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मैंने दीदी की योनि पर लंड को लगाकर हल्का सा धक्का दिया तो लंड फिसल गया. बघेली सेक्सी वीडियोऐसा लग रहा था कि जितना मजा मैं उसकी चूत को चोद कर ले रहा हूं उसका दोगुना मजा तो वो मेरे लंड से निचोड़ रही है.

मैं उसके साथ किस में इतना अधिक खो गई थी कि मुझे पता ही नहीं चला कि उसने मेरी साड़ी निकाल दी. आदिवासी हिंदी सेक्सीलेकिन हम दोनों को ही भाई बहन का रिश्ता एक अनजानी सी डोर से बांधे हुए है.

मैं जन्नत के द्वार पर दस्तक दे रही थी और डॉक्टर साहब का लण्ड मेरे योनिद्वार पर.सुहागरात वाला बीएफ वीडियो: मेरा पैर कांतिलाल के पेट की तरफ था, सो उसने जोश में आकर मुझे खींचा और मेरे जांघें फैला कर मेरी योनि अपने मुँह के ऊपर ले आया.

काव्या मुझे हटाने की कोशिश करने लगी और बोली- ये क्या कर रहे हो यार.जिस पर मैंने मासूम बनते हुए पूछ लिया- क्या चालू हो गए?राज आंखें मटकाते हुए बोला- अरे मेरा कहने का मतलब ये था कि हम 5 दिन के लिए आए हैं तो प्यार भी आराम से भी किया जा सकता था … मगर वे लोग तो.

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कांतिलाल भी मेरी चुनौती स्वीकारते हुए अपनी मर्दानगी का परिचय देने लगा.मैं जब भी उसको छूने की कोशिश करता तो ऐसे बर्ताव करता था कि वह सब मैंने जानबूझ कर नहीं किया है और गलती से ही उसको टच हो गया है.

अगर मम्मी मान जाती हैं, तो मेरे लिए स्वर्ग का दरवाजा खुल जाएगा … और अगर नहीं, तो ज्यादा से ज्यादा मुझे डांट ही तो पड़ेगी. सुहागरात वाला बीएफ वीडियो किसी तरह बहुत विनती करने के बाद वो मुझे छोड़ा और बगल में लेट गया और मुझे अपनी ओर खींच कर सीने से लगा लिया.

अपनी दीदी की प्यासी जवानी की कहानी सुन कर मैंने अपनी बहन के साथ सेक्स करने की ठान ली और उन्हें मना भी लिया.

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अनु को मैंने वहीं पर दीवार के सहारे लगा लिया और उसके ऊपर झुक कर उसकी चूत चोद दी. योनि के भीतर भी बहुत दुख रहा था मगर उस वक़्त चरम सुख की लालसा के आगे हर दर्द सहने को तैयार थी. फिर मैंने दोनों गिलास आधे आधे भरे और उससे कहा- तुम मेरी रखैल हो न!वो बोली- हां.

ये एक तरह का खेल है, जो आजकल बहुत से लोग सच में या ऑनलाइन एक दूसरे की संतुष्टि के लिए खेलते हैं. दस झटकों के बाद ही मैं अपना लौड़ा डॉली की चूत में जड़ तक पेलने लगा था. फिर रात को करीब 12 बजे के करीब मुझे अपने पेट पर कुछ महसूस हो रहा था.

हम दोनों साथ में बैठे हुए थे तो वह अपने स्तनों पर बार बार हाथ लगाकर मेरी तरफ मुस्कुराते हुए देखती। उसकी नजरों से मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे यह मेरे लंड को अपनी चूत में लेना चाहती हो। मुझे लगा कि उस लड़की में कामुकता कूट कूट कर भरी हुई है. मैंने उठ कर मौसी की चूत को चूसना शुरू कर दिया और वो तेजी से सिसकारियां लेने लगी ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’मुझे डर लग रहा था कि कहीं मौसी की आवाज दूसरे कमरे में पापा के पास न चली जाये. उसने कहा- बाकी सब बाद में …उस टाइम मुझे बहत ज्यादा गुस्सा आया, पर मैं क्या कर सकता था.

जब उसने फोन रखा तो मैंने पूछा- क्या हुआ? सब ठीक है तो आपके घर में?वो बोली- मेरे घर में तो सब ठीक है. दोस्तो, आपको मेरी मौसी की चुदाई की कहानी पसंद आई या नहीं … मुझे बताना.

अगर मैंने कोई नया बॉयफ्रेंड बनाया तो मैं आपको तो अपनी सेक्स कहानी अवश्य बताऊँगी.

यह सब गलत है, जा अपने कमरे में चला जा … मैं तेरे साथ ऐसा वैसा कुछ नहीं करूंगी.

मैंने आंख खोल कर देखा तो मेरे भाई का हाथ मेरे नंगे पेट पर फिर रहा था. हाय … क्या मधुर आवाज थी चाची की। उसकी आवाज सुन कर ही मेरा लंड पैंट में तन गया था. इधर रमा कांतिलाल से रुकने की विनती करने लगी थी, पर कांतिलाल बहुत ही आक्रामक संभोग में उसकी एक न सुन रहा था.

दीदी बोली- तुम्हारे हाथों में जादू है, मेरा दर्द कम हो रहा है … दो तीन दिन की मालिश कर देना, मैं ठीक हो जाऊंगी. मैंने मॉम के होंठों को देखा और उनके होंठों पर अपने होंठ लगा दिए और जोर जोर से किस करने लगा. यही सोच कर मेरा लंड पैंट के अंदर ही तन गया, अब मेरे मन में केवल अपनी साली को चोदने का ख्याल घूमने लगा।शाम को जब मैं घर आया तो मेरी साली बिल्कुल नॉर्मल दिखी, वो वैसे भी मुझसे कम ही बात करती थी और मैं भी उससे ज़्यादा बात नहीं करता था.

मैंने कहा- साली रंडी, यहां क्यूं बैठी हुई है? तुझे चुदना नहीं है क्या? चल साली बेडरूम के अंदर.

मुझे नहीं पता था कि ये सब करना भी होता है या नहीं, मगर जो भी हो रहा था अपने आप ही होता चला जा रहा था. फिर उस रात को मैं यही सोचता रहा कि आखिर मेरा लंड सोनाली की चूत में जा क्यों नहीं रहा है. दूसरी बात ये कि निर्मला राजशेखर का संभोग में परस्पर साथ नहीं दे पाती थी.

वो मेरे ऊपर झुकते हुए अपने लिंग को पकड़ मेरी योनि की दिशा में ले जाने लगा. वो दर्द से बिलख पड़ीं ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’पूरा लंड पेलने के बाद मैंने उनको कुछ देर तक ऐसे ही जकड़े रखा. अब मैंने अपनी भांजी से पूछा- कैसा लग रहा है?उसने कहा- मामा जी बहुत मजा आ रहा है … आगे करो ना कुछ.

मेरी पहली सेक्स स्टोरी गाँव की सेक्सी लड़की, स्कूल की गर्लफ्रेंड सोनाली के साथ है, उस टाइम मैं 19 साल का था, मैंने 11 वीं पास करके बारहवीं में एडमिशन लिया था.

मेरी यह कहानी मेरे और मेरे दोस्त की अम्मी के बीच बने शारीरिक संबंध की कहानी है. मैंने उसको इशारा किया, तो वो समझ गई और उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया.

सुहागरात वाला बीएफ वीडियो उन्होंने मेरी तरफ अपनी पीठ घुमा रखी थी और उनके दोनों बड़े बड़े चूतड़ मेरी जांघों और मेरे लंड से पूरी तरह से सटे हुए थे. मैं बार बार जब भी मौका मिलता, भाभी की चूचियों को और गांड को दबा देता था.

सुहागरात वाला बीएफ वीडियो वहां सभी मदिरा पीने वाले थे, पर मैंने आज तक कभी मदिरा को चखा भी नहीं था. मैं जिन दीदी की बात करने जा रहा हूँ, वो मेरे पड़ोस में रहने वाली दीदी हैं.

मैं बाहर आकर खिड़की के पास भाभी के घर पर नजर लगा कर बैठ गया कि कब उसके सास और ससुर घर से निकलेंगे और मैं भाभी को पटाने के लिए फिर से अपनी कोशिश करूंगा.

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मेरा और चाचा के बड़े लड़के और प्रिया का बिस्तर दूसरी छत पर लगा हुआ था. आज से मैंने पहले कभी सेक्स किया नहीं था, इसलिए उसका मोटा लंड मेरी चूत के अन्दर नहीं जा रहा था. वो दिखने में बहुत ही हैंडसम था, उसे कोई भी लड़की देख लेती, तो उस पर मर मिटती.

