विदेशी इंग्लिश बीएफ

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अनु मेरे लंड को लॉलीपोप की तरह चूसने लगी। अनु ने इतने शानदार तरीके से चूसा कि मैं आपको वो आनन्द बयान नहीं कर सकता.वो अपनी टी-शर्ट उतारने को नहीं मान रहा था, तो मैंने उसकी टी-शर्ट अपने दोनों हाथों से ऊपर उठा दी।वो टी-शर्ट को नीचे खींच रहा था और मैं ऊपर.

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जब मैं स्नातकी में था तब मेरी दोस्त की बहन १२ कक्षा पास करने के बाद मेडिकल प्रवेशिका परीक्षा देने की तैयारी कर रही थी.

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मैंने घर पर फोन करके बता दिया कि मैं एक और महीने तक जयपुर रुकूँगा और भाभी उसके बाद नौकरी छोड़ देंगी और हमेशा घर पर ही रहेंगी. जब हम बहुत उत्तेजित हो जाते थे तो मेरा लण्ड कोमलता से सहला कर मेरा वीर्यपात करवा देती थी. मैंने उसे सामने वाली सीट पर बैठने का इशारा करते हुए कहा ‘नहीं नहीं!! आप बैठो ना, मैं अभी आप को टिकेट दिखाती हूँ.

अनिल मेरे होंठों को जोर जोर से चूस रहा था, मैंने हाथ उसकी कमर पर ढीले से छोड़ रखे थे. लेखिका : वृंदामुझे अपने टांगों के बीच कुछ रिसता हुआ सा महसूस हो रहा था… मेरी अन्तर्वासना मुझे सारी हदें भूल जाने को कह रही थी. मैं समझ गया और उसको बाहों में लेकर एक प्यारा सा किस किया और समझाया कि यह सब जरूरत है, आपने कुछ गलत काम नहीं किया है.

मैंने लण्ड को बाहर निकाले बिना चाची को अपनी बाँहों में लिया और मैं सीधा लेट गया और चाची को मेरे ऊपर लिटा लिया।चाची पूरी तरह से थक चुकी थी और वो लगभग सो गई थी लेकिन मैं नहीं सोया था…. उसने मेरे गुलाबी होंठों को चूम लिया, एक हाथ मेरी कुर्ती में डाल मेरे मम्मे दबा दिए. मैंने देखा कि भाभी पारदर्शी नाईटी में बैठी हुई हैं, यह देख कर मेरा लण्ड खड़ा हो गया और मैंने किताबें एक तरफ फेंकी और बिना कुछ सोचे भाभी के पास जाकर उन्हें चूम लिया.

प्रेषिका : श्रेया अहूजामैं और मधु बचपन में घर-घर, लुक्का-छिप्पी, डॉक्टर-डॉक्टर खेलते थे …बचपन ने जवानी का कब रुख लिया पता ही नहीं चला …अब मैं इंटर में हूँ और मधु भी. !मेरा लंड जैसे सलामी मारता हुआ उनकी चूत के नीचे जा कर रूक गया। वो हाथों से मेरे लंड को सहलाने लगी और बड़बड़ाने लगी- मादरचोद, इतना मस्त लौड़ा है और तू घोंट-घोंट कर गिरा रहा है !अब मेरे से बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था, मैं आंटी से लिपट गया और अ.

फिर उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिये और पंद्रह मिनट तक हम एक दूसरे के होंठ चूसते रहे.

लगभग दो मिनट तक राजू दर्द से बिलबिलाती और करहाती रीटा को बाहों में दबाये उसकी चूत की कसावट, गर्मी और नर्मी का मजा लेता यूँ ही पड़ा रहा.

उत्तेजनावश तान्या ने मेरी टी-शर्ट फाड़ दी और मेरी पेंट की ज़िप खोल दी और मेरा लण्ड बाहर निकाल कर चूसने लगी. मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था और मजा भी! मैं भी देखना चाहता था कि बाजी की कैसी पिलाई होती है. मन ही मन मैं भी उसकी बहुत इज्जत करने लगा था क्योंकि उसने मुझ पर भरोसा रखा और मेरे घर आई.

मैं उसकी क्लास में जा पहुंची और उसकी अध्यापिका के पास जाकर बोली- वेदांत को मिस मोनिका बुला रहीं हैं…!!!वो मेरे साथ बाहर आया. नहीं…………मैंने आज तक किसी से नहीं किया है………तू घबरा मत ! तुझे कुछ नहीं होगा और मजा भी आयेगा।सच सच………. मैंने अंडरवीयर पहना हुआ था जिसमें से मेरा लंड बाहर झांक रहा था, मेरे लंड का टोपा बाहर निकल रहा था।रीना घुटने के बल बैठ गई और मेरे बाहर निकले टोपे को देखने लगी।अचानक ही उसने अपनी जीभ टोपे पर रख दी और मेरा टोपा चाटने लगी.

तब से उसके एक स्कूल के टीचर के साथ उसकी अफ़वाहें उड़ने लगी थी… मैंने भी उन्हें होटल में, सिनेमा में, गार्डन में कितनी ही बार देखा था.

यहाँ तो दो दो है… पर दो क्यूँ…? राजेश अंकल आ गये थे, उनका मोटा सा लटका हुआ लण्ड देख कर तो मैं भी हैरत में पड़ गया. तभी गोमती वहाँ आ गई- बस करो भैया जी, भाभी मना कर रही है ना, ये लो चादर ओढ़ लो!’गोमती को देखते ही उसका नशा उतरने लगा. मैंने अपना कंडोम निक्कल दिया लेकिन उसकी चूत अभी तक झरी नहीं थी, वो मुझसे कहने लगी- अपने लण्ड को डाले रखो अभी मेरा मन नहीं भरा…मैंने कहा- कंडोम तो अब नहीं है?तो उसने कहा- वैसे ही डाल दो…तब वो सेक्स के चक्कर में अन्धी हो चुकी थी…वो मुझे जोश में लाने के लिए तुरंत लण्ड मुँह में लेकर चूसने लगी… मेरा लण्ड फिर खड़ा हो गया… फिर उसकी चूत ने लण्ड का स्वागत किया.

