बीएफ सुहागरात की चुदाई

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मेरा लौड़ा लोहे जैसा कड़क है ये देखो…!राहुल ने पैन्ट निकाल कर आरोही को लौड़ा दिखाया, वो वाकयी में तना हुआ था।आरोही- वाउ भाई. एक्स एक्स एक्स सेक्सी सेक्सी पिक्चर!भारती बहुत ही चालू थी। मैं एक घंटे में दो बार झड़ चुका था, इसलिए इस बार मेरा पानी जल्दी कहाँ निकलने वाला था.

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चाची के मुँह से गालियाँ निकल रही थी- साले कुत्ते, चोद अपनी चाची को! फाड़ दे मेरे भोंसड़े को आज! सब क़र दे आज तक जो नहीं हुआ!मैं पूरे जोश में था, मैंनेचाची की कच्छीको फाड़ दिया और फेंक दिया. बीएफ सुहागरात की चुदाई पर मैं भी अब सब कुछ समझ गया था कि किसी को कैसे मज़ा दिया जा सकता है।तो मैं उसके निप्पलों को कभी चूसता तो कभी उसके होंठों को चूसता.

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! कि अन्दर तुम्हारे पापा तुम्हारी मम्मी की जोरदार चुदाई कर रहे हैं।वो फिर शरमा गई और मन ही मन हँसने लगी।हम लोग ये सब बातें धीरे-धीरे इसलिए कर रहे थे कि कहीं हमारी आवाज अन्दर ना चली जाए।तो मैंने निधि से कहा- चलो यहाँ से. वाओ यार… और तेरी ये लो वेस्ट जीन्स… कितनी नीची है यार…गजब्ब्ब यार ! तूने तो कच्छी भी नहीं पहनी… क्या बात है यार ???? सच में सेक्स की देवी लग रही है…सलोनी- ओह क्या कर रहे हो… नहीं ना बटन मत खोलो ओह… अह्ह्ह् ह्ह्ह्हाआ आआआ…यह रब भी कितनी जल्दी अपना बदला पूरा कर लेता है. कि मेरे चेहरे पर उसका भय छा गया था।मैं बहुत देर तक रोती रही।मैं सपने में भी सोच नहीं सकती थी कि मेरा अपना शौहर मेरे बारे में ऐसा सोच रहा है.

आज रात को बस मेरा काम कर देना मैं आरोही को दिखा दूँगा कि मैं क्या हूँ… प्लीज़ यार कोई खास नुस्ख़ा लाना, जो मुझे तुमसे भी अधिक पावरफुल बना दे…!रेहान- साले मैं वगैर नुस्खे के ही ऐसा हूँ… अगर मैं नुस्ख़ा ले लूँ तो तेरी दोनों बहन थक जाएंगी, पर मैं नहीं थकूंगा, अब जितना कहा उतना करना ओके…!राहुल- ओके बाबा. ”क्या आपको अब भी छोटी छोटी लड़कियाँ अच्छी लगती हैं?”पर तुम ऐसा क्यों पूछ रही हो?”ऐसे ही।”फिर भी?”क्या आप उसे बहुत प्रेम करते थे?”हाँ … पलक … पर तुम भी तो मेरी मिक्की जैसी ही हो !”पर मैं मिक्की की तरह बच्ची तो नहीं हूँ !”मैं जानता हूँ मेरी दादी अम्मा, अब तुम बच्ची नहीं बड़ी हो गई हो !” कहते हुए मैंने उसके गालों पर हलकी सी चिकोटी काट ली। भला इतना सुन्दर मौका मैं हाथ से कैसे जाने देता।ऊईई आईईईईई…. !मैंने उसे कस कर अपने आलिंगन में भींचा और उसके गर्दन पर चुम्बन करके दांत से काट लिया।वो चिल्लाई, आउच.

नहीं दिखाना चाहा।संजू ने नाड़ा खोल कर सलवार भी निकाल दी। सिम्मी ने पैन्टी भी ब्लैक पहनी थी, जो ब्रा की तरह पतली और जालीदार थी, उसमें से उसकी बड़ा-पाव जैसी फूली हुई चूत साफ दिख रही थी।संजू- वाउ…. तुमसे मैं कभी नाराज़ हो सकता हूँ क्या?अनुजा- सच्ची अगर मुझसे कोई ग़लती हो जाए तो भी नहीं?विकास- हाँ कभी नहीं. उसकी एक-एक फांक की आराम से मालिश की, अब उसका पानी निकाल रहा था, जो तेल में मिलकर उसको थोड़ा भरी कर रहा था.

!”और वो छटपटा रही थी। मैंने दोनों हाथों से उनके स्तनों को दबा रहा था और मुँह से एक-एक करके पपीते चूस रहा था।फिर मैं एक हाथ से उनके चूत के बालों पर हाथ फिराने लगा।वो उछल-उछल कर चिल्ला रही थी, शिशिर और जोर से करो. कभी भी दिन में 11 से 9 बजे के बीच।फिर मैं अपने रूम में आ गया और सो गया। बाद में हमारी चुदाई का सिलसिला ऐसा चला कि आज तक चल रहा है। फिर भाभी की बहन को, कालोनी की एक और आंटी को भी चोदा। वो अगली कहानी में। दोस्तों आप बताइए मेरा पहला अनुभव कैसा लगा और कुछ गलती तो नहीं की !मुझे मेल जरूर करें।.

वो बोली- अंकित, ये मेरी बहुत व्यक्तिगत बातें हैं, किसी को नहीं बताना! मैं तुम्हे ये सब बता रही हूँ कि तुमने रात सब कुछ देख लिया था.

फिर सलमा ने लिंग की तस्वीर दिखाते हुए पूछा- इसके बारे में तुम क्या जानते हो?पप्पू एकदम खड़ा होकर बोला- यह लौड़ा है, मेरे पापा के पास दो हैं.

सुबह पूनम के पापा ने छह बजे मुझे जगाया। चाय नाश्ते के बाद मैंने सबको बाय कहा।पूनम खुश थी।मैंने स्टेशन जाकर दिल्ली की ट्रेन नहीं अपने शहर को जाने वाली ट्रेन पकड़ी और पूनम की यादें लिए अपने घर आ गया।इस कहानी को पढ़ कर अपने विचार मेरा इमेल पर जरूर पोस्ट करें, आप सभी का स्वागत है।3295. साजन ने कितना समझाया, मैंने एक भी न मानी उसकीसाजन के चुम्बन ले लेने पर, होंठों को हथेली से साफ़ कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !” चमेली ने अपनी भूमिका में जान डालते हुए बड़े नाटकीय ढंग से इस बात को कहा।कामिनी ने दरबार से फरियाद की, रहम… रहम हो सरकार … कनीज अब यह ग़लती नहीं करेगी”ठीक है, इसकी सज़ा माफ़ की जाती है पर अब यह ग़लती बार-बार कर हमारा मनोरंजन करती रहेगी, मैं इसकी अदाओं से खुश हुआ.

