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फिर धीरे से मैंने आगे को झुक कर उसके चुचूक को मुँह में ले लिया और जोर से चूसने लगा. सेक्सी लंबे लंड वालीवो मेरा इशारा समझ गई और कहा- तुम किसकी बात कर रहे हो?तो मैंने कहा- तुम मेरी गर्ल-फ़्रेन्ड बन सकती हो?मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा- मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ.

फिर मैंने उसकी साड़ी ऊपर करके उसकी चूत में उंगली डाल दी और जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगा और वो मस्ती में मेरे लंड को रगड़ने लगी.हिंदी बीएफ पिक्चर देखना: अब्बास के चेहरे पर जीत के भाव साफ़ नज़र आ रहे थे, वो जोर से हंस रहा था और बोल रहा था मोना से- अरे जेलर साहिबा, तुम तो बड़ी नाज़ुक साबित हुई… मुक़ाबला लड़ने से पहले ही हार गई? मोना कुछ नहीं बोली, वो जानती थी कि वो जो बोलेगी उसका जवाब अब्बास के पास ज़रूर होगा क्योंकि अब्बास बहुत फायदेमंद हालत में था इस वक़्त.

आज मेरी मुराद पूरी हो गई… ऊह् ऊओह् मेरा होने वालाआ है! और ज़ोर से!मैं उनके पूरे बदन को चूम रहा था, काट रहा था.थोड़ी देर में मुकेश मेरे सामने आया और बोला- आँखे खोल!मैंने डर के मारे आँखे खोली तो दंग रह गई, सामने मुकेश का 10 इंच का लौड़ा किसी फन फहराते सांप की तरह लहरा रहा था.

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वहाँ पर करीब 12 बजे तक रक्षिता के भैया पतंग उड़ा कर अपने दोस्त के घर चले गए साथ में भाभी को भी लेकर गए…मुझे तो मजा आ गया…मुझे अब रक्षिता को चोदने का मौका मिलने वाला था.मैं तो निहाल हो गई, मुकेश मेरी चूत को चूसने लगा, मैं मुकेश के सर पर हाथ फिराने लगी.

चल जल्दी से बता!”तुम पहले वादा करो कि तुम किसी को भी नहीं बताओगी!”अरे बाबा, मुझ पर भरोसा रखो, मैं किसी को भी नहीं बताऊँगी. हिंदी बीएफ पिक्चर देखना वो एक बार और अपने हाथों को अब्बास से छुड़ाने में पूरा ज़ोर लगाने लगी पर पूरी कोशिश करने के बाद भी अब्बास की पकड़ बिल्कुल भी ढीली नहीं हुई।जब अब्बास ने अपने होंठों को मोना के होंठों से चिपकाया … तभी मोना ने चालाकी से अपने सीधे पैर से उसके के लिंग पर वार करने का सोचा और जिसके लिए उसने अपना पैर थोडा पीछे किया… अब्बास सचेत था और वो उसके इस वार को पहले ही समझ गया कि वो क्या करने जा रही है.

और अचानक से उसने मुझे नीचे से झटका दिया… और और उसने धक्के लगाने शुरू कर दिए…उसने मेरे दर्द की तनिक भी परवाह नहीं की…बल्कि वो मेरा दर्द भरा चेहरा देख और कामोत्तेजित हो उठ रहा था.

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sandeep13जिन लोगो ने मुझे पहले जोड़ा था, कृपया वो फिर से जोड़ लें, पुराना अकाऊँट फेसबुक ने बंद कर दिया है।. थोड़ी देर मैं वैसे ही रहा, उसने भी लम्बी साँस ली, फिर मैंने लंड चूत से निकाला तो उसने उसे चूसा थोड़ा. मैंने धक्का देकर भाभी को बिस्तर पर पटक दिया और अपना मुँह उनके स्तनों में गड़ा दिया और स्तनपान करने लगा.

सवेरे सात बजे जब नीना की नींद खुली तो उसका बदन में मस्ती समाई हुई थी और मेरे करीब आकर जोरदार चुम्मी लेते हुये मुझे ‘थैंकयू’ बोला. ?” उसने शरमा कर अपनी नज़रें झुका लीं!मैं जानता था कि रश्मि तो अभी बिलकुल कोरी है। मैंने पूछा प्लीज बताओ न?”वो शरमाते हुए बोली,”किया तो नहीं पर………!”पर क्या………. वो था दिसम्बर 24 और मैंने उसे हाँ कह दिया… हमारे प्यार की गाड़ी चल निकली।(हालाँकि मैं सिर्फ उसे चोदना चाहता था पर वो यह नहीं जानती थी)फिर उस दिन मैंने उसके गाल पकड़ कर उसके माथे पर चूम लिया.

मैंने जल्दी से बाहर की अलमारी से एक लोअर और एक टी-शर्ट पहन कर दरवाजा खोला, सामने दिव्या खड़ी थी।आगे क्या हुआ…. लगभग दस मिनट तक ऐसा करने के बाद हम अलग हुए तो मैंने पूछा- आपकी मम्मी आने वाली होंगी?तो वो बोली- अभी उनका ही फ़ोन था, उनको आने में देर होगी तो हम मज़े कर सकते हैं. अगले एक सप्ताह मैं उसके ऑफिस के सामने से काफी रुक रुक कर निकलता था कि शायद मुझे वो दिख जाए पर शायद मेरी किस्मत काफी खराब थी.

दीदी ने कहा- क्या हुआ? क्या सोच रहे हो? चोदासन सिखा रहे हो या मैं सिखाऊँ?अब मुझे ग्रीन सिग्नल मिल चुका था पर मैंने ऐसे ही कह दिया- तुम्हारे भाई को पता चल गया तो?फिर दीदी ने बताया- वो नेपाल गया है…. गर्ल फ्रेंड नहीं पर महिमा मुझे अच्छी लगती है…”अच्छा… और उसे तुम अच्छे लगते हो ?… ”हाँ मैम… मुझसे बात भी करती है और मुझे ललचाई नजरों से देखती है ”ठीक है… कल मैं उसको यहाँ बुलाती हूँ…या कल तुम उसे यहाँ ला सकते हो?मैम ऐसे कैसे मैं ला सकता हूँ उसे? आप ही बुला लो यहाँ !वो चुद जाएगी तुमसे ?अगर आप हेल्प करोगी तो वो जरूर आ जायेगी.