मैंने भी स्वाति दीदी की पेंटी निकाल दी और उनको बाहों में लेकर उन्हें चूमने लगा जिससे उन्हें भी जोश आ गया और वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी. मैं उसके रस का एक एक कतरा चाट चाट कर पी गई और मुझे लगा कि जैसे किसी डिनर पार्टी के बाद मैंने कोई मिठाई खाई हो. मुस्तफ़ा अपने बिल से खुद बाहर निकल कर भी सोनिया से मुक़ाबला कर चुका था … पर नतीजा उसको बुरी तरह मुँह की खानी पड़ी … उसको अब कोई भी रास्ता नहीं सूझ रहा था कि कैसे वो इन कानून के रखवालों से खुद को और अपने गैंग को बचाए.

एक चुम्बन ने क्या कर दिया… या फिर शायद यह यौवन ही था जिसने यह सब करा दिया…मैं उसकी ओर थोड़ी टेढ़ी होकर लेट गई.

वो धीरे से मेरे ऊपर लेट गया और मेरे होंठों को उसने अपने होंठों से दबा लिया और रसपान करने लगा. ‘आज लण्ड कैसे खाओगी श्वेता?’ वो मम्मी को खड़ी करके उनके कसे हुए गाण्ड के गोले दबा रहा था.

विदेशी इंग्लिश बीएफ ”‘इन्तजार कर रहा था…’ बोला नहीं गया। बोलकर स्वीकार करना अपने गर्व के विरुद्ध था।क्या तुम लड़कियों के बारे में कुछ भी कल्पना नहीं कर सकते?” उसने एक क्षण को जैसे रोष में मुझको देखा और दूसरी ओर मुड़ गई।मैं उसे देखता रह गया। लड़कियों के बारे में क्या? क्या माँ बाप के कारण आने का मौका नहीं निकाल पाई? लेकिन यह तो पहले से ही था, फिर कल के लिए वादा कैसे कर गई?समझ में नहीं आ रहा था, कहीं वो अभी…. उस की स्कूल में पूरी दहशत थी, हर लड़का उस से डरता था, स्कूल का चौकीदार, चपड़ासी वगैरा स्टाफ के लोग उस का पानी भरते थे, मन मर्ज़ी से स्कूल आता जाता! हमारा स्कूल बहुत बड़ा है, फ्री पीरियड में वो मुझे स्टोर रूम में बुला लेता, वहाँ बैठ बातें करतें, वो मेरी स्कर्ट में हाथ डाल कर मेरी जांघें सहलाता, मेरे बटन खोल मेरे मम्मे दबाता, चूमा चाटी करता, बदले में मैं भी उस का लौड़ा पकड़ लेती और मसल देती.

विदेशी इंग्लिश बीएफ जब भी किसी को जरूरत होती है वो मुझको बुलाती है और मैं उसकी सेक्स की जरूरत को पूरा करता हूँ. पर शायद वो गहरी नींद में थी, मेरी हिम्मत बढ़ी, मैंने उसकी पेंटी के ऊपर हाथ फिराया तो पाया उसने नेपकिन लगाया हुआ है, और पता नहीं कब नींद आ गई.

मुकेश का लौड़ा चूसते चूसते मेरा हलक सूखने लगा था लेकिन मेरी चूत तरबतर हो गई थी और शरीर में एक अजीब सी उत्तेजना भर गई थी, मैंने मुकेश से कहा- मेरा हलक सूख रहा है!मुकेश ने कुछ सोचा और फिर मेरे मुँह को कसकर पकड़ लिया और उसमे पेशाब की धार छोड़ दी.

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!!तीन दिन बाद उससे बस में मिली… वो बेहद शांत, चुपचाप था… मैंने उसका ध्यान दूसरी ओर करने की कोशिश की. मैंने उसके दोनों स्तनों को ज़ोर से पकड़ लिया और धक्के लगाते हुए झड़ गया और उसके ऊपर ही निढ़ाल पड़ गया. हाँ भाभी, भैया का छोटा है, मुझे पता है!तुमको कैसे पता?अरे भाभी, तुमको भैया ने नहीं बताया क्या? जब कभी हम दोनों साथ होते थे तो ऐसे ही एक दूसरे का हाथ में लेकर हिला कर मन को शांत करते थे! और आज भी जब भी मौका मिलता है तो हम ऐसा ही करते हैं! मजा आता है!तो आज भी ऐसा ही करोगे क्या? मैंने कहा.

मेरा सारा शरीर जैसे कांप उठा- देखा कैसा तन्ना रहा है… बहू!”बहू घुस गई गाण्ड में पापा… रसीली चूत का आनन्द लो पापा…!” कोमल पूरी तरह से वासना में डूब चुकी थी. ये बात दिमाग में आते ही मैंने वो जालीदार कवर निकाल लिया और ज़ल्दी से अपनी साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट निकाल दिए. दोस्तो, यह थी मेरी चाची के साथ चुदाई की सच्ची कहानी की पहली कड़ी !आप मुझे अपनी राय जरूर बतायें कि आपको मेरी कहानी कैसी लगी…।कहानी के थोड़ा लम्बा होने और उसमें अहम् बात के बजाय अन्य बातों (भूमिका बांधने) के अधिक होने की माफ़ी चाहता हूँ और आपको यकीन दिलाता हूँ की इसके आगे की कड़ियों में आपकी इन शिकायतों में से एक को जरूर दूर कर दूंगा।धन्यवाद,संदीप शर्मा.

