार फेंका।वो दिन मेरी जिंदगी का बहुत कीमती दिन था। जिसको देख कर मेरा लंड सलामी देता था.

अब मैंने उसे सीधा बिस्तर पर लिटा दिया और दोनों टाँगों के बीच बैठ कर लण्ड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा।वो बोली- प्लीज़ डाल दो यार.

क्या हुआ? तुम कर रहे हो या करवा रहे हो बेबी? मुझे तो लगा था कि आज मेरी टाँगें बन्द ही नही होंगी।मैं बोला- कमीनी. अब धीरे-धीरे मेरी ऊँगली भी मेघा की चूत में अन्दर-बाहर होने लगी।हम एक-दूसरे के होंठों को जोर-जोर से चूसते जा रहे थे।मेरा लण्ड पिछले आधे घंटे से तना हुआ.

इंडियन सेक्सी बीएफ डाउनलोड आप बेफिकर रहो।दीपाली को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आख़िर क्या हो रहा है।उसने जब अपनी मम्मी से बात की तब उसको समझ आया और उसने भी ‘हाँ कह दी- आप बेफिकर होकर जाओ दीदी बहुत अच्छी हैं. मगर कुछ दोस्त जानना चाहते हैं तो उनके लिए बता देती हूँ।दीपाली के पापा अनिल सिंह सरकारी ठेके लेते हैं.

इंडियन सेक्सी बीएफ डाउनलोड उतना कर लें।उसने मेरा साथ दिया और उसकी बुर बिल्कुल खुल कर सामने आ गई।उसकी बुर का किनारा और उसके अन्दर का रास्ता खुल गया जिससे कि अब मैं आराम से बाल निकाल सकता था।मैं धीरे से उसके बाल साफ करने लगा।उसको भी अच्छा लग रहा था क्योंकि वहाँ पर साबुन या झाग मैंने पोंछ दिया था. शुरू से सुन तब तुझे यकीन आएगा।दीपाली ने प्रिया की कही सारी बातें विस्तार से दीपक को बताईं।दीपक- ओ माय गॉड.

क्योंकि उसे तो समझ ही नहीं आया था कि यह हुआ क्या और मैं उसके साथ क्या करने वाली हूँ।पर मैं बहुत खुश थी क्योंकि मेरा काम तो बनता नज़र आ रहा था, लेकिन अभी भी मैं पक्का नहीं थी कि ये लौंडा मेरी चुदास के बारे में कितना समझ पाया होगा।यार अभी तो सिर्फ़ फोटो खींची थी ना.

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लड़कियाँ बड़ी हैं और लड़के छोटे हैं।वहाँ कुछ वक्त बाद एक लड़का आया और वो मेरे मामा के परिवार के लोगों से बातें करने लगा।मुझे बाद में पता चला कि वो मेरी मौसी का लड़का है. उसमें सेक्स का सीन चल रहा था।मेरा हथियार ये सब देख कर पजामा फाड़ने के मूड में आ गया था।तभी अचानक आंटी आ गईं और मैंने चैनल बदल दिया।वो अब मेरे पास आकर बैठ गईं।मैंने अपने हथियार को छुपाने की कोशिश की. पर मेरा लौड़ा 6 इंच लंबा और करीबन पौने दो इंच व्यास वाला है। अभी भी मेरा सुपारा बाहर नहीं आया है।मैं एक अपार्टमेंट में तीसरे माले पर एक फ्लैट में रहता हूँ।मेरे साथ वाले फ्लैट में एक मेरी ही उम्र की शादीशुदा औरत रहती है।उसका नाम नैन्सी है।उसका फिगर 34-28-36 के लगभग है।उसका दस साल का एक बेटा भी है।नैन्सी इन्दौर की रहने वाली है और उसने लव-मैरिज की है।उसका पति बिजनेस करता है.

जैसे कि उसमें जान ही न बची हो।फिर मैंने धीरे से उसे उठाया और दोनों ने शावर लिया और एक-दूसरे के अंगों को पोंछ कर कमरे में आ गए।मुझे और माया दोनों को ही काफी थकान आ गई थी तो मैंने माया को लिटाया और उससे चाय के लिए पूछा तो उसने ‘हाँ’ बोला।यार. पर यह क्या इसका तो जल्दी हो गया और मेरा क्या हो?अब इतनी देर हो चुकी थी कि मामा-मामी कभी भी आ सकते थे तो मैंने फिर से उससे कहा- देख अभी सिर्फ़ तेरा हुआ है. ऐसा कह कर उन्होंने मम्मी को अपनी और खींच लिया और इसके बाद मम्मी की एक बार और जबरदस्त चुदाई की।इस बार तो मम्मी की आँखों से आंसू ही निकल गए थे।यह पता नहीं कि वो ख़ुशी के थे या दर्द के थे।मेरी मम्मी और फूफाजी की चुदाई के अभी और भी किस्से हैं मैं आपको और भी लिखूँगा।आपके विचारों का मेरी ईमेल आईडी पर स्वागत है।.

बस मैं एक बच्चा तेरे ‘इससे’ चाहती हूँ।मैंने मना कर दिया तो वो गुस्सा हो गई और बोली- ये जो इतना इतरा रहा है ना.

घर में भी इतने कपड़े पहन कर ही रहता है।’ वो मुस्कुरा कर बोलीं।पर उनकी इस मुस्कुराहट में शरारत थी।‘नहीं. कुछ देर बाद मुझे वापिस बाहर बुलाया गया।उस लड़के की माँ ने मुझसे कुछ सवाल किए… फिर लड़के ने भी मुझसे पूछा- क्या पढ़ी-लिखी हैं. दिल खुश कर दिया। उसे एक बार और नीचे लेने की इच्छा है।मैं बोली- सुनील जी आपने क्या जवाब दिया?सुनील हँसते हुए बोला- जान.

