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ಆಂಟಿ ಡರ್ಟಿ ಪ್ಯಾಂಟಿ: बीएफ सेक्स सेक्स बीएफ बीएफ, उफ्फ… कितना अपनापन, कितनी गर्माहट थी उसके चुम्बन में… मेरा बस चलता तो मैं सारी रात यूं ही चूमने चाटने और अधर चुम्बन में गुजार देता!लेकिन समय की बंदिश थी, एक एक पल कीमती था, अतः मैं उसके ऊपर से थोड़ा उठा और उसका पेट नाभि चूमते हुये उसकी साड़ी निकाल दी और पेटीकोट के ऊपर से ही उसकी जांघें सहलाने लगा.

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बाजू में ही शहद की बोतल रखी थी, मैंने वो खोली और शहद उसकी बुर और चुचों पर डाल दी. घड़ी लड़कियों की सेक्सीतभी अचानक कोई साया कोठरी में घुसता है और अपने पूरे कपड़े उतार कर मुझसे नंगा होकर लिपट जाता है.

मैंने भी अपनी टाँग को ऊपर उठा कर मामा को लॉक कर लिया, जिससे मेरी चूत और कस सी गई. नई फिल्म सेक्सी पिक्चरमैं आप सभी से एक बार फिर कह रहा हूँ, यह कहानी मात्र एक कल्पना है, इसका वास्तविकता से कुछ लेना देना नहीं है.

अब तक हम दोनों अनेकों बार सेक्स कर चुके हैं और मैंने भाभी की हॉट गांड भी मारी.बीएफ सेक्स सेक्स बीएफ बीएफ: एक मिनट ही लूंगी मुंह में… अंकल जी, मुझे लंड चूसने से बहुत आत्म संतुष्टि मिलती है पता नहीं क्यों… आज बहुत दिनों बाद चूस रही हूँ.

मेरे लिए खुद पर काबू करना मुश्किल हो रहा था और मेरा लंड भी धीरे-धीरे कड़क होने लगा था.फिर हाथों से दीदी की कमर को सहलाया, उनकी गर्दन पर हाथ फिराया, होंठों को टच किया.

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मैं भाव विह्वल हो कर बोली- पण्डित जी, मैं अब हर रोज आपके लिए खाना बना दिया करुँगी, मना मत करियेगा, कम से कम एहसान का बदला तो चुकाने दीजिये मुझे.मैंने तो प्राची भाभी की उम्र भी नहीं पूछी थी, बस अनुमान लगाया था कि वे 28-29 की होंगी.

अनु, अभी मेरा हुआ नहीं है… प्लीज़ आज गांड मारने दो ना?”दीदी की जगह मुझे घबराहट होने लगी. बीएफ सेक्स सेक्स बीएफ बीएफ पापा बोले- अरी सुमि (सीमा) मुझको बोल दिया होता, मैं तुम्हारी झांटें काट देता.

जब पाँच छह दिन हो गए और जब मैं एक दिन कोचिंग से वापस आया, तो क्या देखा कि अंकल और पूजा घर आये थे, उनको देखकर मेरी खुशी आसमान छूने लगी.

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तो इसमें आराम रहता है और वैसे भी आज मैंने ये बहुत दिनों बाद पहनी है. उसने अपना एक हाथ टेबल पर रखा हुआ था जिससे उसकी आधी आस्तीन की शर्ट में से उसके डोलों की नसें उभर रही थी जो मुझे और भी दीवाना बना रही थी. मैं समझ गया था कि अब वह रात भर ही अस्पताल में रुकने वाला है और अभी और भी वार्ड में जाकर दवाइयाँ देगा, उसके बाद जब फ्री हो जायेगा, तब मैं लंड का जुगाड़ जमाता हूँ, यही सोचते हुए मैं कुछ देर अपने वार्ड में ही बैठा रहा.

उसके बाद उस आदमी ने उन लड़कियों को इशारा किया, वो बारी-बारी से आगे आई और उस हॉल के बीच में आकर कैटवॉक करते हुए अपने कपड़े उतारते हुए दूसरी तरफ खड़ी हो गई, उसके बाद उन पहलवानों का नम्बर आया और वो भी उसी तरह कपड़े उतारकर लड़कियों के बगल में खड़े हो गये. मुझे उस पर भरोसा नहीं था इसलिए अपने हाथ से मैंने उसका मुँह दबाकर रखा और एक झटके में ही अपने लंड को उसकी चुत के अन्दर डाल दिया. हमने रूम साथ में बुक कराया और कमरे में घुसते ही मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया.

मैंने अब जाने की इच्छा जताई तो दीपक बोला- सर, काफी रात हो गयी है तो आज रात आप यहीं रुक जाइये, वैसे भी हमें सुबह जल्दी ही मार्केट निकलना है तो सीधे यहीं से नहा कर और नाश्ता करके निकल लेंगे. मैंने कहा- मैंने तुम्हारे साथ सपने में और क्या किया?तो उसने कहा कि तुम बहुत सेक्सी हो. थोड़ी देर बाद ही मानसी के हाथ मेरे बालों में घूमने लगे और उसने अपने पेट को हल्के से हिलाना भी शुरू कर दिया था.

एक दिन की बात है सुबह का टाइम था कोई आठ बजने वाले होंगे कि वाइफ के फोन की घंटी बजी. सुमन अपने कमरे में आ गई और अपनी माँ को कोसने लगी कि कैसे वो पापा को तरसा रही है, इसी लिए पापा इतने गुस्से वाले हो गए फिर सुबह वाली बात उसे याद आई वोपापा का खड़ा लंडउसे याद आया.

मैंने भी शर्म छोड़ कर पूजा को अपनी बाँहों में खींच लिया और उसे किस करने लगा.

मैं समझ गया कि वो कुछ करना चाहती है तो मैंने मौका देख कर उसका हाथ पकड़ लिया.

जितनी देर मैंने उनके अन्डकोशों को हाथ में लेकर चूसा और पुचकारा, उतनी देर वो मेरी चूचियों को जोर जोर भींचते रहे. मेरे सीने के मर्दाना चूचुकों को प्राची भाभी ने जब दांतों से काटा, तो मैं सिहर गया. जब कुछ देर बाद उसका लंड एकदम गर्म हो गया और उसकी साँसें तेज हो गईं.

उधर मोना दोपहर तक घर पहुँच गई थी गोपाल ने बाहर से खाना मंगवा रखा था दोनों ने साथ लंच किया, फिर रूम में जाकर बैठ गए. उसकी कामवासना बढ़ती जा रही थी किन्तु मैं उसको तड़पा रहा था, सच कहूँ तो मुझे उसकी चूत चाटने में बहुत मजा आ रहा था, मन कर रहा था कि पूरा मुँह उसकी चूत में डाल दूँ, उसकी चूत चाट चाट के ही उसका पानी निकाल दूँ!ऋतु अब बेकाबू होती जा रही थी, अब वो खुल के मजे लेना चाहती थी, लिहाजा वो एक अचानक से पलटी और मेरे मुँह पर ही अपनी चूत को रगड़ने लगी. संजना की चुत बिल्कुल सफाचट थी क्योंकि मैं जब भी उससे बात करता था तो उसे बोलता था कि हम जब भी मिलेगें तो अपनी चुत के बाल साफ करके आना, मैं तुम्हारी चुत चाटना चाहता हूँ.

पर मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने कहा- नहीं अंकल, जल्दी भेज दीजिये, अभी अभी एक नया बैच चालू हुआ है, उसमें मेरा दोस्त पढ़ने भी जाता है, ज्यादा लेट हो जायेगा तो उसका कोर्स भी छूट जायेगा.

रूबी मुस्करा कर कहने लगी- ठीक है, राज! जैसा ये कहे वैसा ही करना, यदि यह कहे अंदर डालो तो भी इसे नहीं चोदना है. जब मैंने पूछा कि क्या वो घर पर अकेली रहती हैं तो उसने बताया कि उसकी एक बेटी है जो 12 वीं क्लास में पढ़ती है. मैं भी उसके कोमल से शरीर को सहलाते हुए ‘आई लव यू टू… आई लव यू टू…’ कहने लगा.

भाभी- अच्छा? मुझे तो पता ही नहीं था कि आप मुझे बाद में भी देखते हो!मैं- सच बताना भाभी, अगर ऐसा था तो आप बच्चों के बहाने मुझसे बात क्यों करती थीं?भाभी- क्योंकि आप बहुत स्मार्ट हो. मैं केवल अपने जीवन से सम्बंधित सच्ची कहानियाँ अर्थात अपने अनुभव ही लिखता हूँ. ?टीना- वो तेरी लूली से निकला था मगर ये बात तू किसी को बताना मत, नहीं सब तेरा मजाक उड़ाएंगे समझे.

मैं चाची की ओर देखने लगा, वह उठ कर बैठ गई और बोली- तू इतनी देर से मेरी चूची को दबा रहा था, मैं यह नहीं जानती क्या? दर्द मुझे ऊपर था और तू मेरे दूध को सहला रहा था, क्यों?मेरी चुती तरह फट गई.

वे बहुत प्रसन्न दिख रहे थे।उन्होंने बताया- वे जिस लड़की अपनी बहन की सगाई करने तब आए थे आज उसी की शादी है. वो जानता था जिसे सिर्फ़ मोबाइल में नंगा देखा था आज वो उसके नीचे लेटी है.