”मेरा लौड़ा तो चिकना हो ही रखा था, मैंने जैसे ही लगाया, मुझे लगने लगा कि आज मेरा लौड़ा छिल जायेगा क्योंकि ६-७ इंच का बड़ा लौड़ा भी छिद्र तक नहीं पहुँच रहा था, बस इतनी मोटी दरार में ही फँस गया ……और पारुल जान ने सिर्फ 2-3 धक्के ही मारने के लिए गांड आगे पीछे की थी कि मेरी पिचकारी छुट गई……और पूरा माल गांड से बाहर बहने लगा।चाची ने फिर मुझसे वादा लिया,” बेटा, मुझे हमेशा चोदोगे न….

और मेरी चूत चाटने लगा उसकी ये अदा मुझे बहुत पसंद आई क्यूँकि मेरे बॉस ने अपना लण्ड मुझसे बहुत बार चुसवाया था मगर मेरी चूत चाटने से मना करते थे.

बहादुर के मोटे घीये जैसे लण्ड ने रीटा की चूत के बखीये उधेड़ के रख दिये, हिचकोले खाती नन्ही रीटा किसी छिपकली सी बहादुर से चिपकी और बहादुर के कन्धे में दांत गड़ाये अपनी चीखों को दबा कर बहादुर के लण्ड की पिटाई की पीड़ा पी गई. उन की इस हरकत को देख मैंने उन्हें अपने ऊपर खींच लिया, अपनी बाहों में समेट लिया और उन की चूचियाँ दबाता, चूमता तो कभी उन की ग़ाण्ड पर हाथ फेर उसे दबाता. करीब 10 मिनट बाद मैंने कहा- आंटी, मेरा निकलने वाला है!तो आंटी ने कहा- मेरे मुंह में झरो!तो मैंने अपना सारा पानी आंटी के मुंह में डाल दिया, आंटी सारा पानी पी गई और मेरे लंड को पूरी तरह से साफ़ कर दिया.

तभी मुझे उस रात की याद आई जब घर पर मेरे और भाभी के अलावा कोई नहीं फिर भी मुझे भाभी के कमरे से भाभी और उनके साथ किसी मर्द की आवाज आई थी. उसके चूचे मेरे सीने से रगड़ खा रहे थे, उसका दिल भी जोर से धड़क रहा था, वो मेरी आँखों में देखने लगी. जब राजू लौड़े को बाहर खींचता तो रीटा अपनी चूत की फाँकों को ज़ोर से सुकौड़ कर लौड़े को पकड़ सा लेती.

मैंने उससे पूछा- जान! क्या बात है? आज मन नहीं है या कुछ और कारण है?मोना बोली- एक परेशानी हो गई है! मेरी दीदी को सब कुछ पता चल गया है और वो कह रही है कि वो यह बात सबको बता देगी! संजय, मुझको बहुत डर लग रहा है! कुछ करो!मैंने उसको समझाया कि मैं कुछ करुंगा और उसको प्यार करके घर भेज दिया.

” दुल्हन यह सुन कर हक्का-भक्का रह गई।उसने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। इस बीच ठंडा राम बाथरूम से बाहर आ गया। उसने पूछा,”क्या हुआ भाभी जी? आप इस तरह क्यों चिल्ला रहीं हैं?”सचमुच एक नंग-धड़ंग व्यक्ति सामने आ खड़ा हुआ।कौन हो तुम…? तुम अन्दर कैसे आये ? ” दुल्हन के प्रश्न पर दोनों भाई जोरों से हंस पड़े।कहानी आगे जारी रहेगी।. उसकी कुँवारी चूत चोदने में मुझे स्वर्ग का मजा मिल रहा था क्यूंकि चोदा तो 10-11 चूतों को था पर इतनी जवान, इतनी कमसिन, इतनी कम उम्र और इतनी फ्रेश कोई नहीं थी. मैंने अपना सारा पानी उसकी चूत में भर दिया और उसके साथ सो गया!उस रात के बाद जब भी मौका मिलता, हम सेक्स कर लेते थे.

फिर तो बहादुर के हथौड़े से लन ने रीटा को कसमसाने की भी जगहा नहीं दी और चूत की चूलें हिला दीं. यह तो सही है कि मैं चुदने को बेताब थी लेकिन इतनी भी नहीं कि एक ऑटो ड्राईवर ही मेरे से छेड़खानी की सोचने लगे. फिर राजू के डैडी की ट्रांसफर किसी और शहर में हो गया और राजू वहाँ से दूसरे शहर में चला गया.

‘तो फिर आओ… आपकी इच्छा पहले!’ मैंने राधा को फिर से अपनी बाहों में उठा लिया और बिस्तर की ओर बढ़ चला.

कुछ देर के बाद ज्योति योगी के कमरे में आई और बोली- आज मैं कॉलेज से कुछ देर से वापिस आऊँगी!पूछने पर उसने बताया कि करीब 11 बजे तक आएगी क्योंकि उसके एक दोस्त का जन्मदिन है और कॉलेज से सीधा ही डिस्को निकल जायेंगे. वेदांत : आ जा ! मैं भी अकेला हूँ ! साथ में खाते हैं…मैंने लंच उठाया और उसकी क्लास में चली गई.

हिंदी बीएफ पिक्चर देखना रीटा के गोरे-गोरे बदन पर राजू के चुम्बनों की मुहरें, दांतों के नीले नीले कचौके, हाथों के ठप्पे, ऊँगलियों की धसावट, घुटनों और कोहनियों पर कारपेट की रगड़ के लाल निशान गीली जांघें बहुत ही लुभावनी लग रही थी. बस यही सोच कर मैंने अभी तक 28 चूतें मारी हैं और हर चूत वाली को संतुष्ट किया हैं।तो अब असल कहानी पर आते हैं।मैं गाँव गया तो मैंने पूरा दिन घूम कर बिता दिया.

हिंदी बीएफ पिक्चर देखना मुझे फिर से दर्द होने लगा था… आधे से ज्यादा लण्ड अंदर जा चुका था… मेरा दर्द बढ़ती जा रहा था। मैंने फिर से उसका लण्ड पकड़ लिया और रुकने को कहा. मुझे उसकी चूत से कुछ बहने का अहसास हुआ, नीचे देखा तो उसकी चूत पूरी खून से भरी हुई थी.