इसलिये वो बहुत शरमा रही थी।मैंने उसे हाथ पकड़ कर अपने पास बिठा लिया।एक हाथ से उसके हाथ को थामा और दूसरा उसके कंधे पर फ़िराते हुए उस की गर्दन पर ले आया और उसके रसीले होंठों को चूमने आगे झुका।वो थोड़ा हिचकिचाई और पीछे होना चाहा. मैं उसे लेकर अपनी ससुराल नोएडा उसे छोड़ने के लिए चला गया।वहाँ अपनी सौतेली माँ को देख कर वो उससे लिपट गई और रोने लगी।मैं अन्दर आकर मेरी बड़ी साली रिंकी से बातें करने लगा।वो दोनों माँ-बेटी आपस में क्या बातें कर रही थीं वो तो नहीं जान पाया, पर उसने अपने हाथ से नाप बताते हुए मेरी ओर इशारा किया तो मैं समझ गया कि यह मेरे औजार के बारे में बता रही है।मैं उसे छोड़ कर जाने लगा तो मेरी सास ने कहा- दामाद जी. हा…’ की आवाजें उसके मुँह से निकल रही थीं।मैंने मौके का फायदा उठाया और चुपके से उसके पीछे जा कर खड़ा हो गया। फिर मैंने उसको कहा- गुरविन्दर क्या कर रही हो?वो चौंक गई और अपनी शर्ट नीचे करने लगी। मैं उसके पास जाकर बैठ गया और उसको बोला- क्या हुआ.

मेघा की चूत दो बार पानी छोड़ चुकी थी।मैंने धक्कों की रफ़्तार तेज कर दी। मेघा की चूत भी तीसरी बार पानी छोड़ने को तैयार थी।मेघा भी गाण्ड उठा-उठा कर मेरा साथ दे रही थी. मेरे हाथ अपने आप ही उसके चूचों को दबा गए और उसके चेहरे को पकड़ कर मैंने रूचि को चूमने लगा।पहली बार होंठ से होंठ मिलने पर मेरे दिमाग पर एक नशा सा छा गया और उसे लिटा कर मैं जोर से उसके नरम होंठों को चूसने लगा और मेरा एक हाथ रूचि को चापे हुए था.

अचानक उसने मेरे मुँह में पिचकारी मार दी और बेहोश सी हो गई।मैं उसकी चूत का सारा पानी चट कर गया।मैं फिर भी वहीं लगा रहा और दांतों से उसकी चूत के होंठों को काटने लगा।वो गनगना उठी और उसे फिर से जोश चढ़ गया और उसने मेरे अंडरवियर में हाथ डाल दिया।उसने मुझे घुमाया और मेरा अंडरवियर उतार दिया।अब हम 69 की अवस्था में थे. और नीचे चूत में लगातार लौड़े की ठापें मुझे जमाने भर की सुध-बुध भुला चुकी थीं।वो मुझे 15 मिनट तक लगातार चोदता रहा और फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए।थोड़ी देर रुकने बाद फिर उसने मुझे, मेरी चढ़ती जवानी को दो बार और चोदा।अब हम दोनों हमेशा चुदने के लिए मौके की तलाश में रहते हैं।तो दोस्तो, यह थी मेरी खुद सच्ची कहानी. तुम पहले ये बताओ कि तुम क्या लोगे?मैंने कहा- बस अब और इन्तजार नहीं होता। मैं तो अब सिर्फ तुम्हारी चूत ही लूँगा।उसने हँस कर कहा- जान वो तो तुम्हारी ही है.

क्योंकि हाल उसका भी वैसा ही था लेकिन हम दोनों के चेहरे की ख़ुशी बता रही थी कि ये हम दोनों का ही जबरदस्त चोदन हुआ था।रूचि की कहानी खत्म नहीं हुई थी दोपहर का खाना मंगा कर वो आगे बताने बैठ गई।जानते हैं अगले भाग में क्या किया था अंकिता ने रूचि के साथ?दोस्तों अपने विचार पर जरूर भेजें मुझे प्रतीक्षा रहेगी।.

सोनम और गुलाब-जामुन का रस पीता हुआ उसकी चूत तक गया।अब अपने सुपारे पर भी गुलाब-जामुन का शीरा लगाकर सोनम को चाटने को दिया। जामुन का रस और मेरे लंड का रस दोनों का मिश्रण सोनम को बहुत ही पसंद आया।फिर मैंने गुलाब-जामुन का रस मेरे लंड पर लगाया और उसकी चूत को फैलाकर उसमें भी डाला. मेरा पूरा मुँह उसके छोड़े पानी से तर हो गया था।वह जब अकड़ी तो बिल्कुल ऐंठते हुए अपना पानी छोड़ दिया और निढाल हो गई. मैं- और?मैम- तेरी रंडी… रंडी मम्मी, तेरी रखैल रंडी मम्मी, तेरी चुड़दकड़ रंडी मम्मी…मैं- और मैं कौन हूँ तेरा?मैम- मेरा मादरचोद रोहन बेटा.

बस बेचारी अपने चेहरे के रंग से मात खा जाती थी।वैसे उसके तेवर भी कुछ ऐसे थे कि वो मिस इंडिया हो।दूसरी तरफ अंकिता. खेल शुरू हो गया।राज ने मेरी बीवी का पेटीकोट भी उतार दिया और रश्मि सिर्फ़ पैन्टी में खड़ी थी और किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी।तो राज ने कहा- यार कहाँ छुपा रखा था ये मस्त माल से भरा हुआ जिस्म.

तो मैंने उसे खड़ा किया और उसका एक पैर पलंग पर रखा और सामने से ही धक्के मारने लगा, लेकिन इस तरीके से ऊपर के मज़े बन्द हो गए क्योंकि बैलेन्स करना पड़ रहा था. यह मेरी टाँगों में क्या चुभ रहा है?मैंने हिम्मत करके जबाब दिया- यह मेरा हथियार है… तुमने भैया का हथियार तो देखा होगा ना?‘हाथ लगा कर देखूं?’ उन्होंने पूछा!और मेरे जबाब देने से पहले अपना हाथ मेरे लंड पर रख कर उसको टटोलने लगीं।अपने हाथ से लवड़े को पकड़ लिया और अपनी मुट्ठी में मेरे लंड को बंद कर लिया और बोलीं- बाप रे. मैं सुपर बाज़ार के दरवाजे की तरफ बढ़ी और मैं यह सोच कर रोमांचित होने लगी कि मैं वहाँ क्या करने जा रही हूँ.

