देवर भाभी के बीएफ एचडी में

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मेट विद मेट: देवर भाभी के बीएफ एचडी में, मामी भानजा की यह चुदाई बीस मिनट तक चलती रही होगी।फिर उसके दस मिनट के बाद मैंने उनसे कहा- मामी जी, मैं भी झड़ने वाला हूं.

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कुछ देर बाद वह भी झड़ गयी, उसकी चुत का रस उसकी चुत से होता हुआ मेरे होंठों पर, गालों पर बरस रहा था. ब्लू पिक्चर बीएफ हिंदीफिर मैं चूमते हुए आहना के पेट पे पहुंचा और उसके पेट पे अपनी जीभ घुमाने लगा.

फिर मिसेज पाटिल बोलीं कि सच में जो मिसेज रॉय ने कहा था, तुम उससे भी अच्छी चुदाई करते हो. बिहारी में सेक्सी वीडियो बीएफउसने कहा- करीम अब मैं तुम्हारी हूँ … तुम जैसे चाहो, उस तरह मेरी चुदाई कर सकते हो … मैं तुम्हें मना नहीं करूँगी.

खैर उसने शाम में मुझे अपने फ्लैट में बुलाया और मैंने भी उसको तड़पाने की सोची.देवर भाभी के बीएफ एचडी में: मैंने जल्दी से हाथ हटाया, तो उसने बोला- क्या हुआ?मैंने सोते हुए नाटक किया और नींद में बोला कि मेरा हाथ आपके नीचे हो गया था.

उनके व्यवहार से ज़रा भी यह नहीं लग रहा था कि उन्हें मुझमें कोई रूचि है.मेरा लंड उसकी चूत पर दस्तक दे रहा था जो उसकी गर्म बॉडी से टच होकर खड़ा हो चुका था.

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फिर उन्होंने पूछा कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रैंड नहीं है क्या?मैंने न में जवाब देते हुए सिर हिला दिया.दो दिनों बाद वो मुझसे बोला- रात को अपने कमरे का दरवाजा खुला रखना, जब सब सो जायेंगे तब मैं आकर तुमको मस्त माल दिखाऊँगा.

मैंने धीरे धीरे अपना पूरा लंड उसकी चूत में पेल दिया और आहिस्ता आहिस्ता लंड को उसकी चूत में अन्दर बाहर करने लगा. देवर भाभी के बीएफ एचडी में मेरी बड़ी दुल्हन झड़ती गयी और फिर मैंने अपना सारा माल सारा की चूत में छोड़ा और उनकी बाँहों में आँखें बंद कर लेट गया.

वो बहुत होट हो गयी थी और मेरे बालों को कस के पकड़ कर सीइईई सीयइई ईईहह हहह कर रही थी.

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सोनम की बात से मैं उसके लिए इंप्रेस हुई कि कोई गांव का ऐसा वैसा ठुर्रा नहीं है, शहर में पढ़ने वाला लड़का है. तुम दोनों आज रात बाहर खाना खाओ, रात घर जाते वक्त फिर चाबी लेकर जाना. वह मेरे चूतड़ों को अपने हाथों में लेकर दबा रहा था और फिर मुझे कमरे के एक कोने में लेकर चलने लगा.

जब वो बाहर आईं, तो मैंने पूछा- आपने क्या लिया?तो उन्होंने कहा- कुछ नहीं, तुम्हारे मतलब का नहीं है. उस समय मेरी उम्र अपेक्षाकृत काफी बड़ी हो गई थी, इसलिए सभी लड़कियां मुझसे बहुत छोटी होती थीं. मेरी उत्तेजना और अधिक बढ़ने लगी और मैं पूरी तरह से उसका सहयोग देने लगी.

दोनों स्तनों को अच्छे से मसलने के बाद मैं अपने अंगूठे और उसके पास वाली उंगली को मुँह में डाल कर अच्छे से गीला करके अपने निप्पल्स पर रगड़ती. अनन्त जीजू को बगल के रूम में लिटाकर दीदी, जीजू और मैं हमेशा की तरह लेट गये। जीजू दीदी से कुछ बात कर रहे थे।फिर मैं सोने लगी, दीदी ने गौर से मेरी तरफ देखा और उनको ये लगा कि मैं गहरी नींद में सो गई तब वे बेफिक्र होकर बात करने लगे. प्रोफेसर साहेब शरीर से मोटी तोंद वाले, गंजे व्यक्ति थे, उनकी आँखों पर मोटा चश्मा चढ़ा था, और वे खुश्क टाइप के आदमी थे.

