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आपको आंटी की चुत चुदाई की मेरी यह फ्री सेक्स स्टोरी कैसी लगी, मुझे मेल करना न भूलें.पापा मुझसे बोले- आरती आँखें खोलो!पर मुझे पापा से आँख मिलाने में बहुत शर्म आ रही थी.

अब भी उसका हाथ मेरे सिर को दबा रहा और अब मैंने अपना एक हाथ उसकी चूत में डाल दिया. बीएफ सेक्सी ओपन सेक्स यह मेरी इस साईट की पहली सेक्स स्टोरी है अगर कोई गलती हो जाए तो माफ़ी चाहता हूं.

नमस्कार दोस्तो, इस एडल्ट कहानी के पिछले भाग में अब तक आपने पढ़ा कि हम बाबा जी का पाखंड जानने आश्रम में श्रद्धालु बनकर पहुंचे थे.

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अब मैं कभी उसके लबों को चूस रहा था तो कभी उसके निप्पल को… साथ साथ मैं उसकी चूत पर अपना लंड घिस रहा था तो उसे बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी. मुझे लड़कों में बहुत पहले से ही इंटरेस्ट है लेकिन इस घटना से पहले मैंने किसी से भी गांड नहीं मराई थी. फिर मैंने पूरे दिन इस बात के बारे में सोचा पर मेरा मन नहीं मान रहा था।रात को राजीव घर आ गए, रोज की भान्ति हम दोनों ने डिनर किया और फिर हम लेट गए।मैं पूरी रात काल बॉय के बारे में सोचती रही। सुबह हो गयी पर मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था।फिर हम फ्रेश हुए और राजीव ऑफिस चले गए.

और उनके लंड को अपने दांतों से इतने जोर से काटा कि वो जोर से आह करते ही उठ बैठे और मुझे देखते ही बोले- मेरे रानी बेटी को आज मेरी याद कैसे आ गई?पूरी कहानी सुन कर मजा लीजिये. ”गोलू रोशनी के सर के पास जाकर उसके दोनों हाथों को ऊपर खींचकर एक वी शेप बना दिया. अब मैंने दीदी की तरफ देखा तो वे मुस्कुरा रही थीं और अपनी कमर पर हाथ रखे हुए मुझे अपनी चूचियां दिखा रही थीं.

आज मैं 25 का हो गया हूँ और शायद ही ऐसी कोई रात होती होगी, जब मैं उसकी चुदाई नहीं करता होऊंगा, ऐसा इसलिए क्योंकि अभी 6 महीने पहले ही हमारी शादी हो गई है और अब हम और भी ज़्यादा गंदे तरीकों से चुदाई का मजा लेते हैं. फिर मैंने चॉकलेट के टुकड़ा उठाया और उसकी बुर के दाने पर रगड़ा तो वो मना करने लगी, वो बोली- वहां नहीं. करीब 5 मिनट का लम्बा स्मूच करने के बाद मैंने उसकी सलवार खोल दी और चुत में उंगली करने लगा.

दीदी ने अपने हाथ को पीछे खींच लिया तब मैंने अपने हाथ को दीदी की पीठ पर रख दिया. तो मैं डरते हुए बोला- ठीक है!माँ ने दरवाज़ा लॉक किया और मेरे बग़ल में सो गयी.

उसको अपने मायके में अपने पिता और भाइयों से चुदाने के कारण इस तरह की स्थिति से निपटने का अनुभव था.

मैंने चाय पी औऱ मार्केट गया औऱ वहां से गजरा आदि लाकर छाया के घर में रख दिया.

पहले तो मैंने उन्हें सिर्फ इंटरनेट पर वीडियो कॉलिंग करते समय देखा था, पर अब सामने देख कर काफी खुशी हुई थी. मैंने फिर से दम लगा कर चूसा तो लंड तन कर एकदम लोहा हो गया, मैं अपनी कमर झुका के चूत उंगलियों से फाड़ के बोली- जल्दी डाल दो ना!उसने लंड सेट किया और धक्का मारा फच्च करता लंड मेरी चूत में घुस गया. क्योंकि जब मुझे खाने के बुलाने आई थीं, तब सलवार-कमीज में थीं और अब एक पतली सी नाईटी में गजब ढा रही थीं.

एक दिन की बात है, जब मैं दोपहर को टीवी देखने भाभी के रूम में गया था. दोस्तो, भाभी की चुत चुदाई की रियल स्टोरी आपको पसंद आई या नहीं, मेल करें मुझे!धन्यवाद. कभी मुझसे कस के लिपट के अपनी टांगें मेरी कमर में लपेट देतीं और और झड़ने लगतीं कभी उनकी चूत मेरे लंड से संघर्ष करने लग जाती.

दीदी- सन्नी, ऐसा मत करो प्लीज़… तुमने बोला था कि तुमको सिर्फ़ लंड चुसवाना है, अब ये सब मत करो.

उनकी चिंता कैसे दूर हुई और फिर क्या क्या हुआ ये सब बातें मैंने बड़े ही विस्तार से अपनी पूर्व की कहानियों में लिखीं हैं उन सब बातों को यहाँ दोहराना उचित नहीं है. मैंने उनकी नाइटी जाँघ तक उठा दी, जिससे उनकी पिंक कलर की पैंटी दिखने लगी. नमस्कार दोस्तो, अब तक आपने प्रेरणा की चुदाई और बाबा की गिरफ्तारी तक की हिंदी एडल्ट कहानी पढ़ी.

उन्होंने बोला- जान तुमने मुझे आज वो सुख दिया, जिसकी मुझे ज़रूरत थी. अभी 5 मिनट ही हुए होंगे कि उसकी बुर से सफेद सफेद सा पानी निकालने लगा, मुझे कुछ सूझ ही नहीं रहा था, मैं तो वो रस पूरा चाट गया. !धक्का जोर से लगाने के कारण मेरे लंड की चमड़ी छिल गई थी और काफी जलन हो रही थी, पर उनकी बातों को सुनकर मुझे बहुत गुस्सा आया.

फिर मैंने उसे कहा- चलें मूवी या रूम में?वह- मूवी में मजा नहीं आएगा, रूम में ही चलते हैं.

मैंने अपने दोनों हाथों से उनके हाथों को जोर से पकड़ लिया ताकि वे हिल न सकें और अपनी पूरी ताकत से एक जोर का धक्का उनकी चुत में लगा दिया. फिर मैंने उसे गोद में उठाया और बेड पर लिटाकर पहले उसके माथे पे किस किया, फिर होंठों पर.

बीएफ सेक्सी ओपन सेक्स मैंने फिर उसे उठा कर बिस्तर पे लेटा दिया और उसके ऊपर आकर उसे चोदने लगा. हमारी चुदाई के 10-15 मिनट बाद बहन की सासू माँ चिकन ले कर आ गईं और बहन से बोलीं- जल्दी से पका दे, सब मिलकर खाना खायेंगे और फ़िर तुम लोग चले जाना.

बीएफ सेक्सी ओपन सेक्स यहां मैं बताना चाहता हूं कि मुझे मेरी बीवी के बारे में पता पहले चला था कि उसका जो ये साथी है, वह उससे काफी खुल चुकी है. अब मैंने उसकी पैंटी नीचे सरकानी शुरू की तो अंजलि ने पानी जांघों को भींच लिया मगर मुझे पैंटी उतारने से नहीं रोका.

मैं हंसा और बोला- आज से तुम्हें मेरा हर कहना मानना होगा, तभी मैं तुम्हें छोड़ूँगा.

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गंदा वाला शॉट फॉरवर्ड करेगा तो देखूंगी?”गरम बातों से शायद उसे फिर एक बार ट्राय करने की इच्छा हुई होगी. उस दिन उसने लाल ब्लेजर अंदर काली टीशर्ट और ब्लैक जींस पहनी हुई थी, वो क़यामत ढा रही थी।कमरे में जा कर हमने पहले कॉफ़ी पी और फिर हग करके लेटे रहे और मैं उसकी कमर को सहलाता रहा और हम दोनों प्यार भारी बातें करते रहे. इसलिए बार-बार गलत समझ लेता था।मैंने आखिरी बार कोशिश कि और उससे पूछा- अगर तुमको भी भूख लगी हो और तुम भी साथ में आना चाहो तो साथ ही चलते हैं?उसने भी ‘हाँ’ कह दिया.

काले-रेशमी बाल, भौंहे धनुष की तरह, गांड के बारे में तो पहले ही बता चुका हूँ साहब, अब बस रह गई चूत. फिर कभी नीचे, उसने जीन्स पहनी हुई थी, तो उसकी जीन्स पर हाथ लगा कर वापस पेट पर चला जाता. तभी मैं बोली पापा को- मेरे राजा, आप पहले जी भर के चोदो मुझे, अपना लंड बाहर मत निकालिएगा.

मैंने उसकी टांगें फैला ड़ी और खुद को उसकी जांघों के बीच सेट कर लिया.

शावर चालू करके जैसे ही माया के बदन पे ठंडा पानी पड़ने लगा, उसे अच्छा लगने लगा. वो समझ गई कि मैं उसकी गाण्ड मारने वाला हूँ।बोली- राज आज पीछे नहीं डालना प्लीज. उसके बाद कमल ने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और मेरे दोनों कूल्हों को अपने हाथों से पकड़ कर मेरी चूत में अपने लंड को जड़ तक पेल दिया और मुझे उछालते हुए चोदने लगा.

अचानक से रजनी लिविंग रूम में आ गई, शायद वो मुझे पीछे से देख रही थी. परन्तु मुझे कोई चोदने वाला नहीं था। यश का तो अब बिल्कुल भी खड़ा नहीं होता। वो रोज दारू पीकर आता और सो जाता। मैं तड़पती रह जाती। मेरे पास उंगली डालने और रगड़ने के अलावा कुछ नहीं बचता। जिससे मेरी चूत की आग कम होने के बजाए और बढ़ जाती। धीरे-धीरे दिन गुजरते रहे।”ये तो वाकयी बुरा हुआ. मैं भी जल्दी जल्दी से तैयार हो गई और अपने पहले वाली ड्रेस उसी बैग में रख कर बाहर आ गई.

फिर मैं बाथरूम में गयी और अपनी हॉट चूत में खीरा डालने लगी और वासनामयी आवाजें निकालने लगी- आह आह उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह!फिर थोड़ी देर अपनी चूत को खीरे से चोदने के बाद मेरी गर्म चूत ने पानी छोड़ दिया और फिर मैं भी रूम में आकर सो गयी. चुत पर हल्के हल्के बाल थे जो जीरो वाट के बल्ब में भूरे भूरे से दिख रहे थे.

मैं बोली- अंकल, कोई आ गया तो मैं मुंह दिखाने लायक नहीं बचूंगी!तब भाभी के पापा बोले- अरे, तुम ये गीला शर्ट पहने हो, इसे चेंज करना ही है ना!मैंने सोचा कि ये ठीक बोल रहे हैं, मैंने ओ के बोला तो भाभी के पापा ने मेरा शर्ट ऊपर खींच के उतार दिया. तभी मेरा हाथ दीदी की ब्रा की पट्टी पर लगा जहाँ हुक थे, मैंने कोई देर किए बिना हुक खोल दिया. फिर मैं शाम तक नीचे आ गई क्योंकि बच्चों के स्कूल से आने का वक्त हो गया था.

मैंने अपना लंड पकड़ कर चूत के छेद के निशाने पे लगाया और उसको बैठने को कहा.

बॉस नहीं मान रहे थे तो मैं उनके गोद में बैठ गई और उनके होंठों को चूम लिया. अगले दिन उसका कॉल आया और मैंने उसका कॉल नहीं उठाया क्योंकि मैं उससे बहुत गुस्सा था. मैं अपना एक हाथ उनके पेट पर फिरा रहा था और अपनी उंगली उनकी गोल ओर गहरी नाभि में घुमा रहा था.

अब तो मैंने पक्का सोच लिया था कि आज इस सीमा की अनचुदी बुर को चोद कर ही छोडूंगा।उस दिन वो बहुत ही सुन्दर नीले रंग का सलवार सूट पहन कर आयी थी, मैंने सोच लिया था आज तो ये पूरा सूट उतार के सीमा को नंगी ही कर दूंगा।हम लोग एक दूसरे को देख रहे थे, मैंने उसे प्यार से अपने गले लगा लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर चुम्बन करने लगा. सो अपने बेडरूम में जाकर लेट गई और रात की बात सोचने लगी कि कहीं ऐसा तो नहीं कि यश मुझे चोद ही न पाए। यह सोच कर ही डर सा लगने लगा। फिर खुद को समझाया कि नहीं ऐसा कुछ नहीं है आज मेरी चुदाई अच्छी होगी और सोचते हुए सो गई। शाम को उठी.

इस दोहरे हमले को माया सह नहीं पाई और चिल्ला चिल्ला के झड़ने लगीअंकित. मैं गई और उस बैग को उठाकर स्वाति वाले रूम में चली गई और कमरा अन्दर से बंद करके ड्रेस बदलने लगी. अगले दिन शीतल दीदी की ससुराल देखने के लिए मेरी बड़ी ताई संगीता और बुआ गईं और उनके साथ मैं भी गया.

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लगभग दस मिनट इसी तरह चोदन के बाद मैं बोला- माँ, मैं झड़ने वाला हूँ!तो माँ बोली- मेरी चूत में ही निकाल बेटा, मेरा भी होने वाला है!और मैं ‘फ़च… फ़च… फ़च…’ मां की चुत में धक्के मारते हुए उनकी चूत में ही झड़ गया और वो भी मेरे साथ में ही झड़ गयी।झड़ने के बाद मैं उनको पकड़ कर ऐसे ही कुछ देर उनकी चूत में लंड डाल के सोया रहा, फिर कुछ देर बाद मैं फिर से लंड को अंदर बाहर करने लगा.

फिर रोहण ने धक्के मारना शुरू कर दिया और फिर हमारी चुदाई की आवाज पूरे रूम में गूँज रही थी. वो टाइम लकी था कि छत पर कोई नहीं था क्योंकि सब नीचे ऑर्केस्ट्रा पर डांस में लगे थे. अब तो मुझे भी उनके बारे में सोच कर थोड़ा दुख भी हुआ क्योंकि मधुरा सेक्स के लिये काफी दुखी दिख रही थीं.

मैंने भी उसकी चूची मसलते हुए कहा- मुझे भी तुम जैसी मस्त माल को चोदने में मजा आने वाला है. फिर उसने मुझे मेरे घर छोड़ दिया और मैं जब कार से बाहर निकल रही थी तो अवी ने मुझे अपनी तरफ खींच कर मेरे होंठों को चूमा और जोर से दांत से काट लिया. टीटीटीटीटीटीउसने अपनी पेन्ट उतारी, उसका लंड करीब नौ इंच लंबा होगा, मेरी हाथ की कलाई से मोटा था.

कार 70 की स्पीड पर जा रही थी तो मुझे भी अपनी बाइक उसी रफ्तार से दौड़ानी पड़ी. बुआ की उम्र लगभग 42 साल है, उनकी एक बेटी अंजलि जिसकी उम्र लगभग 20 साल और एक बेटा माणिक है जो करीब 23 साल का है.

[emailprotected]भाई बहन सेक्स कहानी का अगला भाग :कंजरी मंजरी की पहली चुदाई-2. आपकी फीस क्या है?आनन्द- मेरी फीस ज्यादा है अगर आप दे पाएं, तो ही बात आगे करते हैं. फिर मैं बॉस की बांहों से निकल कर चेयर पर बैठ गई और बॉस मेरे सामने टेबल पर बैठ गए.

आओ ना समा जाओ मुझमे और कुचल डालो मुझे अच्छे से” बहूरानी ने फिर से मेरा लंड अपनी मुट्ठी में जकड़ लिया. ये इतनी टाइट थी कि पूरे शरीर को दाब सी रही थी और हुक से ब्रा में बस फंसी थी. सुरेश अंकल बोले- थोड़ा इसको पिला दो, नहीं दर्द ना सह पायेगी!मैं बेहद चुदासी थी, पापा सेटिस्फाई कर नहीं पाये थे तो मैंने कहा- मुझे कुछ नहीं पीना, सब सह लूंगी डालो जितना दम हो!राजेंद्र अंकल बोले- सुरेश तुम नीचे लेट जाओ, ये ऊपर तुम्हारे लंड पर बैठेगी, तभी घुसेगा इसकी चूत में लंड तुम्हारा! और फिर इसकी गांड में मेरा लौड़ा भी सेट हो जायेगा.

स्क्रीन बड़ी होने की वजह से आम फिल्में देखने को मजा तो आता ही था, पर पोर्न फिल्में को भी मजा आता था.

कमल ने मेरे दोनों टांगों को जोड़कर पकड़ लिया और अपने लंड से मेरी चुदाई करने लगा. भैया ने ताकत से अपना लंड बाहर निकालने की बहुत कोशिश की, पर अब उन्हें भी बहुत दर्द हो रहा था.

मैं- आहह दीदी आह… बहुत अच्छा लग रहा है… आअह आह दीदी!मेनका- गुउ उउम्म आअहह… हाँ भाई…दीदी मेरे लंड को अपने दोनों हाथ में पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी. क्योंकि मम्मी पापा के जाते ही वो अब केवल नाइटी में ही रहने लगी थीं. अब मैं उसके लबों के रस का पान करते हुए निप्पल को जोर जोर से दबाने लगा.

सच में उस हल्की सी रोशनी में उसका शरीर किसी सोने की मूर्ति से कम नहीं लग रहा था और उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए. वो बोलने लगी- आप बहुत गंदे हो, आप मेरे साथ ये सब क्यों कर रहे हो? मैं आपको क्या समझती थी और आप क्या निकले. पर वो नहीं चाहती थी कि उसकी माँ और बहन तनु को इस बात का पता चले। इसलिए प्रेरणा ने ही छोटी को यहाँ आने का उपाय बताया, यहाँ आने से हमारे बहुत से काम एक साथ निपट जायेंगे।मैंने उनसे कहा- चलो अच्छा ही है, मेरा आँटी को किया वादा कि ‘मैं छोटी को कुछ नहीं करूँगा’, वो कम से कम उसकी नजर में तो नहीं टूटेगा.

बीएफ सेक्सी ओपन सेक्स मैंने भी मौका पाकर ममता की चूचियों पर हाथ रखकर सहलाने लगा, पर उसने मेरा हाथ हटा दिया और कहा- नहीं ये मत कीजिये. हम तीनों भाई बहन इस जोरदार चुदाई से संतुष्ट होकर अपनी सांसों पर नियन्त्रण पाने की कोशिश करने लगे.

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मर गई…शायद इतने दिनों की लंड की भूखी होने के कारण उन्हें दर्द का एहसास होने लगा था. रात के दस बजे थे कि वो मेरे कमरे में आई और मुझे बांहों में भर लिया और फूटफूट कर रोने लगी, बोली- दीदी मुझे माफ़ कर दो, मेरी चूत फिर से उसी तरह जल रही है दीदी. हमें इस स्थिति में देख कर उसका मुँह खुला रह गया क्योंकि मेरा लंड मोना की चूत में था और मैं उसके दोनों हाथ पीछे से पकड़े हुए था.

भाभी को मैंने बहुत चोदा, इतना कि मैं जब दूसरी बार झड़ा तो भाभी के ऊपर ही गिर गया. अब मैंने रोहण से कहा- अब मसाज भी कर दो!वो आयल की बोतल ले आया और उसने मेरी मसाज शुरू कर दी. हॉट सेक्सी व्हिडिओ एचडीकसम से नाईटी भाबी के जिस्म से चिपकी हुई थी और भाबी बहुत सेक्सी लग रही थीं.

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पहले मैं रीना को लेकर अंदर गया और जाते ही उसके कपड़े निकाल कर फेंक दिए और पागलों की तरह उसे नोचने लगा और कभी उसकी गर्दन और कभी उसकी चूची पर लगातार किस कर रहा था और उसने मेरी पैन्ट खोल दी और लंड को आगे पीछे करने लगी. मेरी इंडियन सेक्स स्टोरी उस समय की है जब मैं अपनी बुआ के यहाँ उनकी जेठानी की लड़की के विवाह हेतु हाथरस आया था.

जब तक सिराज ने खुद को साफ़ किया, तब तक दो लोगों ने मुझे उठा कर आग के पास ले जाकर बिठाया। एक कम्बल ओढ़ दिया मुझ पे और व्हिस्की की बोतल खोल कर मेरे होटों से लगा दी. मैं ऊपर खिसकता गया, दोनों हाथ निकर पर आ गए, मैंने निकर पकड़ी और खींच ली. फिर मैं भाग कर अपने रूम में आ गया और भाभी की चुदाई के सपने देखने लगा, जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने बाथरूम में जा कर भाभी के नाम की मुठ मार ली.

हम दोनों पार्किंग के पास आ पहुँचे तो देखा उनके हज़्बेंड अपनी ऑडी कार में सो रहे थे.

तो दीदी ने मुझे और ज़ोर से पकड़ लिया और म्म्म्म… उहस्स्स्स… की ज़ोर ज़ोर से आवाज़ें करने लगीं. मैंने ऊपर जाकर भाभी से कहा- मुझे बहुत भूख लग रही है और नीचे खाने के लिए कुछ भी नहीं है. फिर भाभी ने कहा- बहुत अच्छा लग रहा है, थोड़ी सी विक्स मेरी पीठ पर भी लगा दो.

बहू के कर्तव्यएक मत से यह भी निर्णय हुआ कि अपनी सोसाइटी में सीसीटीवी भी लगवा लिया जाए. उसकी आँख एकदम लाल हो गई और वो बहुत गिड़गिड़ाते हुए आँखों से मुझे अलग होने के लिए कहने लगी.

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उनकी चूत से चुदाई का रस मेरे लंड से होते हुए मेरी गोलियों तक आ गया. मैंने अपने आप को ढीला छोड़ दिया और जैसे मक्खन में छुरी घुसती है, वैसे उसका लंड मेरी गांड में जड़ तक दाखिल हुआ. मैं तेल की शीशी निकाल लाया और चाची से पूछा कि कहां पर दर्द हो रहा है.

घर का ऐसा कौन सी दीवार बची थी, जिसके सहारे खड़ा कर मुझे चोदा न गया हो. मैं- क्या हुआ दीदी? मुंह में लो ना इसको… अगर नहीं लेना तो बता दो, मैं चला जाता हूँ कॉलेज!दीदी मेरी तरफ ही देखती रही. मैंने लंड से कंडोम निकाला, भाभी ने एकदम से लंड को मुँह में ले लिया.

इधर मेरे दोनों हाथ सुकुमारी भौजी की चूचियों पर, उधर सुकुमारी भौजी का एक हाथ उनकी चूत की रगड़ में और दूसरा हाथ मेरे बालों को खींचते हुए मचल रहे थे. यह कहानी है जब मेरी बुआ मधु हमारे घर राखी का त्यौहार मनाने दो दिन के लिए रहने के लिए आयी थी. वो मेरे कान के पास आकर मेरे कान में हवा फूँकने लगीं, मुझे गुदगुदी होने लगी थी.

पांच मिनट बाद मैं होटल पहुँच गई और रूम की जानकारी ली कि किस फ्लोर पर है. मैंने सुबह सुबह ही चाची की चुत याद करके मुठ मार ली और नहाने चला गया.

तभी प्रिया ने अपनी बायीं टांग को मोड़ा और एकदम से अपने बाएं पैर से अपनी पैंटी छिटक दी और इधर मैंने प्रिया की दायीं टांग को पैंटी की पकड़ से मुक्त कर दिया.

मेल करते वक्त कहानी का कौन सा हिस्सा अधिक पसंद आया, ये बता देंगे तो मेल का उद्देश्य समझ में आ जाएगा. मूवीस पिक्चर सेक्सीतुम्हें किसी ने रोका है क्या? और मुझे गांव के अन्दर से होकर ले चलना ताकि मैं सभी लोगों से मिल सकूँ. जापानी सेक्सी अंग्रेजीप्रिया के बायें उरोज़ के निचली ओर हल्के से बाहर की ओर, सफेद त्वचा पर शहद के रंग का एक बर्थ-मार्क था, दाएं उरोज़ के निप्पल के बादामी घेरे के बिलकुल ऊपर साथ में सफेद त्वचा पर एक काले रंग का तिल था. मैंने भी ज़्यादा फोर्स करना सही नहीं समझा क्योंकि मुझे डर था कि कहीं घर पे ये बात किसी को मालूम ना पड़ जाए.

और तभी बहूरानी ने इसे महसूस करते हुए लंड को पंजों से मथना शुरू कर दिया.

कहानी का पहला भाग :सेक्स कहानी प्यार में दगाबाजी की-1आपने अब तक पहा कि मेरा बॉयफ्रेंड मुझे अपने रूम में ले आया, उसके दोस्तों को भी इस बारे में पता था, वे भी हामरी जासूसी कर रहे थे और रूम के बाहर खिड़की से हम पर नजर रख रहे थे. अब ब्रायन ने मम्मी को बेड से नीचे उतारा और एक सोफे के सहारे खड़ा करके एक टांग उठा कर चोदने लगा. जैसे ही चाची के कंधे से मैंने हाथ हटाया, दूसरे हाथ से मैंने अपना तौलिया गिरा दिया.

मैंने काफी जगह अपने रेज़्यूमे दिए थे, जिस वजह से मुझे कुछ दिन बाद एक मधुरा नाम की लड़की ने फोन किया. मैं दीदी को उठा कर दीदी के रूम में ले गया और बेड पर लेटा दिया और खुद बेड परचढ़ कर दीदी की साइड में लेट गया. दूसरों के सामने की तो बात ही क्या, जब कभी हम अकेले भी होते तो बहूरानी हमेशा अपने सर पर पल्लू डाल के नज़र नीची करके मुझसे सम्मान से बात करती; उसने कभी भी मुझे यह बात जताई नहीं कि वो मेरी अंकशायिनी भी है.

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मैंने बिना कोई देर किए एक बूब को हाथ में पकड़ा और प्यार से दबा दिया, दीदी ने मेरा हाथ अपने बूब्स से हटा दिया तो मैंने दीदी से अपना हाथ छुड़ाया और अपने हाथ से दीदी के हाथ को पकड़ा कर साइड किया. इसे आप यहाँ से download करें!भारतीय लड़कियों से हिंदी अंग्रेजी और स्थानीय भाषाओं में सेक्स चैट, वीडियो सेक्स चैटिंग करने के लियेसेक्स चैट, विडियो चैटपर आयें और सेक्स की मजेदार बातें करके, नंगी जवान कामुक लड़कियों को देख कर मजा लें!. कभी कभी उनकी चुचियों को दबा भी देता था तो उनके मुँह से सिसकारियां निकलने लगती थीं.

उन्होंने एक टी-शर्ट और जींस की टाईट पैंट पहनी थी, जिसमें वो बड़ी कड़क माल लग रही थीं.

कार से दीदी और बाकी तीनों लोग बाहर आ गए और फार्म हाउस के बड़े गोदाम के अन्दर चले गए.

मैं चिल्ला उठी और बोली- प्लीज छोड़ दो, मैं मर जाऊंगी!मेरे आंसू निकल रहे थे पर वो चोदना बंद नहीं किए बल्कि मुझे गाली दे रहे थे, बोले- आरती तुम तो फ्रेश माल हो, आज से छिनाल बनी हो साली रण्डी, अब बिना लंड के तू एक दिन भी नहीं रह पायेगी।और मैं लगातार रोती रही इतना दर्द तो पहली बार जब करवायी थी, मेरी सील टूटी थी तब भी नहीं हुआ था। करीब बीस मिनट तक वो दोनों चोदते रहे और मैं रोती रही. उसने मुझे रोका और बोली- जन्मदिन की पार्टी नहीं दोगे?मैंने बोला- क्या चाहिए?बोली- तुम्हारा आज का दिन. सास को कैसे सुधारेंइसी बीच उसे पता भी नहीं लगा कि कब मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया और उसे भी अब मजा आने लगा.

जब तक मैं जोर से झटका नहीं मारता मेरा लंड उसके अन्दर पूरा नहीं जाता. मैंने पूछा कि चूत में मूली क्यों नहीं की?तो बोलीं- मैं चूत की सील लंड से ही खुलवाना चाहती थी. अब वो माया के घुटनों तक पहुँच चुका था और माया की जाँघों की तरफ बढ़ रहा था.

कुछ देर बाद मैंने सोचा कि अब मेरी बहन चुदाई के लिए पूरी तरह तैयार है तो मैं अपना लोअर निकालने लगा. मैं बेड के नीचे घुटनों के बल बैठ गया और चुत को मुँह के सामने रखकर दोनों हाथों से भाबी की कमर पकड़ कर पूरा मुँह चुत पर रख दिया.

मुझे गुस्सा आ गया लेकिन मैंने अपना गुस्सा दबा लिया और अपना लंड उसके मुंह में डाल कर आगे पीछे करने लगा.

मेरी कनपटियाँ वासना से तप रहीं थीं लंड बहुत देर से खड़ा था जिससे मेरे पेट की निचले हिस्से मेंहल्का हल्का दर्द भी होने लगा था. थोड़ी देर में मैं भी उसके ऊपर ही गिर पड़ा, मेरे गर्म वीर्य से कविता की गर्म चूत भर गयी. मैं- आहह दीदी आह… बहुत अच्छा लग रहा है… आअह आह दीदी!मेनका- गुउ उउम्म आअहह… हाँ भाई…दीदी मेरे लंड को अपने दोनों हाथ में पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी.

ब्लू सेक्सी एचडी वीडियो हिंदी मैं हर दोपहर को ऊपर मानवी भाभी के पास जाने के नए नए बहाने ढूँढता रहता. शावर चालू करके जैसे ही माया के बदन पे ठंडा पानी पड़ने लगा, उसे अच्छा लगने लगा.

मुझे धीरे धीरे कुछ अजीब सा लगने लगा था क्योंकि चाचा जब भी मुझसे बातें करते थे या जब भी मेरे घर आते थे तो वो मुझे बहुत हवस भरी नजर से देखते थे और मुझसे अकेले में बातें करने की कोशिश करते थे और कभी कभी तो वो मुझे गलत तरीके से छूते भी थे. मैं बहन की साड़ी हटा कर उन्हें पूरा नंगी करना चाहता था लेकिन बहन की सासू माँ के आने का डर था. भाभी जल्दी से बैठ गईं और बोलीं- मैंने तो तुम्हें दोपहर को ही माफ कर दिया था, पर ये तुम सब गलत कर रहे हो.

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उसको काफी दर्द हुआ उसकी चीख निकल गई- उम्म्ह… अहह… हय… याह…मैं वहीं रुक गया, वो मेरे सीने पर झुक गई. चूंकि निर्मला को डॉगी स्टाइल पसंद था तो उनकी चूत पर पीछे से लंड सैट करके डाला, तो आराम से अन्दर घुस गया. वरुण बाहर गद्दी पर ही था, फ्लैट छोटा था, वन रूम और किचन वाला सैट था.

पर मुझे यह नहीं पता था कि वो चाचा जिनसे मैं बातें करती हूँ, वो मुझे एक दिन चोद देंगे. मगर कम्बख्त दोनों इतना शिद्दत से मुझे ठोक रहे थे कि पूछो मत!कुछ ही समय में मेरे सामने एक और लंड आ खड़ा हुआ.

तभी दीदी ने मेरा हाथ पकड़ लिया लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी, मेरा हाथ दीदी की चूत पर पहुँच गया था और मैंने हल्के से चूत को सहलाना शुरू कर दिया.

वहां पर चुदाई की सही जगह न होने के कारण मैं उसे अपनी बाहों में भर कर उसके स्तनों को चूसते हुए अपने पलंग पर ले आया और रजाई ओढ़ कर उसके स्तनों को पीये जा रहा था. मैंने मन में कहा कि साली लंड तो ऐसे चूस रही थी जैसे पुरानी चुदक्कड़ हो. तू यहाँ सोएगी, या टीवी वाले कमरे में?”वो बोली- दीदी टीवी वाले कमरे तो टीवी देखते हैं, दीदी मैं आपके साथ सोऊँगी.

फिर आपकी कहानी पढ़ी तो आपका सेक्स करने का तरीका और आपका हथियार का साइज अच्छा लगा. पापा जी, जो बात इस सीने में है वो लंड में कहां!” वो मेरे बायें निप्पल को मसलते हुए बोली. मेरी बहूरानी मुझ से अब तक कम से कम तीस पैंतीस बार तो चुद ही चुकी होगी परन्तु उनके व्यवहार में हमारे इन सेक्स रिश्तों की झलक भी कभी दिखाई नहीं दी.

वो मेरे लंड को लगातार छेड़ रही थी और अब मैं दोबारा फुल जोश में था, मुझसे रहा नहीं जा रहा था.

बीएफ सेक्सी ओपन सेक्स: उसने पेन्ट की जिप खोलकर उसमें से फनफनाते हुए मेरे लंड निकाल कर आजाद कर दिया. सिराज ने मेरे बालों को जकड़ा और मेरे मुँह को मेरी चुत समझ कर वो उसे चोदने लगा.

अब भी उनकी और मेरी ईमेल पे या फ़ोन पर बात होती रहती है, हम काफी अच्छे दोस्त हैं. मैं उसके दाने को रगड़ता रहा जिससे वो बेहद मचलने लगी… उसे शायद दर्द भी हो रहा था. जब भी कोई मुझसे फेसबुक पर चैट करता है और वो मेरी पिक देख लेता है तो मुझसे मिलने के लिए बेचैन हो जाता है.

मैं वर्षा की छोटी सी गांड के छेद में उंगली करने लगी, उसने मुझे पीछे मुड़कर देखा और वो वापस लंड चूसने में लग गई.

हुआ यूं कि नववर्ष का मौका आने वाला था तो सर ने सबसे कहा कि नई साल पर सबको आना होगा, उस दिन कोई छुट्टी नहीं होगी. ये लो मेरी रानी…” मैंने भी कहा और लंड को बाहर तक निकाल कर पूरी दम से पेल दिया चूत में!हाय राजा जी… ऐसे ही चोदो अपनी बहूरानी को!” बहूरानी कामुक स्वर में बोली और मेरे धक्के का जवाब उसने अपनी चूत को उछाल कर दिया. थोड़ी ही देर में कल की सील टूटी लड़की किसी खिलाड़ी की तरह चूतड़ नचा नचा कर गटागट लंड घोंटने लगी.