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आप ही साफ कर दो ना प्लीज़…सुधीर ने पास पड़े एक कपड़े से दीपाली की गाण्ड साफ की और ललचाई निगाहों से उसको देखने लगा।दीपाली- क्या हुआ.

पर आख़िर में मज़ा आया।रूपा बोली- अब तुझे दर्द नहीं होगा सिर्फ़ मज़ा ही आएगा।कुछ 15 मिनट तक हमने आराम किया।नीलम काफ़ी शान्त हो चुकी थी।रूपा ने उसे ब्रांडी का पैग दिया और कहा- इसे दवा समझ कर पी लो. फिर मैंने उनके चूचों पर तेल डाला और थोड़ा सा नाभि के पास और थोड़ा हथेलियों में लेकर उनके चूचों की हलके हाथों से मालिश शुरू कर दी. लेकिन यह बात किसी को पता नहीं थी।एक दिन मैं और वलीद हमारे घर के एक कमरे में सीट पर दोनों साथ बैठे बातें कर रहे थे।सारे घर वाले बाहर थे.

जिसे गाँव में बच्चा-बच्चा जानता था, ने ही ज्योति को कमरा दिलाया था।गोपाल इससे पहले कुंवारा था और सोचता था कि ज्योति को पटा कर चोद दे।सुबह से शाम तक ज्योति लड़कियों को सिलाई सिखाती।गोपाल एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता था और ज्योति को भी कभी-कभी पढ़ा दिया करता था।धीरे-धीरे गोपाल ने उसे पटा लिया।कुछ दिनों बाद गोपाल ने अपनी बात कही- ज्योति. पर वो हमारा पीछा कर रही थी और उसने हमको कमरे में जाते हुए देख लिया।उस वक्त तो उसने कुछ किया या कहा नहीं. बंगाली बीएफ चुदाई वीडियोहिसाब बराबर।जैसे ही मैंने उसका आइटम पकड़ा तो वो शर्म से पानी-पानी होने लगा था, पर मुझे क्या मुझे तो हथियार का नाप लेना था.

माया ने फोन काट दिया और मेरे पास आकर मेरे सामान को पकड़ते हुए मेरे होंठों को चूसने लगी।जैसे उसे मेरे होंठों में शहद का रस मिल रहा हो. दर्द से वो तड़प रही थी।फिर कुछ देर सहलाने के बाद वो थोड़ी देर में अपनी कमर उठा कर साथ देने लगी।मैंने अपना मूसल आगे-पीछे करना शुरू किया।ऐसा लगा रहा था.

अगले दिन बारात निकलनी थी और मैं पूरी रात सोचता रहा कि उसका जवाब क्या होगा??शाम को अल्फिया आई और मुझे ‘नॉटी’ सी स्माइल दे कर अपने कमरे की ओर भागी।मैं भी बिना कुछ सोचे-समझे उसके पीछे कमरे में चला गया और सामने एक टैडी-बियर रखा था जिसमें एक रिबन के साथ छोटा सा पेपर लगा था जिसमें ‘यस आई लव यू टू. रुको मत।यह सुनते ही अमर जोर-जोर से धक्के मारने लगे।मैंने फिर सोचा ये क्या कह दिया मैंने, पर अमर को इस बात से कोई लेना-देना नहीं था. वो बहुत ही हंसी-मजाक की मूवी थी।उसके बाद भी हम दोनों को नींद नहीं आ रही थी तो मैंने कहा- कोई और मूवी लगाओ।तो वो और सीडी देखने लगी और आख़िरकार अब उसके हाथ में वो ब्लू-फिल्म की सीडी आ गई थी.

तब से अब तक मैं कई बार दुर्गेश से चुदवा चुकी हूँ और अक्सर वो मेरे मुँह में ही झड़ता है।मुझे भी उसका वीर्य मुँह में लेने में बड़ा मज़ा आता है।अगली कहानी में मैं आपको बताऊँगी कि किस तरह मैंने दुर्गेश के दो और दोस्तों से एक साथ चुदवाया. मैं देखता रह गया।मुझे अपनी आँखों पर विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जो मैं देख रहा हूँ वो वाकयी में एक हकीकत है या सपना।मैंने अपने आपको च्यूंटी काटी. शर्म उसको नहीं आई अपनी बेटी के साथ चुदाई करते हुए।उसके बाद आज फिर उस कुत्ते अजय ने मुझे चोदा… अभी तेरे बाप के पास मैं नहीं गई थी.

वो क्या करता है।मैं सोने का नाटक करने लगी और वो मेरी नाभि में अपनी उंगली डाल कर बहुत देर तक घुमाता रहा।मुझे थोड़ी गुदगुदी भी हुई.

लेकिन चुदाई का उनका तरीका ऐसा है कि कोई भी लड़की उनको ना नहीं बोल सकती… क्या आराम से चोदते हैं, कसम से मज़ा आ जाता है।विजय- चल अब तू पापा के गीत गाना बन्द कर और अपना कमाल दिखा… मैं भी तो देखूँ ऐसा कौन सा जादू करेगी तू… कि इतनी जल्दी मेरा सोया लंड खड़ा हो जाएगा।मैंने एक हल्की सी मुस्कान दी और विजय के लौड़े के सुपारे पर अपनी जीभ घुमाने लगी. जिसे मैंने रोक रखा था।उस वजह से मेरा लण्ड झड़ने से मना कर रहा था वरना लग रहा था कि रूचि की कसावट भरी चूत में कुछ ही पलों की मेहमान है।लगभग आधे घंटे की वासना से भरी चुदाई के बाद रूचि ने धीरे से मेरे कान में कहा- समर मैं झड़ने वाली हूँ।मैंने कहा- मैं भी.

