देहाती भाषा में बीएफ

छवि स्रोत,एक्स एक्स एक्स सेक्सी वीडियो न्यू हॉट

तस्वीर का शीर्षक ,

रवीना की बीएफ: देहाती भाषा में बीएफ, कुछ देर हमने साथ वक्त गुजारा, फिर उसने मुझे एक किस दी और स्माईल करते हुए बाय बोलकर चली गई.

सेक्सी फिल्म व्हिडिओ ब्ल्यू फिल्म

शादी से पहले तो वह मेरी गर्लफ्रेंड थी इसलिए मैंने भी कभी ज़बरदस्ती नहीं की थी. www.com फुल सेक्सीधीरे धीरे सोनल ने लुंगी उनके जांघों के भी ऊपर सरका दी और उनकी जांघों पर अपनी उंगलियां घुमाने लगी.

इस वक्त नेहा ने एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया था और उसे ऊपर से नीचे तक सहलाते हुए वो जोरों से चूस व चाट रही थी. बिहारी सेक्सी एचडी व्हिडिओचाची ने फिर मुझसे मिन्नत की- रोहन बेटा, अब तो चोद दे मुझे … मैं बहुत दिनों से प्यासी हूँ।इतना तड़पाने के बाद मैंने चाची को अब और ज्यादा परेशान करना ठीक नहीं समझा.

हम दोनों लोग कभी कभी शाम को घूमने जाते थे, तो कॉलोनी के लड़के हम दोनों लोग पर गन्दे कमेंट करते थे.देहाती भाषा में बीएफ: मैंने इधर बीच उसके बोलने पर उसकी एक सहेली को भी होटल ले जा कर पेला था.

वो मेरी तरफ झुक कर पढ़ रही थी जिससे मुझे उसके टॉप से झांकती हुई चूचियों को देखने का मजा मिल रहा था.मैंने और अपने लंड को थोड़ा सा बाहर खींचा और एक जोर का धक्का फिर से लगा दिया.

काजल राघवानी की सेक्सी व्हिडिओ - देहाती भाषा में बीएफ

यह सुनकर वो चौंक गयी और कहने लगी- नहीं आप सो जाओ, मुझे आपकी मदद नहीं चाहिए.जब मेरा लंड फिर से टाइट हो गया तो भाभी कहने लगी कि अब मुझे तुम्हारे लंड को चूत में महसूस करना है.

मेरी आँखों के सामने मेरी सपनों की रानी मदमस्त जवानी से भरी हुई चाची खड़ी थी, जिसके 40 के साइज़ के चूचे उसके ब्लाउज़ में कसे हुए थे. देहाती भाषा में बीएफ और उसको भेजा भी तुमने ही होगा?” नेहा ने अब शरारत से मुस्कुराते हुए कहा.

मैंने अन्दर आने के लिए रास्ता छोड़ दिया, तो वो चाय का कप हाथ में पकड़ाते हुए बोली- प्लीज तुम राहुल को स्कूल छोड़ आओ, आज उसका ट्रिप दो दिन के लिए शिमला जा रहा है, स्कूल बस नहीं आएगी.

देहाती भाषा में बीएफ?

इससे पहले मेरी दोनों कहानियांचाची के घर में गर्लफ्रेंड के साथ सेक्सऔर दूसरी कहानीगर्लफ्रेंड को दोस्त के खेत पर दबाकर चोदादोनों कहानियों को आपने बहुत पसंद किया, इसके बहुत बहुत धन्यवाद. उसकी स्कर्ट से उसके भरे हुए पट और सुडौल पिंडलियाँ बहुत सेक्सी लगती थीं. फिर हमारी बातें शुरू हुईं और कुछ समय बात करने के लिए वो मुझे फिर से मेरी शारीरिक इच्छाएं पूरी करने पर जोर देने लगा.

ये सब समझते हैं, ये दोनों भी तुझे मस्त चोदेंगे … तू इन्हें बहुत पसंद आ गई है. जब मैंने महसूस किया कि उसकी चुत से उसका रस निकल रहा है और लंड भी आसानी से अन्दर बाहर होने लगा है, तब मैंने उसका मुँह खोला. इसके बाद कैसे उसने अपनी एक फ्रेंड से मिलवाया और उसके साथ सेक्स की दास्तान को, फिर कभी आप सभी के सामने रखूंगा.

ऐसा कहते हुए एक हाथ से मेरा सर पकड़ कर जैसे ही दबाया, मेरे मुँह में उनका लंड आ गया. मेरी तो जान निकल गई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’मगर उसने कुछ देर का विराम दे दिया. उनकी तबियत ठीक नहीं है, जिसके कारण मैं तुम्हारे पापा के साथ जा रही हूं.

