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अब रात हो चुकी थी, तो मैंने उससे खाने के लिए भी पूछ लिया और रात 9 बजे तक मैंने खाना बना लिया.उसने गांव जाते समय मुझे बस में से कॉल किया और हम दोनों की बातें होने लगीं.

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वह मना करता ही रहा पर वे उसके ऊपर चढ़ बैठे और अपना आजमूदा हथियार चालू कर दिया, अंदर बाहर … अंदर बाहर!वे लगे हुए थे, मुझे उन देानों की आवाजें आ रहीं थीं, नींद खुल गई.

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चूंकि मैं उनके घर में पहली बार आई थी और मुझे सिर्फ एक दिन के लिए यहां पर काम करना था तो मैंने इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. मेरी स्त्री सुलभ लज्जा, अभी भी मुझ पर हावी थी और मैंने अपने दोनों हाथों से अपना चेहरा ढक लिया. छिपते छिपाते हुए मैं चुपके से उन दोनों की करतूत की वीडियो बनाने लगा.

मैंने कहा- तू तो रहने ही दे … कहीं लंड काट दिया … तो बस ताली बजाने लायक रह जाऊंगा. वो शायद इसी ऑफर का इन्तजार कर रहा था, वो रुक गया और वापस आकर बैठ गया. तभी उसने मेरी आंखों में झांकते हुए अपने हाथ पीछे ले जाकर अपनी ब्रा को भी उतार दिया.

राजशेखर ने अब निर्मला के होंठों को अपने होंठों से चूमना शुरू किया और मेरी योनि से अपना लिंग बाहर खींच लिया. इससे बाकी सब की हिम्मत भी बढ़ गयी, सब की सब उसके लंड उसकी गांड से मस्ती करने लगे, उसके नंगे बदन को देख सब की सब वासना के सागर में डूब गयीं. चंदन ने एक बार मजाक में कहा था कि साले तू अपनी भाभी को पटा ले … फिर उसे जब चाहे, तब चोद सकता है.

आखिर में मैंने फिर से भाभी की चूत को पैंटी के ऊपर से चाटना और काटना शुरू कर दिया. मैं उठ कर बैठ गया और अपनी लोअर को ऊपर करते हुए कहने लगा- क्या हुआ? तुम ऐसे क्यों बैठी हुई हो! डर लग रहा है क्या?उसने थोड़ा हिचकते हुए कहा- नहीं, बस ऐसे ही नींद नहीं आ रही थी.

उसकी आवाज सुनते ही मैं समझ गया था कि साली को मेरा लंड लेना हैलड़की- राजन जी मुझे आपका नंबर काजल ने दिया है … और मेरा नाम रीता है.

बिस्तर के पास पहुंचते ही उसने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरी गर्दन पर चुम्बनों की बरसात करने लगा.

मामी ने मुझे एक दिन अपने घर बुलाया कि मामी कि चूत चुदाई करनी है तो अभी आ जाओ. वो कांपने लगी थी और चिल्ला रही थी- अंह और तेज और तेज …करीब आधे घंटे तक चोदने पर उसे चरम आनन्द मिल गया. मैं इससे तो समझ गयी कि सुरेश कोई नौसिखिया नहीं है और मेरी तरह वो भी संभोग क्रियाओं का पुराना खिलाड़ी है.

”मुझे कभी छोड़ कर नहीं जाओगे ना?”कभी नहीं मेरी रानी … जिंदगी भर तुम्हें ऐसे ही चोदता रहूंगा … जरा टांगें ऊपर करना. फिर एक महीना बीत गया, उसका कॉल नहीं आया, तो मैंने मौसी को कॉल करके पूछा. उसने मेरे तने हुए लंड की तरफ उंगली कर दी और फिर से अपनी उंगली को पीछे करके गर्दन नीचे कर दी.

नितिन भी मेरी बेबसी देख कर खुद को लाचार समझते और मुझसे माफी मांगने लगता.

वो नाइटी में थी और मुझे उत्तेजित करने के लिए बार बार अपनी जुल्फों को आगे पीछे करते हुए अपने मम्मों की हलचल दिखा रही थी. उसने कहा- सीने पर भी क्रीम लगा कर मसाज करिए ना!वो मेरी तरफ़ पीठ करके बैठ गई. आज संजय से चुदवाते समय मैं सोच रही थी कि हम दोनों नंगे हो कर मेरे बिस्तर पर सेक्स कर रहे हैं और मेरे पति ऑफिस के काम से बाहर गए हैं.

तभी मैंने सुना कि मौसी मेनका को आवाज दे रही थी- अरे नंगी ही बैठे रहेगी क्या … कपड़े पहन ले. मैम को दर्द हो रहा था लेकिन वो इंग्लिश में कह रही थीं- आह फ़क मी हार्डर. फिर वहीं पेस्ट दांतों में लगा लिया, दांतों की मालिश के साथ साथ वे मेरी गांड की भी मालिश कर रहे थे.

उसने मुझे किस किया और अपने होंठों में मेरी चुची को दबाकर चूसने लगा.

करीब 3 से 4 मिनट के भीतर ही वो मेरी टांग को अपने कंधे से उतार मेरे ऊपर गिर गया. कुछ देर तक तो हम बातें करते रहे लेकिन फिर धीरे-धीरे आंखें भारी होने लगीं क्योंकि मैं तो मुठ मारकर आया हुआ था.

www.com हिंदी बीएफ अगले दिन मेरे दोस्त ने बताया कि उस दिन सोमेश भैया ने नेहा की चुदाई की थी, सारे लड़के बालकनी से उन दोनों की चुदाई लाइव देख रहे थे. मैंने बहुत बार कोशिश की कि उनकी चूची को दबा दूँ, लेकिन न मौका मिला और न हिम्मत हुई और मैं भाभी की चूचियां न दबा सका.

www.com हिंदी बीएफ धीरे से मैंने उसके पेट के ऊपर से टीशर्ट को ऊपर कर दिया और उसके पेट पर हाथ चलाने लगा. उस घटना के बाद बहुत कुछ बदल गया, कितने दिनों बाद मेरे बदन को किसी मर्द ने छुआ था.

काफी देर तक उसके चूचों को चूसने के बाद मैंने उसकी केपरी को भी निकलवा दिया.

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वो अन्दर क्या पहने थी, ये मेरी पारखी नजरों ने बड़ी आसानी से भांप लिया था. उसने मेरी तरफ देख कर मुस्कुराते हुए पूछा- क्या सच में मैं खूबसूरत हूँ. लेकिन मेरे इस तरह से अन्दर आ जाने से भाभी भी सकपका गईं और उन्होंने शर्म से सिर झुका लिया.

रात के 9 बजे के करीब मैं भाभी के रूम में चला गया और अपनी किताब लेकर बैठ गया. मौसी बोली- ऐसे ही नहीं साइज बढ़ा … तीन चार हजार लोगों से चुदी होगी तेरी बीवी. मैंने ज़्यादा समय ख़राब ना करते हुए उसकी ब्रा हटा दी और तेल हाथ में लेकर मालिश शुरू कर दी.

मैं फौजिया दीदी के रिकॉर्ड वीडियो को किसी को भी अपने मोबाइल से ट्रांसफर नहीं करने देता था.

मगर गांव में जाने के बाद मां का फोन आया कि उनको अभी एक-दो दिन का वक्त और लगने वाला है. पता नहीं कि क्या आकर्षण था उनकी आवाज में जो उनकी आवाज मेरे हृदय में घर कर गयी।बातों का दौर चला और चलता ही रहा. फिर जॉयश ने बेड के ऊपर सबको लेटने का इशारा किया और कहा- सब अपने पैरों को वी के आकार में खोलो और चौड़े कर लो.

मैंने चाची सेक्स की इस अनोखी इच्छा से हैरान होते हुए चाची से पूछा- सबका एक साथ लोगी?चाची ने मुझे चूमते हुए कहा- हां आज बड़ी इच्छा हो रही है. दोनों की नज़रें आपस में टकरायी तो दोनों की गर्दन शर्म से झुक कर रह गई. उनकी बात पर मैंने पूछा- अब कौन सा काम रह गया है?वो बोली- मेरी भट्टी पर थोड़ी सी घास रह गई है.

उसकी गुलाबी पैंटी में उठी हुई उसकी चूत की फांकें देखकर मैं बेकाबू हुआ जा रहा था. मैंने बेडरूम का दरवाजा बंद नहीं किया, यूं ही खुले में उनकी चुदाई का मूड बना लिया था.

फिर एक दिन मुझे मौका मिल ही गया, जब मेरी माँ को दस दिनों के लिए लखनऊ जाना था और उनकी शाम को ही ट्रेन थी. मैंने उसकी चूत को हल्का सा खोला और लण्ड का टोपा उसकी चूत के मुंह पर रखा. उसने जानबूझ कर अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी, जिससे मुझे उसके चूचे साफ़ साफ़ नजर आ रहे थे.

वो निढाल होकर बिस्तर पर लेट गया और उसके चेहरे पर एक थकान सी दिखने लगी थी.

मैं- सर लेकिन!सर बात काटते हुए- देखो कोई परेशान होने की जरूरत नहीं है. लेकिन दो किटी पार्टी हो चुकी थी और अब तक उसका रोल इसके आगे नहीं आया था. इसी तरह 15-20 दिन गुजर गए और एक दिन मैं पति के साथ बाजार गयी हुई थी.

जैसे ही भाभी ने मूतने के लिए अपनी साड़ी उठायी, तो उनकी गोरी गोरी गांड को देखकर मुँह से आह निकल गई. मैंने मोनिषा आंटी के मम्मों को जोर जोर से मसलना शुरू कर दिया और उनकी आहें तेज़ हो गईं.

लेकिन उसने खुद को सम्भाला और पीछे मुड़ गयी, वो मुझसे बोली- इतनी भी क्या जल्दी है … अन्दर चल कर धीरे धीरे सब करते हैं. मैडम मुझे मना करने लगीं … तो मैंने मैडम की एक ना मानी और अपनी अंडरवियर भी उतार दी. उनको मैंने हाथ से मसला … मुँह से नोचा … दाँतों से कचोटा … जीभ से खाया … फिर भी मन न भरा.

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वो नहाकर आयी और एक हल्की सी कुर्ती पहनी जो काफी पतले कपड़े की थी, अंदर ब्रा भी आसानी से देखी जा सकती थी.

वो मेरे सिर को अपने मम्मों पर दबा रही थी … ताकि मैं उन्हें अच्छे से चूस सकूँ. मैंने वहां पर एक कोचिंग क्लास जॉइन कर ली थी जो रविवार को हुआ करती थी. जब मैंने यहाँ की सेक्स कहानियों को पढ़ा, तो मैंने भी सोचा कि मैं भी अपनी कहानी लिखूं.

हम दोनों ही दर्द से कराह उठे लेकिन जब मेरा लंड मोनिषा आंटी की चूत की गहराई में पहुंचा तो मुझे और मोनिषा आंटी को आनन्द आने लगा. उसने पूछा- तुम्हारे और मिस के बीच क्या चल रहा है?मैंने कहा- कुछ नहीं. पंजाबी सेक्सी चुदाई पंजाबी सेक्सी चुदाईहमारी दोस्ती में मैंने एक बात नोटिस की थी कि अनिरूद्ध को शुरू से ही लड़कियों को ताड़ने का बहुत शौक था.

करीबन 10 मिनट तक वो उसी धीमी गति से धक्के मारते हुए संभोग करता रहा. मैंने आंटी से कहा- आंटी मुझे औरतों में सबसे ज्यादा उनका बदन चाटने में बहुत अच्छा लगता है … खासकर उनकी गांड में जीभ डाल कर चाटने में तो मेरा मजा चौगुना हो जाता है.

तो कभी मम्मी उसके ऊपर होती हैं, तो कभी कल्लू माँ के ऊपर चढ़ा हुआ होता है. उर्वशी ने मिहिर के बालों को ऐसे सहलाना शुरू कर दिया जैसे कि वो बरसों के प्यासे अपने आशिक के प्यार की हर एक बूंद की शीतलता को अपने उरोजों पर महसूस करके आनंदित हो रही हो. इसी लेने देने के जोर जबरदस्ती में अचानक उसका हाथ मेरे स्तनों से जा लगा और फिर हम दोनों शांत हो गए.

अब मेरी भी खुमारी फिर से बढ़ने लगी और मैं अपनी योनि से तरल रिसता हुआ महसूस होने लगी. तब से मैं और विभोर हमें जब भी मौका मिलता है तो हम लोग सेक्स करते हैं. फिर मैंने अपना लंड उसके मुंह में दे दिया तो उसको उल्टी आने को हुई और उसने मेरा लंड बाहर निकाल दिया.

ज्योति ने पानी पीने के बाद कहा- कल तुम कुछ ज्यादा ही उदास हो गए थे, इसलिए मैं तुमसे मिलने के लिए आ गयी.

फिर दूसरे लड़के के बारे में बताते हुए भाभी ने कहा- मैं दूसरे को नहीं पहचान पायी. मैं- साली कुतिया … तेरा बुढ़ापा आ गया … मगर बदन की गर्मी कम नहीं हुई कमीनी.

अब तो मैंने जांघें इतनी खोल दी थीं कि राजशेखर को मेरी योनि से अपने लिंग को घुसाने में जरा भी परेशानी नहीं हो रही थी. मुझे तो उसकी नाज़ुक सी छोटे से छेद वाली चुत को मुँह में भरके चूसने का बहुत मन कर रहा था. जिसके कारण जब वो अपना लिंग धकेलता, मेरी योनि की पंखुड़ियां अन्दर की ओर खिंचती, जिससे मुझे दर्द होता.

कुछ देर मैंने उसे अपने सीने से लगाये रखा, उसके बालों से खेलता रहा, उसके गालों को सहलाता रहा. शर्लिन ने अपनी सबसे पहली फिल्म की थी एक तेलुगू फिल्म ‘ए फिल्म बाय अरविंद’।उसके बाद उसने बॉलीवुड मुंबई में हिंदी फिल्मों की ओर रुख लिया. पहले मामा जी, फिर अनिल, फिर मैं!रात को लाईट बंद कर हम सो गए, थके थे नींद आ गई।रात को मामा जी ने अनिल को करवट दिलाई, उसका चेहरा मेरी तरफ कर दिया.

www.com हिंदी बीएफ पूरा किया और काल-सेंटर में जॉब शुरू किया।एक दिन मौसी और मौसा को किसी जरूरी काम से दो दिन के लिए बाहर जाना था, तो मौसी ने मुझे फोन किया और दो दिन घर पर सोने के लिए आने को कहा. फिर उसके बाद मैंने साहब से कहा कि सारा काम खत्म हो गया है और अब मैं घर जा रही हूं.

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बुआ ज़ोर से चिल्लाने लगीं और बोलीं- केशव प्लीज़ अपना लंड बाहर निकाल … मुझे बहुत दर्द हो रहा है. अब रात हो चुकी थी, तो मैंने उससे खाने के लिए भी पूछ लिया और रात 9 बजे तक मैंने खाना बना लिया. जब मैंने उसके मम्मों को दबाना चालू किया, तो वो मना करने लगी- मत करो … मुझे दर्द हो रहा … आह प्लीज मत करो.

फिर मैडम ने मेरे लंड को देखा और मुस्कुरा कर कहा- हम्म … इतना बड़ा लंड!वो मेरा लंड चूसने लगीं. मैं जब भी विभोर के साथ कहीं बाहर घूमने के लिए जाती हूँ तो और विभोर के परिवार के लोग भी उसको कुछ नहीं बोलते. सेक्सी व्हिडिओ मोठीवो मना करने लगी लेकिन मैंने उससे कहा कि एक बार बस मुझे अपनी मुनिया को देखने दो.

मैंने मामी से बिना पूछे ही तीन-चार जोर के झटके लगाये उसकी पानी छोड़ रही चूत में अपना माल गिरा दिया.

मैडम ने मुझे घूरते हुए देखा तो उन्होंने खांस कर ताना मार कर कहा- अगर देख लिया हो तो जरा कार भी चला लो!घबराहट के मारे कार स्टार्ट तो हो गई लेकिन एक दो झटके खाकर ही फिर से रुक गई. मेरी उंगली जैसे ही उसकी चूत को छुई, वो काफी टाइट और गर्म हल्की गीली थी.

इसलिए मैंने भी ट्राई करने का मन बना लिया और कहा- तुम भी कम खूबसूरत नहीं हो. इसके बाद उन्होंने लंड पर तेल चुपड़ कर साथ में बहुत सारा थूक भी लगा कर चिकना कर लिया. संजय अपनी छत से मेरी छत पर आ जाता था और मुझे अपनी बांहों में कस कर खूब किस करता था.

एक तो मामी की आवाज बहुत मधुर थी और दूसरी तरफ वो मीठी मीठी बातें करके जैसे मुझे उत्तेजित करना चाह रही थी.

मैंने उसको डॉगी स्टाइल में आने के लिए कहा और वो जल्दी से उठ कर बेड पर मेरे सामने झुक गई. मुझे पता नहीं उन दोनों के बीच में क्या बात हुई मगर फिर बहन नहा धोकर तैयार होने लगी. मैं बेचैनी से 4 बजे का इंतजार करने लगा … क्योंकि आज कजरी की कजरारी गाँव की चुत की चुदाई करने को मिलने वाली थी.

सेक्सी गर्ल वीडियो हॉटमैंने उन्हें दस दिन इलाज करवाने का बोलते हुए कहा- ठीक तो जल्दी हो जाओगे, पर इलाज पूरे दस दिन करवाना पड़ेगा. जब से उसने नौकरी से निकलवाने की धमकी दी थी तब से ही उसको देख कर मेरी गांड में पसीना आ जाता था.

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सुरेश को मेरी योनि में बहुत मजा आ रहा था और मैं अब समझ गयी थी कि जितनी जोश में अब वो है, जल्द झड़ जाएगा. उसकी इस बात को सुनकर मुझे कुछ अजीब सा लगा … पर मैं खुद ऐसे ही एक दौर से गुजर चुका था, इसलिए मैंने उसे ही अपना प्यार मान लिया. इस वक्त उसका एक हाथ दीदी की गांड को पकड़े हुए था, दूसरा टाँगों को जकड़े था.

मेरी योनि से तरल जो निकल रहा था, वो सूख गया था और उसका वीर्य भी थोड़ा बहुत रिस कर, जो बाहर आया था वो भी सूख गया था, जिसकी वजह से हम दोनों को खिंचाव महसूस हुआ. मैं लगातार उसके होंठों पर जीभ घुमा-घुमा कर उसके लाल रसीले होंठों का रसपान कर रहा था. अब मैं सोच रहा था कि मामी को अपने अपने मन की मंशा के बारे में कैसे बताऊं.

अगर ये बदनामी वाली बात मेरे पिताजी तक पहुंच जाती तो वो मुझे जान से मार डालते. पानी निकलने के बाद हम दोनों जोर जोर से सांसें लेने लगे और निढाल होकर गिर गए. हरामज़ादी इतनी नशीली लग रही थी कि मुझे अफ़सोस हुआ उसका भाई होने पर … ऐसी कामुक लड़की को तो रण्डी बनाकर बीच बाज़ार चोद देना चाहिए.

मैंने कई मिनट तक तेज झटके मारने के बाद कहा- बोल रस कहां निकालूं?तो चाची रंडी ने बोला- आह मेरी चूत में ही निकाल दे कमीने. फिर मैंने झटकों की स्पीड अचानक से तेज कर दी और फास्ट सेक्स स्टार्ट कर दिया.

मैंने बहू को व्हाट्स एप पर मैसेज करना शुरू किया क्योंकि आमने-सामने टैक्सी वाले के साथ होते हुए इस तरह की बात करना ठीक नहीं था.

दस्तूर ने मेरा लंड पूरी हथेली में भर लिया और लंड को मसल मसल कर और भी तगड़ा कर दिया. मां और बेटे का सेक्सी वीडियो हिंदी मेंमैंने कहा- रुक जाओ, अकेले मेरा भी मन नहीं लगता … थोड़ी देर और बातें करते हैं. फुल्ल व्हिडिओ सेक्सीमैम को दर्द हो रहा था लेकिन वो इंग्लिश में कह रही थीं- आह फ़क मी हार्डर. वो मुझे ठिठोली करने लगा- पैन्ट को क्या देखना है?मैंने कहा- पैन्ट को नहीं, इसके अन्दर जो है, उसको देखना है.

हम दोनों को बस मौका नहीं मिल पा रहा था कि कैसे मिल कर सेक्स कर लें.

मेरे बदन की गर्मी पाकर अब वह भी पिघल गया और मुझे अपनी बांहों में भर कर मेरी पीठ को सहलाने लगा. मैंने ये बात संजय को भी बता दी कि मेरे पति ऑफिस के काम से बाहर गए हैं. एक दिन ऑफ़िस से आते हुए पीछे से किसी ने मुझे आवाज़ दी- सनी … कैसे हो?मैंने पलटकर देखा तो एक हैंडसम सा, लगभग 6.

मेरा सात इंच से ज्यादा का लंड मेरे अंडरवियर से बाहर आने के लिए जैसे तड़प रहा था. फिर इस दोस्ती ने क्या रूप लिया? पढ़ें इस मधुर काम कथा में!आज मैं आपको अपनी मधुर काम कथा में देशी महिला और काम की एक ऐसी घटना सुनाऊँगा, जो काम के प्रति आपका नजरिया बदल देगी. जिसमें आपको एक ही रात में तीन लौंडियों की चुदाई की कहानी का मजा मिलेगा.

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मैंने फिर से लंड उसकी बुर में डाल दिया और कुछ देर हम ऐसे ही चिपके पड़े रहे. मेरी नंगी बहनटांगें फैला कर मेरे दोस्त के सामने अपनी चूत को सामने करके बैठ गयी. इसलिए वह कभी किसी का चेहरा पकड़कर उसके होंठों को चूस रहा था और कभी किसी के मम्मे दबा रहा था चूस रहा था और किसी की गांड में उंगली घुसा रहा था और किसी की गांड पर चांटे लगा रहा था.

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सरस्वती- वो तो मैं अकेली थी और आधे घंटे से टांगें फैलाए हुई थी इसलिए … वरना अगर फुरसत से मिलते, तो तुम रो देते.

मैंने कहा- तो प्रिया डार्लिंग … ये बताओ कि तुम शादी से पहले चुदी थी कि नहीं?भाभी ने कहा- हां मेरा एक बॉयफ्रेंड था जो मुझे चोदना चाहता था, लेकिन चोद नहीं पाया. दिसम्बर का महीना था, सब एक साथ सोए तो वहीं एक दोस्त ने मेरी रात को मार दी. सेक्सी वीडियो नंगी नंगी सेक्सीमेरा बेटा प्रकाश तैयार होकर कहीं जाने की फिराक में था तो मैंने उसे टोक दिया.

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मैं- भाई, अभी तुम बिल्कुल यंग हो … तुम्हें मेरा सहारा क्यों चाहिए?उसने कहा- मैंने डॉक्टर को दिखाया था और मेरा टेस्ट भी हुआ था. मैं तो जानता था कि मामी फोन के बारे में बात कर रही है लेकिन मेरा मकसद उसकी चुदाई करने से था क्योंकि मामी की बातों से मुझे पूरा यकीन हो चला था कि मामी की चूत की प्यास बार-बार उनको मुझे उनके पास बुलाने के लिए कह रही है.

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मैंने गर्दन उठाकर देखा तो मेरा अंडरवियर साफ दिख रहा था और लोअर को मेरी जांघों पर लाकर छोड़ दिया गया था. उसके निप्पल के चारों तरफ के ऐरोला में कुछ ऐसे हल्के हल्के दाने ऐसे उठे हुए थे, जैसे कमल के पत्ते पर ओस की बूंदें जमी हों, बीच में एक गहरा सा भौंरा निप्पल के रूप में उस ओस के मोतियों को झंझोड़ रहा हो, जिससे वे उठ से गए थे. मैंने अपने लंड का माल निकाल दिया था लेकिन मामी की चूत अभी प्यासी रह गई थी.

कभी कभी वह अपनी जीभ से मम्मी की चूत के दाने को छेड़ देता, तो मम्मी कसमसा जाती थीं. आपका अमित दुबे[emailprotected]यह थी पूजा की दुख भरी कहानी! यही है हमारे समाज का नारी सम्मान.

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मैं दोस्तों से जब भी मिलने जाता हूँ, तो वो सब भी फौजिया दीदी की चुदाई की वीडियो देख मुठ मारने लगते हैं. उसके बाद चुदाई का दूसरा राउंड भी हुआ जिसमें मैंने उसकी चूत को बीस मिनट तक चोदा. मैंने अपना लंड पकड़ा और उसकी चूत के मुँह पर ठीक से रखा और धीरे से एक धक्का लगाया तो मेरा लंड सिर्फ थोड़ा सा अन्दर गया और श्वेता जोरों से चीख पड़ी।तुरंत मैंने अपना मुँह उसकी मुँह पर रख दिया और जोरों से पांच-छ धक्के लगाए तो मेरा लंड पूरा अन्दर घुस गया।मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाना शुरू रखा.

भाभी चूची दबाने के दर्द से कराह रही थीं और कह रही थीं- साले धीरे धीरे दबाओ ना … दर्द होता है. बीच बीच में मैं अपने हाथ को उसके गोल गोरे चूतड़ों पर भी फेर देता था. थोड़ी देर में ही वो झड़ गईं और एक हाथ से अपने चूचों को सहलाते हुए चूत में से उंगली निकाल कर चाट ली.

स्टेशन पर तो उनकी भरी पूरी गांड ही देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया था.

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फिर उसने पूछा- मजा आ रहा है क्या मां?मैंने कहा- मुझे मां मत बोल कुत्ते, मुझे आरती कह कर बुला. ये बात मैंने तुरंत उसको कॉल करके बता दी कि कल सुबह मेरे घर वाले सब बाहर जा रहे हैं … पर मैं नहीं जा रहा हूँ. शादी से पहले भाभी जीन्स और टॉप वगैरह भी पहनती थी लेकिन शादी के बाद ज्यादातर साड़ी या सूट में ही रहने लगी थी.

सुबह जब दीदी उठीं, तो खुद को और पठान को नंगा देख कर वो समझ गईं कि रात को क्या हुआ होगा.

पूजा हंस पड़ी और उसने कहा- मैंने भी गलत किया था … चलो आज तुम्हारे इस ख्वाब को पूरा कर देती हूं. वो बोली- क्या यार तुम तो लाल रंग की ब्रा पैंटी पर अटक गए हो … क्या तुम मेरी बात का उत्तर नहीं दे सकते हो?मैं सोचने लगा कि बंदी कौन से रंग की ब्रा पैंटी पहन कर आना चाहती है … कैसे सोचूँ. वो मेरी टांगों के बीच में बैठ गया और मेरी चूत में झांक कर देखने लगा.