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जिह्वा अंग को थी उकसाती, उसे होठों से मैं कसकर पकड़े,साजन के बदन में थिरकन के, सखी कई-कई अब बुलबुले उड़े,अंग को जिह्वा-होठों से खींच, सखी मैंने कंठ लगाय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.!”फिर हम सब हँस पड़े।मैंने चमेली से कहा- चलो नीचे गैरेज का ताला खोलो, कार कई दिनों से निकली नहीं है साफ कर देना और मम्मी जो दे उसे रख देना, मेरा एक बैग मेरे कमरे से ले लेना, पर उसे मम्मी ना देख पाएं।”जीजाजी बोले- अरे उसमें ऐसी क्या चीज़ है.

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मैं चुप रहा, उसने लगाए और खाना खाने चले गए।आज वो तो ठीक था नशा भी बहुत कम था, लेकिन उसका मूड बनाने के लिए टी-शर्ट फ्रेंची पहन कर रोज़ की तरह गांड को उसकी साइड करके लेट गया। जब उसे लगा मैं सो गया हूँ, वो मेरे करीब सरका।मैं कहाँ सोने वाला था. एक्स एक्स बीएफ वीडियो न्यू मैंने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा- तुम्हारे घर में कौन-कौन हैं?वो बैठ गई और बताने लगी- भैयाजी, हम चार बहनें और दो भाई हैं.

बेटी- पापा, मैं माँ बनने वाली हूँ।पापा- बदतमीज, बेशरम, नालायक ! तुझे शर्म नहीं आती !!बेटी- आप चिल्ला क्यों रहे हैं? आपने ही तो कहा था कि जब तक मैं कुछ बन नहीं जाती…आप मेरी शादी नहीं करेंगे !!!.

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मैंने आगे बाद कर चाची के काम्पते हुए होंठों पर अपने होंठ रख दिए। और फिर हम दोनों एक दूसरे को जन्म-जन्म के प्यासे की तरह चूमने लगे. वो ऐसा नहीं कर सकती, अभी छोटी है वो…!रेहान- यार तू किस जमाने की बात कर रहा है आजकल किस-किस उम्र की चुद जाती हैं…कुछ मालूम भी है. !रेहान- जान ये मैं हूँ जो इतने प्यार से तेरी चूत का मुहूरत किया वरना कोई दूसरा होता तो पहली चुदाई के बाद खड़ी भी नहीं हो पाती। अब यह क्रीम साथ ले जाना, घर रात को चूत में अच्छे से लगा कर सोना.

!और उसने पलट कर मुझे बिस्तर पर गिरा दिया। मेरे पैरों को चूमते हुए वो मेरे आँडों को चूमने लगी। फिर लण्ड पर जीभ फेरती हुई मेरे सुपारे को मुँह में भर लिया।क्या लंड चुसाई की. मेरा अपना खाद्य सामग्री निर्माण बड़ा कारखाना है मेरे कारोबार में जरूरतमंद अविवाहित, तलाकशुदा और विधवा को काम देने में मैंने शुरू से प्राथमिकता दी है. अब मैं भी थोड़ा खुला अपनी कुर्सी को उनसे सटा कर बैठ गया, उनका हाथ अभी भी मेरे हाथ मैं था- आप की मज़बूरी मैं समझ सकता हूँ.

!आरोही जल्दी से बाथरूम में चली गई, उसका दर्द अब कम था, पर उसकी चाल उसकी हालत ब्यान कर रही थी कि कितनी ज़बरदस्त चुदी है वो. अपने तीसरे प्रयास में मैंने उसके कौमार्य को भंग कर दिया… उसकी आँखों में ख़ुशी और दर्द दोनों के भाव थे. मैंने उसके गालों पर हाथ फेरा, और इसी बहाने मुझे पहली बार उसके नर्म और मुलायम गालों पर अपना हाथ फेरने का मौका मिल गया.

फिर से मेरी चूत का पानी निकलने लगा और उसी वक़्त आनन्द ने ज़ोर से फटके मारने शुरू कर दिया और फिर उसके लंड से मलाई के फुव्वारे निकलने शुरू हो गए।मुझे महसूस होने लगा आनन्द का गरम पानी मेरी चूत में निकलने लगा है… मैंने आनन्द को कस कर पकड़ लिया. ज़बरदस्ती कभी करता मैं…और जो तैयार हो उसको छोड़ता नहीं…मधु के साथ भी मैं वैसे ही मजे ले रहा था… मुझे पता था कि लौंडिया घर की ही है… और बहुत से मौके आएँगे… जब कभी अकेला मिला तब ठोक दूँगा…और अगर प्यार से ले गई तो ठीक.

!रेहान- मेरी जान… तुम्हारे निप्पल और चूत को देख कर लगता है सेक्स नहीं किया है, पर कोई इनके मज़े ले चुका है मेरे पहले ये अनछुए नहीं हैं समझी.

ननदोई जी- यह मैक्सी उतार दो, इसमें मजा नहीं आएगा, जब तक तुम्हारा पूरा नंगा बदन नहीं सामने आता, मज़ा नहीं आता !और उन्होंने मेरी मैक्सी उतार कर फ़ेंक दी।ननदोई जी मेरी टाँगों के बीच में आकर अपने लण्ड से मेरी चूत में निशाना लगाने लगे और एक झटके में ही पूरा लंड मेरी चूत की गहराई में उतार दिया.

भट्टी- बीए फेल पीएचडी लगने लगता है…सेल्सगर्ल- जी सर, हमारे लैपटॉप हैं ही ऐसे…भट्टी- फिर तो मैं एक लैपटॉप खरीद ही लेता हूं. जब मैं नीचे आई तो मेरी योनि पूरी गीली हो गई थी… इसने पानी छोड़ दिया था…मैंने खुद भी नहीं सोचा था कि मैं अपने बदन को बिना किसी पुरुष या स्त्री के या खुद के स्पर्श के परम यौनानन्द प्राप्त कर सकती हूँ। मैं अपने उस दोस्त को यही कहूँगी कि मैं बहुत खुश हूँ! यह एक अलग अदभुत अनुभव रहा!पर मन के अन्दर एक डर व्याप्त है: ‘मुझे उस हालत में किसी ने देखा तो नहीं होगा ना. जब कहेगा तेरे लंड के आगे कुतिया बन जाऊँगी और तू कुत्ते की तरह मेरे ऊपर चढ़ जाना। आज के बाद रोज तेरी बहना तेरा बिस्तर गर्म करेगी और जी भर कर चोदना अपनी बहन को भाई।हाँ मेरी बहना अब तेरी चूत में मेरा लंड ही लेते रहना, तू इसी तरह अपने भाई से चुदवाती रहना।”उसने मुझे कुतिया बनने को कहा।मैं उसके सामने कुतिया बन गई।मेरा भाई मुझे किसी कुत्ते की तरह ऊपर चढ़ कर चोद रहा था।आहह.

मगर मैंने अंकित और संजू के साथ मिलकर दूसरा प्लान बनाया था। तुम तो थे ही नहीं वहाँ पर…!राहुल- हाँ जानता हूँ तुमने प्लान बनाया था मगर मुझे डर था कहीं तुम किसी मुसीबत में ना फँस जाओ. तभी सुमित ने हल्का सा लंड मेरे अंदर डाल दिया और पूछने लगा- पहले कभी चुदी हो क्या?अलीशा ने फ़ौरन जवाब दिया- सुमित, ध्यान से कच्चा माल है, पहली बार चुद रही है मेरी निधि, धीरे चोदना. ऐसा करके मैं ब्लाउज के ऊपर से ही उसकी चूचियों को मसल रहा था और वो भी इसका पूरा मजा ले रही थी।वो बड़ी ही कामुक आवाजें निकाल रही थी- आआआ अह्ह्ह्ह्ह्ह हूऊऊऊ… अम्म्म्म्म्म आअह्ह्ह्ह.

कुछ ही पलों में मैं आराम से सीट पर अपने पैर पसारे बैठा था और नीलू रानी मेरा लण्ड चचोर रही थी। सीमा ने मुझे और शबनम को पानी दिया फिर मैंने उससे एक स्माल पैग भी माँगा और उसने मुझे एक पैग और एक सिगरेट सुलगा कर दी.

!आरोही- भाई आपने बताया नहीं कि कौन सा खेल खेलेंगे?तभी जूही भी कमरे में आ गई।जूही- हाँ भाई मैं भी आ गई हूँ, अब बताओ क्या खेलें?राहुल- हम कुश्ती करेंगे. लेकिन मेरे अंदाज़ से वो आधा खड़ा लंड ही 6-7 इंच का होगा।लेकिन हैरान करने वाली तो उनके लंड की मोटाई थी. प्रेषक : हेमन्तमेरा नाम हेमन्त है, मैं दिल्ली से हूँ। मैंने अन्तर्वासना पर काफी सारी कहानियाँ पढ़ी हैं, जिनमें से कुछ ही मुझे सच लगीं, बाकी नहीं। इसलिए आज में आपको अपनी बिल्कुल सच्ची कहानी बताना चाहता हूँ।मैं बी.

अब बैठो, कुछ जरूरी बात करनी है।दोनों सोफे पर बैठ गए, आरोही बहुत उत्साहित थी, उसका चेहरा खिला हुआ था।रेहान- हाँ तो जान. रंडी साली और उछल और उछल मादरचोदी…अब सुनील भी जोश में आकर अपनी गाण्ड उठा-उठा कर सोनम की चूत घायल करने में जुटा था।सोनम भी सुनील की बातों से खुश दिख रही थी. पिंकी सेनहैलो दोस्तो, आपकी दोस्त पिंकी एक बार फिर आपके लिए नया भाग लेकर हाजिर है।पिछले भाग को आपने इतना पसंद किया और इतने मेल किए कि मुझे बहुत अच्छा लगा।दोस्तो, आप सब जूही के लिए बेकरार हो रहे हो कि उसका नम्बर कब आएगा.

!मैं तो इसकी माँ को चोदना चाहता था यहाँ तो ताजा बुर भी मेरा इंतजार कर रही है।मेरे तो मन में लड्डू फूटने लगे, चलो भगवान देता है तो छप्पर फाड़ के देता है.

फ़िर मैंने खिड़की के काँच से देखा तो पता चला कि वो दरवाजे के पास कुर्सी डाल कर चुपके से मेरे कमरे में झांक रही थी. !”लंड अभी थोड़ा ही अन्दर गया था, पर वो इतना मोटा था कि दर्द बहुत ज्यादा हो रहा था। ये मेरी लाइफ का अभी तक का सबसे मोटा लंड था। अभी मेरी चूत इतनी चौड़ी नहीं भी नहीं हुई थी इसलिए दर्द और ज्यादा हो रहा था।मैं दर्द से कराहने लगी, आअह्ह्ह्ह्ह्ह आाआईह्ह्ह्ह्न्न ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्होहोहो ओह्ह्ह ओह्ह्ह आअह आआऐई आह्ह्हा.

एक्स एक्स बीएफ वीडियो न्यू क्या बताऊँ! एकदम गोरे और उन पर एक रुपए के सिक्के जितना बड़ा गोल हल्के भूरे रंग का घेरा और उसी रंग के एकदम टाइट. फिर चाचू ने मुझे उठाया और मेरी चूत में लण्ड डाल दिया और मेरी चूत मारी फिर मैं चुद कर बाहर आ गई और सो गई.

एक्स एक्स बीएफ वीडियो न्यू उनकी गांड चोदते वक़्त तो मैं गांड पर कस-कस कर थप्पड़ मारता और कभी-कभी तो नंगी गांड पर लकड़ी की पट्टी से भी मारता. इस धक्के से दीदी के मुँह से एक चीख निकल गई और मुझसे बोली- वीर, थोड़ा रुक जाओ!पर रुकने की बजाय मैंने एक धक्का और उसकी चूत में मारा और मेरा 8 इंच लंबा पूरा लण्ड लंगड़ी घोड़ी की चूत में घुस गया.

जय- एक बार मिलोगी नहीं?मैं- क्या करोगे मिल कर?जय- सेक्स! तुमसे सेक्स करना चाहता हूँ एक बार बस!मैं- मैं भी तुमसे पहली बार सेक्स करना चाहती हूँ पर मज़बूर हूँ.

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किस करने लगी।मैंने उसकी जाँघों पर हाथ फिराना शुरू कर दिया। मुझे लगा कि वो मना करेगी, पर उसने कुछ नहीं किया तो मे उसे सहलाता रहा और सहलाते-सहलाते ही उसकी चूत पर हाथ रखकर दबाया।वो सीईई…ईईई सीईईईई सीईइ नो नो… करने लगी।तो मैंने उसे पूछा- करना है या नहीं करना. मैं पागलों की तरह उससे चुम्बन करने लगा और उसके होंठों को चूसने लगा और धीरे से मैंने अपना एक हाथ उसके मम्मे पे रख दिया और उसे मसकने लगा. ‘हे भगवान्… मैंने तो कच्छी भी नहीं पहनी आज!’ वो अपना एक हाथ पीछे करके अपनी नितम्बों की दरार पर रखती हुई बोलीं- जल्दी से कुछ कर ना… मुझे शर्म आ रही है और यह चिकना-चिकना क्या गिरा दिया मेरे कूल्हों पर!दीदी का हाथ मेरी राल पर पड़ते ही दीदी ने पूछा.

अगले दिन मैं लाइबरेरी में बैठा असैन्मेंट्स लिख रहा था तो झलक आई और मेरी जांघों पर हाथ रख कर पढ़ाई की बातें करने लगी। अब वो 2-3 दिनों से यही कर रही थी, रोज मेरी जांघों या गाल पर हाथ फेरती या कभी चुपके से अपने बूब्स मेरे कंधों से छुआ देती।मैंने बोला- बस करो यार, हम दोनों में दोस्ती से बढ़कर कुछ हो जायेगा !तो वह हंस दी और मैं भी समझ गया, आखिर जवानी कब तक काबू में रहती. प्रीति वही बेसुध सी हो कर लेट गई।तभी बाहर कुछ खटपट की आवाज़ हुई।मेरा ध्यान उस तरफ गया… सोनम की सिसकारियाँ भी रुक गई थीं।मैंने चुपके से उसकी तरफ देखा तो दोनों ही डर गए थे और लगता था अभी-अभी सुनील के लण्ड ने सोनम की चूत भरी थी, उसकी चूत और जाँघों का गीलापन जबरदस्त चुदाई का गवाह था।उस खटपट की वजह से दोनों ही जाने को हो रहे थे. अभी तक कूल्हा लाल है… फिर तूने उस दुकानदार लड़के से… शैतान कितनी देर तक मेरे सभी अंगों को छूता रहा… उसने तो मेरी चूत को सहलाया था……देख़ा था ना तूने…पारस- …हाँ भाभी… सच बताओ… मजा आया था ना…सलोनी- अगर अच्छा नहीं लगता.

मैं तो जैसे बेसुध थी सखी, कुछ सोच रही न सूझ रहाउसके उस अंग को मैंने तो, अमवा की भांति चूस लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

असली में दर्द हो रहा था…!आरोही- मेरी भोली बहना… तुम समझी नहीं… जब चूत में लौड़ा जाएगा तब होगा असली दर्द…!जूही- अच्छा तुमको कैसे पता. हम दोनों एक दूसरे इतने खोये थे कि कोई सुध-बुध ही न थी, मेरे लंड पर उसका हाथ बार-बार जा रहा था। मन्जू की इस चाहत को देख कर मैंने उससे कहा- इसको चखना है?उसकी आँखों में सहमति थी. अच्छा है कि उन्होंने भी कल अपनी बेटी को चुदते हुए देखा।उसकी बात सुन कर मैं और क्या बोलती…दो दिन बाद रविवार था, सलीम घर पर ही था… नाश्ता होने के बाद बोला- चलो नेट पर चैट करते हैं.

! हीरोइन का रोल नहीं होता, वो फिल्म की मेन किरदार होती है, और दूसरी बात अभी यार वो बहुत छोटी है।राहुल- अरे यार तुम बात को समझ नहीं रहे हो. मेरी फ़ूफ़ी को अकेले देख कर मन तो बहुत हुआ कि उनसे सैक्स के बारे में कुछ बात कर लूँ, पर हिम्मत ही नहीं हो रही थी कि कहीं भड़क ना जाए और मेरी बदनामी हो जाए. !और मेरा लंड मुँह में ले लिया। यार मैं ये देख कर ‘शॉक्ड’ रह गया कि पूरा लंड जड़ तक मुँह में लेकर चूसने लगीं.

!मैंने फिर से कड़े शब्दों में उससे कहा- मैं सोच कर तुम्हें बताऊँगी।उस दिन मैं पूरी रात सोचती रही, एक बार तो ख्याल आया कि यह अमीर लोग क्या ग़रीबों की इज़्ज़त खिलौना समझते हैं. साजन ने जोर लगा करके, मोहे अपने ऊपर लिटा लियामेरे तपते होंठों को उसने, अपने होंठों में कैद कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

! अब तुमको जोकरना है करो, लेकिन मैं बेगुनाह हूँ, तुमने मेरे साथ जो किया उसका बदला मुझे देदो मेरी इज़्ज़त वापस देदो, फिर मार दो दीदी को. और कल सुबह जल्दी बुलाया है…मैं मधु के घर के अंदर गया, मुझे कोई नजर नहीं आया…मैं- अरे कहाँ है तेरे माँ, पापा?मधु- पता नहीं… सब बाहर ही गए हैं… मैंने ही आकर दरवाजा खोला है…बस उसको अकेला जानते ही मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया…मैंने वहीं पड़ी एक टूटी सी चारपाई पर बैठते हुए मधु को अपनी गोद में खींच लिया।मधु दूर होते हुए- ओह. नाम था उस जगह का माल रोड !मैंने एक बार उस लिखे हुए को देखा और फिर शोना की तरफ देख के हल्के से मुस्कुरा दिया.

थोड़ी देर बाद सलमा का फिर से मन हो जाता है- सुनो जी जेल खुली है, कैदी को अंदर घुसाओ ना !इरफ़ान बेचारा हिम्मत करके फिर से चालू हो जाता है और पसीने से लथपथ होकर लेट जाता है.

तेरे जिस्म के हर अंग को आज मैं खूब प्यार करूंगा…!वो मेरे पैन्ट के अन्दर अपना हाथ डाल कर मेरे लौड़े को मसल रही थी, वो बोली- साले देर मत कर. उसको कहना बस नॉर्मल पिक लीं और अन्ना से मिलीं, उन्होंने टेस्ट के लिए कल बुलाया है। इसके अलावा ज़्यादा बात भी मत करना ओके. !”जीजाजी ललचाई नज़र से कामिनी को देख रहे थे, सचमुच कामिनी इस समय अपने रूप का जलवा बिखेर रही थी, उसमें सेक्स अपील बहुत है।कामिनी ने हाथ बढ़ाते हुए कहा- जीजाजी ! कल आपको पक्के में आना है।”जीजाजी ने हाथ मिलाते हुए उसे खींच लिया और उसके गाल पर एक चुम्बन जड़ दिया।मैं जीजाजी को रोकते हुए बोली- जीजाजी, इतनी जल्दी ठीक नहीं है.

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मीरा अब गर्म होने लगी थी, मेरे मुँह पर चूत रगड़ते हुए… आह… उई माँ… उफ़… ईई… आह… आ… करने लगी।तभी डॉक्टर ने मुझे हटाते हुए अपना मुँह चूत पर लगा दिया। मीरा एग्ज़ामिनेशन टेबल पर लेटी हुई थी.

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मैं उम्मीद से जल्दी झड़ गया था सिर्फ 15 मिनट में…मैं हाँफ़ता हुआ उनके ऊपर लेट गया, चाची मेरे बालों को सहला रही थी, चाची भी हाँफ रही थी और बोली- मेरे पहलवान तुमने तो स्वर्ग के सैर करा दी!चाची नंगी ही उठी और रसोई से दूध लेक़र आई. मुझे लगा जैसे चाचू जाग गए हों, मैं लण्ड को मुँह से निकालने ही वाली थी कि चाचू ने मेरे सिर को अपने हाथों से दबाया और लण्ड मुँह में घुसा दिया और मेरे मुँह को चोदने लगे. हिंदी इंग्लिश सेक्सी वीडियो फिल्मक्या चुदाई चल रही थी हम दोनों तो जैसे खुले आसमान में उड़ रहे थे। फचा-फच की आवाज हो रही थी… मौसी के मुँह से आऽऽऽअ.

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एक पल के लिए मुझे नशा सा आया फिर मेरे चेहरे पर विजय की मुस्कान थी। शब्बो के ऊपर से उठा ही था कि दारु के नशे में टुन्न नीलू जो बगल में ही आ गई थी। उसने मेरे मुरझाए लवड़े को सीधे अपने मुँह में ले लिया, मुझे तब ध्यान आया कि अभी ये भी बाक़ी है. काफी खून भी निकला था उसकी बुर की पहलू चुदाई में!अभी तक हम बच्चा पैदा करने की नहीं सोच रहे हैं क्योंकि एक बच्चा हो गया तो सेक्स और चूत चुदाई का मज़ा जाता रहता है, एक तो चूत इतनी खुल जाती है कि लंड जाने का पता ही नहीं लगता और दूसरे बीवी बच्चे के कामों में इतना व्यस्त हो जाती है कि उसे चूत चुदवाने का वक्त नहीं मिलता. ‘मुझे तो बस इतना पता है कि एक नंगी लड़की किसी की दीदी या कोई रिश्तेदार नहीं होती… वो तो बस एक कामुक, गर्म औरत होती है, जिसका नंगा गर्म जिस्म देखकर कोई भी मर्द उसे प्यार करना चाहे.

पर खुद पर काबू किया, गाउन ठीक किया, ऊपर का बटन बन्द किया अपने वक्ष को भली प्रकार से ढक कर पैसे ले कर आ गई… उसको कहा- 1000 का नोट है।उसने कहा- छुट्टे नहीं हैं तो रहने दो, 10 को दे देना…वो निराश हो गया था, शायद जो उसे चाहिए थ, वो नहीं मिला ! उसके आगे पैसे भी कुछ नहीं…वो निराश होकर चला गया।यह सब कोई कहानी नहीं सच्चाई है !उसके जाने बाद भी मैंने अपनी योनि को रिसते पाया, गीला पाया. ठीक है ठीक… सुधा प्रोग्राम बना कर आपको बता देगी… चमेली तो जाएगी ही … नमस्ते भाभी।” कह कर मम्मी ने फोन रख दिया।मम्मी मुझसे बोलीं- कामिनी की मम्मी तुम सब को कल अपने घर पर बुला रही हैं। तुम सब को वहीं खाना खाना है, उन्हें कल रात अपने मायके जागरण में जाना है, भाई साहब कहीं बाहर गए हैं, कामिनी घर पर अकेली होगी, सो वे चाहती हैं कि तुम सब वहीं रात में रुक जाओ. आप को मेरी कहानी कैसी लगी? मैं अपने जीवन की और भी बहुत सी घटनाएँ आपसे शेयर करूँगा, फिलहाल इतना ही काफ़ी है.

?मनोज- इसमें दगा की क्या बात थी यार? तुम तो हमेशा से खुले माइंड की रही हो… ऐसे तो अब भी तुम अपने पति से दगा कर रही हो…सलोनी- क्यों ऐसा क्या किया मैंने… ऐसी मस्ती तो तुम पहले भी किया करते थे.

नहीं-नहीं आपसे तो बस दिल लग गया इसलिए… वरना मैं ऐसी नहीं हूँ।’‘एक मशवरा और है…’ अपनी जिस्मानी प्यास को बुझाने के खेल के बीच कहा था राशिद मियां ने- गरीबी जादू की छड़ी के घुमाने की तरह दूर हो जायेगी… हजारों-लाखों में खेलने लगोगी।‘वह क्या?’‘अपनी बहन नूर को धन्धे में उतार दो… मेरे यहाँ जो ठेकेदार आता है…’‘नरेन्द्र बाबू…?’‘हाँ…. और मैं गया तो उसने मेरी चड्डी उतार दी और मेरे लिंग को पकड़ कर हाथ से खेलने लगी, वो उसको खींचती फिर उसका ऊपरी हिस्सा खोल देती और उसके छेद पर उंगली रगड़ कर मुझे ‘सिसकारी’ लेने को मजबूर करती.

आप सबको मेरी कहानी कैसी लगी, जरूर ईमेल करना!और बहुत कुछ है जो आपको बताना है, पहले आपके ईमेल का इन्तज़ार रहेगा. !फिर हम बाथरूम में नहाने चले गए। आगे की कहानी फिर कभी आपको सुनाऊँगा।जैसा हुआ वैसा ही मैंने आप लोगों का सुना दी। मुझे मेल करो।[emailprotected]. बस मैं उसी वक्त ये सोच चुकी थी कि अब किसी भी तरह दीपक को फंसाऊँगी और अपनी चूत का मुहूर्त उसी से करवाऊँगी।दीपाली- यार सुबह कुछ नहीं कहा उसने.

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फ़िर मैं चाची के होंटों की तरफ़ बढ़ने लगा तो चाची बोली- क्या क़र रहा है?मैं बोला- आपके होंटों का रस चख रहा हूँ. !और मैं चल दिया, मुझे यह नहीं मालूम था कि दवा किस बात की चल रही है। मैं बाइक पर मोना को ले जा रहा था कि मोना ने मुझ से बात करना चालू कर दी।मैं भी बात करने लगा।उसने पूछा- तुम्हारी कोई सेटिंग नहीं है क्या?मैंने शर्माते हुए कहा- नहीं है भाभी. जागो मेरे पति परमेश्वर…सुबह हो गई है और आपकी प्यारी सी बीवी आपके लिए गरमागरम चाय लेकर आई है !” प्रिया ने अपने नाज़ुक होंठों से इस अंदाज़ में कहा कि मैं तो मंत्रमुग्ध सा बस उसे फिर से उसी तरह देखने लगा।अरे अब अन्दर भी चलोगे या यहीं मुझे घूरते रहोगे.

मैं विस्मित सी, सुन री ओ सखी, साजन की बाँहों में सिमटी रहीसाजन ने नख से शिख तक ही होंठों से अति मुझे प्यार कियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!. उसका पानी थोड़ा नमकीन था, सोचा नहीं चाटूँगा, पर मस्त पानी निकला और मुँह दबा होने की वजह से पूरा मेरे मुँह में उतर गया.

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मैं- फिर डॉक्टर ने कहाँ इंजेक्शन लगाया?सलोनी- अरे उस दिन मैंने पीला वाला लॉन्ग गाउन पहना था ना… बस… उसी कारण…मैं- अरे तो क्या हुआ जान… डॉक्टर जब चूतड़ों पर इंजेक्शन ठोंकता है… तो उसके सामने तो सभी को नंगा होना ही पड़ता है…मधु- हाँ भैया… मगर भाभी ने तो उस दिन. हिंदी वाली सेक्सी वीडियो हिंदीवो अंदर जाकर रोज़ी के कंधे पर हाथ रख कर बोली- अरे सॉरी यार… मुझे नहीं पता था कि तू अंदर है… चल अब तेरा तो हो गया ना…रोज़ी- तू बहुत गन्दी है रे ! तू बाहर जा ना…नीलू- हा हा… क्या बात करती हो दीदी? आपका तो हो गया ना… अब आप बाहर जाओ ना. लंड डालने की सेक्सीआह देखेंगे आ…!राहुल लगातार झटके देकर थक गया था, तब उसने लौड़ा बाहर निकाल लिया और आरोही को ऊपर ले लिया। अब आरोही ऊपर से उछल-उछल कर चुद रही थी। उसकी चूत में फिर से खुजली हो गई थी। अब वो गाण्ड उछाल-उछाल कर लौड़े पर कूद रही थी।राहुल- आ आ. की आवाज निकल जाती और अपने आप मेरे कूल्हे ऊपर उठ जाते ताकि उनकी जीभ मेरी योनि में गहराई तक समा जाये मगर महेश जी तुरंत अपना मुँह मेरी योनि पर से हटा लेते और मुस्कुराने लगते।कुछ देर ऐसे ही तड़फाने के बाद महेश जी ने मेरी योनि को छोड़ दिया और अपनी टी-शर्ट उतार कर मेरे ऊपर लेट गये।कहानी जारी रहेगी।.

मैं- स्मार्ट बॉय, अब बताओ क्या देखोगे अपनी श्रेया की? चूची या पूसी?जय- दोनों! पहले अपनी फ़ुद्दी दिखाओ.

इमरानसलोनी ने अंकल को बुलाकर गेट लॉक नहीं किया था…क्या किस्मत थी यार…??और मैं बहुत हल्के से दरवाजा खोलकर अंदर झांकने लगा…और मेरी बांछें खिल गई…अंदर… इस कमरे में कोई नहीं था… शायद दोनों बैडरूम में ही चले गए थे…बस मैंने चुपके से अंदर घुस दरवाजा फिर से वैसे ही भिड़ा दिया और चुपके चुपके बैडरूम की ओर बढ़ा…मन में एक उत्सुकता लिए कि जाने क्या देखने को मिले…????कमरे में प्रवेश करते हुए एक डर सा भी था. अगले दिन सुबह उठ कर इरफ़ान को जब उसकी जेब से 50 का नोट मिला तो वो खुशी से पागल हो गया और उस दिन उसने और ज़्यादा देसी दारू पी ली. जन्मोपरांत स्तन से जो द्रव्य निकलते हैं उनके पान से शिशु की रोग-क्षमता बढ़ती है और कई संक्रमणों और रोगों से उसका प्राकृतिक बचाव होता है।5.

मैंने दो पैग और लिए होते लेकिन मैंने उसको लिटा दिया, वो फ्रेंची में था।मैंने दरवाज़ा लॉक किया, उसके करीब आया, उसकी टी-शर्ट ऊपर कर दी। उसके संग लिपट गया। उसकी छाती से मम्मे रगड़ने लगा।मैंने उसके लंड को पकड़ लिया, बाहर निकाल देखा. !रेहान- नो सचिन… रूको अन्ना बताओ इस रंडी को कि क्या हो रहा है यहाँ…!अन्ना- जवाब तुमको हम देता जी ये पॉर्न-मूवी होना जी…. उसके नितम्ब यूँ उठे-गिरे, जैसे लौहार कोई चोट करे,तपता लोहा मेरा अंग बना उसका था सख्त हथौड़े साउसके मुख से हुन्कन के स्वर, मैंने आह ओह सीत्कार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

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उसकी आँखों में वासना के डोरे नज़र आने लगे पर मौके की नजाकत को समझते हुए अपने हाथ वहाँ से हटा लिया और उसके हाथों को अपने ऊपर से हटा दिया।अब मेरा ध्यान वहाँ के नजारों पर गया, रास्ते बहुत ही घुमावदार थे, पर सच में यों ही इसे पहाड़ों की रानी नहीं कहा जाता, पहाड़ों के शिखर को बादलों ने अपनी आगोश में भरा हुआ था, ऐसा लग रहा था मानो ये रास्ते जमीन से जन्नत तक ले जाते हों…हम लगभग एक घंटे बाद मसूरी पहुँचे. वो हर समय बस मेरा ख्याल रखती थी…वो मेरी कुर्सी के बराबर खड़ी हो, मेरा सिर अपनी मुलायम चूचियों पर रख कर दबा रही थी…यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !मैंने अपना हाथ उसकी कमर में डाल कर उसके गदराये चूतड़ों पर रखा और उनको मसलने लगा…मुझे नीलू के चूतड़ दबाने ओर मसलने में बहुत आनन्द आता है… उसके चूतड़ हैं भी पूरे गोल और मुलायम. उफ्फ…!रेहान- क्यों साली राण्ड अभी तो चुसवा और चुदवा कर आई है अपने भाई से… वो अच्छा नहीं चूसता क्या…!जूही- अई उफ्फ भाई अई आप तो बड़े बेसबरे अई उई हो.

आर्यनवो तो बहुत ही बड़ी वाली थी, बोली- साले तू दस मिनट में क्या कर लेगा…! मैं गरम तो हो जाऊँगी फिर ठंडा क्या तेरा बाप करेगा.

!प्रिय पाठकों आपकी मदमस्त सुधा की रसभरी कहानी जारी है। आपके ईमेल की प्रतीक्षा में आपकी सुधा बैठी है।[emailprotected]gmail.

मेरी बात तो करवाओ एक बार अन्ना से…!साहिल- जूही प्लीज़ मैंने तुम्हारी बात मानी, तुमको माफ़ किया इसका नाजायज फायदा मत उठाओ…!जूही- साहिल एक बार मेरी बात सुन लो। वो अन्ना है ना वो…. !आपको आरोही की चुदाई का आनन्द आ गया न…!अब आगे क्या होता है, यह सब जानना है तो पढ़ते रहिए और मुझे संपर्क करने के लिए मेरी आईडी[emailprotected]gmail. सेक्सी देसी रोमांटिककुछ देर में मेरे लवड़े को भी उसके मुँह की गर्मी का अहसास होने लगा।मैंने उससे पूछा- मन्जू अब मुँह से ही बच्चा लोगी क्या?वो मुस्कुरा दी, बोली- भैया जी… मुँह से कैसे?‘ओये, भैया मत बोल, अब मेरा लौड़ा चचोर रही है तू रानी!’‘हा हा हा हा, मैं तो भूल ही गई थी, क्या बोलूँ आपको?‘पिया जी बोल दे.

मेरी तन्द्रा टूटी और मैंने प्यार से उसके गालों को सहला कर उसके मुँह से अपना लंड छुड़ाया और उसे अपने साथ खड़ा किया। मैंने अपना लोअर ऊपर कर लिया और रिंकी को अपनी बाहों में लेकर उसके पूरे मुँह पर प्यार से चुम्बनों की बारिश कर दी। रिंकी भी मुझसे लिपट कर असीम आनन्द की अनुभूति कर रही थी।तभी मुझे ऐसा लगा जैसे कोई बाथरूम की तरफ आया हो…कहानी जारी रहेगी…. और मैं उन्हें देख कर !चाची ने उस वक़्त साड़ी पहनी हुई थी और शायद घर के कम करने की वजह से वो अस्त व्यस्त हो गई थी… और सामने से चाची का लाल रंग का ब्लाउज़ और उसमें उनकी काली ब्रा का कप साफ साफ झलक रहा था. कामसूत्र के पैकेट को देखते ही सलमा अचानक बोल उठी- अरे? तो क्या शादी के बाद भी कोंडोम इस्तेमाल करन पड़ेगा?***सलमा और इरफ़ान की सुहागरात थी.

वह दो स्तन मध्य से आता था, और मुँह में जाय समाता थामैंने होंठों की दी जकड़न, और जिह्वा का उसे दुलार दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. मैंने माल गले के नीचे नहीं किया और सारा माल मुँह में रखा और पूरे मुँह में घुमाने लगी और फिर तैयार हो गई और बाहर आ गई.

मेरा मन बल्लियों उछल रहा था, जिसको याद कर के हस्त-मैथुन करता था वो आज मेरी बाँहों में थी और मुझसे बच्चा मांग रही है। मुझे और मेरे लौड़े को बस एक ही ठुमरी का वो अंश याद या रहा था-आजा गिलौरी, खिलाय दूँ किमामी,लाली पे लाली तनिक हुई जाए.

फिर कुछ देर वो वैसे ही पड़े रहे और कुछ होने के आसार नहीं दिखे तो मैं भी नीचे आ गया।सुबह जब दीदी मुझे जगाने आई तो उनके कटे हुए होंठ को देख कर मेरी लंड ने एक बार फिर ज़ोरदार ठुमका मारा. ह…!रेहान ने पास में रखी आयल की बोतल से उंगली पर तेल लगाया और आरोही की चूत की फाँक खोल कर अपनी उंगली अन्दर घुसाने लगा।चूत बहुत टाइट थी, उंगली जा नहीं रही थी, पर वो थोड़ी सी उंगली घुसा कर हिलाने लगा।आरोही- आह… सस्स… उफ़फ्फ़… ओह… आ रेहान… आ बहुत आग लग रही है आह …चूत में… आ ज़ोर से करो ना आ थोड़ा और अन्दर करो ना आ. !और वो मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरे लंड को अपनी चूत में डलवा कर मजे लेने लगी।कुछ ही देर के घमासान में मैं बोला- मैं झड़ने वाला हूँ.

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मैं कुछ देर तक बस सोच ही रहा था कि अब आगे क्या और कैसे करना चाहिए…दोस्तो, आप भी अपना मशवरा दें कि आप ऐसी परिस्थिति में क्या करते…?आपके सुझाव के इन्तजार में…आपका दोस्त…. मेरी पत्नी सुनीता अत्यंत ही सुन्दर और आकर्षक है और इतनी मादक और सुडौल जिस्म की है कि देखने वाला देखता ही रहता है. !और मैंने और नीचे से पकड़ कर उठाया तो उसके चूचे बिल्कुल मेरे मुँह के सामने थे।मैं उनकी खुशबू महसूस कर सकता था।तभी उसने मुझे कोहनी मारी- बस उठा कर भागेगा क्या… नीचे उतार दे अब तो.

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साजन ने अपने अंग को सखी, मेरे स्तन पर फेर दियारगड़ा दोनों चुचूकों पर बारी-बारी, तो आग लगाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. चाची बोली- तूने तो जान निकाल दी पहलवान, मेरी गांड में तो दर्द हो रहा है… पर मजा बहुत आया!‘कोई बात नहीं चाची, धीरे धीरे आदत हो जाएगी. एक्सीलेंट…ऐसे बहुत सारे भद्दे कमेंट्स पढ़ कर मुझसे रहा नहीं गया।मैंने सलीम से पूछा- ये सब क्या हो रहा है?वो हँसने लगा और मुझसे बोला- डियर तेरे लिए एक अच्छा मर्द ढूँढ़ रहा हूँ। threesome के लिए।मैं बोली- ये threesome क्या है?वो बोला- मेरे सामने कोई और मर्द तेरे साथ चुदाई करेगा और मैं मज़े से देखूँगा।मैं यह सुन कर गुस्सा हो गई और बोली- छि:.

मैं अभी आता हूँ।रेहान बाथरूम में चला जाता है और आरोही अपनी चूत पर अच्छे से क्रीम लगा कर गोली लेकर लेट जाती है, 5 मिनट में ही वो नींद के आगोश में चली जाती है।रेहान बाथरूम में था तब उसको मोबाइल की रिंग सुनाई देती है, तो वो बाहर आकर फ़ोन उठाता है।रेहान- हैलो. बस हल्का सा सब्र रखो…!फिर मैंने अपने लण्ड का सुपारा उसके चूत के दरवाजे पर सटा कर हल्का सा धक्का दिया। चूत चिकनी होने के कारण मेरा सुपारा ‘गप्प’ करके उसकी चूत के अन्दर चला गया और वो चिहुंक उठी, उसने कहा- निकाल लो.

उसके बाद वहाँ से निकल गए।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !उधर अनुजा भी अपनी सहेली के यहाँ से घर आ गई तो उसने देखा कि विकास सोया हुआ था।दीपाली की चुदाई के बाद उसको अच्छी नींद आई।अनुजा- अरे क्या बात है मेरे सरताज.

!”ओह दीदी, पढ़े-लिखों की बातें…!” चमेली की बात पर सब लोग खूब हँसे।चमेली अपनी बात पर सकुचा गई।कामिनी ने जीजाजी को नंगा करके उनके कपड़े हैंगर करने के लिए चमेली को दे दिए और खुद घुटनों के बल बैठ कर जीजाजी के लण्ड को चूम लिया।मैंने पूछा- अरी यह क्या कर रही है क्या यहीं…!अरे नहीं, यह नंगे दरबार के अभिवादन करने का तरीका है; चलो तुम दोनों भी अभिवादन करो. अब देख कैसे तुझे मजबूर करता हूँ नंगी होने के लिए।आरोही के नाम की मुठ मार कर राहुल शान्त हो गया और सो गया।शाम को राहुल तैयार होकर बाहर निकला और घर से थोड़ी दूर एक स्टोर के पास खड़ा हो गया। करीब 5 मिनट में रेहान भी आ गया। राहुल कार देखकर झट से अन्दर बैठ गया, रेहान ने कार को आगे बढ़ा देता दिया।रेहान- हाँ भाई. वो चालू हो गई, वो सिसकने लगी मैंने उसकी क्लिट को दोनों होंठों से चूसना चालू किया तो वो तड़पने लगी और उसका सारा नंगा जिस्म कड़क पड़ने लगा.

घुस ही नहीं रहा था।फिर भी आनन्द डालने की ज़बरदस्ती कर रहा था।कुछ ही पलों में उसका सुपारा गांड में चला गया. ! साले तू अच्छी तरह जानता है, कि मेरा इरादा क्या है?साहिल- लेकिन यार तुम ना तो कुछ बताते हो और ना ही हमें कुछ करने देते हो।रेहान- ओके यहाँ बैठो, मैं बताता हूँ कि क्या बात है. पहले तो आते जाते कोई कुछ बोल देता, कोई कुछ, कोई कहता- देख कितनी छोटी है अभी साली फिर भी नैन-मटक्का करने से बाज नहीं आती! उम्र से पहले मेरी छाती कहर बनने के लिए तैयार हो चुकी थी, लड़कों की बातें सुन-सुन कर अब कुछ कुछ होने लगता, मैं मुस्कुरा देती, उनके हौंसले बढ़ने लगे और फिर :जिंदगी में अब तक मैं बहुत से लौड़े ले चुकी हूँ.

?? पापा और भाई जैसे पड़ोसी के समक्ष नंगी होने में शरम नहीं है… पर चुदाई जैसा पवित्र शब्द बोलने में शरम आती है… और कौन सा हम किसी और के सामने बोल रहे हैं… अकेले में ही तो ना… और यह भी सुन लो कि तुम्हारे पापाजी और सलोनी ऐसी ही बातें बोलकर खूब चोदम-चुदाई करते हैं।मैंने किशोरी की चूचियों को दबाते हुए उसके काम्पते हुए होंठों को चूस लिया।किशोरी- मतलब पापा अभी भी ये सब करते हैं.

एक्स एक्स बीएफ वीडियो न्यू: वह कंधे पीछे ले गया, सखी, सारा तन बाँहों पर उठा लियामैंने उसकी देखा-देखी अपना तन पीछे खींच लियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!. उनको बहुत नीचे से पहनते हैं और वह छोटी होकर कम से कम भाग जो आवश्यक है, को ढक कर रखती हैं, साथ में उसने बनियान दीं, जो थोड़ा लम्बी थीं.

मैंने उसकी नाभि में उंगली डाली और थोड़ा कुरेदा, उसको शयद गुदगुदी हुई, वो एकदम पूरी काम्प गई, मैंने उसमें जीभ घुसा दी, वो आआम्म्म्म्म करती रही ओओह्ह्ह्ह आआआअह स्स्सीईई आआआम्म्म्म्म ही किये जा रही थी. कभी कभी हम दिन भर में 6-7 बार सेक्स कर लेते थे और जब मेरी छुट्टी होती है तब वो अपने सारे फ्रेंड को घर पर बुला लेता है और फिर हम बहुत मजा करते हैं. माँ के दूध से शिशु को कोई संक्रमण या दुष्प्रभाव ना होने के कारण उसके इलाज, दवाई, डॉक्टर इत्यादि के खर्चों में भी बचत होती है।11.

ये सब तो आपका ही है जानू… जितना चाहे पी लेना… पर अब आप फ्रेश तो हो लो…मैं उसकी चूत में उंगली करते हुए-.

डरते डरते मैंने उसकी टोपी को मुँह में ले लिया और चूसने लगी। सच्ची वो ऐसा अहसास था जिसे मैं शब्दों में ब्यान नहीं कर सकती।दीपाली- चुप क्यों हो गई बोल ना यार प्लीज़. कैसी दिखती हूँ?मैं ये सब बातें पढ़ कर कन्फ्यूज़ हो गई।फिर कुछ देर में सलीम ने मेरी पिक उनको फोटो शेयर में दिखाई।मेरे पिक देख कर सबका तुरन्त रिप्लाई आया- वाउ. !यह सुनते ही मैंने उसके स्लेक्स के अन्दर हाथ डाल दिया, उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी।मैंने उसे अलग किया और पूरे पार्क में घूम कर तसल्ली कर ली कि कोई नहीं है। मैं वापस आया और फिर से उससे चिपट गया, उसकी स्लेक्स को उससे अलग कर दिया और पैन्टी भी निकाल दी।मैंने उससे पूछा- क्या तुमने पहले कभी सेक्स किया है?तो उसने कहा- नहीं… लेकिन ब्लू-फिल्म्स बहुत देखी हैं.