उसने भी होंठों पर कटीली मुस्कान लाते हुए फिर कहा- हंस क्यों रहे हो … बताओ न क्या लोगे?मैंने भी कह दिया- जो चाहे पिला दो?वो आंखें झुका कर हंसते हुए ये कहते हुए अन्दर जाने लगी कि मैं चाय लाती हूँ. उसकी चड्डी के अंदर हाथ डालकर मैं उसको छूना चाहता मगर उसने मना कर दिया.

मैं बोली- हां आशीष, जो तुम्हारा मन करे, जिससे तुम्हें खुशी मिले, सब करो.

उसने ट्रंक(लम्बा अंडरवियर) पहना हुआ था और उसकी जांघों पर काफी सारे बाल थे.

फिर जब वो शांत हुईं, तो मैंने उनको डॉगी पोजीशन में होने को कहा और वो झट से हो गईं. फिर उसने मेरी दाईं टांग को गद्दे से नीचे फर्श की तरफ फैला दिया और मेरे सिर को थो़ड़ा आगे धकेल दिया. मेरे लंड में बहुत ज्यादा तनाव था क्योंकि पहली बार मैं किसी लड़की के साथ इस तरह का आनंद ले रहा था.

फिर मैंने उसको बेड पर लेटाया और सामने से उसकी चूत में लंड डाला और उसको चोदने लगा. दरअसल कुछ तो गांड उठी हुई है, कुछ हाई हील के सैंडिल पहन कर चूचों और गांड को हाहाकारी रूप देने में काम कर देते हैं. उस लड़की में न जाने क्या बात थी कि हमारी बातें जल्दी ही सेक्स पर पहुंच गईं.

मैं- हां मामी जी, चली जाएं, सुबह सुबह थोड़ा टहलने से आपको भी अच्छा लगेगा.

जब वो आंगन में झुककर झाड़ू लगाती थी तो मैं उसकी गांड देखकर बेकाबू हो उठता था. जब वो आंगन में झुककर झाड़ू लगाती थी तो मैं उसकी गांड देखकर बेकाबू हो उठता था. मेरी उंगली उसकी गांड के छेद तक पहुंच जाती थी मगर वह अपनी गांड को भींच लेती थी और मैं फिर से उसकी गांड को ऊपर से ही सहलाने लगता था.

स्स्स् … आह्ह् … स्स्स … और वह अपनी गांड उठाकर मेरे मुंह में लंड को धकेलने लगा था. लेकिन ऐसे ही दो महीने निकल गए और मुझे लगा कि कोई फेक लड़का होगा, जो मेरे मजे ले गया. इस दौरान में उसके मोटे मोटे चूतड़ों पे हाथ फेरता रहा, जिससे वो आहिस्ता आहिस्ता फिर से मस्त होने लगी और उसने उठ कर फिर से मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया, जो अब तक खड़ा हो चुका था.

जब मैंने इस बात की पड़ताल की तो मेरे पैरों के नीचे से जमीन हिलने लगी.

मैंने सीमा के होंठों पर अपने होंठों को रख दिया और सीमा के होंठों को चूसते हुए उसको बांहों में पकड़ कर उसकी चूत को पेलने लगा. एक दिन मैंने मेरे भाई के लोअर में हाथ डाला और भाई के लंड को सहलाने लगी लेकिन भाई का लंड पापा से भी बहुत छोटा और पतला था.

देवर भाभी के बीएफ एचडी में जब मैं उनके भगनासा को चाटता तो वो एकदम जोश से भर जाती और सीइईई आहह आहह हहह करने लगती. उसकी जीभ मेरे चुत के दाने के ऊपर से घिसते हुए मेरी चुत के अन्दर घुस रही थी.

देवर भाभी के बीएफ एचडी में मुझे गांव में रहने की आदत नहीं थी तो वहां इधर मुझे सब अलग सा लग रहा था. उसके बाद मैंने दूसरा टुकड़ा पूरा नहीं खाया और आधा अपने होंठों के बाहर ही रहने दिया.

तुम एक काम करो कि सामने कुछ कमरे बुक करवा रखे हैं, तुम वहीं चले जाओ.

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वह गंध आते ही एक अलग ही संवेदना मेरे दिमाग से मेरी चुत में चली जाती. मेरा रस निकलने वाला था, पर मैंने बाहर नहीं निकाला और मामी के मुँह में ही पिचकारी मार दी. जैसे ही वो मेरे लंड को काटती, मैं उसकी यौनमणि को दांतों में पकड़ लेता और होंठों से काटता.

