गांव की बीएफ बीएफ

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कुत्ता औरत के सेक्सी: गांव की बीएफ बीएफ, सरस्वती- झूठ मत बोल कुछ देर पहले ही बात हुई है … और अब कह रही कि नहीं आया.

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उसके निप्पल के चारों तरफ के ऐरोला में कुछ ऐसे हल्के हल्के दाने ऐसे उठे हुए थे, जैसे कमल के पत्ते पर ओस की बूंदें जमी हों, बीच में एक गहरा सा भौंरा निप्पल के रूप में उस ओस के मोतियों को झंझोड़ रहा हो, जिससे वे उठ से गए थे. मिर्ची बड़ा कैसे बनाते हैंसबसे छोटे वाला लड़का है जिसकी शादी को तीन साल हो चुके हैं लेकिन अब तक उसे सन्तान का सुख प्राप्त नहीं हो पाया है.

सुरेश दसवीं के बाद ही बाहर चला गया था, पर जब कभी गांव आता तो हम सबसे जरूर मिलता. प्रियंका चोपड़ा सेक्सी वीडियोतेल की शीशी उन दोनों ने मेरी गांड में लगा कर और अपने अपने लंड पर चुपड़ चुपड़ कर खाली कर दी थी.

उस दिन से सुनील को याद करते हुए ही मैं अपनी चूत को सहलाती और उंगली से उसे शांत करने लगी थी.गांव की बीएफ बीएफ: एक बार मैसेज में मैंने उससे पूछा था- तुम्हारा कोई ब्वॉयफ्रेंड है क्या?उसका जवाब था कि उसमें ऐसा क्या है जो उसे कोई गर्ल फ्रेंड बनाएगा.

हम मोसी भानजा ने उस रात में तीन बार चुदाई की और फिर सो गए।सुबह जब हम उठे तो नाश्ता करने के बाद हम नहाने चले गए जहाँ हमने नंगे होकर एक बार चुदाई की।इस तरह मैं अब करीब करीब रोज ही अपनी मोसी की चुदाई करता हूँ।दोस्तो आशा करता हूँ कि आप लोगो को मेरी मोसी की चुदाई की कहानी पसन्द आयी होगी।धन्यवाद।[emailprotected].मैंने उसे बताया कि कैसे मैं ससुराल वालों से परेशान होकर यहां आयी और अब यहां भी अकेली रहती हूँ … क्योंकि पति ज्यादातर बाहर रहते हैं.

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मैंने अपना कंट्रोल खो दिया और बुआ के पास जा कर उनकी चुत को चाटने लगा.उसने कहा- अब हमें चलना चाहिए … क्योंकि यहां गांव में लोग जल्दी उठ जाते हैं.

मेरा हॉस्टल वसई में था था लेकिन मेरी क्लासेस और ऑफिस कुर्ला में था। मुंबई के लड़के लड़कियां बहुत ही एडवांस थे उनके लिए सेक्स जैसी चीजें और बातें करना बहुत ही नॉर्मल थी।मैं दिखने में ठीक-ठाक हूँ, मेरी हाइट 5 फुट 1 इंच और बूब्स दिखने में साधारण हैं। लेकिन मेरी गांड थोड़ी मोटी है जिससे किसी का भी खड़ा हो जाए. गांव की बीएफ बीएफ बहुत मजा आ रहा था मुझे इस कार सेक्स में!मैं बोला- आह्ह … साली, देख क्या रही है, चूस इसे.

फिर उसने अपना सिर मेरे पेट पर रखा और मैं धीरे से उसके बालों में अपने हाथ फिराने लगी.

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उसने भी कराहते हुए कहा- आह … यस मेरा भी …बस हम दोनों दस बारह तेज तेज शॉट के साथ झड़ गए. कमरे में आकर मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके चूतड़ पर एक थप्पड़ रसीद कर दिया. मेरी चाची सेक्स के लिए दुबारा तैयार थी, मेरे लंड को खड़ा करके चाची ने कहा- बता अब कहां डालेगा?मैं समझ गया कि चाची अपनी गांड में डालने को कह रही हैं.

वो 21वें साल में है मैं उसके बदन को देख कर कई बार आकर्षित हो जाती हूं. मैं झड़ने के बाद भी तुरंत जोश में आ गयी क्योंकि सुरेश ने धक्कों को जरा भी विराम नहीं दिया था. जिस घटना के बारे में आपको बताने जा रही हूं उसको पढ़ कर आपको भी मेरी बात का यकीन हो जायेगा.