बीएफ सेक्स सेक्स बीएफ बीएफ आज तक मैं एक साथ दो लंड से नहीं चुदी थी, दोनों मिल कर मेरी तबियत से चुदाई कर रहे थे. और हाँ उसके जाने के बाद आपको मेरी सेक्सी बॉडी के दर्शन भी करवाऊँगी, और मौका मिला तो आपको जन्नत की सैर भी करवाऊँगी, बोलो है सौदा मंज़ूर?’ अनीता ने तिवारी की तरफ हाथ आगे बढ़ाया.

बीएफ सेक्स सेक्स बीएफ बीएफ रास्ते मैं उन्हें लगा कि कहीं वे शादी में पहुँचने में लेट न हो जाएं, तो उन्होंने अपने पति से इस बात को कहा, जिस पर अशोक ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे लोग सही वक्त पर पहुँच जाएंगे. गुलशन जी ने टी-शर्ट थोड़ी ऊपर की तो सुमन आगे की ओर झुक गई- पापा थोड़ा ऊपर करो ना प्लीज़.

एक दिन मैंने उससे पूछा- तुम ब्लू फिल्म देखती हो?आरती बोली- हाँ बहुत पहले देखी थी.

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नताशा के मुंह के ठीक नीचे मेरी पैंट की जिप होने कि वजह से मैं उसकी गर्म सांसों को अपने लिंग पर अनुभव करने लगा और उत्तेजित हो उठा. मगर सुबह तय किये हुए पैसे ना लेकर हमने लड़कों को अच्छा झटका दिया।गोवा से वापिस दिल्ली आकर मैं और रिया ऑफिस के कामों में उलझ गयी. बाकी अगले भाग में!मेरी सेक्सी कहानी पर अपने विचार[emailprotected]पर भेजें!और वो चली गई- भाग 2.

बरखा- मुझे कोई प्राब्लम नहीं है, आज की रात जो चाहो करो, मगर शादी के बाद नहीं. उसने अपना नाम अवनी बताया और उसकी उम्र 28 के करीब होगी, उसकी फिगर 34-28-36 थी, वो दिखने में हॉट एंड सेक्सी लग रही थी. मेरे दिल की धड़कन बहुत तेज़ी से चल रही थी पर मुझे पता था कि अगर मलाई खानी है तो मुझे थोड़ा संयम बनाये रखना होगा.

फिर उस लड़के ने मेरी गांड पे लंड रखा और बिना कुछ लगाए सूखे लंड से ही एक जोरदार धक्का मारा और लंड मेरी गांड को ककड़ी की तरह चीरता हुआ आधा लंड गांड में घुस गया.

अब मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने साली की चुदाई करनी थी लेकिन टाइम की कमी के कारण मैंने उसे छोड़ दिया और हम वापस हॉल को चले गए. नीतू भी रोने का नाटक करने लगी, मोना ने उसको चुप करवाया और कमरे से बाहर भेज दिया और खुद उसके पीछे चली गई ताकि गोपाल को लगे उसको चुप करने गई होगी. अब मुझे सरिता की बातों में मजा आने लगा था, वह बड़ी ही कामुक औरत थी, अपनी बातों में उलझाकर मर्द को अपने काबू में करना उसे अच्छे से आता था.

मैं उसके लंड वाले भाग की तरफ देख ही रहा था कि एक और स्पीड ब्रेकर आया और वो दोबारा जग गया… और सीधी उसकी नज़र मेरी नज़रों पर ही पड़ी जो उसके लंड को उसकी पैंट में टटोलने की कोशिशों में लगी हुई थीं. फिर क्या हुआ?टीना- होना क्या था मॉम काम में इतनी उलझ गईं कि बहुत कम उम्र में ही मुझे खुद को और अपने भाई को संभालना पड़ा और धीरे धीरे दिन गुजरने लगे. मैंने भी उसका टॉप उसकी चूचियों से ऊपर उठा दिया और कैप्री को नीचे घुटनों तक खींच दिया.

सुधीर ने स्पीड बढ़ा दी, अब वो भी किसी भी पल अपना लावा छोड़ सकता था।सुधीर- आह. गुलशन जी ने जैसे तैसे ममता के सवालों का जवाब दिया और उसको कहा कि घर जाकर सब बातें करेंगे, अभी नहीं.

आपको मेरी इंडियन गे सेक्स स्टोरीज कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रियाएं मुझे इस मेल आई डी पर जरूर दें. राजीव मेरे निप्पल उमेठते हुए बोला- इसका तो आज रात भर चोदन करना पड़ेगा. मैंने देखा कि रिया के साथियों ने भी अपने लंड उसके छेदों से बाहर निकाल कर अपने पानी की बौछार उसके मुँह और सीने पे कर दी थी.

जब मेरा वीर्य बिल्कुल निकलने ही वाला था तो मैंने जबरदस्ती भाभी के मुंह से लंड खींच कर निकाला.

