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बीपी बीएफ मूवी: बीएफ वीडियो देख, ये कह कर जैसे ही मैं खड़ी हुई पानी पीने के लिए और चलने की कोशिश की तो मेरी चूत में बहुत जलन और दर्द होने लगा.

पूरे शरीर में दर्द के कारणों

उसने वल्लिका की गोरी चूचियों पे उभरे गुलाबी निप्पालों को चुटकी से मसल दिया. इंग्लिश सेक्सी कार्टूनकुछ देर बाद मैंने थोड़ा सा हिलना शुरू किया और अपना लंड अन्दर बाहर किया, तो उसे फिर से दर्द हुआ.

बस 10-15 झटके में मैंने मेरे लंड का माल उसकी चुत में छोड़ दिया और उसके ऊपर गिर गया. अनवांटेड ७२ खाने के बाद क्या होता हैतब न तो मोबाइल फोन थे न इन्टरनेट और न ही लड़कियां यूं कोचिंग जाती थीं.

उसने बोला- मुझको एक अच्छे और भरोसेमंद सेक्स पार्ट्नर और बेस्टफ्रेंड की ज़रूरत थी और इसीलिए मैंने तुम्हारे सारे डॉक्यूमेंट अच्छे से चैक किए थे और तुम्हारा फैमिली बॅकग्राउंड भी चैक किया था.बीएफ वीडियो देख: तभी दिनेश अपना लंड पकड़ के मेरे मुँह में डाल कर बोला- तुझे चुदते देख कर वन्द्या मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है.

बातों बातों में हमने पूछा कि कोई लड़की दोस्त बनी या नहीं?तो वह बोला- भारतीय लड़कियाँ सुंदर हैं पर कोई उसकी दोस्त नहीं बनना चाहती.फिर मैंने देर न करते हुए उसकी एक चूची को मुँह में ले लिया और दूसरी को हाथ से दबा रहा था.

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मगर उससे उस लौंडे का लंड ठंडा क्या होना था, वो तो खुद ही बहुत कामुक हो रही थी, जैसी उसकी आवाजें आ रही थीं.वो बोल रही थी कि कब से इसका इंतजार ही तो कर रही थी, तुम कितने अच्छे हो.

मुझे पूरी तरह यकीन तब हुआ, जब उसने मुझसे पानी की बोतल मांगी और मैंने वही पानी की बोतल उसे दे दी, जो मैं पी रहा था. बीएफ वीडियो देख उसको हँसते हुए देख कर बापू को भी हंसी आ गयी और हँसते हँसते उसने बोला- हटाओ अपना हाथ यार, उतारने दो ना, ज़रा देखूँ तो यह जगह कितनी मुलायम और नर्म है.

मैं अपना लंड चुत में आहिस्ता आहिस्ता एक लय में अन्दर बाहर करते हुए प्यारी बीवी की चुत चोद रहा था.

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मैंने भी मौके को भांप कर जल्दी से उन्हें अपने नीचे कर लिया और जोर जोर से उनके होंठों को चूसने लगा. मेरे लंड भी तनाव में था और मैं अपने लंड को दबा रहा था और अपने निप्पलों को भी उंगली से मसल रहा था. यह कहते वक़्त पद्मिनी ने खूब अच्छी तरह से महसूस किया कि उसके बापू का लंड उसके चूतड़ों पर दबा हुआ था.

पर मुझे बड़ा मजा आया एक बात से…रजत- किस बात से भाई?विक्रम- माँ ने मुझे अपने सीने से लगा लिया था आज और मैं उनको चूचियों में जैसे खो गया था. धीरे धीरे तुषार भैया ने मेरा हाथ अपने लंड पर रख दिया और हौले हौले मेरे हाथ से अपने लंड को मसलवाने लगे. तब तो सिर्फ जूसी रानी के पेटीकोट में मैं हर वक़्त घुसा रहता था और उसकी बुर के जूस के फुव्वारों में डूबा रहता था.

जिस दिन तुम्हारे ये चूचे बड़े हो गए, तो कोई हीरोइन भी तुम्हारे सामने कुछ नहीं लगेगी. तो अंकित बोला- क्या हुआ?मैं बिल्कुल पागल हो गई थी, मुझे कुछ होश नहीं था. ये मेरे लिए अलग एहसास था क्योंकि मेरे पति कभी मेरी गांड नहीं चाटते थे.