तुम्हारी बुर फट जाएगी और तुम्हें बहुत दर्द होगा।वो बोली- भैया आपको मैं एक बात बता दूँ कि लण्ड कैसा भी हो. अचानक नीचे ज़ोर का दर्द उठ आया है सो तकिया लगा कर दबा रही थी, पर दर्द जाता नहीं है। तू मेरा एक काम करेगा. मैं ज़ोर ज़ोर से उनकी चूचियाँ दबाने लगा… और फिर से उनको चूमने लगा।उधर नीचे चाची ने मेरा लंड हाथ से पकड़ कर अपनी चूत पर 2-3 बार रगड़ा.

फिर मैंने उसे उठाया, हम बिस्तर पर गये, मैंने उसकी ब्रा और पेंटी उतार दी और उसको लिटा कर उसे फ़िर चूमना शुरु किया.

और मेरा हाथ चाची के नंगे पेट छूने लगा… और तभी चाची की साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया लेकिन चाची ने उस पर ध्यान नहीं दिया।चाची के पेट पर मेरा हाथ बार बार छू रहा था. वो हल्का सा मुस्कुराया और बोला- तू समझदार लगता है मुझे इन मामलों में, अगर कुछ नहीं बोलेगा तो तुझे भी बहुत मज़ा आएगा।मैं बोला- वो क्या?उसने अपने लंड पर हाथ फिराते हुए बोला- तेरी बहन बहुत बड़ी रंडी है, कसम से बिना चोदे रात नहीं बीतती मेरी… आज रात भी चोदूँगा उसे. मैं बोला- ठीक है, चाची बंद क़र देता हूँ!मैंने टीवी बंद क़र दिया पर मुझे नींद नहीं आ रही थी, कमरे में छोटा बल्ब जल रहा था.

अपने सारे कपड़े उतार कर गाउन पहन लिया लेकिन तब मन में आया कि बर्फ़ के पानी से गाउन गीला क्यों करूँ, गाउन भी उतार कर पूर्णनग्नावस्था में होकर दीवान पर एक पैर रखा एक नीचे जमीन पर, योनि को कपड़े से साफ किया, पैर फैला दिए और बायें हाथ में आइस क्यूब पकड़ कर दायें हाथ से योनि को फ़ैलाया और पूरी ज़ोर से आइसक्यूब अंदर दबा दिया. अब तो भाभी बहुत चुदासी हो गईं और कहती हैं- अभय, अब मेरी चूत चाटो!मैंने भाभी की दोनों टाँगें अपने कन्धे पर रखीं और बीच में मुँह लगाया और चूत की पुत्तियों को खींच कर चूसने लगा, फिर ज़ुबान से सारा रस पीने लगा, अपनी पूरी ज़ुबान चूत में डाल दी. अनेकों पुरुष अपने लंड को मोटा कड़क करने के लिए जापानी तेल, सांडा तेल, वियाग्रा टेबलेट, पॉवर कैप्सूल का इस्तेमाल करते हैं पर उनको कोई फायदा नहीं होता.

क्या रेहान की इस हरकत का पता आरोही को चल जाएगा इन सब सवालों के जवाब अगले भाग में दूँगी।अब आप जल्दी से मेरी आईडी[emailprotected]gmail.

जैसे ही वो अन्दर आया तो उसको देखकर मैं अपने बूब्स और जोर से मसलने लगी क्योंकि अब मेरा चुदने का मन कर रहा था. उसने मेरा सर पकड़ कर चूत पर दबाया और ऐसा लग रहा था वो मेरा सर अंदर ही घुसा लेगी लेकिन मेरी सिर्फ इस चूमाचाटी की वजह से वो झड़ गई, उसने इतना पानी निकाला कि मुझे तौलिये से साफ़ करना पड़ा.

बीएफ सुहागरात की चुदाई जब वह शांत हुई तो मैंने अपनी उँगलियों को निकाल कर देखा जो कि उसके कामरस से सराबोर थी।तभी मेरे दिमाग में न जाने कहाँ से एक फिल्म का सीन आ गया. अपनी बहनों को चोदने के चक्कर में इतना अँधा हो गया कि समझ भी नहीं पा रहा है कि उनका क्या हाल होने वाला है। साला पागल है.

बीएफ सुहागरात की चुदाई !फिर हम दोनों सो गए और उसके बाद भी मौका मिलने पर कई बार उसने मुझे चोदा पर अब उसकी शादी हो गई है।दोस्तो, आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे ईमेल करिए प्लीज़. मतलब कि दीपक झड़ने लगा उसने अपना सारा माल मेरी चूत में डाल दिया पर मैं तो अभी तक झड़ी ही नहीं थी और उसका लंड छोटा होकर मेरी चूत से बाहर निकल गया.

!”मैं पागलों की तरह उनका लंड को अपने थूक से भिड़ा कर के उसको चाट रही थी। मौसा जी मेरे इस अंदाज़ से पागल हुए जा रहे थे।अह.

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आपके पापा अभी विदेश गए हैं, जब वो आयेंगे तो उनसे बात करेंगे…बच्चा- क्यों …आप उनको सरप्राइज नहीं दे सकती. अभी बस सब काम मेरे मुताबिक हो रहा है अन्ना। मुझे तो कोई मेहनत ही नहीं करनी पड़ रही। राहुल इतना बड़ा चूतिया है साला. भट्टी- बीए फेल पीएचडी लगने लगता है…सेल्सगर्ल- जी सर, हमारे लैपटॉप हैं ही ऐसे…भट्टी- फिर तो मैं एक लैपटॉप खरीद ही लेता हूं.

और उसकी जीभ सीधे मेरे लण्ड के सुपारे को चाट गई…लण्ड इस छुअन को बर्दाश्त नहीं कर पाया और उसमें से एक दो बून्द पानी की बाहर चमकने लगी…रोज़ी को भी शायद नमकीन सा स्वाद आया होगा… उसने एक चटकारा सा लिया कि यह कैसा स्वाद है. सन्ता चुदाई करते करते- अबे तुझे कैसे पता?पप्पू- सलमान भी बालकनी में खड़ा है…***सन्ता मास्टर- ‘She is kidding’ इसका हिन्दी में अनुवाद करो !पप्पू- वह बच्चे पैदा कर रही है।सन्ता यह जवाब सुन कर बौखला गया और कहा- यह गलत है।पप्पू तपाक से बोला- मास्टर जी, ‘Kid’ का मतलब क्या होता है?सन्ता- बच्चा !पप्पू- तो ‘She is kidding’ का मतलब यही हुआ ना ‘वह बच्चे पैदा कर रही है।***. हमको बेबी से बात करना जी।रेहान आरोही को ‘थंब’ दिखा कर ऑल दि बेस्ट बोल देता है और बाहर चला जाता है।अन्ना- बेबी, रेहान बोला तो हम तुमको चाँस देना जी.