वो मॉम की चूचियां मसलता हुआ चिल्ला रहा था- आह … मेरी शालिनी रंडी … तुझे चोदने की तमन्ना आज पूरी हो गयी … बड़ी मस्त गांड है तेरी आंटी. यह सुनकर नेहा और भी मस्ती से अपने मम्मों को अपने हाथों से पकड़ कर सोमेश से चुसवाने लगी थी. मैंने कहा- क्यों?तो वो कहने लगी- चॉकलेट डाल कर दोनों एक दूसरे के अंगों को चूसेंगे.

कभी कभी नए नए जवान हुए लड़के एक समोसा या गुलाब जामुन के बदले गांड मरवा लेते हैं, तब बड़ा मजा आता है. मैंने मोनिषा आंटी को चोद चोद कर एक हसीन हॉट सेक्सी आंटी बना दिया था, उनके दूध अब पुराने ब्लाउज़ में फिट ही नहीं आते थे.

बस धक्के पर धक्के मारता है … और जब उसका माल निकल जाता है, तो बगल में घोड़े बेच कर सो जाता है … मैं उसी के बगल में ही मैं अपनी जीभ को अपने होंठों पर फेरती रह जाती हूँ.

मैं उठ कर बैठ गया और अपनी लोअर को ऊपर करते हुए कहने लगा- क्या हुआ? तुम ऐसे क्यों बैठी हुई हो! डर लग रहा है क्या?उसने थोड़ा हिचकते हुए कहा- नहीं, बस ऐसे ही नींद नहीं आ रही थी.

वो हर पल मुझे गाली देते हुए चुदवाने लगीं- आह चोद दे … मादरचोद … फाड़ दे माँ की गांड … बना दे अपने बच्चे की माँ … आह तेरा बाप तो मुझे चोदता ही नहीं है … तू ही मुझे चोद दे. फिर धीरे से मैंने उनकी पेंटी पूरी तरह से निकाल दी और धीरे धीरे बुआ की चुत को सहलाने लगा. किसी तरह इतना संघर्ष करने के बाद एक बार के धक्के में उसका सुपारा योनि में घुस गया, पर मेरी चीख निकल गयी- आआ ईईई!अपने होंठों को भींचती हुई मैं कसमसाने लगी.

भाभी भी मस्ती में अपने चूतड़ों को उछाल कर मेरा पूरा लंड अपनी चूत में ले रही थी … साथ ही अपने मुँह से अम्म अम्म की आवाजें भी निकाल रही थी. मैंने कहा- थोड़ा ठहर जा!तो बोला- फट गई? मेरे से अच्छे अच्छे घबराते हैं।मैंने कहा- थोड़ा ठहर जा … तू भी तो मजा ले, इतनी जल्दी हड़बड़ी क्यों मचाए है?उसने एक दो धक्के और दिए और झड़ गया. वो कुल्फी को चूसते हुए मेरी पैंट की तरफ मेरे लंड को भी देखने की कोशिश कर रही थी.

और फिर बात आगे बढ़ी …नमस्कार दोस्तो, आप सब कैसे हैं … आपने मेरी सेक्स कहानी को सराहा, इसके लिए मैं सदा आपकी आभारी रहूंगी.

तभी मैंने बाहर जाकर आंटी को बातों में लगा लिया और ज़रीना ने चादर बदल दी. वो बोली- क्यों?मैंने कहा- बस मुझे तुमको लाल रंग की ब्रा पैंटी में देखने का मन कर रहा है. कुछ देर बाद आंटी की चूत ने लंड को सैट कर लिया था और वे भी चूत चुदवाने के मजे लेने लगी थीं.

ऊपर जाकर आंटी ने कमरा दिखा दिया और फिर कहा कि हमारे पास यही रूम है. पर इसके बाद उसने मुझे कई बार अपने घर बुला कर अपनी बहुत सारी फ़्रेण्ड्स की मसाज करवाई, जिनको मसाज करवाना था उन्होंने मसाज करवाया, जिनको चुदना था, उन्होंने चुदवाया और मसाज के पैसे भी दिए. अरे सुनील क्या हुआ?”कुछ नहीं भाबी … बस थोड़ा बुखार आ गया है … डॉक्टर ने रेस्ट करने को बोला है.