वो हँसी- हा हा !!! टेस्ट भी नहीं लेने दिया अच्छे से, सारे सड़का सीधे गले में उतार दिया. मैं एकदम से पीछे हट गया तो उन्होंने मेरा सिर पकड़ कर फिर से चूत पर मुँह लगा दिया.

जो आपकी इस हॉट ड्रिंक में है मम्मी जी…”दो पल बाद ही उनकी चूत में से टॉयलेट की बूँद बूँद टपक रही थी.

उधर मैंने आंटी के एक के बाद एक कपड़े उतारने चालू कर दिए और उन्होंने मेरे… हम दोनों एक दूसरे के सामने नंगे खड़े थे.

मैंने कहा- तुम तो कह रही थीं कि मुझे भी पिला देना?तो हंस कर कहने लगी कि वो तो यूं ही मजाक में कहा था. शुरू से फिज़िकल आक्टिविटी में इन्वॉल्व होने के कारण मैं बहुत ही स्ट्रॉंग था बाकी लड़कों से. ये एक बहुत बड़ा रूम है, सो उसका आधा भाग साफ करके वो केयर टेकर उसमें ही रहते हैं.

उसकी गांड की फांक महसूस करके अब तो मेरा लंड भी पूरा खड़ा होकर उसकी गांड के छेद पर जा लगा. अब मेरा दांया पैर बीवी के दोनों पैर के बीच में था और बाया पैर बीवी की दांई ओर कमर के बाजू रखकर बीवी की चुत चोदने लगा. हम अमृतसर में 11:00 बजे के लगभग पहुंच गए सबसे पहले हमने वहां एक होटल में कमरा बुक किया फिर मैं लगभग 3:30 बजे एक मैजिक कार से हम वाघा बॉर्डर के लिए गए.

रास्ते में मैंने रेखा से पूछा- आप क्या बहाना लगा के आईं होटल में? मैंने तो जूसी रानी से कहा कि एक दोस्त से मिलने जा रहा हूँ.

वो मैं अगली कहानी में बताऊंगा कि कैसे हम दोनों ने उसकी चुत चोदी।दोस्तो, इस तरह से मैंने अपनी जिन्दगी की पहली चुदाई की।आपको मेरी सेक्स स्टोरी कैसी लगी मुझको अवश्य बताइयेगा।[emailprotected]. उसने मुझसे कहा- कैसा लग रहा है?मैंने कुछ नहीं कहा, बस आंख बंद करके लंड के मजे लेती रही. हम दोनों एक दूसरे से चिपके हुए कम्बल में अपनी साँसों को लड़ा रहे थे.

मैं बिस्तर पर चुपचाप लेटी उसको देख रही थी और अपनी बुआ के लड़के के खड़े लंड को देख रही थी. मैंने भाभी की चूत में लंड लगाए लगाए उनको अपने नीचे लिया और भाभी की ज़ोर ज़ोर से चुदाई करने लगा. मामी के मुँह से तो बस मादक सिसकारियां निकली जा रही थीं- अह्ह्ह ह्ह्ह्ह.

पद्मिनी अपने हाथों को अपनी पेंटी पर दबाया था और वो बापू को वहां नहीं छूने दे रही थी.

उसने मुझे उठा कर बेड पर अपनी गोदी में बिठा लिया और मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया. हम दोनों का ये खेल काफी देर तक चलता रहा और फिर वो मेरा मोबाइल नम्बर मांगने लगी, जिस पर व्हाट्सैप चलता था.

बीएफ वीडियो देख मैंने पीछे से देखा तो उसके कुर्ते से झांकती उसकी ब्रा के स्ट्रेप्स और उसके ऊपर पहनी हुई शमीज का आकर साफ़ नज़र आ रहा था; कुर्ता नीचे की तरफ उसके गोल मटोल पुष्ट नितम्बों की दरार में फंसा हुआ था जिससे उसकी मादक चाल और भी मदमाती लगने लगी थी. उनकी चुत की गर्मी महसूस करके और चुत का दबाव देखकर मुझे लगा कि अब चुत बहुत अकड़ रही है.

बीएफ वीडियो देख फिर एक दिन करवा चौथ थी और उसका व्रत था तो रात के टाइम उसने मुझे फ़ोन किया और कहा- चाँद को देखो निकला है अभी या नहीं?मैंने छत पर जाकर देखा तो चाँद नहीं निकला था, मैंने उसको बोल दिया कि अभी नहीं निकला. फिर मैंने अपनी जैकेट और टी-शर्ट उतार दी और उनकी उनके सामने ही नकल करने लगा तो वो हंस पड़ीं.