क्या हुआ? तुम कर रहे हो या करवा रहे हो बेबी? मुझे तो लगा था कि आज मेरी टाँगें बन्द ही नही होंगी।मैं बोला- कमीनी. 3-4 मिनट बाद मेरा पूरा शरीर कांपने लगा और मेरी चूत से ढेर सा मूत बाहर आया।मेरी टाँगें जोर से कांप रही थीं और मैं नीचे गिर गई और अभी भी चूत से मूत निकल रहा था।मेरी हालत बहुत खराब हो गई थी।उसने अपना लंड मेरे मुँह में डाला और चोदने लगा।करीब 5 मिनट तक उसने ऐसे ही मुझे चोदा।फिर उसने बोला- आज मैं. और अब से मैं सिर्फ़ तुम्हारे लंड को ही लूँगी।मैं मस्त हुआ पड़ा था और चुदाई का पूरा माहौल बन चुका था।उसने मुझसे कहा- आज की रात तुम मेरे घर पर ही रहोगे।मैंने भी अपने घर पर फोन कर दिया कि आज रात में उनके घर पर ही रुकूँगा।दोनों लेट गए और एक-दूसरे से चिपका कर चूमने लगे और इस बार कोई रुकावट नहीं थी।उसके बाद तो हम चूमा-चाटी में कब हमारे कपड़े उतरना शुरू हो गए.

’ कर रही थी।मुझे समझ मैं नहीं आ रहा था कि वो मुझे चोद रही है या मैं उसे चोद रहा हूँ।वो ऐसे ही दो बार झड़ गई और बोली- बस अब और नहीं. जो मुझे नहीं मालूम था और माया मुझे सरप्राइज़ देने के लिए यह बात नहीं बता रही थी कि कल से वो 2 दिन के लिए घर पर अकेले ही रहेगी. शायद कल ही सेव की हुई होगीं।दीपाली- हा हा हा ये छोटा सा इसके दम पर खुजली मिटाओगे?सुधीर- बेटी सोए हुए पर मत जाओ.

इंडियन सेक्सी बीएफ डाउनलोड एक बार, जब मैं उसके साथ बात कर रही थी तो हमेशा की तरह हमारी बातें चुदाई के रोमांच के बारे में होने लगी. मैं समझ गया कि इसकी चूत ने रस छोड़ दिया है और ये अपनी चूत धोने बाथरूम जाना चाहती है।जैसा कि मेरा स्वभाव ही मदद करने का है मैंने उसको बड़े ही संभाल कर सहारा दिया और उसको बाथरूम तक लेकर गया और मैं बाथरूम के बाहर रुक गया.

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चलो इसे धीरे-धीरे प्यार से समझा लूँगा।दो दिन तक मैंने बहुत प्यार से मनाया… पर वो मानने को तैयार नहीं थी।फिर मैंने थोड़ी ज़बरदस्ती भी की, पर वो तैयार नहीं हुई और मैं उस पर ज़्यादा ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं करना चाहता था।मैं उसके जिस्म का एक भी अंग नहीं देख पाया था. पर मम्मी की वजह से अपने ऊपर काबू बनाए रखा वरना पहली बार किसी लड़की का चोदन भी कर देता।पता नहीं उसके गाँव वालों ने कैसे खुद को रोका होगा।कुछ दिन तो निकल गए. झड़ने के बाद वो मुझे अब छोड़ देने की मिन्नत करने लगी मगर मैं कहाँ मानने वाला था।तब रानी ने जोर लगा कर अचानक मुझे अपने ऊपर से धकेल दिया जिससे मैं उसके ऊपर से गिर गया.

अभी वो कमसिन ही तो थी।जब मैं बाथरूम से लौटा तो वो नीलम की चूचियों को दबाते हुए उसे चूम रही थी।मैंने कहा- ये क्या कर रही हो?वो बोली- राजा तुम्हारे लिए तुम्हारी बीवी को तैयार कर रही हूँ। इसे पहले ओरल सेक्स का मज़ा दूँगी. अगले दिन बारात निकलनी थी और मैं पूरी रात सोचता रहा कि उसका जवाब क्या होगा??शाम को अल्फिया आई और मुझे ‘नॉटी’ सी स्माइल दे कर अपने कमरे की ओर भागी।मैं भी बिना कुछ सोचे-समझे उसके पीछे कमरे में चला गया और सामने एक टैडी-बियर रखा था जिसमें एक रिबन के साथ छोटा सा पेपर लगा था जिसमें ‘यस आई लव यू टू. बीएफ सेक्स मूवी देहातीतेरी कुतिया चुदवाने के लिए हाज़िर है।भाभी ने अपने चूतड़ ऊपर उठा रखे थे और उनका सीना बिस्तर पर टिका हुआ था।उनके विशाल चूतड़ों के बीच से झांकती हुई चूत को देख कर मेरा लौड़ा फनफनाने लगा, मैं भाभी के पीछे बैठ कर भाभी की चूत को कुत्ते की तरह सूंघने और चाटने लगा।‘अया….

मुझे नहीं पता था कि मैं क्या बोल रहा हूँ।उसने अपना एक हाथ नीचे से मेरी ब्रा में डाल दिया और मेरी चूचियों को दबाने लगा और दूसरे हाथ से उसने मेरी गाण्ड पर ज़ोर से थप्पड़ मारा.

तुम मेरे साथ चलोगी।तभी मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसके मम्मों को ऊपर से दबाने लगा।वो सिसकारियाँ भरने लगी- आह. बस इसी तरह से करते रहो।मैंने वैसे ही करना शुरू किया और मेरा लंड धीरे-धीरे उनकी चूत में अन्दर-बाहर होने लगा।फिर भाभी ने रफ़्तार बढ़ा कर चुदाई करने को कहा।मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और तेज़ी से लंड अन्दर-बाहर करने लगा।भाभी को पूरी मस्ती आ रही थीं और वो नीचे से कमर उठा-उठा कर हर शॉट का जवाब देने लगीं।लेकिन ज्यादा रफ़्तार होने से बार-बार मेरा लंड बाहर निकाल जाता था.