उसकी जीभ अब मेरे होंठों को भिगोने लगी थी… उसकी आँखों में अब भी शरारत थी… होंठों के रसपान के बाद वो मेरी गर्दन की ओर बढ़ गया.

मैंने शीशे में अपने आपको निहारा, हाय! क्या प्यारे प्यारे स्तन हैं मेरे! पतली कमर, चूत कमसिन सी, जिस पर रोयेदार बाल! घूमी तो दोनों चूतड़ क़यामत ढाते हुए!मैंने अपनी छोटी अंगुली चूत में घुसाना शुरू की तो चूत एकदम पनिया गई. इधर मैं पूरे उफान पर था, मैंने उसे अपनी गोदी में खींच लिया, वो भी अपनी गांड मेरे लंड पर दबा रही थी।मैंने उनकी कमीज़ के अंदर पीछे से हाथ डाल दिया. ‘तेरी मां की चूत… अब तो लण्ड का पानी तो निकाल के रहूँगा…’उसने अपना लण्ड मेरी गाण्ड में दबा दिया.

शायद ज्योति ने उससे पहले कभी गाण्ड नहीं मरवाई थी, मगर मैंने उसकी एक भी ना सुनी और उसके दोनों चूतड़ों के बीच में अपना लण्ड घुसाने लगा. मैंने उसे कहा कि मैं भी इसी समय ऑफिस से निकलता हूँ अगर आपकी फिर कभी बस मिस हो जाए तो मुझे कॉल कर दीजिएगा, अगर मैं ऑफिस में रहा तो आपको ले लूँगा. अंकल ने आते ही मम्मी को आवाज़ दी और मम्मी आते ही उनको देख मुस्कुरा दी और अंकल बैठ गए.

चाय पीने के बाद मैं कंपनी के गेट से निकला तो मुझे याद आया कि मैं अपनी चाभी तो दीदी के बॉस के कमरे में छोड़ आया. वो मेरे गोलवे दबाते रहा और चोदता रहा… मुझे बहुत मजा आया…फ़िर मैंने उसे खड़ा किया और मैं उस पर चढ़ गई और धक्के लगाने शुरु कर दिए… वो मेरे कूल्हे दबाने लगा। मैंने उसकी उन्गली अपने मुँह में ले ली और पूरी भिगो दी और उसे कहा- भोला, यह उन्गली मेरी गान्ड में डालो !उसने पूरी उन्गली मेरी गान्ड में डाल दी। मेरे मुँह से आवाज निकली- आ…आ…आ…वो बोला- मैं झड़ने वाला हूँ !मैंने कहा- मैं भी….

उसकी निकर की चैन पूरी खुल गई और उसका मोटा सा गोरा लण्ड बिस्तर से चिपका हुआ था, उसका लाल सुपाड़ा ठीक से तो नहीं, पर बिस्तर के बीच दबा हुआ थोड़ा सा नजर आ रहा था. मेरे माँ-बाप तो जान से मार देते मुझे और वो खुद भी कहाँ किसी को मुंह दिखाने के क़ाबिल रहते. रानी बार-बार अपने चूतड़ उछाल कर मेरे मुँह पर धकेलती और मैं अपनी जीभ उसकी चूत में और अन्दर तक डालता।मजा आ गया उसकी चूत का स्वाद ले कर.

जब भी किसी को जरूरत होती है वो मुझको बुलाती है और मैं उसकी सेक्स की जरूरत को पूरा करता हूँ.

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उसके बाद कुछ बीयर और पी और उसने स्कूल टाइम तक मुझे खूब चोदा और मुझे कच्ची कलि से फूल बना दिया, वो भी तीन बार चोद कर!मुझे चलने में मुश्किल हो रही थी. ’मेरी बात सुनते ही वो दरवाजा खोल कर बाहर चला गया और तीन-चार मिनट बाद ही वापस आ गया.

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बेटे के कमरे तक वहाँ से कोई आवाज भी नहीं आयेगी लेकिन हमें दोपहर के खाने के बाद बेटे के सोने तक इन्तजार करना पड़ेगा. चल जल्दी से बता!”तुम पहले वादा करो कि तुम किसी को भी नहीं बताओगी!”अरे बाबा, मुझ पर भरोसा रखो, मैं किसी को भी नहीं बताऊँगी. छोटी बच्ची की नंगी सेक्सी वीडियो‘भाभी, देखो तो आपकी टांगें चुदने के लिये कैसी उठी हुई हैं… अब तो चुदा ही लो भाभी…!’‘देवर जी ना करो! भाभी को चोदेगा… हाय नहीं, मुझे तो बहुत शरम आयेगी…!’‘पर भाभी, आपकी टांगें तो चुदने के लिये उठी जा रही है’ उसने लण्ड को मेरी चूत की तरफ़ झुकाते हुये कहा.

तूने भी तो लण्ड के मज़े लेने को ही मेरे से अपनी चूत चुदवाई है तो फिर मुझे क्यों नहीं अमिता की चूत दिला सकती है तू?वो बोली- नहीं!फिर मेरे जिद करने पर वो राज़ी हो गई पर बोली- मेरी चूत भी मारनी होगी! कहीं उस रण्डी के चक्कर में मेरी चूत को ही भूल जाये?मैंने कहा- नहीं मेरी जान! तेरी चूत को कैसे भूल सकता हूँ मैं?तो अगली रात उसने अमिता को भी साथ में सुला लिया और अब हम तीनों साथ में थे. क्या पता फिर मौका मिले ना मिले? मैं उनके मम्मे चूसे ही जा रहा था और एक हाथ से चूत सहला रहा था.

और कितना दर्द हो रहा है…उनकी चूत से मेरा सफ़ेद पानी और उनका पानी बह रहा था, चूत का मुँह भी खुल गया था…वो उठ भी नहीं पा रही थी, किसी तरह मैंने उन्हें उठाया और बाथरूम ले गया. वो अकेली है और रिवॉल्वर भी उसके पास नहीं दिख रहा ! वो साड़ी में है।मुस्तफा- अबे तू इन कमीनी पुलिस वालियों को नहीं जानता ! साली पैंटी में रिवॉल्वर रखती हैं ! चल एक काम कर ! अपने आदमियों से बोल की बीच सड़क पर मोना और उस दूसरी लड़की को नंगा करके उनका देह शोषण करके मेरे पास लेकर आओ।अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर आते रहिए … और मुझे मेल करें।. फिर तो बहादुर के हथौड़े से लन ने रीटा को कसमसाने की भी जगहा नहीं दी और चूत की चूलें हिला दीं.

शाम का अन्धेरा छाने लगा था, सब लोग काम में लगे हुए थे, मैंने उसे छत पर आने का इशारा किया. खुले गले में से उफनते उरोजों की छोटी छोटी गुलाबी चुचकियाँ बहादुर की आँखों से लुका छिप्पी खेल रही थी. राजा अब झड़ने वाला था… राजा ने एक झटके से अपना लण्ड फिर मेरी चूत में पेला और झड़ने लगा…आगे बढ़ कर मेरे होंठ चूसने लगा… उसने मेरी चूचक मसले … और मेरे अन्दर ही झड़ गया… उसके बाद वो मुझ पर से हट गया.

मगर मुझे परवाह किसकी थी… उसकी कसी गाण्ड में मैंने अपना लंड डालना चालू रखा और पूरा अन्दर तक डाल दिया… फिर धीरे से बाहर निकाला और एक झटके से अन्दर डाला। उसकी गाण्ड को चोदने में मुझे बहुत मजा आ रहा था… एकदम कसी हुई गाण्ड और मेरा मोटा लंड… मैं तब तक उसकी गाण्ड को चोदता रहा जब तक कि वो ढीली नहीं पड़ गई.

मैं उसके बालों से खेलते हुए उसके लंड को सहलाने लगी…………और सोच रही थी कि सोमा को गाली दूं या……. उधर शायद राजू भी चूत चूस चूस कर थक गया था इसलिए वो भी उठ कर खड़ा हो गया और मेरे मुंह के पास लंड ला कर बोला ‘प्लीज़ जान मेरा भी तो चूसो.

तो मैं झिझक गया…नहीं कुछ तो नहीं! आप इतनी सुन्दर हैं कि कोई भी आपको देखता ही रह जाएगा!उसने अपना हाथ गेयर की तरफ बढ़ाया और मेरी घुटने पर रख दिया. बहादुर ने रीटा को सामने पड़ी चारपाई पर उल्टा लिटा कर रीटा की जांघों को डरते डरते सहलाते बोला- बेबी, कुछ आराम आया?सेक्सी कहानी बाकी है अभी![emailprotected]. आंटी ने कहा- हैरी, तुम कपड़े बदल लो!मैंने कहा- ठीक है आंटी, पर जल्दी में मैं कपड़े लाने भूल गया.

पर मैं उस आदमी के नीचे काम नहीं करना चाहता था जिसने मेरी बहन को अपने दूसरे नौकर के साथ मिलकर चोदा था, मगर मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था क्योंकि एक लेक्चरार की सेलरी पर काम करना मुश्किल था इसलिए अगले ही दिन मैंने कॉलेज से छुट्टी ली और श्यामलाल के ऑफिस चल पड़ा. ?इस बार मोना ने जवाब देने की जगह एक ऐसा हमला कर दिया जिसका अब्बास सपने में भी नहीं सोच सकता था… उसने अब्बास को बातों में लगा कर अचानक ही एक कराटे वाला वार अब्बास के लण्ड पर किया… वो इतनी ज्यादा ज़ोर से चीखा कि पूरा कमरा उसकी चीख से गूँज उठा… पिछली बार मोना ने उसकी गाण्ड में डण्डा देकर उसके मुँह से जो चीख निकलवाई थी. उसका मूसल जैसा लौड़ा मेरी दोनों जांघों के बीच फंसा हुआ था और चूत में घुसने को बेताब था.

विदेशी इंग्लिश बीएफ मस्ती में आ रीटा अपनी चिकनी चूत और गाण्ड को भींचने और खोलने लगी तो बहादुर ठगा सा टकटकी बांधे शहर की लौंडिया की कयामत सी खूबसूरत, तन्दरूस्त, पनीयाई हुई और गुलाबी सुकड़ती फैलती चूत और गाण्ड देखता रह गया. मैंने जब पहली बार दीदी को देखा था तब से ही यह इच्छा मेरे मन में थी, पर वो उम्र में बड़ी थी और गुस्से वाली भी थी.

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पर आजकल तो प्यार को सिर्फ जिस्मानी मिलन का रूप दे दिया है…उसकी रश्मि वाली बात सुन कर मुझे उसकी कोई बात सुनाई नहीं दे रही थी … मन ही मन मैं रश्मि को कोस रही थी. भोसड़ी के अबे … दर्द हो रहा है इसे निकालो मेरी गांड फट जायेगी बहुत दर्द हो रहा है…. हाय राम! इतना मोटा! इतना लम्बा… मैंने उसे पकड़ कर उसका जायजा लिया और झटके से छोड़ दिया.

मैं भी उसका साथ दे रही थी… मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी… नीचे उसने लुंगी और कच्छा पहना हुआ था… उसकी लुंगी भी मैंने खींच कर निकाल दी।अब उसका कच्छे में से बड़ा सा लण्ड मेरी जांघों में घुसने की कोशिश कर रहा था…उसने भी मेरा कुरता उतार दिया और मेरी सलवार भी उतार दी…अब में ब्रा और पैंटी में थी और वो कच्छे में. अमीरों के कितने मज़े है रोज़ ऐसी मेम चोदने को मिलती होगी…आज मेरे गरीब लंड का लोटरी लग गईमैंने मेम को घोड़ी बना दिया और अपने पीछे से चढ़ गया. आंटी बीएफ आंटी बीएफमैंने देखा कि उसकी आँखें बंद हैं तो मैंने अपने लंड को उसकी चूत के मुँह पर रखा और अपने होंठों को उसके होंठ पर और जोर से धक्का दिया, लंड थोड़ा सा ही अन्दर गया, वो तड़प उठी और मुझे धक्का देने लगी मगर मैंने उसको पकड़ कर रखा था.

उसके होंठों का रस पीकर मेरे जिंदगी की प्यास चली गई। मैं उसे पूरे दस मिनट तक चूमता रहा था। फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और आखिरकार जिस पल के लिए मैं तरस रहा था, जिस पल को सपनों में देख कर पचास बार अपना लंड हिलाया था वो पल आ गया।मैंने उसके स्तनों को कस के दबाया और चूसने लगा।शीतल- उफ्फ्फ ! हाए ! ओह ओह ओह…क्या बात है केदार ! तुम बड़े प्यासे लग रहे हो.

वो बोली- सिर्फ देखते ही रहोगे या मुझे भी कुछ दिखाओगे?फिर मैंने कहा- आज तो सब कुछ तुम्हारा है…. और मैंने उसका बायां चुचूक होंठों से चूसना शुरू कर दिया और दायें पर उंगलियाँ चलाने लगा.

आराम से राज… तुम्हारा बहुत मोटा है…!” लण्ड की तारीफ़ सुन कर मैं मुस्कुराया और एक जोरदार धक्के के साथ ही पूरा लण्ड उसकी चूत में जड़ तक गाड़ दिया। लण्ड सीधा उसकी बच्चादानी से जाकर टकराया और वो उछल पड़ी। मैंने बिना देर किये धक्के लगाने शुरू कर दिये। हर धक्के के साथ शर्मीला के मुँह से आह्ह्ह… ओह्ह्ह… उफ्फ्फ्फ्फ़. सोनू ने हाथ से उसे नाकाम रोकने की कोशिश की- भैया… ये मत करो… मुझे शरम आ रही है… मुझे बेवफ़ा मत बनाओ!’ सोनू ने ना में हाँ करते हुए कहा. कोमल ही एक स्त्री के रूप में मेरे सामने थी, वही धीरे धीरे मेरे मन में छाने लगी थी.

जिन्दा तो तू उसको कभी नहीं लेकर जा सकेगा और अगर मेरे पुलिस स्टेशन में आएगा तो तेरा तो मैं वो हाल करूँगी कि कभी चल नहीं पाएगा !!इतना बोल कर मोना फ़ोन काट देती है और उधर आरती को होश आता है और वो मोना को बुलाने को कहती है।आगे जानने के लिए अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर आते रहिए….

श्यामलाल के पास कोई विकल्प नहीं था इसलिए उसने मेरे माता-पिता के सामने मेरी और तान्या के शादी का प्रस्ताव रख दिया जिसे मेरे माता-पिता ने मान लिया. मुझे बहुत डर लग रहा है। तुम आज रात को हमारे यहां आ कर पढ़ लो।मैं तो चाहता ही यही था इसलिए तुरंत ही तैयार हो गया और दो चार किताबें उठा कर उनके साथ हो लिया।उनके घर में घुसते ही मैंने देखा आंटी का टी. मामी क्या इस छेद को कभी किसी ने छेड़ा है?”नहीं नयन, ये तो मेरी चूत को हो नहीं चाटते! तो इसको क्या चाटेंगे!”मामी, मैं इसको चूसूंगा भी और बजाऊँगा भी!”मामी अब जरा मेरा लंड गीला तो करो!”मामी ने वापस मेरा लंड मुँह में लिया और चूसना चालू किया.

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कई कई बार तो रीटा सुबह सुबह स्कूल की बस चढ़ने से पहले लोगों की नजर बचा कर राजू के कमरे में घुस कर जिद्द करके खड़े खड़े एक टांग उठा कर चुपचाप चुदवा लेती थी. तो वो बोली- ठीक है!और मैं एक पक्के खिलाड़ी की तरह उसको जकड़ कर उसके होंठ चूसने लगा ताकि उसकी चीख मेरे मुँह में दब के रह जाए और उसकी गाण्ड के छेद में उंगली करते हुए उसको और ज़्यादा गरम किया. दस पन्द्रह मिनट में बाद फ़िर से मेरी कामवासना जागी तो देवर ने लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ कर मेरी चूचियाँ चूसते हुये अन्दर घुसे लण्ड पर झटके मारने लगा.

मैंने कहा- यहाँ सबसे अच्छी जगह है बिल्डिंग की सीढ़ियों में जहाँ कोई नहीं आता क्योंकि सब लिफ्ट प्रयोग करते हैं. दोनों पंजों के बल बैठते हुये मैंने उसके लण्ड को पकड़ कर छेद पर रखकर नीचे को जोर लगाया, सटाक से आधा लण्ड अन्दर सरक गया, धीरे धीरे सरकते हुये मैंने पूरा लण्ड अपनी चूत में ले लिया लेकिन ऊपर उठते हुये मेरी सिसकारी निकल गई. क्योंकि आप सभी लोग इतने समझदार तो है कि क्या क्या मैंने उसको समझाया होगा…जब उससे नहीं रहा गया तो मेरा लंड पकड़ कर खुद ही चूत में अपने अन्दर डालने की कोशिश करने लगी और मै उसको होंठों को चूमते हुए उसकी चूचियों को दबा रहा था। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर पढ़ रहे हैं।वो बोली- जान, अन्दर करो ना … मेरे नीचे आग से लग रही है….

उसके बाद शादी की वजह से मैं और दीदी दो दिनों तक सही से एक-दूसरे से बात भी नहीं कर पाये. उस वक़्त मेरी चूत कुंवारी थी लेकिन उसकी नहीं क्यूंकि उसने तो नौंवी कक्षा में ही लौड़े का स्वाद चख लिया था. एक रात शालू को चोदते समय मैंने शालू से कहा- मुझे अमिता की चूत मारनी है!तो वो नाराज हो गई और बोली- उस रण्डी की चूत क्या मेरी से ज्यादा अच्छी है?मैंने कहा- नहीं यार! चल उसे नंगी तो दिखवा दे!तो वो बोली- नहीं!मैं बोला- मैं तेरा पति नहीं हूँ, न ही हो सकता हूँ, यह तू भी जानती है.

तू घर पर अकेले क्या कर रहा है? ऐसे कविता ने पूछा।मैंने कहा- कुछ नहीं ! कम्प्यूटर पर काम कर रहा था…पर आज तुम तीनों मेरे घर अचानक. करीब 6-7 मिनट के बाद मैंने अनु का सर पकड़ कर उसकी स्पीड बढ़ा दी। अब मेरा हथियार अनु के गले तक जा रहा था। अनु की आँखे बाहर आने को तैयार हो गई।फिर मैंने उसे कहा- मेरा वीर्य छूटने वाला है.

मैंने फ़िर उसके बिना कुछ कहे अपनी नाईटी उतार दी और अब मैं बिल्कुल नंगी थी उसके सामने.

एक साथ दो लड़कों से चुदाई, आह्… कभी सपने में भी नहीं सोचा था, कि ऐसा स्वर्गिक आनन्द भरा सुख मुझे नसीब होगा. मोटा बीएफअगले दिन मुझे तान्या के घर पहुँचने की जल्दी थी, शाम के करीब पाँच बजे मैं तान्या के घर पहुँच गया और सीधा तान्या के कमरे में घुस गया. नंगी बीएफ फिल्म दिखाओजैसे ही मैंने दरवाजा बजाया तो योगी की छोटी बहन आयशा ने दरवाजा खोला, सुबह का वक्त होने की वजह से बाकी सारे सोये हुए थे तो मैं आयशा से बात करने लगा. मैंने नीची नजरे करते हुए रिंकी से कहा- सॉरी! रात को मैं नशे में था इसलिए मैं रिश्तों को भूल गया.

जब तक किसी लड़की की चुदाई नहीं होती, तब तक तो कोई बात नहीं, लेकिन लौड़ा खाने के बाद तो चूत हमेशा चाहती है कि कोई न कोई लौड़ा हमेशा उसमें घुसा रहे.

शगुन की रात से एक रात पहले सभी नाच रहे थे, लड़के अलग, लड़कियाँ अलग!नाचते-नाचते बहुत थक गई, पसीने से कुर्ती भीग गई. मुस्तफ़ा अपने बिल से खुद बाहर निकल कर भी सोनिया से मुक़ाबला कर चुका था … पर नतीजा उसको बुरी तरह मुँह की खानी पड़ी … उसको अब कोई भी रास्ता नहीं सूझ रहा था कि कैसे वो इन कानून के रखवालों से खुद को और अपने गैंग को बचाए. मैंने उसे सोफे के किनारे पर पैर लटका कर बिठाया और मैं नीचे ज़मीन पर घुटनों के बल बैठ गया.

घर में मैं अपनी मोटर साईकल से सब्जी उतार कर अन्दर रखने गया तो वो मेरे पीछे पीछे चली आई और मेरी पीठ से चिपक गई. कुछ दिन बीत गए, एक दिन मोना आंटी रात को घर आई और मेरी मम्मी से कहने लगी- बहन जी, सनी के जाने के बाद बिल्कुल भी दिल नहीं लगता अब! और मेरी तबीयत भी कुछ दिनों से अच्छी नहीं चल रही है. कमसिन है… यह मेरा रेशम जैसा बदन जो दिखने में रेशम जैसा चमकदार लेकिन छूने में मखमल जैसा नर्म और मुलायम…कल ही मेरी डेट्स खत्म हुई हैं, मैं अपने अंदर एक नई ताज़गी और सेक्स के लिए एक नई उमंग महसूस कर रही हूँ.

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अब हम दोनों आमने-सामने थे, उसका लौड़ा तो वापस चूत में घुसा हुआ था, मेरे दोनों बोबे उसकी बलिष्ट छाती से टकरा रहे थे, चूमा-चाटी का सिलसिला अनवरत जारी था, उसने अपने दोनों हाथ मेरी गांड के नीचे टिका रखे थे जिससे वो गांड को सहला रहा था तो कभी कभी उस पर चिकोटी भी काट रहा था, कभी गांड में अंगुली भी कर देता तो मैं उछल जाती. जिससे मेरी चूत को ही नहीं गाण्ड को भी दर्द हो रहा था… जैसे चूत के साथ साथ गाण्ड भी फट रही हो…मेरा पानी फिर से निकल गया… तभी उसका भी ज्वालामुखी फ़ूट गया और मेरी चूत में गर्म बीज की बौछार होने लगी… उसका लण्ड मेरी चूत के अन्दर तक घुसा हुआ था इसलिए आज लण्ड के पानी का कुछ और ही मजा आ रहा था…हम दोनों वैसे ही जमीन पर गिर गये। मैं नीचे और वो मेरे ऊपर…उसका लण्ड धीरे धीरे सुकड़ कर बाहर आ रहा था. पर हमारी बातें सिर्फ हम तक ही रहती थी… कोई भी बात चाहे वो यौन क्रीड़ाओं से सम्बंधित हो या फिर, नंगी साइटों से, या नंगी फिल्में हों हम सब कुछ आपस में बाँटते थे.

ओ मां… कितना मजा आ रहा था मैं यहाँ बयान नहीं कर सकती…जैसे ही उसका लण्ड मेरी चूत से बाहर आता.

एक दिन जब मैं कमरे में सोने आया तो मैंने देखा कि चिंकी की फ़्रॉक ऊपर उठी हुई है और उसकी काली पेंटी साफ दिख रही है.

रागिनी के कुछ समझने के पहले मैंने उसकी पतली कमर को पूरी ताकत से जकड़ कर एक धक्का लगा दिया. आखिर मैं समझ गया कि अब शायद ही उनसे मुलाकात हो इसलिए तलाश कर रहा हूँ कि फिर कोई लिफ्ट मांगे उसी रास्ते पर… विदा दोस्तो!मेल करें[emailprotected]. बीएफ हिंदी सेक्सी वीडियो हिंदीमैंने सोचा इससे पहले कि गांड का बाजा बज जाये, मुझे जीजू का लौड़ा चूत में डलवा लेना चाहिए, फटेगी तो फट जायेगी! कम से कम गांड तो सही-सलामत रह जायेगी.

”ओह दीदी, आप के सामने तो मैं कुछ भी नहीं, पता नहीं जिज्जाजी आपको क्यूँ नहीं चोदते. मेरा लंड प्रचंड हो चुका था… पूरा लोहे का गरम रॉड… असाधारण और अनियंत्रित। मुट्ठ मारने की तीव्र इच्छा हो रही थी. ‘नहीं, कोई बात नहीं… मन की आग थी… निकल गई!’उसने नजर नीची करके कहा- अभी जाना नहीं, मैं चाय बना कर लाती हूँ… मेरे पास कुछ देर बैठना…’वो चाय बनाने चली गई.

जानने के लिए पढ़ते रहें राजा का फरमान” कई भागों में समाप्त…!मुझे अपनी प्रतिक्रियाएँ[emailprotected]पर भेंजें!इन्स्टाग्राम : Vrinda_venusकहानी का अगला भाग:राजा का फ़रमान-2. फिर उसके साथ सेक्स बहुत बार हुआ और वो मेरे जीवन से मस्त जुड़ गई और उसने अपना जिस्म मेरे सिवा आज तक किसी और को नहीं दिया.

’‘चलो अब भोजन कर लो… म्हारे तो यो देखो, कैसी सूजन आ गई है, बट एन्जॉयड वेरी मच!’‘अरे तुम तो अन्ग्रेजी जानती हो?’‘माय डियर आय एम ए पोस्ट ग्रेजुएट इन बोटेनी!’ वो इतरा कर बोली.

लेकिन वो दोनों कुछ शरमा रहे थे इसलिए पहल मुझे ही करनी पड़ी और मैंने दीपू के गले में हाथ डाल कर उसके होंठ चूसना चालू कर दिए. मगर उसका लण्ड तो जैसे कभी झड़ने वाला ही नहीं था…मैं अपनी गाण्ड को जोर जोर से ऊपर-नीचे करने लगी. नही… तो मैं तो बस… ऐसे ही?’‘हम्म… पर मैंने देखा था कि तुम तो अपने उसको पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से हिलाते भी हो?’‘वो.

सनी लियोन एक्स एक्स एक्स पिक्चर दस मिनट बाद मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया तो मैं बोला- इस बार भी मुँह में निकालने का इरादा है?तो वो शरमा कर बोली- नहीं! इस बार मैं तुम्हें जन्नत की सैर करवाऊँगी!और उसने मेरे पूरे बदन को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया. इस तरह रीटा और राजू का चौदम चुदाई का सिलसिला जारी रहा और रीटा को तो सही मायनों में चुदाई की लत लग गई थी.

आह !इस बार लंड का सुपारा थोडा अन्दर गया तो उसके मुह से एक आःह्ह्ह निकली……फिर थोड़ा जोर लगाया तो दो इंच लंड घुस गया लेकिन उसको दर्द होने लगा…जैसे ही थोड़ा और धक्का लगाया तो वो पैर पटकने लगी, उसकी आँखों से आँसू बहने लगे और कहने लगी- प्लीज़ बाहर निकालो ! मैं मर जाउंगी…. बहुत देर तक रानी की चूत का मजा ले कर मैंने सोचा और रानी को अपने मूसल लंड का मजा भी दे दिया जाये…मैं पलटा और अपने लंड को रानी के मुँह के सामने ले गया… बस फिर क्या था, खूंखार शेरनी की तरह रानी ने फ़ौरन मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी. एक परिवर्तन मुझमें और आ गया था, पहले मुझमें अपने शरीर को लेकर काफी संकोच था, मैं अपने शरीर को काफी छुपा कर रखती थी लेकिन जीजू से चुदाई के बाद मेरे मन में यह लगने लगा कि ज्यादा से ज्यादा लोंडे मेरे शरीर को देखें, इसलिए मैंने अपने पहनावे में भी बदलाव कर दिया.

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अब विपुल ने मुझे चूतड़ों के बल लेटा दिया और अपना फनफनाता लौड़ा लेकर मेरे ऊपर चढ़ गए और कहने लगे- अब नीविया लगाकर इसको चिकना कर दे. मैं वहीं बैठ गया और रोते हुए सोचने लगा कि भैया के रहते हुए भाभी को इसकी क्या जरूरत पड़ गई. बहादुर के हाथ रीटा की मखमली और कठोर नारंगियों को नोचता बोला- हाय बेबी, तुम तो बिल्कुल बंगाली रसगुल्ला हो.

एक छोटी सी घुंडी निकलने को आतुर हो रही थी… और उसके नीचे था कुछ दो-ढाई इंच का चीरा…छोटे-मोटे झरने की तरह बहता हुआ…मैंने नेहा के दोनों नितम्ब थामे और उस घुंडी को कुरेदने लगा…नेहा लगभग उछल रही थी… और उसी सामंजस्य में उसके दोनों घटक उछल रहे थे… कुछ देर तक योनि-कलिका को कुरेदने के बाद मैंने जीभ को पूरा चौड़ा करके दरार पे फ़िरा सा दिया. आंटी कहने लगी- चल हट हैरी! जरा अब मेरी चूत चाट!मैंने कहा- नहीं मैं नहीं चाटूँगा!आंटी ने कहा- चाट ना! चटवाने का बहुत दिल कर रहा है!मैंने कहा- नहीं, ये बाल मेरे मुंह में जायेंगे, मुझे उल्टी हो जायेगी.

फिर हम लोग बिस्तर पर लेटे, मैंने उसे बातो-बातो में छुआ तो उसने कोई विरोध नहीं किया.

ये खूबसूरत और बहुत ही उत्तेजक हैं।’कहते हुए मैं उसकी गांड और चूत चोदने लगा… करीब बीस मिनट से ज्यादा हो गया था।रागिनी कहने लगी- मेरे पैर दुःख रहे हैं. शगुन की रात से एक रात पहले सभी नाच रहे थे, लड़के अलग, लड़कियाँ अलग!नाचते-नाचते बहुत थक गई, पसीने से कुर्ती भीग गई. मैं चूमते हुए उसकी चूचियाँ दबा रहा था और धीरे से उसकी चूत को सहलाने लगा, उसके मुँह से सेक्सी-सेक्सी आवाजें निकलने लगी… धीरे से मैंने उसको बिस्तर पे लिटाया और कपड़े उतारने लगा, लेकिन उसने कहा कि वो शादी के पहले सेक्स नहीं करना चाहती.

’‘अरे ये क्या… चलो बाहर चलो…!’‘अरे आ तो सरी… ये देख… लाण्डो तो देख, भड़वा का उठे ही को नी… भेन चोद!’उसने उसके पास जाकर उसका ढीला ढाला लण्ड रबड़ की तरह पकड़ कर हिला दिया. ”मैंने आंखें बंद कर ली और कह डाला,”आई लव यू !”और उसने बहुत ही सहजता से जवाब दिया,”मैं भी !”और इस बार मैंने पहला कदम उठाया. अगर कोई एम एम एस ‘वाट दा फ़क’ के नाम से मिले समझना कि वो आपकी श्रेया की है …मैंने फिर जोजो का फ़ोन नहीं उठाया … आपका फोन ज़रूर रिसीव करुँगी पर आप तो ऐसा धोखा नहीं दोगे ना?.

मैंने मौका देखा और बिना किसी हिचक चाची की भारी चूचियाँ पकड़ ली और दबाने लगा- चाची, आप जो हो ना, प्लीज मेरा कंवारापन तोड़ दो!वो मेरा हाथ अपनी चूचियों से हटाने लगी.

विदेशी इंग्लिश बीएफ: फिर उसके साथ सेक्स बहुत बार हुआ और वो मेरे जीवन से मस्त जुड़ गई और उसने अपना जिस्म मेरे सिवा आज तक किसी और को नहीं दिया. बात यह है कि…’‘अरे बोल ना! शरमा क्यों रहा है?’‘चाची… बात यह है कि जब से मैंने तुम्हारे होंठों का रस चखा है मेरी रातों की नींद उड़ गई है.

और आख़िर में लंड को उसकी चूत के अन्दर गहराई में रख कर एक मिनट तक पिचकारी मारता रहा. उसने मेरी कमीज़ उतार दी और अपनी भी! उस ने मेरी स्कर्ट उतार फेंक दी मुझे ब्रा पेंटी में देख उसका लौड़ा हिलने लगा. क्या करूँ? हूँ तो लड़का ही ना सबकी नज़र में!वहाँ बाथरूम में मैंने अपने उतार कर ब्रा और पेंटी पहन ली.

!!सिपाही के जाते ही मैं भी रानी के वेश में कमरे से बाहर निकली, ताज्जुब की बात तो यह थी कि कहीं पर भी कच्छी और ब्रा नाम की चीज़ नहीं थी, मैं महारानी के वस्त्रों में तो थी पर अन्दर से एकदम नंगी ! मेरे चूचे चलते-भागते हिल रहे थे, कि तभी मैं एक जगह जाकर छुपी….

मैंने उसके बाद सिर्फ़ सेक्सी साइट्स और कहानी ढूंढनी शुरु कर दी और मेरे सामने तो दरवाज़े खुलते चले गये. अब अंकल की आँखों में मुझे एक अजीब सी चमक नज़र आ रही थी और मम्मी की आँखों में एक नशा सा दिखाई दे रहा था. मैंने देखा तो गौरी भी अपने कपड़े उतार कर अपनी चूचियाँ मल रही थी, एक अंगुली अपनी चूत में डाल रखी थी और आहें भर रही थी.