उसने मेरे हाथ में कंडोम का पैकेट थमा दिया और बोली- पहन लो और तैयार हो जाओ मेरी सवारी करने के लिए. मैंने अगले दिन का ऑफ ले लिया और आगे के लिए एक महीने अपनी नाईट ड्यूटी लगा ली. फिर एक दिन मैंने उससे कहा- यार मेरा तो अब चुदाई का मन करता है, मुझे कब तुम्हारी चूत के दीदार होंगे?तो यह बात सुनकर वो इतना अधिक खुश हो गयी, जैसे वो ये सब मेरे कहने का ही इंतजार कर रही थी.

जीजा जी बोले- झटके से डालने में दर्द कम होता है, नहीं तो पता नहीं कितनी देर तक होता.

वह कुछ पल मेरे नंगे बदन पर ऐसे ही पड़ा रहा और फिर उसने जब लंड को बाहर निकाला तो मुझे फिर से जलन सी हुई. मैंने कमरे को अन्दर से बंद किया और पूनम को अपनी बांहों में भर लिया. चूंकि रिया की चूत वीर्य से भरी थी, एकदम चिकनी थी, इसलिए एक ही झटके में पूरा लंड अन्दर घुस गया.

मैंने उसके कान के ऊपर होंठों को लगा के उसे थेंक्स कहा इस हसींन सेक्स के लिए. अब भैया पागलों की तरह उनकी कमर गर्दन और जहां जहां जगह मिलती, रंग लगाने लगे. उसकी चड्डी के अंदर हाथ डालकर मैं उसको छूना चाहता मगर उसने मना कर दिया.

पूरे डिब्बे में 2-3 लाइट ही जल रही थीं, लेकिन मेरी डर के मारे फटी पड़ी थी. धीरे-धीरे मैं नीचे की तरफ बढ़ रहा था और अनुष्का मेरे चूमने से अपनी गांड को और ऊपर उठाती जा रही थी.

उसकी इस बात पर मुझे थोड़ा सा गुस्सा आ गया तो मैंने भी कह दिया- मुझे भी नहीं पता था कि आप ऐसे काम के लिए बाहर से लड़कों को बुलाती हो. मेरे अज़ीज़ दोस्तो, कैसे हैं आप सब! आज मैं आपको मेरे साथ हुए एक हसीन किस्से को शेयर करूंगा जो अभी हाल ही में मेरे साथ हुआ है. जैसे ही बीच बीच में वो मेरे होंठों को छोड़ता, मेरे मुँह से कामुक आवाजें निकलने लगतीं- आह्ह्ह्ह … और जोर जोर से चोद दे मेरी जान … ऊफ्फ्फ आअह्ह … मुआहह.

तब वह जो बुजुर्ग सा लगुआ जो मवेशियों की भूसा डालने आया था, बोला- बेटी, पापा तुझे तुम्हें आज कपड़े ला देंगे, नाराज नहीं होना और इधर क्यों आ गई … कोई बैल गाय सींग मार देते तो या कोई सांप बिच्छू भी यहां आ जाते हैं.

जैसे ही मेरे हाथ बालों को टकराए तभी बाहर से दरवाजा खुलने की आवाज आई और मैंने अपने हाथ को झटके से बाहर कर दिया. क्या ग़जब की चूत थी … ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने पाँव रोटी में चाकू से दो इंच का चीरा लगा रखा था. 10 मिनट बाद भाभी मेरे लिए बादाम का गर्म दूध और कुछ ड्राई फ्रूट लेकर आई और कहने लगी यह दूध पियो और यह ड्राई फ्रूट खा लो, तुम्हारे अंदर फिर से एनर्जी आ जाएगी.

मुझे गांव में रहने की आदत नहीं थी तो वहां इधर मुझे सब अलग सा लग रहा था. हालांकि मेरी बीवी को और मामा को कोई एतराज नहीं था, क्योंकि मामी ने ही मामा और मेरी बीवी को मनाया था.

तब उसने मेरे होंठों को चूमा और बुर पर हाथ रख कर बोला- कुछ हो रहा है यहाँ पर?मैंने कहा- हाँ!तो उसने मेरी चड्डी के अंदर हाथ डालकर कहा- यह तो पूरी गीली हो चुकी है और रो रही है अपने यार को मिलने के लिए. दूध के पैसे देते समय मैंने पिछला उधार भी ले लेने को कहा, तो हंसते हुए मुझसे मेरा परिचय लेने लग गए. कभी कभी 2 उंगलियों में उसकी निप्पल को भी ले कर मसलता और कभी बहुत ज़ोर से खींचता, उसके निप्पल तने हुए थे.

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अब भैया भाभी के पेटीकोट को भी ऊपर करके उनकी जांघों पर भी रंग ले ले कर मलने लगे.

अन्दर दादाजी सोनल के पास बैठे थे और अपने हाथों से सोनल का गाउन ऊपर उठाया हुआ था. फिर उसने मुझसे कहा कि आज उनके पति नहीं हैं और उनके पास भी 2000 के खुले नहीं हैं. मैंने कहा- बाथरूम तो बहुत ही छोटा है बेटा और वहां पर तो खिड़की से बारिश भी आ सकती है अंदर.

मैंने उसे अन्दर करने के बाद सभी खिड़की दरवाजे बंद किए और पर्दे लगा लिए. सभी लोग पसीने से तरबतर थे और सेक्स का अलग ही आनंद मिला था सबको। फिर सभी लोग अपने अपने कमरे में जा कर सो गए, बैडमैन मेरे कमरे में सोया और सुबह में उसके साथ एक राउंड और चुदाई का प्रोग्राम चला. தேசி சுடைजैसे ही दरवाजा खुला, उसका कज़िन शोभन अंदर आ गया और उसने बिना मेरी तराफ़ देखे आरती को गले लगा कर उसके मम्मे खींचने शुरू कर दिए और बोला- बता ना कौन सी नई चूत का इंतज़ाम किया है अपने इस लंड के लिए जो ठुमके मार रहा है जब से तुम्हारी बात सुनी है.

मैंने और कुछ दोस्तों ने मिलने का प्लान बनाया, लेकिन मैंने अपना प्लान किसी को नहीं बताया. अपने होंठ उसके होंठों पर रखे ओर हाथ चूचों पर रखकर एक जोरदार झटका दे मारा, तो मेरा आधे से ज्यादा लंड चूत में घुस गया और भाभी छटपटाने लगी.

फिर मेरे मुंह में लन्ड डाल कर चुसवाने लगा। कुछ पल में अजय का लंड फिर से तन कर खड़ा हो गया और मेरे मुंह में भर गया. मैं जाकर सीधा उससे चिपक के बैठ गया और थोड़ा फॉरवर्ड होकर उसके कंधे पे हाथ रख कर पूछा- अगर तुम्हारा सब लोगों के साथ घूमने जाने का मन था तो गयी क्यों नहीं?इस बात पर वो शर्मा गयी और ऐसे ही कुछ जवाब देने लगी और उल्टा पूछती कि मैं क्यों नहीं गया. प्रेम बोला- वाह बृजेश, क्या गांडू लाया है, सिर्फ निकुंज के लिए ही? हमें चुदाई नहीं करने देगा क्या?आदिल भी बोला- मुझे भी तो अपने लंड की प्यास बुझानी है.

इस जगह, परपुरुष से इतनी देर बातें करने का कोई गलत अर्थ भी निकाला जा सकता था. मैं इस वक्त भाभी को फुल रफ्तार में चोद रहा था और भाभी आवाजें कर रही थी. वो रशीद का सामान कितना गंदा और बड़ा था, मैं तो हमेशा से ही आपके लिए रेडी थी.

अब आगे:वहां से तो मैं अपने रूम में आ गयी, पर अभी भी समझ में नहीं आ रहा था कि अभी जो कुछ हुआ या मम्मी जी ने जो कुछ कहा, क्या वो सब सच था या मैं अभी कोई सपना देख रही हूँ.

वो फिर से मेरा लंड चूसने लगी और कुछ ही पलों में फिर से मेरा लंड तन गया. लेकिन जिस जगह के बारे में उसने बताया वह वहां से काफी दूर थी तो मैंने उससे पूछ लिया कि क्या वह वहाँ तक ऐसे ही चल कर जाएगी.

रात के करीब दस बजे का टाइम हो चला था कि एकदम से दरवाजे की घंटी बजी. मैं खुद भी लंड चुसाने के बाद उसके मुँह में मुँह लगाकर उसके मुँह में पड़ा, मेरा रस चाट कर उसको मजा देने लगा. मेरा एक हाथ उसके सर के पीछे था, दूसरा हाथ अपने आप ही उसकी जांघों में चला गया.

साथ ही कमरे में नीना की आवाज गूंज उठी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… चोद डाल साले कुत्ते. अब तो मैं उनके मस्त कड़क लंड की कल्पनाएं भी करने लगा था और अंदाज़ा लगाता कि रवि मामा का लंड कितना लम्बा और मोटा होगा. मैं उसकी नाभि को अपनी जीभ से चाटता रहा और धीरे धीरे उसके मम्मों पर किस करते हुए उसका टॉप उतार दिया.

देवर भाभी के बीएफ एचडी में उसकी हालत देख कर मुझे डर लगने लगा था, उसकी आंखें बाहर आने को हो गयी थीं, वो जोर जोर से हांफ रही थी और तेज तेज सांस ले रही थी. मैंने कहा- चिंता मत करो जान, मैं तुमको थोड़ा सा भी दर्द नहीं होने दूंगा.

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इस सब में मुझे बहुत ही मजा आ रहा था।थोड़ी देर में वो थक कर परेशान हो गयी और नीचे उतर गयी तो मैंने उसको लेटा दिया और फिर से लेटा कर चोदने लगा। अब वो मेरा पूरा साथ दे रही थी। वो अब झड़ने वाली थी और कहने लगी- जानू जोर से चोदो …अपनी प्यारी बहन को मैं और जोर से चोदने लगा. पैंटी उतार कर अपने हाथों में लेकर उल्टी तरफ से मेरी पैंटी को दिखाया कि देख तेरी चुत का रस कितना गिरा है. लेकिन हां मैं एक मदद कर सकती हूं … अगर तुम पार्ट टाइम जॉब करना चाहते हैं, तो मैं तुम्हारी जॉब लगवा सकती हूं, जिससे तुम अच्छे खासे पैसे कमा सकते हो.

मैं बोली- मैं कभी आप पे गुस्सा हो सकती हूं क्या, आपने मेरी इतनी मदद की है. मुझे पता नहीं कि यह सबको पसंद आएगी या नहीं परंतु फिर भी कामुकता के अंदाज में मैं ऐसे लिख रहा हूं जिसे पढ़कर आप सब को अच्छा लगेगा और अगर किसी की कामोत्तेजना इसे पढ़ने के बाद नहीं जागती है तो मुझे क्षमा कीजिएगा क्योंकि मैं कोई कामुक लेखक नहीं हूं. बीएफ हिंदी मूवीइसके साथ ही मामी मेरे कान में फुसफुसा कर बोलीं- अहहहह … हम्म्म्म ऐसे ही मेरी जानू उहूहूहू धीरे धीरे … सब्र करो ऐसे दो तीन बार गांड चुदाई होने के बाद मेरी गांड की आपके लंड से दोस्ती हो जाएगी … फिर आराम से अन्दर बाहर होने लगेगा.

मेरे दोस्तों ने मुझे बहुत समझाया मगर मेरे दिल से मेरे साथ हुआ धोखा निकल ही नहीं रहा था.

उसने मुझसे फिर पूछा कि क्या स्त्री पुरुष इस उम्र में भी संभोग के आनन्द लेते हैं?मैंने उससे कहा- जो अपनी इच्छा से जीवन का आनन्द लेना चाहते हैं, वो किसी भी तरह से जीवन का आनन्द उठाते हैं. उसकी चूत टाइट होने के कारण उसकी चीख निकल गई- उम्म्ह… अहह… हय… याह… हह … मर गई!दर्द से उसकी आंखें फट गई थीं और वो रोने लगी.

अगले दिन मैं भाभी के घर के बाहर खड़ा था, तो सामने वाले घर में एक औरत अपने घर में चारपाई पे लेटकर ऊंची आवाज में फ़ोन पर सेक्स वीडियो देख रही थी. मैंने भी जल्दी से अपने अंडरवियर को पहना और फिर पैंट शर्ट डालकर कमरे से बाहर निकल कर आ गया. वो भी मेरा इशारा समझ गईं और अपनी चुत चटवाते हुए मेरे लंड को भी अपने मुँह लेकर ‘आआह्ह्ह् ऊऊईइमाँ … यू लिकिंग डीप … उह्ह्हह्ह हओऊ.

आशा जब अपनी गांड मटका कर चलती है, तो मेरा दावा है कि उसकी उछलती गांड देख कर अच्छे अच्छों के लंड का पानी निकल जाएगा.

मगर कह कर गए हैं कि जब वापस लेने आयेंगे तो सप्ताह भर की छुट्टी लेकर ही आएंगे. मेरी भाभी जैसी चुड़क्कड़ भाभियों के साथ आजकल मैं बहुत चैटिंग करता हूँ. फिर उन्होंने पूछा कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रैंड नहीं है क्या?मैंने न में जवाब देते हुए सिर हिला दिया.

वीडियो में हिंदी ब्लू फिल्ममैंने उसे किस करना शुरू किया और कुछ देर बाद मुझे महसूस हुआ कि उसकी गांड नीचे से हिलने लगी है. फिर हम कपड़े पहनने की सोच ही रहे थे कि तभी याद आया कि हमारे कपड़े तो ऊपर छत पर ही हैं.

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हथेली को साफ करके मैडम ने बाकि सब जगह पर पड़े हुए मक्खन को उंगलियों से समेटा और उसको भी मुंह में लेकर चाट लिया. वह मेरे चेहरे की तरफ देखने लगे और बोले- अरे बस इतनी सी बात, ले छू ले. रूपा खाना बनाने चली गई और भूरिया के साथ रमेश काका खाद लेने गांव चले गए.

मैं उसके एक मम्मे को दबा रहा था और एक को चूस रहा था। वो मेरे सिर पर अपना हाथ घुमाने लगी और एक हाथ पीठ पर फिराने लगी।थोड़ी देर बाद वो मेरे ऊपर आ गयी और मेरे लंड को चूसने लगी. दोस्तो, लंड चुसाने में जो मजा है, उसे मैं लफ्जों में बयान नहीं कर सकता. दरवाजा खुलते ही एक 26-27 साल की बहुत ही खूबसूरत औरत मेरे सामने खड़ी थी जिसको देख कर मैं कहीं खो सा गया.

मैं सोफे पर लेट गया मैंने अपने कपड़े उतार दिए और पूनम ने मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. फिर उसने मुझे अपनी बांहों में भर कर मेरे बालों में जो बैंड लगा था, उसे खोल दिया और बोला- तुम्हारी जुल्फें बहुत खूबसूरत हैं, इन्हें खोल दो बंध्या … तुम बहुत सेक्सी हो. पैंटी के ऊपर से ही चूत को किस कर दिया और साथ ही उसकी जांघों पर भी किस करता रहा.

रवि मामा अपने फनफनाते लंड को मेरे हाथ में देने के लिए अब और भी बेताब हो चुके थे. माला लंड चूसते हुए बोल रही थी- ओ गॉड … अगर मेरे को पता होता कि मेरे ही घर में मुझे इतना बढ़िया चोदने वाला मौसा है, तो मैं कब की आपसे चुदवा चुकी होती.

कुछ भी बताओ दस मिनट के बाद भूल जाती थी और वो मेरे बगल में ही बैठती थी.

मुझे भी मजाक समझ में तो आ रहा था, लेकिन मुझे तो रवि मामा का लंड देखने की उत्सुकता थी, इसीलिए मैं कोई मौका छोड़ना नहीं चाहता था. इंडियन एक्स एक्स एक्स हिंदी मेंअब मुझे भी थोड़ा-थोड़ा नशा हो रहा था जो पैग मारे थे, उसका असर जब दिखाई दे रहा था, तो मैंने भी मैडम से हंसी मजाक में बोल दिया- नहीं मैडम आपकी नाक नहीं कटेगी … आपकी नाक की जिम्मेदारी अब से मेरी है. वीडियो बफ सेक्सी वीडियोखड़े-खड़े चूचीपान करते हुए प्रशांत ने अगली तैयारी में एक झटके से नीना को लंगड़ी मारकर बेड में डाल दिया और साथ ही पैंटी भी निकाल फेंका. फिर वो मेरे मुँह में अपनी चुत को रख कर बोली- छेद चूसो राज … मेरा पति ऐसे नहीं चूसता … जैसे तुम करते हो.

उसके गुलाबी होंठ, हसीन चेहरा, हिरनी जैसी आँखें, घने काले लम्बे बाल, गोल मटोल और सुडौल बूब्स, साड़ी में लिपटी हुई उसकी आकर्षक कमर, उसकी मटकती हुई गांड … मन करता है कि उसे अपने दोनों हाथों से पकड़कर हिला दूँ.

अनन्त के पास जाते ही दीदी ने उसके लंड को पकड़ लिया और अपने हाथ में लेकर उसको सहलाना शुरू कर दिया. मैंने पहले तो उस योनि को छुआ और जैसे ही मैंने उसे हाथ लगाया, तो आहना ने एक जोर से आह भरी और अपना कामरस एकदम से निकाल दिया. मैंने जल्दी से अपनी सलवार को ऊपर किया, झट से कमरे के दरवाजे की कुंडी को खोलकर बिस्तर पर जाकर लेट गई.

मीना ने मेरे ऊपर आते हुए अपनी चूत का द्वार मेरे मुँह पर रख दिया था. मामी ने हाथ से पकड़कर चमड़ी को पीछे करके सुपारा बा‍हर निकाला और ऐसे ही पकड़ कर मुझे बाथरूम में ले गईं. जैसे ही उसकी नजर मुझपे पड़ी, तो मैं हंसने लगा और उसने अपने फ़ोन को बंद कर दिया.

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फिर उसे बहुत प्यार से चूमने लगा, उसके मोमे दबाये और चूत पर हाथ रख कर पूछा- कैसे हैं?तो बोली- बिल्कुल सूज गयी है, दुःख रही है. पहले तो मैंने मना कर दिया फिर कहा- ठीक है, मैं रुक जाता हूँ।मैं वहीं सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगा. मैं भी उठ गया और अपनी मौसी के बेटे के साथ बोतल उठाकर शौच के लिए चला गया.

भाभी मेरे लंड को पकड़ कर बोली- तू तो सच में बड़ा हो गया है, इतना बड़ा लंड तो तेरे भाई का भी नहीं है.

उठने से पहले मैंने अपने रूमाल से उसकी चुत को साफ़ कियाफिर हम दोनों अपने कपड़े पहन कर पार्क के मुख्य एरिया में चले गए.

वो अपनी चुत जोर से मेरे मुँह पे दबा देती और जोश में मेरे लंड को जोर से दांतों से काट लेती. मैंने उसकी कमर पकड़ के जोर से लंड अंदर पेल दिया और जोर जोर से चोदने लगा. সানি দেয়ালের বিএফउसकी जीन्स इतनी टाइट रहती थी कि उसकी बड़ी गांड की वजह से 3-4 मिनट तो पैन्ट खोलने में ही लग जाते थे.

धीरे-धीरे मैं अपने हाथ चादर के अंदर ले गया और उनकी चूचियों को पकड़ लिया. पर हर बार मैंने ध्यान दिया कि सुखबीर मेरी ओर बड़ी आशा से देखता, जो मुझे बैचैन कर देता. संजय ने मणि को इशारा किया, तो संजय ने लंड बाहर निकाल कर कोमल की चूत, संजय के लंड के लिए खाली कर दी.

यह सब सोच कर मैंने तुरंत ही टैक्सी बुलायी और अपने दामाद जी के घर की तरफ निकल पड़ी. जैसे कि मुझे क्लब से बोला गया था कि जाते ही ग्राहक से खुल जाना और फ्रेंडली हो जाना.

सड़क किनारे एक पम्प, टूटे घड़े में पानी, कैंची, सोलुशन की ट्यूब और कुछ पुरानी रबड़ की ट्यूबें लेकर बैठ जाता था.

मेरे मुँह से यह सुनकर अचानक आशीष चुत से मुँह उठाकर बोला- क्या बोल रही है … सच में तेरा मन रंडी बनने का है?मैं बोली- हां सच में … उनके जैसा करने का मन है … और उनको तो लोग पैसे भी देते हैं, कितना अच्छा होता है कि मजा भी ले लो और साथ में खूब सारे पैसे भी मिलें … क्या मस्त लाइफ होती है रंडियों की … मुझे रंडी बनना है. कल्पना भाभी चुदी चुदाई होतीं, तो खुद ही लंड के लिए अपनी चूत खोलकर बैठ जातीं. मेरी उत्तेजना बढ़ने लगी पर मैं कुछ नहीं करना चाहता था अपनी भाभी के साथ.

हिंदी पोर्न स्टार घर में चुत मिल जाए तो क्या कहने, पकड़े जाने का डर नहीं होता और जब चाहो तब अपनी हवस मिटा लो. मैंने उसे बताया कि जब पति की इच्छा हो, तो तुम अपनी इच्छा उसे बढ़कर दिखाना.

अक्सर विनय भैया मेरी नजर बचाकर दीदी से कुछ छेड़छाड़ भी करते रहते थे और दीदी मेरी नज़र बचाकर मुस्करा देती, अगर कभी मैं देख लेती तो दोनों मुझे फुसलाने लगते।उस वक्त मैं इन बातों को नहीं समझती थी। मैंने कई बार विनय भैया को दीदी से लिपटते देखा था. मैंने मामी को जोश ही जोश में निमंत्रण तो दे दिया मगर अब इस चैलेंज को पूरा कैसे करूँ उस सोच में बैठी हुई थी. फिर मैंने चाची को कुतिया बनने को कहा, चाची भी झट से कुतिया की तरह घुटने और हाथ के सहारे बैठ गईं.