30 पर उसके घर पर दुबारा मिलने का प्रोग्राम बनाया और मैं अपने कमरे पर आ गया. काश तू रोज ऐसे ही सुबह सुबह मेरे लंड को शांत कर दिया करे तो कितना मजा आए. अब सबीना मेरे मस्ताना पे जोर से उछलने लगी मैं सबीना की बड़ी गांड पर दोनों हाथों से जोर जोर से थपकी देने लगा.

ऋतु मना करने लगी- राज छोड़ो मुझे, जाओ यहाँ से!मगर शेर के मुख से शिकार फंसने के बाद बचना जिस तरह बचना मुश्किल होता है उसी तरह हवस में भूखे मर्द के सामने बिस्तर पर पड़ी नंगी स्त्री का बचना भी मुश्किल है!मैंने एक हाथ से उसकी कमर को जोर से दबा दिया और दूसरे हाथ से उसकी चूत को मसलने लगा. मैंने दो उंगलियां उसकी चूत में डालकर चूत को उंगली से भी चोदना चालू रखा.

मैंने कहा- मैं एक लड़की हूँ तो आपको कैसे किस कर सकती हूँ?चाची ने कहा- होंठ तेरे पास हैं और मेरे पास भी हैं, तो क्या हुआ. स्वान ने मस्ती में चूर होकर अपनी आँखें बंद कर ली और आनन्द के अतिरेक में अपनी कमर लहराने लगा. मैं एक ही सपना देखा करता था कि काश इस लड़की के साथ मैं सेक्स कर रहा हूँ.

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करीब 10 बजे मैंने कहा- मंजीत, क्या हम चलें?वो उठ कर खड़ी हो गई- चलो जी, आपको भी जन्नत की सैर करवा लाऊं.

थोड़ी देर बाद बच्चे स्कूल चले गए और घर में सिर्फ मैं, चाची और चाची का छोटा बेटा ही बचे. अब यश अपने मेरे निप्पल चूसते हुए मुझे झंझोड़ रहा था, मेरे दूसरे मम्मे पे तड़ातड़ चांटे मार रहा था. इसके बाद चन्दन ने सिर हिला कर उनके स्तनों को टटोला और उनके खुले हुए गोरे पेट पर चुम्बन कर दिया.

उनके बीच वो मर्यादा का परदा अभी भी था और टीना को तो सुमन ने अभी तक कुछ बताया भी नहीं था. मैं उनकी चुत के अन्दर तक जीभ घुसा कर चुत चाट रहा था और उनकी चुत से टपकती हर बूँद को पी रहा था. लड़की चाहिए सेक्सीउसके बाद ठंडा होकर लंड खुद-ब-खुद बाहर आ गया। और वे मेरी बांहों में समा गई।मुझे अब फिर से थकावट महसूस होने लगी थी। मैं थोड़ा आराम करना चाहता था। लेकिन वे मेरी बांहों में थी.

जब मेरा झड़ने को हुआ तो मैंने उन्हें बोला- पानी कहां खाली करूँ अंदर या बाहर?तो बोली- करते रहो … करते रहो … मेरा भी आने वाला है। साथ में करते हैं. बस बसंती रंग की छोटी से ब्रा-पेंटी उसके निप्पलों और चुत के छेद को ढके हुए थीं.

फ्लॉरा ने दोनों पैर पूरे खोल दिए, वो बोल तो नहीं रही थी मगर उसकी चाहत थी कि जॉन उसकी चुत को भी सहलाए. तिवारी ने जरा भी पल न गंवाते हुए अनीता से हाथ मिला लिया- याद रखना अपना सौदा भाबी जी, भूल मत जाना इस नाचीज़ को!’ यह बोलते हुए तिवारी जाने के लिए खड़ा हुआ. पता नहीं हमारे बदन पे कितने हाथ रेंग रहे थे, कौन कहाँ हाथ लगा रहा था ये भी ढूंढना मुश्किल था.

मैं कुछ समझी नहीं दीदी?टीना- अच्छा ये बता उसका लंड चूसने में मज़ा आया था ना तुझे?सुमन- हाँ दीदी बहुत मज़ा आया था. फिर रोहन और मैं परेशान होने लगे और मॉडल का इंतज़ाम करने लगे, पर हमें कोई मॉडल नहीं मिली. गोपाल वहां से चला गया नीतू ने उसको चाय दे दी और तब तक मोना भी उठ गई थी.

मैंने अपने हाथ उठा कर एक ज़ोरदार अंगड़ाई ली और मेरा हाथ उसके चेहरे से टकराया तो मैंने सॉरी बोल दिया.

फिर जॉन का ज्वालामुखी भी फट गया और ये रस तो फ्लॉरा का फेवरिट था, वो कहाँ इसे वेस्ट करती. उसने अपना एक हाथ टेबल पर रखा हुआ था जिससे उसकी आधी आस्तीन की शर्ट में से उसके डोलों की नसें उभर रही थी जो मुझे और भी दीवाना बना रही थी.

अब मेरा पूरा लंड उनकी चूत में चला गया था और वो जोर जोर से अह्ह्ह्हह… उम्म्ह… अहह… हय… याह… स्स्स्स… की सिसकारियाँ ले रही थी. जॉन अब सारा दिन यही सोचता रहता कि कैसे इसे पटाऊं और इसकी कमसिन जवानी को मसलूँ. ’पापा ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी, नीचे से मैं अपने चूतड़ों को हवा में उछाल रही थी कि तभी मेरी चुत से कुछ निकलने को हुआ.

‘यह क्या है भाबी जी?’ अपने दांतों तले उंगलियाँ चबाते हुए तिवारी बोल पड़ा. अगर आप लोगों के पास गांड चुदाई के दौरान होने वाले दर्द का कुछ इलाज हो तो मुझे जरूर बताना. रोहित ने तो अब बाकायदा सविता भाभी को आखों से चोदना शुरू कर दिया है.

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तो ये बात तुम कैसे कह सकती हो?फ्लॉरा- व्ववो यार ये तो कॉमन सी बात है. फिर मैंने उन दोनों को रोका और कहा- जय तुम ऊपर आ जाओ और राहुल मेरी गांड की तरफ आ जायेगा. तभी मैंने देखा कि मेरी बहन उठ गई है, और पूजा को आवाज दे रही है, मैं तुरंत अपने बिस्तर पर आकर लेट गया.

क्या मस्त समा था, एक तरफ़ टीवी पर काला लंड चुत को चोद रहा था और इधर पापा का लंड मेरी बुर को भोसड़ा बनाने में लगा था. मैं एक दिन बहुत उत्तेजित थी तो मैंने अपने पति अशोक से ऑफिस से छुट्टी लेकर पूरे दिन घर ही रहने के लिए कहा ताकि मैं उनके साथ बिस्तर में मजा कर सकूँ. इंग्लिश सेक्सी पिक्चर देवैसे संजय जी को क्या काम है?टीना ने सुमन को बताया कि इन दिनों माँ की तबीयत की वजह से उसने पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया और आज प्रॉजेक्ट्स सब्मिट करना है.

मैंने अपनी एक उंगली सुलेखा की गांड में कर दी, सुलेखा चुदाई के मज़े से सिसकार रही थी और बोले जा रही थी- उफ़ उई आह आह चोद चोद साले चोद.

मैंने चुत को पहले एक-दो बार ब्लू-फिल्म में तो देखा था, साक्षात पहली बार देखने का मौका था और मैं ये मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहता था. रूबी रसोई से बाहर आई, हमारा परिचय करवाया और हम एक दूसरे को दुबारा हैलो कह कर सोफे पर बैठ गए.

उस दिन हमने ऐसे ही 3 बार जम कर चुदाई का आनन्द लिया और फिर शाम को उन्होंने जाने से पहले मुझे बहुत बार थैंक्स कहा और हमेशा जब भी कभी मौका मिले तो टच में रहने की बात कही. मैंने वापस अपने कमरे में आकर अपने कंप्यूटर पर कुछ पोर्न साइट्स खोलीं और तभी मुझे अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज. उसके चेहरे तरफ देखा तो शायद उसे बहुत ही ज्यादा तकलीफ हो रही थी लेकिन वो कुछ भी बोल नहीं थी.

सुमन भाभी ने मुझे किस किया और कहा- आज तक तुम्हारे रमेश भैया भी मुझे इतना आनन्द नहीं दे पाए जो तुमने दिया.

लेकिन वो हटी ही नहीं और आखिरी बूंद मेरे लंड से निचोड़ कर सारा वीर्य पी गई. अब मैंने उसके एक चूचे को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगा और एक हाथ से उसके दूसरे चूचे को पकड़ कर दबाने और मसलने लगा. माँ की चूचियाँ सीमा और चाची की चूचियों की अपेक्षा ज्यादा बड़ी और मुलायम थीं.

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मगर मेरा लंड सुमन भाभी के मुँह में नहीं जा रहा था, मैंने भाभी के सर को हाथ से पकड़ कर अपने लंड को नीचे से उचकाया तो मेरे लंड का टोपा सुमन भाभी के मुँह में चला गया. मैंने अपने कांपते हाथों से उसकी ठुड्डी को ऊपर उठाया जिससे उसके और मेरे होंठ एक दूसरे के आमने सामने हुए और बिना एक पल गंवाए उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिया. सुई जिस रंग पर जाकर रूकती है, उस खिलाड़ी को एक विशेष चटाई, जिस पर एक विशेष क्रम में अलग-2 रंग के खाने बने होते हैं, सुई के रुकने वाले रंग के खाने पर पहले अपने पैर, फिर हाथ, घुटने, कोहनी और अंततः सिर, या शरीर का कोई दूसरा अंग टिकाना होता है! खेल में जो सुई की शर्त को पूरा नहीं कर पाता, उसकी हार हो जाती है.

ऋतु ने कहा- ऊह्ह पूजा… मजा आ गया! कैसे इन लड़कों ने हमारी चूत चाटी और हमें मजे दिए और बिना हमसे मिले कोई बात करे कमरे से चले गए… अपनी सेवा देकर!पूजा ने हंसते हुए कहा- मैं तो डर ही गई थी… पर जब तुम्हारी चूत पर किसी की चूत का एहसास हो तो कुछ सोचने समझने की शक्ति ही नहीं रहती. मैं बोला- बोल मेरी रंडी भाभी… चुत के इतना बड़ा लंड काफ़ी है या फिर गधे के नाप का लेना है?वो बोलीं- आह क्या मस्त लंड है तुम्हारा… मुझे पहले लंड चाटने दो. दो बजे मनोज को पेपर देने जाना था, नवीन उसको परीक्षा-केन्द्र छोड़ कर आ गए.

रोहिणी ने मेरे लंड पर निरोध चढ़ा दिया और वापस उसी टेबल पर लेट कर अपनी चूत को फैलाते हुए मुझे लंड को उसमें डालने के लिये इशारा किया. वैसे तो मैं सुबह 5-6 बजे उठ जाता हूँ लेकिन शादी में थकान होने के कारण मां ने सोचा होगा कि आज इसको आराम करने दिया जाए… क्योंकि मां तो आखिर मां ही होती है ना… वो अच्छी तरह जानती है कि उसके बच्चे को कब किस चीज़ की कहाँ पर क्या ज़रूरत है. वह देखना चाहता था कि उसकी कमीनी माँ जब किसी से चुदती है तो कैसे आहें भरती है, कैसे लंड के लिए तड़पती है.

मैं बिल्कुल मदहोश हो गया था, मेरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था. वह थोड़ा ऊपर उठी तो मैंने उसे पीछे से नंगी करके उसकी कैप्री नीचे खिसका दी.

फिर भी बदन को कड़क कर लिया और एक तेज पिचकारी सीधे सुमन के गले में उतर गई। वो कुछ समझ पाती, तब तक और पिचकारी उसके मुँह को वीर्य से भर गई। जल्दी से उसने लंड को मुँह से निकाला तब तक और भी रस निकला जो उसके हाथ पर लग गया।मेरे प्यारे पाठको, आप इस सेक्सी कहानी पर कमेंट्स मर्यादित भाषा में ही करते हुए सेक्स स्टोरी का आनन्द लें।[emailprotected]सेक्सी कहानी जारी है।.

एक दिन मैं इन्स्टिट्यूट से घर आया तो देखा भाभी कंप्यूटर पर क्सनक्सक्स मूवी देख रही हैं. सुहागरात मनाते हुए सेक्सीअब अँधेरा हॉल हो और दो जवान लोग पास-पास बैठे हों तो कोई पत्थर ही होगा जिसका सेक्स की तरफ ध्यान न जाए बल्कि मैं तो कहूँगी कि सेक्स के अलावा किसी और तरफ ध्यान जाता ही नहीं. हिंदी पिक्चर का वीडियो सेक्सीदोपहर को स्मृति मेरे पास आई और मेरे कूल्हे पर पैर मार कर बोली- कब तक सोयेगा? चल उठ, नहा कर कुछ खा पी ले. रूबी ने वैशाली के चूतड़ों को सहलाया और बोली- स्पर्म वाली प्लास्टिक की डंडी लेने चली थी, अब ले गर्म गर्म ताजा ताजा वीर्य, मोटे लौड़े से, डायरेक्ट अपनी चूत में.

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दस दिन बाद भाभी जालंधर आ गई और मेरी उनसे फोन पर मिलने की बात हो गई. मैं अभी उसकी चूत चाटने में व्यस्त ही था कि वही हट्टा कट्टा आदमी अन्दर आया और उस लड़की की चूची को दबाते हुए बोला- क्यों रोहिणी, अभी तक फिजिकल नहीं हुआ?जवाब में वो लड़की बोली- बॉस, ये लड़का अभी नया है तो बस अभी इसको सिखा रही थी, दो-तीन मिनट रूको, मैं इसको फ्री करती हूँ. अन्तर्वासना के सभी प्रेम पुजारियों को आशिक राहुल की तरफ से एक बार फिर से नमस्कार!प्यारे दोस्तो, मेरी पिछली सेक्सी कहानीतड़पते यौवन को भाई का प्यार मिलामें मैंने बताया था कि कैसे एक रईस परिवार की शादीशुदा कामुक नारी ने अपने एक चचेरे भाई के साथ अपनी काम वासना को संतुष्ट किया था.

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फ्लॉरा- सिर्फ़ मेरी ही? टीना की गर्मी कौन निकालेगा?अतुल- क्या मतलब है तुम्हारा?फ्लॉरा- वो भी तुम्हें देख कर फिदा हो गई है. पहले राहुल आया और झटके मारने लगा और ऐसे ही झटके मारते मारते मेरी गांड में ही झड़ गया. मामा अपने लंड को पकड़ कर नीचे लेट गए और बोले- मेरे लंड पर चूत रख कर बैठ जाओ.

सुमन के मुलायम मगर तपते होंठों का अहसास संजय को मज़े की अलग दुनिया में ले गया.

कुछ पल में ही हम दोनों का कामरस बह गया और हम थककर एक दूसरे के ऊपर नीचे ही लेटे रहे.

मोना ने गोपाल को यकीन दिलाया कि वो उससे गुस्सा नहीं है, उसको जो करना है. टीना- सब तो ठीक है मगर तू अब तक तेरे पापा को रिझाने में कामयाब नहीं हुई. नागराज की सेक्सीउस समय मेरा डर तो काफी कम हो चुका था किन्तु मुझे बहुत आत्मग्लानि हो रही थी.

गुलशन जी कुछ समझ पाते, तब तक सुमन ने दूसरा पासा फेंक दिया- चलो पापा, अब मेरी गर्दन के पीछे से दबाओ, सर की मसाज करो. मेरा लंड रॉड की तरह सख्त हो चुका था और दर्द भी करने लगा था, पर उस समय मेरे पास चुपचाप लेटे रहने के सिवाए और कोई रास्ता नहीं था. नीतू को बाद में भी चोद लेना और रही बात मेरी, तो उसका बाद में देखेंगे.

’ओह वाउ क्या मज़ा आ रहा था। उनके चूचे ही ऐसे थे, जिसे देखके कोई भी मर्द का खड़ा हो जाएगा।उसके बाद मैंने भाभी को बिस्तर पे लिटाया और उन्हें किस करने लगा। पहले गले पर और फिर से उनके मम्मों को चूसने लगा, चाटने लगा। इतना ज्यादा चाटने लगा कि मेरे थूक से उनके चूचे पूरे गीले हो गए।मैं- भाभी कैसा लग रहा है?काजल- चूसते रहो प्रिंस. आपको मेरी मामी की चुदाई की हिन्दी सेक्स कहानी पसंद आई? कमेंट जरूर कीजिएगा.

सुमन ने बताया- यह लड़की हाथ से निकल चुकी है और उस लड़के के साथ पिक्चर देखने व बाहर घूमने जाती है, शायद यह उससे चुदवा भी चुकी होगी.

ताकि कोई अगर देखे तो उसको सोने दे, जिससे मैं रात में उसके साथ कुछ कर सकूं. उठो देखो तो क्या हो गया।जैसे ही पूजा खड़ी हुई संजय ने फ़ौरन अपना बरमूडा पहन लिया।पूजा- सॉरी मामू मैंने तो आपको कितना कहा मेरा सूसू आ रहा है मगर आप सुने ही नहीं और मैं रोक नहीं पाई। पूजा बहुत डर गई थी और उसकी आँखों से आँसू भी आने लगे थे। संजय ने लाइट ऑन की और पूजा को अपने गले से लगा लिया।संजय- अरे अरे पागल रोती क्यों है मैंने डांटा थोड़े ही है. किचन का काम निपटाकर दोनों कमरे में आईं, तो मैं अपनी सलहज के बेटे के बगल में बेड पर लेटा था.

सेक्सी वीडियो देवर भाभी जी इतनी देर शर्माने वाली पूजा मेरी जुबान को अपनी जुबान से चूस कर मेरा साथ देने लगी. मैं- अब लंड कहाँ से लाऊं तेरे लिए?ऋतु- तुझे जरूरत नहीं है, मेरे पास है!इतना कहते ही उसने राहुल को आवाज दी- राहुल?और अगले ही पल राहुल हमारे सामने नंगा खड़ा था.

मैंने उसकी छाती को चूम लिया और इसके बाद दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह गले में चूमने लगे. हमें जब तक फ्रेशर नहीं मिल जाता था क्लास के लड़कियों से बात करना भी मना था. मैं लंड को बाहर खींच कर फिर जोर से एक ही बार में जड़ तक पेल दिया, उसकी रस से भरी पनियाई हुई चूत ने मेरे लंड को अपने गर्म आगोश में ले लिया.

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मेरी शानदार पत्नी ने उनके लौड़ों को अपने हाथों में पकड़ कर चूसना शुरू कर दिया. मैं इस सीन को देखकर आश्चर्य चकित रह गया क्योंकि इस तरह की सीन अक्सर करके ब्लू फिल्म में होती थी. वो मन्दिर में भजन-कीर्तन की कह कर निकल जाती थीं और उनके वापस घर आने के समय की कोई पाबंदी नहीं थी.

मैंने भी देर ना करते हुए अपना लंड उसकी कुंवारी चूत पर रखा और झटका लगा दिया. मैं कपड़े चेंज करने के लिए अन्दर जा ही रहा था कि चाची ने मुझे रोका और कहा- अन्दर दीदी चेंज कर रही है.

मैंने भाभी से काम के लिए पूछा तो उन्होंने बताया कि वो मसाज करवाना चाहती हैं.

मुझे बुर पर गीला सा महसूस हुआ मैं समझ गया कि अब इसे भी अच्छा लग रहा है. उस दौरान वो मुझे कई बार देख कर नज़रें हटाती रहीं, पर मुझे कुछ होश ही नहीं था. जगह की व्यवस्था करने के बाद पहला काम था कि उस रात को यादगार बनाना और इसके लिए जरूरत थी कुछ तैयारियां करने की; तो सबसे पहले मैंने उस कमरे को सजाने के बारे में सोचा; मैंने उसे डेकोरेट करवाया और खुद भी पूरी तरह तैयार होकर वहां तय वक्त के आधा घंटा पहले पहुँच गया ताकि मैं उसकी हर एक प्रतिक्रिया देख सकूं.

तभी जॉन उससे अलग हुआ और उसको अपने ऊपर लिटा दिया मगर इस बार जॉन ने पोज़ बदल लिया था. मैंने अपने मुरझाये हुए लंड को निचोड़ कर आगे किया और उसके सिरे पर बड़ी सी वीर्य की बूंद चमकने लगी तो मैंने दोनों से कहा- अब इसका क्या होगा?ऋतु- पूजा तुम चाट लो इसे!पूजा घबराते हुए बोली- मैं… नहीं मैं कैसे!?!मैं- जल्दी करो… नहीं तो मैं जा रहा हूँ. ऐसे करने से रानी की आँखें नशीली हो चलीं और वो बिस्तर पर पैर फैला कर लेट गई.

गुलशन- अच्छा तो ये बात है? कोई बात नहीं अबकी बार उसका भी इंतजाम कर दूँगा.

बीएफ सेक्स सेक्स बीएफ बीएफ: दो तीन मिनट बाद जमीला एक साइड हुई और जमीला ने कंडोम उतारा और मस्ताना को किस किया और फिर दूसरा कंडोम फाड़ कर मुँह से चढ़ाया और बोली- सबीना डार्लिंग, अब असली लौड़े का मजा दे तेरी इस कमीनी चुदक्कड़ चूत को!और सबीना मेरे मुँह से खड़ी होकर मेरे मस्ताना पर चढ़ गई. अब दर्द और मजा दोनों ही थे मगर मजा बाज़ी मार गया और मैंने कोई विरोध नहीं किया.

अब हमारी पोजीशन ये थी कि मैं फर्श पर पीठ के बल लेटा था, मेरे ऊपर सबीना ऐसे बैठी कि उसकी पीठ मेरी टांगों की तरफ थी और वो घुटनों के बल मेरे मुंह पर बैठ थी और हाथों से उसने दीवार पर लगा टॉवल स्टैंड पकड़ा हुआ था. ‘कहाँ जा रही है भाबी जी?’ तिवारी को लगा मानो अनीता उसे सुबह सुबह ही अपने बेडरूम में चुदने के लिए रिझा रही थी, तिवारी ने खड़े हो कर अनीता का पीछा करना शुरू किया कि तभी अनीता बोल पड़ी- ठहरिये तिवारी जी, मैं आपको कुछ दिखाना चाहती हूँ, आप मेरा इंतज़ार कीजिये. मैंने कहा- नहीं भाभी, मैं आपके सिवाय किसी और की चूत में अपना लंड नहीं दूंगा.

लेकिन वह हरामी चोदू लंड कहाँ मानने वाला था, उसने मुझे झुकने को कहा तो मैं बेड पकड़ कर झुक गया, उसने मेरी नई नवेली गांड को चौड़ी किया और उसमें थूक दिया और अपने लंड को भी थूक लगाकर हथियार की तरह तैयार करने लगा.

एक दिन मुझे मेरे एक दोस्त का फोन आया, जिससे मुझे पता चला कि उसके घर वाले किसी जरूरी काम से बाहर गए हुए हैं. मैं अभी पाँच लंड का इस्तेमाल कर रही थी…या यूं कहना चाहिए कि मैं पाँच लंडों की रानी थी. हो सकता है ये असली कालगर्ल्स के नंबर हों या किसी ने किसी लड़की को परेशान करने के लिए उसके असली नम्बर शहर के नाम के साथ लिख दिए हों.