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फिर उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ कर अपने चुत के मुँह पर सैट किया और मुझे आंख मार दी. छोटी बच्चियों की चुदाई सेक्सी वीडियोअम्मी बोलीं- वालेकुम सलाम … मेरे घर बिरयानी बची थी, तो सोचा आपको दे आऊं.

मैं भाभी की चिकनी टांगों पर चूमने लगा और धीरे धीरे उनकी जांघों पर पहुंच गया. हलचल सेक्सी वीडियोमेरे कुछ देर समझाने पर वो मान गयी और मेरे गले लग गयी और मेरी हिंदी सेक्स कहानी बनाने का रास्ता साफ़ हो गया.

दूसरे राउंड में पचास मिनट तक उसने मेरी जबरदस्त चुदाई की और फिर हम दोनों साथ में ही झड़ गए.एक्स एक्स एक्स हिंदी फिल्म बीएफ: फिर उसने मुझे बेड पर उल्टा लिटा दिया, अब इस स्थिति में मेरे पैर बेड से नीचे लटके हुए थे.

लेकिन मुझे जरूर पता था कि वह तेरे (मानसी) के चूचों को घूरता रहता है.जब लंड तुम्हारी गुलाबी चूत में डालूंगा, तब आएगा जिंदगी का असली मजा.

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काफी मोटा है तुम्हारा देव!चाची ने झट से मेरी लोअर को नीचे कर दिया और मेरा तना हुआ लंड चाची के होंठों के ठीक सामने था.चूंकि हीना हुस्न की मल्लिका थी इसलिए साहिल का लंड ज्यादा देर उसकी चूत की गर्मी के सामने टिक नहीं पाया और उसने उसकी चूत में अपना लावा उगल दिया.

मैंने जल्दी से उठ कर एक लाल रंग की ब्रा और पैंटी पहनी और उसके ऊपर से लाल रंग की ही नाइटी डाल ली. एक्स एक्स एक्स हिंदी फिल्म बीएफ वो मेरे सामने को हुई, तो मैंने भी ज्योति के पैरों को पकड़ा और उसके लहंगे को थोड़ा सा उठाकर पायल को निकालने लगा.

मैंने अपने गर्म लंड को भाभी की भट्टी में घुसा दिया और उसके चूचों को अपने हाथ में भर उसकी चूत को पेलने लगा.

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पर न जाने क्यों मुझे मोनिषा के चेहरे पर वो मस्ती नहीं दिखी, जो मुझे हमेशा दिखाई देती थी. सोनू शांत होकर ठंडी पड़ने लगी तो मेरे लंड पर रखे उसके हाथ पर मैंने अपना हाथ भी रख दिया और उसके हाथ को नीचे दबा कर अपने लंड पर खुद ही चलवाने लगा. सुबह जब भाभी ने पूछा कि नैना तू लंगड़ा क्यों रही है?तो उसने बहाना कर दिया कि कल रात पैर मोच गया था.

मैंने अपना लंड भाबी की चुत पर सैट किया और एक ज़ोरदार झटका दे मारा, जिससे मेरा आधा लंड सीधा भाबी की चुत में घुस गया. दरअसल हम दोनों ही आपस में इतने खुले हुए थे कि खुद को एक ही फैमिली का सदस्य समझने लगे थे. कहानी को आगे बढ़ाने से पहले मैं उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में आपको बताना चाहता हूं ताकि आप लोगों को भी पता चल जाये कि हम दोनों के बीच में ये वाकया कैसे हुआ.

फिर क्या था … बंटी जी मेरी गांड पकड़ कर सनी जी को कहा- चुसाया तुमने पहले था … अब इसकी गांड पहले मैं मारूँगा. इस तरह वो कुछ देर मेरे आधे लंड से खेली और फिर मेरी निक्कर ऊपर कर के लेट गई. उनकी हकरतों से मेरे निपल्स खड़े हो जाते, नहाते वक्त उनका लंड याद कर के उंगली से चुत का पानी निकालना रोज का ही काम हो गया था.

ह्म्म्म … बात अब मेरी समझ में कुछ कुछ आने लगी थी कि बॉयज की अपेक्षा मैच्योर आदमी के साथ सम्बन्ध बनाना ज्यादा सुरक्षित है. इसी तरह उनके गुलाबी होंठ भी बोल रहे थे कि चूस लो … मेरा पूरा रस निकाल दो.