मैंने उन्हें मसल मसल कर लाल कर दिया, जिससे उसके मम्मे तन गए और निप्पल लाल हो गए.

देहाती छोडा छोड़ी

मेरी सेक्स कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे प्रमोद ने सफलतापूर्वक अपनी देसी बीवी को पेरिस के एक बीच पर पूरी नंगी कर लिया और समुद्र के पानी में छिप पर खुलेआम चुदाई भी कर डाली. फिर एक दिन उन्होंने मुझे कॉल किया और बताया कि उनकी बाइक स्टार्ट नहीं हो रही, क्या मैं उनके बच्चे को क्लब से घर पे लेकर आ सकता हूं. मैंने सब कुछ बताया और कहा कि सिर्फ़ आपके घर की इज़्ज़त की खातिर ऐसा हो गया है, वरना मैं कितने साल से काम कर रहा हूँ.

मैंने कहा- आप जो कहेंगी, मैं करूंगा भाभी!भाभी ने फिर से कन्फर्म किया- देख लो, बाद में अपने वादे से पलट न जाना?मैं इस समय डरा हुआ था, सो घिघयाने लगा- भाभी, मैं वो सब करूँगा जो आप मुझसे कहेंगी. उन्होंने सिर ऊपर करके मुझको देखते हुए बोला- तुम कुछ सुनने की हालत में थे भी?इस बात पे मैं चुप हो गया. वो मुझे खूब शॉपिंग करवाती थी और घर में डर रहता था, तो होटल में रूम बुक करके बहुत मस्त लंड लेती थी.

निशा ने एक अंगड़ाई ली और बोली- बड़े शरारती हो, ठीक से सोने भी नहीं देते.

हम तीनों पहुँचे होटल, मगर जैसे जैसे अंदर जा रहे थे, डर भी लग रहा था. और यही हुआ, मैं अनुप्रिया के घर पहुँच गई, वहाँ उसकी मम्मी, पापा और वो थी. उसकी दरार को और चौड़ी करते हुये जीभ को नीचे से उपर तक ले गया, वह सुखद अनुभूति से कुहक बैठी.

मैं बुआ के बेटे को दूर करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उसने मुझे कस कर गले लगाया हुआ था, इसलिए मैं उससे अलग भी नहीं हो पा रही थी. फिर देखा कि मुस्कान बहुत खुश थी, उसने मेरे लिप्स पर किस किया, फिर थैंक्स बोली और किचन में जाने लगी. मैंने शुरुआत के दो चार धीरे धक्के मारे, इसके बाद एक जोर का धक्का मार दिया.

पद्मिनी अपने हाथों को अपनी पेंटी पर दबाया था और वो बापू को वहां नहीं छूने दे रही थी. मैंने भी मुस्कान को और कसके अपनी बांहों में दबा लिया और उसकी पीठ पर हाथ से सहलाने लगा.

मेरे हर धक्के पर मेरी बीवी मुँह से मादक आवाज निकाल कर जवाब देती थी, वो कहती थी- आह… चोदो मेरी चुत को जोर से चोदो… चोदकर चुत में से सब पानी निकाल दो… आह… मजा आ रहा है. फिर जब मैंने अपना लंड बाहर निकाल कर देखा तो उसमें हल्का सा खून लगा था. उस दिन मुझे अपनी मर्दाना कमज़ोरी का भी एहसास हुआ, शायद यही मेरे मामा के साथ भी होगा जो मामी को मुझमें एक ताकतवर लंड की तलाश करनी पड़ी.

लंड फंसते ही मैंने उसे अपनी ओर खींच लिया, जिससे एक ही झटके में मेरा पूरा लंड उसकी बुर में समा गया.

आखिर में एक फ्लैट अच्छा लगा, वहां के मकान मालिक एक बुजुर्ग दंपत्ति थे. गोरे गुदाज़ बूब्स सुनहरे भूरे निप्पल… उफ़!वो अभी भी होश में नहीं आई थी. जिप खुलते ही मैंने अपना हाथ अन्दर डाल दिया और उसकी टी-शर्ट को भी ऊपर कर दिया.

डिनर करते करते मैंने काफ़ी बार उस की नाइटी को खिसका कर चुचे चूसे और इसी बीच पम्मी को भी सहलाना शुरू कर दिया था. मैंने भी ज़्यादा देर नहीं लगाई क्योंकि स्कूल का टाइम था कोई भी बच्चा आ सकता था.

