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मैंने अपनी सहेली नीलू से भी बात कर ली थी, तो 3 जून को मैं बहुत तैयार होकर मैं और नीलू अपने गांव के बस स्टैंड से बस में चढ़कर सतना पहुंच गए. ब्लू वीडियो सेक्सी फिल्ममुझे लगा शायद आज इतना ही, पर जैसे ही मैं उठी, उसने मुझे फिर से अपनी ओर खींच लिया और मुझे चूमना शुरू किया.

आशीष बाइक लेकर आया था, तो मुझसे बोला कि बंध्या मैं और तुम चलते हैं. ಕನ್ನಡ ಸೆಕ್ಸ್ ಬ್ಲೂ ಫಿಲಂतो मैं घर से किसी को कुछ भी बताए बिना अपने भाई के पास दिल्ली चला गया.

वो बेचैन हो रही थी लंड के लिए, कहने लगी- जल्दी करो ना!मैंने उसकी चूत में वेसलीन लगाई और अपना पेनिस सेट करके उसकी क्लिट पर रगड़ने लगा.बीएफ सेक्सी आजा: बार-बार उसके बारे में सोच कर मेरा लंड खड़ा हो जा रहा था और मैंने अपने लंड को शांत करने की कोशिश की.

क्यों मीना, उससे कोई काम था क्या तुझे?नहीं नहीं … मैं तो यूं ही पूछने लगी!” व्यथित दिल से मीना वापस आने के लिए मुड़ी कि तभी उसकी जेठानी ने कहा- चिन्टू शायद कल आयेगा.मिसेज पाटिल की चुत बहुत ज्यादा छोटी भी नहीं थी, लेकिन उनके बताए अनुसार इतने बड़े लंड की आदी भी नहीं थी.

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अति सुन्दर चेहरा, मलाई जैसी गोरा रंग, बड़ी बड़ी आँखें और मादक हल्के से थरथराते हुए गुलाबी होंठ.मैं समझ गया कि इसको चुदना तो है, लेकिन ये पहली बार के कारण डर रही है.

पर मंसूर भाई समझ गए कि रज़िया भाभी ने किसी और से चूत मरवाई है और प्रेग्नेंट हो गई है. बीएफ सेक्सी आजा अब मेरा भी लंड खड़ा हो चुका था और कोमल को भी बार-बार टच होने से वो भी बेचैन होने लगी थी.

उसने पूछा- सेक्स का क्या अनुभव है?मैंने कहा- मैंने बस अब तक ब्लूफिल्म्स देखी हैं और अन्तर्वासना की देसी हिंदी सेक्स कहानियां पढ़ी हैं.

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मुझे बार-बार रज़िया भाभी के पास जाने का मन करने लगा, पर मैं गया नहीं. मेरी उत्तेजना बढ़ने लगी पर मैं कुछ नहीं करना चाहता था अपनी भाभी के साथ. मेरी चुत को और गीला कर रहे थे, मेरी उंगलियों को अपनी ओर खींच रहे थे.

रात का खाना खाने के बाद मेरी माँ ने सीमा से उनके हाथ में मेंहदी लगाने के लिए कहा. मैं चूत के अन्दर तक अपनी जुबान डाल कर उसका सारा रस निकालने में लगा था और वो मेरे लंड को लॉलीपॉप समझ कर लुत्फ़ उठा रही थीं. फिर मैंने अपनी पैंट को बिल्कुल ही अपनी टांगों से अलग कर दिया और मैं अब सिर्फ अंडरवियर में था.

कुछ मिनट बाद मैं भाभी को बाथरूम ले जाकर सफाई करने लगा और शॉवर चालू कर कर उनकी चिकनी चुत चाटने लगा. सतना में बस स्टैंड सबेरा होटेल के नीचे आशीष मुझे मिलने को बोला था, वह वहीं पर खड़ा मिला. मेरी आवाज कमरे के अन्दर दीदी ने सुन ली और खिड़की की तरफ देखा तो मेरी नज़र दीदी की नजर से टकरा गई। मैं घबराकर अपने बेडरूम भागी पर पीछे जीजू के साथ दीदी और अजय भी बेडरूम में आ गये.

क्या तुम्हें वे अच्छे लगे?मैंने अनजान बनते हुए कहा- क्या?वह बोली- झूठ मत बोलो, मुझे सब पता है. जब वह मेरे पास पानी लेकर आई तो मुझे झुककर पानी का गिलास पकड़ाने लगी.

