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अब मेरे मुँह से मादक कराहें निकलना शुरू हो गई थीं ‘उम्महह … उम्महह … चाट साले स्सी … स्सी …’मेरी चूत अन्दर से पूरी गीली होकर चिकनी हो चुकी थी और सेक्स के लिए ऐसी उतावली हो रही थी, मानो उसमें चीटियां काट रही हों.थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हुआ, तो वो धीरे से मेरी पीठ को सहलाने लगी.

अब मेरा उनकी आंखों में आंखों को डालकर देखा, तो इस बार न जाने क्यों आंटी ने भी मेरी आंखों को बड़ी गौर से देखा. देसी हिंदी बीएफ देसी हिंदी बीएफ भूरा वही युवक है जो कुछ देर पहले रसोई में कल्लू की लुगाई पर चढ़ा हुआ था.

‘अंकल आप अरेंज कर लो प्लीज, मेरी जॉब के चक्कर में मेरे पास टाइम नहीं मिलता है … और ऊपर से लाइन में लगना आजकल रिस्की सा मैटर है.

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उसकी हाइट ज्यादा नहीं थी वो देखने में इतनी सुंदर थी कि मैंने बहुत कम ऐसी लड़कियां देखी थीं. मेरी आंखें बंद हो गई मैं जोर से चिल्ला उठी- उफ़्फ़ विजय … मर जाऊंगी मैं!मैं जल्द से जल्द बजे का मोटा लंड देखना चाह रही थी. वो करता तो है मगर तेरे जैसे बिल्कुल भी नहीं … बस अन्दर पेला और पुल्ल पुल्ल करके खत्म हो जाता है.

अब आगे मेरी बेटी की चुत की कहानी:धीरे धीरे सुरेश ने सोनी को इतना गर्म कर दिया कि उसे कुछ पता ही नहीं चल रहा था कि सुरेश क्या करने वाला है उसके साथ?सुरेश ने धीरे से सोनी की गांड अपनी छाती की तरफ घुमाई और सोनी का सिर सुरेश के पेट की तरफ हो गया।सोनी ने अपने गाल ठीक उसके उभरते हुए लण्ड के ऊपर टिका दिए. फिर राज बोला- भाभी अंदर ही निकाल दूं क्या?मैंने कहा- नहीं, हरगिज नहीं. हम दोनों जैसे मिलन करना चाह रहे थे लेकिन कोई कुछ पहल नहीं कर पा रहा था.

उन्होंने दोनों हाथों से मेरी टांगें फैलाईं और लंड के नीचे जीभ ले जाकर मेरी एक गोली को मुँह में भर लिया. नमन को अचानक से अपने सामने देख आकर मॉम पहले तो चौंक गईं फिर वो नमन से चिपक कर चूमाचाटी करने लगीं. उसकी बातें सुनकर अच्छा तो लगा पर दिमाग में अभी भी कुछ सूझ नहीं रहा था कि क्या करूं?उस दिन के बाद धीरे धीरे हमारे बीच सब कुछ बदलने लगा.

जैसे ही मैंने दरवाजे को खोलने के लिए कुण्डी पर हाथ बढ़ाया … आँटी अचानक बोली- अच्छा रुको, जो करना है, फटाफट कर लो. रूम में रचना ने सभी तरफ दिए और मोमबत्तियां लगाई थीं, अलग अलग रंग की लाइट्स लगाई थीं, उसमें रचना का जिस्म और खूबसूरती से चमक रहा था.

ललिता भाभी की सिसकारियां बढ़ने लगीं और चूत लंड पर अपना कसाव बढ़ाने लगी.

मुझे उसमें ज़्यादा कुछ तो नहीं समझ आता था लेकिन वो खुश थे इसलिए मैं भी खुश थी.

तभी मेरे लण्ड ने पिचकारी छोड़ दी और मामी की चूत मेरे मक्खन से भर गई. मामी भी कुछ अदायें और जलवे दिखा रही थी लेकिन सब कुछ ऐसे था कि अनजाने में होता दिख रहा था. फिर मैंने उसके बालों को अपने हाथ में भरकर एक जगह इकट्ठे कर लिया और उनको पीछे खींचकर उसकी चूत को तेज तेज ठोकने लगा.