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जैसे ही उन्होंने अपनी साड़ी का पल्लू नीचे किया, मुझे सीधे अन्नू (मामी की बहन) की याद आ गई. जी …” मैंने आँखें बंद करके कहा।तुम्हें पता है न कि ये लेटर वाली पर्ची किसने दी है तुम्हें?” उन्होंने मेरी कमीज़ के अंदर हाथ डाला और मेरे चिकने पेट पर हाथ फेरने लगे. फिर अपने लंड को मेरे छेद पर लगाकर अपना पूरा भार मेरे शरीर पर डालते हुए मेरे ऊपर लेटने लगा.

एक घंटे की फ़िल्म देखते हुए ही मेरी पैंटी मेरी चूत के रस से पूरी गीली हो गयी थी. थोड़ी देर ऐसे ही खड़े रहने के बाद मैंने धीरे धीरे अपनी गर्दन को नीचे करते हुए उनकी गर्दन तक लेकर आया और गले पर किस करने लगा.

मैंने कहा- मामी जी, मैं सोता हूँ, मुझे नींद आ रही है, आप गाने देख के टाइम पास करो।मामी जी ने हाँ कर दी और वे पुराने फिल्मी गाने देखने लगी।मैं सोने का नाटक कर रहा.

उसकी गांड मुझे अच्छे से दिख रही थी और मैंने उसकेचूतड़ को थोड़ा उठाया तो उसकी चूत खुल कर सामने आ गई. पर हम बचपन से ही साथ में बड़े हुए, इसलिए वह मेरी सबसे अच्छी सहेली थी. इसमें ही तो खुली सड़क पर अजनबियों से मुलाकात होने की सम्भावना रहेगी.

मेरी कहानी के पहले भाग में जैसा कि आपने देखा कि मेरे मामा की बेटी कोमल और मेरे बीच किस तरह रिश्तों में परिवर्तन हुआ और हम भाई-बहन से प्रेमी बन गए थे. मैं उसकी बताई हुई जगह पर पहुंच गया और जैसे ही मैं वहां पहुंचा, तो मैं उसे फिर से देखता ही रह गया. मैं यह सब देख कर डर गई मगर जीजा जी ने मेरे बालों में हाथ फिराना शुरू कर दिया.

इस घटना के बाद बात इतनी अधिक बढ़ गई कि हम दोनों का कॉलेज साथ में जाना छूट गया.

देवर भाभी के बीएफ एचडी में: मैं बीच-बीच में उसके ट्टटों को भी मुंह में भर लेता था जिससे उसकी आह्ह. मुझे लंड लिए एक महीना हो गया था, तो मुझे थोड़ा दर्द सा हुआ जिसकी वजह से चुत ने लंड को कस लिया.

थोड़ी देर के बाद उसने अपनी चूत में मेरे सिर को दबा लिया और मेरी नाक भी उसकी चूत में जा घुसी. तभी मामी जी ने मेरी ओर करवट ली और उनके बड़े बड़े स्तन मेरे हाथों से टकराने लगे. अभी भाभी को लंड का पूरा मजा देने मैं भी पूरी ताकत के साथ उनकी चुदाई कर रहा था, जिससे मेरी भी कामुक आवाजें निकलने लगीं ‘आहहह.

मैंने अपने घर पर भी बोल दिया कि मुझे सरकारी नौकरी चाहिए फिर पता नहीं, घर वालों को क्या हुआ, उन्होंने मुझे कोचिंग के लिए कुछ पैसे दिए और मैं जयपुर चला गया.

मुझे उस पर दया आ गई और मैंने धीरे-धीरे करके लंड बाहर निकाला और सोनू के देखे बगैर उसको फिर कपड़े से साफ किया और साथ ही चूत पर अपना हैंकी रख दिया. मेरी पिछली कहानी थी:बहन की चुदासी सहेली को चोदाकाफी समय से सोच रहा था कि मैं भी अपनी कहानी अन्तर्वासना के प्यारे पाठकों के लिए एक और नयी कहानी लिखूं और एक दिन मैं लिखने बैठ गया. संजय ने तीसरा सवाल किया- मणि और मेरा लंड मुँह से नाप कर साइज बताओगी?अभी कोमल कुछ कहती कि मणि ने कोमल के मुँह के सामने अपना लंड खोल दिया.