उसके बाद हम उसने मेरे ब्लाउज को उतार दिया और मेरे चूचों को दबाने लगा.

चूंकि उसने मेरा लोअर निकाला हुआ था तो मेरा लंड यह सोच कर अब तक खड़ा हो चुका था. मैंने नितेश की बहन को वहीं सोफे पर लिटा लिया और उसके टॉप के ऊपर से ही जोर से उसके चूचों को मसलने लगा.

गांव की बीएफ बीएफ पर मन तो करता है कि जो छेद देखूँ उसमें लण्ड ही डाल दूँ।आगे मैं एक सच्ची घटना का ज़िक्र करने जा रहा हूँ:एक बार मेरी बीवी भोपाल से बाहर गई थी, उसके पार्लर में एक बेहद सुंदर महिला जिया (बदला हुआ नाम) नियमित आती थी. मैंने खाना उसके हाथ से लिया और साइड में रख दिया और उसको अपनी बांहों में ले लिया.

गांव की बीएफ बीएफ इधर मामी मेरे बालों को पकड़ कर अपने चूचों में मेरे मुंह को घुसाने लगी थी. इंशा ने पूछा- ये क्या कर रही है?शिफा बोली- अरे यार चूत में आग लगी है, बहुत दिल मचल रहा है.

मैं उसके कहे अनुसार हल्के हल्के से अपनी कमर हिला हिला कर लिंग को अपनी योनि से घर्षण देने लगी.

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मेरी आंखें बंद हो गई थीं और मैं ये सोचते हुए मुठ मार रहा था कि प्रीति उस बेड पर मेरे साथ सेक्स कर रही है. वे मुझे कुछ ही दिनों में इतना कम चोद पाए थे कि मुझे लंड की जरूरत पड़ गयी. इस तरह हमारा रोमांस चलता रहा लेकिन चुत मिलने की कहानी हमेशा दूर लगती रही थी.

रंजन अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मेरी चूत को बड़ी मस्ती से चोद रहा था. मैम को दर्द हो रहा था लेकिन वो इंग्लिश में कह रही थीं- आह फ़क मी हार्डर. उन्होंने मेरी गर्दन को पकड़ कर मेरा सिर अपने लंड पर झुकाने के लिए मुझे नीचे की तरफ खींचा लेकिन मैंने कहा कि मैं ये नहीं कर पाऊंगी.

भाभी ने भी अपने हाथों से मेरा सिर जोर से अपनी चुत में दबा लिया और सेक्स भरी आवाज से कहने लगीं- आह कितना मस्त चूत चूसते हो … आह खा जाओ देवर जी … मेरी चूत को खा जाओ … आहह … चूसो चूसो खा जाओ अअम्म … आंह … मर गयी … देवर जी अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है … अब मेरी चुत में अपना लंड पेल दो.

आखिर उसने मुझे कसके जकड़ लिया ताकि मैं ज्यादा लंड बाहर न निकाल पाऊं. तब मैं बोला- मुझे क्या करना होगा?वो बोला- किसी तरह तुम भोर में अपनी मॉम को गंगा तट के दूसरी छोर पर ले आओ और उनको छोड़ कर तुम थोड़ा दूर चले जाना. मैं एकदम उसके ऊपर आ गया और उसकी चूचियों को चूसना और मसलना शुरू कर दिया.

उन्होंने कहा- ये क्या कर रहे हो नवीन?मैंने कहा- कुछ नहीं आंटी … वही कर रहा हूं, जो मुझे बहुत पहले कर लेना चाहिए था. मैं क्या तारीफ करूं उसके मम्मों की, बेहद सफेद … काले और उभरे हुए निप्पल मुझे एकदम रसीले लग रहे थे. इसी बीच बातों-बातों में पता चला कि उसकी केवल एक बेटी है, जो बाहर पढ़ रही और पत्नी का 2 साल पहले बीमारी की वजह से स्वर्गवास हो गया.

मेरी चाची सांवले रंग की हैं, लेकिन वो भी देखने में मस्त और सेक्सी दिखती हैं. अभी कॉलेज शुरू होने में थोड़ा वक्त था लेकिन कोचिंग की क्लास शुरू हो गई थीं.

उस महिला का ध्यान मेरे तने हुए लंड पर न पड़े इसके लिए मैंने धीरे से अपने लिंग महाराज को हाथ से एडजस्ट भी किया मगर सामने वाली की नजर भी तेज थी. दो चार बार गांड में लंड जाने लगता है तो अट्टा सट्टा भी करने लगते हैं. फिर उसने अपना सिर मेरे पेट पर रखा और मैं धीरे से उसके बालों में अपने हाथ फिराने लगी.

मिहिर के मजबूत हाथों की उंगलियां मेरी बीवी की मखमली कमर पर चलने लगीं तो उर्वशी पिघलने लगी.

उसके मुँह से चीख भी निकल गई= उम्म्ह … अहह … हय … ओह …पर वाह री चुड़क्कड़ … बोलती क्या है कि तुम परवाह मत करो … अब बस मेरे मरने तक मुझे चोदते रहो. मैं अपने घर चला गया, लेकिन मैं घर जाने के बाद अपने रूम में यही सोचता रहा कि ये सब क्या था. … बड़ा मस्त चोदते हो यार … आह बहुत मज़ा आ रहा है … अब तो रोज़ तुमसे चुदने आ जाऊंगी … खूब चोदना मुझे … हम दोनों हर तरह से सेक्स करेंगे.

वो जितनी ज्यादा बाहर से गोरी चिकनी थी, उतनी अन्दर से भी थी, उसकी चूत एकदम गुलाबी दिख रही थी. मैं अपने होंठों को मॉम के होंठों से सटाकर उनके होंठों को चूसते हुए मॉम की चूत को पेल रहा था.

उन्होंने मुझसे पूछा- बेटा, यहां दिल्ली के लिए अभी कोई ट्रेन है?मैंने बताया कि हां आंटी अभी आएगी. सच कहूँ तो उस वक्त बड़ा आनन्द आया, जब उसने मेरा स्तन चूसना शुरू किया. रात को तो दीदी नशे में थीं, तो उनको पठान के लंड का अहसास नहीं हुआ था.

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उसके जाने के बाद मैंने अपनी बहन से बात की तो उसने बताया कि वो उसके कॉलेज की सहेली है और उनके एग्जाम आने वाले हैं.

उसकी नोक से निकलती बूंदें किसी शेर की जीभ से शिकार देख कर टपकने लगती हैं … ऐसे लग रही थीं. पूर्वी की चुत का रस स्वादिष्ट भी इसलिए था क्योंकि ये अभी उसकी नई जवानी का रस था. गांड मराने का शौक रखने वाले मेरे सारे गे दोस्तों को मेरा प्रणाम, उनको भी जो माशूक चिकने लौंडों की गांड को अपने मस्त लंड के गांड फाड़ू धक्कों से फाड़ कर रख देते हैं.

हम सब लोगों के नाश्ता करने के बाद मुझे पता चला कि घर मम्मी और बुआ बाजार जा रही हैं, तो मैं न जाने क्यों आज कुछ ज्यादा ही खुश हो गई थी. करीब 10 मिनट तक उसकी बुर चूसता रहा मैं और वो अपने हाथों से मेरा सिर उसकी बुर पर दबाये जा रही थी।थोड़ी देर में उसकी बुर ने रस छोड़ दिया जो मैं सारा का सारा पी गया. एक्स थ्रीतब ये सुनकर मैंने भी सोचा कि एक बार तुम्हारी मॉम की गांड चोदने को मिल जाए.

जब मैं उसके ऊपर से हटा, तो ज्योति ने दुबारा मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मुझे अपनी बांहों में कसकर जकड़ लिया. वाह क्या बूब्स थे … क्या फिगर था … इतनी उम्र में भी कसे हुए चूचे … मैं उनके आमों पर टूट पड़ा.

मैंने कहा- ‘उसको’ किसको?उसने थोड़ी हिम्मत करते हुए कहा- तुम्हारे मूतने वाले ‘उसको’!मैंने कहा- तुमसे ये सब किसने कहा?वो बोली- मेरी सहेलियां सब इस तरह की बातें करती हैं, इसलिए मेरी भी इच्छा हो रही थी कि मैं किसी लड़के के ‘उसको’ देखूं. मैं काफी बोल्ड किस्म की औरत हूं और गाली हमेशा मेरे मुंह पर रहती है. मौसी बोली- ऐसे ही नहीं साइज बढ़ा … तीन चार हजार लोगों से चुदी होगी तेरी बीवी.

भाभी मुझे थका हुआ देख कर बोलीं- कोई बात नहीं … आज मुझे उंगली से ही काम चलाना पड़ेगा. उसने अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत पर सैट किया, अपनी हाथों और टांगों से मुझे पूरी तरह जकड़ लिया. मैंने मैडम के चूचों पर हाथ रख दिये तो बोली- आह्ह … बड़े बेसब्र हो तुम.

मेरी और विमला की जाति एक थी, बाकी सरस्वती और सुरेश अलग अलग जाति के थे.

साला वो मेरे बारे में अच्छी तरह से जानता था कि इसके सामने अकेली लौंडिया छोड़ना खतरनाक खेल हो सकता है. मैं अचानक लंड गांड में घुसने से चिल्ला पड़ा ‘आ आ … आ ब…स’ तब तक उसने पूरा पेल दिया फिर उसके बाद एक दूसरे लौंडे ने भी उसके बाद मारी मेरे साथी दूसरे चिकने लौंडे की दूसरा बड़ा लड़का मार रहा था.

मैंने मौसी से पूछा- पंद्रह दिन बाद क्यों … अभी क्यों नहीं?तो वो बोली- तेरी बीवी को अच्छे से लंड लेना तो सीख लेने दे, उसके बाद बाहर भेजूंगी. प्रीति ने कहा- मैंने तो कभी तुम्हें छोटा नहीं समझा … और ये मेरे सवाल का जवाब नहीं है. आंटी ने कहा- बच्चों के आने का समय हो गया है।तो मैंने आंटी को किस् किया और हम दोनों ने कपड़े पहने और मैं जाने लगा.

अगले दिन मैंने सोमेश भैया से उन 6 लड़कों की शिकायत की कि भैया इन लड़कों ने आपकी और नेहा दीदी की वीडियो बना ली है, ये आप दोनों को बदनाम कर देंगे. वो मुझे बहुत पसंद करती थीं, इसलिए वो मुझे समझाने की बहुत कोशिश करती थीं. और फिर सबसे पहले एकता ने और उसके बाद क्रमशः कल्पना किरण और अलका सभी ने एक एक करके अपने समूचे कपड़े अपने शरीर से अलग कर दिए.

गांव की बीएफ बीएफ उसकी इस बात को सुनकर मुझे कुछ अजीब सा लगा … पर मैं खुद ऐसे ही एक दौर से गुजर चुका था, इसलिए मैंने उसे ही अपना प्यार मान लिया. उनकी आहें निकलने को हो रही थीं, मगर मेरे मुँह में ही दबी जा रही थीं.

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मगर मामी को देख कर मैंने जल्दी से अंडरवियर पहन लिया और तौलिया लपेट लिया. मेरी गोद में आते ही हम दोनों के होंठ एक दूसरे के मुंह से कोल्ड ड्रिंक का मिठास चूसने लगे. मैं एक स्टूडेंट हूँ और आगरा का रहने वाला हूँ व कानपुर में रह कर पढ़ाई करता हूँ.

मैं समझ गया कि ये तेल की शीशी इसी काम के लिए तख्त के पास रखी रहती है. वो नीची नजर से मेरे लंड के उभार को देख कर फिर से अपनी नोटबुक में देखने लगती थी. मियां खलीफा एक्स एक्स एक्सवो बोली- इतना बड़ा है तुम्हारा? यह मेरे छोटे से छेद में कैसे जायेगा?मैंने कहा- तुम उसकी चिंता मत करो मेरी जानेमन, बस मजा लो.

मैंने उसके दूध दबाते हुए कहा- तुमने अपनी दीदी को देखा है … मैंने ही उसे फूल बनाया है … क्या तुम वैसी नहीं बनना चाहती हो?वो मुस्कुराई- मुझे उससे भी ज्यादा मस्त बनना है.

मम्मी की चूत अपना रस छोड़ चुकी थी, लेकिन कल्लू ने दस बारह धक्कों के बाद अपना रस मम्मी की चूत में ही निकाल दिया. जब मैं वापस आ रही थी तो मैंने उसको उस वक्त भी वहीं पर खड़े हुए देखा.

उसने कहा- मैडम, अंदर नहीं आने दोगी?तो झट से मैंने उनको रास्ता दिया. ”मुझे कभी छोड़ कर नहीं जाओगे ना?”कभी नहीं मेरी रानी … जिंदगी भर तुम्हें ऐसे ही चोदता रहूंगा … जरा टांगें ऊपर करना. आंटी ने मुझे सारी बात बता दी थी और कहा था कि जब तक वो वापस न आयें तो तब तक मैं सोनू का ख्याल रखूं और घर में भी चौकसी के साथ रहूं.

सुरेश ने मेरे स्तनों को मसलते हुए और होंठों को चूमते हुए हौले हौले से धक्का देना शुरू किया.

मैं संजय को अपनी बांहों में लेकर बिस्तर पर गिर गई और हम दोनों सो गए. बेशक दवाई थी लेकिन डर भी होता ही है एक मन में … ऐसा लगा मानो दुनिया का सबसे खुशकिस्मत और हरामी इंसान हूँ जो अपनी बहन की टाँगों के बीच बैठा है और अपने शिकार को ललचाई नज़रों से देख रहा है. वो ओपन माइंडेड हुई, तो मैंने जानबूझ कर उससे पूछा- ये सेक्सी का मतलब क्या होता है?उसने कहा- तुम्हें सेक्सी का मतलब नहीं पता है?मैंने कहा- नहीं.

लड़की सब का फोटोउसकी मस्त बातों से मुझे भी जोश आने लग़ा और मैं नीचे को होकर उसकी चुत चाटने लगा. मैं फेसबुक पर अपनी क्रॉसड्रेसिंग आईडी से काफी लोगों से बात करती थी.

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लेकिन एकता और कल्पना को यह आइडिया उत्तेजक लगा और उन्होंने बाकी सबको भी मना ही लिया. उसके पिता सरकारी नौकरी में थे और हम 3 सहेलियां और वो अच्छे दोस्त थे. दोस्त मैं आपको एक बात बताना भूल गया कि आंटी की उम्र 45 साल की रही होगी लेकिन वो देखने में 30-32 से ज्यादा की नहीं लग रही थीं.

मैंने इतनी लड़कियों की चुत देखी है, पर इसकी चुत मोटी सी और हल्की सी फूली हुई सी थी. मैंने उनको संभाला और न जाने क्या हुआ कि मैंने आंटी को जोर से अपने गले से लगा लिया. मुझे भोगने वाला, दूसरे लोगों के सामने अपना दोस्त कहना नहीं चाहता था.

”अब मैं हूँ … तुम चिंता मत करो … ये मजा मैं तुम्हें पूरी जिंदगी भर दूंगा. इस पर राजशेखर ने सुझाव दिया कि हम कुछ नया करें, तभी कोई रास्ता निकल सकता है. मामी ने भी बोल दिया था कि जितना खुल कर बात करेंगे उतना ही मजा आयेगा.

अर्ध नग्न मेरी बीवी की सफेद दूध जैसे तन कर कह रहे हों कि उनसे बस अब दूध टपकने ही वाला है. मेरा लंड तन कर उस प्यासी औरत के जिस्म में घुसने को बेताब होता जा रहा था.

वो लंड देखते ही घबरा गयी और बोली- इतना बड़ा?मैंने उससे पूछा- तुझे यह सब कैसे पता कि कितना बड़ा होना चाहिए?वो बोल दी- मैं भी वैसे वीडियो देख चुकी हूं.

हालांकि खाना वगैरह हो गया था और मेरी चाची भी सोने के लिए बस जा ही रही थीं. 10 साल के बच्चों का सेक्सवो बस अपनी गांड हवा में उठा उठा कर मेरी जीभ को अपनी चुत में अन्दर तक ले लेना चाहती थी. सेक्स वीडियो कांटेक्टमैंने अपनी लाइफ में पहली बार किसी औरत को अपनी आंखों के सामने नंगी देखा था. अगले साल उसकी लड़की हुई, तो उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया और मेरा धन्यवाद किया.

अलका के पेटीकोट का नाड़ा अटक गया, उसे समय लग रहा था लेकिन गेम जीतने की हड़बड़ी में उसने नाड़ा तोड़ दिया.

मैंने उसकी पेन्टी हटा दी और अपना मुँह उसकी बुर पर रख कर चूत चाटने लगा. मैंने अब भी कुछ नहीं किया, तो चाची ने नीचे से गांड हिलाई और कहा- अब चोद बे … ऐसे ही डाले पड़ा रहेगा क्या?मैं धीरे धीरे से चूत में धक्के देने लगा. हम लोग गांव में जब रहते थे, तब मैंने सुना था कि सुरेश मॉम को चोदता था.

कभी उसे होटल के वाशरूम में कुतिया बना कर चोद देता, कभी किसी कमरे में पकड़ कर उसकी चुदाई कर देता … या कभी पार्क में मज़ा कर लेता. मैं- हां जी … आपने फोन किया था?वो- जी हां, क्या आप विकास हैं?मैं- हां कहिए?वो- मैंने आपके बारे में अपने एक दोस्त से सुना था. मामी बोली- मेरे राजा, अगर तुमको मामी की चूत मारनी है तो आज शाम तक मेरे घर पर पहुंच जाना.

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मैं उसके विरोध में चिल्लाती कि उसने अपने होंठों से मेरे मुँह को बंद कर दिया. फेसबुक पर पटा कर मैंने एक चुदक्कड़ सेक्सी पंजाबन भाभी की चूत को कैसे मजा दिया. जब मैं हाथ-मुंह धोकर बाहर निकला तो वो आइने के सामने अपने बालों को संवार रही थी.

संजय ने मुझे चुदाई की मुद्रा में लिटाया और अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा.

मेरी मां को भी कोई भी देखते ही सबसे पहले उनकी गांड मारने की सोचने लगता है.

मुझे भी लगा सोमेश दीदी को खुश रखेंगे, क्योंकि दीदी का ब्वॉयफ्रेंड सोमेश जैसा हो, तो कोई भी दीदी की तरफ आंख उठा कर नहीं देखेगा. घर पर हमें डर लगता था और मुझे तो बहुत डर लगता था कि अगर मेरी मम्मी देख लेगी तो क्या होगा. सेक्स मार्केटवो अपनी हर बात मेरे साथ शेयर करता था और मैं भी अपनी हर बात उसको बताता था.

वो मुझे सामने देख के हक्का बक्का रह गयी और जल्दी जल्दी में, जिस मूली से वो अपना बुर चोद रही थी, उसे जल्दीबाजी में अपनी बुर में ही अन्दर फंसा लिया और साड़ी को नीचे करते हुए खड़ी हो गयी. फिर धीरे धीरे ये बात भी उसको मालूम हो गई कि पूजा मेरे साथ मेरी बहन का रिश्ता बना कर रही थी. मैंने सोचा के बाकी घर के तो सब बिज़ी हैं, क्यों न अपना थोड़ा सा प्रोग्राम फिट किया जाए.

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उन्होंने बोला- नहीं नहीं बाहर नहीं रहते … वह दादा दादी के यहां पर गए हैं बच्चों को लेकर … बस 2 दिन बाद आ जाएंगे.

सच कह रहा था सुरेश के संभोग किसी के भी साथ करने से नहीं होता, अपने ही तरह के साथी के होने से आनन्द और उत्साह बढ़ता है. कुछ ही पलों में उनकी चुत ने रस छोड़ना शुरू कर दिया, जिससे मुझे ये समझ आ गया कि माँ को चुत में मेरी उंगली मजा दे रही है. राजशेखर ने उसे तीसरे इंसान के रूप में स्त्री और मर्द के दोनों विकल्प दिए, जहां तीन लोग साथ में संभोग करेंगे.

कैटरीना कैफ xx वीडियो लेकिन जब वो मेरे लंड को देख रही थी तो मेरे लंड में जोश और ज्यादा बढ़ रहा था. सुरेश अभी भी मेरे ऊपर ही था और हम दोनों उसी अवस्था में थे, जिस अवस्था में झड़े थे.

मैं धीरे से बोला- कजरी भौजी, कहां खोई हो?इतना सुनते ही वो घबराहट के साथ साड़ी नीचे करके खड़ी हो गई और बोली- प्रभात बाबू आप ये क्या कर रहे हो … मुझे पेशाब करते देखने आ गए. चूंकि वो मुझे अपना सगा मान रही थी, तो बोली- अच्छा … आप आकर मेरी वो जगह देख लो. मैंने इसकी शुरुआत कुछ महीने पहले ही की क्योंकि अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था।मैं अपनी ज़िंदगी का पहला संभोग अपनी बहन तृप्ति के साथ ही करना चाहता था इसलिए मैं भी कुंवारा था और अब बहन की चूत मुझे किसी भी क़ीमत पे चाहिए थी।मैंने बाथरूम में झांकना शुरू किया पीछे शाफ़्ट की साइड से … अंदर का नज़ारा बताने लायक नहीं, लौड़ा हिलाने लायक है.

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मैंने कहा- थोड़ा ठहर जा!तो बोला- फट गई? मेरे से अच्छे अच्छे घबराते हैं।मैंने कहा- थोड़ा ठहर जा … तू भी तो मजा ले, इतनी जल्दी हड़बड़ी क्यों मचाए है?उसने एक दो धक्के और दिए और झड़ गया. फिर अपना लंड दस्तूर की चूत के छोटे से छेद पर रख कर एक ज़ोर सा झटका दे मारा. मैंने अपने हाथों में भाभी की उछलती चूचियों को पकड़ कर अपने मुँह में ले लिया.

पूजा और संध्या के मम्मी पापा ने मेरी मम्मी और मेरा काफी सत्कार किया. इस पर मॉम ने कहा- नहीं, प्रीति के एग्जाम चल रहे हैं, वो यहीं पर रहेगी.

मैं उनकी तरफ अपना हाथ बढ़ाया तो इस पर भाभी बोलीं- यहां नहीं … छत पर चलते हैं.

वो गर्म सिसकारियां लेती, उससे पहले मैंने अपने होंठों से उसके होंठों को दबा लिया. उस रात को एक भाई ने बहन की चुत मारी दो बार! यह मेरे जीवन की पहली चुदाई थी. धीरे धीरे उसके झटके भी कम पड़ने लगे और वीर्य की बूंदें भी कम होती चली गईं.

बात बचपन की थी, सो खत्म हो गयी अब इस उम्र में मैं मिली, तो सहायता के नाम पर उसने मुझे फंसा लिया. 22 साल की कुतिया, पूरी नंगी, हर एक अंग से टपकता यौवन, 32B के नशीले चुचे, उनपर छोटे भूरे रंग के उसके बादामी निप्पल्स … जिन पर पानी गिरता हुआ सीधे उसकी शहद भरी घाटी में जाता हुआ!मासूम सी भोली मेरी बहन की चूत पर नादान रेशमी बाल, हल्के सांवले रंग के, चूत के होंठों का चीरा एक दूसरे से चिपका हुआ जिस पर कभी कभी वो भी हाथ फेर रही थी नहाते समय. उसकी चूत को ध्यान से देखा और अपने लंड का सुपारा उसकी चूत पर रख दिया.

थोड़ी देर में रोनिता अपनी कमर हिलने लगी, तो मैं समझ गया कि रोनिता का दर्द कम हो गया है.

गांव की बीएफ बीएफ: यह कहानी सिर्फ मेरी ही नहीं बल्कि हॉस्टल में रहने वाली हर लड़की की है।आप मानें या ना मानें।मेरा नाम नीरू है, मैं गुजरात के वलसाढ़ में रहती हूं। आज मैं 24 साल की हूँ. मेरी पकड़ से सुनील का दम घुटने लगा और वह मेरी जांघों को पकड़ कर मुझे दूर धकेलने लगा.

कहानी पर कमेंट भी करना ताकि मुझे पता लग सके कि कहानी में आपको मजा आया या नहीं. फिर वो चादर सही करने के लिए झुकी, तो मैं उसके सामने वाली तरफ खड़ा देख रहा था. हम दोनों एक दूसरे से एकदम खुले हुए थे, एक दूसरे की किसी भी बात में दखल नहीं देते थे.

मन कर रहा था कि अगर अभी मामी पास में होती तो उसकी चूत को चोद चोद कर फाड़ देता.

अंदर जाने के बाद मैंने देखा कि मामी ने अपने रात वाले कपड़े पहन लिये थे. झटका देते ही मेरे मूसल लंड का सुपारा मामी की चूत में घुस गया और मामी के मुंह से चीख निकल गई. थोड़ी देर बाद वो नार्मल हो गयी और मैंने लंड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया.