यूपी बिहार की बीएफ

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! मैं तो समझती थी बस ऐसे ही होता होगा…!रेहान- अरे यार सब रियल होता है, अब भी बोल्ड सीन करना है या नहीं…!आरोही- अब यहाँ तक आकर मैं पीछे नहीं हटूँगी, अब जो होगा देखा जाएगा…!बस दोस्तो, आज का भाग यहीं समाप्त होता है, अब अगले भाग में पढ़िए कि आगे क्या होने वाला है !बस आप जल्दी से[emailprotected]पर मेल करो और बताओ कि आपको आज का भाग कैसा लगा. सुहागरात की चुदाई वीडियोआप झूठ बोल रही हो… प्रूफ दो तब मानूँ।आरोही ने अपना पायजामा उतार कर अपनी फ़टी हुई फ़ुद्दी उसके सामने कर दी, जिसे देख कर साफ पता चल रहा था कि यह चुद चुकी है और चुदाई के कारण सूजी हुई भी थी।जूही चूत को छूकर देखती है और अपनी ऊँगली उसमें घुसा देती है।आरोही- आ.

एक बार संता की आँखों में कुछ तकलीफ़ हो गई तो उसकी आँखों का ऑपरेशन करना पड़ा।ऑपरेशन हो गया तो डॉक्टर ने उसकी आँखों की पट्टी खोलनी शुरू की और पूछा- कैसा दिख रहा है अब आपको?संता- डॉक्टर साहब मुझे कुछ नहीं दिख रहा है।डॉक्टर ने उसकी आँखें साफ़ की और फिर पूछा।संता- डॉ. ஃபேமிலி செக்ஸ்कुछ दूर पहुँचते ही उनसे गुस्से में बोला- मैं अभी बच्चा हूँ।तो बोली- तो क्या कहती उससे कि मेरा पति है.

रेहान चोदा तेरा भाई चोदा और सचिन चोदा उसके बाद भी चूत इतनी टाइट होना जी पहली बार समय सील टूटने के समय क्या हाल होना जी… आ.यूपी बिहार की बीएफ: !”इस पर चमेली उसके पास आ गई और अपनी चूची को उसके मुँह में लगा दिया। कुछ देर बुर चूसने के बाद जीजाजी उठे और कामिनी के बुर में अपना लौड़ा घुसा दिया और दनादन धक्के मारने लगे।कामिनी नीचे से सहयोग करने के साथ गंदे-गंदे शब्दों को बोल कर जीजाजी को उत्साहित कर रही थी, जीजाजी आप पक्के चुदक्कड़ हैं.

कुछ देर तक लौड़ा गाण्ड में रखने के बाद दीपक ने बाहर निकाला।दीपक- आह ले मेरी रंडी बहना चूत-रस तो तू पी गई.मैंने तो अनेकों बार सुनीता की चूत से निकले चरम रस मेरे दोस्तों की शीघ्रपतन की बीमारी का इलाज किया है.

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!उसने आंटी को अन्दर ले जाकर उसकी दम से खूब चुदाई की। तकरीबन 25 मिनट बाद वो दोनों बाहर आए और एक उसने मुझे हल्की सी स्माइल दी।अब मेरा नम्बर था, मैंने भाभी से कहा- क्या चलें डार्लिंग?तो उस ने एक स्माइल दी और बोली- हाँ चल.!फिर मैंने उसके निप्पल को पहले प्यार से दबाया, फिर मैं उन्हें जोर से दबाने लगा। उससे भी शायद बर्दाश्त नहीं हो रहा था और मुझसे भी नहीं.

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तभी मुझे सलोनी के कमरे में आने की आवाज आई…उसके पैरों की आवाज आ रही थी…मैंने जल्दी से मधु को चादर से ढका और बाथरूम में घुस गया…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]hmamail.

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क्लिनिक पहुँच कर मैं मालविका का इन्तजार करता रहा लेकिन वो समय पर नहीं आई।बाहर मौसम भी बारिश का हो गया था तो मैंने उसे फोन करना ठीक समझा… क्लिनिक से ही मैंने उसका नंबर निकाला और उसको फोन किया तो उसने मुझे बताया कि वो रास्ते में ही कहीं रुक गई है और बारिश के कारण थोड़ी देर से आ पायेगी. कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा:अब आगे…फिर करीब 2 से 3 बजे के आसपास मेरी आँख खुली तो मैंने अपने बगल में माया को भी सोते हुए पाया. मेरी तन्द्रा टूटी और मैंने प्यार से उसके गालों को सहला कर उसके मुँह से अपना लंड छुड़ाया और उसे अपने साथ खड़ा किया। मैंने अपना लोअर ऊपर कर लिया और रिंकी को अपनी बाहों में लेकर उसके पूरे मुँह पर प्यार से चुम्बनों की बारिश कर दी। रिंकी भी मुझसे लिपट कर असीम आनन्द की अनुभूति कर रही थी।तभी मुझे ऐसा लगा जैसे कोई बाथरूम की तरफ आया हो…कहानी जारी रहेगी….

!मैं- नहीं मरोगी मेरी जान… बस गांड हिलाते रहो।मैं भी हैरान था, वो बीस साल की और मैं तीस लेकिन चुदने में उसमे एकदम औरत वाले गुण थे। मैं उसकी गांड मार रहा था और वो सिगरेट सुलगा रही थी।अनु- फक मी… फक मी. उसने भी दूसरे लण्डों का स्वाद ले लिया था…वो तो अब सुधर ही नहीं सकती थी…अब तो बस इस सबसे एक तालमेल बनाना था…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]. चाची ने मेरे गालों पर हाथ लगा कर देखा, फिर वापिस मालिश शुरू कर दी और अब वो मेरी छाती की मालिश कर रही थी.

अन्तर्वासना के समस्त पाठकों को कवि पंकज प्रखर का प्यार भरा नमस्कार…कई वर्षों से अन्तर्वासना की रागानुराग रंजित कथाएँ पढ़ने के उपरान्त मन में उत्कंठा जागी कि कुछ अपनी आपबीती भी दुनिया के साथ बाँट ली जाए… वरना दुनिया के अफ़साने पढ़ते पढ़ते कहीं अपने दिल की यादगार स्मृतियाँ समय के गर्त में विलीन न हो जाएँ…तो चलिए चलते हैं एक ऐसी रंगीन दुनिया में. यार तूने सच्ची दोस्ती निभाई…और मैं कमीना चोदू सोच रहा था कि अब नेहा की चूत चोदने को नहीं मिलेगी क्योंकि अब उसका काम हो गया था।वैसे नेहा से मेरी अच्छी दोस्ती हो गई थी…आपको कहानी कैसी लगी, मुझे मेल पर जरूर बताइयेगा… जल्द ही लौटूंगा एक और सच्ची कहानी के साथ…आपका विनोद. जूही को भी बहुत अच्छा लगेगा सुनकर कि वो भी मेरी फिल्म में काम करेगी…!रेहान- बस जूही आ जाए, मैंने जो कहा वो काम भूलना नहीं ओके…!आरोही- ओके बाबा.

साजन थे आनन्द के सहभागी, मैं पुन-पुन यह सुख चाहूँ री सखीवह मधुर अगन वह मधुर जलन, मैंने तो चरम सुख पाय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. तुम्हारे लिए नाश्ता वगैरह भी बनाना है।पर मेरा ध्यान तो उसकी चुदाई करने में लगा हुआ था।मैं उसकी बात को अनसुना करते हुए लगातार उसके चूचों को दबा रहा था और बीच-बीच में उसके टिप्पों को मसल भी देता.

इसका कारण यह था कि मुझे इस जगह एक भी बाल पसंद नहीं…तो नीलू भी नियमित हेयर रिमूवर का उपयोग करती है… मैंने कभी उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं देखा था.

उसके दोनों चुच्चे मेरे सीने पर महसूस हुए और उसके होंठ मेरे होंठ से सट गये थे, मेरे दोनों हाथ उसके चूतड़ों पर थे.

उन्होंने मुझे बेडरूम में लाकर बिस्तर पर लिटा दिया। फिर वो मेरी बगल में लेट गये और मेरे चेहरे को कुछ देर तक निहारते रहे। फिर मेरे होंठों पर अपनी उँगली फ़िराते हुए बोले, मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि तुम जैसी कोई हसीना कभी मेरी बाँहों में आयेगी।”क्यों? भाभी तो मुझसे भी सुंदर हैं !” मैंने उनसे कहा।होगी. ” की आवाजें निकालने लगीं और फिर स्स्स्स आह उम्” की मस्ती भरी एक अजीब से आवाज़ निकलने लगी।वो हालांकि उस वक्त भी यह दिखाने की पूरी कोशिश कर रही थीं कि वो वैसा नहीं चाहती है, लेकिन उन्हें मज़ा आने लगा था।मैं उनके स्तनों को जोरों से दबाने लगा और फिर जीभ से चाटने लगा और बोला- इससे सारी जलन मिट जाएगी. अपना काम कर… वो बाथरूम में है…मदन लाल- व्व… व…व…वो साब यहाँ उनके कपड़े…??कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]hmamail.

लेकिन मैं जीता तो?जूही- भाई आप हारने वाले हो, बस अगर ग़लती से जीत भी गए तो तब बता देना कि आपको क्या चाहिए. !”पीटर मेरे ऊपर लेटा और अपनी गांड ऊपर की ओर उठा कर एक करारा झटका मारा।मेरे मुँह खुला का खुला रह गया… आ. !रेहान- मेरी जान… तुम्हारे निप्पल और चूत को देख कर लगता है सेक्स नहीं किया है, पर कोई इनके मज़े ले चुका है मेरे पहले ये अनछुए नहीं हैं समझी.

जय- लेकिन तुम्हारी माँ तो बीमार है ना?मैं समझ गई कि इस चेन्नई वासी को मुझ पर शक हो रहा है, ज्यादा लालच बुरी बला है, इसलिए अगले सुबह एक लाख उसका फ़ोन और लैपटॉप ले कर रफूचक्कर हो गई.

तुम्हारी बुर फट जाएगी और तुम्हें बहुत दर्द होगा।वो बोली- भैया आपको मैं एक बात बता दूँ कि लण्ड कैसा भी हो. लड़के का मुँह देख लग रहा था जैसे उसके हाथ से ना जाने कितनी कीमती चीज छीन ली गई हो…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]. पिंकी सेनअब तक आपने पढ़ा…जूही आरोही को उल्लू बना कर खुद साहिल के पास आ जाती है और उसे बताती है कि उसको सब पता है कि यहाँ क्या हो रहा है। वो अपनी बहन के खिलाफ उनका साथ देने को तैयार हो जाती है और बातों-बातों में वो साहिल का लौड़ा चूस कर उसको शान्त कर देती है। साहिल उसको माफ़ कर देता है। जूही ये सुनकर ख़ुशी से साहिल से लिपट जाती है और उसके होंठों पे चुम्बन कर के वहाँ से चली जाती है।अब आगे.

मेरा मुँह खुला का खुला रह गया। मैं तो सोच रहा था कि इसको सिर्फ लण्ड की खुराक चाहिए पर इसको तो मेरा बीज भी चाहिए था. उसने कोहनी से मुझे मारते हुए कहा- चलो न बुझाती हूँ तुम्हारी सारी प्यास…बाहर हमने एक टैक्सी ली और मसूरी के लिए निकल पड़े. !उसने ‘सम्भाल’ शब्द पर कुछ नजरों से बोला। मुझे कुछ समझ में तो आया तो मैंने भी तुरन्त कहा- क्यों नहीं.

!तो दोस्तो, आगे और भी मज़ा आने वाला है, आप सब बस कहानी पढ़ते रहिए और मैं आपसे वादा करती हूँ कि धीरे-धीरे सब राज खोलती जाऊँगी।उन सभी दोस्तों का शुक्रिया मुझे मेल करके मेरा उत्साहवर्धन करते हैं।अब आप जल्दी से बताओ कि आज का भाग कैसा लगा।मेरी आईडी[emailprotected]gmail.

जी-सपॉट और क्लिट दोनों पर एक साथ प्रहार ने उसको पूरी तरह से बेकाबू कर दिया और मदमस्त राधिका सम्भोग के चरम-सुख को भोग रही थी. फिर साजन ने, सुन री ओ सखी, फव्वारा जल का खोल दियाभीगे यौवन के अंग-अंग को होंठों की तुला में तौल दियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!.

यूपी बिहार की बीएफ उस दिन मैंने अपने बॉयफ्रेंड दीपक को अपने घर बुला लिया दीपक भी टाइम पर पहुँच गया फिर हमने खाना खाया साथ में मिलकर. !वो मेरे ऊपर थी तो मेरा लंड खड़ा हो गया। अब लौड़ा उठा तो उसको मेरे लौड़े का उठान महसूस हो गया, वो समझ गई और उसने नीचे हाथ ले जाकर मेरे लंड को पैन्ट खोल कर हाथ में पकड़ लिया और हिलाने लगी।बोली- तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है.

यूपी बिहार की बीएफ !आरोही उसको आगे-पीछे करने लगी, पर वो जानती थी, ऐसे कुछ नहीं होगा तो उसने आँख बन्द करके लौड़ा मुँह में डाल लिया और उसको चूसने लगी।अन्ना तो स्वर्ग की सैर पर चला गया था। आरोही ने होंठ टाइट करके अन्ना को इशारा किया कि अब वो आगे-पीछे करे।अन्ना- आ मज़ा आ रहा है बेबी उफ्फ. !यह सब मैं मोनी को बुलाने के लिए कर रहा था।तभी आंटी चिल्लाते हुए बोलीं- मोनी तू अभी तक भैया का खाना बनाने नहीं गई.

आजकल उन्होंने सलोनी को पटा लिया है और दोनों खूब मस्ती कर रहे हैं।किशोरी- क्याआआ? सलोनी भाभी के साथ?मैं- हाँ यार आजकल दोनों में खूब जम रही है… सलोनी और अंकल दोनों को बिना कपड़ों के कई बार देख चुका हूँ …किशोरी- तुम्हारा मतलब है कि दोनों आपस में.

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!आप कहानी के इस भाग का आनन्द लीजिए।अब तक अपने पढ़ा…कि आरोही कुतिया बन जाती है और दोनों पैरों को फैला कर घुटनों के बल ऐसे हो गई कि उसकी गाण्ड पीछे को उभर आई, उसकी फूली हुई चूत भी बाहर आ गई।रेहान तो यह नजारा देख कर ‘आउट ऑफ कंट्रोल’ हो गया। जल्दी से उसके पीछे आया, लौड़े पर थोड़ा थूक लगाया और ठूँस दिया चूत में. मज़े की पड़ी है।राहुल- चुप कर साली कुतिया, अभी मूसल जैसा लौड़ा चूत में घुसवाई है। फिर भी नाटक कर रही है… उहह उहह ये ले आ…हह. मैंने अपने लौड़े को और जोर से खुजाते हुए कहा- अरे मुझसे कैसा डर? मैंने कोई गैर हूँ क्या?वो एकटक मेरे लौड़े की देखने लगी.

जब मैं चाची की चूत को चूसने लगा तो और चाची और भी तेज आवाज क़र रही थी, पूरा कमरा सेक्स की खुशबू से महक रहा था. लेकिन मैं भी होशियार था। मैंने उसकी कमर थाम ली थी और निकलने नहीं दिया, उलटे तेल की चिकनाहट के साथ पूरा लंड अन्दर ठेल दिया।उई ई ई. साजन ने नितम्बों पर दाँतों से, कई मोहरें सखी उकेर दईंमक्खन की ढेली समझ उन्हें, जिह्वा से चाट-चटकार लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!रेहान- अन्ना, आज तो मैंने जैसे कहा तुमने किया, पर कल क्या करना है मैं बताता हूँ। उसको शक मत होने देना कि तुम कौन हो और मेरे कहने पर ये सब कर रहे हो।अन्ना- तुम टेन्शन मत लो जी, अन्ना जुबान का पक्का जी.

जिसे मैं भी कभी नहीं भूलना चाहता।दोस्तो, मुझे आप सब लोगों के जवाब का इंतज़ार रहेगा कि आप सभी को यह कहानी कैसी लगी।ये मेरे खुद के अनुभव हैं जो मैं आप सभी के साथ साझा कर रहा हूँ। मुझे आप सब के जवाब का इंतज़ार रहेगा।. मैं- यह ठीक नहीं है जय, इसे मत छुओ, अभी मेरी शादी भी नहीं हुई और शादी से पहले ये सब?जय- मुझे एक बार चूसने हैं तुम्हारे बूब्स श्रेया! बहुत बड़े हैं. कर लो, मैं किसी से नहीं कहूँगा।दीदी ने मेरे गाल पर चुम्बन किया और फिर मुझसे कहा- सारे कपड़े निकाल दे.

मैंने वहाँ पर राधिकाजी को मेरे बेडरूम में हमारे पलंग पर सोते हुए पिछली रात की मेरी अंडरवियर और सुनीता की पेंटी को चूसते हुए पाया. इसी लिए उतने ही कटवाए हैं जितने ऑफिस में बढ़े थे, घर में जितने बाल बढ़े थे, वे नहीं कटवाए, गंजा होकर नहीं आया !***एक पुलिस इंस्पेक्टर इरफ़ान एक मुजरिम सन्ता की थाने में पिटाई कर रहा था और बार-बार धमकी दे रहा था –‘हरामजादे… आज तेरे ऊपर दो-चार झूठे केस लगाकर अंदर करवाता हूँ… आठ-दस साल बाहर नहीं आ पायेगा !!!’तभी इंस्पेक्टर इरफ़ान के मोबाइल पर खबर आई कि उसे बेटा हुआ है. ”और फिर मेरी टांगें खोलने लगे, वो लंड घुसाना चाहते थे।मैंने भी रास्ता दे दिया और उन्होने अपना लंड घुसा दिया और चोदने लगे। मैंने उनका साथ दिया ‘आहें’ भर-भर कर चुदवाया और पांच मिनट में लुड़क गए, हांफने लगे, लेट गए।मैं आधी अधूरी सी उनके बगल में लेट गई और नाईटी पहन ली। बस रोज़ ऐसे होता अब तो वो चूमते-चामते भी कम थे। निकाला और डालते.

!चाचू ने मेरे मम्मे पकड़ते हुए कहा- रोज सुबह-सुबह तुम्हारे मम्मों को देख कर दिल तो करता था कि मुँह में ले लूँ, पर नहीं कर पाता था. वो गाने के बोल सुन मुस्कुराने लग गई, मैं उसके करीब गया और उसकी गोद में मैंने अपना सर रख दिया, फिर उसकी तरफ देखने लगा, वो भी मेरी तरफ देख रही थी।काफी देर बाद उसने अपनी मीठी सी आवाज़ में कुछ कहा.

उसके बाद हम दोनों उठे और बाथरूम में जाकर उसकी चूत और अपने लण्ड को धोकर साफ़ किया और वापस आकर बेड पर बैठ गये. इरफ़ान- सॉरी यार मैंने सोचा कि तुम मेरी बीवी बोल रही हो…उधर से फिर जवाब आया- तेरी बीवी ही हूँ कमीने… तू बस आज घर आ जा !***सलमा और इरफ़ान सो रहे थे कि रात को ग्यारह बजे सलमा के फोन में घण्टी बजी. !मैं- अरे कहीं नहीं जा रहा था, थोड़ा घूमने के लिये निकला था।शैलेश भैया- कोई ‘माल-उल’ पटाया है क्या तुमने? जो रोज़ जाते हो उधर घूमने के लिये.

मैं इसे कड़क करके ही तुम्हारी चूत की खुजली मिटाऊँगा।आरोही सेक्स की आग में जलती रही, पर राहुल का लौड़ा कड़क नहीं हो रहा था।आरोही की बर्दाश्त के बाहर हो गया तो उसने फिर से लौड़ा मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी दो मिनट में उसको फिर से कड़क कर दिया।आरोही- आ आ.

!रेहान- नो सचिन… रूको अन्ना बताओ इस रंडी को कि क्या हो रहा है यहाँ…!अन्ना- जवाब तुमको हम देता जी ये पॉर्न-मूवी होना जी…. !”लंड अभी थोड़ा ही अन्दर गया था, पर वो इतना मोटा था कि दर्द बहुत ज्यादा हो रहा था। ये मेरी लाइफ का अभी तक का सबसे मोटा लंड था। अभी मेरी चूत इतनी चौड़ी नहीं भी नहीं हुई थी इसलिए दर्द और ज्यादा हो रहा था।मैं दर्द से कराहने लगी, आअह्ह्ह्ह्ह्ह आाआईह्ह्ह्ह्न्न ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्होहोहो ओह्ह्ह ओह्ह्ह आअह आआऐई आह्ह्हा. !अब रेनू बार-बार मेरे लंड को देखे रही थी। वो धीरे-धीरे चल कर बेड के पास आई और बेड पर बैठ गई, कांपते हाथ से लुंगी हटाई, लंड देखा, धीरे से हाथ मेरे लंड पर फेरा और धीरे से बोली- जीजाजी उठो.

उसी स्थिति में आशीष ने मेरे हाथ पलंग के कोनों से बांध दिए।कुछ देर के बाद मेरी चूत दुबारा गीली हो गई मेरा शरीर भी अब मेरे हिसाब से नहीं चल रहा था। मन बहुत खिन्न हो रहा था कि बेल्ट की एक तेज चपत मेरे कूल्हों पर पड़ी. ” मेरे मुँह से अचानक निकल पड़ा, उँगलियों पे जलन सी महसूस हुई, देखा तो पाया कि मैडम जी ने अपने हाथों में पड़े चाय की गरमागरम कप मेरे उँगलियों से सटा दी थी और मज़े से मुस्कुरा रही थीं.

! जा लेजा…!साहिल समझ जाता है कि रेहान को बहुत गुस्सा आ रहा है। यहाँ से जाने में ही भलाई है। वो जूही का हाथ पकड़ कर उसको ऊपर ले जाता है। अन्दर अन्ना ज़बरदस्ती आरोही को बेड पर लिटा कर उसके मम्मे दबा रहा था। उसके मना करने पर अन्ना ने उसको दो चुम्बन भी कर दिए थे।अन्ना- अईयो साली. ! और उससे बोला- अब मैं तुम्हें डॉगी-स्टाइल में चोदूँगा।वो बोलीं- कैसे?मैंने कहा- अरे पागल आज तक ऐसे नहीं करवाया तो क्या मस्ती मिली रे. भाभी ने मेरे चूतड़ पकड़ लिए पर मैंने लण्ड को चूत में पेलना जारी रखा, वे बोलीं- ठहरो जरा, लौड़े को ऐसे ही चूत में थोड़ी देर रखो, बहुत मजा आता है.

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मैं मम्मी से बता दूंगी।लेकिन मैं उसकी चूचियाँ दबाता रहा और थोड़ी देर बाद वो चुपचाप लेट गई।अब मैंने उसका टॉप उठाकर चूचियां चूसनी शुरू कर दीं।उसकी चूचियों का साइज़ अभी बहुत छोटा था.

! मुझे आनन्द ने कहा- मैं अपना पूरा लंड तभी चूत में घुसेड़ूँगा जब तू मेरी शर्तें मानेगी।मैं जल्दी से बोली- मुझ को तुम्हारी हर शर्त मंज़ूर है. हाँ अगर ऊपर से कोई नीचे आ रहा हो तो वो भी सीढ़ी से तभी किसी के देखने की संभावना थी।इसीलिए भाभी बाहर नंगी आने को तैयार हो गई थीं. !तो रीना ने मुझसे पूछा- क्या तुमने कभी किसी के साथ किया है?तो मैंने ना बोल दिया, क्योंकि मैंने इससे पहले कभी किसी के साथ चुदाई नहीं की थी।मुझे तो पता ही था कि आज मुझे कुँवारी चूत मिलने वाली है।वो मुझसे पूछती- क्या तुमने ऐसी मूवी पहले कभी देखी है?तो मैंने बता दिया- देखी है तीन चार-बार.

अब समझा बुद्धू … कहा था न … आराम से चोद, निकल गया न दो मिनट में ही!इस तरह से मुझे मेरी पड़ोसन भाभी ने चोदना सिखाया. मैंने फ़ूफ़ी की टांगें फैला दीं और अपना लंड उनकी चूत पर सैट करके धीरे से धक्का मारा पर अंदर नहीं गया और फ़ूफ़ी की सिसकारी निकल गई ‘सस्सस्स…’ फिर मैंने झट से वैसलीन की क्रीम अपने लंड पर लगा दी और फ़ूफ़ी की चूत में अंदर तक लगा दी और वापस लंड को सैट कर के धीरे से अंदर धक्का लगाया. चोदा चोदी सेक्सी वीडियो हिंदीइरफ़ान सारे दिन में कोई छोटा-मोटा काम करता और रात को देसी दारू पीकर पूरे नशे में टल्ली होकर एक गैराज़ के बाहर सो जाता था.

कब तक नहीं फिसलता। मेरी गोरी-गोरी मुसम्मियाँ देख कर हरामी का लौड़ा फुफकारने लगता होगा।मुझे इस बात की जानकारी थी कि जब मैं झुक कर उसे अपने मम्मे दिखाती हूँ तो वो मुझे बड़ी प्यासी नजरों से देखता था।मैं भी अन्दर ही अन्दर सोचती थी कि मसक दे मेरे मम्मे हरामी. ! मैं तो चूत से मन भर लूँगा।रेहान- ये सही रहेगा, सचिन तुम इसके मुँह को चोदो मैं अन्ना के पास जाकर आता हूँ।जूही- ओह रेहान जी आप के बिना मज़ा नहीं आएगा। सब से बड़ा हथियार तो आपके पास है।साहिल- अरे यार जूही अब रेहान क्या तेरे कान में लौड़ा डालेगा? जाने दे ना उसको.

मेरे एक चोदू ने मुझे बताया था जब मुझे ऑर्गनस्म आ रहा था तब उसने चूत के अंदर उठने वाली संकुचन को महसूस किया था, उसने कहा था कि उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसका लंड चूत में फंस गया था और फिर एक तेज़ बहाव आया, जिसे पानी छोड़ना कहते हैं. मेरा अपना खाद्य सामग्री निर्माण बड़ा कारखाना है मेरे कारोबार में जरूरतमंद अविवाहित, तलाकशुदा और विधवा को काम देने में मैंने शुरू से प्राथमिकता दी है. !आरोही- रुक जूही की बच्ची, अभी तुझे मज़ा चखाती हूँ।वो उठकर उसके पीछे भागी।जूही कमरे में इधर-उधर भागने लगी और आख़िर आरोही ने उसे पकड़ कर बेड पर गिरा दिया और उसके मम्मों को दबाने लगी।जूही- अई उफ़फ्फ़ दर्द होता है.

प्रेषक : विजयमेरा नाम विजय है। मैं अहमदाबाद में रहता हूँ, मैं एक सादा और सामान्य लड़का हूँ। मैं गोरा तो नहीं हूँ, लेकिन स्मार्ट लड़का हूँ, मेरी हाईट 5’9” फ़ुट है, और मेरा लन्ड 5. और पीछे से उस आदमी का लंड इशरत की गाण्ड की दरार की बीच से होता होता हुआ चूत में घचागच घुसे जा रहा था. मैंने सोचा कि क्यों न अपनी कहानी आप लोगों के साथ शेयर करूँ पर मुझे कल ही कनाडा जाना है और यह कहानी मैं कनाडा जाने से पहले आप तक पहुँचाना चाहती हूँ इसलिए मैंने साजन जी की मदद ली.

क्योंकि कावेरी ने मेरे लौड़े पर दाँत से काट लिया था।मैंने उसको एक गाली बक दी, साली क्या कर रही है…?”कहने लगी, तेरे से एक बार और चुदना है.

!रेहान- मेरी जान… तुम्हारे निप्पल और चूत को देख कर लगता है सेक्स नहीं किया है, पर कोई इनके मज़े ले चुका है मेरे पहले ये अनछुए नहीं हैं समझी. कंधे, स्तन, कमर, नितम्ब कई तरह से पकड़े, मसले और छोड़े गएगीले स्तन सख्त हाथों से आंटे की भांति गूंथे गएजल से भीगे नितम्बों को दांतों से काट-कचोट लियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!.

हमेशा की तरह…मुझे देख मुस्कुराई…मैं भी उसको चूमकर- …अच्छा जान मैं भी फ्रेश हो लेता हूँ…सलोनी- ओ के जानू…मैं बाथरूम में चला गया।मैं बाथरूम में जाकर नहाने की तैयारी कर ही रहा था कि मुझे दरवाजे की घण्टी की आवाज सुनाई दी…. ”मैंने अपनी हाथ की रफ़्तार बढ़ा दी।उसकी चूत से पानी सा निकलने लगा।बोली- बस !क्या हुआ?”कहानी जारी रहेगी !. मुझे पास खींचकर फिर उसने, स्तनों के चुम्बन गहन लियादोनों हाथों से नितम्ब मेरे, सख्ती से दबाकर भींच लियाकई तरह से उनको सहलाया, कई तरह से दबाकर छोड़ दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

चाहे वो बार बार शादी से पहले चुदाई से मना कर रही है पर मेरा मन नहीं मानता, मेरा मन बहुत बेचैन है, मैं क्या करूँ?दोस्तो, मेरी मदद करो, मुझे कुछ बताओ कि मैं अपने दिमाग से यह बात कैसे निकालूँ?अपनी बात नीचे डिसकस पर ही लिखे क्योंकि मैं अपना इमेल आईडी और नाम देने में शर्म महसूस कर रहा हूँ. बस इसी सोच में उसकी आँख लग गई और वो भी सो गया।दोपहर दो बजे नौकरानी ने राहुल को जगाया कि लंच तैयार है, आप कर लेना।दोस्तो, मैंने आपको बताया था न. काफी खून भी निकला था उसकी बुर की पहलू चुदाई में!अभी तक हम बच्चा पैदा करने की नहीं सोच रहे हैं क्योंकि एक बच्चा हो गया तो सेक्स और चूत चुदाई का मज़ा जाता रहता है, एक तो चूत इतनी खुल जाती है कि लंड जाने का पता ही नहीं लगता और दूसरे बीवी बच्चे के कामों में इतना व्यस्त हो जाती है कि उसे चूत चुदवाने का वक्त नहीं मिलता.

यूपी बिहार की बीएफ आह… आ…!उसने फ़िर उनगली बाहर निकाली जो मेरे योनिरस से पूरी गीली हो गई थी, मैं मजे ले रही थी।उसने कहा- क्यूँ. !उसके 2 मिनट बाद राज सीधा हुआ और मैंने अपने पैर पूरे फैला दिए और राज ने मेरी दोनों टाँगों के बीच में आकर मेरी कमर के नीचे एक तकिया लगाया और अपना थूक मेरी बुर पर लगा कर लण्ड रगड़ने लगा।तो मैं बोली- अब जल्दी करो न.

कहानी सुनाने का तरीका

15 दिन मेरी अम्मी अपनी अम्मी के पास रहीं और जब वो वापिस आ गईं, तो रोज रात को एक बजे मैं बाथरूम जाती और चाचू भी आ जाते और एक घन्टे तक बाथरूम में चुदाई के बाद वापिस रूम में आकर सो जाते. !कुछ देर बाद वे सब जाने लगे, उन्होंने मनु को आवाज दी, पर मनु नहीं उठी। वो गहरी नींद में थी, नानी और मामी थके हुए थे।वो सोने के लिए चले गए और जाते-जाते उन्होंने बोला- परेशान नहीं करना।और वे चले गए। उस समय रात के 9 बजे थे।मनु उठी और बोली- गए क्या. मैंने कहा- रुक जा मेरी चूत की रानी, तुझे चोदन का मज़ा मैं दिलाता हूँ !फिर मैंने लंड पूरे जोर से उसकी हसीन चूत में धकेल दिया…पूरा लंड खा गई रण्डी साली की चूत !फिर मैंने उसे धक्के देने चालू कर दिए.

जब मैं कीर्ति दीदी को घोड़ी बना कर चोदता तो उनके कसे चूतड़ों को हथेली से पकड़-पकड़ कर फैलाकर कर देखता और जोर से चूत चोदता. मुझे भी अब मजा आने लगा था, मेरी चूत से एक अजीब से दुर्गन्ध आती है लेकिन न जाने वो लड़कों को क्यूँ मदहोश कर देती है. सेक्स एक्स एक्स एक्स!15 मिनट तक तूफान चलता रहा और उसके बाद दोनों शान्त हो गए और अलग-अलग होकर बेड पर निढाल हो कर पसर गए।आरोही- आ.

!!’‘कुछ दिन पहले हम मिले और तुम सब छोड़ कर यहाँ आ गये, मैं तुमसे प्यार नहीं करती, ना आगे मिलना चाहती हू.

ये तो… अंदर…मैं- क्या अंदर? क्या हो रहा है?मधु- व्व्व्व्व्व्वो भाभी अंदर… और व्व्व्वो !!!!!ऑफिस में ही नीलू और रोज़ी से मस्ती करने के बाद मैं बहुत आराम से फोन पर बात कर रहा था…लण्ड को अपनी खुराक भरपूर मिल गई थी, फिर भी दिल तो बावरा होता है रे…सलोनी का फोन मधु के पास था… दोनों किसी स्कूल में थी जहाँ सलोनी ने जॉब करने के लिए कहा था…मधु ने के ऐसी बात बताई कि मेरे कान खड़े हो गए…झूठ नहीं बोलूंगा. पिंकीहाय फ्रेंड्स, आपकी दोस्त फिर आ गई है कहानी के एक नए भाग के साथ, पढ़िए और मज़ा लीजिए।अब तक आपने पढ़ा कि राहुल और आरोही शॉपिंग करते हैं फिर लंच के बाद वो वहाँ से घर के लिए निकल जाते हैं।घर पहुँच कर आरोही ने एक मादक अंगड़ाई लेते हुए कहा- ओह भाई, बहुत खाना खा लिया.

हर वक़्त डराते ही रहते हो।” प्रिया ने जोर से मेरे कंधे पे चिकोटी काट ली।वैसे आप कुछ अच्छी खबर देने वाली थीं. पूरी रात हमारी है।मैं बोला- रोक मत मनु, बड़ा मजा आ रहा है।बाद में मनु ने अपने कपड़े उतारते हुए मेरे भी कपड़े उतरवाए।क्या लग रही थी वो ब्रा और चड्डी में. !आरोही- ओके बाबा, तुम हो तो किस बात का डर, अब तो मैं उसके सामने नंगी भी हो जाऊँगी। बस आप मेरे साथ रहना मगर वो मान तो जाएगा न.

पर थोड़ी ही देर में मेरा लंड फिर तन गया, मैंने फिर हिला लिया।अगले दिन मैं ढंग से फुटबॉल नहीं खेल पाया। अब तो मैं हर घड़ी भाभी को ही देखता रहता था.

पहले हम हँसे फिर नैन हँसे, फिर नैनन बीच हँसा कजराउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. बातों बातों में मैंने उसे बताया कि मैं तो आगरा का ही रहने वाला हूँ और बतौर टूरिस्ट गाइड काम करता हूँ. सच क्या है प्लीज़ यार…!रेहान- जान मैं तुमको सरप्राईज देना चाहता था, पर तुम हो कि नहीं मानोगी…! तुमने सही कहा वो आदमी रूम में आया था और जानती हो वो कौन है…!जूही- मैंने कहा था न.

सेकसि भिडियोमैं तो जैसे बेसुध थी सखी, कुछ सोच रही न सूझ रहाउसके उस अंग को मैंने तो, अमवा की भांति चूस लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. ‘चलो, मैं तुम्हें रूम पर छोड़ देती हूँ, जाते जाते डिनर भी कर लेंगे… !!!’ तनीशा ने कहा…उस पर मैं बोला,’ डिनर तो करते है मेरी जान.

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सच कहूँ तो दोस्तों कभी कभी तो बिना चुदाई किये हुए भी 15 दिन गुजर जाते थे और हम जब बिस्तर पर चुदाई कर रहे होते थे तभी एक दूसरे को प्यार भरी बात कर पाते थे वरना बाकी समय केवल जरुरत की बात ही होती थी।मुझे नहीं लगता कि कभी एक दूसरे से कुछ दिन भी अलग होने में हमको कोई कमी महसूस होती थी… हाँ बस इतना था कि हमको ये लगता था. मैं तो पागलों की तरह उस मस्त लंगड़ी घोड़ी की गांड देख रहा था, अचानक मेरे मुख से लार की धार ठीक उनकी नंगी गांड पर गिरी. अपने स्तन निर्वस्त्र किये, साजन के होठों में सौंप दिएगहरी-गरम उसकी सांसों ने, मेरे स्तन स्वतः फुलाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

मगर ऋज़ू जैसे माल ने उसमें भी संदेह पैदा कर दिया था कि क्या करूँ?मेरा लण्ड अब ऋज़ू की चूत में घुसने के लिए व्याकुल था…- मेरी जान यहाँ कहाँ चोदूँ तुम्हें? मेरा लण्ड तो तुम्हारी इस चुनिया के लिए पागल है. मुझे पता नहीं कब साजन ने, अपनी ऊँगली बाहर कर लीऔर ऊँगली के स्थान सखी, दस अंगुल की मस्ती भर दीबेसब्र बिखरते यौवन में, अपने अंग को पूर्ण विस्तार दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !मैंने कहा- पहले तुम अपने सारे कपड़े उतारो और पहले अपनी चूत दिखाओ।मोना बोली- तुम जानते हो कि चूत क्या होती है.

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था !संजीव मुझे पागलों की तरह चूमने लगा, मेरे ऊपर एक अजीब सा नशा सा छाने लगा था. 00 बजे हमारी नींद खुली और दोनों एक-दूसरे को देखकर हँसने और चूमने लगे।वो बहुत हसीन लग रही थी, उसकी बोबे पूरे लाल थे, होंठों पर काटने के निशान, चूत की लालिमा बाहर तक दिख रही थी।जैसे ही मैंने उसकी चूत पर उंगली लगाई, वो उछल पड़ी- दर्द हो रहा है. !आरोही जल्दी से बाथरूम में चली गई, उसका दर्द अब कम था, पर उसकी चाल उसकी हालत ब्यान कर रही थी कि कितनी ज़बरदस्त चुदी है वो.

मैं समझ रही हूँ सच कहूँ तो मुझे आपसे प्यार हो गया है। अब यह जिस्म सिर्फ़ आपका है, कोई दूसरा इसको टच भी करता है तो बुरा लगता है। आपने बहुत मज़े दिए मुझे, अब आप जो कहोगे मैं करने को तैयार हूँ, बस मुझे हीरोइन बना दो प्लीज़. कपड़े पहनो नहीं तो आज खैर नहीं हमारी…!सब भाग कर अन्दर चली जाती हैं। अन्ना को दूर से सब दिख जाती हैं।अन्ना- अईयो नीलेश… ये क्या जी ये सब छोकरी पागल होना जी.

आप झूठ बोल रही हो… प्रूफ दो तब मानूँ।आरोही ने अपना पायजामा उतार कर अपनी फ़टी हुई फ़ुद्दी उसके सामने कर दी, जिसे देख कर साफ पता चल रहा था कि यह चुद चुकी है और चुदाई के कारण सूजी हुई भी थी।जूही चूत को छूकर देखती है और अपनी ऊँगली उसमें घुसा देती है।आरोही- आ.

मैंने वैसे तो कीर्ति दीदी और बबिता आंटी की नंगी गांड का बहुत मजा लिया था पर फिर भी मधु दीदी की गांड बहुत अच्छी लगने लगी थी. मोती भाभी की चुदाईरोज़ एक बार तो पक्का और अंदाज़न हफ़्ते में तीन दफे दो बार और एक आध बारी तीन दफे भी !’‘हाय…मेरे चोदू राजा… कितना चुदक्कड़ है तू… तो उसके मेंसेस में क्या करता है?. गांव की लड़की के साथ सेक्सतब वो सफ़ेद टी-शर्ट और हाफ पैंट में थी, जब वो झुक रही थी तब उसके चुच्चे देखने लायक थे, मन कर रहा था कि अभी जाऊँ और इसको पटक कर चोद दूँ. क्यों तुम दोनों मज़े नहीं लोगी क्या?दीपाली हँसने लगती है और उसके साथ दोनों भी मुस्कुरा देते हैं।दीपाली- दीदी वो वाली मूवी लगाओ ना.

निक्की साली मुझे नंगा कर दिया और खुद साली कपड़े पहने हुए है।निक्की मेरे स्तनों को मसलने लगी। मैं तो पहले ही उतेज़ित थी, निक्की के हाथों के स्पर्श से मेरे चुचूक कड़े हो गये। वो झुकी और उसने अपने तपते होंठ मेरे चुचूकों पर रख दिए, साथ ही बोली-.

? आप भी सोच रहे होंगे कि अब क्या होगा तो चलो उनके रूम में चलते हैं क्या हो रहा है…!रेहान बीयर की पूरी बोतल एक साथ पी गया।जूही- क्या हुआ रोनू. आह” करने लगी। उसने टाँगें ऊपर उठा कर मेरी कमर पर जकड़ दीं। मैंने मेरी स्पीड कम कर के उसके आमों को दबा कर होंठों से चूसा और उसके होंठों पर अपने होंठों को ले गया, उसने मेरा होंठ काटातो मुझे जोश आया।मैंने अपनी गति बढ़ाते हुए जोर-जोर से धक्के देने लगा। मनु कभी सिस्कारती कभी आ आ आह. !”मैंने उनके होंठ चूम लिया। अब तो जीजाजी तूफान मेल की तरह चुदाई करने लगे। बुर से पूरा लण्ड निकालते और पूरी गहराई तक पेल देते थे।मैं स्वर्ग की हवाओं में उड़ने लगी।हाय राज्ज्ज्जा…! और ज़ोर…सेईई … बड़ा मज्ज़ज़ज्ज्ज्ज्जा आ रहा है.

इमरानकरीब बारह बजे सलोनी का फोन आया कि वो स्कूल और शॉपिंग के लिए जा रही थी…मुझे अफ़सोस इस बात का था कि मैंने आज उसके पर्स में रिकॉर्डर नहीं रखा था पर मधु उसके साथ थी…अब यह मेरे ऊपर निर्भर था कि मैं मधु से सब कुछ उगलवा सकता था… पता नहीं आज क्या होने वाला था…?? मेरा पूरा ध्यान सलोनी और मधु की ओर ही था… पता नहीं वो वहां क्या कर रहे होंगे. मैं श्रुति 23 साल की हूँ, उन्नीस साल की उम्र में मुझे अपने पड़ोस के एक लड़के से प्यार हो गया था लेकिन इससे पहले की हमारी प्रेम कथा आरम्भ होती किसी दूसरी लड़की से उसकी शादी हो गई।इस एक तरफा प्यार में दिल टूटने के बाद मैं दो साल पहले अपने एक सहकर्मी के करीब आ गई जो विवाहित है।हम दोनों ने अनेकों बार बिना किसी गर्भा निरोधक के सेक्स किया. !आरोही- ओके बाबा, तुम हो तो किस बात का डर, अब तो मैं उसके सामने नंगी भी हो जाऊँगी। बस आप मेरे साथ रहना मगर वो मान तो जाएगा न.

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दो मिनट तक भाभी का ओर्गेज्म चला, फिर वो अपना दोनों हाथ बेड पर फैला कर बोलीं- माय गॉड अभय, आप तो गजब के चोदू हो. वो मूत कर उठी तो उसकी गांड मेरी ओर थी, मैं पीछे से जाकर चिपट गया और बोला- मुझे भी साफ़ कर दो!फिर उसने मेरा लंड धोया और मैंने उसकी चूत!इस सब पर मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैं कुछ और भी चाहता था, इसलिए पूछा- कैसा लगा?तो बोली- अब से रोज चुदने आऊँगी तुमसे!पर मैंने कहा- मैं नहीं चोदूँगा क्योंकि मुझे लंड चुसाना पसंद है जो तुम नहीं करती!इतना कहने की देर थी, मेरा लंड उसके मुँह में था और मस्त चूस रही थी. बारिश हो और ज़मीन गीली न होधूप निकले और सरसों पीली न होतो फिर आपने यह कैसे सोच लिया किआप हमें याद करें और आपकी चड्डी गीली न हो !आगे सुनें :आप अन्तर्वासना पढ़ें और आपकी अण्डरवीयर गीली न हो !.

हाय शाहनवाज, मुझे छोड़ना मत… चोद दे मुझे… रे चोद दे… हाय शाहनवाज, तुम कितने अच्छे हो… लगा… और जोर से लगा.

तो फटाफट मेल करो मेरी आईडी[emailprotected]पर और आगे क्या होगा?जूही किसके नसीब में लिखी है? ये सब आपको आगे के भाग में पता चल जाएगा। ओके फ्रेंड्स बाय…!.

पर क्या खो गया?सलोनी- व्ववओ… मेरी ब्रा नहीं मिल रही… यही तो थी…आदमी ने उसकी चूची को पकड़ लिया- अरे मेरी जान… इनको कैद नहीं कर न. मोती रस से मेरी काम अगन, मोती सी शीतल हुई सखीमन की अतृप्त इस धरती पर, घटा उमड़-उमड़ कर के बरसीमैंने साजन का सिर खींच सखी, अपने वक्षों में छुपाय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. इंग्लिश सेक्सी पोर्न वीडियो! मैं आता हूँ।इतना बोलकर रेहान बाहर निकल जाता है। आरोही को कुछ समझ नहीं आता है।बाहर आकर रेहान किसी को फ़ोन करता है कि अन्दर आओ।एक आदमी अन्दर आ जाता है। रेहान उसको कमरे के पास खड़ा कर देता है और उसको समझा देता है कि इनको बाहर मत आने देना और खुद अन्ना को फ़ोन करता है।रेहान- कहाँ हो अन्ना? अब तक आए नहीं.

!मैं उसकी बातों से और गरम हो रहा था। कुछ देर बाद उसकी चूत को मजा आने लगा।वो बोली- अब लेट के कर लेकिन मैं ऊपर रहूंगी. !वो तपाक से बोली- कौन सी और बात?तो मेरे मुँह से यह निकल गया कि मैं रोज तुम्हारी मम्मी को नहाते हुए देखता हूँ. फिर कभी वैसे भी अब तो मैं तुम्हारी ही हूँ !इस के बाद कविता ने अपने पर्स से मुझे कुछ रूपए देने चाहे पर मैंने मना कर दिया, तो कविता ने कहा।कविता- रख लो दीप ये कीमत नहीं.

!आंटी, यह बच्चा हमारे प्यार की निशानी है।”तुम समझ नहीं रहे अमन, मैं किसी को मुँह दिखाने लायक नहीं रहूँगी।”क्यूँ आंटी? आपका भी तो मन था कि आप माँ बनती।”मगर यह बच्चा नाजायज़ है, मैं किसी से क्या कहूँगी. सखी मैं साजन से रूठी थी, और साजन मुझे मनाता थामैं और दूर हट जाती थी, वह जितने कदम बढ़ाता थासाजन के हाथों को मैंने, अपने बदन से परे हटाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

रात को कोमल के पिताजी ने पापा को फ़ोन करके मुझे उनके घर के बाहर बने बरामदे में सोने के लिए कह दिया था ताकि घर सुरक्षित रहे.

इतनी कम उम्र में भी वो सेक्स की देवी थी…उसने अपना एक हाथ मेरे सीने पर और एक पैर मेरे लण्ड पर रख दिया था. !अब मैं रोज दिव्या को पढ़ाने उसके घर जाने लगा। पहले मैं दिव्या को इस नजर से नहीं देखता था, लेकिन एक दिन जब मैं जब दिव्या से उसके पेपर के बारे में जानने उसके घर पहुँचा, तो उस वक्त उसकी मासिक परीक्षा चल रही थी।उस वक्त दोपहर के दो बजे थे, मैंने घन्टी बजाई, दिव्या ने दरवाजा खोला।मैंने कहा- दिव्या मम्मी कहाँ हैं।उसने कहा- सो रही हैं। आप दो मिनट रुकिए मैं कपड़े बदल कर आती हूँ।मैंने कहा- ठीक है. ठीक है।मैं उसे अपने बेडरूम में ले गया और उसे एक शीशे के सामने खड़ा कर दिया।मैंने कहा- अब आखें खोलो।उसने देख कर कहा- यह क्या है?और मैंने अपने प्यार का इजहार कर दिया, उसने मुस्कुरा कर ‘हाँ’ कर दी।बस उसके ‘हाँ’ कहते ही मैं उसे चूमने लगा। हमने पाँच मिनट तक एक दूसरे को चुम्बन किया। हम दोनों गरम होने लगे। मैंने देखा कि उसका एक हाथ मेरे लन्ड के ऊपर था।मैंने फिर हल्के-हल्के उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया.

सेक्सी पिक्चर चलाइए मेरी शादी हाल ही में हुई है, मेरी शादी के तुरंत बाद मेरी पत्नी को मासिक धर्म आरंभ हो गए।मैंने पिछले दिनों माहवारी के दौरान ही अपनी पत्नी से सेक्स किया है।कृपया बताएं कि क्या मासिक धर्म के दौरान सेक्स करना ठीक है?यह भी बताएं कि क्या इस अवधि में बिना कंडोम के भी सेक्स किया जा सकता है?क्या ‍पीरियड के दौरान सेक्स करने से गर्भ ठहर सकता है?. ”मैं उठी कपड़े और बाल ठीक किए और चमेली के साथ चाय लेकर जीजाजी के कमरे में आ गई, जीजाजी गहरी नींद में सो रहे थे।चाय साइड की टेबल पर रखकर चमेली ने धीरे से चादर खींची, जीजाजी नंगे ही सो रहे थे, उनका लौड़ा भी सो रहा था।चमेली धीरे से बोली- दीदी देखो ना कैसा सुस्त-सुस्त सा पड़ा है.

मेरी जंघाएँ फ़ैल गईं, जैसे इस पल को मैं आतुर थीमैं कसमसाई, मैं मचल उठी, मैंने खुद को व्याकुल पायाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. हम चुद गईं…आह मैं आ रही हूँ… मादरचोद बार-बार चूत बदलते हैं।श्वेता का पानी निकलना शुरू हो गया था, साथ ही मेरी बीवी ने भी अपनी चूत से पानी निकालना शुरू किया और अब पूरे कमरे मैं हमारी चारों की आवाज़ें ही थीं, आआअ ह्हह्हह्ह… ह्ह. सब एक साथ काम करेंगे तो मज़ा आएगा।रेहान- अभी हम फिल्म की ही बात कर रहे थे तुमने सीन तो सुन हे लिया होगा.

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तेरी बहुत टाइट है आह…!अब इतने झटकों के बाद जूही का दर्द कम हो गया था, वो भी मस्ती में आ गई थी और अब राहुल का साथ देने लगी।रेहान ने लौड़े को आरोही की चूत में डाल कर उसकी गाण्ड पर गौर किया।रेहान- जान क्या बात है, इस हरामी ने तेरी गाण्ड भी मार ली. लौड़ा डालोगे तो मेरी जान ही निकल जाएगी।अनुजा- उफ़फ्फ़ अरे कुछ नहीं होगा तू बस चूत रस का मज़ा ले बाकी विकास अपने आप संभाल लेगा।दीपाली चूत चाटने में लग गई और विकास ऊँगली से उसकी गाण्ड को चोदने लगा. मैंने अपना फल खाया और बोला- नीलू मैडम, अगर आप बोलो तो मैं थोड़ा आराम कर लूँ, नदी मैं नहाने से थकान आ गई है.

इमरानकेवल एक मिनट में ही नीलू ने अपना गोरा चिकना नंगा बदन अपने दो कपड़ों में ढक लिया…मैंने भी अपने पप्पू मियां को अंदर कैद कर पैंट ठीक कर ली…मगर शैतान नीलू को तो अपनी चुदाई बीच में रुकने का बदला लेना था…वो तुरंत बाथरूम की ओर गई. !आरोही ने लौड़े को जीभ से चाट-चाट कर साफ कर दिया और बेड पर निढाल होकर पसर गई।आरोही- ओह रेहान आप कितने अच्छे हो.

! बहुत शौक है ना तुझे ब्लू-फिल्म बनाने का… अब तेरी फिल्म सबको मैं दिखा दूँगी और टीना को सब कुछ बता दूँगी मैं.

उसके बाद पानी चूत में ही निकालूँगा ताकि दोनों काम एक ही बार में हो जाएं।अनुजा बिस्तर पर टेक लगा कर बैठ गई विकास ने दीपाली से कहा- इस तरह घोड़ी बन जाओ कि तुम अनुजा की चूत भी चाट सको और गाण्ड भी मरवा सको।दीपाली- हाँ ये ठीक रहेगा. और आपने भी उसको सब खुलकर दिखाई…सलोनी- धत्त मैंने कुछ नहीं दिखाया… चल हट मुझे शर्म आ रही है…पारस- हाए हाए… मेरी जान… अब शर्म आ रही है. करवट तो मात्र बहाना था, बेचैन बदन को चैन कहाँमुझे साजन की खुशबू ने सखी, अंग लगने को मजबूर कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

साजन ने कहा ले आगे गिन, नीचे रहकर किये प्रति स्पंदनमैं गिनती रही वह करता रहा, गिनती अस्सी के पार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. चाची को मजा आने लगा पर चाची की आँखों से आँसू निकल रहे थे, मैं लगा रहा चाची को मजा आ रहा था, मेरा लंड फ़ूल रहा था, मैं चाची को बीस मिनट तक चोदने के बाद जब झड़ने लगा, मैं उनकी गांड में ही झड़ गया. दीपक ने मुझे लिटाया और वो मेरे ऊपर आ गया मैंने खुद ही उसका लंड पकड़ कर अपनी चूत पर लगाया और उसके लंड को अपनी चूत पर रगड़ने लगी.

राजा आज डबल धमाका हो गया। पहले अंकल ने चोदा वो भी आज पागलपन वाले मूड में थे और अब तुम भी वैसे मूड में मिल गए।”वो जिसके साथ ढाबे में बैठा था, लगता है नया आशिक मिल गया.

यूपी बिहार की बीएफ: !”फिर बुआ ने मेरे शॉर्ट्स के ऊपर से मेरे लंड पर हाथ फेरा और बोलीं- पर तुझे क्या हुआ?मैंने कहा- पता नहीं बुआ. बस हल्का सा सब्र रखो…!फिर मैंने अपने लण्ड का सुपारा उसके चूत के दरवाजे पर सटा कर हल्का सा धक्का दिया। चूत चिकनी होने के कारण मेरा सुपारा ‘गप्प’ करके उसकी चूत के अन्दर चला गया और वो चिहुंक उठी, उसने कहा- निकाल लो.

!दीप- घबराओ नहीं कविता बस थोड़ी तकलीफ के बाद मजा ही मजा है, तुम बस मेरा साथ दो और फिर आप को तो पोर्न स्टार की तरह चुदना है।कविता- ठीक है. इस निगोड़ी चूत ने बड़ा परेशान कर रखा था।फिर मैं धीरे से नीचे गया और उनकी चूत की पंखुड़ियों को अपने होंठों से चाटने व काटने लगा. !”इस बीच जीजाजी बुर को सहला-सहला कर उसे पनिया चुके थे।अब वे मेरी टाँगों के बीच आ गए और अपना शिश्न मेरी यौवन-गुफा में दाखिल कर दिया।मैं चुदाई का मज़ा लेने लगी। नीचे से चूतड़ उचका-उचका कर चुदाई में भरपूर सहयोग करने लगी।हाय मेरे चोदू-सनम तुम्हारा लौड़ा बड़ा जानदार है तीन-चार बार चुद चुकी हूँ, पर लगता है पहली बार चुद रही हूँ…! मारो राजा धक्का… और जोर से.

जान गवांते देख इस दलदल में कईयों को,सोचा पतली गली से हम निकल लें…!!***आँखों से आंसुओं की जुदाई कर दो,दिल से ग़मों की विदाई कर दो,अगर दिल न लगे कहीं तो…आ जाओ मेरे घर की पुताई कर दो.

गर्भावस्था में संचित अतिरिक्त वसा (fat) दूध उत्पादन में काम आती है और स्तन-पान कराने से इस वसा का सदुपयोग होता है और माँ का गर्भावस्था में बढ़ा वज़न घटाने मैं मदद मिलती है।8. !मैंने वैसा ही किया, अपना सारा माल उसकी चूत में डाल दिया और वहीं उस पर ढेर हो गया। थोड़ी देर हम ऐसे ही एक-दूसरे की बाँहों में पड़े रहे।कुछ देर सोने के बाद वो उठी, अपनी पैन्टी पहनी और जैसे ही वो नाईटी पहनने लगी, मैं उठा और उसको पकड़ लिया और कहा- आज तुम सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी ही पहनोगी मेरे लिए. साजन ने कहा ले आगे गिन, नीचे रहकर किये प्रति स्पंदनमैं गिनती रही वह करता रहा, गिनती अस्सी के पार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.