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मुझे दो जवान लण्डों से खेलने का मौका मिल रहा था पर दूर-दूर तक बदनामी हो रही थी, रमेश को भी शक था पर वो कुछ बोल नहीं पा रहा था. ब्लू फिल्म हिंदी में ब्लू पिक्चर!लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी और उसकी गांड को कसके चोदा और अपना सारा पानी उसकी गांड में ही डाल दिया। फिर कुछ देर तक हम दोनों लेटे रहे और सो गए।जब हम दोनों उठे तो उस से चला नहीं जा रहा था, तो मैंने उसे एक दर्द-निवारक दवा दी।उसने दवा खाई और कहने लगी- सर.

इससे मेरी हालत बहुत खराब होने लगी, मैंने कहा- पापाजी, अब और मत चिढ़ाओ और इसे जो सजा देनी है वह जल्दी से दे दीजिए. काजल राघवानी की बीएफ!रेहान का लौड़ा जूही ने चूस-चूस कर पूरा गीला कर दिया था। रेहान ने चूत पर टोपी टिकाई और धीरे से लौड़ा अन्दर सरका दिया। 3″ लौड़ा तो आराम से घुस गया, पर जूही को दर्द भी बहुत हुआ।जूही- अएयाया एयाया उ मा.

!मैं यह सुन कर सुन्न रह गई, पर क्या करती उनकी डंडी से डर के मारे एक ही बार में ड्राइंग रूम में घुटनों के बल और अपने दोनों हाथ फर्श पर रख कर कुतिया स्टाइल में बैठ गई।ससुर जी- बहू, तू आज मेरी कुतिया है और मैं तेरा कुत्ता, आज मैं तुझे इसी हालत में चोदूँगा!मैंने कहा- प्लीज़ बाबूजी… आज मत करिए प्लीज़… बहुत दर्द है वहाँ पर.सेक्सी में बीएफ दिखाइए: ’ मैं जोर से चिल्लाई।एक ही झटके में उसने अपना पूरा लन्ड मेरी गाण्ड के अन्दर डाल दिया।मैं रोने लगी,’छोड़ दो मुझे.

पूरी रंडी बना दूँगा तुझे…!’ऐसे शब्द अनिल के मुँह से सुन कर मैं भी आस-पास का सब भूल चुकी थी और मस्ती में बोल रही थी- आअहह मेरे राजा.पर उसने एक बहुत बड़ी गलती की थी कि पिछली फ़ाइलों को ना देख पाने का विकल्प नहीं चुना जिसके कारण उसका राज़ खुल गया और मुझे रेलगाड़ी ढूँढने में सफ़लता हासिल हुई.

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!मैंने कहा- ठीक है।उन्होंने कहा- ठोकते वक़्त मेरी आँखों में देखते रहना।मैंने अपना लंड आंटी की गुफा में घुसा दिया और आंटी चिल्ला उठी- आ.यूँ तो मैंने कई बार हस्तमैथुन किया था लेकिन उसके हाथों का स्पर्श पाते ही मुझे लगा कि कहीं मेरा वीर्यपात न हो जाए.

00 बजे आ गई।वो मुझसे पूछने लगी कि क्या मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है।तो मैंने उसे न में जवाब दिया। उसने मुझे हमारी गली की लड़कियों के चक्करों के बारे में बताया।उसने बोला- न तो आप किसी से प्यार करते हैं और न ही मैं। यह कहानी आप अन्तर्वासना. सेक्सी में बीएफ दिखाइए !मैं उनकी तरफ़ा देखता रहा और उन्होंने फिर ‘काश’ के बाद कुछ ना कहा।उन्होंने कहा- मैं खुशनसीब हूँ कि तुमसे ‘करूँगीं’.

!मैं- पर तूने कभी इशारा भी किया होता तो आज का इन्तजार नहीं करना पड़ता…साली को कब का चोद देता!वो- तो अब बची-खुची कसर पूरी कर ले ना!मैं- आज तो अपनी सारी कसर निकाल दूँगा तेरी चूत में.

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गीली चूत की फचर-पचर, रीटा की मधुर ईस्सऽऽऽऽऽ ईस्सऽऽऽ सिसकारियाँ और बहकी बहकी बेतरतीब साँसें कमरे के वातावरण को रंगीन बनाने लगी. घुस जाएगा!उसने मेरा लंड पकड़ कर अपनी बुर में लगा दिया और मुझसे बोली- अब लगाओ धक्का।मैंने धक्का मार दिया, मेरा लवड़ा उसकी चूत में घुस गया और वो अपने मुँह से आवाज़ निकालने लगी।‘आहह हहाह्वोव अहहहाआआआहा. थोड़ी देर के बाद पूजा ने मुझे संभलने तक का मौका ना देते हुए अपनी चूत का सारा पानी मेरे मुँह पर झाड़ दिया.

फ़िर उसने धीरे से चूत को थोड़ा ऊपर करके मेरे लंड को अपने चूत की छेद पर सेट करके दबाने लगी। उसकी चूत गीली थी. सब्र का फल मीठा होता है।तो मैं उसकी चूची को छूते हुए बोला- मुझे सब्र का नहीं, तुम्हारे ये दो फल खाने का इन्तजार है।तो वो फिर मुस्कुराई और बोली- खाना. !’अब तो यह बिल्कुल साफ़ था कि चूत-चटाई की बात हो रही थी।उसने फिर मुझे गौर से देखा- भागोगे तो नहीं?‘क्यों क्या इतनी गंदी है कि मैं देख कर डर कर भाग जाऊँगा.

नींद नहीं आ रही थी, पर आप अभी तक क्यों नहीं सोये?उसने जवाब दिया- मैं तो सोया था, पर आपका ‘मिस कॉल’ देख कर उठ गया। आप शायद मुझसे नाराज़ हैं उस दिन के लिए!मैंने कहा- नहीं. उह्ह… !अब मैं पूरी मस्ती से उसकी गाण्ड को चाट रहा था। मेरे थूक से उसकी गोरी चिकनी गांड का छेद भीग गया था। मेरी जीभ लिप-लिप की आवाज़ करती हुई उसकी गांड के मुलायम होटों को सहला रही थी।मैं बीच बीच में उसकी गोलियों और गांड के बीच के भाग को भी चाट लेता था। ऐसे में वरुण के मुँह से एक नई सिसकारी निकल जाती, उफ़…हह. !’उसका तना हुआ लण्ड मेरी गांड पर चुभ रहा था। वो मुझे उकसा रहा था। मैं उसकी बाँहों से निकलना चाह रहा था, पर उसकी मजबूत बाँहों से नहीं छूट सका और घूम कर सीधा हो गया। उसने मेरे मम्मे दबाने शुरू कर दिए।‘क्या इरादा है.

मैंने धक्का मारना शुरू किया… लंड के धक्के से टाँगें और खुलने लगीं। दर्द और आनन्द अब उसके कंठ से चीख और सीत्कारों की आवाज़ में निकलने लगा।जैसे-जैसे मुझे लगने लगा कि घुसना मुश्किल है वैसे-वैसे मैं चूतड़ और दबाते हुए धक्का मारने में अपनी ताक़त बढ़ाने लगा।वो जल बिन मछली की तरह तड़प रही थी।लंड का सिर ही सबसे मोटा होता है… अब लगभग 5 मिनट के कोशिश के बाद वो घुस चुका था।रिंकी की आँखों में आँसू थे. !अब मैं और रिया दोनों पूरी तरह से गर्म थे मैंने शॉवर चालू किया और जब इस मस्ती के आलम में हमारे नंगे बदन के ऊपर जब पानी फुहार पड़ी तो वो और भी सीत्कार करने लगी।कुछ देर उसको अपनी आलिंगन में लेकर पानी की फुहार का आनन्द लेने के बाद मैंने साबुन उसके पूरे शरीर पर लगाया और लिपट गया।मेरे लण्ड की गर्मी उसको भी चढ़ चुकी थी।तभी मैंने बोला- जान अब न तड़पाओ.

इसलिए मैं आज जी भर के चुदना चाहती हूँ!मैं भी उसे जोर-जोर से चोद रहा था, पूरे कमरे में ‘पच्च-पच्च’ की आवाज़ आ रही थी।दस मिनट बाद वो झड़ने वाली थी, उसने कहा- मैं तो गई!और एकदम से वो ढीली पड़ गई।मैं जोर-जोर से धक्के लगा रहा था और पंद्रह मिनट बाद मैं भी झड़ने वाला था।मैंने कहा- क्या करूँ.

हेमंत से रिसेप्शन वाला बोला- साब, आप डबल बेड का एक रूम ले लो, आप, आपकी बीवी और बच्चे आराम से उसमें आ जायेंगे.

यह मेरी पहली कहानी है। यह मेरे जीवन की सच्ची घटना है। बात 4 साल पहले की है जब मैं 18 साल का था। उस समय मेरा लंड साढ़े पाँच इन्च लंबा और ढाई इंच मोटा रहा होगा. मैं तो पागल हो गया।मैंने एक पल भी नहीं गंवाया और उसके मम्मों को अपने होंठों में दबा कर दूध पीने लगा, तो वो और जोर से सिसकारियां भरने लगी। अब मैंने उसकी जीन्स भी उतार दी तो जो मैंने उसकी पैन्टी में उभरी हुई चूत का नजारा देखा तो मैं पागल हो गया।उसने जल्दी से अपना बदन ढक लिया तो मैंने उससे कहा- क्या हुआ?तो कहने लगी- मुझे शर्म आ रही है।तो मैंने कहा- शर्म करोगी तो कैसे प्यार करेंगे हम. परन्तु ठरक से अन्धा राजू अड़ियल सांड की तरह काबू में आई हुई नई कबूतरी रीटा को बालों से पकड़ रीटा का मुँह कारपेट पर लगा दिया तो रीटा की गाण्ड अब छत की तरफ उठ गई और राजू ने चीखती चिल्लाती रीटा के अन्दर अपने लण्ड को थौड़ा सा बाहर खींच कर दुबारा पूरा का पूरा ठोक दिया.

चलो।पिक्चर हाल वहाँ से बहुत दूर था।हमें शाम का शो देखना था, इसलिए हम तीनों पिक्चर देखने के लिए 2 बजे ही घर से निकल गए। मैंने एक ऑटो लिया। हम ऑटो में बैठे तो नीरू और प्रभा बहुत मुस्कुरा रही थीं।मैंने पूछा- क्या बात है. आज तक कभी मैंने किसी लड़की या औरत को नहीं चोदा, मगर तूने मुझे मजबूर कर दिया। पता है दोपहर के बाद मेरी आँख लग गई थी और साली, तेरा ही सपना मुझे आया और मेरा वीर्य निकल गया था, उसी पल मैंने सोच लिया कि तेरी सारी गर्मी निकाल दूँगा… आज इसी इरादे को लेकर मैं आया था इसी लिए मेरा लौड़ा तना हुआ है !रीना- वाह, अच्छा है ना. भाभी- अह्ह धीरे…आआ अह्ह!मेरा लंड अंदर जा रहा था, लेकिन मैंने उसे बाहर खींचा और एक झटके में पूरा अंदर डाला.

मार-मार कर तेरी हालत ख़राब कर दूँगी।उसने एक लात मेरे सीने पर रखी और मुझे धकेला। मैं पीठ के बल गिर पड़ी। वो झुका और दोनों हाथों से मेरा ब्लाउज बीच से पकड़ कर फाड़ दिया। फिर मेरी ब्रा में हाथ डाल कर मेरी एक चूची बाहर निकाली और भींचता हुआ बोला- कुतिया यही दिखा रही थी…!मैं दर्द से चिल्ला उठी। फिर उसने मेरी दूसरी चूची भी बाहर निकाली और मसलने लगा। मैंने उसके हाथ पकड़ लिए तो वो मेरा गला दबाता हुआ बोला- देख.

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जब भी कोई उचित समय रहेगा तो मैं बता दूँगी क्योंकि नेहा ही एक ऐसी सहेली थी, जिससे वो अपने दिल की सभी बातें साझा करती थी।कहानी जारी रहेगी।आपके ईमेल का इन्तजार रहेगा।[emailprotected].

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तू भी बड़ा खूबसूरत है।आमिर- खाला, मैं एक बात कहना चाहता हूँ।रूखसाना- हाँ बोल ना?आमिर- खाला, मुझे तेरी चूत चोदनी है।रूखसाना- हाय राम, यह तू क्या कह रहा है रे… मैं तेरी खाला हूँ।आमिर ने अपनी खाला के जांघ पर हाथ रख कर सहलाना चालू कर दिया और कहा- कल रात को मैंने तेरा नंगा बदन देखा तबसे मुझे चैन नहीं नहीं।रूखसाना- क्या? तूने मुझे कल रात को देख लिया था?आमिर- सिर्फ देखा ही नहीं था. पहले मैं जाऊँगा!पर वो नहीं मान रही थी और झगड़ा करने लगी।झगड़ा देखकर मेरी मौसी बोलीं- अरे सीमा, मनु को जाने दे.

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बस राजा अब ज़रा भी देर ना कर…बस समा जा मेरे अंदर…अब तक मैं भी बेतहाशा उत्तेजित हो चुका था, मैंने तुरंत शिखा रानी की टांगें चौड़ी कीं और उनके बीच में घुटनों पर बैठ के लंड को चूत से लगाने ही वाला था कि शिखा रानी ने रोका- एक पल रुक राजे… ज़रा मैं अपने भोले का स्वाद तो चख लूँ…कहानी जारी रहेगी।. मैं गांड मरवाने के मूड में नहीं थी पर रोहित ने मुझे कुछ समझने का मौका ही नहीं दिया और एक धक्का लगा कर सुपारा मेरी गांड में फिट कर दिया. !अब पूरा का पूरा कमरा मेरी वृंदा की आवाजों से गूंज रहा था और वह एक बार और तेज चिल्लाते हुए झड़ गई।फिर थोड़ी देर बाद मैंने उससे कहा- चलो अब घोड़ी बनो।तो वह घोड़ी बन गई और मैं उसके पीछे गया और अपना लंड उसके चूत पर पीछे से रखा और एक जोरदार धक्का दिया और मेरा लंड उसकी चूत में एक बार मैं ही पूरा का पूरा घुस गया और मैं उसको पीछे से ही चोदने लगा और वह आआह्ह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह.

खोलकर बैठ गया और ज़ीनत खाना बनाने में लग गई।खबरें सुनने के बाद आमिर खाने की मेज पर बैठा तो करेले की सब्जी़ देखकर उसको हैरत हुई। बहुत दिनों बाद ज़ीनत ने फिर गुडद़ार करेले बनाए थे। इस बार आमिर ने पूरी सब्जी खाई। खाने के बाद भी वो कुछ देर टी.

अभी और बाक़ी है… डाल दो।मैं- थोड़ा और दर्द होगा।मेघा- अब इससे ज्यादा दर्द क्या होगा… तुम पूरा डालो… मुझे पूरा लंड अन्दर लेना है. मैं तुम्हारे लिए चाय लाती हूँ।वो कुछ देर बाद चाय बना कर लाई, कुछ देर तक कुछ इधर-उधर की बातें हुईं।उसके बाद उसने कहा- लकी तुम ड्रिंक करते हो?तो मैंने धीरे से कहा- यस।वो बोली- मैं भी करती हूँ मगर अकेले पीने की इच्छा नहीं होती अगर तुम बुरा ना मानो तो आज रात हम कुछ ड्रिंक लें?मैंने कहा- इट्स ओके.

मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-1मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-3दीदी बोली- तुम्हारा दिमाग़ तो खराब नहीं है. इतना बड़ा।मैंने कहा- कोई बात नहीं… तुम आराम से ले लोगी।मेरा लिंग बहुत ज्यादा बड़ा तो नहीं है। 7 इंच से थोड़ा ही कम होगा. उनकी पैन्टी चूत के रस से गीली हो गई थी।मैं उनकी चूत पैन्टी के ऊपर से ही चाटने लगा। फिर एक झटके मे मैंने पैन्टी उतार दी।भाभी की मस्त क्लीन-शेव कुँवारी गुलाबी चूत देखकर मैं दंग रह गया।उनकी चूत को निहारने लगा तो भाभी ने पूछा- क्या देख रहा है?तो मैंने कहा- आप की चूत तो बिल्कुल कुँवारी है।‘इसीलिए तो तुम्हारे पास आई हूँ.

अगर बोलती हूँ तो मेरे पापा की छवि खराब होती है और ना बोलूँ तो पक्की सहेली से बुराई होती है। सो उसने तय कर लिया कि चाहे जो भी हो वो डॉक्टर नेहा से ज़रूर बात करेगी।तभी चाय आ गई, चाय पीते हुए रश्मि ने धीरे से कहा- यार मैं जो बोलने जा रही हूँ… उसे अपने पास तक रखना और मुझसे मज़ाक मत करना, पर मैं चाहती हूँ कि तुम एक सही निर्णय बताओ।नेहा- तुम बताओ तो सही।रश्मि- ओके. मेरे जानू और अन्दर डालो…’पांच मिनट तक ऐसे ही चला फिर मुझे कस कर पकड़ कर बांहों में भर लिया और सिसकारियों के साथ झड़ गई।मैं भी दो-तीन झटकों के साथ अन्दर ही झड़ गया।कुछ देर हम ऐसे ही लेटे रहे. !’सुरेश सब कुछ अनसुना करते हुए हेमा को बुरी तरह से धक्के देकर चोद रहा था। हेमा झड़ चुकी थी, पर सुरेश ने उसे ऐसे पकड़ रखा था कि हेमा कहीं जा नहीं सकती थी और उसे जोरों से धक्के देते हुए चोदे जा रहा था।‘बस.

सेक्सी में बीएफ दिखाइए मेरे साथ वही करना। मेरा दिल तो अब भी सेक्स करने को कर रहा है।रमेश बोला- बस कुछ दिन की बात है, मैं तुम्हारी चूत की आग को ठंडी कर दूँगा।रानी ने लम्बी आह भरी- अब तो एक-एक पल काटना मुश्किल हो रहा है।रमेश ने कहा- रानी, तुमने कभी लंड चूत में तो नहीं लिया?तो रानी ने कहा- नहीं. उसके 3 बच्चे थे।करीब 15 मिनट बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया। फिर मैं 69 की अवस्था में लेट गया।अब वो मेरा लन्ड चूसने लगी थी और मैं उसकी चूत चाट रहा था बहुत मजा आ रहा था।फिर मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा, तो उसने गान्ड मरवाने से मना कर दिया।फिर मैंने कहा- मैं आराम से धीरे-धीरे तुम्हारी गान्ड मारूँगा।तो वो मान गई, फिर क्या था… मैंने अपना लन्ड उसकी गान्ड पर रखा थोड़ा थूक लगाया और पेल दिया.

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भाभी मुझे चूमती हुई नीचे लंड तक पहुँच गई और बड़े प्यार से मेरे लंड को सहलाने लगी जिससे मेरा लंड अपने विशाल रूप में आने लगा. !!पूजा- आपने फिर कुछ कहा…मैं- कुछ नहीं चलिए…फ़िर हम दोनों पूजा के कमरे में गये, कमरे में बहुत अच्छी खुशबू फ़ैली हुई थी. मेरा तो यह हाल था कि मेरी चूत का पानी भी निकलने लगा था, जिसे पापाजी बड़े मजे से पी रहे थे और डकार भी नहीं ले रहे थे.

उसने मेरा टॉप उतारा और मेरे वक्ष-शिखरों को सहलाने लगा, मुझे अपनी गांड पर उसका खड़ा हुआ लंड महसूस हो रहा था, मैंने उससे पूछा- कितना बड़ा है तुम्हारा?वो बोला- कभी नाप नहीं किया!मैंने उसकी ज़िप खोल कर उसका लंड बाहर निकाला, लंड साधारण लम्बाई का था पर मोटा था. !मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]साली आधी घरवाली, देवर आधा पति क्यों नहीं-2. बीएफ सेक्सी आर्केस्ट्रातभी पूजा का शरीर अचानक से सिकुड़ने लगा, उसकी आँखें बंद होने लगीं और पूजा मुझे अपनी टांगों के बीच में कसने लगी.

इस लंड ने मुझे म्मअररर डाला…!’इस चीख में भी वो मधुर सी आवाज़ सुनाई दी जो कि कौमार्य के फटने की आवाज़ थी।अब मैंने लंड को पूरा घुसा लिया था और मेरी जंघाएं उसके चूतड़ से सट गई थीं, हमारी टाँगें गुंथ गईं।अब मैं भी उसकी पीठ पर लेट गया और उसके हाथ पकड़ लिए।‘धन्यवाद डार्लिंग.

बाद में भाभी ने भेद खोल दिया था कि उन्होंने तीनों पर्चियाँ मेरे नाम की डाली थी!बुआ की चुदाई की इंडियन सेक्स स्टोरीज कैसी लगी?[emailprotected]. मुझे माँ बना अपने बेटे की।फिर मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में निकाला।हमारी चुदाई का सिलसिला जारी रहा। मैंने उसकी गांड भी मारी.

मैंने अपनी आँखें बंद कर ली… हहा… डॉन्ट थिंक अदरवाइज़, दिस वाज़ ओन्ली फॉर हेअर तो पुट द ड्रेस ओन मी, और कुछ नहीं…जब महक मुझे ड्रेस पहना रही थी तो मेरी छाती और कमर पर उसके गरम हाथ मुझे अपने ठंडे बदन पर महसूस हो रहे थे. और थोड़ी देर में ही घर आ जायेंगे।फिर मैंने जल्दी से कपड़े पहने और उदास हो कर वापस आने लगा तो भाभी ने फिर मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होंठों पर एक चुम्मा लिया. बड़ी अदा से रीटा ने बहुत लाहपरवाही से अपनी सुडौल टांग को सुकौड़ कर मासूमीयत से पैर के नाखूनों पर नेलपालिश लगाने लगी.

मेरा लंड एकदम सख्त हो चुका था, मैंने तुरंत उसकी चूत पर लंड लगाया और लंड को चूत में जाने दिया और लंड धीरे धीरे अंदर समां गया.

मैंने पासवर्ड खोलने की कोशिश की, सबसे पहले मैंने पूजा का नाम डाला फिर पूजा रानी और तरह-तरह के शब्दों का प्रयोग किया लेकिन मेरा डाला गया कोई भी पासवर्ड सही नहीं निकला. जब तक मैं कुछ खा लेता हूँ। आप मेरा नम्बर रख लो, जब आपका काम हो जाए, तो कॉल कर देना, मैं आ जाऊँगा !नम्बर देते हुए मैं घर की ओर निकल गया।तभी मेरे सर का फोन आ गया, उनसे बातें करते हुए दस मिनट कब हो गए, मुझे पता ही नहीं चला।तभी गीता जी का फोन आ गया- प्रेम जी, आप आ जाइए. मैंने खींच कर उसे हटा दिया।मैं थोड़ा पीछे खिसका और दीवार का सहारा लेकर बैठ गया और उसे अपनी तरफ़ खींच लिया।मैं उसे बांहों में इस कदर पकड़े बैठा था कि उसकी कमर के ऊपर का हिस्सा मेरी गोद में रहे और बाकी का बिस्तर पर।मेरा एक हाथ उसकी कमर पर लिपटा था और एक उसके सर को सहारा देकर अपनी ओर बनाए रखा था।उसने अपने बाँहें मेरी गर्दन से लिपटा रखी थीं और हम चुम्बन में मग्न थे।जब भी मैं उसके होंठों को अकेला छोड़ता.

चुदाई वीडियो चुदाई चुदाई चुदाईआशा ने कविता के घर जाते ही पैंट खोल दी और लंड चूसने लगी, उसके दोनों हाथ मेरी गांड पकड़े हुए थे और पूरा लंड उसके गले के अंदर तक. आशा- अच्छा वो जो स्मेल आ रही थी और माल भी गिरा हुआ था उसका? देख कुछ जुगाड़ करवा उससे नहीं तो सब टीचरों को बता दूंगी.

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‘ज़रा देखें तो!’ यह कह राजू ने रीटा की गले से बाहर उबल पड़ रहे मम्मे को पकड कर जोश में आकर जोर से दबा कर रीटा की लावारिस जवानी की कठोरता का मजा लेने लगा. !फिर क्या था मैं और माया मेरे रूम में आ कर मेरे बेड पर बैठ गए।मैंने उसका हाथ पकड़ कर बोला- मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।तो उसने भी वही कहा, मैंने कहा- मैं तुमको चुम्बन कर लूँ. ’ मैंने हाथ मिलाया।निभा मादरचोदी उसे देखने ही फूल की तरह खिल गई थी।मैं और सुनील साथ में बैठ कर बातें करने लगे।सुनील की शादी हो चुकी थी।मैं काम की बात करना ठीक समझा।‘तुम्हारी बीवी की सील बंद थी??’ मैंने पूछा।‘नहीं, खुली थी।’ उसने कहा।‘अच्छा.

वो हैरान रह गई… उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था।मैम- क्याआआ…!!!यह मदमस्त कहानी जारी रहेगी।आपके प्यारे कमेंट्स के लिए मुझे ईमेल करें।. ठीक है, तुम इन सभी को ले जाओ और इसे छोड़ दो।’ रणजीत ने अपने असिस्टेंट को कहा।सभी लोग चले गए अब सिर्फ़ रणजीत और वो लड़की ही रह गए।रणजीत- तुम्हारा नाम क्या है?लड़की- सीमा।रणजीत- क्या करती हो?सीमा- मैं स्टूडेंट हूँ और पास ही एक हॉस्टल में रहती हूँ।रणजीत- कहाँ की रहने वाली हो?सीमा- जी. ? अगर जानबूझकर लिया था तो अधूरा क्यूँ छोड़ दिया था और अगर गलती से हो गया था तो गलती की सजा भी मिलने चाहिए ना !!” मैंने उनके चेहरे से बिल्कुल सटकर कहा।वो…वो.

भाईजान ने वीडियो कैमरा उठाया और भाभी ने ऐलान किया- आदिल, नजमा को बेड पर ले चलो!उसने मुझे गोद में उठाया और चल पड़ा. हँसना मत, मैंने कई लौड़े देखे है अपने स्कूल के बाथरूम में बॉयज-टॉयलेट के ठीक पीछे गर्ल्स-टॉयलेट है, मैंने एक बाथरूम में छेद किया हुआ है, बहुत छोटा है. पढ़े लिखे होने के कारण उनका उठना-बैठना और पहनावा भी शहर वासियों जैसा है, इसलिए मेरे साथ घर में बहुत जल्दी एडजस्ट हो गए हैं.

अब तो रात है… और वो भी अपने पति के साथ ही जा रही है…मेरा चेहरा कुछ उतर सा गया…सलोनी- आप कपड़े यहीं पहनकर जाओगे या कुछ और निकालूँ?मैं- बस बस रहने दो… तुमसे वही पहनकर चलने को कहा था, वो तो सुना नहीं… और मेरे साथ चल रही हो. कि तेरी ऐसी हालत कैसे हुई… बस यही उसके साथ गए थे…जब ये आधे घंटे तक नहीं आये तब मैं बाहर गई… तब ये तुम्हारी रसोई से लगे खड़े थे, मैं चुपचाप इनके पीछे गई… तब मैंने देखा सलोनी पूरी नंगी कुछ बना रही थी…और वो लड़का अमित भी पूरा नंगा था… उसके पीछे खड़ा सिगरेट पी रहा था… दोनों जरूर चुदाई करने के बाद अब कुछ खाने रसोई में आये थे।मैं- तुमको कैसे पता… हो सकता हो वैसे ही खड़े हों.

मेरी जान बोलो क्या बात है।रानी- मैं आपसे मिलना चाहती हूँ और हाँ अब मुझसे यह जवानी सहन नहीं होती। बताओ मैं क्या करूँ.

’ मैंने हँसकर चिल्लाया।सुनील ने उसकी मस्त चुदाई की और चूत में ही झड़ गया।मैंने सोचा कि मादरचोदवाली को थोड़ा सांस लेने दो. ससुर बहू की बीपी!मैं कुछ देर सोचती रही, पर उसके दोबारा कहने पर मैंने अपनी जुबान बाहर निकाल दी। उसने तुरन्त मेरी जुबान को चूसना शुरु कर दिया।कुछ देर के बाद मैं भी उसका साथ देने लगी। कभी वो मेरी जुबान चूसता और मेरी लार पी जाता, तो कभी मैं. हिंदी में सेक्सी ब्लू फिल्मेंउम्म’ मैं सिर्फ़ चुदाई के दर्द को बयान कर रही थी।ऐसा बड़ा लंड अपनी चूत में कोहराम मचा रहा था, मेरे आनन्द की कोई सीमा नहीं थी, मैं मस्त हो कर अब उसका साथ दे रही थी। करीब 5-6 मिनट ऐसा चलता रहा।फिर ‘आआअहह. आखिर तैश में आकर रीटा ने अपनी स्कूल स्कर्ट बिल्कुल ऊपर उठा कच्छी को घुटनों तक खींच कर अपनी नन्ही सी चूत में उंगली पिरो दी.

मैं काफ़ी देर तक उसे देख़ता रहा, मेरा ध्यान तब टूटा जब उसने मुझे चाय लेने को कहा, तब जाकर मुझे होश आया कि वहाँ सभी बैठे हुए थे.

उस समय मुझे ऐसा लगा मानो भैया स्वयं कामदेवता बन कर मेरी चूत को चाट रहा हो और वे मेरी नस-नस में कामसुधा-रस भर रहा था।मेरी चूत के होंठ चुदास की प्रबलता से कांपने लगे थे, मैं भैया से लगभग भीख माँगते हुए बोली- प्लीज़ भैया. ‘हायऽऽऽ पता नहीं कब चुदेगी यह निगौडी मां की लौड़ी मेरी चूत!’ बुदबुदा उठी रीटा- काश, आज कोई मादरचोद मेरी कमरतोड़ चुदाई कर दे और मेरी मखमल सी रेशमी गाण्ड फाड़ कर मेरी चकाचक जवानी के कस-बल निकाल दे. उस रात जब सब लोग सो गए, मैं उसी तरह सुनीता भाभी के पास जाकर सो गया और मैंने तो फ़ैसला कर लिया था कि आज कुछ तो करके ही रहूँगा.

मेरा लंड उत्तेजना में फूलता जा रहा था और ऐसा लगता था कि वह फटने जा रहा था इसलिए मैंने अपने लंड को उसके मुँह से बाहर निकाल लिया, फिर सीधा होकर उसकी टांगों के बीच में बैठ गया और पहले उसकी चूत में खूब सारी थूक लगा कर उसमें एक उंगली डाली!उसकी चूत उत्तेजना के कारण बहुत कसी हुई थी और उंगली अन्दर जाते ही वह दर्द से कराहने लगी. फिर मैंने अपनी उँगलियों से उनकी ब्रा को हटाने की कोशिश की, पर नाकाम रहा क्योंकि मेरे ऐसा करने से वे थोड़ा सा हिलने लगीं और मैंने फ़ौरन अपना हाथ हटा लिया. अभी मैंने खून साफ़ कर लिया है।मैं- तुम्हें काफी दर्द हुआ होगा ना?सीमा- हुआ तो था, पर जैसा तुमने कहा था… थोड़ी ही देर में मुझे अच्छा लगने लगा था.

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!मैंने भी तेजी से चोदना चालू कर दिया और दस मिनट बाद उनका शरीर अकड़ने लगा और वह झड़ गईं।मैंने भाभी से पूछा- मैं झड़ने वाला हूँ… कहाँ निकालूँ?तो उन्होंने कहा- मेरी चूत में ही झड़ जा. वो मधु मक्खी तुम्हें खा जायेगी?’ कहते हुए माया अपनी नाइटी उठा कर नीचे भाग गई।और फिर मैं भी लुंगी तान कर सो गया।मेरे प्रिय पाठको और पाठिकाओ आपको यह’माया मेम साब’ कैसी लगी मुझे बताएँगे ना?आपका प्रेम गुरु[emailprotected][emailprotected]. मैं- और कंट को?मैम- चूत…मैं- और लंड को?मैम- लंड को लंड ही कहते हैं।मैं- मैम वैसे एक बात बताऊँ?मैम- क्या?मैं- अगर आपको याद होगा.

यह इतनी लम्बी साड़ी…अंकल- अरे हाँ बेटा, जब चाहे बुला लेना…अंकल चले गये…सलोनी- हाँ जानू, चलो कहीं बाहर चलते हैं खाने पर.

’ की आवाज़ें आने लगीं।तो मैंने भी झटकों में ज़ोर लगाना शुरू कर दिया।थोड़ी देर में यह हालत थी कि जितनी ज़ोर से मैं झटका देता था, उतनी ही तेजी से वो नीचे से ताक़त लगाती थी।यह खेल तक़रीबन पाँच मिनट ही चला कि वो दोबारा झड़ गई।अब वो कहने लगी- अब बस करो.

मैं उसे लेने वहाँ पहुँचा।‘खाना बहुत स्वादिष्ट था और तुम भी दिखने में बहुत टेस्टी लग रही हो।’मैं उसकी तारीफ़ करने लगा।मैंने अपने दोनों हाथ उसकी कमर पर रख दिए. उन्हें आगे कुछ बोलने का कोई मौका दिए बिना, मैं उनके पैरों को पकड़ कर नीचे बैठ गई और उनका महाराज मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी. देवर भाभी की नंगी बीएफतेरी चूत को उंगली से चोद रहा था और यदि हम टाइम पर नहीं पहुँचते तो साला वह तुझे लौड़े से भी चोदता !’यह कहकर मुझ पर सचमुच एक कुत्ते की ही तरह पिल पड़ा और अगले आधे घन्टे तक वह मेरे जवान होते अंगों से नोच-खसोट करने लगा। मैं एक निरीह बकरी की तरह उस कसाई का आगे लाचार थी।‘बस बहुत हो गया.

थोड़ी देर में लोग जाने लगे और अब वहाँ पर कुल तीन औरतें थी, भाभी, मैं और मेरी सहेली जिसका मेरे भाईजान से भी याराना है और दो ही मर्द थे भाईजान और आदिल. अब तक मैं यह तो समझ गया था कि मेरी दीदी यहाँ 5 दिन बिना चुदे नहीं रह पाई तो अपनी ससुराल में भी कई लंड पटा रखे होंगे।तो मैं चल दिया अपनी रंडी बहन के राज खोलने. बहुत याद आ रही है!मैंने कहा- अगर आ गया तो क्या करोगी?तो वो बोली- बहुत-बहुत सारा प्यार करूँगी अपने राजा कोऽअह… आ… क्या हो रहा है मुझे गिरि!‘क्या हुआ जान.

और आदिल से कहा- यह पैकेट पार्टी के बाद तुम अपनी फ़ूफ़ी को अपनी तरफ से दे देना!भाभी ने उसे पूरा समझा दिया था. अब मैं उन सभी लोगों के सामने कमर से नीचे बिल्कुल नंगी खड़ी थी, दोनों लड़के मेरी चिकने, गोरे, गोल व नंगे चूतड़ों को घूर रहे थे बिना पलक झपकाए.

मैंने भाभी के पैरों को अपने कन्धों पर लिया और उनकी चूत पर लंड को रगड़ने लगा।वो गरम हो कर कहने लगी- अब और मत तड़पाओ.

सदके जावां? मेरे भोले बलमा!’‘थैंक यू माया’ कहते हुए मैंने अपनी बाहें उसकी ओर बढ़ा दी।‘जीजू तुम सच कहते थे. हाँ वो भी था।उनको फ्लैट की चाबी चाहिए थी… पता नहीं अपनी कहाँ खोकर आ गई थी… मेरे पास एक मास्टर चाबी भी है ना… बस उसी से उन्होंने अपना फ्लैट खोला था।मैंने तो उससे कुछ नहीं पूछा. उनको भी विश्वास नहीं था कि इतने आराम से भी चुदाई हो सकती है।मैं- हाँ भाभी, आज हम सारे रिकॉर्ड तोड़ देंगे… बस आप सलोनी की चुदाई बताती जाओ.

हीनदी xxx वो थोड़ा सा चिल्लाया पर मैंने उसका मुँह बंद का रखा था फिर मैंने दूसरा धक्का दिया और मेरा आधे से ज्यादा लंड उसकी गाण्ड में घुस गया, उसकी आँखें दर्द के मारे बंद हो चुकी थी, मैंने धीरे से पूरा लंड अंदर घुसा दिया और धक्के देने लगी, धीरे धीरे उसकी गाण्ड का छेद खुल गया और आराम से अंदर बाहर होने लगा. किसको क्या पता हमारे बारे में… तेरी शादी की वक्त आने तक ही तू मेरा हबी… सब कुछ सिखा दूँगी तुझे तब तक.

हैदराबाद वाली!फिर मैंने उसे अपना नाम बताया। फिर हमने अपने काम के बारे में एक-दूसरे को बताया।वो एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करती थी और मैं भी, इससे हमारी बातचीत और बढ़ गई।हमने हमारा लंच समाप्त किया और जाते हुए उसने बोला- आप ड्रिंक करते हैं?तो मैंने कहा- कभी-कभी. सभी लड़कियों के नाम डिब्बे में डाल दिये! अब भाभी ने आदिल को एक पर्ची उस डिब्बे में से निकालने को कहा. आंटी ने मेरा लौड़ा पकड़ लिया और हिलाने लगी।कुछ ही देर में वो अपनी औकात पर आ गया।मैंने कहा- अब नापो…आंटी ने जब उसे नापा तो वो 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा निकला।तो आंटी डर गई और बोली- मैजिक.

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जब हम गली के सामने पहुँचे तो हमने देख़ा कि बुआ का लड़का संजू हमारे स्वागत के लिये गली के मोड़ पर ख़ड़ा है. पहले तो उसने शर्मा कर नजरें नीचे कर लीं और फिर बनावटी गुस्सा दिखाते हुए आँखें तरेर कर बोली- शर्म नहीं आती. पूरा लंड अन्दर डाल दो।मुझे पसीना आने लगा भाभी अपना लहँगा लेकर मेरा माथा पोंछने लगी और चुम्बन देने लगी।पूरे दस मिनट तक मैंने खूब चुदाई की, बाद में मैं बोला- भाभी मैं आ रहा हूँ।भाभी बोली- हाँ.

प्रेषिका : कौसरसम्पादक : जूजाजीउनके झटके बढ़ते गए और एकदम से उन्होंने पानी की धार मेरी चूत में छोड़ दी और वो मुझसे चिपक गए।मैं भी अपने आप को रोक ना सकी और मैंने भी पानी छोड़ दिया, मैं भी उनसे चिपक गई, उनका लण्ड अब भी मेरे अन्दर ही था।हम करीब दस मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे, फिर ससुर जी उठे और अपने कमरे में जाते हुए बोले- बहू. जो कुछ मैंने देखा और सुना था उसको जानकर कोई धर्मात्मा भी विश्वास नहीं करता कि यहाँ बंद कमरे में सलोनी और अमित अकेले हों… वो भी ऐसी स्थिति के बाद जिसमे सलोनी को पूरी नंगी देख लिया हो… ना केवल नंगी देखा बल्कि उसको लगभग नंगी ही अपनी गाड़ी में बिठाकर लाया हो… फिर भी कुछ ना हुआ हो.

और जब उसके ये कपड़े उसके बदन से उतरते है तो देखने वाले की आँखों के सामने तो कयामत ही आ जाती है और उसके लंड के सामने उसकी सारी इन्द्रियाँ काम करना बन्द कर देती हैं, और वो सारी दुनिया भुला कर उसी को चोदने के लिये तड़प जाता है फ़िर चाहे वो अच्छा हो या बुरा!मेरी हालत भी शायद अब कुछ ऐसी ही थी कि अगर अब हमारे बीच कोई आ जाये तो वो हम दोनों का सबसे बड़ा दुश्मन होगा इस दुनिया का.

मेरी चूत को…!”मैंने तुरंत रीना के पैर ऊपर किए और चूत में लंड डाल दिया। कुछ देर बाद वो बस, ऊईईईमा ओह आह. थोड़े पागल किस्म के लोग हैं वो लोग चुदाई की हर हद पार कर चुके हैं मगर पैसे भी खूब देंगे…पापा की बात सुनकर मैं एकदम सन्न रह गई क्योंकि चुदाई के चक्कर में अब ना जाने मेरे साथ क्या-क्या होने वाला था। पापा ने तो मुझे सचमुच की रंडी बना दिया था।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार मेल करें।. ‘देखूँ तो!’ यह कह कर राजू ने रीटा के शर्ट के कपड़े को फील करके उसके गिरेबान में हाथ डाल कर चुच्चा टटोल सा दिया और मुस्कुरा कर बोला- सचमुच बहुत साफ्ट साफ्ट है.

करो ना… अह्हा अह्ह्हह्ह्ह उउउउउउ…मैं- भाभी एक बात बोलूं?नलिनी भाभी- अब कुछ मत बोल… अह्ह्हाआआ केवल अपना अंदर डाल दे… अह्ह्हाआआआ बहुत मजा आ रहा है… अह्ह्हाआआ जल्दी कर ना…मैं- नहीं भाभी, इसको जितना करेंगे उतना मजा आएगा… आप देखना. फिर मैं तुमको अच्छी तरह से समझा सकूँगा।थोड़ी ना-नुकुर के बाद वो मान गई।मैं खुद ही उसके कपड़े उतारने लगा. !’ बोल रही थी, पर अपनी कमर हिला रही थी। उसको मज़ा आ रहा था।मैं 69 की स्थिति में उसकी चूत चाट रहा था। अचानक मुझे ऐसे लगा जैसे मेरा लण्ड उसके मुँह के पास था। मैंने अपने लण्ड को उसके मुँह में महसूस किया वो मेरा लवड़ा चूस रही थी।यह मेरा पहला अनुभव था बहुत मज़ा आ रहा था। फिर दस मिनट के बाद मैं अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा और साथ-साथ उसकी टी-शर्ट और ब्रा एक साथ निकाल दिए।अय हय.

ये ले…’ चचाजी बोले और फ़िर हचक हचक कर काशीरा को चोदने लगे।काशीरा अब नीचे से ऐसे चूतड़ उचका रही थी कि जैसे उनके लंड को पेट में लेने की कोशिश कर रही हो।‘इमरान देख तेरी बीवी को तेरे सामने चोद रहा हूँ। क्या छिनाल रंडी है साली, देखो कैसे चूतड़ उचका कर मेरा लंड पिलवा रही है अपनी चूत में ! मुझे लगा था कि टें बोल जायेगी, तेरी चाची भी बेहोश हो गई थी सुहागरात में.

सेक्सी में बीएफ दिखाइए: भाभी ने तेल मेरी चूत पर डाला और आदिल उसे अपनी उंगली से मेरी चूत में लगा रहा था, उंगली अन्दर डाल रहा था. अब आई औययईई कर रही है…’दीदी- अम्म ! अर्रे, ममम !!!ऐसा लगा कि दीदी कुछ बोलना चाह रही थी लेकिन उसने दीदी को बोलने नहीं दिया और दीदी के गद्देदार लाल लिपस्टिक वाले होंठ चूस रहा होगा.

मेरा विश्वास करो, मैं बड़े ही प्यार से धीरे-धीरे करूँगा और तुम्हें कोई तकलीफ़ नहीं होने दूँगा।‘लेकिन आपका ये इतना मोटा मेरी इतनी छोटी सी इसमें घुसेगा कैसे. इसके अलावा, प्रगति के स्तन उभर जाते, चूचियाँ कड़क हो जाती, आँखों की पुतली बढ़ जाती और उसकी साँसें तेज होने लगती …. मैं कराह उठी और मेरे मुँह से निकल गया- ओ माँ मर गई… आराम से… मार डालोगे क्या?तब अमर ने कहा- सील टूट गई क्या?और हँसने लगे.

उसने मुझे अपने साथ खींच लिया और स्लो डाँस करना शुरू कर दिया। अब उसके हाथ मेरी कमर पर थे, क्यूंकी इससे पहले उसके हाथ में बर्फ वाला विस्की का ग्लास था तो उसके हाथ से मेरी स्किन गीली और ठंडी हो गई.

ओह…’करके कसमसा कर चचाजी झड़ गये। उनके घी जैसे वीर्य से मेरा मुँह भर गया। मैं चख चख कर खाने लगा और साथ ही उनका सुपारा जीभ से रगड़ता रहा।‘बस बेटे… बस. बार बार रीटा राजू के लौडे को अपनी गाण्ड को भींच कर चूस सा देती थी तो राजू को अपनी नानी याद आ जाती थी. मैं सोच रहा हूँ वहाँ सुरेश के घर पर खाना खा रही होगी तू यहाँ उल्टा सुरेश को खाना और दुद्दू पिला रही है। अब बहू मैं भी आ गया हूँ ना तुझे और तेरी लेने। बहू क्या मस्त लग रही है मेरी जान।’‘हाँ.