वो तो जानती थी।वो थोड़ा नर्वस हो कर बोली- नहीं वो भी लंड का मज़ा लिए बगैर ही आ गई है।मैंने कहा- वो क्यों?तो वो बोली- शादी की पहली रात को ही उसका पति कारगिल चला गया था. तो उसने पहले तो मना कर दिया।बोली- मैंने पहले कभी नहीं चूसा है।फिर मैंने उससे कहा- एक बार मेरी खातिर चूस कर तो देखो।चुदासी भाभी मान गई और हम 69 की अवस्था में आ गए।अब उसकी चूत पर मेरा मुँह और उसके मुँह में मेरा लण्ड था।हम दोनों ने एक-दूसरे के गुप्तांगों को बहुत ही मजे से चूसा।कुछ देर बाद वो झड़ गई. बस इसके संपर्क में कोई भी लड़की या औरत आ जाए तो इसका तनाव शुरू हो जाता है।दीपाली- अच्छा अगर कोई भी पास ना हो.

दीपाली नीचे बैठ गई और लौड़े का सुपारा चाटने लगी। वो इतना मोटा था कि उसने बड़ी मुश्किल से मुँह में ले पाया। अब वो आराम से लौड़ा चूसने लगी थी।भिखारी- आहह.

मेरा रंग सांवला और शरीर पतला है।मैंने आज से पहले अन्तर्वासना पर बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं और आज मैं अपनी पहली सच्ची कहानी पोस्ट करने जा रहा हूँ।बात कुछ दिन ही पुरानी है।हमारा जो घर है उसके सामने आंटी किरण का घर है जिनके 2 छोटे-छोटे बच्चे हैं।एक लड़का जो अभी दूध पीता है, एक आठ साल की लड़की है और उनका पति एक किराना की दुकान चलाता है।किरण आंटी के बारे में बता दूँ कि आंटी की उम्र करीब 35 साल होगी. रात को क्या कम चोदा है जो अब दोबारा मेरी हालत खराब करना चाहते हो।विकास- अरे जानेमन रात को तो मैंने गोली ले ली थी. !’‘तुम्हें मालूम है बालू, मेरे सनम, मैं कहीं जा रही हूँ क्या… प्यार से करो ना!’तभी ससुर जी ने मेरी टाँगें अपनी कमर से लपेट लीं और अपना लंड मेरी चूत में पेल दिया।‘आह.

अंग्रेजी बीएफ देखने वालाअब मैं नहीं ये ही तुम्हारी मदद करेंगी। चलो तुम दोनों बातें करो मैं थोड़ी देर में बाहर जाकर आता हूँ ओके. मुझे पहले की तरह फेसबुक पर बहुत सारी रिक्वेस्ट आईं और उन्हीं में एक रिक्वेस्ट एक भाभी की भी थी जो कि नागपुर से थी।मैंने पहले तो सोचा कि जयपुर से नागपुर बहुत ही दूर है.

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तुझे पता है रबड़ का भी लौड़ा आता है जिससे तुम खुद चुदाई का मज़ा ले सकती हो और किसी आदमी के सामने तुम्हें नंगी भी नहीं होना पड़ेगा।दीपाली- ओह्ह. भाभी का कहना मान कर मैंने भी जिद छोड़ दी और भाभी करवट लेकर लेट गईं और मुझे अपने से सटा लिया।मैंने भी उनकी गाण्ड की दरार में लंड फँसा कर चूचियों को दोनों हाथों में पकड़ लिया और भाभी के कंधे को चूमता हुआ लेट गया।नींद कब आई इसका पता ही नहीं चला।मेरे प्यारे पाठकों मेरी भाभी का ये मदमस्त चुदाई ज्ञान की अविरल धारा अभी बह रही है।आप इसमें डुबकी लगाते रहिए. मैं- मम्मी तू मेरे लिए नंगी हो ज़ाएगी?मैम- हाँ बेटा।मैं- मम्मी तूने पहना क्या है?मैम- एक ढीली सी टी-शर्ट और शॉर्ट्स।मैं- मम्मी अपने बेटे के लिए, शर्ट उतार दो।मैम- मेरा बेटा अपनी मम्मी की शर्ट उतारना चाहता है, ले उतार दी।मैं- मम्मी ब्रा कौन से रंग की पहनी है?मैम- गुलाबी।मैं- अरे मम्मी तुम तो गजब की माल हो।मैम- मैं बिना ब्रा के और भी मस्त माल लगूँगी।मैं- मम्मी फिर ब्रा भी उतार दो न.

Chalaki Se Apni Chudai Ka Jugad Kiya-2मुझे एक आइडिया आया और मैंने उसकी लुल्ली पकड़ ली और बोला- चल तू बार-बार मुझे यहाँ-वहाँ छूता रहता है. मैं थोड़ी देर टीवी देख कर सोऊँगा।मैं अभी हल्की नींद में ही थी, तब मेरे बदन पर कुछ रेंगने सा मैंने महसूस किया।मैंने आँख खोल कर देखा तो अमर का हाथ मेरे बदन पर रेंग रहा था।मैंने कहा- अब बस करो. ’मैं वहीं घुटनों के बल बैठ गया… और उसके लुल्ले को खुलकर चाटने लगा।बोला- कसम से चुसवाने में कितना मजा है।मैंने भी खुश कर दिया.

खास करके अपनी गाण्ड पर लगाई।फिर रेजर से पूरे शरीर के बाल निकाल दिए।अपने चिकने बदन को देखकर मैं खुद ही शर्मा गया. वो हँसते हुए अपने घर चली गई। मैंने पहली बार किसी को पकड़ा था, मुझे रात भर नींद नहीं आई, मगर उसको चोदने का दिल कर रहा था।दूसरे दिन जब वो एक्टिवा खड़ी करने आई तो मैंने कहा- आराम से. साथ ही मुझे भी तीखा दर्द का अहसास हुआ मगर मैंने भी अपने होंठों को भींच रखा था।फिर थोड़ा रूक कर धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होकर 8-10 झटके लगाने के बाद रानी की रफ्तार बढ़ गई.

ईमेल एड्रेस पाते ही मैंने उनको ईमेल किया और सामान्य बात से शुरुआत की।कुछ दिनों तक तो हालचाल ही होती रही और हम दोस्त बन गए।फिर एक दिन मैंने उनका फ़ोन नंबर माँगा तो उसने मना कर दिया. स्कूल में सब से ज़्यादा खूबसूरत माल है और साली को भगवान ने फिगर भी ऐसा दिया कि देखने वाला ‘आह’ भरे बिना रह नहीं सकता!दीपक- यार कुछ दिन बाद इम्तिहान शुरू हो जाएँगे.

जिससे वो एक बार फिर से जोश में आ गई।अब कुछ देर की शंटिंग के बाद मेरा भी होने वाला था तो मैंने उसे तेज रफ़्तार से चोदना चालू कर दिया।मेरी हर ठोकर पर उसके मुँह से मादक आवाज़ आने लगी।‘अह्ह्ह अह्ह्ह्ह उम्म्म्म ऊऊओह’ मैं बस कुछ ही देर में उसकी चूत में स्खलित होने लगा.

तकरीबन दस मिनट तक मेरी जबरदस्त चुदाई करने के बाद उसका शरीर अब अकड़ने लगा था और उसने जोर से मुझे अपनी बाँहों में भींच लिया और ‘फक्क-फक्क’ कर झड़ने लगी।इसके साथ ही उसका शरीर ढीला पड़ गया और वो मेरे ऊपर ही ढेर हो गई।दोस्तो, अब अगले भाग में बताऊँगा कि आगे क्या हुआ. घोड़ा और लेडीस का बीएफबस रंग ही तो लगा रहा हूँ।वो कुछ बोलती इससे पहले उसने रंग लगाने के बहाने उसका मुँह दबा दिया और मैं बाहर आ गया।इसके बाद वो डर गई और कहने लगी- मुझे छोड़ दो. बीएफ भोजपुरी सॉन्गतब शायद दिन का एक बजा था तो उसने मुझसे पूछा- आज कॉलेज क्यों नहीं आया बे?तो मैंने उससे बोला- यार कल रात को काफी देर से सोया था. मैंने तुरंत ही उसकी पैंटी उतार दी।पैंटी उतारते ही उसकी चूत मेरी नजरों के सामने आ गई।मैं देखते ही हैरान हो गया.

जीभ को एक-दूसरे के मुँह में डाल कर आईसक्रीम की तरह चूसने-चाटने लगे।उधर लण्ड चूत में ही पड़ा-पड़ा आहिस्ते-आहिस्ते चुदाई कर रहा था.

मेरा पहली बार है।मैंने उसके मुँह पर अपना मुँह रखा और एक शॉट मार दिया।उसके मुँह से घुटी सी चीख निकल गई. मेरा चिकना और सपाट पेट देख कर मेरी नाभि में ऊँगली घुमाने लगा…मेरी सिसकारियाँ निकलने लगीं।मैं ज़ोर से सिसक रही थी।उसका भी यही हाल था… उसने अपनी जीभ मेरे चिकने पेट पर फिराई. मैं मूत कर बाहर आई और शीशे में खुद को देखने लगी। मैं आज बहुत सुंदर लग रही थी।तभी होटल के कमरे का फोन बजा फोन उठाया, ‘हैलो’ कहने से पहले ही उधर से आवाज आई- मैं होटल मालिक जयदीप हूँ.

नहाया और आकर अपने लिए तय कमरे में बैठ गया।अर्चना एक शादीशुदा महिला हैं जिनकी उम्र कोई 35 या 38 वर्ष के लगभग होगी, वे औसत शरीर की महिला हैं. अब फिर से भूख लग गई है।ये कह कर मैंने फिर से उसका स्तन मुँह में ले कर चूसना शुरू कर दिया।मैंने देखा कि छोटू दूध पीकर सो गया है और निप्पल भी उसके मुँह से निकल गया है।मैंने मामी से कहा- मामी ज़ी. मैंने गुलाब-जामुन का डिब्बा साथ में लिया और सोनम को नंगा करके सुलाया। अब मैंने उसके स्तनों से लेकर उसकी चूत तक गुलाब जामुन रखे और एक-एक करके ऊपर से नीचे गुलाब जामुन ख़ाता.

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भाभी ने अपनी मुलायम हथेलियों में मेरे लंड को पकड़ कर सहलाना शुरू किया। उनकी ऊँगली मेरे अन्डकोषों से खेल रही थीं।उनकी नाज़ुक ऊँगलिओं का स्पर्श पाकर मेरा लंड भी फिर से जाग गया और एक अंगड़ाई लेकर भाभी की चूत पर ठोकर मारने लगा।भाभी ने कस कर मेरे लंड को क़ैद कर लिया और बोलीं- बहुत जान है तुम्हारे लंड में. मुझे तेरे पूरे बदन का मजा लेना है… पूरे बदन को चाटना है।इतने में वो एकदम से अकड़ गई और उसने जीन्स के अन्दर ही पानी छोड़ दिया।मैंने धीरे से उसकी टी-शर्ट ऊपर करके निकाल दी।मैं उसकी गोरी कमर को, उसके मम्मों को. वो मेरा लण्ड कस कर पकड़ कर ऊपर-नीचे करने लगी।इधर मैंने चूत में ऊँगली करने की रफ़्तार भी बढ़ा दी थी।मेघा की चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी और लैप पर हो रही चुदाई और उसकी आवाजें माहौल को और ज्यादा उत्तेजक बना रही थीं।मेघा की चूत पानी छोड़ चुकी थी।एक गहरी मुस्कराहट उसके होंठों पर तैर रही थी, वो पूरी तरह से मेरा कौमार्य लेने को तैयार थी।अब मैं उसके नीचे था.

लेकिन काफी दिनों से अनछुई चूत की दीवारें कसी होने के कारण रूचि की चीख निकलना जायज था।रूचि ने घूर कर मुझे देखा और हलकी सी चपत लगाई.

चलते समय मेरा लम्बा लंड ऊपर-नीचे हिल रहा था। मैंने देखा उसकी नजर वहीं पर थी, पीछे जाते-जाते वो दीवार से चिपक गई।उसने एक मादक सी अंगड़ाई अपने बदन को दी.

ऐसा लड़का फिर नहीं मिलेगा।लेकिन मैं नहीं मानी… 2 दिन तक रोती रही।माँ ने भी मुझे समझाया कि तेरे पीछे तेरी 2 बहनें भी शादी के लिए हैं। तू ऐसे करती रही तो उनका क्या होगा. मुझसे उनकी अच्छी दोस्ती थी।जब उनका ड्राईवर छुट्टी पर गया तो उन्होंने मुझसे कहा- आप मैडम को स्कूल छोड़ दिया करो. सुहागरात वीडियो सेक्सी बीएफमेरी रखैल मम्मी!अब मैं थोड़ा नीचे को हुआ और मैंने रंडी मम्मी की गाण्ड देखी, गाण्ड में डिल्डो अभी भी फंसा था।मैं- रंडी मम्मी अब मैं तुझे चोदूँगा.

फिर भी उन्होंने मुझे पहनने को कहा।उस रात में उसने फिर मेरा साथ जी भर के चुदाई की।दूसरे दिन मुझे वो छोटा सा पारदर्शी नाइट-गाउन पहनने को कहा और बोले- दिन भर इसी गाउन में रहना।वो काम पर चले गए… मैं दिन भर उसी गाउन में थी…मुझे शरम आ रही थी क्योंकि उस गाउन में से मेरा बदन साफ-साफ दिखाई दे रहा था।शाम को दरवाजे की घन्टी बज़ी. मैं और पिंकी खड़े रहे।सुमन ने बाजरी काट ली तो मैंने कहा- प्यास लगी है।सुमन ने कहा- आप दोनों यहां रुको. तुम क्या कर रहे हो?मैं भी अब तक काफी मदहोश हो चुका था, पूरी मस्ती के नशे में धुत्त हो कर बोला- हाय श्रेया.

मेरी चूत की आग बुझा दीजिए… अपना लण्ड मेरी बुर में घुसा कर चोदिए जीजू… प्लीज़… जीजू… चोदो मेरी चूत को…’‘लेकिन रिंकी. वो बोली- यकीन नहीं होता है।तो मैंने उनका हाथ लेकर सीधे अपने खड़े लंड पर रख दिया।सासू जी की सेक्सी बातों से मेरा लंड खड़ा हो गया था।उन्होंने जैसे ही मेरे लंड को छुआ.

सुमन?’मैं मुस्कुराया।वो भी जवाब में मुस्कुराई।क्या कमाल लगती थी वो… उसने चुस्त जीन्स और हरा स्लीवलैस टॉप पहना था।मैंने कहा- तुम तो तस्वीर से एकदम अलग लगती हो।‘हाँ.

मुझे याद नहीं रहा, मैं अपने कमरे में ब्लू-फिल्म देख रहा था और भूल गया था कि दरवाजे बंद हैं या केवल ऐसे ही उड़के हैं।मैं ब्लू-फिल्म देखने मैं मस्त था और मेरा लंड मेरे हाथ में था।मैं उसे ऊपर-नीचे कर रहा था और मज़े लेकर ब्लू-फिल्म देख रहा था।हमारी नौकरानी कब आई मुझे पता नहीं चला।वो पीछे खड़ी-खड़ी सब देख रही थी।जब मैंने पीछे देखा तो उसने कहा- विकास बाबा. और वो हँसने लगी।मेरे तो जैसे सारे रास्ते ही खुल गए थे।मैं बोला- तुम बहुत खूबसूरत हो और मुझे अच्छी लगती हो. मैम मुझे मूठ मारता हुआ देख रही थीं और मैं बेवकैम पर मैम को चूत में ऊँगली करता हुआ देख रहा था।मैम- मैं झड़ने वाली हूँ बेटा.

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तो मैं उसे ऐसे उठाए हुए ही गुसलखाने में लेगया और शावर चालू करके नीचे खड़ा हो गया।कामिनी बोली- तुम्हें पता है कि मेरा वज़न 70 किलो है और तुम मुझे ऐसे उठा कर घूम रहे हो।तो मैं बोला- जब दिमाग में मस्ती होती है तो वज़न का पता नहीं चलता।वो बोली- कोई बात नहीं. और स्लीव्लेस पहना करो!भाभी- वहाँ शेव कैसे करूँ… डर लगता है, कट जाएगा तो?मैं- शेविंग का सामान दो मुझे. फिर रात को जब हम सोने के लिए छत पर गए तो मैं बता दूँ कि छत पर हम सब लोग सोते थे।मैं, प्रीतेश और मामा-मामी.

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’मैंने मानसी को कहा- मैं जैसा बोलता हूँ तुम सिर्फ वैसा करना।मानसी ने कहा- ठीक है।मैंने उसकी नौकरानी को पास बुलाया और डांटा- तुम ऊपर क्यूँ आई. और बोला- अरे उसने अपना कौमार्य एक कुँवारी लड़की के साथ खोया…तो इस पर माया रोने लगी और मुझसे रूठ कर दूसरी ओर बैठ गई।मैंने फिर उसके गालों पर चुम्बन करते हुए बोला- यार तुम भी न. 30 घन्टे हो गए।हम दोनों उठे और फिर एक साथ नहाने के बाद खाना खाया।उम्मीद करता हुई आपको मेरा ये चुदाई का अनुभव पसंद आया होगा और अभी तक लड़कियाँ और भाभियाँ अपनी चूत का पानी छोड़ चुकी होंगी।आप सभी मुझे अपने विचारों से अवगत करा सकते हैं।.

बड़ा दर्द हो रहा है।उसकी चीख इतनी तेज थी कि मैं भी डर गया।मैंने झट से उसके मुँह पर हाथ रख दिया और उसे चुप कराते हुए बोला- श्रेया धीरे बोलो. उसको किसी के आने का जरा भी डर नहीं था, इतने आराम से सब कर रहा था कि बस दीपाली तो वासना की आग में जलने लगी।उसको हर पल यही महसूस हो रहा था कि अब ये लौड़ा चूत में डाल दे.