हाय मेरी जान … आह्ह् … वो बड़बड़ाती रही और मैं ज्योति की चूत की चूसता रहा।ज्योति बोली- तुम भी कुछ बोलो न जान!मैंने कहा- मेरा लण्ड चूसो!मेरे कहते ही फिर ज्योति ने मेरा लण्ड अपने हाथ में लिया और मेरा लण्ड देख कर उसके मुंह से लार टपक पड़ी और झपट कर उसने मेरा लण्ड मुंह में ले लिया.

मैंने इसके आगे कुछ देर रुके रहने का तय किया और लंड को ना अन्दर किया न बाहर निकाला … बस पूरी ताकत से उसको पकड़े रहा.

वो जैसे ही पानी में फ्लोट करती उसके पैर नीचे चले जाते और वो हांफ कर खड़ी हो जाती. मेरे घुटने नीचे जमीन से टकराए तो एकदम दर्द हुआ और 2 मिनट के लिए मैं उठ नहीं पाया. मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और एक दूसरे के होंठों को ऐसे चूसने लगे, जैसे जन्मों के दो प्यासे मिले हों.

तब मीना भाभी ने मेरी और संगीता भाभी की बातचीत उसी के कहने पर शुरू करवाई. सी!उधर वसुन्धरा के दोनों हाथों की उँगलियों के नाख़ून मेरे सर में गड़े जा रहे थे और इधर मेरा बायां हाथ वसुन्धरा के पेट का पूरा जुग़राफ़िया नाप रहा था. फिर उसने मुझे बांहों में लेकर किस किया और फिर प्रिया ने ‘मुझे ई लव यू …’ बोला।हम दोनों सुबह तक ऐसे ही लेटे रहे। हम दोनों अपना नम्बर एक्सचेंज किये।फिर लखनऊ आ गया। हम साथ में उतरे.

कोई दो तीन मिनट चूचे चुदवाने के बाद अम्मी गर्म होकर बोलीं- परवेज … अब डाल भी दो अन्दर … बहुत टाइम से इस चूत में लंड नहीं गया है.

इसी वजह से मेरी तीन गर्लफ्रेंड थीं, मैं उन्हीं को चोद कर काम चलाता रहता था. मैं बेडरूम में हूँ, आप यहां खुद को अपनी ही पारखी नज़र से एक नज़र निहारिये, ख़ास तौर पर अपने लहंगे को आगे से … बायीं ओर से. मैंने अब ध्यान से देखना शुरू किया, तो भाभी ब्लैक कलर की साड़ी में सेक्स बॉम्ब लग रही थीं.

उसने कहा- यार सॉरी बाइक खराब हो गयी, रास्ते में ही मैकेनिक के पास खड़ी कर दी. दीदी ने झट से पूरा पानी अपने मुँह के बाहर थूक दिया, लेकिन मैंने दीदी का पूरा पानी पी लिया. कमसिन जवान कॉलेज गर्ल की नंगी चूत देखकर लण्ड फिर खड़ा हो गया था लेकिन ऐसी हालत में चोदना मुनासिब नहीं था.

कुछ देर टीवी देखते हो गई तो मानसी मौसी के लिए दूध गर्म करके ले आई थी.

तब तक मैंने 10:30 के शो की टिकट ले ली और पारुल का इंतज़ार करने लगा. मगर साथ ही इस बात की खुशी भी थी कि मैं कमल के लंड तक पहुंचने में कामयाब हो गया था.

एक्स एक्स एक्स हिंदी फिल्म बीएफ अब दोनों को भी अपनी भावनाओं पर काबू रखना मुश्किल हो रहा था और उसी पल आंटी ने हमें एक और मौका दिया- नीतू तुम बैठो … मैं नहाकर आती हूँ. एक दिन सवेरे मैं अपनी लुंगी को घुटनों तक उठा कर न्यूज़पेपर पढ़ने का नाटक करते हुए इस प्रकार बैठ गया कि सामने से आ रही भाभी को मेरी लुंगी के नीचे लटकता हुआ मेरा लंड दिख जाये.

एक्स एक्स एक्स हिंदी फिल्म बीएफ मैंने थोड़ी हिम्मत करके दीदी के कंधे पर से दूसरी तरफ के स्तन को स्पर्श किया. वो पीछे हटी, मैंने हाथ पीछे ले जाके उसके चूतड़ों को पकड़ के खींचा और जीभ से चाटने लगा.

नम्रता अपनी आंखें बन्द किए हुए, होंठों को चबाते हुए, मेरी छातियों को कस कर भींचते हुए मजा ले रही थी.

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मैंने दोबारा से मेरा लौड़ा उसकी चूत में डाला। मैं झटके पर झटके दे रहा था. उसकी मरमरी जांघ चूमते हुए जैसे ही उसके गांड तक पहुंचा, क्या मस्त खुशबू आ रही थी उसकी चुत से. आपके स्नेह और प्यार को देखकर मुझे लगा कि मुझे अपनी एक कहानी और प्रस्तुत करना चाहिए.

पहले तो उसने मना किया फिर बहुत कहने पर उसने मेरे लंड को मुंह में ले लिया। मेरा मजा सातवें आसमान पर पहुंच गया था. मुझे अपनी बेगम की चूत चुदाई करनी थी लेकिन कौसर को सोयी हुई देख मुझे ऐसा लगा कि शायद वो बेचारी काम करने में थक गयी है तो मैंने चुदाई का इरादा छोड़ दिया। मन ही मन में मैंने सोचा कि चुदाई का क्या है, कल कर लेंगे और मैं सो गया. ये सुनते ही मैंने अपनी कॅप्री निकाल दी और उनको सीधा करके उनके मम्मों की भी मालिश करने लगा.

मैंने पूछा कि आखिर हुआ क्या है?तब उसने बताया कि अभय सर आप मेरा इतना ध्यान क्यों रखते हैं?मैंने बोला- वो तो मैं शुरू से रखता हूँ और सभी का ही रखता हूँ, इसमें क्या गलत है.

जब मैंने उसकी जांघों पर अपने कोमल हाथ फिराये तो मेरे अंदर एक चुदास सी जग गई. हां, हमने इतना ख्याल जरूर रखा कि चूत के भीतर कभी कुछ नहीं घुसाया बस ऊपर ही ऊपर से मज़े लिए. मैं जानता था कि भाभी रोज घर का काम निपटाने के बाद नहाने के लिए जाती है.

मगर जब मेरे आस-पास इतने सारे लंड मौजूद थे तो मुझे उंगली से मेहनत करने की क्या जरूरत थी भला?मालिश करवाने के बाद मैंने सोचा कि क्यों न कुछ देर पूल में जाकर स्वीमिंग ही कर ली जाए! मैं उसी लाल ब्रा और पैंटी को पहन कर स्वीमिंग पूल में चली गई. यह सच्ची सेक्स कहानी मैं आपके सामने शुरुआत से लेकर आ रहा हूँ कि कैसे मैंने उसे पटाया और उसकी जमकर चुदाई की. अब मैं उसे ज्यादा देखने की कोशिश करने लगा और वो भी मुझे भुन्ना कर गुस्से से देखती रहती.

वो पूरे घर के दरवाजे लॉक कर आई और अपनी कमर पर हाथ रख कर बोली- बताओ अब क्या पीना है … और कैसे पीना है?उसकी ये अदा देख कर मैं एकदम से विस्मृत रह गया. यूं ही मस्ती करते-करते पता ही नहीं चला, कब शरारतों में हम इतनी दूर निकल आए.

मैंने कभी सोचा ही नहीं था कि इस ठुल्ली लड़की मतलब जानू के नाम की मुठ मारूंगा और मुठ मारने में इतना मजा आएगा. वो तो शराब में ही डूबा रहता है मुझे देखने का टाइम ही कहां है उसके पास. मैंने भी हँसते हुए उन्हें नम्बर का इशारा कर दिया, तो वहां से उठकर चली गईं.

दूसरे दिन मैं जानबूझ कर उसी टाइम पर ऊपर भाबी के कमरे के बाहर आ गया.

रेखा से थोड़ी देर ज्यादा मेरी ट्रेन दौड़ी और फिर रेखा की चूत के ही अन्दर मेरे लंड ने उल्टी करनी शुरू कर दी. मेरे ऐसा करने पे उसको गुस्सा आया और उसने एक हाथ से जोर से मेरे बालों को पकड़ लिया और एक झटके में मेरे होंठों पे अपने मोटे मोटे होंठ रख दिए और बहुत बेदर्दी से मुझे किस करने लगा. जब मैंने मोबाइल देखा तो उसमें नेट सैटिंग ही बंद थी, जिसे मैंने सही कर दिया और उसके मोबाइल में नेट चालू हो गया.

मैंने बोला- अगर आपको पसंद नहीं है, तो किसी और होटेल में ट्राई करते हैं. साथियो, आपके लौड़े खड़े हो रहे होंगे और आप सोच रहे होंगे कि वो लौंडिया कैसी दिखती होगी.

मैंने अपनी दिशा बदली और अपना मुंह उसकी चूत के पास ले जाकर चूत के लबों पर जीभ फेरना शुरू किया. सुमन अभी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है और उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है. जीभ की नोक से मेरे लंड के छेद को सहलाती और गप से पूरा लंड मुँह में ले लेती.

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मुझे देखते ही वो बाल्कनी से सीढ़ियों की तरफ़ आईं, तो हँसते हुए एक पेपर मुझे दे गईं.

जब वो थोड़ा शांत हुई, तो मैंने अपने लंड को थोड़ा थोड़ा आगे पीछे करने लगा. अब आगे:मैं और काजल बात कर ही रहे थे कि सुमिना वो गुलाबी टॉप पहन कर बाहर आ गई. भाभी बोली- क्या कर रहा है रामू? छोड़ दे मुझे।लेकिन मैंने अपना खड़ा हुआ लंड भाभी के मोटे चूतड़ों पर सटा दिया.

मेरा हाथ भी अपने लंड को चैन नहीं ले रहा था और लंड की घिसाई शुरू कर चुका था. दूध पीने के बाद हमने कुछ देर तक टीवी देखा और फिर आधे घंटे के बाद सब लोग सोने के लिए तैयार हो गये. सपना चौधरी सेक्सी वीडियो सेक्सीमैं दोपहर को अपने घर वापस आई तो मेरी सहेली भी मेरे साथ मेरे घर आई थी.

एक गाउन उठाकर मैंने अपनी नाइटी के ऊपर पहन लिया और फिर दरवाजा खोलने के लिए चल पड़ी. हे दाता! ये किस झँझट में फंस गया मैं? अब तो यहां से जल्दी से जल्दी निकल भागने में ही भलाई थी पर नाड़े की गाँठ तो अभी भी नहीं खुली थी.

मैं भी अपने लंड को आखिरी झटके देता हुआ अपना निकाल कर अपने कमरे में चला गया और सो गया. कुछ देर इसी अवस्था में रहने के बाद मैंने अपना हाथ उसकी छाती पर फेरना शुरू कर दिया. फिर भाभी नहाने लगी।मैंने कहा- भाभी मेरी तरफ देख कर नहाओ, ऐसे तो बिल्कुल भी देखने में मजा नहीं आ रहा है।वो मुस्कराते हुए मेरी तरफ मुड़ गयी और अपने जिस्म पर साबुन लगाने लगी।मैंने कहा- भाभी मैं लगा दूँ क्या?वो बोली- नहीं बस सामने से देखते रहो.

फिर आख़िरकार भाबी के नर्म हाथों में मेरा लंड आ गया था, जिसे भाबी सहलाने लगी थीं. इन्ही सब बातों के बीच मैंने ग्यारहवीं पास कर ली और बारहवीं कक्षा में आ गयी. इस तरह से उस रात मैंने तीन बार उस भाभी की चूत चोदी और वो खुश हो गई.

मैं और मेरे अब्बू दिखने में एक जैसे ही हैं।बात करीब चार माह पहले की है जब मैं, मेरी बीवी, मेरे अब्बू, मेरी अम्मी के साथ गाँव गये हुए थे। हम साल में तीन चार बार अपने गाँव जाते ही हैं.

चाची- अब तुमसे क्या छिपाऊं देव, तुम्हारे चाचा का लंड एक तो बहुत ही छोटा है. मैंने पूछा- और देखनी है?सुमन बोली- हाँ!फिर मैंने उसे चुदाई वाले वीडियो चला कर फोन दे दिया और उसको धीरे-धीरे छूने लगा.

चुदाई के कुछ देर के बाद जब ताऊ जी ने अपने लंड को निकाला, तो मैंने देखा कि कोमल की कोमल चूत बुरी तरह से फ़ूल गई थी. फिर दोबारा से माँ का फोन आया- सुधीर, हम लोग पार्किंग की तरफ जा रहे हैं. उसका बोलना ही था कि मेरे एक हाथ की दो उंगलियां धीरे-धीरे उसकी जांघों पर चलने लगी.

वैसे तो वो गांड को ढीला करके काफी जगह बना चुका था, पर मैं डर के मारे अपनी गांड सिकोड़ रहा था … जिस कारण उसे लंड डालने में दिक्कत हो रही थी. मगर काजल को जैसे मेरे लंड के साथ-साथ मुझे भी तड़पाने में आनंद आ रहा था, इसलिए वो आराम से अपने हाथ को मेरे लंड पर रखे हुए थी. नैना की उंगली पर थोड़ा सा प्रीकम लग गया, जिसे पहले तो उसने बड़ी नफरत से देखा.

एक्स एक्स एक्स हिंदी फिल्म बीएफ उसके बाद मेरी आँख खुली, तो परवीन के बदन की गर्मी से मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था. सच बात तो ये कि मैं किसी को अपना कौमार्य समर्पित करूं तो वो कम से कम मेरे मन को अच्छा तो लगे, अब इतनी भी गयी गुजरी नहीं थी मैं कि किसी को भी अपनी बेदाग़ जवानी, अपनी सील बंद चूत यूं ही परोस दूं.

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किसी भी क्षण होटल से कोई आ सकता था, सुधा या किसी और का फ़ोन आ सकता था. चाहे मुझे अपने हाथों से ही मुट्ठ ही क्यों न मारनी पड़े। लण्ड तो मेरा हर समय, हर जगह खड़ा ही रहता है। मगर अपने लंड की प्यास तो रात को ही बुझा पाता हूं।बहुत दिनों से मेरे लण्ड को चूत के दर्शन नहीं हुए थे, तो मैंने सोचा कि चंडीगढ़ में तो किसी भी लड़की, आंटी और भाभियों की चूतों को मेरी जरूरत ही नहीं है। शायद सबकी चूतें शांत होंगी. फिर मैंने उससे पूछा कि उसकी सुहागरात कैसी रही?उसने अपनी सुहागरात के बारे में बताते हुए कहा- जब मैं बेड पर बैठी थी तो मेरा पति अंदर आया.

उसी पल मेरी निगाह सोनल की तरफ गई, तो उसके होंठों पर भी मुझे एक वासना से भरी मुस्कान दिखाई दी. मैंने अपना सिर उसके पैरों की तरफ कर लिया। मैंने उसकी कैपरी उतारी फिर पैंटी … फिर उसकी चूत पे किस करने लगा. हिंदी सेक्सी 13 सालभोला सिंह तेजी के साथ मेरी गांड में उंगली चलाता रहा और मुझे मजा आने लगा.

वो आंखों में आंसू लाकर बोलीं- मुझे तुम पर पहले से ज़्यादा भरोसा हो गया है.

नम्रता इससे पहले मेरे लंड से निकलने वाले रस के फव्वारे से संभल पाती, उसके पूरे चेहरे पर वीर्य रस लग चुका था और बाकी बचा खुचा वीर्य उसके हथेली पर लगा हुआ था, क्योंकि उसने अपने चेहरे को हाथों से छिपाने की कोशिश की. सबसे पहले मैं आप सभी का धन्यवाद करना चाहूँगा कि आपने मेरी पिछली सच्ची कहानीचचेरी भाबी के बाद किरायेदार भाबी चोदीको बहुत पसंद किया.

यह सिलसिला एक दो बार और चला और तीसरी बार तो उस औरत ने बड़ी ही गंदी शक्ल से मुझको देखा … मानो वह मुझे मार डालना ही चाहती हो. वो दर्द से कराह उठी और उसके मुँह से चीख़ निकल गयी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’फिर एक मिनट बाद वो ऊपर नीचे होने लगी. मैंने फिर पूछा तो उन्होंने बताया कि उनके पति किसी और के साथ चक्कर चल रहा है.

असली कहानी यहीं से शुरू होती है क्योंकि मेरी बुआ जी की लड़की बचपन से ही मेरी दोस्त रही है.

आंटी ज्यादा भाव नहीं देती थी पर उनकी लड़कियों से बात हो जाती थी जब वो अपने कपड़े ऊपर सुखाने आती थी. मेरी मां तड़प उठी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’इससे पहले कि वो चिल्लाती … अंकल ने उसे किस करना शुरु कर दिया. चूंकि मेरा दिमाग अब फोन की स्क्रीन पर मैसेज पढ़ने में व्यस्त हो गया था इसलिए शारीरिक गतिविधियों की तरफ इतना ध्यान नहीं जा रहा था.

करीना कपूर हॉट सेक्सी फोटोयहां मैं ऊपर अपनी एक किरायेदार सीमा भाबी को लेकर थोड़ा चिंतित था क्योंकि जैसा कि मैंने आपको अपनी पिछली सेक्स स्टोरी में बताया था कि जब मैं नताशा भाबी के साथ सेक्स में मशगूल था, तब दरवाजा बंद करना भूल जाने के कारण कैसे सीमा भाबी ने वो सब नज़ारा देख लिया था. वो दूसरे हाथ की उंगली गांड के अन्दर-बाहर कर रही थी और साथ आह-आह की आवाजें भी निकाल रही थी.

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मेरा बेटा मेरी गांड में अपना मूसल जैसा लंड ऐसे पेल रहा था, जैसे रियल में कोई घोड़ा किसी घोड़ी को चोद रहा हो. जैसे ही गाड़ी कानपुर की सीमा में पहुंची तो मैंने ड्राइवर को छोड़ दिया और थोड़ी देर बाद घर पहुंच गये. अब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने पूरा का पूरा लंड सुमन की बुर में डाल दिया तो वो जोर से चीखी उम्म्ह… अहह… हय… याह… तो मैंने उसके होठों पर होठ रख दिया और लिपलॉक कर दियासुमन की आँखों से आंसू बह रहे थे और वो मुझसे छुड़ाने की भरपूर कोशिश कर रही थी.

फिर उसके अन्दर ही मैं माल छोड़ देता था और फिर दोनों मियां बीवी करवट बदलकर सो जाते थे. तो मैंने दरवाजा खोल कर पूछा- तुम्हारा कुछ ज्यादा ही लंबा नहीं है?उसने कहा- क्या?मैंने कहा- ट्राउजर बहुत लंबा है. कोमल भी शान्त पड़ गई, तो मैं समझ गया कि ताऊ जी ने अपने रस को कोमल की गांड में गिरा दिया है.

किस करते करते मैंने हाथ उसके टॉप में डाल दिया और उसके 34 के बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा. ऋतु ने कहा- सर, आप ये क्या कर रहे हो?अजय बोला- ऋतु, जब से मैंने तुम्हें देखा है मैं तुम्हारी खूबसूरती का दीवाना हो गया हूं. जब भी बाजार या कहीं और जाना हो तो वो बस से ही जाती है। बस में काफी भीड़ होती है यह तो आपको पता ही है।एक रोज मेरी मां बाजार जाने के लिए बस से जाने लगी किंतु उनकी रोज वाली बस छूट गई तो उसे अगली बस में जाना पड़ा.

लेकिन मैं सोचने लगी कि मैं उसकी हर बात अपनी सहेली को क्यों बता देती हूँ. उसके बाद उसने मेरी ब्रा का हुक भी खोल दिया ओर मेरी ब्रा भी उतार दी.

दोस्तो, मैं अंजलि शर्मा एक फिर से वापस आई हूँ अपनी आगे की कहानी लेकर.

उसको चूत चाटना बहुत अच्छे से आता था तो उसने मुझे दस मिनट में ही फिर से झाड़ दिया. छोटी लड़की का सेक्सी बीपी वीडियोमैंने उसके बाद थोड़ा सा लंड उसकी चूत के मुंह पर रखा और एक इंच तक अंदर डालकर उसके होंठों को चूसने लगा. ट्रिपल सेक्सी चलने वालीजब मैंने मोबाइल देखा तो उसमें नेट सैटिंग ही बंद थी, जिसे मैंने सही कर दिया और उसके मोबाइल में नेट चालू हो गया. उसके कुछ पल बाद ही मेरे लंड ने भी चाची की चूत में वीर्य निकाल दिया.

वे हर बार अपना गर्म पानी निकाल रही थीं, जो मेरे लंड को महसूस हो रहा था.

उसकी ब्रा में से उसके चूचों की दरार देख कर मेरे अंदर की हवस और बढ़ गई. वो बोली- लंड बाद में रगड़ लियो … आज पहले डाल के चोद दे … इसके बाद सारा दिन पड़ा है बाद में मजा ले लियो. सीमा के मुंह से कुछ बूंदें बाहर आ गयी थी और एक दो बूंद उसके मम्मों पर टपक गयी थीं.

प्रिया मुस्कुराने लगी और बोली- तुम पागल हो, मेरी गलती की वजह से तुम परेशानी उठा रहे हो।प्रिया- अब मुझे भी नींद नहीं आ रही है। चलो बात करते हैं, बोर नहीं होंगे।मैं- ठीक है. इस समय मेरा ध्यान इस बात पर नहीं था कि वो क्या गाली बक रही है, बल्कि इस बात पर था कि कितनी ताकत से मैं उसकी गांड का बाजा बजा सकता हूं इसलिये उसकी बात को अनसुना करते हुए मैं तेज-तेज थाप लगाता जा रहा था, इस थाप की वजह से मेरी जांघ और उसके कूल्हे बहुत तेजी से टकरा रहे थे और उसकी गूंज उस सन्नाटे भरे कमरे में गूंज रही थी. मेरी बहन लगातार मेरे 6 इंच के लंड को तनी हुई अवस्था में देखे जा रही थी.

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मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि पता नहीं कमल मेरे बारे में क्या सोच रहा होगा. कहानी को आगे बढ़ाने से पहले मैं उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में आपको बताना चाहता हूं ताकि आप लोगों को भी पता चल जाये कि हम दोनों के बीच में ये वाकया कैसे हुआ. भाभी बताने लगीं कि उनको कपड़े से डर नहीं लगा था बल्कि मुझसे चुदना था.

मॉल में जाकर भी मुझे काजल से अकेले में बात करने के कुछ लम्हे नसीब हो ही गये.

मैं उसके चेहरे को देख पा रहा था, उसके चेहरे पे कामुक भाव थे … माथे पे हल्की सी शिकन थी.

झुकते हुए उसकी चूचियों की क्लीवेज पर मेरी नजर पड़ी तो मन किया कि इसको नंगी करके अभी चोद दूं. जब मैंने मोबाइल देखा तो उसमें नेट सैटिंग ही बंद थी, जिसे मैंने सही कर दिया और उसके मोबाइल में नेट चालू हो गया. मस्त सेक्सी वीडियोसबेबी ने अपनी साड़ी खोलकर सोफे पर रख दी, कहने लगी- कॉटन साड़ी है, इस पर सिलवटें पड़ जाती हैं.

जब मेरी चूत की प्यास बढ़ने लगी तो मैं अपनी सहेलियों के साथ ही मिलकर अपनी चूत को शांत कर लेती थी. मैंने भी सोचा कि पति के कारण में अपने भाई की शादी का प्रोग्राम क्यों कैंसिल करूं. उसने मुझसे पूछा- क्या करते हो?मैंने बताया- आज से ही नई जॉब पर ही जा रहा हूँ.

फिर उसके लंड से जब पानी निकलने को हुआ तो उसने लंड को बाहर निकलवा दिया. चुदाई के बाद कोमल उठ कर ताऊ जी के साथ बाहर नाली के पास गई और ताऊ जी ने उसकी चूत पर पानी गिरा कर उसे साफ़ करने का बोला.

यहाँ तक कि हम दोनों लोग कपड़े खरीदने जाना होता था, तो हम अपने पति के साथ नहीं जाते थे.

हो सकता है कि भैया ने शायद भाभी की गांड भी मारी हो। मुझे ऐसी औरत की गांड मिल जाये तो मैं स्वर्ग जाने से भी मना कर दूँ. किंतु मैं तुम सब में बड़ी थी इसलिए ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहती थी कि जिससे तुम लोगों पर बुरा असर पड़े. पहले मूवी देखी, फिर डिनर कर के वापिस 11 बजे करीब फ्लैट पर वापिस आया.

सेक्सी वीडियो नहीं आती अंकल जी ने दम साध कर लण्ड को चूत में धकेल दिया पर वो स्लिप मार गया; उन्होंने फिर से कोशिश की तो लण्ड मेरे योनिपटल से आ टकराया और मैं चीख पड़ी. वसुन्धरा”हुँ …”जानती हो … मेरे दोनों हाथों में क्या हैं?” मैंने शरारत भरे लहज़े में पूछा.