भाभी 15 मिनट तक मेरे लौड़े की सवारी करती रहीं और मैं उनकी चूचियों को दबा दबा कर पीता रहा. फिर न जाने क्या हुआ कि मेरी आवाज मेरे हलक में ही अटक कर रह गई मेरी आँखों के सामने अँधेरा छा गया. एक बार फिर 10 मिनट के बाद रीना दीदी ने मुझे कस के पकड़ लिया लेकिन इस प्रकार के पोजीशन में उनकी चूत ने मेरे लिंग को इस प्रकार जकड़े हुआ था कि मैं भी उनकी चूत में स्खलित हो गया.

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मैंने कहा- भाभी आज आप बहुत खूबसूरत लग रही हो तो आपकी एक पिक हो जाए.

उसने अपना दांए हाथ से मेरे लंड को मुठ्ठी में भरा और जोर से दबाने लगी. विक्रम- म… ग… प… क… म…रजत और मयूरी को विश्वास नहीं हुआ विक्रम ऐसा कर रहा है. मैं अब पूरे जोश में आ गया था, मेरी आँखें बंद हो चुकी थीं, मुझे अब कुछ नहीं दिख रहा था.

कोई शर्म लिहाज तो है नहीं … इतने लोगों के बीच भी सब्र नहीं है आपको?” बहूरानी मुझे झिड़कती हुई बोली. मैं अन्दर चला गया तब उन्होंने बताया कि घर में कोई नहीं हैं और भाभी का मोबाइल बिल्कुल ठीक था. सेक्सी वीडियो तमिल मेंउसकी जांघें और टांगें मांसल लग रही थी, उसकी चूत पर मैंने हाथ फिरा कर देखा तो उसकी चूत भी पावरोटी की तरह से फूली हुई थी.

मगर उसे ना जाने क्या हो गया था मुझे अपनी गोद में बिठा कर मुझे चूमता रहा और साथ ही बोलता रहा कि मेरे बाप ने मेरी ज़मीन पर कब्जा कर लिया. तभी अचानक मेरी बहन का हाथ मेरे हाथ के ऊपर आया, मेरी तो फिर से गांड फट गयी… डर के मारे मेरी जान निकली जा रही थी.

मुझे मालूम था कि ज्यादातर बड़े बड़े ऑफिसर लोग सिर्फ़ साइन करते चले जाते हैं. जब वो अपने दोनों हाथों को ऊपर किए हुए थीं, उस समय आंटी की भरी हुई चुचियां एकदम सामने से दिख रही थीं. दूसरे दिन शाम को मैं अपने घर आने को निकला, तो उसने मुझे 3000 रूपये दिये.

आपको चाचा सब कहते हैं तो मैं भी कहती हूं, पर आप मेरे पापा के चाचा हो, यानि मेरे बाबा हुए. फिर मैं टाइम देख कर भाभी को लाने बस स्टैंड गया और भाभी को लेकर अपने घर आ गया. उनके एक दूध को अपने मुँह में भर के ऐसे भींच लिया, जैसे काट कर छाती से अलग ही कर दूँगा.

सुधा भाभी- वाउ, इतना जवान लंड लेकर आज मेरी ढलती जवानी फिर से ज़वान हो जाएगी.

मैंने पहली बार दो हट्टे कट्टे मसकुलर मर्दों को इस मस्ती से एक दूसरे की गांड मारते मरवाते देखा था. मैंने उन्हें गुड मॉर्निंग बोला और रिपोर्ट उनके हाथ में दे दी- मैडम, प्लीज़ यह रिपोर्ट सर को दे देना.

नजर लगाएगा क्या?मैंने भी कह दिया- नींबू मिर्च लटका लीजिए अपने जूड़े में, वर्ना पक्का मेरी नजर लग जाएगी. नलिन- मीता … तुम चुप करो … क्या बकवास करे जा रही हो?मीता- भैया, मैं आपको अच्छी तरह से जानती हूँ, आपका चुप रहना ही बेहतर है. उसने एक उंगली चूत में डाल कर चाटना शुरू किया तो मैं ख़ुद पर कंट्रोल नहीं कर पायी और मेरा पानी निकल गया.

पद्मिनी अपने हाथों को अपनी पेंटी पर दबाया था और वो बापू को वहां नहीं छूने दे रही थी. फिर उसने अपने हाथ से मेरा लौड़ा अपनी चूत के छेद पे रखा और लंड पर बैठ गई. ऐसी सेक्सी गुदगुदी महसूस होने लगी कि मुझे कुछ होश नहीं रहा कि मैं कहां हूं.