मुझे पूरा नंगे होकर नहाने की आदत है और मैं दरवाजे की सिटकनी बन्द करना भूल गया था।आंटी कुछ काम से आईं और दरवाजा खोल दिया.

ज्योति ने पूरा नंगा होने से इंकार कर दिया था।उसने सफेद रंग की ब्रा और चड्डी पहन रखी थी।गोपाल ने ज्योति को अपने ऊपर लिया और पीछे से उसके ब्रा के हुक को खोल दिया।ज्योति के मम्मे बहुत गोल-गोल, गुलगुले और मजेदार थे।गोपाल तो जैसे स्वर्ग में विचरण कर रहा था।वो काली भले थी. हम 12 वीं कक्षा में थे।मैं उसको देख कर यही सोचता कि काश यह मेरी गर्लफ्रेंड होती तो बस दिन भर चुदाई करता. ’ऐसी आवाज़ों से मेरा जोश और बढ़ गया था।मेरे साथ ऐसा पहली बार हो रहा था कि बस सोचा और आग उधर भी लग गई।इस वक़्त मैं और साक्षी दोनों ही गरम थे।मैंने अपने जीन्स के अन्दर साक्षी का हाथ डाल दिया। साक्षी एक मंजे हुए खिलाड़ी की तरह लण्ड मसल रही थी।मैंने भी चूस-चूस कर उसके चूचे लाल कर दिए थे।थोड़ी देर बाद मेरे लण्ड ने पिचकारी छोड़ दी.

कमर 30 और गांड 32 इंच की रही होगी।उन्हें देखते ही मेरा लंड आसमान की तरफ सर उठा कर नाचने लगता था। मेरा मन करता था कि उन्हें पकड़ कर चोद दूँ. मेरे निप्पल पकड़ कर ‘सॉरी’ बोलती हूँ बस…अनुजा ने अपने निप्पल इस तरह पकड़े कि दीपाली को हँसी आ गई और वो अनुजा क गले लग गई।विकास ने दोनों को बांहों में भर लिया।विकास- चलो दोनों ही मेरे सीने पर सर रख लो यार. मैं तो ऐसे ही आपके सीने पर सोऊँगी।अनुजा- अरे अभी तो रात शुरू हुई है अभी से सोने की बात कर रही हो यार.

लेकिन मेरे टॉप के अंदर, चूचियों के ऊपर नर्म कपड़ा सिला हुआ था जिसकी वजह से किसी भी देखने वाले को पता नहीं चल रहा था कि मेरी निप्पल तनी हुई हैं.

इंडियन सेक्सी बीएफ डाउनलोड: क्योंकि थोड़ा सा हिस्सा ही ब्रा में छुपा था।क्या हसीन नज़ारा था…तब भाभी बोलीं- इतने महीने से अकेले नहीं सोई हूँ और अब अकेले सोने की आदत नहीं है।मैं बोला- मैं भी कभी किसी के साथ नहीं सोया. मैं छुप-छुप कर तिरछी निगाहों से उनके बोबे देखता रहा।मेरा मन कर रहा था कि बच्ची को हटा कर खुद चूसने लग जाऊँ.

Bhanji Ki Kunvari Choot Chudai ka Khel-3उसका हाथ हटते ही मेरा लण्ड उसकी कुंवारी चूत के संपर्क में आ गया, जिसकी रगड़ उसको और मदहोश करती जा रही थी।मैं धीरे से अपना एक हाथ नीचे सरका कर उसकी चूत का जायजा लेने लगा जो कि पूरी तरह से गीली हो चुकी थी।मैंने जैसे ही अपना हाथ उसकी कुंवारी चूत पर रखा…श्रेया बड़ी जोर से सिसिया उठी- ई…ई. मेरे मन में हज़ारों तरह की तरंगें दौड़ने लगीं।फिर पापा ने मुझे बुलाया और कहने लगे- उसका घर कहाँ है?तो मैंने बोला- बस पास में ही है. और ज़ोर से…करीब 15 मिनट तक वो मुझे ऐसे ही कुतिया बना कर चोदता रहा और फिर एक ज़ोर का धक्का मारके मेरी गाण्ड में ही झड़ गया।मुझे लगा कि जैसे मेरी गाण्ड में किसी ने गरम लावा डाल दिया हो।वो थक कर मेरी गाण्ड के ऊपर ही लद गया। मैं भी 30 मिनट की जबरदस्त चुदाई से थक गया था।फिर उसने अपना लण्ड निकाला और मेरी बाजू में लेट गया.

मस्त है।’‘चाटो… और चूसो… उम्म्म्म…’वो फिर से लंड चूत में डाल कर चोदने लगा।मैं सिसकारियाँ लेती हुई फिर झड़ गई।फिर इसी तरह मेरी हर शाम अंकित के साथ रंगीन होने लगी।यह मेरी पहली कहानी है लेकिन सच है।आपको कैसे लगी, ज़रूर बताना। फिर मैं बताऊँगी कि कैसे मैंने अपने देवर को पटाया।.

उसकी सफ़ेद लैगीज उतारी तो देखा कि उसने नीचे कुछ नहीं पहना था।मैंने उसकी चूत पर अपना हाथ मला और हैरत में रह गया कि दो महीने हो गए थे उसकी शादी को. यानी दीपाली सीधी ही लेटी रही और उसने ऊपर आकर उसके मुँह में लौड़ा डाल दिया और खुद चूत चाटने लगा।भिखारी कमर को हिला-हिला कर दीपाली के मुँह में लौड़ा अन्दर बाहर कर रहा था. चलो खाना देती हूँ।वो उसके साथ अन्दर आ गया।दीपाली ने अन्दर लाकर वहीं बैठने को कहा और खुद खाना लेने अन्दर चली गई।अन्दर जाकर दीपाली सोचने लगी कि इसका पूरा लौड़ा कैसे देखूँ इसकी टोपी तो मोटी है.