चूचियों पर हाथ जाते ही वो एकदम से पलट गयी और अपनी पीठ मेरी तरफ कर ली. क्या मदमस्त कर देने वाला दृश्य था वो!मैं उसकी गांड की खुशबू सूंघने लगा. उस वक्त आपा नहाकर एक वाइट कलर की शर्ट और पिंक कलर का शॉर्ट स्कर्ट पहनी हुई थी.

मगर इस बार मैंने चाची की एक ना सुनी बस उनकी गांड को जोरों से चोदने में लग गया.

भाभी की सहेली की चुदाई और भाभी की गांड मारने की कहानी मैं आपके लिए आगे लिखूंगा. वह उस वक्त काफी डरी सहमी हुई थी और मुझ पर हवस का शैतान सवार हो चुका था. या यूँ कहूँ कि उनका मूसल लंड मेरी चूत को सलामी दे रहा था।फिर उन्होंने मुझे अपनी बाँहों में भर लिया और गले से लगा लिया.

आंटी थोड़ी देर यूं ही लंड पर चूत टिकाए बैठी रहीं, फिर बोलीं- कैसा लग रहा है?मैंने कहा- ऐसा लग रहा है जैसे सबकुछ मिल गया हो. नीता अपनी गांड हिलाती हुई बोली- अच्छा, तो जो भी करना है, बाद में कर लेना हर्षद. मैं अपने पिलपिले हो रहे लंड से अभी भी उसकी माल भरी चूत में लंड को आगे पीछे करता रहा.

उसी समय प्रियंका अनामिका के पैरों की तरफ से आई और उसने मेरा लंड मुँह में भर लिया.

विपिन बोला- अरे दीदी, यहां कोई नहीं आता … मेरा दोस्त सब संभाल लेगा. दोस्तो, यह सबसे अच्छा अनुभव होता है जब कोई लड़की, लड़के का लंड चूसती है.

देसी हिंदी बीएफ देसी हिंदी बीएफ ये कह कर अंकल जी ने 10 लाख का चैक मेरे हाथों में देकर कहा- कोई अच्छा सा मैरिज प्लेस बुक कर लो और बाक़ी की बुकिंग वगैरह भी देख लो. जब तुमने मेरा पूरा लंड निगल लिया था, तभी मैं समझ गया था कि तुझे केला चूसने का बड़ा मन है.

देसी हिंदी बीएफ देसी हिंदी बीएफ वो मेरे माल को चूत में गिरवाने के बाद एकदम से उठी और बाथरूम की ओर भागी. आह्ह … दोस्तो … भाभी की चूत एकदम से फूल गयी थी और बहुत रसीली हो गयी थी.

वो मां की चूचियों को दबाते हुए बोला- इतनी बड़ी चूची तो पूरे मुहल्ले में किसी की नहीं होगी.

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वही लड़की मर्दों के लिए प्यासी रहती है और फिर मुझे चुदवाने का मन करता है. अंकल मेरी गांड भी सहला रहे थे और धीरे-धीरे मेरी गांड में उंगली भी कर रहे थे. वो आगे बोली= मेरे पति ने मुझसे बोला कि तू भी किसी के साथ सेक्स कर ले.

अब मेरे शरीर पर केवल क़च्छा रह गया था और उनके शरीर पर केवल ब्रा और पैंटी. विक्रम बोला- भाभी गांड चोदने नहीं दी … तो कम से कम इसका रस तो चखने दो. संजू ने भी अपने हाथों से अपनी दोनों चुचियों को सटा दिया था, जिससे लंड से चोदने में विक्रम को और मजा आने लगा था.

संजू इससे थोड़ा चिंहुक गई और बोली- क्या कर रहे हो विक्रम … छोड़ो वो जगह.

आज मैं आपको अपनी ही मकान मालकिन ललिता भाभी की जबरदस्त चुदाई की सेक्स स्टोरी सुना रहा हूँ. इसके बाद मैंने कहा- चलो जल्दी जल्दी करो अब!विपिन बोला- ठीक है, फिर घोड़ी बन जाओ. हेलीमा ने हामी भर दी और वो खुद मेरे आगे चलते हुए मुझे कमरे में ले जाने लगी.

तीनों के लौड़े से बढ़कर एक थे लेकिन सरदार का लंड कुछ ज़्यादा ही लंबा और मोटा था. मैं भी उसे अच्छी लगती थी तो वह जानबूझकर बाइक पर ये हरकतें करता था ताकि मेरे बदन का स्पर्श उसको मिल सके. मैंने उसकी दोनों टाँगें चौड़ी करके उसकी योनि का सारा योनिरस साफ कर दिया.

दिव्या ने तो जैसे मेरी मुस्कराहट को पढ़ लिया था; तुरंत मुझे चिढ़ाते हुए बोली- लगता है मौसी का मैसेज है. प्रियंका मदहोशी से बोली- बोलो जीजू क्या आदेश है?मैंने उसको हॉट चॉकलेट लेकर आने को बोला.

चूंकि मैं लड़कियों से जब तक मिला नहीं होता हूँ तब तक थोड़ा रिजर्व रहता हूँ. अब मेरा पूरा लंड अदिति की चूत में घुसकर उसके गर्भाशय के मुँह पर दस्तक देने लगा. थोड़ी ही देर में अनु दीदी ने अपने 34-32-36 के हुस्न जाल में दोनों भाइयों को दीवाना बना दिया.

कुछ देर तक यूं ही चोदने के बाद हम दोनों चरम पर आगे और दोनों का पानी एक साथ आ गया.

मैंने उसके कान के पास जाकर कहा- मेरी जान, सॉरी … रुक जाता और फिर बाद में करता, तो बहुत ज्यादा ही दर्द होती. पर मैंने उस दिन तुम्हारी मदमस्त कर देने वाली चुदाई देख कर इतना जरूर सोच लिया था कि अब मुझे भी तुमसे जरूर अपनी चूत की प्यास बुझवानी है।भाभी कहने लगी- प्लीज दीपू, मेरा इतना काम कर दो. चुदाई के बाद इसको वापिस जाने के लिए बोल देना या फिर खुद आओ तो वापिस चली जाना.

जैसा उसका नाम था वैसी ही वो थी- पूरी ब्यूटी।उसके रंग रूप का वर्णन एक बार जान लें. रूपा के जाने के बाद मनोज ने दरवाजा बंद किया और मेरे पास आकर बोला- आपने सुन ही लिया होगा, जो मैंने रूपा से कहा है.

मामी मामा नजदीक के ही एक हाउसिंग सोसाइटी के फ्लैट में अपने दो बेटों और एक बेटी के साथ रहते थे. तभी बाथरूम से शैली ने आवाज लगाई- ईशा तू आ गई?ईशा आई थी, वो खाना देकर वापस चली गई. अब मैं सोच रही थी कि इन तीन दिनों में मेरी कुछ ज़बरदस्त चुदाई हो जाती, तो मज़ा आ जाता.

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मैं नोट्स लेकर आ गया और उन्हीं के बीच में मैंने अपना फोन नम्बर भी एक पर्ची पर लिख कर दे दिया.

मैंने उनके एक चुचे को अपने मुँह में ले लिया और ताबड़तोड़ चुदाई चालू कर दी. आँटी ने चूत में हाथ डाला तो हाथ लार से चिकना हो गया था जिसका अर्थ था कि चूत से रस डिस्चार्ज हुआ था. उधर मेरे क्लास का मॉनिटर गेट पर खड़ा था और वो मुझे नंगी देख अपने हाथ में लंड लेकर हिला रहा था.

अब आगे मॉम हॉट फ्रेंड सेक्स कहानी:मेरी मम्मी ने इन्द्रेश अंकल को सोफे पर बैठा कर उनको कंडोम पहनायाऔर उनके लौड़े के ऊपर चढ़ कर घोड़े की सवारी की तरह उन्हें चोदने लगीं. मैंने कुसुम ताई से कहा- अब वो समय आ गया जब मैं तुम्हें चोद कर पूरा ठंडा कर दूंगा. ट्रिपल एक्स राजस्थानीवो मुझे हल्का सा सहारा देते हुए गाड़ी तक ले आया और अपने दोस्त को धन्यवाद देने चला गया.

लिंग खींचते समय उसकी गुदा की अंदरूनी त्वचा भी लिंग के साथ खिंचती हुई सी प्रतीत होती थी. भूरे रंग के बड़े बड़े निप्पल थे जिसको मैंने झट से मुंह में भर लिया और उसको चूसने लगा.

फिर कोई बीस मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैं और जौहरा एक साथ झड़ गए. ये सुन्दर नजारा ज्यादा देर तक नहीं चला और सुरेश की काली मोटी जांघें थरथराने लगीं. फिर उन्होंने पैंटी के दोनों तरफ हाथ डालकर उसे नीचे खिसकाना शुरू कर दिया और मैंने भी पैर उठाकर पैंटी उतारने में उनकी मदद की।अब हम दोनों एक दूसरे के सामने पूरी तरह से नंगे खड़े थे और धीरू अंकल मुझे एकटक देखे जा रहे थे जिससे मुझे कुछ शर्म भी आ रही थी.

फिर मम्मी की दोनों टांगों को चौड़ा करके उनकी चूत पर अपना हाथ रख दिया. अगर विजय चाहता तो मुझे दोबारा दबोच लेता और पलंग पर पटक कर उसी वक्त मेरी चुदाई कर सकता था. आखिरकार एक चुदाई करने वाला ही दूसरी चुदाई करने वाली की व्यथा समझ पाता है.

आधा लण्ड अन्दर बाहर करते हुए एक बार मैंने जोर से ठोकर मारी तो सोनल की बुर की सील टूट गई.

मैंने ताई को बिस्तर पर लिटा दिया और फिर से उनके होंठों को चूमने लगा. इस समय भाभी की साड़ी का पल्लू नीचे हो गया था तो भाभी का नंगा पेट और ब्लाउज में कैद चूची मेरे सामने दिख रही थीं.

उस रात मैंने आराम किया और अगले दिन मैं भी अपने घरवालों के साथ वापस जाने के लिए तैयार हो गयी. अभी तक मैं अपने लिंग को अश्लील फिल्मों और कहानियों के माध्यम से ही बहलाता आ रहा था. दस मिनट बाद मैंने विक्रम को बोला- यार जाओ … तुम भी उसके साथ में नहा लो.

कुछ ख्याल हमारा भी रख लेते।मुझे लगा कि अब भाभी को सारी बातों का पता ही लग गया है तो क्यों ना बिल्कुल खुलकर ही बात कर ली जाये. उसने मुझसे अलग होते समय मेरे कान में धीमे से कहा- बहुत हॉट हो डियर. उसकी चूचियों को दबाते हुए मुझे महसूस हुआ कि उसके निप्पल कठोर होने लगे थे.

देसी हिंदी बीएफ देसी हिंदी बीएफ वहशी दरिंदे की तरह मैं रेशमा की कमसिन फुद्दी को चाट कर फांकों को मुँह में भर कर खींचते हुए चूसने लगा. मैंने हेलीमा और गुलजान से पूछा- भाभी की चुदाई कैसी लगी?वो दोनों बोलीं- शानदार.

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वो फोन में अपनी किसी सहेली से बात करने लगी।फोन में वो अपनी सहेली से पैसों के लिए निवेदन कर रही थी, मगर उसको पैसों की क्या आवश्यकता थी इसका खुलासा नहीं हो पाया था।मैं बस उसकी बात सुनता जा रहा था।अपनी सहेली से निवेदन करते करते उसकी आँखों में आँसू आ चुके थे।फिर कुछ समय बाद उसने फ़ोन काट दिया और अपने रुमाल से अपने आँसू पौंछने लगी।मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि उससे क्या बोलूं. मैंने उसके कान के पास जाकर कहा- मेरी जान, सॉरी … रुक जाता और फिर बाद में करता, तो बहुत ज्यादा ही दर्द होती. ये अच्छा ही हुआ क्योंकि मेरे वापिस आने के आधा घंटे बाद ही अशोक आ गया और बोला- फ्लाइट कुछ जल्दी ही शुरू हो गई थी.

फिर कुछ ही देर में मैं उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया।कुछ देर उसके ऊपर ऐसे ही लेटे रहने के बाद हम दोनों उठे. उसकी कामुक आवाज सुनकर मैंने चूचों पर जीभ फिराई और आंख खोल कर उसे देखने लगा. देसी पिक्चर सेक्सएकदम सफेद रंग, बिल्कुल काले बाल, शरीर पर कहीं भी एक भी बाल नहीं था.

मगर उनके मुँह से यही निकल रहा था कि अब बस अब बस … मगर खुद ही अपने गालों को मेरे सामने करती जा रही थीं.

अब मैं उनका लंड चूस रही थी और वो मेरी चूत चाट रहे थे।मैं भी उनके लंड के साथ साथ उनके टट्टे भी चाट रही थी. हां किसी भी मर्द को काबू में करना हो तो उसे अपनी चुत और मम्मों की झलक तो दिखानी ही पड़ती है.

उसको होंठों और जीभ के रस में भुला कर धीरे से मैंने अपना लंड उसकी चुत में डालने लगा. वो मेरा लंड पर लगा सारा चॉकलेट कुछ ही सेकंड में चाट कर खा गई … और मजे से लंड चूसने लगी. चूंकि मामला चुदाई करने को लेकर साफ़ हो चुका था तो मैंने उसकी बीवी जौहरा की तरफ इशारा किया.

औरतें काउबॉय पोजीशन में खुद को काबू में नहीं रख पाती हैं और लौड़े का पूरा मज़ा लेती हैं.

मैंने कहा- यहां कौन आएगा?वो मुस्कुराती हुई बोलीं- कोई नहीं आएगा तो तू क्या करेगा?मैंने थोड़ी हिम्मत करके मम्मी के दोनों कंधे पकड़ लिए. मैं इतना तो नहीं जानता था कि उसके मन में क्या बात चल रही थी … लेकिन इतना बता सकता हूं कि वंदना की मनोदशा देख कर मुझे लगने लगा था कि उन दोनों के बीच में आज तक कभी सेक्स नहीं हुआ होगा. सुखबीर कम अनुभवी था … मगर वो इतना मजबूत था कि किसी भी स्त्री को शाररिक रूप से संतुष्ट कर सकता था.

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जब मेरी गर्लफ्रेंड ने मुझे वहां आकर कॉल किया तो मैंने उसको एक मिनट रुकने को कहा. सामने वाली बर्थ पर धकेलते हुए मैंने उसको लिटा दिया, उसके पैरों में बैठ कर मैंने एक ही झटके में उसकी कच्छी फाड़ कर निकाल दी और उसने खुद अपने पैर फैलाते हुए मुझे अपनी नूरानी फुद्दी के दीदार दिए. इधर मैंने भी उसकी चूत के पानी को पी लिया और चाट-चाटकर उसकी चूत की सफाई कर दी.

सोनी अब मुझे नजरअंदाज करने लगी थी, मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं?क्योंकि सोनी ने मुझे कुछ भी करने को मना किया था. इसलिए मैंने उनके पीछे जाना बंद कर दिया और पार्क में ही आंखें सेंकना चालू कर दिया. अगले दिन से मैंने ध्यान दिया कि कविता बहुत कम मुझसे बातें करने लगी थी.

और साथ साथ गाली भी दिए जा रहे थे, बोल रहे थे- हां साली, बहुत हंस रही थी माँ की लोड़ी! अब देख कैसे तेरी बहन चोदता हूँ. मैंने ताई की जांघों पर तेल लगाकर मालिश शुरू कर दी और मालिश के साथ मैं ताई जी की चूत को अपने उंगलियों से छूने लगा था. मैं पीहू के पीछे खड़ा होकर हुक लगाने लगा तो मेरा खड़ा लंड उसकी गांड में टच होने लगा था.

अदिति उठकर तकिए पर बैठ गयी, तो बचा हुआ हम दोनों का कामरस बाहर आ रहा था. मैंने मुँह अभी भी नहीं हटाया, मैं उसके रस को मस्ती में पी रहा था और मुझे तनिक भी जल्दी न थी.

फिर मुझे लगा चुत के अन्दर लंड कुछ ज़्यादा ही अकड़ रहा है, मैं समझ गई कि लंड अब चरम पर आ गया है.

संजीव ही नहीं बल्कि दूसरे सारे लड़के और लड़कियां भी मेरी ओर ऐसे देख रहे थे जैसे कि मैं स्वर्ग से आई हुई कोई अप्सरा हूं. নাঙ্গী সেক্সি ভিডিওहम दोनों अनुपस्थिति में मोबाइल पर गंदी और सेक्सी बातें करके एक दूसरे का मन बहला लेते थे. ഗ്രൂപ്പ് സെക്സ്हैलो फ्रेंड्स, मैं जय फिर से आपकी चुदाई की आग को ठंडा करने के लिए हाजिर हूँ. तब उसने कहा- ऐसा कैसे हो सकता है भाभी?मैंने कहा- सब हो सकता है … तुम कहो तो सही एक बार.

थोड़ी ही देर में मेरा लंड खड़ा हो गया था, जिसका अहसास अनामिका को भी हो गया था.

मैंने उसकी चूत के पानी को उसकी गांड के छेद पर लगा कर घिसी और अगले ही पल अपनी एक उंगली उसकी गांड में डाल दी. मेरी पिछली कहानी थी:जेठ जी ने मेरा काण्ड कर दियाअब मैं आपको देसी लड़की चुदाई कहानी बताता हूं. घर जाते ही मैंने चार पहिया गाड़ी का इंतजाम कर लिया ताकि अगर रात में जाना पड़ा तो दिक्कत ना हो.

मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं उसके अंडकोषों पर धीरे धीरे से पीट रही थी और उनको सहला रही थी. रचना अब गर्म होने लगी, उसकी कामुक आवाजें मेरे कानों में गूंज रही थीं. अपनी ही उंगलियों को गांड में डालकर उनसे गांड मरवाने का आनन्द लेती थी.

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लंड बाहर आते ही उसमें से वीर्य की पिचकारी छूटी जो भाभी के चूचों पर जाकर लगी. कुछ वक्त और बीत जाने के बाद आखिरकार रेनू ने मुझे मिलने की स्वीकृति दे दी. गांड सिकोड़ने लगा, पर भोला ने पूरा डाल दिया और उसकी कमर पकड़ कर चिपक कर रह गया।आधा मिनट तक चिपका रहा, फिर बोला- यार करने देगा? थोड़ी ढीली कर।तब भूरा मुस्कराया और बोला- अच्छा कर लो, तुम रुतबा पेल रहे थे।भोला बोला- यार! ऐसा नहीं करते, मेरा भैया! अच्छा, तू मुझे ठीक से करने दे, तो लेट जा।तब भूरा वहीं पेड़ के नीचे जमीन पर लेट गया.

शायरा अब भी वहीं थी मगर वो शायद अपनी चूत पर हाथ घुमाने के सिवा कुछ नहीं कर पा रही थी.

मैं काफी देर तक सुधा की चूत को चाटता रहा था, जिससे कि वो बहुत ज्यादा गर्म हो गई थी.

लेकिन उसने कभी सेक्स नहीं किया था क्योंकि वो अपने मम्मी और पापा से डरती थी. तभी घर से फोन आया कि जल्दी से घर आ जाओ तुम्हारी भाभी को बेबी होना है. बीएफ देहाती मेंकुछ देर चूत चाटने के बाद मैंने उससे कहा- मुझे तुम्हारी चूत में अपना लंड डालना है.

उन्होंने लंड को हाथ में भरा और उनके मुंह से पहले शब्द ये ही निकले- आह्ह … बहुत मोटा है।फिर उसको मरोड़ते हुए बोले- ये तो सख्त भी बहुत जल्दी हो गया. मेरा भी सब्र खत्म हो चुका था और मैंने उसके सिर को पकड़ कर अपने होंठों से लगा दिया. मुझे देर हो रही थी इसलिए मैं मरे मन से वापस लौट आया और कपड़े पहन कर घर चला गया.

वो सामने वाले ने जैसे ही अपना मुँह ऊपर किया, तो मैं उसके होंठों को चूमने लगी. फिर मैंने सोच लिया कि अब जब विजय से चुदना ही है तो फिर शर्म करने से क्या फायदा?मैंने अपनी चूत को आधा ढका और आधे से कम बूब्स को तौलिये से ढक कर तौलिया बांध लिया.

शायद उसने अंदर ब्रा भी नहीं पहनी थी इसलिए चूची दायें बायें डोल रही थीं.

तो आह आह करते हुए मामी बोलीं- तेरा लण्ड बड़ा जानदार है विजय, अपने बाप से भी ज्यादा!मैंने कहा- बाप से भी ज्यादा? मतलब आप मेरे पापा से भी चुदवा चुकी हो?हाँ, विजय. मेरी हां मिलने के बाद उन्होंने प्लान फाइनल कर लिया और दो दिन बाद मैं उनके बताए पते पर पहुंच गया. वो कुत्ते की तरह ऊपर नीचे जीभ फेरते हुए मेरी प्यासी चूत चाटने लगा और मुझे बहुत मजा आना शुरू हो गया.

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इस कहनी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं अपनी भाभी के भी के घर में उसके साथ वासना भरा खेल खेल रही थी. समीना इस बात से अनजान थी कि मैं उसकी नौकरानी की चूत भी मार रहा हूँ. मैंने भाभी को वहीं घोड़ी बनाया और पीछे से अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया.

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उसके हर फ़ोटो को सेव करना, स्टेटस पर कमेंट देना शुरू कर दिया।उसने मुझसे व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू कर दी. आपको मेरी ये हिंदी सेक्स सेक्स Xxx कहानी कैसी लगी, प्लीज़ मुझे मेल करना न भूलें. उन्होंने कह दिया कि ऑफिस से कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले लेना क्योंकि वो मेरे साथ कई दिन यहीं पर रहेंगे.

अब सरिता नाटक कर रही थी या उसके मन में यह था कि यह लड़का मेरी बहन ने भेजा है तो बसन्त मुझे ताना न दें. मैंने कहा- मजा नहीं आया क्या?मम्मी बोलीं- बहुत ज्यादा मजा आ रहा है यार!मैंने अपना लोवर निकाल दिया और देखा वो मेरा लंड देखने की कोशिश कर रही थीं.

वो दो स्नेहा की फेवरेट आइसक्रीम लाया और एक उसको दे कर बोला- अब बोल?स्नेहा- भाई इस वीकेंड कहीं घूमने चलते हैं ना … अपने सब यार दोस्त मिल कर?चिराग- हुंउ … तेरी ये बात तो सही है.

दो महीने तक ननिहाल में रहकर मामी की जमकर चुदाई करने के बाद मैं वापस अपने घर लौट आया और अपनी पढ़ाई में जुट गया. अब मैं गुलजान की गांड में जैसे ही तेज शॉट मारता, तो उसके दर्द से वो हेलीमा की चूत को काट लेती और ज़ोर से गांड में उंगली डाल देती. ये बात दिव्या ने भी सुनी, वो कुर्सी से उठ कर मेरे पास आयी और बोली- बनारस कैसे जाएंगे आप?मैंने बोला- बाइक से.

वो कुत्ते की तरह ऊपर नीचे जीभ फेरते हुए मेरी प्यासी चूत चाटने लगा और मुझे बहुत मजा आना शुरू हो गया. चूसने से लंड और ज्यादा फूल जाता है जिससे आकार भी बढ़ जाता है और लंड अधिक ज्यादा कठोर हो जाता है. अब मैं रुक नहीं सकता था और मैंने सीधे अपने होंठ भाभी के होंठों पर रख दिये और उसके सिर के पीछे हाथ ले जाकर उसको किस करने लगा.

तब अशोक ने कहा- तुम रात को अनन्या के साथ रहो, ताकि उसको कोई प्राब्लम ना हो.

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मैंने विजय को बोला- जान अब बर्दाश्त नहीं हो रहा, प्लीज मेरी चूत को अपने लंड से धन्य कर दो और मुझे हमेशा के लिए अपनी बना लो!दोनों के लिए अब और इंतज़ार करना मुश्किल था।विजय ने पलंग पर मेरे कूल्हों के नीचे एक तकिया लगाया जिससे मेरी चूत उभर कर ऊपर की ओर हो गई।उसने 2-3 बार मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटा और अपने मूसल लौड़े को मेरी चूत की फांकों पर लगाया. अब आगे की हॉट गर्ल सेक्स कहानी:दोस्तो, लाइट जलते ही मैंने जो नजारा देखा, आह क्या बताऊं … रंगोली तो जैसे चुदने की पूरी तैयारी करके आयी थी. अब मैं फिर से उस पर भूखे भेड़िये की तरह टूट पड़ा। उसकी चुदास को मैं फिर से भड़काना चाहता था कि वो खुद ही चुदने के लिए मचल उठे.

विपिन वहां से चला गया और अपने पापा को जा कर बोल दिया कि सुहानी दीदी को बाज़ार से कुछ लाना है, तो वो भी चलने को कह रही हैं.

उसने धीरे से अपना सिर भी उसकी छाती पर टिका लिया जैसे कि वो कोई और नहीं बल्कि उसका पति ही हो. मैं इत्मिनान से अपनी कमसिन बीवी को उसके पहले सेक्स का मजा देना चाहता था. अब मेरा हाथ ना तो निकल रहा था, ना कि उनमें चल रहा था।चाची ने फिर अपने ब्रा की हुक खोल कर मेरे हाथ को निकाला।जैसे ही मेरा हाथ बाहर आया मैंने समय ना गंवाते हुए सीधे चाची को अपने तरफ खींचा और अपने होंठ उनके होंठों पर लगा दिए।वह बचने की कोशिश कर रही थी परन्तु मैं अपना हाथ सीधे नीचे ले जाते हुए पैंटी के ऊपर से ही चाची की चूत रगड़ने लगा।5 मिनट तक ऐसा ही चलता रहा.