चाची- आहह … ऊहह … हां मेरे राजा … छोड़ … ज़ोर से चोद मुझे … मेरी चुत का छेद बड़ा कर दे … बहुत हरामी हो गयी हूँ मैं … मुझे रंडी की तरह चोद … आअहह … ऊहह … आअहह राजा!मैंने पोज़िशन बदल बदल कर चुदाई की, कभी घोड़ी बना कर, तो कभी खड़े हो कर, पर सबसे ज़्यादा मज़ा तो रिवर्स काउगर्ल में आया … उस पोज़िशन में तो चाची का सारा दम निकल गया था.

मैंने दरवाज़ा खोला तो अन्दर का माहौल देखने लायक था, पूरा कमरा फूलों से सजा था.

पापा घर आये और मम्मी से बात करने लगे, उन्होंने खाना खाया और सोने चले गए. मैं भी अपने एक पैर के अंगूठे से उनकी चुत को पेंटी के ऊपर से ही कुरेदने में लग गया, जिससे उनकी सांसें तेज़ होने लगीं. वीर्य अन्दर न जा पाए, इसलिए मैंने जल्दी से उसके लंड को बाहर निकाल लिया.

लेकिन जब भी कुछ काम से वो आते, मैं उन्हें देखता और छूने की कोशिश करता. वो- पर आराम कहां करें इतनी धूप में?मैं- तू चिंता क्यों करती है … मैं हूँ न. एक दिन में अपने मेल चैक कर रहा था कि मुझे अपने मेल बॉक्स में एक मेल दिखा, जो आहना नाम से दिखा रहा था.

पहले तो वो हटने लगी, पर जैसे ही मैंने उसके हाथ पर पैसे रखे, वो मेरा साथ देने लगी.

उसने कहा- ठीक है जी, मैं तो इन दीदी का गुलाम हूँ, जो दीदी कहेंगी मैं वो ही करूँगा. तब दीदी ने आकर मुझे कन्धे से दबाकर जकड़ लिया और जीजू को इशारा किया, इधर अजय ने मेरी टांगों को दोनों ओर फैला कर थाम लिया, अब मैं आंखें भींचकर दर्द झेलने को तैयार थी। जीजू ने लन्ड को चूत पर टिकाया और जोरदार धक्का लगाया. एक स्त्री जब भी खुद को अकेला और भावुक महसूस करे, तो हमें उसकी इच्छा का सम्मान करना चाहिए … उसकी इज्जत करनी चाहिए.

मैंने उसके लिप्स को किस किया और उसे अपने बदन से चिपका कर रगड़ने लगा. वो मुझसे अब ऐसे व्यवहार करने लगी, जैसे मैं उसकी शिक्षिका हूँ और वो मेरी शिष्या है. मामी जी ने थोड़ी करवट ली और अपनी चुदी हुई गांड को देखने लगीं और बोली- राहुल, देखिए क्या हालत कर दी आपने मेरी गांड की, कितनी छोटे से छेद वाली गांड थी.

मेरे और मेरे पति के माता पिता (मेरे सास-ससुर) राजस्थान के एक गांव में रहते हैं.

अब वो खुद बोल रही थी कि आउच्च … च … च च और तेज … और तेज फाड़ दो मेरी चूत को … मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ … आह चोदो मुझे … आज जी भरके चोदो!कुछ देर की चुदाई के बाद वो अकड़ने लगी और उसने मुझे अपनी बांहों में जोर से जकड़ लिया और वो झड़ गयी. मैंने कहा कि किस चूतिया का?वो बोली- अविनाश का … साला मेरे पैसों का भूखा है.

बीएफ सेक्सी आजा फिर दीदी की सासू माँ ने एक डिब्बी निकाली और मुझसे कहा- भर अपनी दीदी की मांग. वो बोली- इनके पापा रात को आएंगे क्या?मैं- उनकी नाइट ड्यूटी है और वो सुबह 8 बजे तक आएंगे.

बीएफ सेक्सी आजा मेरी गांडू कहानी के दूसरे भागदिल मिले और गांड चूत सब चुदी-2में अब तक आपने पढ़ा कि उपिंदर के बड़े भाई राजिंदर और उसके दोस्तों ने मेरी गांड मार कर मजा ले लिया था. प्रेम बोला- वाह बृजेश, क्या गांडू लाया है, सिर्फ निकुंज के लिए ही? हमें चुदाई नहीं करने देगा क्या?आदिल भी बोला- मुझे भी तो अपने लंड की प्यास बुझानी है.

शॉपिंग करने के बाद हम वापस जाने लगे, लेकिन इस बार हमारे बीच में सामान था, तो मामी का स्पर्श नहीं मिल पाया.

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तीसरे दिन मैं गया तो शर्म के मारे मैं रज़िया भाभी से नज़र नहीं मिला पा रहा था. उसके लौड़े से अजीब गन्ध आ रही थी, पर उस समय मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था. फिर उसने अपनी स्पीड थोड़ी बढ़ाई और 4-5 जोर के झटके देकर वह थमता चला गया.

उसके इस तरह से मेरा ख्याल रखने से मुझे वह अब अपने आप अच्छा लगने लगा. मैंने सोनू से पूछा- फिर तुम्हारा दिल किया था करवाने को?सोनू ने बताया- कल तक तो आपसे मिलकर मैंने यह सोचा था कि मैं यह काम नहीं करूंगी, परंतु रात को जब मैंने मम्मी पापा को देखा तो मेरा फिर दिल किया और मैंने उंगली से करके अपनी प्यास बुझाई और मन में सोचा कि कल अगर आप कुछ करेंगे तो मैं मना नहीं करूंगी. उसने मुझसे पूछा- क्या लोगे ठंडा या गर्म?मैंने कुछ भी लेने से मना कर दिया.

चुदाई के बाद मैंने और संजय ने फिर से पीना शुरू की और थोड़ी सी कोमल को भी पिला दी, ताकि उसको दर्द से राहत मिल सके और नींद आ जाए.

साथ ही वो दोनों स्तनों को दबाने लगे। विनय जीजू थोड़ा अलग होकर लेटे रहे. अगले दिन मामा का लड़का आ गया और मुझे यह डर सता रहा था कि अगर उसे पता लग गया कि उसकी किताबें कम हैं या किसी ने चुरा ली हैं तो? इसलिए मैं उनको जल्दी से जल्दी वापिस रखना चाहती थी. मैं खिड़की से अन्दर झांकने लगी।मैंने देखा कि अनन्त जीजू मेरी दीदी की दोनों टांगें उठाकर अपने कन्धों पर रखे हुए थे और दीदी का सर पकड़े हुए होंठों को चूस रहे थे.

इसमें मैं इसमें कुछ भी नहीं बदल रही हूं, नाम सहित सब सच जस का तस लिख रही हूं. उसके बाद सारा और जरीना से निकाह के बाद पहली रात सारा से सुहागरात मना के हलाला किया और अगली रात जरीना की सुहागरात थी लेकिन उस रात बिस्तर में सारा और जरीना दोनों मेरे साथ थी. नवीन ने मेरी गांड के छेद में उंगली डाल दी और मेरी गांड ने उसकी उंगलियों को रास्ता देना शुरू कर दिया.

मैंने बोला- क्या सच में?तो बोले- हां … तेरी मामी ने ही मुझे बताया कि तुम्हारी दो दिन पहले बात हुयी थी, लेकिन तूने ना बोल दिया. हम कुछ देर बाद अलग हुए और बाथरूम से निकल कर अपने बेडरूम में चले गए.

मैंने फिर से पहले एक, फिर दो उंगलियाँ उनकी चूत में घुसा दीं और उन्हें अंदर बाहर करने लगा. तो उनको कोई एतराज नहीं था क्योंकि मैं बचपन से ही उनके साथ सो जाती थी जब वो घर आते थे।बस यही मेरी जिंदगी का सबसे बड़ी मोड़ था।बात करते 2 बज गए तो हमने सोने की सोची. मैंने उसको धक्का दिया और उसके ऊपर चढ़ कर उसकी छाती में किस करने लगी और अपनी चूत को उसके लंड पर रगड़ने लगी.

मुझे लगा कि मैं सच में ही मैं सिर्फ किसी एक लड़के का नहीं मगर सभी के लंड का दीवाना हूँ.

उसके बाद उसने धीरे से अपना लंड मेरे मुंह से निकाला और मुझे वहीं पर लेटा छोड़कर कम्बल से बाहर निकल गया. चार पांच दिनों के बाद वो पार्टी का दिन भी आ गया, मैं भी कोट पैन्ट पहन कर टिपटॉप तैयार हो गया. दोबारा लगभग 4 बजे मैं उनके घर गया कि उनके हाथ से बनी चाय पी जाए, तो वह चादर ओढ़कर सोई हुई थी.

फिलहाल मैं बाइक काफ़ी तेज चला रहा था … ताकि जल्दी पहुंच जाएं … रात का समय था. अंडरवियर गहरे काले रंग का था इसलिए लंड की शेप या साइज नापने में मुझे दिक्कत हो रही थी.

उसका हमारे ही कॉलोनी के राकेश के साथ अफेयर था और उसके बारे में किसी को कुछ खबर नहीं थी. जैसे ही मैंने उसकी पेंटी निकाली, उसकी मस्त सी चूत मुझे दिखाई दी जो हल्की-हल्की गीली हो चुकी थी. भाभी बोली- आराम से करना राहुल, मैंने एक महीने से सेक्स नहीं किया है.

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मैं पूरे लंड को उनके मुंह में धकेल रहा था जो उनके गले तक जा रहा था.

कोई मर्द किसी कमसिन कली को पहली बार नंगी देख कर जिस तरह बांहों में लेकर मसलेगा, उसी तरह वह भी मुझे मसल रही थी. भाभी ने तब तक मेरे लंड को चूसना जारी रखा, जब तक मेरा लंड सिकुड़ कर अपने आप उनके मुंह से निकल न आया. मैं उसे किस करना चाहता था, लेकिन उसने अपना मुँह दूसरी तरफ कर लिया, जहाँ बगल के कमरे में उसकी सासू माँ सो रही थी.

फिर दोनों हाथ ऊपर करके एक एक हाथ में मेरे दोनों मम्मों को पकड़ के दबाने लगा. सोनू छटपटाने लगी और कहने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… छोड़ दो … छोड़ दो …मैंने सोनू से कहा- जो कुछ होना था वो हो गया है, झिल्ली फट चुकी है, अब आगे इससे ज्यादा दर्द नहीं होगा. बहन की चुदाई की वीडियोबात आई गई होती रही, फिर बात एक दिन ऐसी बनी कि मामी की कमर बहुत ही दर्द कर रही थी, तो उस दिन मामी ने मेरी बीवी को पूछा- तुम्हारी कमर दर्द करती है, तो तुम क्या करती हो?तो मेरी बीवी ने बताया कि मेरी कभी भी कमर दर्द होती है, तो मैं आपके भांजे अजय को बोल देती हूँ, तो वो मालिश करके दर्द को दूर कर देते हैं.

मैं उसकी गर्दन को चूमने लगा तो उसने कहा- पहले कॉफी पी लो, फिर आराम से कर लेना, जो भी मन हो. मैंने भाभी के घुटनों को थोड़ा मोड़ दिया और चूत के छेद के ऊपर अपने मोटे लंड का सुपारा रखा और अपनी पीठ से ज़ोर दे कर लंड को चूत के अंदर डालना शुरू किया.

कभी कभी सलवार सूट पहनना होता था, तो वो भी गांव का ही सिला हुआ पहनती थी. जब मेरी आहें निकलने लगी तो प्रेम और आदिल ने एक साथ मेरे मुंह में लंड डाल दिए. अब पहले की तरह वापस हफ्ते में तीन चार बार मैं मामा मामी से मिलता हूँ.

कुछ देर बाद उनको अच्छा लगने लगा तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और पूरे लंड को अन्दर बाहर करने लगा. मैं उसकी बात सुन हंस पड़ी और भीतर ही भीतर अपनी प्रसंसा सुन खुश हो रही थी. वहां भी सब सिर्फ सेक्स के लिए बात करते हैं, लेकिन तुमने मुझे अच्छे से बात की, मेरा ध्यान रखा.

चार दिन बाद मैंने पानीपत से सुबह की बस पकड़ी और दिल्ली बस स्टैंड आ पहुंचा.

उस वक्त मैं बुआ के घर नहीं था, तब मेरी बुआ को मेरी तबियत के बारे में पता चला, तो वो ऑफिस में ही रोने लगी थीं. मीना को तन का जो सुख चिन्टू से मिल रहा था, वो सुख ननकू के बस में नहीं था, चिन्टू का नया खून था, नया जोश था उसमें … और फिर चोरी का फल तो ज्यादा मीठा लगता ही है.

आआ आआआह हहह हहह … सच में इससे ज़्यादा नशा चढ़ाने वाला कोई भी और द्रव हो ही नहीं सकता. मैं पीठ के बल जा गिरा और उन्होंने बेड ही पर खड़ी होकर अपना पेटीकोट भी निकाल दिया. आज वो ब्लू जींस और एकदम टाईट व्हाईट शॉर्ट टॉप पहन कर आयी थी, जिसमें वो गजब दिख रही थी.

मैंने भी मौके की नजाकत को समझते हुए मीना के स्तनों को चूसना चालू कर दिया. मुझे देखते ही दोनों ठिठके, अगले ही पल जीजू मुस्कराते हुए बोले- आओ रचना, बैठो!मैं उनके साथ बैठ गई. मैं आधा होश में था और आधा सुरूर में डूबा हुआ नशे का आनंद ले रहा था.

बीएफ सेक्सी आजा आंटी के मम्मों पर हाथ रखते वक्त मेरी डर के मारे हालत खराब हो रही थी. इंदु मेरे पास आयी, मैं उसे लिप किस करने लगा और उसकी चुत में उंगली! चुत के आसपास ज्यादा बाल होने से बाल उंगली में फंस जाते जिससे इंदु को तकलीफ होती.

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न जाने कैसे खुद बा खुद ही मेरा मुंह थोड़ा सा खुल गया और पलक झपकते ही मैडम की जीभ मेरे मुंह में चली गयी. नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम राहुल है, मैं नासिक में रहता हूँ। मेरी उम्र 28 साल और मेरी हाइट 5’6″ है. एक दूसरे की बांहों में लिपटे हुए एक अजीब सी सुगंधनुमा महक सलोनी के जिस्म से आ रही थी.

वह लंड लेने के लिए पागल हुई जा रही थी जिसका अन्दाजा मुझे उसकी बार-बार ऊपर उठती गांड से होने लगा था. उसे मैंने कुछ ख़ास नहीं कहा, बस इतना बोला- भाई मैं तो फिर भी पड़ोसन को ठोक रहा हूँ, तू तो मकान मालिक की लड़की को ही लगभग रोज चोदता है. सेक्स वीडियो देहाती सेक्सीमैं अपना हाथ सीधा किया और हल्के हाथ से मामी जी के स्तनों को दबाने लगा.

मैंने अब उसके पेटीकोट को खोल दिया और जो उसकी छोटी सी एकदम फूली फूली सी चुत … जो मेरे सामने आई, आह क्या बताऊं … एकदम गोरी सी, नाजुक फूल जैसी उसकी चुत थी.

मुझे बार-बार रज़िया भाभी के पास जाने का मन करने लगा, पर मैं गया नहीं. ’उनकी चिल्लपौं सुनकर मैं एक मिनट के लिए रुक गया और उनके ऊपर झुक के उनके होंठों को चूसने लगा.

उसकी एकदम खड़ी मुलायम चुचियों को देख कर कोई भी उसके लिए जान भी दे सकता था, वो इतनी हॉट माल थी. अब देखो मेरी रचना कितना तड़प रही है … चुदवाने के लिये पागल हो रही है. वो मेरे सामने बैठ गयी और थोड़ी बहुत बातें की हमने!फिर रितिका ने मेरी गोद में सिर रख लिया और मैं उसके बालों को सहलाने लगा और उसके चिकने गालों पर हाथ फिराने लगा.

उसके बाद उसने खुद ही उठकर अपनी नाइटी को पीछे से खोल दिया और निकालकर एक तरफ रख दिया.

मैं जैसे ही उसके घर पहुंचा, तो वो दरवाजे पर मेरा ही इंतजार कर रही थी. अभी वह अपनी नाइटी को हटाने नहीं दे रही थी इसलिए मैं उसको कपड़ों में ही नाइटी के ऊपर से ही चूमने लगा. हम दोनों अब सेक्स कर चुके थे, इसलिए हम दोनों लोग शांत हो गए थे और एक दूसरे की बांहों में हाथ डाल कर शांति से पार्क में घूमने का मजा ले रहे थे.

सेक्स चुदाई की वीडियोइमरान की बहन दिलिया जिसका निकाह मुझसे हुआ था, वह भी आ गयी और बोली- आमिर आप जाओ, वो तड़प रही है, उसे सम्भालो. मैंने वो गोली भी खा ली।तो दोस्तो, कैसी लगी आपको मेरी यह पहले सेक्स की घटना जिसमें मेरे चाचा ने मुझे यानि अपनी भतीजी को चोद कर कली से फूल बना दिया.

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मैंने उसे काफी देर तक चूमा, फिर उसकी टीशर्ट उतार दी, उसकी छाती को चूमने लगा. डॉली ने पूछा- क्यों मज़ा आया या नहीं?वो बोलीं- मेरी लाइफ की अभी तक की सबसे अच्छी चुदाई हुई है … क्यों न मैं आज रात यहीं आप दोनों के साथ सो जाऊं … क्योंकि कल तो सभी चले जाएंगे, तो प्लीज मुझे इसके साथ रहने का मौका दे दो. मैंने उससे कहा- इतनी रात को मेसेज कर रही हो?वो बोली- यार मुझे नींद नहीं आ रही थी.

बहुत देर तक उसके कमर की मसाज करने के बाद धीरे धीरे ऊपर की ओर बढ़ने लगा. मैंने इंदु को बोला- भाभीजी आओ, मैं आपकी चुत चाटता हूँ, आप मेरा लंड चूसिये 69 की अवस्था में! बड़ा मजा आयेगा. इस वक्त मैं अपनी टांगें पूरी तरह से खोले हुए अपनी चूत उठा कर चुसवा रही थी और सर भी मेरी चूत को खोल कर अन्दर तक जीभ डाल कर मेरी चूत को चाट रहे थे.

वाह … क्या टेस्ट था … पूरा साल्टी!फिर हम दोनों ने किस्सिंग शुरु की. हम दोने की ही पता भी नहीं चला कि मैंने कब गुलाबो को नंगी कर दिया। सिर्फ नथ रहने दी. वह 5 मिनट तक हर रोज़ लगभग 8 बजे ऐसे ही पूजा करती थी, जिसे मैं हर रोज़ चोरी से देखने लगा था और हर रोज वहीं खड़ा होकर हाथ से अपना पानी निकाल लेता था.

मैंने भाभी से पूछा- लिक्विड चॉकलेट है क्या घर में?उसने कहा- हां है, पर क्या करोगे?मैंने कहा- देखते जाओ जानेमन, बस तुम ले आओ. नमस्कार दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है; यह एक सच्ची‍ घटना पर आधारित है किन्तु गोपनीयता के लिये नाम परिवर्तित किये गए हैं.

लेकिन जब सांस लेनी बंद हो जाती, तब हम रूकते और एक दूसरे की आंखों में देखते.

मैं भाग के अंदर गयी, कपड़े पहने और उसे दुकान में बैठा कर अब्बा अम्मी को जगाने चली गयी. দেওর বৌদির চূদাচূদিपहले तो मैं भाभी से कहने लगा- भाभी ये गलत है … आप मेरी भाभी हैं और मैं आपके साथ कैसे कुछ कर सकता हूँ. বাবা ও মেয়ের চুদাচুদিमैंने अपना सारा माल उसकी चूत में ही निकाल दिया और ऐसे ही उसके ऊपर लेटा रहा. अनुष्का ने खुद ही अपनी टांगें फैला दीं और अपनी चूत को खोलकर मेरे सामने अच्छी तरीके से लेट गई.

जब भी विजय माला के घर जाता, तो वो यही सोचता रहता कि उसका टाइम कब लगेगा, जब इस पटाखे पर हाथ फेरने का मौका मिलेगा.

मैं बोला- मेरी रानी … बस इस बार बर्दाश्त कर लो … आगे मजा ही मजा है. बाकी तेरी मर्जी बेटा, अगर तुझे यहां नहीं रहना, तो तू अपने मायके जा सकती है और हितेश से तलाक ले सकती है. अब मैंने धीरे से उंगली को चूत में डालनी स्टार्ट कर दी और मेरी उंगली अंदर चूत में आराम से घुस गई.

मैंने उसे बातों ही बातों में पूछा- अब तो तुम बड़ी हो गयी हो, कोई बॉयफ्रेंड बनाया या नहीं. मैं दोबारा से उनके चुचे दबाने ओर चूसने लगा, तो वो बोली- अब कंट्रोल नहीं हो रहा है. एक कज़िन से जो आरती का पति है, दूसरा मेरी पति और बाकी के चार जो आरती ने दिलवाए.

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मैंने बेड पर लेटा कर भाभी की नाइटी को ऊपर कर दिया और भाभी के सेक्सी जिस्म पर टूट पड़ा. तो बहुत देखे होंगे मगर आज मैं आपको पूरी पिक्चर दिखाने की कोशिश करूंगा. जिसे देखते ही वो बहुत डर गई और बोली- देख यार, यह बात किसी से ना कहना … वरना मेरी सारी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी.

जैसा कि प्लान बनाया गया था, आरती ने एक ज़ोर से आवाज़ निकाली- ज़रा रूको एक मिनट!जो मेरे लिए इशारा था कि मैं कमरे में आ जाऊं.

मैंने पहले कोई ध्यान नहीं दिया, पर जब भी मेरी नजर उधर जाए, तो वह सिर्फ मुझे ही देखता मिले.

” मैं दरवाजे के पास चली गई और न जाने मुझे क्या सूझा और मैं पलट कर उन्हें बोली- और अगर आप जानबूझ कर भी उधर हाथ रखते, तो भी मैं आपसे गुस्सा नहीं होती. मेरी चुदैल चुदक्कड़ बीवी की चुदाई की कहानी के प्रथम भागदौड़ पड़ी मेरी बीवी की चुदाई एक्सप्रेस-1में आपने पढ़ा कि मेरी बीवी ने अनायास ही हमारे पड़ोसी का लम्बा बड़ा लंड देख लिया था और उसकी चूत उस लंड का भोग लगाने के लिए लालयित हो उठी थी. बफ गफ सेक्स वीडियोसरितिका ने हॉस्टल से छुट्टी ली और मुझे कॉल कर दिया- जान, आई एम कमिंग ऋषिकेश फ़ॉर माय फर्स्ट फकिंग!मैं बोला- रितिका मेरी जान, जल्दी आओ, मैं तो कब से तेरा इंतजार कर रहा हूँ.

मैंने एक हाथ से उसकी चूचियों को उसके कपड़ों के ऊपर से ही दबाना शुरू कर दिया. अपनी कमर और पीठ पर मेरे हाथ का स्पर्श पाकर भाभी और बेचैन सा होने लगीं और मुझसे कसके लिपट गईं. और उसके साथ गाड़ी में बैठ गयी।हम दोनों उसके घर आ गए। शादी की वजह से पूरा घर सजा हुआ था और बहुत खूबसूरत लग रहा था। हम दोनों अंदर गए और उसने बोला- घर लॉक कर देता हूँ अंदर से, यहाँ चोरों का डर रहता है।फिर वो मुझे अपना घर दिखने लगा। उसने बोला- एक बात पूछूं?मैंने कहा- पूछो।करन बोला- जब मैंने चैट में कहा था कि मतलब मेरा कोई चान्स नहीं है.

मैंने अपनी जीभ बाहर निकालते हुए मेरे होंठों के पास ले जाते हुए उसकी चुत के रस को चाटा ‘उम्म … यम्मी …’उसके रस का स्वाद ने मुझे पागल बना दिया था. फिर आरज़ू ने अपना कुर्ता उतारा और अब वो सिर्फ एक सफेद कलर की पारदर्शी बनियान में थी और फिर कुछ देर बाद वो भी नीचे उतर गयी.

इस खास पल में दोनों ने एक साथ चिल्लाकर एक दूसरे को बोला ‘थैंक्यूयू …’ और फिर दोनों ही खिल-खिलाकर हंसने लगे.

मैंने थोड़ा सा भाभी के घुटनों को मोड़ा तो चूत का बीच का हिस्सा दिखाई देने लगा. तब भी मैं पेशाब करने की अवस्था में बैठ गयी और योनि को सुखबीर की तरफ ही किया ताकि उसे देख कर तसल्ली हो सके. वो घोड़ी बन गईं और मैं उनके पीछे आ कर उनकी चूत में लंड के धक्के लगाने लगा.

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इस बात पर मैंने सोनम को गले से लगा लिया और उसे अपने दिल की बात बता दी. वो छत का दरवाजा बंद ही करने वाली थीं, पर मैं भी वहां पहुंच गया और दरवाजे को जोर से धक्का दे कर छत पर पहुंच गया. हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे मगर कुछ ही देर के बाद दीदी के आने की आहट सुनाई दी तो हम दोनों अलग होकर बैठ गये.

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तब वो बोली- हां, पर ये पहले से और ज्यादा लंबा और मोटा कैसे हो गया है. वहां होंठ चूसते हुए ही नीचे धकेल कर सोफे पे बिठाया और उसे नीचे लाके पायल के होंठ का रसपान शुरू किया. वो चारों गाड़ी से उतरे, वे चारों ही पहवान किस्म के थे … जबकि उनके मुकाबले मैं एकदम दुबला पतला हूँ.

झटका देने के तुरंत बाद भाभी ने मेरे गीले टोपे वाले लंड को अपने मुंह में भर लिया और अपनी जीभ लगाकर लंड का स्वाद लेते हुए चूसने लगी. मामी बोली- तो फिर आप से गलती हुई है तो आप सजा के भी हकदार हो जाते हैं.

उसने अब निश्चय कर लिया कि अबकी बार जब ननकू गाँव आयेगा तो वो अपने पति से कहेगी कि या तो वो गांव में ही रहकर कोई धन्धा करे या फिर उसे भी अपने साथ शहर लेकर जाए.

मिसेज पाटिल साँस रोक कर अपना मुँह ऊपर कर के पूरा लंड अन्दर लेने का प्रयास करने लगीं और बड़बड़ाने लगीं- आह साला … ये लंड भी बहुत बड़ा है. तब तक उसका बैलेंस बिगड़ा और दोनों एक साथ बेड पर घड़ाम से जा गिरे, मगर तब भी चुदाई जारी रही. दरवाजा खोला तो क्या बताऊं दोस्तो … सामने मेरी हसीन परी पायल खड़ी थी.

उसके बाद उसने मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से चूमना-चाटना शुरू कर दिया. इंदु भी मुझसे लिपट गयी जैसे किसी भूखे को रोटी मिल जाती हो।मैंने अंदर के रूम की भी कुंडी बंद की और उनके बेड पर चला गया, बोला- इंदु जी, आपके लिए ये गिफ्ट!उस गिफ्ट में एक बहुत सुन्दर साड़ी, एक पतली सी डोरी वाली सेक्सि पैंटी औए पार्दर्सि नाईटी थी. अब मैं उसके ऊपर लेट कर उसे किस भी कर रहा था और एक हाथ से उसके मम्मों को सहला भी रहा था.

उसके बाद मेरे दोस्त ने अपनी गर्लफ्रेंड को आंखों से ही इशारा सा किया.

बीएफ सेक्सी आजा: हालाँकि कुछ ही देर में रस के कारण चूत ने दर्द को भुला दिया और सलोनी भी अपनी गांड उठाकर चुदवाने में साथ देने लगी।कुछ देर बाद पूरा लंड चूत की जड़ तक अन्दर-बाहर होने लगा और धमाकेदार धक्कों से सलोनी की चूत का बाजा बज उठा. ये कहानी मेरी और मेरे पड़ोस में रहने वाली भाभी की है। भाभी के बारे में बताऊं तो वो एक काम की देवी है। उसके बूब्स और उठी हुई गांड जो भी देखे, देखता ही रह जाए और भगवान से प्रार्थना करे कि ये सुंदरी अभी मिल जाए और इसके चूचे चूस लूं … गांड में लण्ड डाल दूं।देखने में भाभी का रंग गोरा चिट्टा, बिलकुल चिकनी चमेली है वह.

पायल ने मुस्कुराते हुए मेरा चेहरा पकड़ते हुए कहा- हां जीजू मैं भी आप ही की हूँ. मामी अन्दर चली गईं, आज मैंने सोच लिया था कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं मामी को चोद कर रहूंगा. ऐसी कोई हीरोइन नहीं जिसको चोदने के बारे में मैंने नहीं सोचा हो, चुदाई की बातें करना मुझे बहुत पसंद था.

मैं उसकी चूत को चाटने लगा तो उसने मेरे मुंह को अपनी चूत में दबा लिया और फिर दोबारा से मुझे नीचे लेटा दिया.

मध्यम वर्ग परिवार से होने के कारण मेरी पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं है. अनन्त भी आ गया है।दीदी- क्या करूं, रचना यहीं है।जीजू- रचना सो गई है. सोनल अब हल्के से आगे की ओर झुकी, उसका चेहरा धीरे धीरे मेरी कमर के नजदीक झुकने लगा.