चाची ने शरमाते हुए कहा- बेटे का लंड अपनी गांड पर महसूस करने के बाद तो किसी की भी चूत गीली हो जाएगी. आइए आइए मास्टर जी, घर वाले आ गए?”जी कौशल्या जी, बस आपके जाने के कुछ देर बाद ही आ गए थे.

मेरी सहेली की बात सुनकर मुझे भी अपने बॉयफ्रेंड्स से चुदवाने का मन करने लगा.

उसकी कमर थोड़ी बड़ी थी, लेकिन जब वो थोड़ी आगे को गयी, तो उसकी गांड तो फुल कयामत बरपा रही थी.

मुझे भी अब आदत हो गयी थी और ऐसे ही मैं भी अपने देवर से थोड़ा घुल मिल गयी हूँ. बचपन से लेकर आज तक मैंने कई बार रवि मामा के कड़क मेहनती जिस्म को बिना कपड़ों के देखा. शाम को जब मैं घर आया तो मैंने एक अनजान खूबसूरत भाभी को अपने घर में देखा.

अंकल सेक्स के लिए तैयार थे, उन्होंने मेरी चूत में किस करते हुए बोला- आज साली 2 रंडी रानी मुझे बहुत मज़ा देंगी. मालिनी मेरी तरफ अजीब से भाव से देख रही थी जैसे कह रही हो कि वो भी सिगरेट के कश लेना चाहती है, मगर शायद उसकी हिम्मत नहीं हुई. मनीषा- कोई तो बात है अब बोलो भी?मैं- एक बात पूछूँ?मनीषा- हाँ जरूर!मैं- तुम्हारा बॉयफ्रेंड मुझसे अच्छा था क्या शक्ल सूरत या सेक्स करने में?मनीषा- नहीं … शक्ल सूरत तो उसकी ठीक ठीक थी पर सेक्स में तुम उससे काफी बेहतर हो.

चुदाई के बाद हम दोनों ने रगड़ कर एक दूसरे को नहलाया और बाहर आकर कपड़े पहन लिए.

इसलिए उसने खुद ही अपनी जांघों को फैलाकर अपनी चुत को मेरे लिए परोस दिया था. अब तक आपने पढ़ा था कि मैं अपनी मम्मी और अंकल लोग के साथ कार में मानकपुर जा रही थी. दोस्तो, मैं सरस एक बार फिर हाजिर हूं अपनी कहानी के अगले भाग के साथ। उम्मीद करता हूं कि मेरे सभी पाठकों के लंड और पाठिकाओं की चूत नए घमासान के लिए तैयार होंगे.

मैं गांड के मांस को मुठ्ठी भर पकड़ पकड़ कर समूची गांड को मसलने लगा- चाची, क्या गांड बनाई है भगवान ने. चाची की गांड की उछाल इतनी जोर से हो रही थी कि मुझे लग रहा था कि मैं उछल कर गिर जाऊंगा, लेकिन मैं भी पक्के खिलाड़ी की तरह चाची की दोनों चुचियां मसलते हुए उनको धकापेल चोद रहा था. जैसे ही मैंने उसे देखा, मेरा मन खिल उठा।अगली दो रातें कब कैसे निकल गईं, पता भी नहीं चला.

पहले दोनों यहाँ आती थीं, तो चुदवाने के लिए कितना फड़फड़ाती थीं, कभी कभी तो हमारे ब्वॉयफ्रेंड से ही चुदवा लेती थीं.

मैं अपने कपड़े धोकर छत पर डालने के लिये गई हुई थी कि तभी सुमन अपने कमरे से ब्रा और पैन्टी में ही निकली और बाथरूम में चली गई. न कोई कलाकार परमपिता की बराबरी कर सकता है और न ही कोई कंप्यूटर उसके बराबर रचना कर सकता है.

देहाती भाषा में बीएफ फिर उसे ऐसे प्यार करने लगी जैसे किसी छोटे बच्चे को प्यार किया जाता है. यह कहकर उन्होंने सीधे अपने पैन्ट को खोला और थोड़ा सा नीचे करने लगे.

देहाती भाषा में बीएफ अब मुझे लगने लगा था कि अनु भी करण पाल से पट गई है और इन दोनों की सैटिंग हो गई है. मैंने सोनू के टॉप में से उसके चूचों पर हाथ रखा तो पता लगा सोनू ने ब्रा पहन रखी थी.

पर मैं कहाँ रुकने वाला था, मैं धक्के पे धक्के मार रहा था और उसके बूब्स चूस रहा था और वो ‘आ ऊ आ दर्द हो रहा है उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ कर रही थी.

सेक्सी गर्ल एंड गर्ल

तभी दरवाजे पर कुछ आहट हुए और उधर से धीरे से आवाज आई- मालिकऽऽऽ मैं रमेश, दरवाजा खोलिए मुझे देखना है. जबकि मेरी सहेली के भी कई बॉयफ्रेंड्स हैं और वो अब भी अपने बॉयफ्रेंड्स से चुदवाती है. जैसे ही मालती मेरी चूत में डिल्डो डाल कर अन्दर बाहर करने लगी, तो मैं भी नीचे से गांड को उछाल उछाल कर उसे अपने अन्दर करवाने में लग गई.

जैसे ही मैंने उसे देखा, मेरा मन खिल उठा।अगली दो रातें कब कैसे निकल गईं, पता भी नहीं चला. मुझसे वो बहुत ही खुल कर बात कर रही थी, जबकि मुझे थोड़ी झिझक हो रही थी. मैं ब्रा के ऊपर से ही उसके दूध पीने लगा, मालिनी मेरे लौड़े से खेलने लगी.

हम दोनों जोश में थे, तब उन्होंने मुझसे बोला- मनीषा आज तो दो हो जायें?मैं उनका इशारा समझ चुकी थी, मैंने ना में इशारा किया।परंतु वे नहीं माने.

भाभी के ब्लाउज को उतार कर मैंने उसके चूचों को नंगा कर दिया और उसके बूब्स को पीने लगा. तेरी मम्मी के आने से पहले कोई ना कोई ये बताने आएगा कि मम्मी तेरी आ रही है. वो बोली- ये तुम्हारी पसंद की ही ब्रा है कैसी लगी?मैंने बोला- बहुत सेक्सी लग रही हो.

उस रात मैंने उसको दो बार पेला था जिससे उसको चलने में दिक्कत हो रही थी. फिर वो बोली- बहुत समय हो गया है, तुमको अब भूख लग रही होगी, चलो अपना गिलास खाली करते हैं और खाना खा लेते हैं. मेरी बीवी की गांड मार-मारकर मैंने उसको इतनी चौड़ी कर रखा है कि वह मेरा लंड आसानी से अपने अंदर समा लेती है.

मैं तो भाभी को देखता ही रह गया और फिर से भाभी ने अपना गिलास पूरा का पूरा केवल दारू से भर लिया. इस बार तो मुझे दीदी की गांड भी देखने को मिली जब वो काउंटर पे जाके बर्गर लेके आयी.

करीब 15 मिनट तक किस करने के बाद स्वीटी बोली- अब कुछ करो यार … सब्र नहीं हो रहा है. ” मैं ये सब सोच ही रहा था कि तभी नेहा ने मुझे गहरी निगाहों से देखते हुए छुआ. मैं लेट गयी और अपनी टांगें खोल कर घुटनों को मोड़ते हुए उससे बोली- आ जाओ.

मैं उस पर एकदम से सवार हो गया और उसकी चूचियों को मसलते हुए जोर शोर से चोदने लगा.

हाँ हो सकता है कि वो आपको पसंद न आए, लेकिन याद रखें कि वो है तो एक कहानी ही. इस बार सुलेखा भाभी का स्खलन इतना उत्तेजक था कि हिचकियां लेते हुए एक बार तो वो सांस लेना भी भूल गईं. इधर आगे अनवर मेरी एक टांग को अपने कंधे में रखकर जोर से अब पूरा लौड़ा मेरी चूत में अन्दर करने लगा.

बेडशीट तो मेरी हाथों से कब की फिसल गई थी और मैंने आंखें बंद करके अपना सिर ऊपर कर दिया. पर असल में अरुणा को मजा आ रहा था उसने अपना हाथ अंकल के शरीर पर रख दिया था.

वो दोनों हॉल में बैठ गए और मैंने और नेहा ने सब बर्तन साफ किये और रसोई का काम निपटाया. उस दिन के बाद से हम दोनों हमेशा एक दूसरे से फ़ोन पर बातें करते रहे और इस बीच हमें जब भी मौका मिलता था, तो हम दोनों एक दूसरे को किस कर लेते थे. मैंने चाची को किसी तरह समझाया कि हम बड़े चाचा के घर हैं, किसी ने देख लिया तो बुरी तरह फंस जाएंगे.

बांग्लादेशी लड़की का सेक्सी वीडियो

लण्ड मेरा बहुत बेचैन हो गया था, मैंने शर्ट को उतार फेंका और उसका कुर्ता भी उतार दिया.

अपने कपड़े पहनने के बाद नेहा अब मुझे भी कपड़े‌ पहनकर अपने कमरे से जाने के लिए कहने लगी. उसको आते देख कर मेरी फट गयी, मैं तुरंत ही कैंटीन में अन्दर चला गया और उसे अन्दर से ही देखने लगा. अब मुझे लगने लगा था कि अनु भी करण पाल से पट गई है और इन दोनों की सैटिंग हो गई है.

मैं- अच्छा, फिर तुम क्या करती हो?सरिता- जाने दो, मुझे नहीं बोलना, तुम खुद ही समझ लो. मैंने चाची की साड़ी और पेटीकोट को एक साथ ऊपर कर दिया और चाची की पेंटी, जो कि गीली हो चुके थी, उसे उतारने लगा. देहाती सेक्सी बिडीयोवो कितनी प्यासी और चुदासी सी लग रही थींमैंने आंटी की जीभ चूसते हुए उसके होंठ पर काट लिया, जिसके उनके मुँह से आवाज़ निकल आयी- हहहह … विक्रम क्या कर रहे हो? आज से मैं तेरी ही हूँ… जब मन करे तब रौंद देना मेरी चर्बीदार जवानी को!इतना सुनते ही मेरा जोश डबल हो गया.

कसम से बहुत बड़ी और सेक्सी थी उसकी गांड।मैं मनीषा को लेकर बेड पे आ गया और हम फिर से एक दूसरे से चिपक गए. अब पीछे से मेरी गांड खुल गई तो राज अंकल बोले- रवि भाई आप बुरा नहीं मानो तो मैं सोनू की गांड मार लूं.

आह क्या फीलिंग थी दोस्तो … आपको बता नहीं सकता, उनकी गर्म जीभ लंड पे फिसल रही थी और मुझे पागल कर रही थी. साथ ही महेश मेरे मुँह में गले गले तक अपने लंड को अन्दर बाहर कर रहा था. मैंने मालिनी को बांहों में भरा और उसके होंठों पर एक जोरदार चुम्बन दिया.

दस-बारह अप-डाउन के बाद प्रशांत को शरारत सूझी और बात नीना के कंट्रोल से बाहर हो गई. फिर वह उठी और उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और मजे से चूसने लगी. जैसे ही सुनील का लंड मेरी चूत में टच हुआ, मैं ऊपर महेश को पकड़ कर उसे किस करने के लिए बेताब हो गई.

तब भी दीदी के घर के नजदीक होने से मेरा अब दीदी के घर आना जाना चलने लगा था.

मेरा लंड है, खड़ा भी होता है, पर उसमें मुझे ज्यादा दिलचस्पी नहीं थी. वो मेरे पास आ कर बैठ गई और बोली- जानू प्यार से करोगे ना बेबी?मैंने उसका हाथ पकड़ कर कहा- मुझ पर विश्वास रखो … बहुत ही प्यार से करूंगा.

नूपुर बोली- आप मेरा मजे ले रहे हो?मैंने कहा- ऐसे मौके बार बार भी तो नहीं आते हैं. मैं- ये तो बताओ … क्या क्या तैयारी की?नूपुर- मैंने बाल हटाये हैं, कमरे की सफाई की है और आपके लिए कुछ बनाया भी है … और भी बहुत कुछ किया, लेकिन आपने मेरे दिल तोड़ दिया. उस दिन के बाद से हम दोनों हमेशा एक दूसरे से फ़ोन पर बातें करते रहे और इस बीच हमें जब भी मौका मिलता था, तो हम दोनों एक दूसरे को किस कर लेते थे.

क्योंकि मुझे अकेले ड्रिंक करने की आदत नहीं है।मैंने उसे ‘हाँ’ कर दी।वो दो ड्रिंक ले के आई. जिस स्पीड में वो मुझे चोदती, उसी स्पीड में वो मेरे निप्पल को नोचती. मैं अपने सहेली के भाई से नार्मल बात करती थी, लेकिन मुझे ये पता था कि वो मुझे पसंद करता है.

देहाती भाषा में बीएफ इसलिए मैं भी अब मजे से नेहा की चुत को चाट चाट कर उसके रस को पीने‌ लगा. पांच मिनट उसकी चूत में उंगली अन्दर बाहर करने के बाद उसका शरीर अकड़ने लगा.

अनुष्का सेक्सी बीपी

थोड़ी ही देर में वो अकड़ने लगी और ढेर सारा पानी मेरे मुँह पे मार दिया. मैंने महसूस किया कि मेरे हाथ निकलने पर भी उसने अपना ब्लाउज बंद नहीं किया था. मेरी कसी हुई छातियों को दबाते हुए बोले- खुदा ने खूब तराशा है।मैंने बांहें उनके गले में डालते हुए कहा- आप जैसे कद्रदानों के लिये तराशा है। कर लो अपनी चाहतें पूरी और इस अधूरी तनु को अपने जोश से संपूर्ण कर दीजिए।लगता है हुस्न के इस बगीचे का माली कमज़ोर है.

मैं सोच रहा था कि अभी उनके पास चला जाऊं और उनकी मैक्सी उठा कर उनकी गांड में अपना लंड डाल दूं. हम दोनों लोग कभी कभी शाम को घूमने जाते थे, तो कॉलोनी के लड़के हम दोनों लोग पर गन्दे कमेंट करते थे. सेक्सी नंगी बफइसके बाद मैं आप सभी को बताऊंगा कि मैंने उसे सबसे पहली बार कैसे चोदा था.

मैंने भाभी को अपनी बांहों में भींच कर उसकी चूत की जड़ में पिचकारी मार दी.

अब मैंने अपनी जीभ उसकी चूत की दरार में रख दी और नीचे से ऊपर की ओर चलाने लगा और नीचे से ऊपर की तरफ पूरी चूत पर जीभ की खुरदुराहट से मजा देने लगा. ठंड शुरू होने के पहले की बात है, मेरे दोस्त के परिवार ने बाहर घूमने का प्लान बनाया जिसमें जीजा जी, अंकल, दोस्त के साले और पियू का परिवार सब मिलाकर 25 लोग शामिल थे.

सोनू ने ड्रेसिंग टेबल में देखा और कहने लगी- ऐसे तो वाकई सेक्सी लग रही हूं. मैं कुछ नहीं बोला तो उसने मुझसे पूछा- क्यों क्या आप अपनी गर्लफ्रेंड से भी यही सब करते हो??मैंने उसको कहा कि हम दोनों 2 साल पहले ही अलग हो गए हैं. ये मुझे थोड़ा अजीब लगा, पर मैंने सोचा जाने दो, सबकी अपनी अपनी जिंन्दगी है … अपना अपना स्वाद है.

मम्मी ने मुझसे कहा था कि पहले चाचा के घर चले जाना, फिर वहां से रात को शादी में इकट्ठे एक साथ चले जाना.

मेरी सहेली का भाई तो कभी कभी मुझसे पीरियड के बारे में भी पूछने लगा था. इसी कड़ी में मैंने उसको उसके नाम से फेसबुक पर सर्च किया, तो बड़ी मेहनत के बाद वो मिल गई. मैं पहले से सारी संभावनाएं बना लेना ठीक समझती हूं ताकि वो बाद में सम्बन्ध बनाने के लिए मेरा भयादोहन न करे.

सेक्सी वीडियो ब्लू पिक्चर चोदने वालीथोड़ा थूक से गीला करके मैंने लिंग मुँह में भर उसे जैसे ही चूसना शुरू किया. नेहा अपने मुँह से ‘इईईई … उईईईई … इश्श् … अह्हह …’ की जोरों से किलकारी मारते हुए मुझसे किसी बेल की तरह चिपट गयी और उसकी मुनिया रह रह कर मेरे लंड को अपने प्रेमरस से नहलाने लगी.

हॉट सेक्सी मिया खलीफा

मैंने कहा- जो करना है, यहीं कर लो, ये तो अब इसकी मर्ज़ी से ही बाहर आएगा. उसका छोटा सा लंड मेरी तोंद से रगड़ कर मेरे नाभि के छेद को छू रहा था, बड़ा मज़ा आ रहा था. चलो‌ मेरे लिए ये तो अच्छा ही हो गया‌ था‌ कि नेहा और प्रिया को भी सुलेखा भाभी के बारे में मालूम हो‌ गया‌ था.

’‘पर ये तो… ये तो…’‘समझिए आंटी ये मुझे पूरा मज़ा देती है, सब तरह से. मैंने उस पर पूरी पकड़ बना रखी थी तो मैंने और जोर लगा दिया और लन्ड पूरा अंदर चला गया. जैसे तूने मुझे इतना गर्म कर के मस्ती में सिस्याने पर मजबूर कर, मेरी चूत का रस निकाल डाला, निचोड़ डाला.

मैं बोली- हां अनवर मैं रखैल बनूंगी, तुमको मुझे जो बनवाना है, बनवा देना, पर अब मुझे मत तड़पाओ, मुझसे रहा नहीं जा रहा है. नेहा की चुत को चाटते हुए मैं बीच बीच में अपनी निगाहें खिड़की पर भी ले जा रहा था, प्रिया अब भी खिड़की पर ही थी और चोरी चोरी हमें देख रही थी. और मैंने उसकी चूत से बहने वाली सफ़ेद पानी की वो बूंद अपनी उंगली पर उठा कर उसे दिखाई।वो बोली- यार, जब से तूने अपने बॉयफ्रेंड का किस्सा सुनाया है न, मन बड़ा बेचैन है।मैंने पूछा- मेरे यार पे दिल आ गया तेरा?वो बोली- हाँ यार … पूछ न उससे अगर वो आ जाए तो … दोनों बहनें मिलकर मज़े करेंगी।कहानी जारी रहेगी.

शाम को मैं बाइक लेकर उनके घर गया और उनसे पूछा कि आपको मेरे साथ चलना था?उन्होंने मुझे स्माइल दी और पार्लर जाने की कह कर मेरे पीछे बाइक पर बैठ गईं. यह सुन कर सुनील ने तुरंत अपना पैंट और अंडरवियर उतारा और नंगा हो गया.

नेहा के चिकोटी काटने से जब मुझे दर्द हुआ तो जैसे मैं होश में आ गया और मैंने नेहा की तरफ देखते हुए उससे पूछा- क्या?? क्या है?क्या है? जान से मारेगा क्या?? आराम से भी तो कर सकता है ना …” नेहा ने कराहते हुए कहा.

एक घपाक की आवाज से मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ सीधा अन्दर घुस गया. गूगल में सेक्सी पिक्चरमैंने जैसे ही उसकी चूत को टच किया, सलोनी ने झट से मेरा हाथ पकड़ लिया. जबरदस्ती एक्स एक्स सेक्सी वीडियोफिर उसने मेरी नजर पकड़ी, तो खुद को बिना कपड़े की पाकर हड़बड़ा गयी और पीछे मुड़ गयी. मैं जिस दिन हॉस्टल में दाखिला लेने के लिए घर से निकला, उस दिन पापा की जरूरी मीटिंग थी.

फिर मैंने अपना 8 इंच लम्बा लंड उसके मुँह में जड़ तक ठूंस दिया और उसके मुँह में ही झड़ गया.

दस मिनट की लंड चुसाई के बाद मेरा लंड भी झड़ने वाला था, मैंने बोला- रस कहां गिराऊं?तो बोली- मेरी मांग भर दो देवर जी, मैं आज के लिए आपकी पत्नी बनना चाहती हूँ. मेरी प्यारी भाभियो और सेक्सी लड़कियो! माफी चाहूंगा कि बहुत दिन बाद आया हूँ, किसी काम में व्यस्त होने के कारण कोई कहानी नहीं लिख पा रहा था। बहुत सारे पाठकों ने मुझे आगे की कहानी लिखने के लिए कहा, लेकिन मैं टाइम नहीं निकाल पा रहा था. मेरी बहन की बात से मैं गुस्सा तो था लेकिन तब भी इस बात को जानता था कि मेरी दीदी हॉस्टल में लड़कों के कितने लंड ले चुकी है.

अब मैंने वंदना को उठाया और डॉगी पोजीशन में करते हुए कहा कि अब मैं तुम्हें ऐसे चोदूंगा. मैंने फिर से खिड़की को खोल लिया था और उसी के कमरे की तरफ बड़ी आशा भरी निगाहों से देखता हुआ लंड हिला रहा था. फिर उसने मेरी नजर पकड़ी, तो खुद को बिना कपड़े की पाकर हड़बड़ा गयी और पीछे मुड़ गयी.

देसी चाची की चुदाई सेक्सी

इसी के साथ दोनों ने अपने अपने शादीशुदा सम्बन्धों की बातें शुरू कर दीं. मैंने पूछा- तो कैसे होता है?मैंने मंदिर में से सिंदूर लाकर उसकी मांग में भर दिया और उससे कहा कि अब से हम एक हैं और आज से हम पति पत्नी हैं. मैं उठने को तैयार थी और जैसे ही उठने लगी कि अब मुझसे बिल्कुल दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा था.

देवी- अरे आराम से जानू … आज कुछ ज्यादा जोश में हो … थोड़ा धीरे करो … उम्म्ह… अहह… हय… याह… मार ही डालोगे क्या … थोड़ा धीरे आअह्ह आह्ह्ह!मैं पूरे तेजी से उसकी चुदाई करने लगा, पर पता नहीं क्यों, आज मुझको क्या हो गया था.

मूवी को आधा घंटा हो गया था, मुझे सिर्फ़ मूवी और मेरे दोस्त पर ध्यान था.

इस सेक्स स्टोरी में बहन की चुदाई को मसालेदार बनाने में कुछ डायलॉग जोड़े गए हैं. अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार! मेरा नाम रुचित है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. सरला भाभी की सेक्सीदोस्त ने कहा- मेरे आने की वजह से भाभी को क्यों तंग करते हो? यह बहुत सीधी महिला हैं.

दस-बारह अप-डाउन के बाद प्रशांत को शरारत सूझी और बात नीना के कंट्रोल से बाहर हो गई. अगर कोई आये तो कहना कि मैं पार्लर का समान खरीदने गई हूँ।मैंने काले रंग का फिटिंग वाला सूट पहना और नीचे रेड ब्रा और रेड ही पैंटी पहन ली। तैयार होकर घर से ऑटो लेकर पार्लर के लिए निकली पर रतन चौक उतर गई औऱ वहां पंप पर खड़ी हो गई।कुछ देर बाद काली बड़ी सी कार आकर रुकी और शीशा नीचे हुआ और राजीव जी मुस्कुराते हुए बोले- बैठो मेरी जान।मैं बैठ गई तो उन्होंने शीशा ऊपर किया और गाड़ी चल पड़ी. अब मैंने कोशिश की कि अपनी गांड उठा कर लंड को चुचियों के बीच में दबा दूं.

मैं बस स्वर्ग के आनन्द में डूबकर केवल उसके बाल पकड़े हुए मादक सिसकारियां ले रही थी ‘ऊउफ़्फ़ बेटा … अअअहह … ऊऊम्म्म … नहीं!दस मिनट की धुआंधार चूत चटाई के बाद ही मेरा पहली बार माल निकल गया और मैं वहीं सोफे पे आंख बंद करके पड़ी थी. आह … आपका लंड बहुत बड़ा है … थोड़ा धीर धीरे घुसाइए ना मेरे राजा … मैं कौन सा अब भागने वाली हूँ यहाँ से.

उनके आराम की मुद्रा में आते ही मैंने अपने मुँह से लंड का सुपाड़ा बाहर निकाल दिया और उनके आन्डों को खुजाने में लग गया.

तो मैंने पूछा- यार आज ही झाँटें बनाई हैं क्या?तो वह बोली- हाँ भाभी, आज आपसे चुदाई जो करनी थी!तब मैंने सुमन की चूत के छेद में उंगली कर दी जिससे सुमन और उत्तेजित हो गयी, गर्म हो गई और सुमन मेरी चूत को भी अपने हाथ से रगड़ने लगी. हम लोगों ने बहुत सारे तरीकों से, बहुत सेक्स पोजीशन में लेस्बियन सेक्स किया. भाभी- ऊऊहू … ऐसा क्यों होगा जरा बताओ तो मुझे भी?मैं- अरे भाभी आप इतनी सुंदर और हॉट हो ना तो … सॉरी बुरा मत मानना, हॉट बोला इसलिए.

लड़की चोदते हुए सेक्सी वीडियो मेरा पानी आने वाला था तो मैंने पूछा- कहाँ निकालूँ?वो बोली- मेरी चूत में ही निकाल दो!एक मिनट बाद मेरे लण्ड ने पानी छोड़ दिया और पूरा पानी उसकी चूत में भर दिया और लण्ड को अंदर ही डाल कर रखा।अब हम दोनों की साँसें तेज़-तेज़ चल रही थीं और मैं भाभी के ऊपर पड़ा हुआ हाँफ रहा था, उसकी चूत मारकर मैं शांत हो गया था। मैंने फिर से उसके होठों को किस करना शुरू किया लेकिन वो मुझसे ज्यादा थकी हुई लग रही थी. मैं उनकी इस रुखाई से डर गया कि कहीं वो मेर इस हरकात को मेरी मम्मी को ना कह दें.

उसने मुझे अपनी ओर खींच कर मेरे मुलायम होंठों पर अपने होंठ रखे और मैं कुछ भी रोकने की स्थिति में नहीं थी. फिर मैंने वंदना की गांड में दो उंगली डाल कर छेद को चौड़ा किया और फिर अपने लंड को पकड़ कर वंदना की गांड में लगा दिया. मेरा खड़ा लंड अभी भी उसकी चुत में ही था तो मैं हिल कर उसे अन्दर बाहर करने लगा.

देवर भाभी की चुदाई सेक्सी मूवी

मैंने उसकी चुत को अपने हाथों से चौड़ा किया और उसके छेद में अपनी जीभ अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया. फिर नेहा ने मुझे अपने ऊपर से धकेलकर नीचे गिरा दिया और उठकर कपड़े पहनने लगी. उसके मुँह से हल्की आह निकल रही थी, तो मैंने अपना रुमाल उठाके उसके मुँह में जबरदस्ती ठूंस दिया.

इस बार मैंने इतनी जोर से लंड ठेला कि मेरा पूरा लंड चाची की चूत में समा गया. उसके बाद हम दोनों में बातें होना शुरू हो गई और सरिता की झिझक भी खुलती चली गई.

एक दिन जब उससे बात कर रहा था तो मैंने उसकी फैमिली के बारे में पूछ लिया.

आप कमेंट्स के द्वारा ज़रूर बताना कि आपको मेरी यह डर्टी सेक्स वाली गंदी चुदाई की कहानी कैसी लगी. नौ सौ चूहे खाकर अब बिल्ली हज को जाएगी? चुपचाप मान जा वरना अपनी सहेली को बोल कि चूस देगी थोड़ा सा … फिर मैं मान जाऊंगा …” सर ने कहा।अजीब उलझन में आ फँसी थी मैं. ” वाली बात आ गयी … ओह … तो ये दवाई तैयार कर रही थी वो मेरे लिये … ये बात मेरे दिमाग में आते ही मैं उत्तेजना से भर गया और मेरी हथेली ने उसकी कमसिन चूत को पूरी तरह से अपनी मुट्ठी में भरकर जोर से मसल दिया.

जैसे तेज रफ्तार से गाड़ी चल रही थी, वैसे सुनील का लंड भी मेरी चूत में जोर जोर से चल रहा था. ”यह सुन कर मैं झट से उसके ऊपर चढ़ गया और उसे बांहों में जकड़ कर लिपट लिपट कर उसके होंठों का रसपान करने लगा. जो बुड्ढे से मियां थे, अनवर उन्हें बोला- भाई जान आप भी जल्दी से उतार लो.

मीनाक्षी इस पर चुपचाप मेरे पास बैठ गई और कहने लगी- हां भाई आपकी बात बिल्कुल सही है … हमारी सैटिंग हो गई है और मैं उससे प्यार करती हूँ.

देहाती भाषा में बीएफ: फिर मैंने सुमन को उस प्लास्टिक के लण्ड से काफी देर तक चोदा और साथ में ही सुमन की चूत को धीरे-धीरे चाटना शुरू किया. तब उन्होंने पूछा- वन्द्या, इन दोनों में से किसी ने पूरी चुदाई की है क्या … तुम्हारे अन्दर किसी के लंड का माल गया अभी?तब मैं बोली- नहीं नहीं राजा जी … सबने प्यास जगाई बस … मेरे अन्दर आग लगा कर छोड़ दिया.

पूरा कमरा हम दोनों की धक्कमपेल और नेहा की किलकारियों से गूंज रहा था. क्या नज़ारा था, ट्रेन तेज जा रही थी और वो कांटा माल मेरा लंड भूखी कुतिया की तरह चूस रही थी. एग्ज़ाम वाले दिन से एक दिन पहले हमें जाना था, तो हम दोनों सखियाँ वक्त पर पहुंच गई और अपनी सीट पे जाके आराम करने लगी.

मेरी प्यारी भाभियो और सेक्सी लड़कियो! माफी चाहूंगा कि बहुत दिन बाद आया हूँ, किसी काम में व्यस्त होने के कारण कोई कहानी नहीं लिख पा रहा था। बहुत सारे पाठकों ने मुझे आगे की कहानी लिखने के लिए कहा, लेकिन मैं टाइम नहीं निकाल पा रहा था.

करीब 15 मिनट बाद मैं झड़ने को हुआ, तो उसने जोर से लौड़ा चूसना शुरू कर दिया. वो अपनी चूत पर मस्त खुशबू लगा कर आई थी, जो चाटते वक्त किसी मीठी चॉकलेटी स्वाद दे रही थी. फिर मैंने उसके दूध को छोड़ कर उसकी चूत पर हाथ रख कर धीरे धीरे प्यार से घुमाने लगा.