मुकेश का लौड़ा चूसते चूसते मेरा हलक सूखने लगा था लेकिन मेरी चूत तरबतर हो गई थी और शरीर में एक अजीब सी उत्तेजना भर गई थी, मैंने मुकेश से कहा- मेरा हलक सूख रहा है!मुकेश ने कुछ सोचा और फिर मेरे मुँह को कसकर पकड़ लिया और उसमे पेशाब की धार छोड़ दी.

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मुझे वहाँ देख कर शरमा गई- भैया… अब देखो ना… मेरे सिर में दर्द होने लगा है… जरा दबा दो…’मेरा लण्ड जोर मारने लगा था. उस दिन उसने गहरे नीले रंग की कसी जींस पहनी थी और गुलाबी रंग का कसा टॉप पहना था। क्या मस्त लग रही थी ! मुझे तो इच्छा हो रही थी अभी बाहों में लेकर चोदना शुरू कर दूँ. मैं उन के वक्ष को सहलाते सहलाते उन्हें चूमने लगा, उनके गोरे गालों पर, गले पर हर जगह! माँ भी मेरा पूरी तरह साथ दे रही थी, वो भी मुझे चूमने लगी.

यही नहीं, जीजू ने अपना एक हाथ मेरी छातियों पर रख दिया और दूसरे हाथ से मेरे चूतड़ों को मसलना शुरू कर दिया. मैंने हाथ बढ़ाया, जैसे ही उसने रूमाल लेना चाहा…मैंने कसकर उसे खींच लिया और सीने से दबोच कर छिपकली की तरह चिपका लिया।इससे पहले वो कुछ बोलती मैंने उसके होंठ अपने होंठों से कस दिए।उसकी सलवार पैरों पर नीचे जमीं पर गिर चुकी थी, वो छूटने के लिए मचल उठी. कुछ दिन बीत गए, एक दिन मोना आंटी रात को घर आई और मेरी मम्मी से कहने लगी- बहन जी, सनी के जाने के बाद बिल्कुल भी दिल नहीं लगता अब! और मेरी तबीयत भी कुछ दिनों से अच्छी नहीं चल रही है.

। उसने मुझे फिर बाहों में भर लिया और मेरे ऊपर आ गया। मुझे हैरानी थी कि वो तो फिर तैयार हो गया था। ओह.

”मैंने उसे नंगी ही लिपटा लिया…कोमल बेटी… शुक्रिया… तूने मेरे मन को समझा… मेरी आग बुझा दी. साथ देखने की हिम्मत अभी तक नहीं थी…उसी दौरान उसकी दादी का देहांत हो गया वो तीन दिन तक स्कूल नहीं आया…सभी मुझसे पूछते थे. इस बीच मैं उसके बहुत चक्कर लगा लेती हूँ, पर कभी ऐसा कोई मौका ही नहीं आया कि विपिन पर डोरे डाल सकूँ.

लड़कियाँ आपस में हंसी मज़ाक कर रहीं थीं और उनके कपड़ों में से उनके छिपे हुए अंग नज़र आ रहे थे। कुछ लड़कियों ने तो ऐसे कपड़े पहने थे कि उनके गहरे गले में से उनके चुचूक तक दिख जाते थे। मुझे मज़ा आ रहा था और मैं मन ही मन ज़ाहिरा का शुक्रिया अदा कर रहा था। लड़कियों के ऐसे नज़ारे देख कर मेरा लण्ड खड़ा हो गया था, मैंने सोचा एक बार चल कर देखा जाये ज़ाहिरा सोई या नहीं।मैं सीधा तम्बू के अन्दर चला गया. रीता ने उसके चूचुक खींचने और घुमाने चालू कर दिए।कामिनी का मुंह खुलने लगा… आहें बढ़ने लगी। अचानक ही उसने रीता का हाथ हटा दिया और राहुल को खींच कर अपनी बाहों में भींच लिया,” मैं गई मेरे राज़ा… गई आआह… ” उसने अपने होंठ भींच लिए. उसकी ब्रा को नीचे किया तो उसके उरोजों को गुलाबी रंग के चूचुक काफी सुंदर लग रहे थे.

चित्रा को सब पता था इसलिए वो चली गई और फिर मैं और दीदी उसके बाद बाथरूम में जाकर एक-दूसरे को साफ करने लगे. ”मैं गुस्से से पागल हो गई और वहीं दरवाजे के सामने खड़े हो कर बोली- तू कौन सा शरीफों वाला काम कर रही है…….

मैंने काफी देर तक उसे अपनी चुन्चिया देखने दी…मुझे अब विश्वास हो गया कि वो गरम हो चुका है. बाजी ने लौड़े की चमड़ी को हटाया तो उनका सुपारा देख कर बाजी अपनी ज़बान से चाटने लगी. लण्ड में एक कॉण्डम लगाया और उसको बताया कि हम जब चुदाई करंगे और अगर ग़लती से भी मैं झड़ने के समय चूत से लण्ड ना भी निकालूं तो मेरा पानी जो कि तुम्हारे ऊपर मूठ मारते समय गया था, वो इसी के अंदर रह जायगा और किसी भी हालत में बच्चा नहीं होगा.

उसकी आँखों में फिर से वही ज्वालामुखी सा गुस्सा उबाल मारने लगा…मैं : तू टेंशन मत ले ! शांत हो जा.

आंटी के जबरदस्ती करने पर मैं मान गया और उनकी चूत चाटने लगा, नमकीन सा कसैला सा स्वाद था. ’मुझे लंड चूसने में मज़ा आ रहा था इसी बीच में दीपू ने भी अपने कपड़े खोल दिए और मेरे पास आ कर मुझे चूसते हुए देखने लगा. भगवान् ने मुझे उसकी दोस्ती से नवाज़ा … मैं इतने में ही खुश थी… सुखी थी…बाद में उसे एक लड़की पसंद भी आई थी.

मुझे मौका मिला कि मैं सोनू को बहका कर उसे थोड़ा और खोलूँ ताकि हमारे सम्बन्धों में और मधुरता आ जाये. मैंने एक बार जोर से चूत को रगड़ लगाई और मुझे लगा कि मेरी चूत से कोई द्रव निकला और मैं शांत हो गई.

प्रेषक : राज कार्तिकअँधेरा हो चुका था। मैंने अँधेरे में ही सोनिया का हाथ पकड़ा और अपनी तरफ खींचा तो सोनिया एकदम से मेरी बाहों में आ गई। मैंने सोनिया का चेहरा अपने हाथों में पकड़ कर अपनी तरफ किया और चूमने की कोशिश की तो सोनिया एकदम से मुझ से छुट कर भाग गई. मैं और उछल उछल कर अपनी चूत में उसका लण्ड घुसवाने लगी… फिर मेरा लावा छुट गया और मैं बेहाल होकर उसके सामने लेटी रही. मैं बिहार प्रान्त के हाजीपुर जिले का रहने वाला हूँ। उम्र 25 साल होगी…काम के सिलसिले में लुधियाना अक्सर जाना रहता था! वहीं कुकरेजा साहब को नौकर की ज़रूरत थी तो सोचा क्यों न मैं ही लग जाऊँ! साहब का बड़ा कारोबार था! वो अक्सर विलायत में रहते थे और मेमसाहब हमेशा पार्टी क्लब में रहती थी! उनकी एक बेटी थी.

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मैंने कहा- मैं तो आपका साथ चाहता हूँ बस… पिज्जा तो एक बहाना है आपको यहाँ रोकने का! मैंने कोई पिज्जा आर्डर नहीं किया था… मैंने सच सच बोल दिया.

‘ करते हुए उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया।मैंने अपनी जीभ उसी चूत पर फेरते हुए गांड से ऊँगली निकाल ली और फ़िर उसकी चूत का पानी उसकी गांड पर लगाने लगा. तूने भी तो लण्ड के मज़े लेने को ही मेरे से अपनी चूत चुदवाई है तो फिर मुझे क्यों नहीं अमिता की चूत दिला सकती है तू?वो बोली- नहीं!फिर मेरे जिद करने पर वो राज़ी हो गई पर बोली- मेरी चूत भी मारनी होगी! कहीं उस रण्डी के चक्कर में मेरी चूत को ही भूल जाये?मैंने कहा- नहीं मेरी जान! तेरी चूत को कैसे भूल सकता हूँ मैं?तो अगली रात उसने अमिता को भी साथ में सुला लिया और अब हम तीनों साथ में थे. अब अंकल की आँखों में मुझे एक अजीब सी चमक नज़र आ रही थी और मम्मी की आँखों में एक नशा सा दिखाई दे रहा था.

कुछ ही देर में विपिन तो बहकने लगा और अपने मुख से मेरे लिये गाली निकालने लगा, पर मुझे तो वो गालियाँ भी अत्यन्त सेक्सी लग रही थी. कि तभी दो सिपाही आए और मेरे जिस्म से मेरे हाथों को अलग कर अलग अलग दिशा में थाम लिया।मैं नंगी खड़ी जमीन में गड़े जा रही थी!सब मंत्री खड़े होकर मुझ पर थूकने लगे और ठहाके लगा कर हंसने लगे. रेखा हीरोइन का सेक्समुझे लगता है उस वक्त मेरे लंड ने जितनी पिचकारी निकली होगी उतनी पहले कभी नहीं निकली.

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उनकी बुर को मेरा लौड़ा चूमने को तैयार होने होने लगा…उनकी गुलाबी होंठ ने मेरे होंठो को चूमा…राजू मुझसे कोई प्यार नहीं करता… मुझे कभी प्यार नहीं मिला??मेरे तो परखचे उड़ गए…मेम…राजू मुझे प्यार करो ना… लव मी. !!!मेरे जिस्म से कपड़े फाड़ कर फिंकवा दिए गए, लोगों की तो मौज हो गई।तभी एक मंत्री ने राजा से अनुरोध किया- महाराज, क्या हम इसे छूकर देख सकते हैं? ताकि हमें भी भरोसा हो जाये कि जो माल हम खरीद रहे हैं उसमें किसी बात की कमी तो नहीं. जैसे ही मैं झड़ने वाला था मैंने अपना लंड निकाल और पूरा पानी उसके मुँह में डाल दिया.

एकदम से उसकी चूत से मैंने अपना लंड निकाला और गांड की छेद पर बिना देर किये एक जोरदार झटका दिया. अब मैं जब भी ट्यूशन पढ़ाने जाता था तब पढ़ाई कम और प्यार की बातें ज्यादा होती थी और हमने कई बार सेक्स भी कियाउस साल कशिश मेडिकल में जगह न बना पाई. अपनी गांड को हिला-हिला कर चुदाई को और मस्त कर रही थी …मैं बीच बीच में उसके स्तनों को दबा देता, मुँह में ले लेता….

मोना से दुगने आकार के स्तन थे उनके! वो मुँह से आहा आहा उऽऽहू की आवाजें निकाल रही थी.

मैंने एकदम से पल्टी ली और उसको नीचे दबा लिया और एक हाथ से उसके एक मोमे को कस कर दबाने लगा और दूसरे को चूसते हुए नीचे कपड़ों के ऊपर से ही लन्ड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा. वो कह रही थी- पी जाओ मेरा सारा दूध! जोर जोर से चूसो! ओह्ह्ह उईईईए मीईईए अह्ह्ह्ह सीईईई!मैंने फिर एक हाथ को उसके पेट से सरकाते हुए उसकी सलवार को उतारा और पेंटी के ऊपर से ही हाथ फ़िराने लगा, वो मेरे लंड को पैंट के ऊपर से ही सहला रही थी.

मैं दूसरी टीचर्स की तरह खूब मेक-अप करती और खूबसूरत साडियाँ पहन कर स्कूल आती थी, जैसे कोई स्पर्धा चल रही हो. बड़े ही बेमाने दिल से मैं स्कूल से आने के बाद सोने चली गई, मम्मी ने बाहर जाकर जन्मदिन मनाने के लिए भी कहा. मैंने कहा- आज मेरी प्यारी बहना औरत बन गई है! आज से तू मेरी रंडी है, मेरा जब दिल करेगा, मैं तुझे चोदूँगा मेरी रांड! आःह्ह! क्या मजा आ राहा है बहन को चोद कर!मुझे नहीं पता कि मैं क्या-क्या बोल रहा था, पर मैंने झटकों की रफ्तार थोड़ी कम कर दी.

मेरी बात मानो, अभी के लिए इसको भूल जाओ, कहीं ऐसा न हो कि यह यहीं आपको मार डाले, इसका कोई भरोसा नहीं है।अब्बास- बस कर साले…. मैंने कहा- ठीक है, मैं बाहर इन्तज़ार कर लेता हूँ!तो वो बोली- बाहर क्यों, यहीं बैठ जाओ, मैं तुम्हारे लिए पानी लाती हूँ!मैं तो यही चाह रहा था ताकि उसको ज्यादा देर तक देख सकूँ तो वहीं सोफे पर बैठ गया. तो वो बोली- ठीक है!और मैं एक पक्के खिलाड़ी की तरह उसको जकड़ कर उसके होंठ चूसने लगा ताकि उसकी चीख मेरे मुँह में दब के रह जाए और उसकी गाण्ड के छेद में उंगली करते हुए उसको और ज़्यादा गरम किया.

हिंदी बीएफ पिक्चर देखना तो बोली- इसको तो देखो!वो नीग्रो उस गोरी लड़की की गान्ड बड़ी बेरहमी से चोद रहा था और चाँदनी अब यह भी करवाना चाह रही थी, मैंने उसको कहा- कल जब शाम को खेलने निकलो तो याद रखना कि अब तुम बच्चों वाला नहीं वयस्कों वाला खेल खेलोगी, जिसके लिए आने के पहले चूत और गाण्ड अच्छे से धो लेना. इसलिये मुझे लगा कि कोमल को नाराज नहीं करना चाहिये, वर्ना मेरा लण्ड फिर से लटका ही रह जायेगा.

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नेहा पीछे चिपक के बैठी थी, उसके उरोज मेरी पीठ में दब रहे थे… उसके बदन की गर्मी मेरे अंदर सिहरन पैदा कर रही थी…. उसने झट से मेरे सारे कपड़े उतार कर मुझे भी नंगा कर दिया और हम एक दूसरे की बाहों में चिपक गए। बस यही लग रहा था कि ये पल कभी खत्म ना हों !लेकिन नीचे लंड महाराज की हालत ख़राब हो रही थी, मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया। वो धीरे सहलाने लगी… उसके स्पर्श से तो ऐसा लग रहा था कि मेरे लंड का सुपारा फट जाएगा. उसका गोरा बदन गुलाबी तौलिये से ढका हुआ था… उस तौलिये से उसकी चूची की गोलाइयाँ साफ़ नज़र आ रही थी….

जैसे ही मैं झड़ने वाला था मैंने अपना लंड निकाल और पूरा पानी उसके मुँह में डाल दिया. वो मेरी दोनों चूतडों को मसल रहा था और मैं इतनी उत्तेजित थी कि अपनी ऊँगली अपनी चूत में डाले जा रही थी…फ़िर उसने मेरे चूतडों को चाटना शुरू किया… कसम से मैंने बहुत बार चुदवाया बहुत बार ! हाय ! मगर इतना मजा मुझे पहली बार आ रहा था वो भी मेरे भाई से… मैं आह आह आ औच… की आवाजें निकाले जा रही थी. தமிழ் ரேப் செக்ஸ் வீடியோ?पिंकी बोली- हाँ, मैं तैयार हूँ, मुझे क्या करना होगा?पिंकी तू कुछ नहीं करेगी ! करुंगा तो मैं, जब करना हो तो मैं बोलूँगा। बाद में तुम खुद ही करोगी, ऐसा ही यह खेल है….

मैंने शिखा की तरफ़ देखा और कहा- आँखें खोल लो और मज़े लो, इस तरह ना मुझे मजा आयेगा और ना तुम्हें.

फिर अगले दिन उसके आने से पहले मैंने घर को अच्छे से साफ़ किया, रूम फ्रेशनर का स्प्रे किया !बाज़ार से जाकर उसके लिये ज़ेर्बेरा के फुल और उनके बीच में एक लाल गुलाब वाला गुलदस्ता लाकर फ्रिज में रख दिया। एक बात मैं आप सभी को बताना चाहूँगा कि लड़कियों को ब्लू फिल्मों से ज्यादा एक तन्हाई वाला रोमांटिक माहौल, फूल और हल्का-हल्का संगीत ज्यादा उत्तेजित करता है. उन्होंने मुझे कहा- तुझे जाना चाहिए! वो नाराज़ हो जाएगा! हम यहाँ देख लेंगी, कोई बात हुई तो संभाल लेंगी.

’ये बोलता हुए राजू मेरे मुंह के पास लंड लाता हुए बोला ‘ले मेरी जान मेरा रस पी ले मजा आ जाएगा. अब आंटी के मुंह से अजीब अजीब आवाजें आने लगी थी- आह … आह … मेरे राजा बेटा … और जोर से चूसो … पी लो! मेरे बोबे मसल दो … तोड़ … दो आज!मैंने आंटी के ऊपर वाले होंठ को अपने मुंह में लिया और चूसने लगा. उसकी उम्र 25 के आसपास थी और उसके दोनों अनार उसके ब्लाऊज में से तने हुए क़यामत दीखते थे.

वो था दिसम्बर 24 और मैंने उसे हाँ कह दिया… हमारे प्यार की गाड़ी चल निकली।(हालाँकि मैं सिर्फ उसे चोदना चाहता था पर वो यह नहीं जानती थी)फिर उस दिन मैंने उसके गाल पकड़ कर उसके माथे पर चूम लिया.

!!!मैंने मन में सोचा : वैसे मम्मियों को ना, अपने छोड़ के औरों के बच्चे अच्छे लगते हैं…!!!वेदांत भी ना जाने क्या सोच रहा होगा. सोनम से अलग होने के बाद मैं अकेला-अकेला सा रहने लगा, मेरा किसी भी और काम में मन नहीं लगता था. मैंने नीची नजरे करते हुए रिंकी से कहा- सॉरी! रात को मैं नशे में था इसलिए मैं रिश्तों को भूल गया.

फूलन देवी का सेक्समैं वहीं तान्या का इन्तजार करने लगा, कुछ ही देर में तान्या एक नीले रंग की नाइटी पहन कर मेरे सामने आई, उस नाइटी में तान्या क़यामत लग रही थी और वो क़यामत मेरे ऊपर क़यामत गिरा रही थी. वो चीखती रही पर ये एक शाश्वत सत्य है कि लड़कियाँ पहली बार लंड अन्दर करने के समय जितना रोती-मचलती हैं, और अगर ढंग से पहली चुदाई का मजा दिया जाये तो वो बड़ी चुदासी हो जाती हैं और आगे जीवन में खुल कर चुदाई का मजा लेती और देती हैं.

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वो अपने कपड़े उतारने लगी!तुम कल क्या देख रहे थे?मैंने सोचा कि तुम्हें आज सब कुछ दिखा देती हूँ…इतना सुनते ही मैंने उसके होंठ चूस लिए, वो तड़प उठी जैसे बिन पानी मछली!आकांक्षा ने आज काले रंग की ब्रा और काले रंग की ही पेंटी पहन रखी थी. मैंने अपनी अंगुली पर थूक लगाया और शुकू की गांड के छेद पर लगा दिया। वह तो उछल ही पड़ी।……. मुझे शर्म आ रही है !उसने एक ना सुनी और मेरी टांगें फैला दी … जब मैंने उसका लंड देखा तो मैं डर गई.

राधा के पति की मृत्यु हुए करीब एक साल हो चुका था, उनका छोटा सा परिवार था, उनके कोई बच्चा नहीं हुआ तो उन्होंने एक 10 वर्ष की एक लड़की गोद ले ली थी, उसका नाम गौरी था. हाय मैं फरजान 39 बड़ोदा से!यह मेरे सेक्स एक्सपेरिएंस की असली कहानी है जो मैंने अपनी पड़ोसन भाभी के साथ किया था. साथ में चूमा-चाटी भी कर रहा था …चोदते हुए चुम्बन में बड़ा मजा आया … सच में लग रहा थे जैसे जन्नत में पहुँच गया हूँ …हमने उस दिन जी भर चुदाई की…हर नये स्टाइल से चोदा उसे …दो घंटे में तीन बार चुदाई करने के बाद हम कपड़े पहन कर लॉन्ग-ड्राइव पर निकल गए …फिर हमने कई बार चुदाई की…भाभी को भी चुदाने का मन करता … लेकिन मीनाक्षी हमेशा घर में रहती, जिस कारण वो नहीं चुदा पाती थी ….

15 से लेकर सुबह के तीन बजे तक चुदाई की और चादर धोकर सोने चले गये।सुबह दीदी ने हमे 8. )वेदांत : कुछ नहीं रे, बस ऐसे ही… क्लास के बच्चे आजकल कुछ ज्यादा ही बकवास करने लगे हैं…हम दोनों के बारे में ! कुछ भी बोलते रहते हैं. पेंटी की मादक सुगंध मुझे दीवाना कर रही थी।फिर विश्रांती अपने हाथ मेरी पैंट के ऊपर से लंड को सहलाने लगी….

अंकल मम्मी के पूरे शरीर को चूम रहे थे और अब अंकल ने मम्मी की चड्डी भी उतार दी, मम्मी को पूरी तरह से नंगी कर दिया. मैं अन्दर चली गई और सोफे पर बैठ गई। सुनील कोल्ड ड्रिंक लेकर आया, हम कोल्ड ड्रिंक पीते हुए आपस में बातें कर रहे थे।अनिल मेरा साथ बैठा था और सुनील मेरे सामने। वो दोनों घुमा फिरा कर बात मेरी सुन्दरता की करते।अनिल ने कहा- भाभी, आप बहुत सुन्दर हो, जब आप बस में आई थी तो मैं आपको देखता ही रह गया था.

”कोमल के और मेरे होंठ आपस में मिल गये… उमर का तकाजा था… मुझे थकान चढ़ गई और मैं सो गया.

मैंने मन ही मन सोचा चलो दो लंड से तो मेरी प्यास बुझ ही जायेगी भले ही दोनों में ताकत कम ही क्यों ना हो. 𝑡𝑎𝑚𝑖𝑙 𝑠𝑒𝑥 𝑣𝑖𝑑𝑒𝑜𝑠अपनी इंजीनियरिंग ख़त्म करने के बाद मुझे हॉस्टल छोड़ना पड़ा लेकिन मुझे कुछ दिन नागपुर में ही रहना था तो मुझे अपने चचेरे भैया के यहाँ रहना पड़ा. जापानी लड़की के सेक्सी वीडियो ट्रेन मेंमैंने फिर से अपनी जीभ उसके मुँह में डालना चाही मगर उसने भी अपनी जीभ बाहर निकली और मेरी जीभ से रगड़ने लगी. मैंने फ़िर एक बार दीपू का पूरा लंड अपने मुंह में भर लिया और अन्दर बाहर करते हुए अपने मुंह की चुदाई करने लगी.

हाय!!वो मेरे होंठ चूस रही थी और मेरी जांघें सहला रही थी, मैं मचल रही थी- नहीं कामिनी! प्लीज मत करो! आ.

फिर काफी देर तक बाहर कोई हलचल नहीं हुई तो लगा कि वो चला गया।फिर हमने फटाफट कपडे पहने। अनु से मैंने उसकी पैंटी ले ली और कहा- इसे मैं ही रखूंगा, यह तुम्हारी मेरे पास निशानी के तौर पर रहेगी. निकाल ले साले…निकाल ले…मैं कहाँ मानने वाला था…मैंने उसे जोर से जकड़ लिया और एक धक्का लगा दिया…लंड थोड़ा और आगे सरकते हुए उसकी तंग गांड में थोड़ा और अन्दर चला गया।उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे और वो मेरी मिन्नत करने लगी- प्लीज़ निकाल लो विक्की! मैं तुम्हारे आगे हाथ जोडती हूँ… मारना है तो चूत मारो मेरी. अब मामी पेट के बल हो जाओ, मैं आपके पीछे के छेद को छेड़ता हूँ!”नयन, संभल के! मैंने कभी पीछे लिया नहीं है!”अरे मामी जी! तुमने कभी आगे भी नहीं लिया था! लेकिन अब लेती हो ना!”मैंने अपनी पकड़ बना ली और उनकी गांड पर लंड का दबाव बनाने लगा.

कहते हुए आंटी ने मेरे दोनों अन्डकोशों को अपने मुंह में भर लिया। थे भी कितने बड़े जैसे दो लिच्चियाँ हों। आईला…. मेरे पेपर शुरू होने से कुछ दिन पहले ही भाभी का तबादला दिल्ली से जयपुर (राजस्थान) हो गया. ’मुझे आलोक का स्टाइल अच्छा लगा…मैंने भी एक सेक्सी स्माइल दी, अपनी एक टांग ऊपर करके दूसरे घुटने पर रख ली और कहा,’ओह.

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वाऽऽऽ ! अब भाई मेरे दोनों स्तनों को बारी बारी चूसने लगा। वो मेरे चूचकों को जोर से काटने लगा. वो कह रही थी- पी जाओ मेरा सारा दूध! जोर जोर से चूसो! ओह्ह्ह उईईईए मीईईए अह्ह्ह्ह सीईईई!मैंने फिर एक हाथ को उसके पेट से सरकाते हुए उसकी सलवार को उतारा और पेंटी के ऊपर से ही हाथ फ़िराने लगा, वो मेरे लंड को पैंट के ऊपर से ही सहला रही थी. मैं अपने मम्मी-पापा और अपनी बड़ी बहन के साथ कोलकाता में एक किराये के मकान में रहता था.

क्योंकि सोनम की चूत कुँवारी थी इसलिए मैंने सोनम के बैग में से वैसलीन निकाली और उसकी चूत पर लगा दी.

तब मेरे मन में आया कि मैं भी इसी कमरे में सो जाती हूँ और मैं उनके साथ वाले बेड पर लेट गई.

मर गई…आज मेरी भी जन्मों की प्यास बुझ रही थी, मैं भी अऽऽ आय… आआऽऽ आआअ ऊऊऊऊउ… कर रहा था और कह रहा था- साली अब तुझे नहीं जाने दूंगा, तू कितने दिनों से मेरे लंड को भड़का रही थी… साली आज में तेरी माँ-बहन एक कर दूंगा…वो अभी भी चीख रही थी- माय… उ. उसने मुझ से पूछा कि मेरी कोई गर्ल-फ़्रेन्ड है क्या?मैंने कहा- नहीं!उसने पूछा- कोई मिली क्यों नहीं अभी तक?मैंने कहा- जो मिली, उसकी शादी हो चुकी है. ब्लू फिल्म सेक्सी वीडियो एचडी हिंदी‘ऐ गाण्ड में अंगुली करने का बहुत शौक है ना तुम्हें… लण्ड से चोद क्यों नहीं देता है रे?’‘आप थोड़ा सा और जोश में आ जाओ तो फिर गाण्ड भी चोदेंगे और चूत भी चोद डालेंगे!’ विनोद उत्तेजित हो चुका था.

भला कहीं आधे घंटे में कैसे याद होता?नकली गुस्सा दिखाते हुए विनोद ने उसके गाल पर थप्पड़ बढ़ाया क़ि नीना ने अपना चेहरा पीछे खींच लिया और विनोद का जोरदार हाथ नीना की चूचियों से जा टकराया. उसकी अण्डरवीयर शायद ठीक नहीं थी सो उसने उतार कर पेशाब किया और सिर्फ़ अपनी सफ़ेद निकर को ढीली करके बिस्तर पर लेट गया. मैं पहले भी कई बार दीदी के नाम की मुठ मार चुका था मगर मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि इतनी मस्त चूत का मैं कभी राजा बनूँगा.

तो योगी ने मुझसे पूछा- कैसे आना हुआ?तो मैंने उसे अपने और अपनी भाभी के सेक्स के बारे में सारी बात बता दी और कहा- मैं प्रिया भाभी को दोबारा चोदना चाहता हूँ इसलिए तुम्हारी मदद की जरूरत है. ‘और छबीली, तेरी चूत में से ये खून…?’‘वो तो पहली बार चुदी लगाई है ना…जाणे झिल्ली फ़ट गई है.

सभी मस्त हैं ऊपर! किसी को ध्यान नहीं है!प्लीज़ छोड़ो!उसने मुझे उठाया और स्टोर रूम में ले गया, कुण्डी लगा दी और पास में पड़ी रजाई पर डाल मुझ पर सवार हो गया.

खतरनाक तरह से चुदने के बाद जब रीटा खड़ी हुई तो लड़खड़ा कर धड़ाम से वापिस जमीन पर गिर पड़ी. रागिनी फ़िर से चीखी और सामने की तरफ़ गिरने को हुई तो मैंने सामने हाथ बढ़ाया और उसकी चूचियों को थाम लिया. आज मेरा भी सपना सच हो गया मैं कब से उसे ख्यालों में चोद रहा था, कब से उसके नाम की मुठ मार रहा था, आज वो चूत मेरी होने वाली थी.

मिर्जा की सेक्सी ’‘बापू तुम्हारा लण्ड भी बहुत शानदार है… मेरी चूत का तो बेंड बजा दिया।’‘आह्ह्ह्ह्ह्ह उम्म्म्म्ह अह्हह्ह जोर से चोद बहनचोद…बेटीचोद !’‘हुह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह उम्म्म हुन्ह्ह्ह्ह ये ले मेरी जान आह्ह्ह मज़ा आ गया…’‘चोदो बाबूजी ! चोदो अपनी बहु को. बबलू ने मेरा पेटिकोट ऊपर सरकाया, नीचे बैठकर अपने चाचा की नकल उतारते हुये मेरी चूत को चाटा फ़िर पीछे से कमर पकड़कर चोदने लगा.

मैंने भी देर न करते हुए दीदी के होंठो पर अपने होंठ रख दिये और हम दोनों पंद्रह मिनट तक एक-दूसरे को चूमते रहे. उसका दोस्त मेरे अधरों के रस को बराबर पी रहा था और बॉबी मेरी गाण्ड को चोदता हुआ मेरी चूचियों का भरता बनाये जा रहा था. मैं मन ही मन उनके बारे में सोचने लगा… ऐसा सोचने से ही मेरा लंड अब बिल्कुल स्टील की रॉड की तरह खड़ा हो गया.

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पर एक ब्लू फिल्म चल रही थी जिसमें एक औरत को पांच आदमी एक साथ चोद रहे थे।आंटी की पीठ मेरी तरफ थी और वो जमीन पर बैठ कर फिल्म देख रही थीं।उन्होंने नाईट गाउन पहन रखा था जो सामने से पूरा खुला हुआ लग रहा था लेकिन मुझे पीछे से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।मैं ये नजारा देख ही रहा था कि अचानक मेरे पैर के नीचे कुछ चीज आ गई जिसके हिलने से हल्की सी आवाज हुई. मैंने इशारे से कहा- क्या मुझे बुला रही है?आप अटे कई कर रिया हो?”आप मुझे जानती हो?”हीः… कई बाबू जी, मन्ने नहीं पहचानो? अरे मूं तो वई हूँ हवेली वाली, अरे वो पीपल का पेड़…”ओह, हाँ… हा… बड़ी सुन्दर लग रही हो इस कपड़ों में तो…”अरे बहू, काई करे है रे, चाल काम कर वटे, गैर मर्दां के साथ वाता करे है. इसके विपरीत गौरी बेशर्मी से मेरे सामने खड़ी हो कर अपनी चूत खोल कर अपनी दो अंगुलियों को चूत में डाल कर अन्दर-बाहर कर रही थी.

यह चुदने की आवाज़ थी … यह आवाज़ योनि और लिंग के संगम की थी …यह आवाज़ एक संगीत तरह मेरे कानों में गूँज रही थी और मैंने अपने लंड की गति बढ़ा दी।आंटी ख़ुशी के मारे जोर जोर से चिल्लाने लगी- चोदो … चोदो … राजा ! चूत मेरी चोदो …यह कहानी कैसी लगी आप को ज़रूर बताइए। आपकी इमेल पर निर्भर करता है कि आगे कहानी लिखूं या नहीं ![emailprotected]. ?उसने मेरी जीभ चूसना छोड़ कर प्यार से कहा तो मैंने उतने ही प्यार से उसके मम्मे सहलाना शुरू कर दिया.

’ कहते हुए उसने मेरी गांड में अपना 18 साल का जवान लंड चीरता हुआ अन्दर तक घुसा दिया। मैं चीख उठी। उसने फिर गांड फाड़ देने वाला धक्का लगाया। मैं फिर चीख उठी। उसके धक्के बढ़ते गए। मैं चीखती रह गई.

उस वक्त मैं सिर्फ अन्डरवीयर और बनियान में था इसलिए मेरा खड़ा लण्ड साफ़-साफ़ दिखाई दे रहा था. और मेरी चूत चाटने लगा उसकी ये अदा मुझे बहुत पसंद आई क्यूँकि मेरे बॉस ने अपना लण्ड मुझसे बहुत बार चुसवाया था मगर मेरी चूत चाटने से मना करते थे. हाय राम! इतना मोटा! इतना लम्बा… मैंने उसे पकड़ कर उसका जायजा लिया और झटके से छोड़ दिया.

क्या??अरे मैं मैदान के लिए… पर मेरा लोटे का पानी गिर गया है…प्लीज मेरी मदद करो, …कहीं से पानी ला दो…‘अब यहाँ पानी कहाँ है ? कुछ और मदद करूँ क्या…’ थोड़ा और पास आकर मैं बोला।क्या??? वो परेशान थी।मेरा रूमाल ले लो, इसी से काम चला लो… अँधेरे में मैं रूमाल हाथ में लिए उसके पास पहुँच गया।छी…. मैं अपने आप को उनसे छुड़ाने का स्वांग करने लगी… क्या करूँ! करना पड़ता है ना… लोकलाज़ भी तो कोई चीज़ है ना! अह्ह्ह्ह वास्तव में नहीं… वास्तव में तो मैं चाह रही थी कि वो मेरा अंग अंग मसल डालें… मेरे ऊपर चढ़ जायें और मुझे चोद दें… पर हाय रे… इतनी हिम्मत कहाँ से लाऊँ… कि जीजू को ये सब कह सकूँ. उसके बाद खुद ही उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरे कपड़े उतारने लगी और बोली- मैं आज तुमको वो सब कुछ सिखा दूँगी जो एक मर्द और औरत के बीच में होता है!मैं कुछ भी नहीं बोला और मन ही मन में बहुत खुश हो रहा था लो आज मुझे वो सब कुछ मिलने वाला है जिसके बारे में सिर्फ सपने में ही सोचता था.

फिर रीटा अपना स्कूल बैच को बहादुर के हाथ थमा कर चूच्चे को आगे बढ़ाती हुई बोली- जरा यह भी लगा दो.

हिंदी बीएफ पिक्चर देखना: बहादुर ने सोचा कि क्या किस्मत है, मेरे लण्ड को रीटा जैसी शहर की येंकी चूत चखने को मिली और वो भी स्कूल की टनाटन लौंडिया. वो बोली- सिर्फ देखते ही रहोगे या मुझे भी कुछ दिखाओगे?फिर मैंने कहा- आज तो सब कुछ तुम्हारा है….

देवर ने बेड पर रखा मेरा पैर नीचे किया, दोनों पैरों को थोड़ा फ़ासले पर किया और मेरी कमर पकड़ कर पहले तो आहिस्ता आहिस्ता चोदा फ़िर जैसे ही स्पीड में चोदने लगा. उस दिन चुदाई में जितना मजा आया उतना फिर कभी नहीं आया … हमने कई बार साथ चुदाई की …. चूँकि भैया के आने का समय हो गया था इसलिए कुछ देर अपना लण्ड चुसवाने के बाद मैं वापिस अपने कमरे में लौट आया.

अचानक उसकी चूत में मेरे लंड पर दबाव बना लिया और उसकी सिसकारियाँ चीखों में बदल गई- और जोर से! और जोर से! फाड़ दो मेरी चूत को.

मैंने कहा कि क्या तुम भी उससे प्यार करती हो?निधि ने कहा- नही सर मैं उसे प्यार नही करती पर लैटर पढ़ कर अच्छा लगता है और मन में कुछ कुछ होने लगता है. वो रोती ही रही फिर उसे भी मजा आने लगा और वो अपने हाथ मेरी पीठ पर चलाने लगी और बोलने लगी- फाड़ दे मेरी चूत को! भोंसड़ी के! बड़ा तड़पाया है इस चूत ने आज तक! आ… आह्ह्ह ओह्ह्ह… मजे आ गया. आख़िर ये सारी चीज़ें भी तो हमारी ज़िंदगी में बहुत काम की हैं!सोनिया- अपनी बकवास बंद रखो … मैं कोई घबराती नहीं हूँ बल्कि इन सब चक्करों से दूर रहना चाहती हूँ ताकि अपने काम पर ध्यान दे सकूँ!सुनील- यह भी तो काम ही है आख़िर … इसके बिना जीवन, संसार एकदम बेकार है सोनिया … तो मेरी बात पर अमल करो और मुझे कुछ करने दो … नहीं तो ज़िंदगी भर पुलिसवाली ही बनी रह जाओगी और एक औरत कभी भी नहीं बन पाओगी.