फिर मैंने अपने हाथ को उसके गले के ऊपर से कमीज को थोड़ा खींचते हुए अंदर हाथ डाल दिया. उसने अपने घुटने को जांघों तक मोड़ लिया था और मैंने भी अपनी टांग उसकी जांघों पर चढ़ा दिया था. अब मैं सिर्फ़ ब्रा पैंटी में थी, वो भी इतनी छोटी कि बस एक लाइन जैसी पैंटी में मेरी चुत ढकी देख कर वो पागल हो गया.

क्योंकि मेरा लंड ही ऐसा है कि सब इस बेजोड़ लंड से अपनी चूत चुदवा कर इसकी दीवानी और मस्तानी हो गई हैं.

मैं खुद को रोकने का प्रयास करती रही कि शायद मेरे ठंडे और नकारात्मक व्यवहार से उसकी उत्तेजना कम हो जाए, पर वो रुक नहीं रहा था बल्कि और अधिक उत्तेजना से मेरे होंठों को चूसते चूमते हुए मेरे स्तनों को दबाने सहलाने लगा था. वो उठकर बाथरूम में चली गई और नहा धोकर बाहर आई और मुझसे बोली- आप भी नहा कर फ्रेश हो जाओ, तब तक मैं दुल्हन की तरह तैयार होती हूँ. कुछ समय बाद मैंने उसकी पजामी में हाथ डालना चाहा लेकिन उसने डालने नहीं दिया.

निर्मला जहां सबसे अधिक प्रौढ़ लग रही थी, वही उसका मन शैतानी से भी भरा हुआ था. ब्लाउज खोलते ही मुझे भी थोड़ी राहत मिली क्योंकि ब्लाउज थोड़ा ज्यादा ही कसा हुआ था. वो मंद-मंद सिसकारने लगी ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’एक मिनट तक मैं उसकी चूत पर लंड को रगड़ते हुए उसके चेहरे के हाव-भाव को देख कर मजे लेता रहा.

तभी रवि ने मुझे पकड़ कर जमीन पर सीधा पीठ के बल लिटा दिया और मेरी टांगें फैलाता हुआ बीच में आने लगा. उसको लेकर मैं सोचता रहता था कि काश इस हॉट गर्ल चोदने का मौका मिल जाए … तो मजा आ जाए.

एक दिन मेरे ससुर ने मुझे फोन किया कि आपके साले और उसकी बीवी को आपके पास दिल्ली भेज रहा हूँ. मन तो कर रहा था कि अभी पकड़ के चोद दूँ … पर आंटी की ननद होने के कारण ऐसा नहीं कर सकता था।फिर हमने साथ बैठ कर खाना खाया और थोड़ी देर बातें की. मैंने अपनी बहू की चूत में जीभ दे दी और मेरी बहू मेरे सिर को अपनी गर्म चूत में दबाने लगी.

फिर जब मैंने मूतना बंद कर दिया, तो उसने मेरे लंड को चाट चाट कर अच्छे से साफ़ कर दिया.

दो साल तक वो मेरी हर तरह से चुदाई करते रहे। दो साल के बाद उनका ट्रांसफर हो गया और हम दोनों का रिश्ता भी वहीं समाप्त हो गया। मगर मेरी चुदाई का सिलसिला अभी थमा नहीं था. फिर कुछ दिन बाद मैं भाभी के घर गया तो …मेरा नाम राकेश है, मैं सोनीपत का रहने वाला हूँ. तूने गलती से इनकार किया, तो ब्लू फिल्म तो बनेगी ही, ऊपर से तुझे पैसे भी नहीं मिलेंगे.

मैंने चाची की चुदाई कैसे की?नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम सनी है और मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं. मैं तो आपको यही कहूंगा कि अगर आपको मौका मिल रहा है मजे लेने का तो उसको हाथ से क्यों जाने दे रही हो.

शायद भाई बीच में सोया था इसलिए वो मुझे ऐसा नहीं करने देना चाहती थी. अब सुरेश जैसे ही मेरी बीवी की गांड में झटका देता, वैसे ही सामने से अमन का लंड मेरी बीवी के मुँह में और अन्दर चला जाता. फिर भाबी बोली- अब तुम्हारे लंड महाराज कैसे हैं, जरा दिखाओ?भाबी के मुंह से लंड शब्द सुनते ही मेरे लंड में एक अजीब सी सिरहन दौड़ गई और लंड तुरंत खड़ा होकर एकदम सख्त हो गया।मैंने लोवर नीचे किया और लंड भाबी को दिखा दिया.

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उसने मेरे पास आकर पूछा कि इस जिम में आप ही ट्रेनर हो?मैंने कहा- हां जी कहिए, मैं ही ट्रेनर हूं.

उनकी गांड को सहलाते हुए चुचे चूसते और काटते हुए चुदाई की गति को तेज से तेज करने लगा. आज जो मैं कहानी आप लोगों के सामने पेश कर रहा हूं यह कहानी उसी दौर की है. एक ओर मेरी जीभ अनु की चूत में थी और दूसरी ओर मेरा लंड अनु के मुंह में था.

यह तब की बात है, जब मेरी इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर का एग्जाम हो चुका था. यह कहानी तब की है जब मैं 20 साल का था और मेरे कॉलेज का फर्स्ट ईयर था. स्कूल की सेक्स वीडियोमुझे अब मुझे ऐसा लगने लगा कि जो चीटियां अभी तक मेरे बदन पर रेंग रही थीं, वो अब दौड़ने लगी हैं.

उसका उत्तेजित कड़क लिंग मुझे मेरे पेट पर चुभता हुआ महसूस होने लगा था. उसने धीरे धीरे से पूरा का पूरा लिंग मेरी योनि के भीतर घुसा दिया था और उसके सुपारे का स्पर्श मैं अपनी बच्चेदानी में महसूस करने लगी थी.

वो शायद मेरी पहली ऐसी क्लाइंट थी जिसने बिना देर किये अपना ऑर्डर बुक किया जिसके तहत हमने मसाज की डेट फिक्स कर ली. वो इसी ग़लती से मेरे गले में वरमाला डालना चाह रही थी, फिर मैंने इशारा किया तो वो शरमा गयी. वो एकदम से निढाल होकर अपने जिस्म को ऐसे थिरका रही थी, मानो मेरे रस को वो अपने अन्दर जज्ब कर रही हो.

मैं कुछ देर ऐसे ही मदहोशी की हालत में लेटा रहा और भाबी के कोमल हाथों के स्पर्श के बारे में सोचता रहा. एक अच्छे से होटल में हमारी आईडी देकर दो रूम बुक करे … नीचे ही रेस्टोरेंट भी था, वहां से खाना भी ऑर्डर कर दिया. इतना कह कर वो मेरे ऊपर से उठ गया और घुटनों के बल बिस्तर पर बैठ गया.

उसके बाद मैंने उसकी पैंटी नीचे कर दी और नीचे बैठ कर उसकी चूत में अपना मुँह लगा दिया.

मैंने पूछा- क्या हुआ मैडम?तो सोनू ने कहा कि कुछ नहीं, थोड़ा परेशान हूं।मैंने पूछा- क्यों, क्या हुआ आपको?पहली बार सोनू ने खुलकर बात करना शुरू की, बोली कि जिंदगी में सब कुछ है मेरे पास एक अच्छा पति, एक प्यारा सा बेटा लेकिन फिर भी मैं अकेली हूं. वो भले कुछ नहीं कह रहा था, पर उसकी आंखों से लग रहा था मानो मुझसे कह रहा हो कि बस थोड़ी देर और साथ दो … मैं अपना प्रेम रस तुम्हें देने ही वाला हूँ.

उसके लंड का और मेरी चूत के पानी मिला जुला स्वाद बहुत अच्छा लग रहा था. दीदी की चूचियों की मस्त और सेक्सी क्लीवेज और ब्लैक ब्रा में कसे हुए दूधिया रंगत वाले दीदी के मम्मे मुझे गरम करने लगे थे. तो मैंने क्या किया?दोस्तो, मैं विक्की हूं और मैंने अपनी कहानी के पहले भागजवान पड़ोसन को पटाकर खुली छत पर चोदामें आपको बताया था कि कैसे मैंने अपनी पड़ोसन अनु को पटाया.

मैं उसकी उत्तेजना समझ गई थी और संभोग की अवधि भी बहुत अधिक हो चुकी थी, इसलिये अब कांतिलाल को झड़ना थोड़ा आसान सा लगने लगा था. मैं समझ गया कि अब उसकी वासना अपने चरम पर है लेकिन अभी मैं उसको भरपूर मज़ा देना चाह रहा था जिससे वो मेरी दीवानी हो जाये। मैं बहुत ही प्यार से उसकी चुचियों को चूस रहा था. इस बात पर हम सबको बहुत बुरा लगा कि इस तरह का भेदभाव क्यों पैदा करना, जब सब एक मन से यहां आए हुए हैं.

सुहागरात वाला बीएफ वीडियो चूंकि यह मेरी पहली कहानी है इसलिए हो सकता है कि कहानी लिखने में कुछ गलती भी हो जाये तो आप उस गलती की तरफ ध्यान न दें और मेरी पहली चुदाई कॉलेज की लड़की की कहानी का मजा लें. मैंने उसकी गर्दन को अपनी तरफ घुमाया और उसके होंठों को जोर से चूसने लगा.

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जिसकी भी चूत में खुजली होती थी वो खुद मेरे पास आकर अपनी चूत को मेरे हवाले कर दिया करती थी. सुबह जब ब्रेकफास्ट के टेबल पर आया, तो प्रिया शॉर्ट्स में ही थी, जो काफी पतले कपड़े के थे. जब रवि का लिंग निर्मला की योनि से बाहर आ गया, तब निर्मला ने अपनी एक हाथ में थूक लिया और अपनी योनि के ऊपर मल कर लिंग वापस अपनी योनि में सुपारे तक घुसाते हुए रवि को आगे बढ़ने का संकेत दिया.

जब तक भैया टूर से वापस नहीं आ गए हम दोनों ने जी भरके चुदाई का मजा लिया. फिर एक दिन की बात है कि मैं अपने दोस्त के रूम पर उसके साथ टीवी पर फिल्म देख रहा था. हिंदी मराठी सेक्सी व्हिडिओउसके ढीले पड़ते ही राजशेखर ने उसकी योनि से लिंग बाहर खींचा और मुझे अपनी तरफ खींचते हुए बिस्तर के नीचे खड़ा कर दिया.

लेकिन मैंने मन ही मन ये सोच लिया था क़ि अपन साली को अब जल्दी ही चोदना है। मुझे मन ही मन अपनी चचेरी साली पर बहुत गुस्सा आ रहा था, अगर आज वो ना होती तो आज ही मैं अपनी साली के साथ चुदाई का मज़ा ले लेता.

मैंने उनकी चूचियों को चूसना शुरू किया और अपने खड़े लंड को एक बार फिर से भाभी की चुत में पेल दिया. मैं सोच रहा था कि जब ये बाहर से देखने में इतनी मस्त माल लग रही है तो अंदर से तो ये बिल्कुल कयामत ही लगती होगी, मैं उसकी मां के नंगे बदन को देखने के लिए तरस जाता था लेकिन अभी मुझे ऐसी कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही थी कि मैं उसकी मां को नंगी देख सकूं.

एकाएक राजशेखर ने अब मेरी एक टांग जो जमीन पर थी, उसे उठाने की प्रयास शुरू कर दिया. साराह मैम के पति सरकारी जॉब में हैं, तो वो सुबह 6 बजे ड्यूटी पर चले जाते थे. तीन महीने का 3 लाख दूंगी तुझे … बोल मंजूर है क्या और मेरा प्रोफेसशनल कोठा है, यहां कोई दिक्कत नहीं होगी.

उसके तने हुए मम्मे देखकर मैंने एक को मसल कर पूछ लिया कि तेरे ये इतने बड़े कैसे हो गए? इन पर किसने मेहनत की है?रुचि- ओह्ह … जैसे तुझे पता ही न हो कि मेरा भी एक बॉयफ्रेंड था, जिससे मेरा ब्रेकअप हो गया है.

यह घटना मेरी जिन्दगी में हुई मेरी चूत चुदाई की सबसे बुरी चुदाइयों में से एक है. मम्मी सिहरते हुए बोलीं- बेटा इतना उतावला क्यों हो रहा है … पहले कपड़े तो खोल लेने दे … फिर जी भर कर दूध पीना. और अब मैंने भी धक्कों की स्पीड तेज कर दी जिससे अब मेरा लन्ड सीधा आंटी की बच्चेदानी को ठोकर मार रहा था जिससे आंटी को और मज़ा आने लग गया.

सेक्सी देहाती हिंदीउधर मेरी बीवी की गांड में थूक लगाने बाद सुरेश ने कहा- रानी, मैं आज तक अपनी बीवी की गांड का मजा नहीं कर सका, पर आज तुझे मैं जन्नत दिखा दूंगा. यह कहानी तब की है जब मैं 20 साल का था और मेरे कॉलेज का फर्स्ट ईयर था.

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चाहती तो मैं बहुत समय से थी कि कोई शानदार मर्द मुझको मिले, मगर वो शानदार मर्द मेरे घर में ही मुझे मिल जाएगा, इसका पता नहीं था. उस पर निर्मला ने पूछा- वो कैसे?तो उसने बताया कि जिसकी योनि की नसें और मांसपेशियां अधिक ताकतवर होती हैं, वो ज्यादा दबाव से पेशाब कर सकती है और रेत में ज्यादा गहरी छाप बना सकती है. फिर उसने अपने लंड को हाथ में लेकर हिलाया और फिर मेरे हाथ में दे दिया.

जब 15-20 मिनट हो गए, अंतरा नहीं आई तो मैं समझ गया कि उन लड़कों के साथ पढ़ाई कर रही होगी. लेकिन जिस दिन मुझे ये लगता कि आज काम की वजह से देर हो सकती है उस दिन मैं कार लेकर चला जाया करता था. मतलब राजेश्वरी की पीठ का हिस्सा कमलनाथ की तरफ था और चेहरे का हिस्सा पैरों की तरफ था.

उसके पैरों को देखकर मेरा लंड कड़क होने लगा था, पर मैं अभी कुछ कर भी नहीं सकता था. मैं उठा तो भाभी ने मेरी लोअर में तना हुआ मेरा लंड देख लिया और फिर टीवी की तरफ देखने लगी. और आपको देखकर मुझे लगा कि मुझे अपनी इच्छा आपसे पूरी करवा लेनी चाहिए।यह कहते हुए रिहाना ने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया।वह मेरे लंड की सकिंग करने लगी.

रवि ने अपने लिंग को सही दिशा दिखाते हुए लिंग का सुपारा मेरी योनि द्वार में प्रवेश करा दिया. डॉली की चूचियों को पीने के बाद मैंने उसको चुदने के लिए पूरा गर्म कर दिया था.

दो मिनट बाद उसने खुद अपनी पैंटी को उतारा और मुझे धक्का देकर बिस्तर पर सीधा लिटा दिया.

आज तुझे मैं बहुत बुरी और बेदर्द तरीके से चोद चोद कर तेरा भोसड़ा और गांड दोनों को अपने लौड़े के पानी से भर दूंगा. सटका मटका गोल्डन गोल्डनशांत होने के बाद मैंने उससे पूछा- तुम पहले भी कर चुकी हो ना?वो बोली- हां स्कूल के एक बॉयफ्रेंड के साथ मेरा हो चुका था. फुल एचडी सेक्सी राजस्थानीभाई का मोटा लंड चूत में लेकर चुदने के कारण सुबह मुझसे चला भी नहीं जा रहा था. मैंने तुरंत उसके होंठ पर अपने होंठ रख दिए और अपने हाथों को उसके मम्मों पर रख कर उन्हें दबाने लगा.

मैंने देखा कि मेरी बीवी गहरी नींद में सोई पड़ी है, मैं सीधा अपने सलहज के कमरे में आ गया.

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम निखिल चौहान है। मैं दिल्ली में रह रहा हूं और मैं गुड़गांव में एक ऑटोमोबाइल कंपनी में एक मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में काम करता हूं. हर सेक्स कहानी बहुत बार तो सोचा भी कि मैं भी क्यों न अपनी कोई असली सेक्स कहानी लिख कर अन्तर्वासना पढ़ने वाले पाठकों के साथ सांझा करूं, पर फिर हर बार मन बदल जाता और रहने देता था. हैलो फ्रेंड्स, मैं फिर से आपको जुबैदा और उसकी दोनों बेटियों सलमा और नजमी की चुत चुदाई का रस चखाने आ गया हूँ.

मैंने उस दिन तय कर लिया था कि आज रात अपनी मॉम को अपना बना लूंगा उन्हें अपनी पहली पत्नी का दर्जा दूंगा. वो बोली- कब निकलता है?उसके मुंह से ये सुन कर अब मेरे अंदर अन्तर्वासना की कहानियां घूमने लगी थीं. क्या चुदाई की … साली चूत सहला रही होगी।वह मुस्कराया।मैं चित लेटा था.

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चार महीने के बाद वो प्रेग्नेंट हो गई और अब डिलीवरी के लिए अस्पताल गई हुई है. मैं आज से अन्तर्वासना पर अपनी सेक्स कहानियों की शुरूआत करने जा रही हूं. ताकि मेरी मम्मी उससे पूछतीं, तो वो मेरे माँ को वही सब कहती, जो मैंने तय किया था.

मैंने मैडम को जांघें चौड़ी करने को कहा, उन्होंने अपने पैर दायें बायें फैला कर अपनी जांघें खोल दी और मेरे लंड का निशाना अपनी चूत के छेद में सेट कर लिया.

ट्रेन में भी उसने कहा था कि ससुर जी काश आप मेरी सुहागरात में मेरे साथ होते.

उसने धीरे से अपना लंड मेरी बुर की फांकों में फंसाया और एक हल्के से धक्के के साथ अन्दर डाल दिया. अब शर्माओ मत और तुम अंदर कमरे में आ जाओ।मैं एक हाथ से अपनी पैंट को पकड़कर और एक हाथ से अपना लंड पकड़ कर कमरे में जैसे ही दाखिल हुआ तो भाबी की नजर तुरंत मेरे लंड पर गई वह देखकर एकदम से चौंक गई और बोली- हाय राम … कितना खून निकल रहा है!मेरी हाथ भी खून से सना हुआ था और मेरी पैंट पर भी खून के धब्बे लगे हुए थे. సెక్స్ video'sअब मैंने चुप रहना ही ठीक समझा और बस इतना बोल दिया- अच्छा तो ये बात है … क्या करें बेचारों को सब्र नहीं हो रहा होगा.

राज की आवाज सुनकर मैं चौंका और पूछने पर उसने बताया कि यह उसकी चाची है और कुछ दिनों के लिए आई है. आंटी कोई सामान लेने आतीं, तो वह अपनी चूची मेरी छाती से सटाते हुए निकल रही थीं. मैं उसके मुँह को अपने लंड से चोदता रहा और ऊपर से ही उसके चूतड़ों पर ज़ोर ज़ोर से झापड़ मारता रहा.

हम दोनों ने एक दूसरे को पकड़ लिया और कुछ देर यूँ ही उसी अवस्था में लेटे रहे. यह योजना कांति लाल और रमा की थी, जिनके बारे में मैं आप सभी पहले भी बता चुकी हूँ.

वो अपनी ताकत के हिसाब से पूरा जोर देकर कमर आगे पीछे करके लिंग मेरी योनि में अन्दर बाहर करते हुए संभोग करने लगा.

ये देख कर मैं भी नहीं रुका और मैंने उसकी चुचियों को बारी बारी से चूसना शुरू कर दिया. करीब 10 मिनट उसने मुझे यूँ ही बिना रुके धक्के मारे और फिर वो रुक गया. करीब और 5 मिनट उसकी बुर को ठोकने के बाद मैं भी उसकी चूत में झड़ गया.

सेक्स व्हिडिओ हिंदी सेक्स मैं अब तक इतनी अधिक गर्म हो चुकी थी कि उसके सुपारे के दबाव से हो रही पीड़ा भी मुझे आनन्दमय लग रहा था. चुदाई करते हुए मौसी दूसरी बार गर्म हो गई और फिर से मेरा साथ देने लगी.

चाची- क्यों इसमें लगने वाली क्या बात है?मैं- मेरा मतलब आप काफी कम उम्र की एक मार्डन और स्मार्ट लड़की सी लग रही हो ना … इसलिए कहा. मैंने सोचा था कि एक बार और मुझे अनीता की मोटी चूत को चोदने का मौका मिलने वाला है. मुझे कोई परेशानी भी नहीं हुई … क्योंकि पहले से मैंने क्रीम भी लगा रखा था और ये भी उतना तकलीफ देने लायक नहीं था.

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मेरी कॉलोनी में ही मेरी बड़ी बहन की एक क्लासमेट रहा करती थी, जिसका नाम प्रीति था. किसी तरह बहुत विनती करने के बाद वो मुझे छोड़ा और बगल में लेट गया और मुझे अपनी ओर खींच कर सीने से लगा लिया. कुछ फैमिली प्रॉपर्टी की बात थी और वो भी एक हफ्ते के लिए … क्योंकि हमारा घर नानी के यहां से 300 किलो मीटर दूर है.

तो मैंने उनसे पूछा- क्या मैं तेल मालिश कर दूं?तो उन्होंने मना कर दिया. अभी मैंने 5-6 धक्के ही लगाये थे कि सोनू का पूरा बदन अकड़ने लगा, एक जोरदार चीख के साथ सोनू ने अपना पानी छोड़ दिया।मुझे भी कोई जल्दी नहीं थी इसलिए मैंने भी अपना लंड चूत से बाहर निकाल लिया.

पर मेरे लिए संभव नहीं था, क्योंकि कांतिलाल ने अपनी दोनों टांगों से मेरी टांगें फैला रखी थीं और धक्के मारते हुए अपने घुटनों से मेरी टांगें रोक कर उन्हें फैलाये रखा था.

मैंने बड़ी हिम्मत करके फ़ोन उठाया तो मैडम ने बोला कि कल सुबह ग्यारह बजे मुझसे आकर मिलो. पांच साल मैं बाहर विदेश में भी काम कर चुका हूं जिस वजह से मेरी इंग्लिश बहुत अच्छी है. मैंने भाभी को इशारा किया कि अब नहीं रहा जाता, बस जल्दी से चुदवा लो.

मैं आगे पीछे होते हुए अंकल का साथ दे रही थी और मेरे चूचे भी नीचे दबे होने के कारण आगे पीछे हिलते हुए रगड़े जा रहे थे. स्तन और गांड के सुडौल होने के कारण उसका स्लिम फिगर कहर बन कर टूटता है. वो बीच बीच में बड़बड़ा रही थी और रुक रुक कर मेरे लंड को चूस रही थी.

वो बोली- हां बोलो न?मैंने कहा- चलो छोड़ो … तुम बुरा मान जाओगी … और फिर मुझसे बात नहीं करोगी.

सुहागरात वाला बीएफ वीडियो: उसने अपनी गांड उठाकर सलवार निकलने में अपना सहयोग दिया।अब वो केवल पैंटी में थी।उसकी पैंटी भूरे रंग की थी तथा इलास्टिक के पास थोड़ी फटी हुई थी। उसके काम रस के कारण उनकी पैंटी बुर के पास पूरी भीग चुकी थी। कुँवारी बुर की चुदाई के लिए तैयार हो रही थी. वहां पहुंचने में अभी पूरे हफ्ते का समय था क्यूंकि मेरे पास पांच दिन लगातार काम था.

उसका सीधे सीधे ये कहना था कि हम पाँचों में कविता की योनि सबसे कसी हुई थी. उधर कमलनाथ पूरा संतुष्ट दिख रहा था और वो मदिरा का स्वाद लेने में मग्न था. बेड पर पटकने के बाद मैंने उनकी चुत को देखा, उनकी चुत पर एक भी बाल नहीं था.

चूंकि पढ़ाई पूरी होने के बाद मुझे कोई अच्छी नौकरी नहीं मिली थी तो मैं अपनी बुआ की बेटी के पास गुवाहाटी चला गया था.

संभोग करते हुए लगभग एक घंटा होने को था और कांतिलाल उन मर्दों में से था, जो अपने अनुसार अपना वीर्य रोक सकते थे. अंदर जाते ही भूखे शेर की तरह मैं उस पर टूट पड़ा, उसको जगह जगह पर चूमने और काटने लगा. और यदि मुझे भी ऐसी ही लड़की मिलेगी तो मैं तो उससे कभी भी शादी नहीं करूंगा।वर्मा जी कहने लगे- बेटा, आजकल का समाज बदल गया है … सब लोग अपने सुख सुविधा के बारे में सोचते हैं।मैंने उन्हें कहा- ऐसी बात नहीं है … आप तो बड़े ही अच्छे और सज्जन व्यक्ति हैं.