बीएफ वीडियो देख ट्रेन इतनी स्पीड में जा रही थी कि मैं थोड़ा सा ही अंदर-बाहर करता तो ट्रेन की कम्पन की वजह से उंगली और तेजी से अंदर जाती. अंकल कहने लगे- अरे बेटा, घर में शादी का माहौल है और अभी कुछ भी सामान नहीं आया है.

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उन्होंने बड़े ही अच्छे तरीके से मेरा लंड चूस कर मुझे संतुष्ट किया और मेरी ओर देखा. आज की कहानी में मैं आपको बताऊँगी कि कैसे मैं एक गाँव के देसी बॉय से चुदी. मैंने उसे पूछा- बॉडी मसाज जेंट्स करते हैं या लेडीज करती हैं?तो उसने बताया कि दोनों ही करते हैं.

पर यहाँ कुछ कर नहीं सकता था क्योंकि उसका बच्चा था तो वो इशारे में रूम में आने को बोल कर वहाँ से चली गयी. फिर मुस्कुराते हुए बोलीं- फ्रिज में ढेर सारे आम रखे है, आपको खाने हो तो आ जाओ. सेक्सी फिल्म हिंदी देखने वालीइस पर बापू ने कहा- अरी पगली, इतनी खूबसूरत जाँघें हैं तेरी, तेरी माँ से भी ज़्यादा खूबसूरत और सेक्सी हैं, देखने दे न… मुझको तो इनको खा जाने को मन करता है.

दोस्तो, आपको कैसी लग रही है मेरी सेक्स स्टोरी, बताने के लिए मुझे यहाँ मेल कर सकते हैं[emailprotected]आपके प्रोत्साहन से मुझे लिखने की प्रेरणा मिलती है।.

उसने लाल साड़ी पहनी हुई थी, गले में बड़ा मंगल सूत्र था और मोटी चैन पहने हुई थी. लंड मोटा ज्यादा होने की वजह से दर्द ज्यादा हो रहा था, मैंने इशारे से लंड निकालने का पूछा तो भाभी ने मेरी कलाई पकड़ ली और उन्होंने कहा- दर्द की चिंता मत करो.

उसकी सहेली काजल का कल एग्जाम है, तो वो अपनी नींद पूरी करना चाहती है. फिर मैं अपने पति के साथ तेजपुर पहुँच गई और फिर एक दिन मैंने उन्हें अनुप्रिया के बारे में बताया और फिर उससे उनकी बात कराई जिससे कि उन्हें सन्तोष हो जाये. नंगा गर्म लंड देख कर मैं सोचने लगी कि इतना बड़ा और मोटा … मेरी तो फट जायेगी.

मयूरी जिद करते हुए- भैया, दिखा दो ना प्लीज…विक्रम- हाँ मेरी जान… तू बिल्कुल देख ले और जो करना है वो कर इसके साथ… अब ये पूरी तरह से तुम्हारा है.

मैं छटपटा रही थी और उनको अपने ऊपर से हटाने की कोशिश कर रही थी, पर मैं नाकाम रही. मैं इस बात को समझती थी कि इस टीचर की ठरक मुझे सहलाने पर मजबूर कर रही है. लेखिका: दिव्या रत्नाकरसम्पादिका एवं प्रेषक: तृष्णा लूथरामेरी गर्म स्टोरी के तीसरे भागसास विहीन घर की बहू की लघु आत्मकथा-3में आपने पढ़ा कि मेरी एक सहेली मुझे अपने प्रसव के समय क्या हुआ, उसके ससुर ने कैसे एक नर्स की भान्ति सेवा की, बता रही है.

मारवाड़ी सेक्सी वीडियो बताओइसलिए उसने मुझसे कहा कि उसे उसके दोस्त ने एक फ्लैट दिलवा दिया है और वो वहीं शिफ्ट हो जाएगा. साली ये चुत तेरे लंड की दीवानी हो गयी है… बस सारी रात मेरी चुदाई करते रहो.

आर्मी फौजी

इस तरह से धीरे धीरे बात को सेक्स की दिशा में घुमा दिया और कहने लगीं कि कोई बात नहीं. उसको उसके पार्लर से थोड़ा दूर छोड़ा क्योंकि वो नहीं चाहती थी कि कोई हमें साथ देखे ओर कुछ गलत समझे. मैंने अब उनकी पूरी साड़ी निकाल दी और ब्लाउज भी निकाल कर उनको अधनंगा कर दिया.

मेरी पिछली कहानी थीबीवी की चूत चुदाई उसके भाई सेआज मैं आप को अपना एक और किस्सा सुनाने जा रहा हूँ. अगर मुझ पर भरोसा करती हैं तो एक बार आजमा कर देख लीजिये।”मैं सोचूंगी।” इस बार उसने सकारात्मक सन्देश दिया।जी बिल्कुल… कल सुबह बता दीजियेगा. हम दोनों को बियर पीने के बाद थोड़ा नशा सा होने लगा और हम दोनों मस्ती में एक दूसरे को गले लगाने लगे.

जाते वक्त उन्होंने मुझे कभी भी उनसे न मिलने और फोन भी नहीं करने को कहा. फिर भाभी नंगी ही किचन में गईं उन्होंने पकौड़े तले और प्लेट में ले कर आ गई. दोस्तो, मैं आपको बता देता हूँ कि जो भी लड़की मुझसे 2-4 दिन बात कर ले उसको मेरी बातें और खासकर मेरी आवाज इतनी पसंद आती है कि वो लड़की खुद मुझे आगे से मेरी आवाज सुनने के लिए फ़ोन करती है.

दो तीन मिनट जब वो चूत में अपनी जीभ डाल कर चूसते रहे, तब ना जाने मुझे पहली बार क्या होने लगा, यह मैं भी नहीं जान पाई और अपने आप मेरी सांसें बहुत तेज होने लगीं. फिर मैं अपने हाथ से मामी जी के बदन को सहलाने लगा, जिस से वो नॉर्मल होने लगीं.

इस पर पद्मिनी ने एक छोटी सी चीख़ निकाली, मगर बापू ने उसकी चीख़ को नज़रअंदाज़ कर दिया.

मंजू ने भी अब दोनों हाथों से राज को जकड़ लिया और उसे जोश में काटने लगी, ओहह… ओह… की आवाज से ही राज ओर मैं जोश से लबालब हो गए!मंजू अब राज की गोद में बैठ कर अपनी कमर को हिलाये जा रही थी! कभी राज की छाती नोचती, कभी उसके गालों को काट देती, मानो बरसों की प्यास आज बुझने वाली हो. भोजपुरी बीपी वीडियोमैं जानू जानू कह रहा था और वो बार बार कह रही थीं- बेटा क्या हुआ, अरे बेटा, मैं हूँ. आदिवासी सेक्सी वीडियो डूंगरपुरदीदी अपने स्तनों को टेबल पर रखकर लेटी हुई थी और उनकी टांगें टेबल पर नीचे आई हुई थी. मैंने कुछ तेज झटकों के बाद अपना सारा माल उसकी चुत में खाली कर दिया.

साथ ही कभी कभी सर मेरी स्कर्ट में हाथ डाल कर मेरी मखमली चूत में उंगली भी करके मुझे झड़ने पर मजबूर कर देते थे.

मेरी चुदाई कहानी में अब तक आपने पढ़ा था कि कमलेश सर ने मेरी चुत पर अपना मुँह लगा कर खूब चूसा था. फिर सब उछल उछल कर मिलेगा, अपनी किस्मत में ही इनकी चूत चोदना लिखा है. तो उन्होंने बोला- चलो कोई बात नहीं…मैं थोड़ा रिलेक्स हुआ कि अंकल शांति से बात कर रहे हैं.

वह भी अपने काम में बिजी रहते हैं और सिर्फ अपने काम से ही मतलब रखते हैं, बाकी उन्हें भी कहीं आने जाने का कुछ ज्यादा शौक नहीं है. फिर उसने मुझे बताया कि उस दिन जो भी हुआ, उससे मुझे गुस्सा तो बहुत आया कि तुमसे बात ना करूँ, पर पता नहीं क्यों मुझे वो गुस्सा भी आया और जो तुमने किया, वो सब अच्छा भी लगा. म्मम्मम्म…मामी जी के स्तनों को दबाते हुए मैं नीचे उनके पेट पर आ गया और पेट पर जीभ फिराने लगा.

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शायद यह एक स्टाइल था जो कि श्लोक को खुश करने के लिए बनाया हुआ था।मैंने मंत्रमुग्ध सा अपनी नंगी पड़ी सलहज को देखता रहा. मयूरी ने पूछा कि फिल्म कैसी थी तो उसने जवाब दिया की अच्छी थी और फिर थोड़ी देर के बाद सब सो गए. उसे बहुत अच्छा लगने लगा था, वो कहने लगी- और जोर से और जल्दी आह आह आह्ह ऊंह.

अभी अरुण आगे बढ़ पाता कि तभी उसके मोबाइल पर किसी के कॉल ने उसका ध्यान आकर्षित किया- कहां हो … अभी जल्दी पहुंचो, काम बहुत है.

फिर मुस्कुराते हुए बोलीं- फ्रिज में ढेर सारे आम रखे है, आपको खाने हो तो आ जाओ.

जब मैं उनकी सलवार निकालने लगा तो उन्होंने उसको पकड़ लिया- प्लीज़ सतीश और नहीं करो, इतना ही बहुत है, मैं मर जाऊंगी. कुछ देर आराम करने हम दोनों उठे और एक दूसरे को किस करने के बाद हम दोनों ने एक बार और चुदाई का मजा लिया. हिंदी सेक्सी मूवी वीडियो फिल्मबता!”मैं उनके पास बेड पैर जा के बैठ गया और उनके गालों को हाथ में लिया, उन्होंने अपनी आंखें बंद कर लीं.

मैंने महसूस किया कि वो अपना एक हाथ मेरी टी-शर्ट के अन्दर डाल कर मेरे मम्मों पर ले गया और मेरे दूध दबाने लगा. तो दीदी मुझे दूर करके बोली- इतनी हड़बड़ाहट किस बात की है? मैं भागी नहीं जा रही! और ऐसे ही करेगा सब ऊपर से? कपड़े तो निकाल ले।लेकिन तभी हमें ख्याल आया कि हमारा बड़ा भाई हमारे साथ सोया हुआ है तो मैंने अर्चना को उसके कमरे में चलने को कहा. जैसे ही मुँह में लंड पूरा घुसा कि एकदम गरम गरम लंड रस की पिचकारी मेरे अन्दर तक घुस गई और उसे मैं ना चाहते हुए भी पी गई.

तो मेरे दोस्त, जिसका नाम अशोक है, बोला- यार, ये तुम पर इतनी मरती है और तुम हो कि कोई रिस्पांस ही नहीं देते?मैं बोला- यार ये सब मुझे नहीं करना, मुझे पढ़ाई करनी है. उनकी नाइटी में से ब्रा पेंटी साफ़ दिख रही थी, शायद उन्होंने सब कुछ जानबूझ कर ही इस ड्रेस को पहना था.

तू भी वन्द्या उठकर यहां सब साफ कर ले और जो रजाई में थोड़े खून के धब्बे हैं, इनको धो दे और अपने बदन को साफ कर जल्दी, कहीं कोई तेरे घर के ना आ जाएं.

उसने इस बार मुझे इतना ज़ोर से और इतनी देर तक चोदा कि मैं अधमरी कुतिया जैसी हो गई. उस दिन मैंने उसको मस्त चोदा, पूरा लंड उसकी चुत में डाला, उसको उल्टा लिटा के भी चोदा, उसके बदन को खूब चूसा और अपना लंड भी चुसवाया. फिर मामी ने मुझे अपने पीछे-पीछे अपने बेडरूम में बुला लिया, वहाँ पर लाने के बाद उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया और बिस्तर पर लेट कर मुझे अपने ऊपर लिटा लिया.

2001 कुर्ला डे मैंने भाभी को सहलाते हुए बोला- अब आप नीचे आ जाओ, मैं आपकी चुदाई करता हूँ. दोस्तों ने कई बार उसको टोका भी कि क्या पागल हो गयी है, किसके ख्यालों में इतना खोई हुई है, कोई मिल गया क्या?अपने चेहरे पर लाली लिए पद्मिनी अपने बापू को दिमाग़ में सोचती हुई दोस्तो से बोली- हाँ मिल गया है कोई… जो मेरा इंतज़ार करेगा आज शाम को…तो हाल यह था कि पद्मिनी अपने बापू से प्यार करने लगी थी.

बात तब की है जब मैं ग्यारहवीं क्लास में था, नयी नयी जवानी आयी थी मेरी … और इस उम्र में और मुठ मार मार के दिन काट रहा था. मैं आगे देखने लगी और दो झटकों में उसने पूरा घुसा दिया और धक्के देने लगा. 2-4 रोज के बाद मैंने अभिलाषा को फोन किया और पूछा- क्या मेरा कमरा बुक है?तो उसने कहा- जी हां, मैं आपको मेल के ऊपर कंफर्म कर देती हूं.

पंजाबी मई बफ

सालगिरह वाले दिन मेरी बीवी ने कहा कि आज हम दोनों ये सालगिरह कुछ अलग तरीके से मनाएंगे. अतः हमने खुशी वाला एक दूसरे से हाथ मिलाया और दोनों एक दूसरे के कमरे में चले गए. मुझे चूत मारने में मज़ा तब आता है जब लड़की मजे से आह… उह… करे और सेक्स का आनंद ले.

इतनी जल्दी तू अचानक कैसे बढ़ गयी बेटी? हम्म तेरा जिस्म भी कितना बदल गया. पास आकर उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और नशीली आँखों से मुझे देखती मेरा सुपारा चूसने लगी.

फरवरी की मीठी मीठी सर्दी में रात को शादी के माहौल में सब लोग देर से ही सोये थे, इसलिए कोई भी जगा हुआ नहीं मिला.

खैर वो दिन ऐसे ही निकल गया, लेकिन ना चाहते हुए भी दिल में हलचल सी होने लगी. इस बात को सुनके मैं चौंक गया क्योंकि नार्मली या तो वो खुद बाजार जाती थीं या मुझे सामान लाने के लिए कह देती थीं. फिर ट्रेन की उस छोटी सी सीट पर हम दोनों इस तरह से लेट गए कि उसकी गांड मेरी तरफ़ थी और चेहरा दूसरी तरफ़.

हम दोनों वहीं पर किस करने लगे, उस वक़्त मेरा लन्ड खड़ा हो कर टाइट हो गया. इसी बीच कीकु ने अपनी टाँगों के बीच रूबी का सर करके अपना लौड़ा उसके मुँह में डाल दिया. उसने अपने कई साथियों के काम करवाए, उसकी आमदनी भी बढ़ी, समाज में प्रतिष्ठा भी… वह समझदार था, जो अफसर दें, ले लेता था, कोई मोलभाव मांग नहीं!सब उससे प्रसन्न और सन्तुष्ट थे, सेवाएं बहुत अच्छी थी, वह एक्सपर्ट था, ट्रेन्ड था, कई बार तो तहसील के अफसरों की सिफरिश पर डाकबंगलें में दौरे पर आए जिले व संभाग के अफसरों की भी मालिश देवेश ने की.

पद्मिनी ने अचानक बापू को धीरे करने के लिए कहा और बोली- तो अब आप टीचर वाली बात को नहीं सुनना चाहते बापू?यह सुनकर बापू रुक गया और पद्मिनी जैसे कि उसकी बांहों में थी, तो बापू ने पद्मिनी के मस्त चूतड़ों पर अपने हाथों को फेरते हुए कहा- हम्म मैं तो भूल गया था, अच्छा चल बिस्तर पर… वहां सब सुनाना…फिर बापू ने अपनी पद्मिनी को गोद में ऐसे उठाया, जैसे किसी छोटे बच्चे को उठा लेते हैं.

बीएफ वीडियो देख: अपनी टांग उसने मेरी टांग के ऊपर लपेट ली और उसके नाख़ून मेरी पीठ में चुभने लगे. फिर उसने अपने कुर्ते में सामने से हाथ घुसा के फोन निकाला और किसी से बतियाने लगी.

उनका लंड इतना मोटा था कि मेरे मुँह में पूरी तरह से नहीं आ पा रहा था. उन्होंने मुझसे बोला- क्यों खटिया में मज़ा नहीं आएगा क्या?ये कह कर अंकल ने मुझे किस कर लिया. बाबा ने ये चमत्कार कैसे किया था, यह बात अभी तक वल्लिका को समझ न आ सकी थी.

चाचा लंड चुसवाते हुए इतनी सेक्सी और गंदी गालियां दे रहे थे कि बता नहीं सकती.

जिस लड़की से मेरी बात हो रही थी, वह बहुत ही सुंदर घुंघराले बालों वाली लड़की थी, उसकी उम्र लगभग 20 वर्ष रही होगी. फिर अपने होंठों को दांतों में दबाते हुए एक छोटी सी मुस्कान के साथ पद्मिनी ने अपनी उंगलियों से लंड को उस जगह से हटाया, जहाँ अंडरवियर में अटका हुआ था. मैंने कहा- कितने बजे?तो उसने कहा- मतलब 8 बजे तक आ जाना और फ़ोन करके आना.