इस चुदाई से हम दोनों काफी थक गए थे, तो मैं उसके ऊपर ही गिर गया और हम दोनों को कब नींद आ गयी, पता ही नहीं चला. कुछ देर बाद वह अपनी उंगली से मेरी चूत चोदने लगा, तो मुझे नया मज़ा मिला. अब काजल के हाथ पर मेरा हाथ रखा हुआ था और काजल का हाथ मेरे लंड पर। दोनों हाथों के दबाव से लंड पगला गया.

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खैर मेरी ये इच्छा भी उदयपुर में आकर पूरी हुई।मैं एक साल पहले यहां पढ़ाई करने आया था और एक रूम लेकर रहने लग गया। मैं जिस रूम में रहता था वहीं पास में एक कपल भी रह रहा था. जब मैं मुट्ठ मार कर बाहर आया तो देखा कि मेरे फोन की रिंग बज रही थी. फिर एक दिन भाभी का मैसेज आया कि उनके पति बाहर मीटिंग में जा रहे हैं, अगले दिन देर से ही लौटेंगे इसलिए उन्होंने मुझे रात 9 बजे के बाद तैयार रहने के लिए बोल दिया.

हिरेन के लंड को देख कर मैंने उसको छूने की सोची लेकिन साथ ही यह भी सोच रही थी कि अभी यह 18 का ही हुआ है. वो अन्दर आ गई और बोली- मैं अपनी बहू को यह कहकर निकली हूँ कि मैं नारायण नगर जा रही हूँ.

मेरा खड़ा लंड देखकऱ वो हैरान हो गईं और बोलने लगीं- हाय रब्बा … तुहाडा किन्ना वड्डा ए जी.

यदि मैंने अपने होंठ से उसका मुँह बंद नहीं किया होता, तो उसकी चीख बहुत दूर तक जाती. मेरे दिमाग में एक फैंटेसी थी कि मैं मधु को रश्मि के सामने भी चोदता रहूँ, तो रश्मि मुझसे गुस्सा नहीं, सिर्फ प्यार करे. तू कली से फूल बन चुकी है लड़की से औरत बनाया है मैंने तुझे और तेरे स्वर्ग का द्वार हमेशा के लिए खुल गया है.

मेरे होंठों में उसका चूचुक आते ही उसकी सिसकारी निकल गयी और उसके दोनों हाथ मेरे सर और पीठ पर आ गए. आप लोग समझ सकते हो कि दो जवान शादीशुदा प्राणी, एक की बीवी नहीं और एक का पति नहीं … क्या सीन बनता है. भाभी भी एकदम से गर्म हो गईं और देखते ही देखते मैंने उनके सारे कपड़े उतार दिए.

आपको तो बहुत तजुर्बा है मर्दों के लौड़ों का और उनकी सेक्स इच्छाओं का.

एक्स एक्स एक्स हिंदी फिल्म बीएफ: भोला ने जीजा की तरफ देखा और बोले- देख, ये तेरी बेटी कितनी अच्छी है. साहिल- कहीं प्यार-व्यार का चक्कर तो नहीं?हीना- नहीं मामा, ऐसी कोई बात नहीं है.

फिर मैंने अचानक उसकी चुत से लंड निकाला और उसकी चुत पर अपना मुँह लगाकर उसे चूसने और चाटने लगा. मेरे कहने पर भोला ने और जोर लगाया और पूरी ताकत के साथ मेरी चूत में धक्के मारने लगा. फिर धीरे धीरे मैं उनके करीब रहने से मेरा उनके प्रति आकर्षण बढ़ने लगा और शायद वो भी मुझको धीरे धीरे पसंद करने लगी थीं.

तभी अंकल बोले- फातिमा आज से तुम मेरी हो … और मैं इससे से भी अच्छी ब्रा ला दूंगा.

कुछ देर टीवी देखते हो गई तो मानसी मौसी के लिए दूध गर्म करके ले आई थी. मुझे अच्छे से याद है कि वो इतवार का दिन था जब सुबह सुबह मेरे साले का फोन आया- सीमा (साले की पत्नी) को नर्सिंग होम छोड़ दिया है, दीदी (मेरी पत्नी कामिनी) को लेने आ रहा हूँ. तो वो मुझे उठाती हुई खुद मेरे ऊपर आ गई और मुझे नीचे लिटा कर फिर मेरे तने हुए लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी.