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मगर मैं सलोनी को इतना प्यार करता था कि मुझे उसकी बहुत चिंता हो रही थी…मैंने ऋज़ू को भी साथ ले लिया कि चलो आज इसको वहीँ सलोनी के सामने ही चोदूँगा. बिहार वाला बीएफअब रिया मेरे सामने बिल्कुल नग्न खड़ी थी और अगले ही क्षण मैं उसके एक नग्न उरोज को चूस रहा था और अपने हाथों से उसके दूसरे उरोज और उसकी शर्मगाह को मसल भी रहा था.

मैंने कहा- इस जमाने में भी ऐसी है वो!तब उसने कहा- क्या करूँ बदलने की कोशिश करता हूँ पर बदलती नहीं और ज्यादा जोर देने पर माँ-बाप से कह देती है इसलिए खुद ही सब कुछ करता हूँ।तब मैंने पूछा- आप कितने पढ़े-लिखे हैं?उसने जवाब दिया- जी एम.बीएफ सेक्सी व्हिडिओ सुहागरात: अन्दर मत छोड़ना।मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके मुँह में दे दिया, वो मेरा सारा माल पी गई।हमने फिर उसकी चूत पर लगा सारा खून साफ़ किया और अपने-अपने कपड़े पहने और अपनी सीट पर आ गए।उस रात हमने बार-बार वाशरूम जाकर 3 बार चुदाई की। उसने मुझे अपना फ़ोन नम्बर दिया और जब भी हम मिलते हैं, चुदाई जरूर करते हैं।आपको यह कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताना।आपका दोस्त विराट सिंहमुझे मेल करना मत भूलना।[emailprotected].

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तो चाची ने कहा- सीखना नहीं है?‘मैं कुछ समझा नहीं?’तो अब चाची ने अपनी शरम छोड़ते हुए कहा- इसकी क्लास तो रात में ही लगती है!मैं- यह आप क्या कह रही हैं?मुझे तो सब समझ आ गया था कि आज चाची मुझसे चुदने वाली हैं, और मैं भी खुश था. बीएफ सेक्सी व्हिडिओ सुहागरात ’ जैसे अल्फ़ाज़ निकल रहे थे।तभी उन्होंने दायें हाथ की एक उंगली मेरी चूत में डाल दी, मैं एकदम से उछल सी गई, तो उन्होंने मेरे बाल पकड़ लिए।ससुर जी- बहू.

तू अभी अपने अंकल के लौड़े का रस पिला कर लाई है। अब मेरा रस भी सटक कर देख !’यह कह कर उसने मेरे बाल पकड़ लिए और मुझे लंड की तरफ नीचे झुकाने लगा और मेरी चूची को बेरहमी से दबाते हुए बोला- चूस कुतिया.

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12 साल पहले मेरी पत्नी की मृत्यु हो गई थी और उसके बाद से मैंने किसी महिला के साथ यौन सम्बन्ध नहीं किया. एक सुबह मैंने देखा कि भाभी जब दूध लेने दूध वाले के पास आईं, तो उसके सामने अपनी चूत को खुजलाईं, दूध वाला भी बड़ी गहरी नज़रों से भाभी को चूत खुजलाते देख रहा था, मुझे एक झटका सा लगा, मैं जान गया कि मुझे कुछ करना पड़ेगा, वरना घर की इज़्ज़त जाने वाली है.

या तू बदल गई है!उन्होंने मेरा घूँघट खुद ही हटा दिया।मैंने शरम से आँखें नीची कर लीं और बोली- अब्बू मैं आपका लंच लगा देती हूँ.

अब तक हम दोनों ने एक दूसरे के साथ भरपूर बात कर चुके थे, हमबिस्तर हो चुके थे और शायद एक दूसरे के शरीर का एक एक अंग देख चुके थे, छू चुके थे, चूम चुके थे.

तभी प्रिया बोली- अरे सायरा, तू तो चिकनी चूत होगी न?मनीषा बोली- क्यों प्रिया, सायरा चिकनी चूत क्यों होगी, इसकी चूत पे भी तो बाल आते होंगे बाकी लड़कियों की तरह!उन लोगों ने इस बात की परवाह भी नहीं कि कमरे में दो लड़के भी हैं, उनकी बातें सुनकर मैं शर्म से पानी पानी हुई जा रही थी लेकिन मैं कुछ कर भी तो नहीं सकती थी क्योंकि मैं शर्त हार चुकी थी. तो चाची ने कहा- सीखना नहीं है?‘मैं कुछ समझा नहीं?’तो अब चाची ने अपनी शरम छोड़ते हुए कहा- इसकी क्लास तो रात में ही लगती है!मैं- यह आप क्या कह रही हैं?मुझे तो सब समझ आ गया था कि आज चाची मुझसे चुदने वाली हैं, और मैं भी खुश था. मैंने उसे बांहों में उठा लिया और चूमते हुए सीधे बिस्तर पर लिटा दिया।उसका दुपट्टा शरीर से अलग हो गया था।उसने मुझे सीधे चूमना चालू कर दिया और ‘आई लव यू जानू.

प्रस्तुत कहानीमेरी पुत्रवधू की सहेली अनुष्का(संयोग से मेरी छोटी बेटी का नाम भी अनुष्का है), उसकी किशोरावस्था की है, इसे मैंने अपनी पुत्रवधू सोनम के आग्रह पर ही लिखा है. अपने कपड़े उतारने के बाद वो मेरे पास आया और फिर एक एक करके मेरे भी कपड़े उतारने लगा, पहले ब्लाऊज, फिर ब्रा उतारी और फिर मेरी चूचियों को मुँह में लेकर चुम्भलाने लगा. उसने कहा- लेकिन-वेकिन कुछ नहीं, चलो।मैं अन्दर आ गया…उसने कहा- मैं कपड़े बदल कर आपके लिए काफी लाती हूँ, आप बैठो.

!उन्होंने कहा- जितना दर्द होगा, उतना ही मज़ा आएगा… अब जब तक माल ना निकले मेरी आँखों में देखते हुए ठोकते रहो.

फिर मेरे एक और पड़ी। इस तरह वो तेज़-तेज़ 5-6 डंडी मेरे चूतड़ों पर मारते रहे और चाय पीते रहे।तभी मैंने देखा बाबूजी जो बैग स्कूल ले जाते थे, वहीं ड्राइंग रूम में था।ससुरजी- बहू मैं तेरे लिए आज भी कुछ लाया था। आज मार्केट गया था, वहीं से लाया हूँ. आपकी सारिका कंवलमैंने उसे अपनी बाँहों में कस लिया और टांगों से उसे अपनी और खींचते हुए कराह कर बोली- और तेज़ और तेज़ आह्ह्ह आह्ह्ह चोदो मुझे, मेरी बेबी को चोदो, मेरा पानी निकाल दो. प्लीज बहुत दर्द हो रहा है।मैं कुछ देर हल्के-हल्के झटके देता रहा उसकी चूत से खून निकलने लगा, मगर उसने नहीं देखा।फिर जब वो पूरे जोश में आ गई तो मैंने एक तगड़ा झटका और दिया और पूरा 6′ का मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया और वो फिर से चिल्लाई।मगर मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे चिल्लाने नहीं दिया।कुछ देर तक उसको चूमने और चूसने के बाद वो और गरम हो गई। उसके मुँह से आवाज़ निकली- और घुसाओ.

एकदम शीशे सी चिकनी और नादान चूत की गुलाबी फांकें कच्छी से बाहर झांक रही थी और चूत एकदम से पच्च-पच्च गीली थी. बस अभी गया और मेरी प्यारी रानी के लिए आइस्क्रीम लाया।अजय के जाने के बाद मैं रात के खाने की तैयारी में लग गई।लगभग 15 मिनट बाद अजय चॉकलेट की आइस्क्रीम ले आया, हमने मज़े से वो खाई।रात के खाने तक सब वैसा ही रहा. सीडकटिवमैं- मतलब सर… अब तो मैंने पूरी नंगी फोटो खिंचवा दी… अब क्या करूँ?मोहित- मतलब कामवासना से भरी हुई आँखे और सेक्स के दर्द का चेहरा…मैं- ऐसा चेहरा कैसे बनाऊँ कैसे सर ?मोहित- वही तो मुश्किल है.

कह तो आप बिल्कुल ठीक रही हो… हा हा…मैंने सोचा कि लगता है दोनों खूब मस्ती कर रहे हैं।नलिनी भाभी- और यह क्या… तू स्कूल भी कच्छी पहनकर नहीं जाती?सलोनी- अरे वो मैं कहाँ पहनती हूँ वैसे भी… मुझे आदत ही नहीं है। और हाँ भाभी, अगर कच्छी पहनकर जाउंगी तो फिर मजा कैसे करुँगी?नलिनी भाभी- तू तो पूरी बेशर्म होती जा रही है।सलोनी- झूठ भाभी.

रीटा के गोरे चूतड़ों रानो और चूत पर लाल लाल लकीरें पड़ गई और जब फिर मोनिका ने जलती हुई मोमबत्ती से गर्म गर्म मोम रीटा के चूतड़ों पर टपकाया तो रीटा मजे से बिलबिला कर कसमसा उठी. जिस एग्जामिनर ने इसका पर्चा चेक किया वो आज तक बेहोश पड़ा है!!सन्ता ने लिखा था :I Am A Very Fatherly Person.

बीएफ सेक्सी व्हिडिओ सुहागरात नीली शर्ट कैसी लगेगी?मैं क्या बोलता… बस इस बात का गर्व था कि ज्योति के साथ सबसे पहले मैंने सेक्स किया था या इस बात का गर्व कि निताशा कौर जैसे लड़की को मैंने किस किया था… ये दोनों बात कोई नहीं मानता…. !’मैंने आईना नीचे रख दिया, अब होंठ उसके भी काँप रहे थे और मेरे भी। हिम्मत करके होंठों को होंठों से मिलाया और हाथ को हल्के से उसकी कमर में डाला। शायद वो भी मेरे होंठ का इंतज़ार कर रही थी। हम दोनों की जीभ कब आपस में अठखेलियाँ करने लगीं कुछ पता ही नहीं चला।कहानी जारी रहेगी।आपके विचारों का स्वागत है।[emailprotected].

बीएफ सेक्सी व्हिडिओ सुहागरात अब मैं नहीं छोडूँगी!फिर उसने मेरे लण्ड को अपने दुपट्टे से साफ़ किया और मुँह में लेने लगी।मैंने कहा- क्या कर रही हो?उसने कहा- चुप रहो. समझ गई? आज तो रात भर ‘ख्याल’ रखूँगा!शायद जब मैंने मम्मी से कुछ नहीं कहा तो उसकी हिम्मत बढ़ गई थी और वह निश्चिंत हो गया था कि मैं किसी को कुछ भी बताने वाली नहीं।‘रामू चाचा तुम बहुत बदमाश हो.

आपी ने कहा- क्या कर रहा है?मैंने धीरे से बोला- गलत से लग गया!फिर मैं कमर पर मालिश करने लगा, फिर धीरे धीरे उनके कूल्हों पर मालिश करने लगा.

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उससे पहले मैंने फिर उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी और उसके शरीर पर अपना हाथ धीरे-धीरे सहलाने लगा।मैं उसे गर्म कर चुका था और जानता था कि आदमी का लंड जब चोदने के लिए खड़ा हो जाता है, तो औरत की चूत भी तो लंड चाहेगी ही।मेहनत की फल जरूर मिलता है, यह सोचकर मैं उसे किस पर किस करता रहा।अब उसने खुद ही बताया कि मैं सिर्फ इतना जानती हूँ कि जब हम नंगे हो जाएंगे और तुम अपनी नुन्नी मेरी बुर में डालोगे. ना…’मैंने चूत ढीली छोड़ दी…उसने अब मेल इंजन की तरह अपना लंड पेलना शुरू कर दिया।मुझे भी अब तेज गुदगुदी उठने लगी- हाय. मैं गई जान मैं गई… आअहह… कुछ निकल रहा है अर्पित कुछ अरहा आआअह्ह्ह…और मैंने अपने लिंग पर कुछ गरम द्रव महसूस किया.

’ की आवाज़ें आने लगीं।तो मैंने भी झटकों में ज़ोर लगाना शुरू कर दिया।थोड़ी देर में यह हालत थी कि जितनी ज़ोर से मैं झटका देता था, उतनी ही तेजी से वो नीचे से ताक़त लगाती थी।यह खेल तक़रीबन पाँच मिनट ही चला कि वो दोबारा झड़ गई।अब वो कहने लगी- अब बस करो. अब गाण्ड नहीं फ़ड़वाना चाहती हूँ तुम्हारे इस 7″ लंबे लंड से!मैंने उसको ज्यादा मजबूर नहीं किया।मैंने उस दिन स्वीटी की चूत 4 बार अलग-अलग आसनों में मारी।मैं अपनी सच्ची घटना में बताऊँगा कि मैंने कैसे स्वीटी को गाण्ड मरवाने पर राज़ी किया और जम कर उसकी गाण्ड मारी।दोस्तों अगर आप को मेरी कहानी पसंद आई हो मुझे ईमेल ज़रूर करना।[emailprotected]. जब यहाँ मेरे सामने ही उन्होंने उसकी स्कर्ट उठा उसको नंगा कर दिया था और उसके चूतड़ और चूत सब छू रहे थे.

कहानी : अनुष्का शर्मासम्पादक : अरविन्द कुमारमैं अरविन्द कुमार, आपने मेरी लम्बी कहानी ‘मेरा हंसता खेलता सुखी परिवार’ पाँच भागों में पढ़ी होगी.

भाभी- और सुनाओ समीर, कोई मिली या नहीं?मैंने भाभी को अपने पेशे के बारे में कुछ भी नहीं बताया कि मैं एक जिगोलो बन गया हूँ, उनकी नज़रों में मैं अब भी एक सीधा-सादा इंजीनियरिंग का छात्र था. घुस जाएगा!उसने मेरा लंड पकड़ कर अपनी बुर में लगा दिया और मुझसे बोली- अब लगाओ धक्का।मैंने धक्का मार दिया, मेरा लवड़ा उसकी चूत में घुस गया और वो अपने मुँह से आवाज़ निकालने लगी।‘आहह हहाह्वोव अहहहाआआआहा. भाभी ने मेरी पीठ पर एक चांटा मारा- क्यूँ तड़पा रहा है बेचारी को, जल्दी से इसकी चूत की सील तोड़…फिर मैंने लंड को चूत के द्वार पर रखा और झटके से लंड को अंदर करने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहा, पूजा की चूत भाभी के थूक से बहुत चिकनी हो चुकी थी इस कारण मेरा लंड फिसल गया.

लेकिन दोपहर को खाना बनाने के समय बेटा तंग कर रहा था तो मुझे मजबूर हो कर उसे उनको देने के लिए जाना पड़ा, तब वह बिल्कुल सामान्य तरीके से पेश आए. अब इन्तजार लण्ड के सम्पूर्ण रूप से सलोनी की चूत में समाने का था…10-12 बार यही सब चलता रहा, वो सलोनी को नीचे करता और सलोनी ऊपर उठ जाती… और एक बार भक्क की आवाज आई. बाद में सब ठीक हो जाता है।उसे चलने में दिक्कत हो रही थी, तो मैंने उससे पेनकिलर दी और उसे उसके हॉस्टल छोड़ कर आ गया!तब से अब तक मैंने उसे 3 बार चोदा है।कैसी लगी मेरी गाथा, दोस्तो, प्लीज़ अपने विचारों का अचार जरूर दें![emailprotected].

? पर कहाँ?’‘अरे ऊपर, बैन्क़इट हॉल के ऊपर के सब कमरे में मेहमानों के लिए बुक, किसी में भी घुस जाएँगे, कोई ना कोई तो खाली मिल ही जाएगा. आपका दोस्त, जो आपको तीन पत्ती पर मिला था… कुछ याद आया?मनीषा- ओ… ओ… हाँ याद आया जयेश कहिए कैसे हो आप?मैं- मैं ठीक हूँ, आप बताईए?मनीषा- मैं भी ठीक हूँ.

अब पता नहीं अकेले में क्या कर रहे होंगे??मुझे डर लगने लगा कि सलोनी की मदमस्त जवानी देख कोई उससे जबरदस्ती ना कर दे…मैं सलोनी को ढूंढने जाने लगा मगर ऋज़ू ने कसकर मुझे पकड़ लिया…मैंने भी उसका हाथ पकड़ा और स्टेज से नीचे आकर सोचने लगा कि सलोनी किस ओर गई होगी।इतनी देर में 2-3 आदमियों ने ऋज़ू के चूतड़ों पर चांटा मारा और बड़े गंदे कमेंट्स भी दिए. मतलब जो हॉस्पिटल का प्रचार करते हैं !’बातों ही बातों में बैंक आ गया, मैं उसे उतार कर ‘बाय’ करते हुए आगे बढ़ने को हुआ।तो उसने कहा- मुझे केवल दस मिनट का काम है, उसके बाद क्या आप मुझे स्टेशन तक छोड़ देंगे?तो मैं बोला- आप अपना काम कर लो, मेरा घर पास ही है. अगले दिन से रोजाना सुबह सुबह छह बजे मेरे फ़ोन पर उसके शुभ-प्रभात के और रात को दस बजे शुभ-रात्रि के सन्देश आने लगे, मैं भी उसे उन संदेशों क उत्तर शुभ-प्रभात तथा शुभ-रात्ति लिख कर भेज देता.

मैं कहाँ मानने वाला था, हाथ में आया अंगूर ऐसे ही बिना खाए जाने दूँ !!धीरे धीरे मैं उसके उरोजों पर हाथ लगाने लगा, बाद में कभी चूतड़ तो कभी उसके स्तन दोनों पर हाथ फेरने लगा.

कर रही थी, मेरे मुँह से सीत्कारें निकल रही थी, और वो भी मस्त था! उसको भी जन्नत का सुख मिल रहा था!वो बोला- भाभी, आज मुझे बहुत मजा आ रहा है, मैंने कभी इसके पहले चूत नहीं देखी और आपकी जैसी खूबसूरत भाभी के साथ सेक्स करने के बाद मैं कभी भी किसी के साथ सेक्स नहीं कर सकूँगा, आपका बहुत बहुत शुक्रिया कि आपने मुझे ये सब करने दिया।मैंने कहा- अब मत तड़पाओ! अपना लिंग मेरी चूत में डालो!. फिर मेरे दिमाग में एक शब्द आया- ‘शोना’लड़कियों को यह शब्द बहुत पसंद है तो मैंने पासवर्ड में शोना डाला और लैपटोप का पासवर्ड खुल गया. परन्तु तुरन्त ही रीटा ने चुदास मस्ती में अपनी गाण्ड को ढीला छोड़ अपने दांत भींच कर राजू के लोह-लण्ड पर बैठती सी चली गई.

हम कार लेकर घर चले तो पुलिस ने हमें उधर जाने नहीं दिया, बोले- रात भर शहर में कर्फ़्यू रहेगा, उस तरफ के इलाके में दंगे हो रहे आप नहीं जा सकते. मैं माफ़ी चाहता हूँ ऐसी गलती दुबारा कभी नहीं होगी, पर आप उस दिन इतनी खूबसूरत लग रही थीं कि खुद को रोक न सका।मैं अपनी तारीफ़ सुन कर खुश हुई और फिर सोचा कि ठीक ही तो कह रहा है इसमें गलती उसकी क्या थी.

सम्पादक – इमरानअपने ख्यालों में खोया हुआ मैं ऑफिस जा रहा था…एक बहुत ही गर्म दिन की शुरुआत हुई थी और लण्ड इतनी चुदाई के बाद भी अकड़ा पड़ा था। इस साले को तो जितना माल मिल रहा था, उतना यह तंदरुस्त होता जा रहा था और जरा सी आहट मिलते ही खड़ा हुए जा रहा था।मैं यही सोच रहा था कि ऑफिस जाते ही सबसे पहले तो नीलू को ही पेलूँगा, भी यह कुछ देर शांत रहेगा।और फिर मुझे रोजी की मस्त चूत भी याद आ रही थी. राजू सम्मोहित सा फ़ैली हुई गोरी चिट्टी रीटा की बला सी खूबसूरत लबालब रस से भरी नन्ही सी सुडौल आमन्त्रण देती फुद्दी और रबड़ बैंड सी कसी गुलाबी गाण्ड का आँखों ही आँखों में चोदने लगा. !तो रीना ने मुझसे पूछा- क्या तुमने कभी किसी के साथ किया है?तो मैंने ना बोल दिया, क्योंकि मैंने इससे पहले कभी किसी के साथ चुदाई नहीं की थी।मुझे तो पता ही था कि आज मुझे कुँवारी चूत मिलने वाली है।वो मुझसे पूछती- क्या तुमने ऐसी मूवी पहले कभी देखी है?तो मैंने बता दिया- देखी है तीन चार-बार.

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आ! भाई ने मेरी चूत की दोनों फांकों पर होंठ रख दिए और कसी हुई चूत के होंठों को अपने होंठ से दबा कर बुरी तरह से चूसने लगा और मैं तो बस कसमसाती रह गई, तड़पती.

सलोनी- नहीं जानू कहीं और… बस हम दोनों मिलकर सेलिब्रेट करते हैं… किसी अच्छे से रेस्टोरेंट में चलते हैं. फिर तो रीटा की बदन कमान की तरह अकड़ गया, आँखें ऊपर की ओर लुढ़क गई और कई छपाकों के साथ रीटा की नई नवेली चूत भरभरा कर झटकों के साथ हुच्च हुच्च कर पानी छोड़ने लगी. ! उसकी मस्त लम्बाई, चेहरा भी उसका गोरा और सेक्सी था।एक दिन में भी रेस्टोरेन्ट में खाना लेने गया तो वो भी वहाँ थी। जब कैश काउंटर पर बैठे आदमी ने उसे कैश देने के लिए कहा तो शायद वो जल्दी में अपना पर्स अपनी शॉप में ही भूल गई। क्योंकि हम एक-दूसरे को तो देखते थे बस बातचीत ही नहीं होती थी लेकिन जानते थे कि हम आस-पास ही रहते हैं।इसलिए मैंने मुक्ता से कहा- मैं बिल पे कर देता हूँ.

तेरे भैया अनाड़ी थे और अब भी अनाड़ी हैं। उनको तो सिर्फ़ टाँगें उठा कर पेलना आता है। अक्सर तो पूरी तरह नंगी किए बिना ही चोदते हैं। औरत को मज़ा तो पूरी तरह नंगी हो कर ही चुदवाने में आता है।’‘भाभी आपको नंगी हो कर चुदवाने मे बहुत मज़ा आता है?’‘क्यों मैं औरत नहीं हूँ? अगर मोटा तगड़ा लंड हो और चोदने वाला नंगी करके प्यार से चोदे तो बहुत ही मज़ा आता है।’‘लेकिन भैया का लंड तो मोटा-तगड़ा होगा। पर. अब समझा, भैया आपको रात में क्यों बुलाते हैं।’‘चुप नालायक, ऐसा तो सभी शादीशुदा लोग करते हैं।’‘जिनकी शादी नहीं हुई वो नहीं कर सकते?’‘क्यों नहीं कर सकते? वो भी कर सकते हैं, लेकिन…!’मैं तपाक से बीच में ही बोल पड़ा- वाह भाभी, तब तो मैं भी आप पर चढ़…’भाभी ने एकदम मेरे मुँह पर हाथ रख दिया और बोलीं- चुप. बीएफ सेक्सी वीडियो हिंदी मेंफिर उसने मेरे दोनों गालों पर अपने हाथ रख कर थोड़ा अपनी ओर खींचा और अपने दोनों होंठ मेरे होंठों पर रख दिए.

हेमंत से रिसेप्शन वाला बोला- साब, आप डबल बेड का एक रूम ले लो, आप, आपकी बीवी और बच्चे आराम से उसमें आ जायेंगे. !’‘अगर आप दर्शन नहीं करना चाहती तो कम से कम मुझे तो अपनी चूत के दर्शन एक बार करवा दीजिए। सच भाभी मैंने आज तक किसी की चूत नहीं देखी।’‘चल नालायक.

!मैं जल्दी से वहाँ से जाने लगी।तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोले- आज स्कूल की छुट्टी है बहू… बैठ तो सही!मैं एकदम घबरा गई। उन्होंने आज तक ऐसा नहीं किया था।‘अब्बू मुझे जाने दीजिए. दिन भर कितनी अच्छी मूवी आती हैं।’हम दोनों हँसने लगे।‘भाभी जी आपसे एक बात पूछूँ?’‘क्या?’‘गोपाल मेरा दोस्त, आपका पति आपको प्यार नहीं करता क्या?’‘क्यों नहीं. साली सब मोहल्ले की गाँव की औरतें तुझे सीधी समझती हैं और तू रंडी साली एक बहुत ही चुदासी औरत है। तू और तेरी चूत आह.

वो…ये…?” ताऊजी थोड़ा झिझक से रहे थे।ओह ताऊजी बताइये ना?” क्या है यह गुब्बारा तो नहीं हो सकता ?” मैंने उनकी आँखों में झांकते हुए पूछा।मैंने महसूस किया कि उनकी साँसें तेज हो गई थी और पैंट का उभार भी साफ़ दिखाई देने लगा था। फिर वो हंसते हुए बोले ओह…. !मैं- पर तूने कभी इशारा भी किया होता तो आज का इन्तजार नहीं करना पड़ता…साली को कब का चोद देता!वो- तो अब बची-खुची कसर पूरी कर ले ना!मैं- आज तो अपनी सारी कसर निकाल दूँगा तेरी चूत में. तूने उसको देखा जो मेरे साथ थी?पर उसने पहले ऋज़ू को देखा और उसके चूतड़ों पर हाथ मारते हुए बोला- और सुना छम्मकछल्लो.

वो सही कह रही थी, इस ड्रेस में मैं ना सिर्फ़ प्यारी लग रही थी बल्कि काफ़ी सेक्सी भी दिख रही थी। मैंने कुछ सेक्सी पोज़ बना कर देखे और हम दोनों हंस पड़ी, फिर अपना मेक-अप करने लगी.

लेकिन अभी यह कहानी पूरी नहीं हुई, मेरे फोटोस देख उस कण्डोम कंपनी के साथ मेरा अगला एक्सपीरियेन्स मैं आपसे बाद में शेयर करूँगी।तब तक के लिए गुड बाय मुआह!!. राजू टायलट के दरवाजे में अब भी आँख लगाये टायलट के अंन्दर देख रहा था और जीन्स के ऊपर से अपने लन्ड को जोर जोर से रगड़ और मसल रहा था.

!’मार्क ने मुझे गोद में उठाया और पानी की हौद में डाल दिया और खुद भी अन्दर आ गया। हम दोनों, बिल्कुल नंगे खूब नहाए और पानी से खूब खेले। जब बाहर निकले तो नंगे ही जाकर मैट पर लेट गए।‘मार्क, तुम एक शानदार मर्द हो, तुमसे सेक्स करके मुझे बहुत खुशी हुई. हम दोनों कॉफी पीने लगे… क्रू मेम्बर बाहर चले गए और स्टूडियो का दरवाज़ा भी बंद हो गया…मोहित सर ने प्रोजेक्टर पर तीस फोटो दिखाए. वो रोने लगी थी और कराह भी रही थी पर मैं थोड़ी देर ऐसे ही रहा और बाद में जब उसे थोड़ा ठीक लगने लगा तो मैं धीरे धीरे उसे झटके मारने लगा.

मैं- पूजा तो एकदम तैयार है पर भाभी मौका ही नहीं मिल रहा है और शायद कल मैं यहाँ से चला जाऊँगा, पता नहीं हमारा मिलन हो पाएगा या नहीं. मौका पाकर रीटा राजू से गलत-गलत सवाल पूछती, तो राजू के पसीने छूट जाते, जैसे– लड़के खड़े होकर पिशाब क्यूँ करते हैं?– क्या लड़कियाँ लड़कों का दैहिक शोषण नहीं कर सकती?– लड़के अपने दुधू क्यों नहीं छुपाते?– सुहागरात में लड़का लड़की क्या करते हैं?– ब्लयू फ़िल्म क्या होती है?– सैक्सी का क्या मतलब है?– क्या मैं सैक्सी हूँ?रीटा के उलटे-सीधे सवालों पर राजू बगलें झांकने लगता और रीटा को डाँट कर चुप करवा देता. ”वो मेरे लंड को जोर-जोर से आगे-पीछे करने लगी और मैं उसकी चूत में जोर-जोर से ऊँगली करने लगा।कुछ ही पलों में वह जोर से चिल्लाने लगी।फिर मैंने कुछ देर के बाद मैंने उसकी सलवार भी उतार दी। वाह… क्या मस्त चूत थी.

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अन्नू ने बिना देर किये मोनिका की चूची को चाटना शुरू कर दिया और उस पर गिरे मेरे माल को चाट चाट कर खत्म कर दिया. अच्छा बुलाता हूँ !’फिर उसने गले पर एक उंगली फेर कर मुझे इशारा किया कि यदि कुछ कहा तो… और मुझे फोन थमा दिया।मैंने मम्मी से इंग्लिश में बात तो क़ी, पर सारी घटना के बारे में कुछ भी नहीं बताया, फिर मैंने रामदीन को यह कहते हुए फोन थमा दिया कि मम्मी उससे कुछ बात करेंगी।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार मेल करें।. ?अब उनके चुच्चे और साफ़ दिखाई दे रहे थे, मेरा लंड भी काबू में नहीं आ रहा था !मैंने कह दिया- मैडम सॉरी ! बुरा नहीं मानियेगा, मैं जबसे आपकी कोचिंग में आ रहा था तब से सिर्फ आप ही के बारे में सोचता था.

उसके बाद सोनिया मुझे बालों से घसीट के टेबल के पास ले गई, जहाँ अंकुर और दीपक बैठे थे और उसने मुझे टेबल पर खड़े होने को कहा. वी देख रही थी।फिर मैंने अपना हाथ उसकी जांघों पर रख दिया और सहलाने लगा। उसकी तरफ देखा तो वो लगातार मुस्कराते हुए टी. जंगल में एक्स वीडियोवो अपनी गांड उठाकर चुदवाने लगी, तो मैं समझ गया कि ये झड़ने वाली है और मैं जोर-जोर से चोदने लगा लेकिन मैंने अपने लंड पर थोड़ा नियंत्रण किया.

इसका भी हल जल्दी ही निकल गया, एक दिन रमेश आया और बोला- मुझे बंगलौर में एक बड़ी कंपनी में नौकरी मिल गई है.

’ की आवाजों के साथ बीस मिनट में ही झड़ गईं। अब मैं भी उनके कामरस की गर्मी पाकर रुक नहीं पाया और सारा वीर्य अपनी मामी की चूत में ही छोड़ दिया।तो यह थी मेरी मामी के साथ बिताई रात और अपनी सच्ची घटना आपके सामने लेकर पेश होने के लिए अपने प्यार भरे मेल जरूर भेजिएगा।. अपनी कहिए।रणजीत- अपनी ही तो कह रहा हूँ कि अब बस रहा नहीं जाता।उसने झुक कर रानी के होंठों को चूम लिया।रानी- अरे.

और आप कुछ भी गलत नहीं कर रही हो, मैं आपसे वो प्यार करना चाहता हूँ जिसके लिए आप बहुत प्यासी हो।तो उनकी आँखों में आँसू आ गए, उन्होंने मुझे प्यार से गले लगा लिया और मेरे गाल पर चूमते हुए कहा- आई लव यू. !इसके मन में सेक्स ही सब कुछ नहीं है, यह सोचते हुए मैं उसकी तरफ बढ़ी और उसके होंठों को अपने होंठों में भर लिया और खूब देर तक चूसा। फिर मैंने अपने कपड़े ठीक किए और फिर से उसे चूमा और घर चली आई।अपने घर के गेट पर पहुँची ही थी कि उसका कॉल आ गया।बोला- कैसा लगा तुम्हें आज. यह सोचकर मैंने ‘की-होल’ से अन्दर देखा तो दंग रह गया अन्दर टीवी पर ब्लू-फिल्म चल रही थी बिस्तर पर जीजू और बहन बिल्कुल नंगे थे.

फोन पर बातों में कहाँ मज़ा आता है?”तो फिर मज़ा कैसे आता है?”वो तो आमने सामने बैठ कर ही आता है !”तो आमने सामने बैठ कर कर लो जी !”ओह… थैंक यू आरती ! पर आप बुलाती कहाँ हैं?”तो क्य अब निमंत्रण पत्र भेजूँ… बुद्धू कहीं के !” और उसने फोन काट दिया। यह कहानी आप अन्तर्वासना.

मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-2मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-4यह सुन कर मैं मन ही मन खुश होते हुए बोला- एक बार मुझे भी अपनी जवानी का नशा चखा दो. भाभी ने अपनी टांगें और फ़ैलाकर ऊपर उठा लीं, मैं समझ गया कि वो मुझे अपनी चूत चूसने का निमंत्रण दे रहीं हैं. !यानि कि दोस्तो, ‘फोन-सेक्स’ चल रहा था और यह सब सुन कर मेरा भी 8 इंच का लंड लोहे की छड़ बन गया था और मैं अपने लंड को सहलाने लगा।तभी मैंने देखा की दीदी झड़ गईं और ‘आआआअ अहह’ करने लगीं। मेरे लंड ने भी थोड़ी देर बाद पिचकारी मार दी और मेरा पूरा अंडरवियर गीला हो गया।आज मेरे लंड से कुछ ज़्यादा ही पानी निकला और मुझे भी बहुत मज़ा आया।तभी मैंने दीदी को कहते सुना कि मनोज तुम्हारा लंड तो बहुत मज़ा देता है.

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प्रेषक : रॉकीहेल्लो दोस्तो, मेरा नाम रॉकी है। मैंने अन्तर्वासना पर हजारों कहानियाँ पढ़ी हैं। यह मेरी पहली और सच्ची कहानी है।मैं वड़ोदरा (गुजरात) के सरकारी विभाग में एक अच्छे पद नौकरी करता हूँ। मैं छः फुट लम्बा और कसरती बदन का मालिक हूँ। मैं सिख परिवार से हूँ तो लड़कियाँ मुझे देखते ही फ़िदा हो जाती हैं। एक बार मेरा लैंड लाइन बी. लंड पूरी रफ्तार से चुदाई कर रहा था और उसके लिए रुकना संभव नहीं था।‘मुझे इस चुदाई का पूरा प्रसाद चाहिए.

जल्दी से मुझे चोद दो।’मेरा आधा ही लंड घुसा था, तो उसने कहा- धक्का मारो लंड घुस जाएगा।मैंने धक्का मारा और देखा तो मेरा पूरा लंड उसकी बुर में घुस गया था और वो मजे में चिल्ला उठी- वाऊ.

जब ये सब हो रहा था तो वीरेन ने मेरा हाथ पकड़ा और उसने अपना तना हुआ लिंग पकड़ा दिया।मैंने अपना हाथ झटक दिया और अनुराग से कहा- अनुराग, अपने दोस्त को समझाओ, ये क्या कर रहा है?‘अरे यार. फिल्म चोदा चोदी वालाअब मैं समझ चुका था कि वो चुदने के लिये तैयार है, मैंने धीरे से अपनी पैन्ट नीचे की और अपना लंड निकाल कर उसकी पेंटी के ऊपर से ही चूत पर दबाने और रगड़ने लगा, तो उससे भी नहीं रहा गया और उसने अपनी पेंटी उतार दी। अब मेरा लंड और उसकी चूत आपस मजे करने लगे। मैं उसके होंठ चूसने लगा और उसने अपने पैरों को मेरी कमर में लपेट दिया. एक्स एक्स भोजपुरी हिंदीबस इसे जल्दी से घुसेड़ दो।मैंने इधर-उधर देखा, मुझे उनकी ड्रेसिंग टेबल पर एक तेल की शीशी दिखी। मैंने उसे उठाया, उसमें से तेल को लेकर ढेर सारा तेल उनकी चूत पर और फिर अपने लंड पर लगा लिया।अब मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया।उन्होंने बोला- यार डालो ना. फिर हम उठे और अपने आप को एक दूसरे से अलग किया और हम दोनों के रसों का चूत-शेक निकल के मेरी जांघों से नीचे की ओर बहने लगा.

उस रात के बाद अगले पन्द्रह दिन तक सोनिया ने हर रोज़ पति के जाने के बाद दिन के समय या फिर शाम को उनके वापिस आने से पहले मेरे साथ सेक्स ज़रूर करती थी.

इसका मतलब था कि उसका कौमार्य-पट टूट गया था… उसने अपने नाखून मेरी पीठ पर गड़ा दिए… मैं थोड़ा रुक गया उसके सामान्य होने की इंतजार करने लगा…फिर वो बोली- जानू, मुझे अब दर्द नहीं ही रहा आप थोड़ा और डाल दो अंदर…मैंने भी जोश में आकर एक और धक्का लगा दिया… अब मेरा पूरा का पूरा लिंग उसके अंदर था और उसके आँसू निकल रहे थे…मैंने अपने होंठ उसकी आँखों पर रखे और उसके आँसू पी गया…फिर हमने एक लंबा चुम्बन किया. थोड़ी देर मेरी चूचियाँ चूसने के बाद रोहित खड़ा हुआ और मेरी साड़ी और पेटीकोट उतारने लगा जिसमें मैंने भी उसकी मदद की. तो बौड़म राजा हमने चार दिन से अपने पति को चूत में लंड घुसाने ही नहीं दिया। तो हो गई ना आज फ्रेश तेरे लिये !मैंने शिखा रानी के चूचों पर एक एक चुम्बन दागा और पूछा- शिखा रानी हो तो गई चूत फ्रेश.

सलोनी के कदम लड़खड़ा रहे थे।मैंने देखा कि मेरे देखते हुए भी उसने सलोनी को गाड़ी के अंदर करने और उसको बैठाने में उसके चूतड़ों को अच्छी तरह सहलाया था,उसके हाथ सलोनी की शर्ट के अंदर ही थे।मैंने उसको सौ का नोट भी दिया जैसे उसने मेरी बहुत मदद की हो और साला मना भी कर रहा था जैसे उसने पैसे वसूल कर लिए हों…मैं गाड़ी लेकर आगे बढ़ गया, अब मेरी मंजिल घर ही था…. ने भिजवाई है।कार से हम एक पाँचसितारा होटल में आ गए। होटल का नाम मैं गुप्त रखना चाहती हूँ क्योंकि इससे होटल की बदनामी हो सकती है। हम करीब 4 बजे दोपहर तक होटल में आ गए थे। फिर वरुण ने बताया कि शाम को उनको अपने बॉस से नागपुर के एक क्लब में मिलना है। मुझे उन्होंने अच्छी तरह से तैयार होने को कहा।मैंने गुलाबी रंग की एक बहुत बढ़िया साड़ी पहनी और उनके साथ क्लब गई। क्लब में वरुण का बॉस और सी. !’पम्मी खिसक कर पीछे हुई और बिस्तर के बीच में चली गई। मैंने अपने जूते उतारे और बेड पर पम्मी से उलट डायरेक्शन में लेट गया यानी कि मेरा सर उसकी टाँगों में था और उसका सर मेरी टाँगों के पास था।इसी पोज़ मैंने उसे अपने ऊपर लेटा लिया और उसकी चूत मेरे मुँह के ऊपर आ गई और उसने अपना सर मेरे लंड पर टिका लिया जो मेरी पैन्ट में क़ैद हुआ फुँफकार रहा था।खैर.

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आप यह भी कह सकते हैं मुझे अन्तर्वासना की लत लगी हुई है और मैंने अन्तर्वासना की 2008 से लेकर आज तक प्रकाशित होने वाली अधिकतर कहानियाँ पढ़ी हुई हैं. सीस्सीसीस्सी !रीना वहीं खड़ी-खड़ी अपनी उंगली मुँह में लेकर गीली करती है और बुर की फाँक खोल कर उसको रगड़ने लगती है।रीना- आ. सावन दुबेहम दोनों की जीभ कब आपस में अठखेलियाँ करने लगीं कुछ पता ही नहीं चला।कभी ऊपर वाले होंठ मेरे मुँह में तो कभी नीचे वाले होंठ। इसी बीच उसने भी मुझे पकड़ लिया था। कमरे में केवल पंखे और हमारी साँसों की आवाज़ सुनाई दे रही थी, मेरे हाथ उसके कूल्हों पर गया और मैंने उसको नज़दीक खींच लिया।‘अरे ये तो पूरी ताक़त से खड़ा है.

?मनीषा- क्या बताऊँ जयेश… कितना मजा आया… तुमने मुझे आज वो सुख दिया है, जो शायद ही मुझे कहीं और से मिल पाता.

मैं सोने के लिये लेट गया और मेरी आँख लग गई। दस मिनट बाद जब मेरी नींद खुली तो मेरे बाजू में कोई चादर ओढ़ कर सोया था, मैंने सोचा कि कोई मेहमान होगा। कुछ देर बाद वो मेरे से सट गया और उसकी चादर मेरे शरीर पर आ गई, तो मैंने भी थोड़ी ठंड होने के कारण चादर में आना सही समझा.

मैं ऐसे ही सब जगह भाग दौड़ कर रहा था…ऋज़ू के जरा से प्रयास से ही मेरा लण्ड खड़ा हो गया…तभी मैंने सलोनी की ओर देखा, वो आदमी बहुत तेज धक्के लगाने लगा… इसका मतलब वो चरम पर था…कमरे में तेज आहें ओर धक्कों की आवाजें गूंजने लगीं. आप तो द्रौपदी से कहीं ज़्यादा खूबसूरत हैं और मैंने अपनी प्यारी भाभी को आज तक जी भर के नंगी नहीं देखा।’‘झूट बोलना तो कोई तुझसे सीखे, कल तूने क्या किया था मेरे साथ? बाप रे. सेक्सी लंड बीएफले देख…अनवर अंकल और बाकी दोनों भी सूंघने लगे।राम अंकल- अबे, यह तूने कब किया?मेहता अंकल- अरे जब वो गिर रही थी, तभी मेरी दो उंगलियाँ उसकी चूत में चली गई थी… हा हा… चल छोड़ो ये सब.

अरे बदकिस्मत है वो लड़की कभी जिसने चूत नहीं चुदवाई!’फिर थोड़ी देर बाद भाई ने मेरी मरमरी चिकनी-चिकनी जाँघें चूमी. लंड पूरी रफ्तार से चुदाई कर रहा था और उसके लिए रुकना संभव नहीं था।‘मुझे इस चुदाई का पूरा प्रसाद चाहिए. मैं कमरे के अंदर गया तो मैंने देखा कि आंटी बैड की चादर बदल रही थीं, उन्होंने चुन्नी नहीं डाली थी और झुकने से उनकी चूचियाँ साफ-साफ दिख रही थीं, एक दम गोरी-गोरी, मोटी-मोटी और रसीली.

’ मैंने हाथ मिलाया।निभा मादरचोदी उसे देखने ही फूल की तरह खिल गई थी।मैं और सुनील साथ में बैठ कर बातें करने लगे।सुनील की शादी हो चुकी थी।मैं काम की बात करना ठीक समझा।‘तुम्हारी बीवी की सील बंद थी??’ मैंने पूछा।‘नहीं, खुली थी।’ उसने कहा।‘अच्छा. !उनका पानी छूट गया लेकिन अनिल उनको झटके दिए ही जा रहा था।ये देख कर मैं अब अपने आपको भी काबू नहीं कर सकती थी। मैंने अपने सिर को पीछे मोड़ कर हिमेश की तरफ देखा। वो समझ गया कि मैं क्या चाहती हूँ।हिमेश ने पीछे जाकर अपनी पैन्ट और अंडरवियर को घुटनों तक निकाल दिया। फिर उसने मेरे तौलिया वाले गाउन को ऊपर कर दिया। मैंने नीचे कुछ नहीं पहना था।वो मेरे चूतड़ों को देख कर बोला- अनिल.

करीना और अधनंगी कैटरीना कैफ का शीला वाला ठरकी डाँस देख बहादुर मस्त लण्ड को शहर की येंक्की और नशीली चूतें भी चखने के लिये बेताब हो गया.

चाय पीते हैं।दोनों कैंटीन में चले गए, नेहा ने चाय का ऑर्डर किया और डॉक्टर के केबिन में बैठ गए।‘अरे बाबा बोलो ना. मैं तो खुशी के मारे अपना मुँह छत की तरफ़ कर मुस्करा रहा था और अपने आप पर घमंड भी हो रहा था, क्योंकि यह मेरी किस्मत ही तो थी जो आज मैं इतनी खूबसूरत औरत को अपनी बाहों में समेटे खड़ा था. बना लो मुझे अपनी!रीना सीधी लेट गई, बाबा की आँखों में चमक आ गई थी, वो उस पर टूट पड़े और उसके मम्मे दबाने लगे, निप्पल चूसने लगे।रीना- आ.

राजस्थानी भाभी की सेक्सी !वाह यार इतना मज़ा आ रहा था दोस्तो, कि मैं इस अहसास को शब्दों के द्वारा बता नहीं सकता।खैर मैं उसके दूध चूसता रहा, फिर मैंने उसके दूध उसके कुर्ते से बाहर निकाले और उसकी चूचियों को दबा-दबा कर चूसने लगा।वो दर्द से चिल्लाने लगी तो मैंने डर के मारे छोड़ दिया तो बोली- अरे करो ना!तो मैंने कहा- तुम चिल्ला रही थी, मैंने सोचा दर्द हो रहा है!तो बोली- पागल… मुझे मज़ा आ रहा है. उसकी मेल पढ़ कर मेरी चूत में गुदगुदी होने लगती पर अजनबी से चुदवाना मुझे कुछ सही नहीं लग रहा था इसीलिए मैं उसको टालती रहती.

एकदम पागल है, कभी भी नहीं सोचते कि घर में एक जवान बेटी है, कुछ तो शर्म करनी चाहिए।उसने झकझोर कर रणजीत को उठाया, जैसे ही झकझोरा कि उसने उसे खींच लिया और एक चुम्बन दे दिया।ममता- यह क्या है. !’ मैंने कहा और भगवान को धन्यवाद दिया।पर रामदीन ने मुझे चुप रहने के लिए कहा और फोन कान से लगा लिया- हालो… नमस्ते मेमसाहिब. थोड़ी देर बाद मेरा पानी निकलने वाला था, मैं आदिल का साथ देने लगी धक्के मारने में!मेरा पानी निकल गया, मैंने भतीजे को देखा, वो बहुत खुश नजर आ रहा था.

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मैंने उसे चूम कर ‘आई लव यू माय वाइफ’ कहा तो उसने भी ‘आई लव यू टू माय हसबंड’ कहा और उसके बाद में उसे उसके घर छोड़ने निकाल पड़ा. पर ऊपर से ही।मैंने कहा- जैसी आप की मर्ज़ी।मैंने मालिश शुरू कर दी, अब धीरे-धीरे उसका बदन अकड़ने लगा और उस पर मस्ती सी छाने लगी।मेरा भी बुरा हाल हो रहा था। अब वो पलट गई और बोली- अब पूरे बदन की अकड़न मिटा दो आज. क्या भाभी?’ मैंने शरारत भरे अंदाज में पूछा।भाभी जान गईं कि मैं उनके मुँह से क्या कहलवाना चाहता हूँ।‘मेरे मुँह से कहलवाने में मज़ा आता है?’‘एक तरफ तो आप कहती हैं कि आप मुझे सब कुछ बताएँगी और फिर साफ-साफ बात भी नहीं करती। आप मुझसे और मैं आपसे शरमाता रहूँगा तो मुझे कभी कुछ नहीं पता लगेगा और मैं भी भैया की तरह अनाड़ी रह जाऊँगा। बताइए ना.

चाची चिल्ला रही थी और बोल रही थी- विशाल! और जोर से चोदो… बहुत मजा आ रहा है, अओह… विशाल चोद दो मुझे! आज मत छोड़ना! आह…आ आह! की आवाज से पूरा कमरा गूंज रहा था. मैं सीधे उसके रुम के बाहर पहुँचा, उसने काफ़ी मंहगा कमरा बुक किया था, उसके कहे अनुसार मैंने दरवाजा खटखटाया.

गांव में रहने और खेतीबाड़ी करने तथा गांव के शुद्ध वातावरण के कारण उनका शरीर बहुत गठीला था और इस आयु में भी वह एकदम 28-30 साल के जवान लगते थे.

उत्तेजना में हम दोनों की ही आँखें बंद हो गई थी… लिंग का योनि में प्रवेश नहीं हो रहा था तो मैंने एक हल्का सा झटका दिया, इशानी की आह निकल गई और लिंग छिटक कर ऊपर आ गया. तो चाची ने कहा- सीखना नहीं है?‘मैं कुछ समझा नहीं?’तो अब चाची ने अपनी शरम छोड़ते हुए कहा- इसकी क्लास तो रात में ही लगती है!मैं- यह आप क्या कह रही हैं?मुझे तो सब समझ आ गया था कि आज चाची मुझसे चुदने वाली हैं, और मैं भी खुश था. लॉलीपोप सुन कर सुन्दरी रीटा की आँखों में चमक आ गई और उसने नीचे से हाथ हटा कर शर्मा कर अपना मुंह हाथों में छुपा लिया.

बोल कर पाएगी?मैं- अब करना तो पड़ेगा ही, वैसे प्रोजेक्ट में क्या देना है कॉलेज में? नोट्स वगैरह या कुछ और?निशा- ज्यादा कुछ नहीं, बस नोट्स बनाने हैं तेरे अनुभवों पर और वीडियो भी बनाना है। मैं एक और बार पूछ रही हूँ सोच ले कर पाएगी ये सब, कुछ भी करना पड़ेगा?मैं- हाँ यार कितनी बार कहूँ. ? रूबी को पूरी तरह से मस्त होते देख कर मेरा हौसला बढ़ गया।मैंने कहा- रूबी मेरी जान… मज़ा आ रहा है ना?‘हाँ जान. लेकिन पांच माह पहले मुझे अचानक ही एक ऐसा अवसर मिला जिससे मुझे जिंदगी में अत्यंत खुशी मिली और वह अभी भी ज़ारी है.

आह्ह्ह्हऽऽ’उसकी प्यारी सी मीठी गालियाँ मुझे नया आनन्द करा रही थीं।मेरे शरीर में तरावट आने लगी, सारा जिस्म मीठे जोश से भर गया, मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं कभी ना झड़ूँ.

बीएफ सेक्सी व्हिडिओ सुहागरात: मेरी बात सुन कर वह मान गई और उपर के कमरे में पढ़ने के लिए चल पड़ी और एक घण्टे तक मुझसे हर रोज़ की तरह पढ़ी. मैं नहीं करूँगा मुझे घिन आती है, उल्टी हो जाएगी!तो वो बोली- जैसी तुम्हारी मर्जी, पर कुछ करो तो सही!फिर मैंने उसके दोनों मम्मों को दबाना शुरू किया, चूसना शुरु किया तो वो बुरी तरह तड़पने लगी और कहने लगी- जोर से दबाओ गिरि, चूस.

अब अपने कपड़े यहाँ पर मेरे सामने उतारो।तो मैंने शरमाते हुए ससुर जी को कहा- बाबू जी ऐसा कुछ नहीं है, मैं ऐसी-वैसी नहीं हूँ।उन्होंने कहा- तो तू कैसी है? जो मैंने अभी वहाँ पर नन्दू के साथ देखा है वो क्या था। अपने कपड़े उतार रत्ना बहू जरा मैं भी तो देखूँ तू कैसी है।मैंने कहा- बाबू जी. जब राजू धक्के मारता तो रीटा अपनी गाण्ड को बिल्कुल ठीला छोड़ कर गाण्ड पीछे ओर ऊपर उछाल देती और जब राजू लौड़े को बाहर खींचता तो रीटा अपनी टाईट गाण्ड को जोर से सुकोड़ कर लौड़े को भींच सा लेती. !हम कमरे में गए, उसने दो कप चाय बनाई और हम पीते हुए बातें करने लगे।उसने बातें करते हुए कहा- ऐसा लग रहा है कि आज कुछ बाकी रह गया हो।मैंने मुस्कुराते हुए कहा- हाँ.

सो जाओ!मैं कुछ देर सोचती रही फिर उससे पूछा- क्या हुआ था?उसने कहा- जाने दो, कुछ नहीं हुआ।मैंने जोर देकर फिर से पूछा तो उसने कहा- तुम्हारे बगल में हेमा और कृपा चुदाई कर रहे थे।मैंने उसे कहा- तुम झूठ बोल रहे हो, कोई किसी के सामने ऐसा नहीं करता.

बेचारी दो साल से भूखी थी…फिर मामी ने मुझे नंगा करना चालू किया, पूरे कपड़े उतारे मेरे… फिर मेरे बदन को चूसने लगी… काट भी रही थी बीच बीच में… मुझे बहुत अच्छा लग रहा था… आख़िर में आ ही गई लंड के पास और बोली- क्या छोटा है रे लंड तेरा… बिल्कुल लोलीपोप…और चूसने लगी…मेरा तो कंट्रोल ही नहीं हो रहा था… मामी लोलीपोप बहुत अच्छे से खा-चाट रही थी…मैं मामी को दो मिनट में ही बोला- मैं झड़ जाने वाला हूँ. !उसी समय मेरे भी लंड से वीर्य निकल पड़ा, उसकी चूत भर कर बहने लगी, वो निढाल होकर मेरी छाती पर गिर गई और मुझसे लिपट गई।मैंने उसे कस कर चूमा, फिर हम दोनों एक-दूसरे के पास लेट गए। वो गुसलखाने में जाने के लिए उठी, तो मैंने कहा- भूल गई क्या?वो बोली- क्या?मैंने बोला- तू तो मुझे मूत पिला कर नहलाने वाली थी ना. वही मेरी गुरु है। तब मैं 12 वींक्लास में था। फिर मैं और भी कई भाभियों और बहनों को चोदा फिर तो ऐसा हो गया कि चूतें खुद ही मेरे पास चल कर आती थीं औरमेरे लंड के नीचे सोती थीं और मेरी भी ये आदत हो गई।सीमा- तुम्हारी पत्नी कुछ नहीं कहती?रणजीत- नहीं.