!मैंने कहा- आप मेरी क्या मदद करेंगी?उसने कहा- मैं तुम्हारी इस ‘झिझक’ को दूर कर सकती हूँ।मैंने कहा- कैसे.

मगर आज तो सुबह आते ही यह कार्यक्रम सेट हो गया था…इसीलिए हद हो गई यार…पहले मदन लाल नीलू के कपड़े देख गया…ना जाने क्या क्या सोच रहा होगा…और अब बिल्कुल नई स्टाफ, वो भी शादीशुदा. तभी तो हीरोइन बनोगी…!अब आरोही भी रेहान को चुम्बन करने लगी थी और रेहान कपड़े के ऊपर से ही आरोही के निप्पल चूसने लगा था। आरोही बहुत गर्म हो गई थी। उसकी चूत में खुजली होने लगी थी, वो बार-बार अपने हाथ से चूत को सहला रही थी।रेहान- ऐसे ही जान. बीच में उसमें दीदी को को बिस्तर के सहारे झुका कर चोदना चाहा मगर इतनी जोरदार लंड से चुदने के बाद और करीब 8-9 बार झड़ने के बाद उसमें जान नहीं बची थी, उसके बाद वो फिर से दीदी की चूत में अपना वीर्य डाल दिया.

!मैं उसके चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा। उसकी चूची सन्तरे की तरह कड़क हो चुकी थीं। मैंने फिर उसकी ब्रा उतार दी. डार्लिंग !कविता- तो अब मजा दोगे भी क्या ?मैं कविता का इशारा समझ चुका था, मैंने उसे सोफे पर बैठाया और टाँगें ऊपर कर उसकी दोनों टाँगों के बीच बैठ कर अपनी जीभ गीली चूत पर रख दी और जब चूत पर जीभ चलाने लगा।तो कविता ने एक लम्बी कामुक सिस्की भरी, आह. 5 लम्बा उसकी चूत में ठोक दिया और वह ‘सीई सीईईईई औ आहह हुउऊुउ’ की आवाज़ करती रही।थोड़ी देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा। उसकी चूत से खून फूट पड़ा था उसकी सील टूट चुकी थी। धकापेल चुदाई के बाद उसने और मैंने लगभग एक साथ पानी छोड़ा और चुदाई का पूरा मज़ा लिया।उस रात मैंने उसको 3 बार चोदा। फिर मैं उसको दिन में भी चोद देता था और आज भी चोदता हूँ।आपके ईमेल का मुझे इन्तजार रहेगा।.

नहीं, तो मैं तो कर ही लूँगा !वो चुपचाप मेरी आँखों में देखने लगी।फिर बोली- तो आप मेरे साथ भी वही सब करना चाहते हैं जो आपने प्रिया के साथ किया है. अंगों से जो रस बह निकले, अन्तरंग ताल के जल में मिलेसांसों में उठे तूफानों के, अब जाके धीमे पड़े सिलेतरण ताल में उठी लहरों ने, अब जाकर के विश्राम कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!और इतना बोल कर रोने लगा और दीदी के सामने हाथ जोड़ कर बोला- दीदी मुझे माफ़ कर दो मुझसे ग़लती हो गई। आगे ऐसा नहीं करूँगा।मैंने कहा- दीदी आपने जो देखा वो किसी से मत बोलना, नहीं तो मैं मर जाऊँगा।दीदी ने प्यार से मेरे सिर पर हाथ रख कर कहा- चुप हो. और उनके चूतड़ों पर एक और थप्पड़ मारा…आआअह्ह्ह्ह्ह…!”बोलो हुआ दर्द? हुआ मर्द के हाथ का एहसास?”उनके मुँह से फिर से हंसी निकल गई, वो बोली- छोड़ मुझे लल्ला. मैं इसे कड़क करके ही तुम्हारी चूत की खुजली मिटाऊँगा।आरोही सेक्स की आग में जलती रही, पर राहुल का लौड़ा कड़क नहीं हो रहा था।आरोही की बर्दाश्त के बाहर हो गया तो उसने फिर से लौड़ा मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी दो मिनट में उसको फिर से कड़क कर दिया।आरोही- आ आ.

उनका भी काम कुछ ऐसा ही है जिससे वो लोग माह में केवल चार दिन साथ रह पाते हैं!मैंने कहा- आपने बताया नहीं, आप कहाँ से हैं? और मैं आपके पास कहाँ आ जाऊँ?इस पर मोहतरमा ने बताया कि वो कानपुर की रहने वाली हैं और कुछ दिनों के लिए देहरादून के फार्म हाउस में रहेंगी.

कई बार घर के काम करते वक़्त वो पूरी झुक कर कुछ उठाती थी तो पीछे से उसके चूतड़ों का उभार इतना कामुक लगता था कि मैं तो बस लंड रगड़ कर रह जाता था. ‘अच्छा सच बता क्या तू मुझे उस समय एक भाई की नज़र से देख रहा था या एक मर्द की नज़र से?’ दीदी ने बड़े भोलेपन से पूछा. कहानी का पिछला भाग:फुफेरी बहन की सील तोड़ी-2अंजलि की चूत पर एक भी बाल नहीं था, बहुत ही हल्के-हल्के रोयें थे, ऐसा मुझे अपने हाथ से अहसास हुआ।खैर.

मैं तो पागलों की तरह उस मस्त लंगड़ी घोड़ी की गांड देख रहा था, अचानक मेरे मुख से लार की धार ठीक उनकी नंगी गांड पर गिरी. घुस ही नहीं रहा था।फिर भी आनन्द डालने की ज़बरदस्ती कर रहा था।कुछ ही पलों में उसका सुपारा गांड में चला गया.

मैं लेटी थी पर मेरा अंग, उसकी आँखों के सम्मुख थाउँगलियों से उसने सुन री सखी, चिकने अंग को सहलाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. जैसे-जैसे बढ़े स्पंदन, वैसे-वैसे आनन्द बढ़ाहर स्पंदन के साथ सखी, सुख घनघोर घटा सा उमड़ पड़ासाजन की आह ओह के संग, मैंने आनंदमय सीत्कार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. तुम्हारा चुदाई का ख्वाव भी पूरा कर देता हूँ।वो बोली, पहले शब्बो को तो निपटा दो।”मैंने कहा- दोनों को साथ साथ चोदूँगा.

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!”फिर मैंने मम्मी से कहा- मम्मी, आप और पापा कल सुबह चले जाओ, मैं परसों आ जाऊँगी। वैसे भी शादी में अभी 4 दिन बाकी हैं। मैं कल से ही जाकर क्या करुँगी.

!आरोही- अब बस भी करो, इस ज़िद-बहस का कोई फायदा नहीं है। तुम चोदना चाहते थे और मैं चुदाना… तो रेहान ने क्या गलत कर दिया. मैं गुस्से में उठकर बैठ गया और चाची का हाथ पकड़ कर अपनी ओर खींच लिया। इस बार चाची मेरी गोद में लेटी हुई थी. अपनी चूत को मेरे लण्ड पर आगे-पीछे करते हुए मजे ले-ले कर चुद रही थी।उधर सोनम भी सुनील के लण्ड पर उछलती हुई अपनी चूत का भोसड़ा बनवा रही थी।उस मस्ती में सोनम इतनी पागल हो गई थी कि हर शॉट पर बोल-बोल कर अपनी गाण्ड नीचे लाती.

कंधे, स्तन, कमर, नितम्ब कई तरह से पकड़े, मसले और छोड़े गएगीले स्तन सख्त हाथों से आंटे की भांति गूंथे गएजल से भीगे नितम्बों को दांतों से काट-कचोट लियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!. मैंने भी अपने धक्कों की रफ़्तार को तेज़ कर दिया, अपनी उँगलियों से उसके होठों को छेड़ रहा था और अपने मुख में उसके स्तनों को भर लिया था। इसी अवस्था में जब मैंने फिर से कसाव सा महसूस किया तो अब पूरी रफ़्तार से मैंने धक्के लगाने शुरू कर दिए। उसके चरम पर पहुँचते ही मैं भी उसके साथ साथ चरमोत्कर्ष पर पहुँच गया. लड़कियों की नंगी सेक्सी वीडियोजब मुझे दीपक के लंड से मजा नहीं आया तो मैंने सोचा काश मुझे कोई लम्बा लंड मिल जाये अपनी चूत में डलवाने के लिए.

अंकल- बेटा, मेरे हिसाब से तू इनमें बहुत ठीक लगेगी…सलोनी- मगर अंकल इस साड़ी के साथ, आपको यह पेटीकोट कुछ गहरा नहीं लग रहा?अंकल- अरे नहीं बेटा… तू कहे तो मैं तुझको बिना पेटीकोट के ही साड़ी बांधना सिखा दूँ… पर आजकल साड़ी इतनी पारदर्शी हो गई हैं कि सब कुछ दिखेगा…सलोनी- हाँ हाँ आप तो रहने ही दो… चलो मैं ये दोनों कपड़े पहन कर आती हूँ ! फिर आप साड़ी बांधकर दिखा देना…उसने पेटीकोट और ब्लाउज हाथ में लिये. लेखक : अमन सिंहहेलो दोस्तो, मेरा नाम अमन है, मैं हरियाणा में अम्बाला का रहने वाला हूँ। मैं आपको एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ, यह कहानी मेरी और मेरे दोस्त की बहन के बारे में है। उस समय मैं एन्जीनियरिंग के दूसरे साल में दिल्ली कॉलेज में था और मेरा दोस्त अमित मेरे साथ ही रहता था, अमित का घर नॉएडा में है। हम पक्के दोस्त थे।बातों बातों में उसने बताया था कि उसकी बहन बी.

मुझसे चला नहीं जाएगा…!रेहान ने अन्दर जाकर जूही को टब से निकाला, तौलिये से अच्छे से सुखा कर अपनी गोद में लेकर बाहर ले आया।बेड पर बैठा कर उसके पास बैठ कर बोला- लो जान थोड़ी बीयर पीलो. ओके अब चलो मुझे घर पर थोड़ा काम भी है यार…तीनों वहाँ से चाय पीकर निकल गए मैडी अब भी सोच रहा था कि दीपक की बात सही है या गलत. !मैंने बोला- कुछ नहीं बस अपने काम के अलावा मूवी देखता हूँ।उसने कहा- कोई नई पिक्चर है क्या? मैंने बोला- हाँ… धूम-2 है।उसने बोला- दिखाओ न.

!मैंने फिर उनकी एक टांग को हाथ में पकड़ कर ऊपर उठाया और चूत को और फैलाया और लंड डालने की कोशिश की, पर इस से भी ज्यादा फायदा नहीं हुआ। मुझे लंड को चूत की पूरी गहराई तक ले जाने में बड़ी मेहनत करनी पड़ रही थी।भाभी ने हालात की नाजुकता को समझते हुए अपनी चूत से जुड़े मेरे लंड पर थोड़ा और थूक लगाया और कहा- अर्पित पूरा लंड एक बार में डाल दो. !”ये ले आज तो तेरी चूत की बैंड बजा दूँगा…!”मैं ताबड़-तोड़ धक्के लगा रहा था। आंटी भी खुल कर मेरा साथ दे रही थीं। वो साथ ही साथ ज़ोर-ज़ोर की आवाज़ निकाल रही थीं. !और मैंने धीरे-धीरे करते हुए अपनी रफ्तार बढ़ा दी। उसे भी मजा आ रहा था और मुझे भी करीब 20-25 मिनट हमारा चुदाई का कार्यक्रम चला और मैं उसकी चूत में ही झड़ गया।वो बोली- अरे यह क्या कर दिया, जल्दी निकाल… कर दी ना गलती.

बहनचोदों एक भी छेद मत छोड़ना… सब जगह डाल दोऊऊऊओ… फाड़ डाल मेरी गांड… वर… और जोर से … अन्दर तक डाल अपना हथियार… यार… आर आर अअअ आ आ आ….

मेरा अपना खाद्य सामग्री निर्माण बड़ा कारखाना है मेरे कारोबार में जरूरतमंद अविवाहित, तलाकशुदा और विधवा को काम देने में मैंने शुरू से प्राथमिकता दी है. अब मैं अपने घुटने पर बैठ कर उसके बुर में अपनी जुबान से चाकलेट लगा चाटने और उसके बुर की सफाई करने लगा.

हम चारों की महफ़िल फिर वहीं पलंग पर ज़मीं और मैं माधुरी की चूची दबाने लगा और श्याम ज़ेनी के निप्पल को लगा चूसने. फिर उसने मेरे लण्ड को थूक लगाया और मुझे अपने ऊपर चढ़ाया और मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर रखा, मैंने ज़ोर से धक्का मारा तो आधा लंड घुस गया और वो चिल्ला उठी. वो वासना की आग में जल रही थीं। वो इतनी गर्म हो गईं कि कमरे में पहुँचते ही उन्होंने मुझे बुरी तरह चाटना शुरू किया और एक झटके में मेरे लंड को मेरे अंडरवियर से आज़ाद कर दिया।मैंने भी उन्हें जोर से जकड़ लिया.

कि मुझे फिल्म का झांसा देकर आप मुझे चोदना चाहते थे और रेहान को किसने कहा था कि तुम भी चूत का स्वादचख लेना…!राहुल- व. !मैंने भी उसकी चूत के होंठ खोल कर अपना मुँह उसकी गुलाबी चूत से लगा दिया और तेजी के साथ चाटने लगा।जैसे ही मैं उसकी चूत चाटने लगा। वो अपनी गाण्ड उठा-उठा कर अपनी चूत को मेरे मुँह से सटाने लगी और कहने लगी, ‘ह्हह्हा ययययई ह्हह्ह्हहीईईई. ! तुम्हारे भी 150 पहले के बाकी हैं।कश्यप बोला- अपना और इसका दोनों का दे देंगे।वो मुझसे बोली- तुम ऊपर वाले कमरे में जाओ.

बीएफ सुहागरात की चुदाई वो बोली- अंकित, ये मेरी बहुत व्यक्तिगत बातें हैं, किसी को नहीं बताना! मैं तुम्हे ये सब बता रही हूँ कि तुमने रात सब कुछ देख लिया था. हर्षित उल्लासित मन से हमने, कई भांति जल में क्रीड़ा की,साजन ने दबा उभारों को, मन-मादक मुझको पीड़ा दी,यत्र-तत्र उसके चुम्बनों का, मैंने जरा नहीं प्रतिकार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

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आते ही साजन ने मुझको अपनी बाँहों में कैद कियाहोंठों को होंठों में लेकर उभारों को हाथों से मसल दियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!. !फिर मैंने उसके निप्पल को पहले प्यार से दबाया, फिर मैं उन्हें जोर से दबाने लगा। उससे भी शायद बर्दाश्त नहीं हो रहा था और मुझसे भी नहीं. सुमित ने फिर धीरे-2 अपना लंड मेरी चूत में उतारना शुरू किया, लगभग आधा अंदर जाते ही यूँ लगा जैसे कोई गोली लगी हो चूत में.

!मैंने उन्हें बगल में लिटाया और उनके सामने ही अपनी पैंट उतार दी और मेरा लंड भाभी मुँह के बिल्कुल करीब था।‘अर्पित सच में तेरा लंड बहुत बड़ा है. ।इस स्टाइल में उन्हें दोनों तरफ से इतना मज़ा आ रहा था कि वो अह्ह्ह्ह” करती जा रही थीं, करते रहिए रुकिए नहीं. सेक्सी videyo!” यह बोलकर झट से मैंने पहले हाथ को चूमा और फिर उनके लबों को चूम लिया।वो बोलीं- क्या कर रहे हो?मैंने कहा- मस्ती और क्या.

मैंने उसको उठाया और कहा पहले इधर बैठो, पानी पियो और फिर मुझे बताओ कि मैं तुम्हारी क्या मदद कर सकता हूँ.

इससे पहले भी मैंने 4-5 लड़कियों की कुंवारी झिल्ली को भंग किया था और उस हर अवस्था का अच्छा अनुभव रखता था. उत्तेजना से मैंने उसकी बुर ज़्यादा अंदर तक अपनी जीभ से पेलने के लिए जैसे ही अपना सिर थोड़ा ऊपर उठाया कि तभी एक हादसा हुआ.

करने लगी। मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी और उसको बेड पर लेटा कर उसकी चूचियों को मुँह में लेकर चूसने लगा। सीमा की सिसकारियाँ गूंजने लगी थी। मैं कभी उसकी दायीं चूची को चूसता तो कभी बायीं चूची को।सीमा मस्ती के मारे सिसिया रही थी- चूस लव चूस जोर से चूस मेरी चुचियाँ…. सुधाजीजाजी चाय पीते हुए बोले- ठीक है, चमेली इस बार केतली में चाय इसीलिए बना कर लाई थी कि दुबारा चाय गर्म करने के लिए नीचे ना जाना पड़े और दीदी अकेले-अकेले…! जीजाजी चमेली की तरफ गहरी नज़र से देख कर मुस्काराए।जीजाजी आप बड़े वो हैं. देख रहे होते हैं वह उनसे पूछता है- डैड, पुस्सी क्या है?पिता मैच का मज़ा किरकिरा नहीं करना चाहते, तो उन्होंने दराज़ में से एक अश्लील पत्रिका उठाई और योनि के चारों ओर पेन्सिल से एक घेरा बनाया और कहा- बेटा, यह पुस्सी है!बच्चे को अब समझ में आने लगा था कि वे बड़े लड़के क्या बात कर रहे थे, उसने अब अपने पिता से पूछा- तो फिर बिच क्या है?पिता ने उत्तर दिया- उस घेरे के बाहर की बची हुई चीज़!.

लेखक : इमरानपारस- वाह यार… तुम्हारा काम तो बहुत मजेदार है।लड़का- क्या साहब… बहुत मेहनत का काम है…पारस- वो तो है यार देख मेरे कैसे पसीने छूट गए…और तेरे भी जाने कहाँ कहाँ से, सब जगह से गीला हो गया तू तो…सलोनी- बस अब तो हो गया नापारस- हाँ जानेमन हो गया… अब स्कर्ट तो नीचे कर लो, क्या ऐसे ही ऊपर पकड़े खड़े रहोगी… हा हा?लड़का- हा हा… क्या साहब?सलोनी- उउऊऊनन्न्न मारूंगी मैं अब तुमको.

क्या रूई सी मुलायम गांड थी चाची की !ओइइ माँ…!” चाची के मुँह से हल्की चीख निकल गई और बोली- यह क्या कर रहा है लल्ला. बारिश हो और ज़मीन गीली न होधूप निकले और सरसों पीली न होतो फिर आपने यह कैसे सोच लिया किआप हमें याद करें और आपकी चड्डी गीली न हो !आगे सुनें :आप अन्तर्वासना पढ़ें और आपकी अण्डरवीयर गीली न हो !. ठीक है।मैं उसे अपने बेडरूम में ले गया और उसे एक शीशे के सामने खड़ा कर दिया।मैंने कहा- अब आखें खोलो।उसने देख कर कहा- यह क्या है?और मैंने अपने प्यार का इजहार कर दिया, उसने मुस्कुरा कर ‘हाँ’ कर दी।बस उसके ‘हाँ’ कहते ही मैं उसे चूमने लगा। हमने पाँच मिनट तक एक दूसरे को चुम्बन किया। हम दोनों गरम होने लगे। मैंने देखा कि उसका एक हाथ मेरे लन्ड के ऊपर था।मैंने फिर हल्के-हल्के उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया.

तेलगू सेक्सी सेक्सी व्हिडिओलड़के का मुँह देख लग रहा था जैसे उसके हाथ से ना जाने कितनी कीमती चीज छीन ली गई हो…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]. Even most of the time when i woke up then also facing problem my penis is in excitement but when i just go up on my wife it excitement goes on the same moment.

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अब तो बाजा बजवा कर ही उठना।मैं समझ गया कि लौंडिया सिर्फ बकचोदू ही है इनके बस की चुदाई नहीं है, मुझे ही कुछ करना पड़ेगा और फिर मैंने नीचे से ही धक्के मारने चालू कर दिए।सीमा के मुँह से दर्द भरी आवाजें निकलने लगी, आए …. इसीबीच अचानक ज़ेनी नीचे झुकी और एक झटके से मेरा पैंट और फिर तुरंत जांघिया खोलकर एक तरफ़ फेंक दिया और मेरे लवडे को कसकर पकड़कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी, जो मारे उत्तेजना के पहले से ही खड़ा था. मैंने तो सखी स्पंदन में, अब कई प्रयोग थे कर डालेऊपर नीचे दायें बाएं, कभी अंग को अंग से खाय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

?वो शरमा कर एक साइड में बैठ गई। मैं बिना कुछ बोले बाथरूम से तेल लेकर आया और अपने अंडरवियर के अन्दर से ही अपने लण्ड पर लगाना शुरु कर दिया।वो मुझे देख रही थी, मुझसे थोड़ी देर में पूछने लगी- यह तुम क्या कर रहे हो?तो मैंने उसे बताया- जैसे तुम्हारे चूचों की मालिश करनी पड़ती है, वैसे ही इसकी भी करनी पड़ती है।मैंने उससे पूछा- तुम्हारी भी मालिश कर दूँ?तो वो पहले तो मना कर रही थी, फिर बोली- चल कर दे. कितनी बार चूस चुकी है और कैसा मज़ा आया?दीपाली- अभी नहीं सब बताऊँगी मगर पहले तू बता पूरी कहानी।दीपाली को उसकी बातों में बड़ा रस आ रहा था उसकी चूत भी गीली होने लगी थी।प्रिया- यार पहली बार मैंने लण्ड को होंठों से छुआ. मेरी पिछली कहानियाँ आप सभी पाठकों द्वारा काफी सराही गई, उसके लिए आप सभी को धन्यवाद !यह कहानी शुरु होती है जब मेरी कहानी सच्चे प्यार की तलाश प्रकाशित हुई थी। मैं अपने मेल पर आप सभी पाठकों के मेल का जवाब दे रहा था, तभी मेरी नज़र एक मेल पर पड़ी, मेल था: IASpreyashi….

धीरे से उफ्फ आप तो ऐसे दबा रहे हो, जैसे कभी किसी लड़की के दबाए ही ना हों।साहिल- तेरी जैसी अप्सरा कभी मिली ही नहीं अब ये कपड़ों के बंधन से आज़ाद हो जाओ और आ जाओ मेरी बाँहों में।जूही- आप ही निकाल लो, रोका किसने है. घर में वो हमेशा स्कर्ट ही पहनती थीं क्यूंकि वो फर्श पर यूँ ही घुटनों के बल घोड़ी की तरह चलती थीं जिससे सलवार ख़राब होने का डर रहता है. उसकी आवाजें सुन कर डॉक्टर ने गति बढ़ा दी… वैसे ही उसने जोरसे मेरा लंड चूसना शुरू किया…तभी हरीश ने लंड बाहर निकलते हुए उसका मुंह खीचते हुए लंड मुँह में ठूंस दिया… मैंने मौका पाकर मीरा की चूत पेलनी शुरू की। हरीश ने सारा माल उसके मुँह में डाल दिया और वो मजे से पीने लगी।इधर मैं धक्के पे धक्के मारे जा रहा था.

उसके लिए कितनी ख़ुशी का दिन है…नलिनी भाभी- अच्छा ठीक है… जल्दी जाओ और हाँ वैसे साड़ी बांधना मत सिखाना जैसे मेरे बांधते थे. जब सन्ता ने कार में बच्चों को पहचानना शुरू किया तो दो बच्चे उनकी नौकरानी के थे, एक बच्चा प्रीतो की बहन यानि सन्ता की साली का था, दो बच्चे पड़ोसन के और एक बच्चा सन्ता की सेक्रेटरी का था.

!मैं- घबराओ मत… तुम्हारी बुर की सील टूटी है…इस प्रकार मैंने फोन पर ही रूपा की बुर की सील तोड़ दी…तो दोस्तो, मेरी यह सच्ची घटना पर आधारित यह कहानी। बताना कैसी लगी।जल्द ही आगे मैं आपको रूपा के साथ होटल में अपनी रूपा की चुदाई के बारे बताऊँगा।मुझे ई-मेल करें, मुझे इंतजार रहेगा।.

मुझे तुमसे बात करनी है।दोनों जल्दी-जल्दी कपड़े पहनती हैं। जल्दबाज़ी में ब्रा-पैन्टी नहीं पहनती, बस टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहन कर दरवाजा खोल देती हैं।राहुल- क्या कर रही थीं दोनों. पार्किंग सेक्सीउन्होंने मुझे बेडरूम में लाकर बिस्तर पर लिटा दिया। फिर वो मेरी बगल में लेट गये और मेरे चेहरे को कुछ देर तक निहारते रहे। फिर मेरे होंठों पर अपनी उँगली फ़िराते हुए बोले, मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि तुम जैसी कोई हसीना कभी मेरी बाँहों में आयेगी।”क्यों? भाभी तो मुझसे भी सुंदर हैं !” मैंने उनसे कहा।होगी. अगला सेक्सी वीडियो!’‘मैं कहाँ भागूंगी, मेरी गाण्ड तेरे हवाले है, जो चाहे कर… फाड़ दे… चाहे सिलाई कर दे…!’वो झटके पर झटका देने लगा और एकदम लण्ड निकाल बोला- रंडी अब घोड़ी बन जा. अभी बस सब काम मेरे मुताबिक हो रहा है अन्ना। मुझे तो कोई मेहनत ही नहीं करनी पड़ रही। राहुल इतना बड़ा चूतिया है साला.

मैं मम्मी से बता दूंगी।लेकिन मैं उसकी चूचियाँ दबाता रहा और थोड़ी देर बाद वो चुपचाप लेट गई।अब मैंने उसका टॉप उठाकर चूचियां चूसनी शुरू कर दीं।उसकी चूचियों का साइज़ अभी बहुत छोटा था.

मुझसे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था। बाहर हॉल में आकर देखा तो आनन्द के सामने सलीम अपना लंड हिला रहा था।मेरी इस सच्ची घटना पर आप सभी के सभ्य भाषा में विचारों का स्वागत है।[emailprotected]yahoo. तभी मेरी नज़र उसके पाजामे पर पड़ी, दीदी का हाथ उसके पाजामे के अंदर था और उसके लंड की सहला रही थी… क्यूँकि दीदी को एहसास नहीं था मेरे होने का ! उन्होंने उसके लंड की पकड़ कर पाजामे से बाहर निकाल लिया।हे भगवान ! क्या लंड था उस आदमी का. उसकी जाँघें मेरे लण्ड से टकरा रही थी और मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था, वो मेरे लण्ड को महसूस कर रही थी.

उसी वक्त मैंने मेरे लण्ड पर उसके हाथ को महसूस किया और मैं जोर जोर से चूत चाटने लगा, जीभ को पूरा चूत में घुसेड़ दिया और हिलाने लगा. फिर शाम को जब मैं घर आने लगा, तो भाई का फ़ोन आ गया कि वो आज नहीं आएंगे और मैं रात को भाभी के पास रुक जाऊँ. !यह बात सुनकर आरोही खुश हो गई और ज़ोर-ज़ोर से लौड़ा चूसने लगी।रेहान- बस जान… अब पानी मुँह में ही निकालने का इरादा है क्या… आ जाओ तुम्हारी चूत का दर्द ठीक कर देता हूँ मैं…!आरोही- नहीं रेहान बहुत दर्द होगा.

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सब मेरे बारे में गंदे-गंदे सवाल करने लगे और वो सबको जवाब भी दे रहे थे।फिर सब को मेरे पिक दिखाए… मेरे पिक देख कर सब ‘आहें’ भरने लगे और मेरे बारे में गंदी-गंदी बातें बकने लगे।मुझे वो सब पढ़ कर शरम आने लगी थी।फिर सलीम ने उनको कैम पर आने को कहा।दो लोगों के पास कैम था. ! पाँच बार लंड का पानी निकल कर एकदम बेजान कर लो और फिर इस गाण्ड पर निगाह करो अगर लौड़ा झटके ना खाने लगे तो मेरा नाम बदल देना. हुआ कुछ ऐसा कि मेरा एक बहुत क्लोज फ्रेंड था और उसका नाम संजीव था, मैं संजीव से किसी भी टोपिक पर बात कर सकती थी.

अब मैं उसे कह रही थी कि यह मेरी ही कहानी है और उसे विश्वास नहीं हो रहा था, वो मान नहीं रही थी।फ़िर मैंने जब उसे अपना गाउन उतार कर अपनी दाईं चूची पर मोम गिरने से लाल हुई जगह दिखाई, जले का हल्का सा निशान दिखाया तो वो हैरान रह गई.

!आरोही- ओके बाबा, तुम हो तो किस बात का डर, अब तो मैं उसके सामने नंगी भी हो जाऊँगी। बस आप मेरे साथ रहना मगर वो मान तो जाएगा न.

!’मैं अब अपने लण्ड को अन्दर-बाहर करने लगा था, चाची की चूत से पानी निकलना शुरू हो गया था।‘ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सायमा मेरी रानी. जय- ठीक है, पर इसके अलावा मुझे सब करने देना!मैं भी चाहती थी कि यह मुझसे एक बार सेक्स कर ले ताकि यह मेरा हमेशा ग़ुलाम रहे. सिलसिला का सेक्सी वीडियोजय- अह अहह अह श्रेया, अह अह निकल रहा है!मैं- बह जाने दो, कुछ नहीं होता!जय के लंड से मुठ झटकों में निकल रहा था, करीब चार बार तेज झटके फिर कुछ बूंदें उसने निकाली.

अब देख कैसे तुझे मजबूर करता हूँ नंगी होने के लिए।आरोही के नाम की मुठ मार कर राहुल शान्त हो गया और सो गया।शाम को राहुल तैयार होकर बाहर निकला और घर से थोड़ी दूर एक स्टोर के पास खड़ा हो गया। करीब 5 मिनट में रेहान भी आ गया। राहुल कार देखकर झट से अन्दर बैठ गया, रेहान ने कार को आगे बढ़ा देता दिया।रेहान- हाँ भाई. उसने मेरी बात नहीं मानी… मैं चुपचाप बर्तनों में एक एक करके खाना लगाने लगी। वो समझ गई मेरी नाराजगी, फिर वो बोली- मैं मदद करती हूँ. रेहान ये क्या है इतना बड़ा और मोटा ओफ…!रेहान- हाँ जान यही तुम्हारी चूत की प्यास बुझाएगा अब…!आरोही- नहीं.

और जोर्ररर सेई…… ओह माआ! हाईईईईई मेरी बुररर झड़ने वाली है……मेरी बुर्र्र्र्ररर के चिथड़े उड़ा दोऊऊऊऊ… हाईईईईई मैं गइईईई. बुआ मुझे फंसा रही है। उल्टा आप पर इल्जाम डाल दूँगा कि आप मुझे चुदाई के लिए मजबूर कर रही थीं और जब मैं नहीं माना तो आपने मुझे फंसा दिया है।फिर हम दोनों के बीच पाँच मिनट तक शान्ति रही और वो उठ कर बाथरूम के लिए गई, आने के बाद कुछ नहीं बोली और चुपचाप लेट गई।मैं समझ गया कि यही सही मौका है.

पर क्या खो गया?सलोनी- व्ववओ… मेरी ब्रा नहीं मिल रही… यही तो थी…आदमी ने उसकी चूची को पकड़ लिया- अरे मेरी जान… इनको कैद नहीं कर न.

!’तो हिमानी इस बात के लिए सहमत हो गई। मैंने जैसे ही उसकी चूत पर हाथ फ़िराया तो वो गीली-गीली सी लगी और हल्का सा पानी उसकी झांटों पर भी लगा हुआ था। पहले तो मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत में अन्दर डाल कर अन्दर-बाहर करनी चालू की, तो वो तेजी के साथ ‘आह आह ऊओह्ह ऊऊई स्सस्ससीईईई. मैंने उसको कहा- बस अब पूरा अंदर है, तुम सहन करो!उसने अपने दोनों होंठ दबाये हुए थे, मेरा लंड उसकी चूत ने पूरा कसा हुआ था! अब मैंने हल्का हल्का अंदर-बाहर करना शुरू किया. धीरे से उफ्फ आप तो ऐसे दबा रहे हो, जैसे कभी किसी लड़की के दबाए ही ना हों।साहिल- तेरी जैसी अप्सरा कभी मिली ही नहीं अब ये कपड़ों के बंधन से आज़ाद हो जाओ और आ जाओ मेरी बाँहों में।जूही- आप ही निकाल लो, रोका किसने है.

हिंदी आवाज में सेक्सी वीडियो देसी !मैंने भी मदहोशी के आलम में उन दोनों मस्त चूतों को खूब चोदा और झड़ कर वहीं निढाल होकर गिर गया। कब सो गया मुझे मालूम ही नहीं चला।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।. इच्छा तो एक बार और उसकी मारने की हो रही थी पर क्या करें सुबह हो गई थी, मैंने उसे कपड़े पहनाये और किस किया.

मैंने कहा- नहीं, मैं खुद सब कर लूंगी, सन सामान ऊपर जाऊँगी, तुम बस मेरे साथ खाना खाना पूरे कपड़े पहन कर !सब बर्तन एक जगह पर रख कर मैंने गहरी सांस ली और एक झटके में अपना काला गाउन उतार दिया. मेरी आँखों में तो आँसू थे, साजन ने आँखें चूम लईआँखों से गिरी हीरों की कनी, होंठों की तुला में तोल दईहर हीरे की कनी का साजन ने, चुम्बन का अद्भुत मोल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. जिसे मैं भी कभी नहीं भूलना चाहता।दोस्तो, मुझे आप सब लोगों के जवाब का इंतज़ार रहेगा कि आप सभी को यह कहानी कैसी लगी।ये मेरे खुद के अनुभव हैं जो मैं आप सभी के साथ साझा कर रहा हूँ। मुझे आप सब के जवाब का इंतज़ार रहेगा।.

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मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था और उसके दाने को मसल देता था जिससे वो भी ‘आअई आईईए उफ्फ्फ’ कर रही थी. ! उस सीडी को लगाने की मेरी अब हिम्मत नहीं है, उसे देख कर यह मानेगा क्या?” मैं उनके लौड़े को पकड़ कर बोली।आप भी कमाल के आदमी हैं चुदाई से थकते ही नहीं. साले तुम जैसे कमजोर इंसानों को कैसे ऐसे हसीन औरतें मिल जाती हैं। बेचारी जिंदगी भर असली मर्द के लंड के लिए तड़पती रहती हैं…सलीम ने इस बार सिर्फ़ स्माइल दी और चुप रहा।कुछ देर में खाना आ गया.

वैसे तो आप सब मुझे जानते हैं, मैं श्रेया आहूजा जालंधर की पंजाबी कुड़ी, उम्र लगभग तीस साल, गोरी चिट्टी वजन अभी साठ किलो कि थोड़ी सी बबली, गोरी गोरी बांहें, अक्सर स्लीवलेस पहनती हूँ तो मेरे बगल देख कर आप दीवाने हो जाओगे, बिना बाल की बगल! मन करेगा आपको कि मेरी बगलें चाट लें! मोटी भरी हुई जांघें, गोल गोल चूतड़ और पतली सी कमर, पीठ में एक काला तिल, उभरे हुए उरोज बाहर आने को उतावले रहते हैं. अपना काम कर… वो बाथरूम में है…मदन लाल- व्व… व…व…वो साब यहाँ उनके कपड़े…??कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]hmamail.

फाड़ डाल…अआया…आ अ अ…एई एई एई…मैं गई…‘रुक जाओ…अभी नहीं…’‘मैं गई… मेरा पानी निकला… निकला… निकला… हाय ययय ययय… हाय राम…’ मेरी साँस फूल गई और मैंने जोर से पानी छोड़ दिया…‘अरे नहीं…यह क्या… तुम तो.

मेरी कहानी बड़ी अजीब है। आज से 4 साल पहले की बात है मेरी शादी हुई, शादी के बाद मेरे पति की पारिवारिक आर्थिक हालत खराब चलने लगी।उस वक्त मेरे पति का काम-धन्धा नहीं चल रहा था। मैं एक नई-नवेली दुल्हन थी, पर पति को परेशान देखती तो मुझे दु:ख होता।मैं पूछती तो वे टाल जाते, मुझसे कहते- सब ठीक हो जाएगा. तुम्हें पता नहीं जितनी बेदर्दी से लड़की को चोदो, उसे उतना ही आ मज़ा आता है…! अगर आराम से चुदाने में मज़ा आता तो कोई भी औरत अपने मर्द को छोड़ कर दूसरे के पास चुदाने नहीं जाती. आज तक मैंने कभी भी उसे कार चलाते नहीं देखा था।मैं भी उसकी ‘हाँ’ में ‘हाँ’ मिलाते हुए बोला- आंटी ये बात है.

!कामिनी अपनी बुर साफ कर चुकी थी और जीजाजी के लण्ड को साफ करते हुए बोली- ताक़त और मस्ती के लिए सारा इंतज़ाम है आ जाओ टेबल पर, हम चारों नंगे टेबल पर आ गए, जहाँ विहस्की की बोतल और गिलास रखे थे।कामिनी जीजू को विहस्की की बॉटल देती हुई बोली- जीजाजी. लड़की ने बताया कि तीन साल पहले उसकी मां की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से ही लड़की का बाप उसका यौन शोषण करने लगा. ! जीजाजी शेर हो गए और हचा-हच उसकी गाण्ड मारने लगे।कामिनी बोली- जीजाजी इसकी गाण्ड जम कर मारना, सुना है इसने आपकी गाण्ड चूची से मारी थी.

और कुछ देर बाद आँख खुली और देखा तो श्याम के 7:45 बज गये थे… हम दोनों बाथरूम में गये और वहाँ साथ में शावर का मज़ा लिया.

बीएफ सुहागरात की चुदाई: ! तू यहीं रहेगा, इसी कमरे में… ओके…!साहिल- मैं कुछ नहीं करूँगा, मुझे जाने दो। वो दो हैं सचिन अकेला उनको कैसे लाएगा. उसके बाद वहाँ से निकल गए।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !उधर अनुजा भी अपनी सहेली के यहाँ से घर आ गई तो उसने देखा कि विकास सोया हुआ था।दीपाली की चुदाई के बाद उसको अच्छी नींद आई।अनुजा- अरे क्या बात है मेरे सरताज.

धीरे से उफ्फ आप तो ऐसे दबा रहे हो, जैसे कभी किसी लड़की के दबाए ही ना हों।साहिल- तेरी जैसी अप्सरा कभी मिली ही नहीं अब ये कपड़ों के बंधन से आज़ाद हो जाओ और आ जाओ मेरी बाँहों में।जूही- आप ही निकाल लो, रोका किसने है. जैसे-जैसे बढ़े स्पंदन, वैसे-वैसे आनन्द बढ़ाहर स्पंदन के साथ सखी, सुख घनघोर घटा सा उमड़ पड़ासाजन की आह ओह के संग, मैंने आनंदमय सीत्कार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. उसके होंठ गुलाब जामुन की तरह गर्म और मीठे थे और बहुत रसीले भी! बहुत देर तक उसके होंठों को चूसता रहा, फिर मैंने अपना एक हाथ उसके शर्ट के अंदर डाल दिया और उसके रसीले संतरों को मसलने लगा.

!गिरिजा- मैं थोड़ी देर में बना कर लाती हूँ बाबा और अपने हाथ से खिलाती हूँ।वो उठी और पेटीकोट पहनने लगी। मैंने पेटीकोट पकड़ लिया।मैं- मत पहनो इसे.

!जैसे ही मैंने लौड़ा बुआ की चूत में डाला कि बुआ जी के मुँह से चीख निकल गई और वो मेरी पीठ पर नाख़ून गड़ाने लगी और उनकी मादक आवाज आने लगी- आःह्ह और डाल आआह्ह्ह्ह और आअज. मैं हिम्मत करके बोला- क्यों चेंज कर दिया? मूवी अच्छी तो थी!फ़ूफ़ी थोड़ा सा मुस्कुराईं और वही चैनल वापस लगा दिया. मैंने उससे पूछा- जान, आज माहौल कितना खामोश है न?मेर अन्दर एक आग सी लग रही है, पर उसकी आँखों की हया मैं देख सकता था, वो बस मौन ही थी, न कुछ कह रही थी, न ही कुछ सुनना चाह रही हो, जैसे बस उस बीतते वक़्त को महसूस कर रही थी.